सोनभद्र। बुधवार को झांसी की रानी वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई के जयंती पर पर्यावरण बैंक की टीम द्वारा पर्यावरण संरक्षण जागरूकता को लेकर पर्यावरण संरक्षण संकल्प पद यात्रा चाचा नेहरू पार्क से निकाला गया जो शीतला मंदिर चौराहे से महिला थाना होते हुए, हाइडिल मैदान और स्वर्ण जयंती चौराहा होते हुए वापस चाचा नेहरू पार्क आकर समाप्त हुआ।
Advertisement
इस यात्रा में नगरवासियों ने बड़े ही समर्पण के साथ प्रतिभाग किया और सबसे अनोखी बात ये रही कि नगरवासियों की तरफ से संस्था को पर्यावरण संरक्षण हेतु पौधे भी दान में दिए गए, जो पर्यावरण प्रेम और सजगता को प्रदर्शित करता है।
Advertisment
साथ ही इन पौधों को रोपित कर वृक्ष बनने तक संरक्षित और सुरक्षित रखने की अपील और संकल्प भी लिया गया। इस पद यात्रा को सफल बनाने में,वन विभाग, राजा शारदा महेश इंटर कालेज ,आदर्श इंटर कालेज , गुरु द्वारा समिति,लायंस क्लब, ,यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, उद्भव सेवा समिति ट्रस्ट, ग्रीन गर्ल्स टीम,
Advertisement
ब्लॉक प्रमुख अजीत रावत, फोटोग्राफर ऐंड वीडियो रिकॉर्डिंग स्टूडियो एसोशिएशन, नगर पालिका अध्यक्ष रूबी प्रसाद जी ,भारतीय जनता पार्टी महिला जिलाध्यक्ष पुष्पा सिंह जी, संजू तिवारी ,संदीप सिंह चंदेल जी, राकेश चौधरी ,बृजेश श्रीवास्तव , देवानंद पाठक, राजा राम दुबे, भीम सिंह, धर्मेंद्र, क्रांति सिंह, अभिषेक मिश्रा ,इंदु प्रकाश सिंह आदि के साथ सैकड़ों सम्मानित नगरवासी सम्मिलित रहे
पॉक्सो एक्ट: दोषी बृजेश कुमार यादव उर्फ छोटू को कठोर उम्रकैद
एक लाख रूपये अर्थदंड, न देने पर दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी
अर्थदंड की धनराशि में से 80 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी
करीब 9 माह पूर्व 4 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म का मामला
सोनभद्र। करीब 9 माह पूर्व 4 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने बुधवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी बृजेश कुमार यादव उर्फ छोटू को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उसके ऊपर एक लाख रूपये अर्थदंड भी लगाया है।
Advertisment
अर्थदंड अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 80 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी।
AdvertisementAdvertisement
अभियोजन पक्ष के मुताबिक रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र निवासी पीड़िता के पिता ने रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 20 फरवरी 2025 को सायं 6 बजे बृजेश कुमार यादव उर्फ छोटू पुत्र रमाशंकर यादव निवासी बहुआरा, टोला औरहवा, थाना रॉबर्ट्सगंज, जिला सोनभद्र उसकी 4 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ गेहूं के खेत में लेजाकर दुष्कर्म कर रहा था।
बेटी के चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर वहां बेटी की दादी पहुंची तो वह भाग गया। इस तहरीर पर रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने 20 फरवरी 2025 को दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट में एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। मेडिकल जांच में पीड़िता की उम्र 4 वर्ष के आसपास बताई गई। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने बृजेश कुमार यादव उर्फ छोटू के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।
Advertisement
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, 9 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर पॉक्सो एक्ट में दोषी बृजेश कुमार यादव उर्फ छोटू (23) वर्ष को कठोर उम्रकैद एवं एक लाख रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वही अर्थदंड की धनराशि में से 80 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी,नीरज कुमार सिंह व ज्वाला प्रसाद एडवोकेट ने बहस की।
रेस्क्यू ऑपरेशन हुआ बंद, मलबे में दबे सभी 7 मजदूरों के शव बरामद
सोनभद्र। जिले के ओबरा थाना क्षेत्र के बील्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में शनिवार को पहाड़ी धंसने से मलबे में दबे सभी मजदूरों के शव बरामद करने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया गया है।
Advertisement
जिलाधिकारी बी एन सिंह ने मंगलवार को बताया की खनन हादसे के बाद चलाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन में कुल सात मजदूरों के शव बरामद किए गए है। सभी शव बरामद कर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए हैजिलाधिकारी ने बताया की खनन हादसे की सूचना मिलते ही आसपास की कंपनियों व एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमों द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। शनिवार की रात से मंगलवार के दोपहर तक शवों को खोजने का कार्य युद्ध स्तर पर किया गया था। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ व एसडीआरएफ व खान सुरक्षा से संबंधित अधिकारियों की टीम ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण कर बताया की अब वहां किसी के भी दबे होने की कोई आशंका नहीं है। एनडीआरएफ की टीम ने पूरे मलबे को दो बार पूरी तरह से हटा कर देख लिया है। अब वहां किसी के नहीं होने की संभावना के कारण राहत बचाव कार्य बंद किया जा रहा है।
Advertisement
जिलाधिकारी ने बताया की खनन हादसे की सूचना मिलते ही आसपास की कंपनियों व एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमों द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। शनिवार की रात से मंगलवार के दोपहर तक शवों को खोजने का कार्य युद्ध स्तर पर किया गया था।
Advertisement
उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ व एसडीआरएफ व खान सुरक्षा से संबंधित अधिकारियों की टीम ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण कर बताया की अब वहां किसी के भी दबे होने की कोई आशंका नहीं है। एनडीआरएफ की टीम ने पूरे मलबे को दो बार पूरी तरह से हटा कर देख लिया है। अब वहां किसी के नहीं होने की संभावना के कारण राहत बचाव कार्य बंद किया जा रहा है।
Advertisement
मृतकों के परिजनों को मिलेगी 20 लाख की आर्थिक सहायता
स्टांप और शुल्क मंत्री रवींद्र जायसवाल ने इस हादसे में मारे गए मृतकों के परिजनों को 20 लाख 55 हजार की आर्थिक सहायता दिलाने की बात कही है। साथ ही हादसे की त्रिस्तरीय जांच का भी आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि खनन हादसे के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। चाहे कितना भी बड़ा रसूखदार क्यों न हो।
इन मजदूरों की गई जान
खनन हादसे में मारे गए मजदूरों की पहचान 40 वर्षीय राजू सिंह गोंड, 30 वर्षीय संतोष यादव, 32 वर्षीय इंद्रजीत यादव, 18 वर्षीय रविंद्र, 40 वर्षीय रामखेलावन, 35 वर्षीय गुलाब खरवार और 30 वर्षीय कृपा शंकर के तौर पर हुई है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए।
प्रतिभागी राज्यों ने दिखाया दमखम, उत्तराखंड और मध्य भारत ने जीते मुकाबले
विनय कुमार श्रीवास्तव(रॉबर्ट्सगज संवाददाता)
सोनभद्र। हैमर बॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में द्वितीय जूनियर हैमर बॉल नेशनल चैंपियनशिप विशिष्ट स्पोर्ट्स स्टेडियम, सोनभद्र में बड़े ही उत्साह और खेल भावना के साथ शुरुआत की गई।
Advertisement
इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रतियोगिता का उद्घाटन नगर पालिका परिषद सोनभद्र की अध्यक्ष एवं पूर्व विधायिका रूबी प्रसाद द्वारा किया गया। हमारे अथिति जिला खेल अधिकारी सोनभद्र समीम अहमद,डिप्टी सी एम ओ डॉ एस. के. जायसवाल,सभासद अनवर, श्रीपति त्रिपाठी, मुन्नू राय उपस्थित रहे |
उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि हैमर बॉल जैसे नए और उभरते खेलों को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा मिलना खिलाड़ियों के लिए बड़े अवसर प्रदान करेगा।
Advertisement
उद्घाटन मैच हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के बीच खेला गया। हिमाचल टीम ने पहले फिटिंग करते हुए दमदार प्रदर्शन दिखाया और 145 स्कोर का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। इसके जवाब में उत्तराखंड की टीम ने शानदार तालमेल और खेल कौशल का प्रदर्शन करते हुए निर्धारित समय में लक्ष्य को हासिल कर मैच अपने नाम किया। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल भावना का परिचय देते हुए दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
Advertisement
दूसरा मुकाबला उत्तर प्रदेश और मध्य भारत के बीच खेला गया। इसमें मध्य भारत की टीम ने पहले हीटिंग करते हुए मजबूत स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करते हुए उत्तर प्रदेश की टीम मात्र दो ही यूनिट में लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी और मध्य भारत ने उत्कृष्ट प्रदर्शन के बल पर यह मैच अपने खाते में दर्ज कर लिया। यह मुकाबला खेल कौशल, गति और रणनीति के शानदार मेल को दर्शाता रहा।
Advertisment
तीसरा मैच लड़कियों के वर्ग में खेला गया, जिसमें उत्तर प्रदेश की टीम ने बेहद शानदार प्रदर्शन करते हुए विजय प्राप्त की। खिलाड़ियों ने फुर्ती, तकनीक और बेहतर तालमेल का प्रदर्शन कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी एवं खेल प्रतिनिधि मौजूद रहे।
Advertisement
इस अवसर पर हैमर बॉल के संस्थापक सदस्य मनीष श्रीवास्तव, उत्तर भारत के निदेशक जोगिंद्र देव आर्य, हिमाचल प्रदेश के सचिव जगदीश सहोता, सहसचिव विनोद कुमार,मध्य भारत की आदर्श प्रतिनिधि, उत्तराखंड की सचिव सुप्रिया, उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष आशीष कुमार जायसवाल ,
Advertisement
सोनभद्र के प्रेसिडेंट संतोष पांडे, उपाध्यक्ष अम्बर उपाध्याय, कोषाध्यक्ष विनोद धर,हैमर बॉल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के टेक्निकल अध्यक्ष दीपक श्रीवास्तव, प्रशिक्षक पूर्ण चंद व मुर्शीद जमाल , विनय श्रीवास्तव,फारूख मंसूरी,शुभम , राकेश केशरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
Advertisement
चैंपियनशिप के सफल आयोजन के लिए आयोजक मंडल ने सभी टीमों, प्रशिक्षकों, तकनीकी अधिकारियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। आयोजन से न केवल खिलाड़ियों को राष्ट्रीय मंच मिला, बल्कि हैमर बॉल खेल को भी देशभर में नई पहचान मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई: सोनभद्र के डीएम पर एनजीटी ने लगाया 10 हज़ार रुपये का जुर्माना
समय पर रिपोर्ट न देने पर दिखाई सख्ती, 28 जनवरी 2026 अगली सुनवाई
पीटीआई न्यूज एजेंसी
सोनभद्र। सोनभद्र जिले में अवैध खनन को लेकर राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने बड़ा कदम उठाते हुए जिलाधिकारी सोनभद्र पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। एनजीटी ने डीएम की ओर से जांच रिपोर्ट में अनुचित देरी को गंभीरता से लेते हुए इसे न्यायालय के आदेशों का पालन न करने की श्रेणी में रखा है।
Advertisement
अप्रैल में बनी संयुक्त समिति, डीएम बने थे नोडल अधिकारी
एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल की पीठ ने बताया कि अवैध खनन के आरोपों की पड़ताल के लिए अप्रैल 2024 में एक संयुक्त समिति का गठन किया गया था। इस समिति में- जिलाधिकारी (नोडल एजेंसी), केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय (लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय), केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के अधिकारी शामिल थे।
AdvertisementAdvertisement
समिति को 23 जून 2024 तक रिपोर्ट न्यायाधिकरण के सामने प्रस्तुत करनी थी।
समयसीमा का पालन नहीं, एनजीटी ने कहा, लापरवाही स्पष्ट पीठ ने आदेश में कहा कि जिलाधिकारी के रवैये से यह स्पष्ट होता है कि उन्होंने न्यायाधिकरण के निर्देशों का ईमानदारी से पालन नहीं किया, जिससे मामले के निस्तारण में अनावश्यक देरी हुई।
एनजीटी ने इसे “प्रशासनिक उदासीनता” बताते हुए डीएम पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
एक सप्ताह में जमा करना होगा जुर्माना
एनजीटी ने अपने आदेश में कहा है कि जिलाधिकारी को यह जुर्माना एक सप्ताह के भीतर एनजीटी बार एसोसिएशन के पास जमा करना होगा।
पीठ ने चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी प्रकार की देरी पर और कठोर कदम उठाए जाएंगे।
Advertisment
अगली सुनवाई 28 जनवरी 2026 को
मामले की अगली सुनवाई 28 जनवरी 2026 को निर्धारित की गई है, जिसमें रिपोर्ट की प्रगति और अवैध खनन पर प्रशासन की कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी।
Advertisement
सोनभद्र में अवैध खनन लंबे समय से विवाद का विषय
सोनभद्र और आसपास के इलाकों में अवैध खनन और पर्यावरणीय नुकसान का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। कई सामाजिक संगठनों ने खनन माफियाओं और लापरवाह प्रशासन पर सवाल उठाए हैं।
Advertisement
एनजीटी की यह कार्रवाई इस मामले में प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राष्ट्रीय स्तर पर यह मामला एक बार फिर प्रशासनिक कार्यशैली और अवैध खनन पर शासन की निगरानी को लेकर बड़े सवाल खड़े करता है
एफआइआर के तीसरे दिन भी पुलिस के हाथ खाली, नहीं हुई गिरफ्तारी
सोनभद्र। खनन हादसे में कृष्णा माइनिंग वर्क्स से जुड़े पूर्व ब्लाक प्रमुख मधुसूदन सिंह, दिलीप केशरी और एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद उनकी गिरफ्तारी लिए छापेमारी तेज हो गई है।
Advertisement
हालांकि मुकदमा दर्ज होने के तीसरे दिन भी पुलिस के हाथ खाली रहे और किसी ‘भी आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा की ओर से गिरफ्तारी के लिए गठित तीनों टीमों ने रविवार की रात पूर्व प्रमुख के राबर्ट्सगंज व घोरावल स्थित ठिकानों पर छापेमारी की तो दिलीप केशरी को भी पकड़ने के लिए दबिश दी, लेकिन पुलिस को सफलता नहीं मिली।
Advertisement
पुलिस ने मधुसूदन की तलाश के लिए उनके राबर्ट्सगंज स्थित आवास, कार्यालय पर छापेमारी की। अफवाह उड़ गई कि एक आरोपित को कर लिया गया लेकिन उसकी पुष्टि नहीं हो सकी। पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा ने बताया कि अभी किसी आरोपित को गिरफ्तार नहीं किया गया। आरोपितों की खोज बीन जारी है।
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशानुसार प्रत्येक सोमवार को आयोजित होने वाले जन शिकायत समाधान दिवस (सम्भव) के तहत आज नगर पालिका परिषद सोनभद्र में व्यापक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष रुबी प्रसाद और अधिशासी अधिकारी मुकेश कुमार ने की। फ्री केवल
Advertisement
सभी नगरीय निकायों में कुल 25 शिकायतें दर्ज
आज प्राप्त शिकायतों की संख्या-
नगर पालिका परिषद सोनभद्र : 3
नगर पंचायत घोरावल : 3
नगर पंचायत चुर्क-घुर्मा : 2
नगर पंचायत चोपन : 5
नगर पंचायत ओबरा : 1
नगर पंचायत रेनुकूट : 0
नगर पंचायत पिपरी : 5
नगर पंचायत दुद्धी : 2
नगर पंचायत डाला बाजार : 1
नगर पंचायत अनपरा : 3
कुल शिकायतें : 25
Advertisement
इनमें प्रमुख रूप से साफ-सफाई, पेयजल आपूर्ति, मार्ग प्रकाश एवं अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याएँ शामिल रहीं। अधिशासी अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि प्राप्त शिकायतों का तत्काल और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन की शीर्ष प्राथमिकता है, जिस पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
Advertisement
नपा अध्यक्ष की सख्ती, गैरहाज़िर कर्मचारियों का वेतन रोका
जनसुनवाई के बाद नगर पालिका अध्यक्ष रूबी प्रसाद ने कार्यालय का निरीक्षण किया और हाजिरी रजिस्टर की जांच की। इस दौरान कई कर्मचारी बिना सूचना अनुपस्थित पाए गए।
Advertisment
अध्यक्ष रुबी प्रसाद ने तुरंत निर्देश देते हुए कहा
गैरहाज़िर कर्मचारियों का वेतन रोका जा रहा है। यदि इसी तरह की लापरवाही आगे भी मिली, तो जिम्मेदार लोग नौकरी से हाथ धो बैठेंगे। उनकी इस सख्त कार्यवाही से कर्मचारियों में अनुशासन का स्पष्ट संदेश गया है।
Advertisement
स्थानीय जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में सभासद अनवर अली, मनोज चौबे, राकेश कुमार, अजीत सिंह, विमलेश, संत सोनी, राजीव गुप्ता, अजय कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि व नागरिक उपस्थित रहे।
बिल्ली मारकुंडी खदान में हुए हादसे ने प्रशासन की लापरवाही उजागर कर दी है।
सोनभद्र। जिले के ओबरा क्षेत्र के बिल्ली मारकुंडी खदान में हुए हादसे ने प्रशासन की लापरवाही उजागर कर दी है। खदान में जहां नियमों के तहत अधिकतम 30 फीट से गहराई में खोदाई की अनुमति ही नहीं थी,
Advertisement
वहां हैरतअंगेज तरीके से 150 फीट से अधिक गहराई तक खोद डाला गया। प्रशासनिक तंत्र की निगरानी के बीच इतने बड़े पैमाने पर खनन का चलना खुद इस बात का सबूत है कि यहां नियमों को ताक पर रखा गया।
Advertisement
15 नवंबर को दिन में करीब तीन बजे मजदूर रोज की तरह काम कर रहे थे। कई घंटे से मशीनें बिना रुके चल रही थीं। गहराई बढ़ चुकी थी और दीवारों पर दरारें दिखने लगी थीं, लेकिन मजदूरों की चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया गया। इसी बीच अचानक जोरदार धमाके के साथ खदान का एक बड़ा हिस्सा ढह गया।
Advertisment
पल भर में कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। ऊपर की जमीन पर खड़े लोगों को सिर्फ धूल का गुबार और चीखों की आवाजें सुनाई दीं। करीब 16 मजदूरों के दबे होने की आशंका व्यक्त की गई है, जिसमें से अब तक प्रशासन की तरफ से रेस्क्यू करके पांच शव को बाहर निकाला गया है।
रेस्क्यू का हाल यह रहा कि सोमवार की दोपहर तीन बजे तककरीब 45 घंटे बीत जाने के बाद भी मलबे से पांच शव ही निकाले जा सके थे। अभी भी मलबे हटाने काम पूरा नहीं हो सका। मौके पर मौजूद ग्रामीणों का आरोप है कि अगर रेस्क्यू की तैयारी समय पर होती तो शायद कुछ मजदूरों को जिंदा निकाला जा सकता था।
Advertisement
सूत्रों के अनुसार खदान में लगातार मानक से कई गुना ज्यादा गहराई तक खोदाई कराई गई है। हैरानी की बात यह है कि खनन विभाग की नियमित जांच रिपोर्टों में किसी भी तरह की गड़बड़ी का जिक्र नहीं है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या निरीक्षण सिर्फ कागजों में होता था? अगर हां, तो फिर ऐसी, औपचारिकता’ की कीमत मजदूर क्यों चुकाएं?
Advertisement
परिवारों का दर्द और गुस्सा चरम पर
खदान के बाहर खड़े हर व्यक्ति की आंखों में एक ही सवाल है कि अगर प्रशासन समय पर निगरानी करता, कुछ जाने बच सकती थीं। प्रशासन की तरफ से जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन ग्रामीणों में भरोसा कम है।
लोगों का कहना है कि इस हादसे ने सिर्फ मिट्टी नहीं खोली-बल्कि पूरे सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है। मलबे में दबे बाकी मजदूरों के लिए इंतजार जारी है और ऊपर जमीन पर उनके परिवारों के लिए यह हादसा सिर्फ एक त्रासदी नहीं, बल्कि एक सिस्टम की नाकामी का सबूत बनकर खड़ा है।
Advertisement
खनन के यह तय किए गए हैं मानक
पारेषण लाइन के टॉवर से 50 मीटर के दायरे में खनन नहीं होना चाहिए।
रात में नहीं हो सकता खनन। बस्ती के सौ मीटर दायरे में नहीं हो सकता खनन।
गहराई में नहीं समानांतर खनन ही है वैध।
खदान में एक साथ दो वाहनों के आने-जाने का हो संपर्क मार्ग।
Advertisement
खनन क्षेत्र में पेयजल, चिकित्सा का हो पर्याप्त इंतजाम ।
धूल से बचाव के लिए खदान में होता रहे पानी का छिड़काव।
10 मीटर गहरी खदानों में खनन प्रतिबंधित ।
एक खदान में 20 मजदूर से अधिक नहीं कर सकते काम।
दो टीपर से अधिक वाहनों से ढुलाई नहीं।
एक खदान में 80 होल से अधिक की ब्लास्टिंग नहीं।
मजदूरों की सुरक्षा के लिए हेलमेट व सेफ्टी बेल्ट जरूरी।
खनन हादसाः खनन में सफेदपोशो पर पीएमएलए एक्ट 2002 के तहत हो कार्यवाहीः ऋतिशा गोंड़
खनन हादसे में मजदूरों की मौत के लिए जिलाधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदारः विकास शाक्य
सोनभद्र। जनपद में बिरासा मुंडा की 150वीं जयंती और जनजातिक गौरव दिवस पर मुख्यमंत्री की उपस्थिति से महज चंद दूरी पर पत्थर खदान धसने से मजदूरो की मौत हो गई। इसी खदान सहित अन्य क खिलाफ एनजीटी में दाखिल याचिका पर जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह ने व्यक्तिगत शपथ पत्र देकर बताया है कि पत्थर खदान का संचालन मानक के अनुरूप है। मजदूरों के मौत के लिए जिलाधिकारी सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं इनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज होना चाहिए उक्त बातें याचिका कर्ता के अधिवक्ता अभिषेक चौबे एवं विकास शाक्य ने कही।
Advertisement
अधिवक्ता अभिषेक चौबे ने कहा कि मे० कृष्णा माईर्निंग वर्क्स की स्वदान 500 फीट से अधिक गहरी और खतरनाक तरीके से खड़ी है हाइट बेंच नहीं है फेरेटिक जोन के नीचे पानी निकाल कर खनन किया जा रहा है जो ई.सी. शर्तों के खिलाफ है
Advertisement
इन्हीं विषयों पर ऋतिशा गोंड की ओर से 268 पेज की याचिका मे० कृष्णा माईनिंग वर्क्स के अलावा राधे-राधे इंटरप्राइजेज मे० साई बाबा स्टोन मे० कामाख्या स्टोन के विरुद्ध NGT में दाखिल की गई है जिस पर जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह ने व्यक्तिगत शपथ पत्र देकर अदालत को बताया कि मैं और संयुक्त टीम द्वारा मौके की जांच करने पर मे० कृष्णा माईनिंग वर्क्स व अन्य खदान का संचालन मानक के अनुरूप पाया गया है।
Advertisment
हादसे के बाद या पहले जिसने भी मौका देखा होगा बिल्कुल स्पष्ट है कि जिलाधिकारी ने सफेद झूठा शपथ पत्र दिया है जिसके परिणाम स्वरूप 6 मजदूरों की मौत हो गई जिलाधिकारी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जाने की मांग किया है।
Advertisement
पर्यावरण पर काम करने वाले विकास शाक्य एडवोकेट ने कहा कि मे० कृष्णा माईनिंग वर्ष के संचालक मधुसूदन सिंह का बहुत नजदीकी संबंध सफेदपोश लोगों से है जिसे बाहुबली और रसुक के रूप में जनता देखती है उनका सोनभद्र और मिर्जापुर दोनों जिला पंचायत पर अदृश्य कब्जा है खनन के क्षेत्र में बाहुबलियों की पहली एंट्री बालू की लीज में हुआ इसके बाद पत्थर खदान में भी पैठ बना लिए उनके अलावा अन्य कई सफेद पोस भी इसमें शामिल हो चुके हैं।
सोनभद्र का खनन अब खून से सना हो गया है आए दिन नियमों को तास्व पर रखकर स्वनन हो रहा है पर्यावरण को नुकसान पहुंचा या जा रहा है। जिलाधिकारी ने झूठा शपथ पत्र अदालत में इसलिए भी दिया की सारे गठजोड़ एक विशेष वर्ग का है जिसमें बर्दहस्त मुख्यमंत्री का भी प्राप्त है।
Advertisement
श्री शाक्य ने कहा कि सफेदपोश लिखावटी कागजों मे साझेदार नहीं होते इसलिए यह मामला पीएमएलए एक्ट 2002 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर इस गठजोड़ की जांच कराई जाने की मांग किया है।
Advertisement
खनन मामले की याचिका कर्ता ऋतिशा गोंड ने बताया कि 12 जुलाई 2024 को सारे साक्ष्य के साथ याचिका एनजीटी में दाखिल की गई थी और खदान को संचालन योग्य नहीं होना बताया गया था इसके संबंध में 4 नवंबर 2024 को सभी पक्षकारों को अदालत से नोटिस भी जारी किया था परंतु जिला अधिकारी ने जनता और अदालत दोनों को गुमराह किया और सच्चाई को छुपाया है,
Advertisement
परिणाम स्वरूप मजदूरों की मौत हो गई। इस लड़ाई में जनता नहीं जागी तो खदान के बाहर भी पर्यावरण के संतुलन बिगड़ने से और भी बड़े तादाद में मौतें होंगे खनन हादसे में मृतक के परिजनों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा और सरकारी योजनाओं का लाभ देने की मांग की है