कमिश्नर ने परखी विकास कार्यों की प्रगति, पेयजल परियोजनाओं और सड़क मरम्मत को लेकर दिए सख्त निर्देश

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  • कमिश्नर ने परखी विकास कार्यों की प्रगति, पेयजल परियोजनाओं और सड़क मरम्मत को लेकर दिए सख्त निर्देश

सोनभद्र।  मण्डलायुक्त, विन्ध्यांचल मण्डल राजेश प्रकाश ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड के अंतर्गत संचालित फ्लैगशिप कार्यक्रमों और जन शिकायतों के निस्तारण की गहन समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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मण्डलायुक्त ने ‘हर घर नल से जल’ योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढों पर चिंता व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि बरसात शुरू होने से पहले सभी गड्ढों को भरकर सड़कों की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि अधूरी सड़कों के कारण आमजन को होने वाली असुविधा को गंभीरता से लिया जाए और कार्यदायी संस्थाएं तत्काल प्रभाव से इन्हें ठीक कराएं।

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जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि जिन गांवों में पेयजल आपूर्ति शुरू हो चुकी है, वहां इसकी गुणवत्ता और नियमितता की जांच के लिए जनपद स्तरीय अधिकारियों की एक विशेष टीम गठित की जाए।

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यह टीम स्थलीय भ्रमण कर वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट सौंपेगी और निरीक्षण से पूर्व संबंधित जनप्रतिनिधियों को सूचित भी करेगी। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति करेगी, जिसमें नमामि गंगे, जल निगम और जिला पंचायत राज विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहेंगे। मण्डलायुक्त ने जोर देकर कहा कि पेयजल से जुड़ी किसी भी शिकायत को लंबित न रखा जाए।

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बैठक में पेंशन योजनाओं और जन शिकायतों के निस्तारण पर भी विस्तृत चर्चा हुई। मण्डलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पेंशन आवेदनों में कमी होने पर आवेदक को तत्काल सूचित किया जाए ताकि पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की नसीहत दी।

जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने मण्डलायुक्त को आश्वस्त किया कि दिए गए सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाएगा और जनपद स्तर पर सभी विभाग समन्वय के साथ विकास कार्यों में तेजी लाएंगे। बैठक में अपर जिलाधिकारी वागीश कुमार शुक्ला, संयुक्त विकास आयुक्त रमेश चन्द्र, रोहित यादव, हेमंत कुमार सिंह और रविन्द्र वीर सिंह सहित कई महत्वपूर्ण अधिकारी मौजूद रहे।

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स्मार्ट मीटर और पेयजल संकट को लेकर नौजवान संघर्ष मोर्चा ने किया जोरदार प्रदर्शन, DM को सौंपा सात सूत्रीय ज्ञापन

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सोनभद्र। *
**सोनभद्र।** जनहित की ज्वलंत समस्याओं और प्रशासनिक उदासीनता के विरोध में सोमवार को किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। मोर्चा संयोजक संदीप मिश्र के नेतृत्व में जुटे कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित सात सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए संदीप मिश्र ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि जनपद में स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता की जेब पर सीधा डाका डाला जा रहा है, जिसे तत्काल प्रभाव से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक तरफ बिजली की दरों और मीटरिंग व्यवस्था से आम आदमी परेशान है, वहीं दूसरी ओर जिले के श्रमिकों, रोजगार सेवकों और मनरेगा कर्मियों का लंबे समय से मानदेय व मजदूरी लंबित है, जिसका शीघ्र भुगतान करना अनिवार्य है।
मोर्चा ने ज्ञापन के माध्यम से गेहूं खरीद केंद्रों पर व्याप्त अनियमितताओं की जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने और केंद्र सरकार की ‘हर घर नल योजना’ में हुए कार्यों की सीबीआई जांच कराने की भी मांग उठाई। भीषण गर्मी और गहराते जल संकट को देखते हुए पूरे जनपद में टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और मेडिकल कॉलेज की चरमराई व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक प्रभावी निगरानी समिति गठित करने पर जोर दिया गया। इसके अलावा, किसानों के हितों का हवाला देते हुए धधरौल की घाघर कैनाल एवं नगवा नहर को तत्काल खोलने तथा धधरौल डैम के ऊपर बंद किए गए पुराने रास्ते को आम जनमानस के लिए पुनः बहाल करने की मांग प्रमुखता से रखी गई।
मोर्चा संयोजक ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इन सात सूत्रीय मांगों पर समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन ग्रामीण स्तर पर लामबंदी कर आंदोलन को और अधिक उग्र बनाने के लिए बाध्य होगा। प्रदर्शन के दौरान मुख्य रूप से विन्दू खरवार, मुखलाल चेरो, आकाश चौहान, शत्रुधन बिन्द, अमन पासवान, विवेक जाटव, विनय पासवान, सूरज कनौजिया, संजय बियार, नगेंद्र धागर, सोमरू पनिका, विजय पटेल, दिनेश चेरो, सत्यम पांडेय, सूरज, पवन, अजय और बादल सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता व ग्रामीण मौजूद रहे।

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जिले में मानक विहीन विद्यालयों के संचालन और शैक्षिक भ्रष्टाचार के खिलाफ अभाविप ने खोला मोर्चा, जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

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  • जिले में मानक विहीन विद्यालयों के संचालन और शैक्षिक भ्रष्टाचार के खिलाफ अभाविप ने खोला मोर्चा, जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

सोनभद्र। जनपद में व्याप्त शैक्षिक अव्यवस्थाओं और बढ़ते भ्रष्टाचार के विरुद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन के माध्यम से परिषद ने जिले के विद्यालयों और महाविद्यालयों में चल रही गंभीर अनियमितताओं और शिक्षा के गिरते स्तर पर गहरी चिंता व्यक्त की।

विद्यार्थी परिषद ने आरोप लगाया कि जनपद में बड़ी संख्या में विद्यालय बिना किसी मानक और मान्यता के धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। इसके साथ ही कोचिंग संस्थानों की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से इन संस्थानों में क्षमता से अधिक छात्रों का प्रवेश लेकर शैक्षणिक गुणवत्ता को ताक पर रख दिया गया है।

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अभिभावकों से मनमानी फीस वसूली, स्टेशनरी और यूनिफॉर्म के लिए विशेष दुकानों से खरीद का दबाव बनाने और केवल परीक्षा के समय छात्रों को बुलाकर धन उगाही करने जैसे गंभीर मुद्दे भी जिलाधिकारी के समक्ष रखे गए। परिषद ने बताया कि जिले में कई महाविद्यालय ऐसे हैं जहां साल भर नियमित कक्षाएं नहीं चलतीं और विद्यार्थी केवल परीक्षा देने उपस्थित होते हैं,

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जिससे ये संस्थान शिक्षा के केंद्र न रहकर मात्र व्यापारिक अड्डा बन गए हैं। विशेषकर फार्मेसी और अन्य तकनीकी महाविद्यालयों में प्रयोगशाला, योग्य शिक्षकों और बुनियादी ढांचे के अभाव के कारण छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया कि जहां केवल 15 कोचिंग संस्थानों के पास मान्यता है, वहीं अवैध रूप से चलने वाले सेंटरों की संख्या सैकड़ों में है।

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नया सत्र प्रारंभ होते ही स्कूलों द्वारा फीस वृद्धि और ड्रेस-किताबों के नाम पर की जा रही मनमानी पर तंज कसते हुए परिषद ने कहा कि शिक्षा विभाग की जांच मात्र एक दिखावा बनकर रह गई है। जांच के नाम पर अधिकारी जब दुकानों पर पहुंचते हैं, तो वे पहले से ही बंद मिलती हैं, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर संदेह पैदा होता है

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अभाविप ने मांग की कि सभी अवैध विद्यालयों और कोचिंग सेंटरों की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो परिषद व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

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इस अवसर पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मनमोहन निषाद, विभाग संयोजक सौरभ सिंह, प्रांत संयोजक अनमोल सोनी, जिला संयोजक ललितेश मिश्र, राहुल जलान, तहसील संयोजक योगेश, आशुतोष और सिद्धार्थ सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार और मनमानी वसूली का बोलबाला, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने एआरटीओ कार्यालय पहुंचकर जताया कड़ा विरोध

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  • परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार और मनमानी वसूली का बोलबाला, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने एआरटीओ कार्यालय पहुंचकर जताया कड़ा विरोध

सोनभद्र।  जनपद का परिवहन विभाग एक बार फिर अपनी विवादित कार्यप्रणाली को लेकर सुर्खियों में है। वाहन पंजीकरण से लेकर ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनवाने तक में बड़े पैमाने पर अनियमितता और अवैध वसूली के आरोप लग रहे हैं, जिससे आम जनता त्रस्त है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए टेस्ट ड्राइव को अनिवार्य किया गया था, ताकि योग्य चालकों को ही लाइसेंस मिले।

लेकिन सोनभद्र में पीपीपी मॉडल पर संचालित एटीएस सेंटर, मोटर ट्रेनिंग स्कूल और वाहन फिटनेस जांच प्रक्रिया भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है।

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क्षेत्र भ्रमण के दौरान मिल रही निरंतर शिकायतों का संज्ञान लेते हुए भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी सोमवार को अचानक एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एआरटीओ से मुलाकात कर विभागीय कार्यशैली पर तीखे सवाल दागे और कार्यालय में व्याप्त धन उगाही के खेल को बंद करने की चेतावनी दी।

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श्री तिवारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि एआरटीओ कार्यालय में शासन की मंशा के विपरीत कार्य कर सरकार की छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना रिश्वत के यहाँ कोई काम होना नामुमकिन हो गया है, चाहे वह नया लाइसेंस बनवाना हो या विभाग से संबंधित अन्य कोई कार्य।

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पूर्व जिलाध्यक्ष ने खुलासा किया कि ड्राइविंग लाइसेंस के नाम पर ट्रेनिंग सेंटरों द्वारा खुलेआम अवैध वसूली की जा रही है और शिकायत के बावजूद कोई अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। दूर-दराज से आने वाले आवेदकों को जानबूझकर बार-बार दौड़ाया जाता है ताकि वे परेशान होकर दलालों और भ्रष्ट तंत्र के आगे घुटने टेक दें और घूस देने पर मजबूर हो जाएं।

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उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ड्राइविंग टेस्ट पास होने के बाद भी सर्टिफिकेट जारी करने और आरटीओ द्वारा अप्रूवल देने के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही है, और यह सब अधिकारियों के कथित संरक्षण में फल-फूल रहा है।

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भ्रष्टाचार का आलम यह है कि कई वाहन एजेंसियों के लगभग 500 पंजीकरण बीते छह माह से लंबित पड़े हैं। इतना ही नहीं, फिटनेस जांच के नाम पर भी बड़ा खेल चल रहा है। यदि कोई वाहन स्वामी स्वयं का रिफ्लेक्टर लेकर कार्यालय जाता है, तो उसे अमान्य कर दिया जाता है और फिटनेस सेंटर से ऊंचे दामों पर रिफ्लेक्टर खरीदने का दबाव बनाया जाता है।

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धर्मवीर तिवारी ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो सरकारी तंत्र से जनता का विश्वास उठ जाएगा। इस दौरान उनके साथ सत्येंद्र आर्य, लालू प्रजापति, आनंद मिश्रा, योगेश सिंह और आशु विश्वकर्मा समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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ओबरा के माँ शारदा मंदिर में दाऊ सरकार जी का आगमन, भक्ति कार्यक्रमों के साथ मंदिर समिति का गठन

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  • ओबरा के माँ शारदा मंदिर में दाऊ सरकार जी का आगमन, भक्ति कार्यक्रमों के साथ मंदिर समिति का गठन

सोनभद्र। जनपद सोनभद्र के ओबरा नगर स्थित माँ शारदा शक्ति मंदिर में मैहर शक्तिपीठ धाम के प्रधान पुजारी दाऊ सरकार जी के आगमन से धार्मिक वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस वर्ष बसंत पंचमी के अवसर पर उनका पारंपरिक आगमन किसी कारणवश नहीं हो सका था, जिसके क्रम में 3 मई की शाम उनका आगमन हुआ।

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आगमन के उपरांत मंदिर प्रांगण में भजन संध्या, माँ शारदा की आरती एवं भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें नगर एवं आसपास क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। देर रात तक भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण गूंजता रहा, वहीं अगले दिन सुबह दर्शन एवं आरती में भी श्रद्धालुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

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इसी क्रम में मंदिर के सुचारु संचालन, विकास एवं धार्मिक गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से दाऊ सरकार जी के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में “माँ शारदा शक्ति मंदिर समिति” का गठन किया गया।


समिति में विभिन्न पदों पर जिम्मेदारियां निर्धारित की गईं, जिनका विस्तृत विवरण अलग से अभिलेख में दर्ज किया गया है।


समिति गठन का उद्देश्य मंदिर के कायाकल्प, धार्मिक उत्थान एवं सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है, ताकि यह स्थल आस्था के साथ-साथ समाज को जोड़ने का भी केंद्र बने।
उपस्थित श्रद्धालुओं ने इस पहल का स्वागत करते हुए मंदिर के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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ओबरा-डाला मार्ग की बदहाली से जनता त्रस्त

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  • ओबरा-डाला मार्ग की बदहाली से जनता त्रस्त

सोनभद्र। ओबरा तहसील के गजराज नगर से डाला जाने वाला मुख्य मार्ग वर्तमान में अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। रेलवे क्रॉसिंग के समीप निर्माणाधीन नाली के कार्य में मानकों की अनदेखी और सड़क पर ही बेतरतीब छोड़े गए मलबे ने राहगीरों के लिए इस सफर को जानलेवा बना दिया है।

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छात्र नेता अभिषेक अग्रहरि ने बताया कि बरसात के बाद होने वाले जलभराव ने स्थिति को और भी विकराल कर दिया है, जिससे यह मार्ग अब दुर्घटनाओं का अड्डा बन चुका है। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि इस सड़क की विशेष मरम्मत के लिए मुख्यमंत्री स्तर से 15 नवंबर 2025 को 493 लाख रुपये की भारी-भरकम धनराशि स्वीकृत की गई थी,

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लेकिन करोड़ों का बजट होने के बावजूद धरातल पर काम की कछुआ गति और ठेकेदार की लापरवाही जनता के लिए भारी पड़ रही है। प्रतिदिन इस मार्ग से गुजरने वाले स्कूली बच्चों, कामकाजी लोगों और भारी वाहनों के चालकों को हर पल हादसे का डर सताता रहता है। रेलवे क्रॉसिंग के पास जमा मलबे के कारण बड़े वाहन फंस रहे हैं और दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं।

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स्थानीय निवासियों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का नितांत अभाव है और सुरक्षा मानकों को ताक पर रख दिया गया है। आक्रोशित क्षेत्रीय जनता ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

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नागरिकों का स्पष्ट कहना है कि यदि ठेकेदार की मनमानी पर अंकुश लगाकर जल्द ही सड़क को दुरुस्त नहीं किया गया, तो किसी भी समय कोई बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है। अब देखना यह है कि करोड़ों के बजट की बंदरबांट रोकने और सड़क की सूरत बदलने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाता है।

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लखनऊ में हुई उद्योग व्यापार संगठन की प्रांतीय बैठक, सोनभद्र के जिलाध्यक्ष ने उठाई जीएसटी व ऑनलाइन व्यापार की समस्याएं

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  • लखनऊ में हुई उद्योग व्यापार संगठन की प्रांतीय बैठक, सोनभद्र के जिलाध्यक्ष ने उठाई जीएसटी व ऑनलाइन व्यापार की समस्याएं

कुशाग्र कौशल शर्मा

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन की प्रांतीय बैठक राजधानी लखनऊ के होटल मैरियाड में सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसमें प्रदेश भर के व्यापारियों की ज्वलंत समस्याओं और संगठन के भविष्य की रूपरेखा पर गंभीर चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश अग्रवाल ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष एवं आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल मौजूद रहे।

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सभा को संबोधित करते हुए नितिन अग्रवाल ने कहा कि संगठन को धरातल पर और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने पदाधिकारियों को आश्वस्त किया कि संगठन सदैव अपने सदस्यों के साथ खड़ा है और व्यापारियों की हर छोटी-बड़ी समस्या के निराकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस बैठक में प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिलाध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष और शहर अध्यक्षों ने प्रतिभाग कर अपनी बात रखी।

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सोनभद्र के जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने बैठक में जनपद की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए जीएसटी, ट्रिब्यूनल, ऑनलाइन व्यापार और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जीएसटी प्रक्रिया के सरलीकरण की मांग करते हुए कहा कि वर्तमान में पेट्रोल पंप लगाने हेतु वैट पंजीकरण कराना एक अत्यंत कठिन कार्य हो गया है क्योंकि पोर्टल समय पर नहीं खुलता।

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ऑनलाइन व्यापार का कड़ा विरोध करते हुए श्री शर्मा ने कहा कि इसने छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ दी है और उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा उन्होंने जनपदों में पार्किंग और ट्रांसपोर्ट नगर के अभाव का मुद्दा भी उठाया और कहा कि माल लोडिंग-अनलोडिंग के दौरान भारी-भरकम चालान से व्यापारी त्रस्त हैं।

उन्होंने मांग की कि पटरी के भीतर खड़ी गाड़ियों का चालान न किया जाए और उद्योग बंधु व व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ की बैठकों को अधिक प्रभावी बनाया जाए ताकि एक ही समस्या को बार-बार न उठाना पड़े। अंत में, उन्होंने एमएसएमई योजनाओं में बैंकों की शिथिलता पर प्रहार करते हुए कहा कि फाइलों को 15 दिन के भीतर निस्तारित करने के सरकारी आदेश के बावजूद बैंक हफ्तों तक फाइलें डंप रखते हैं, जिसे सुधारा जाना आवश्यक है।

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राजकीय शिक्षकों के हित में स्थानांतरण नीति में बदलाव की मांग: डॉ. अशोक कुमार अवाक

राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश महामंत्री डॉ. अशोक कुमार अवाक ने माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी से मुलाकात कर आगामी शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए घोषित होने वाली स्थानांतरण नीति में महत्वपूर्ण संशोधनों की मांग उठाई है। डॉ. अवाक ने जोर देकर कहा कि स्थानांतरण प्रक्रिया को अधिक व्यवहारिक और शिक्षक-हितैषी बनाने की आवश्यकता है ताकि विभाग के हजारों शिक्षक इसका वास्तविक लाभ उठा सकें। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि आकांक्षी जनपदों में तैनात शिक्षक और शिक्षिकाओं को 5 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद उनके गृह जनपद में स्थानांतरण की अनिवार्य सुविधा दी जानी चाहिए। इसके साथ ही, अन्य जनपदों में ऑनलाइन स्थानांतरण के दौरान विद्यालयों में शिक्षकों की न्यूनतम संख्या के कड़े प्रतिबंध को समाप्त करने की भी वकालत की गई है, जिससे स्थानांतरण की राह में आने वाली तकनीकी बाधाएं दूर हो सकें।
प्रांतीय महामंत्री ने भेदभाव का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पिछले वर्ष अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों को तो ऑफलाइन स्थानांतरण का लाभ मिला था, लेकिन राजकीय माध्यमिक शिक्षक इस सुविधा से वंचित रह गए थे। उन्होंने इस वर्ष राजकीय शिक्षकों को भी समान अवसर प्रदान करने की पुरजोर मांग की है। इसके अतिरिक्त, संघ ने पारदर्शिता की दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रदेश के सभी विद्यालयों की रिक्तियों को ऑनलाइन पोर्टल पर सार्वजनिक करने का सुझाव दिया है। डॉ. अवाक ने ‘प्रतिस्थानी’ (रिप्लेसमेंट) की अनिवार्य व्यवस्था को समाप्त करने या इसे शासन स्तर से सुनिश्चित करने की मांग की, क्योंकि व्यक्तिगत स्तर पर प्रतिस्थानी ढूंढना शिक्षकों के लिए व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। संघ का मानना है कि यदि सरकार इन सुझावों पर अमल करती है, तो स्थानांतरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा ढांचे में कार्यरत शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा।

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निर्माणाधीन कोन तेलगुडवा मार्ग में मानकों की अनदेखी – डा. धर्मवीर तिवारी

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  • उद्घाटन के एक वर्ष बाद भी सड़क निर्माण अधूरी

सोनभद्र। विकास खण्ड कोन के दर्जनों गांवों के लगभग तीन लाख की आबादी के बीच  जिला मुख्यालय से जोड़ने के लिए एकलौता कोन तेलगुडवा मार्ग पिछले एक वर्ष से निर्माण कार्य अधूरा व घटिया निर्माण कराने को लेकर रविवार को क्षेत्र में आये भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डा. धर्मवीर तिवारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि निर्माण करा रही कंपनी द्वारा घटिया व धीमी गति से काम कराकर कंपनी द्वारा सरकर को बादनाम करने की साजिश की जा रही है।

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कोन से तेलगुड़वा तक सड़क निर्माण में व्यापक रूप से धांधली की जा रही है एक वर्ष पहले उद्घाटन होने के बाद भी सड़क निर्माण का कार्य आज तक पुरा नहीं हो पाया भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष डा धर्मवीर तिवारी ने कहा की तेलुगूडवा से लेकर से विंढमगंज तक बनने वाली पूरी सड़क मानक के विपरित बनाई जा रही है

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पुरानी सड़क को बिना खोदे हुऎ उसी पर सोलिंग बिछाकर सड़क का निर्माण किया जा रहा है तेलगुडवा से कोटा तक कुछ दुरी तक सड़क निर्माण भी गई है उसमें पुरी सड़क में अंडुलेशन बर्करार है सड़क निर्माण कंपनी द्वारा तेलुगूवा से कोन की लगभग 3 लाख आबादी के लोगों के साथ धोखा किया जा रहा है

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संबंधित अधिकारियों के द्वारा सरकर को व्यापक रूप से बादनाम किया जा रहा है बहुत मेहनत के बाद तो डीएमएफ फंड  द्वारा आईएस सड़क के निर्माण के लिए धन का आवंटन किया गया था लेकिन साल भर होने के बाद भी आज तक सड़क निर्माण पुरा नहीं हो पाया पूरी सड़क में बीच-बीच में इतने बड़े गड्ढे हैं

की आये दिन दुर्घटना हो रही है सड़क पर उड़ते धूल से ग्रामीण परेशान हैं पानी नहीं डाला जा रहा है सर सड़क निर्माण शुरू होने के साथ ही उस पर पानी भी नहीं डाला जा रहा है गढ्ढे व सोलिंग के कारण आये दिन सड़क दुर्घटना हो रही है जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी निर्माण कंपनी की होगी।

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निर्माणाधीन कोन तेलगगुडवा विंढमगंज सड़क की उच्च स्तरीय जांच कराकर मानक के अनुरूप निर्माण करायें जाने की मांग किया है , ऐसे लापरवाह निर्माण कंपनी व अधिकारियों का जबाब देसी तय हो, ताकी सरकार का ज़ीरो टारलेंश का निति का पालन हो सके। सरकार को बदनाम करने वाले अधिकारियों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई कराने का काम करेंगे

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गोहत्या निवारण अधिनियम के वांछित अभियुक्तों के घर पुलिस ने की मुनादी, चस्पा किया नोटिस

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  • गोहत्या निवारण अधिनियम के वांछित अभियुक्तों के घर पुलिस ने की मुनादी, चस्पा किया नोटिस

सोनभद्र। थाना रामपुर बरकोनिया पुलिस ने गोहत्या निवारण अधिनियम से संबंधित फरार अभियुक्तों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही करते हुए उनके निवास स्थानों पर नोटिस चस्पा किया है। प्रभारी निरीक्षक विनोद यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने न्यायालय के आदेशों का अनुपालन करते हुए धारा 84 BNSS के तहत यह कार्यवाही सुनिश्चित की।

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इसके अंतर्गत अभियुक्त प्रमोद हरिजन पुत्र राजेंद्र, निवासी ग्राम घुवास, थाना घोरावल (सोनभद्र) और अभियुक्त गोरख उर्फ हजारी प्रसाद पुत्र भगवान दास सोनकर, निवासी ददरा पहाड़ी, थाना राजगढ़ (मिर्जापुर) के घरों पर मुनादी कराते हुए वैधानिक नोटिस चस्पा किया गया।

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उल्लेखनीय है कि उक्त दोनों अभियुक्त थाना रायपुर में दर्ज मुकदमा संख्या 163/2025, धारा 3/5A/5B/8 गोहत्या निवारण अधिनियम के तहत वांछित चल रहे हैं और लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहे हैं।

पुलिस ने ढोल-नगाड़ों के साथ अभियुक्तों के गांव में मुनादी कराकर स्थानीय लोगों को उनके फरार होने की सूचना दी और उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत होने की चेतावनी दी। रामपुर बरकोनिया पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर अभियुक्त आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो नियमानुसार उनके विरुद्ध अग्रिम वैधानिक एवं कुर्की की कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

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