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- बिल्ली मारकुण्डी हादसे की होगी मजिस्ट्रियल जांच, एडीएम न्यायिक को दी गयी जिम्मेदारी

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सोनभद्र। ओबरा क्षेत्र स्थित बिल्ली मारकुण्डी पत्थर खदान में 15 नवंबर को हुए भीषण हादसे ने जिले को दहला दिया। दोपहर के समय अचानक पहाड़ का बड़ा हिस्सा धंस जाने से कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए।

घटना के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ और डीएम बी.एन. सिंह ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए। अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रमेश चन्द्र को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिन्हें एक सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपनी होगी।

दोपहर में धंस गया पहाड़, सात शव बरामद
हादसा शनिवार दोपहर करीब 3:30 से 4:30 बजे के बीच उस समय हुआ, जब मेसर्स कृष्णा माइनिंग वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित 10 वर्षीय खनन पट्टे में कार्य चल रहा था। अचानक पहाड़ का विशाल हिस्सा टूटकर गिर पड़ा और कई मजदूर मलबे में दब गए।

सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। देर रात तक चले रेस्क्यू अभियान में अब तक सात शव निकाले जा चुके हैं, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
8.79 एकड़ में फैली खदान में हुआ हादसा
मौजा बिल्ली मारकुण्डी स्थित यह खदान कुल 8.79 एकड़ क्षेत्र में फैली है। इसके पार्टनर मधुसूदन सिंह और दिलीप केशरी बताए जाते हैं। आराजी संख्या 4823, 4821, 4814, 4847, 4848 सहित कई खंडों में फैली इस खदान में हादसे के बाद उपजिलाधिकारी ओबरा ने मजिस्ट्रेट जांच की अनुशंसा की, जिसे डीएम ने तत्काल मंजूरी प्रदान की।

अवैध खनन पर शक, जांच में हो सकती है बड़ी कार्रवाई
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में अवैध खनन, ओवरलोडिंग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के संकेत मिले हैं। खदान में सुरक्षा उपकरणों और निगरानी व्यवस्था की कमी भी हादसे का कारण मानी जा रही है। मजिस्ट्रेट जांच में इन सभी पहलुओं की गहन पड़ताल होगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

क्षेत्र में रोष, पीड़ितों को मदद का आश्वासन
हादसे के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। मजदूर संगठनों ने खनन कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को तुरंत राहत राशि देने और घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था कराने का भरोसा दिलाया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई तय है।































