10 हजार रुपये अर्थदंड, न देने पर दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी
कोर्ट ने पीड़िता को अर्थदंड की आधी धनराशि देने का दिया आदेश
सात वर्ष पूर्व महिला के साथ हुए दुष्कर्म का मामला
सोनभद्र। अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी/सीएडब्लू , सोनभद्र अर्चना रानी की अदालत ने सोमवार को सात वर्ष पूर्व हुए दुष्कर्म के मामले सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी डब्लू को 10वर्ष की कठोर कैद व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं कोर्ट ने अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक जुगैल थाना क्षेत्र के एक गांव की निवासिनी पीड़िता ने थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि उसके पति 15 दिन पूर्व से काम करने बाहर गए थे। उसे घर मे अकेला पाकर डब्लू पुत्र रामप्रसाद निवासी जुगैल टोला लोलहवा, थाना जुगैल, जिला सोनभद्र ने 3 फरवरी 2018 को 12 बजे उसके साथ जबरन बलात्कार किया। शोर करने पर मारा पीटा और लोगों के आने पर भाग गया।
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उसके ससुर आए तो उनसे सारी बात बताई। वह तीन बच्चों की मां है। आवश्यक कार्रवाई करने की कृपा करें। इस तहरीर एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने विवेचना किया। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने,
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गवाहों के बयान और पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी डब्लू को 10 वर्ष की कठोर कैद व 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दो माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं कोर्ट ने अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बहस की।
संगीतमय श्री राम कथा के तीसरे दिन की कथा सुन भक्त हुए भाव विभोर
चतरा, सोनभद्र। चतरा ब्लॉक के सेहुआं गांव के अंतर्गत चल रहे श्री अभिषेकात्मक रुद्र महायज्ञ एवं संगीतमय श्री राम कथा की आयोजन के तृतीय दिवस आजमगढ़ से पधारे राष्ट्रीय वक्त सुप्रसिद्ध कथा वाचक पंडित गोविंद शास्त्री जी महाराज के द्वारा मानस की चौपाई राम कथा सुंदर करतारी। संशय विहग उणावन हारी।।
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अर्थात राम कथा में वह ताकत है जो संशय समाप्त करके विश्वास में परिवर्तित कर देती है राम समाज के कदम प्रेरणादायक हैं राम की कथा समाज में चलना बोलना रहना सिखाती है यज्ञ संचालन कर रहे आचार्य सौरभ भारद्वाज जी ने बताया यज्ञ के तृतीय दिवस महावीर मंदिर में 11 वैदिक विद्वानों से क्षेत्र गूंजाय मान हो रहा है
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एवं ग्रामवासी छात्रवासियों के द्वारा यज्ञशाला की परिक्रमा लगाई जा रही है। यज्ञ में झारखंड के धरा धाम से नीरज दुबे सहित अन्य भक्त भी शामिल हुए। इस अवसर पर गांव के पूर्व प्रधान हृदय नारायण पाठक, क्षेत्र पंचायत सदस्य रवि प्रकाश, पिंटू पांडे एवं वर्तमान प्रधान शैलेश पांडे, अमरनाथ पांडे, राधेश्याम पांडे आदि लोग सम्मिलित हुए।
कचहरी परिसर में एक रूपए व दो रुपए के न्यायिक टिकट एवं दस रुपए का नॉन ज्यूडिशियल न मिलने से वादकारियों एवं अधिवक्ताओं को समस्या
सोनभद्र। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सोनभद्र की बैठक सोमवार को अधिवक्ता राजेश कुमार यादव की अध्यक्षता में आयोजित हुई, बैठक में कचहरी परिसर की समस्याओं समाधान की मांग उठाई। इस अवसर पर डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सोनभद्र के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन कुमार सिंह एडवोकेट ने कहा कि न्यायालय में लगने वाला टिकट एक और दो रुपए का कचहरी परिसर में स्टांप विक्रेताओं के यहां से नदारत है
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जिससे जिससे यहां एक दो रुपए की जगह पांच और दस रुपए के टिकट लगाना मजबूरी हो गई है जिससे अधिवक्ताओं की काफी हानि हो रही है इसे अभिलंब टिकट उपलब्ध कराया जाए।
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उपाध्यक्ष कामता प्रसाद यादव ने कहा कि कचहरी परिसर में नाम ज्यूडिशियल दस रुपए का स्टांप गायब है जबकि नॉन ज्यूडिशियल दस रुपए का स्टांप पर ही आम जनता इस पर शपथ पत्र देता है दस रुपए का नाम ज्यूडिशल स्टैंप ना होने के कारण अधिवक्ताओं और वादकारिओ को ऊंचे दामों में स्टांप खरीदना पड़ रहा है अभिलंब छोटे स्टांप पेपर उपलब्ध कराए।
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संचालन फूल सिंह एडवोकेट ने किया। इस अवसर पर सुरेश सिंह कुशवाहा एडवोकेट, चतुर्भुज शर्मा एडवोकेट, बीपी सिंह एडवोकेट, सत्यम शुक्ला एडवोकेट, जीवन चंद्रवंशी, नवीन कुमार पांडे एडवोकेट, दशरथ यादव एडवोकेट सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
26 जनवरी से बगैर हेलमेट के दो पहिया वाहन चालकों को नही मिलेगा पेट्रोलः जिलाधिकारी
सोनभद्र। जिले में अब 26 जनवरी से नो हेलमेट, नो फ्यूल की नीति लागू की जाएगी, जिसको लेकर जिला प्रशासन ने सभी पेट्रोल पम्प संचालको को आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिया है कि वह वाहन चालकों को जागरूक करें व बैनर पोस्टर लगाए की 26 जनवरी से किसी भी ऐसे दो पहिया वाहन चालक को बिना हेलमेट के पेट्रोल नही दिया जायेगा।
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जिलाधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि कार्यालय परिवहन आयुक्त के निर्देश “नो हेलमेट, नो फ्यूल” रणनीति लागू करने की अपेक्षा की गयी है। उन्होंने बताया की सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु एवं घायलों की संख्या में वृद्धि के प्रति भारत सरकार द्वारा गम्भीर चिंता व्यक्त की गयी है।
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हाल ही में हुई राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सड़क सुरक्षा में सुधार हेतु समस्त जिलों में प्रभावी कार्यर्यावाही सुनिश्चित करना अनिवार्य है। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली असामयिक मृत्यु और गम्भीर चोटों को रोकने के लिए एक ठोस, दीर्घकालिक और प्रभावी रणनीति की आवश्यकता है।
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मुख्यमंत्री के निर्देश सड़क दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत की कमी जाने का जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उसे प्राप्त करने के लिए नवाचार और व्यवहार परिर्वतन पर केन्द्रित उपायों को अपनाना अनिवार्य है। इस दिशा में, शहरी क्षेत्रों में “नो हेलमेट, नो फ्यूल” रणनीति एक निर्णायक कदम हो सकती है। यह रणनीति न केवल हेलमेट पहनने को अनिवार्य बनाने में सहायक होगी, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति नागरिको में जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना को भी प्रोत्साहित करेगी।
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मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धार 129 एवं उप्र मोटरयान नियमावली, 1998 के नियम-201 के अनुसार सभी मोटर साइकिल चालकों एवं सवारियों के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रोटेक्टिव हेड गियर (हेलमेट) पहनना अनिवार्य है। इन प्राविधानों का उल्लघंन केन्द्रीय मोटर यान अधिनियम, 1988 की धारा 177 के तहत दण्डनीय अपराह है, जिसमें जुर्माने का प्राविधान है।
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जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में स्थित सभी पेट्रोल पम्प संचालको एवं स्वामियों को निर्देश दिए गये है कि आगामी सात दिवसों में अपने प्रांगण में इस आशय के बड़े-बड़े होर्डिंग लगवायेंगे कि 26 जनवरी से किसी भी ऐसे दो पहिया वाहन चालक को पेट्रोल का विक्रय नहीं किया जायेगा,
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जिसके चालक तथा सहयात्री ने हेलमेट नहीं पहना हो तथा यह भी निर्देश दिए गए है कि सभी पेट्रोल पम्प संचालक एवं स्वामी यह भी सुनिश्चित करेंगे कि उनके प्रतिष्ठान में सीसीटीवी कैमरा सदैव सक्रिय रहे, ताकि किसी भी विवाद की स्थिति में सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन कर आवश्यक निर्णय लिया जा सके।
हादसे वाली जगह पर पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ, लिया जायजा
सिलिंडर विस्फोट के कारण आग लगने की घटी है घटना
आग लगने की घटना में 200 से अधिक टेंटों के चपेट में आने की रिपोर्ट
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश केप्रयागराज महाकुंभ मेला 2025 में लगी आग पर काबू पाया गया है। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग को बुझाया। सिलिंडर ब्लास्ट के कारण शिविर में आग लगी। तेज हवा के कारण एक टेंट से दूसरे टेंट तक आग बढ़ती चली गई। इस आगलगी की घटना में पहले 25 टेंटों के खाक होने की बात सामने आई है। हालांकि, दावा किया जा रहा है कि नागा संन्यासियों के करीब 200 टेंटों को आग ने अपनी चपेट में लिया। आग लगने की घटना की जानकारी मिलते ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने में सफलता पाई गई। आग लगने के कारण सेक्टर 19 के इलाके में धुआं और पानी दिख रहा है। वहीं, इस आगलगी के गीता प्रेस के शिविर से भड़कने की बात सामने आ रही है।
महाकुंभ में आग की घटना को लेकर प्रशासन की टीम ने राहत कार्य को तेज कर दिया है। वहीं, आगलगी की घटना से प्रभावित लोगों के सामने रात को ठहरने की परेशानी है। वहीं, आग के कारणों को लेकर अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई दावा नहीं किया गया है। आग लगने के कारणों की जांच होगी। एडीजी भानु भास्कर ने कहा है कि कारणों की जांच के बाद इस पर कुछ कहा जा सकता है। कारणों की पड़ताल के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से कहा कि सिलिंडर ब्लास्ट के कारण आग लगी।
पीएम मोदी ने ली जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाकुंभ 2025 के दौरान लगी आग की घटना की जानकारी ली है। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ को फोन कर घटना के बारे में जानकारी हासिल की। महाकुंभ में आग लगने की घटना के बारे में उन्होंने पूछा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ मेले में मौजूद होने और आग लगने की घटना को लेकर विस्तार से जानकारी दी। पीएम को यह भी बताया गया कि आग पर काबू पा लिया गया है। इसमें किसी प्रकार के जान माल की क्षति नहीं पहुंची है। इसके बारे में भी पीएम को बताया गया है।
मुख्यमंत्री योगी ने लिया जायजा कुंभ मेला क्षेत्र में लगी आग पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया। प्रयागराज महाकुंभ को लेकर सीएम योगी रविवार को प्रयागराज में ही थे। जैसे ही उन्हें घटना की जानकारी मिली, वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से आग की घटना में हुई क्षति की जानकारी ली। पैदल वे घटनास्थल पर पहुंचे। अगलगी की घटना के बाद तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। मेला क्षेत्र में लगी आग के मामले में एडीजी ने कहा कि आग लगने के कारणों की जांच होगी। इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है।
एडीजी ने दी जानकारी एडीजी प्रयागराज भानु भास्कर ने कहा कि हमें शाम 4:00 बजे आग लगने की जानकारी मिली। आग लगने के घटना की जानकारी मिलते ही हमारे सभी पुलिस अधिकारी और सेक्टर मजिस्ट्रेट घटनास्थल की ओर रवाना हुए। तत्काल फायर ब्रिगेड टीम को एक्टिव किया गया। 20 से अधिक फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची। इसके साथ-साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंच कर आग पर काबू पाया। उन्होंने दावा किया कि अभी तक इस आग लगी की घटना में किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई जानकारी नहीं है। हम लोग अगलगी की घटना में हुई क्षति का आकलन कर रहे हैं
घटना से मची हलचल प्रयागराज में लगे महाकुंभ मेला के दौरान बड़ी घटना सामने आई है। शास्त्री पुल और रेलवे पुल के बीच रविवार को आग लग गई। इस आग लगी में कई टेंट के जलने का मामला सामने आ रहा है। मौके पर फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां पहुंच गई है। आग लगने की घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और पुलिस के कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।
महाकुंभ के मेला क्षेत्र में लगी भीषण आग, कई दमकल की गाड़ियां बुलाई गईं
डीआईजी वैभव कृष्ण ने कहा कि अफवाहों पर ध्यान नहीं दें
Mahakumbh 2025: महाकुंभ के मेला क्षेत्र में रविवार की दोपहर भीषण आग लग गई। तुलसी मार्ग पर स्थित सेक्टर 19 के रेलवे पुल के नीचे गीता प्रेस गोरखपुर के शिविर में लगी आग देखते ही देखते विकराल हो गई। आग लगने के बाद सिलेंंडरों के फटने की आवाजें भी आती रहीं। आग एक से दूसरे शिविर की ओर बढ़ती देख हड़कंप की स्थिति रही। कुछ मिनटों में ही आग ने दर्जनों टेंटों को खाक कर दिया। यहां रखा गृहस्थी का सामान भी खाक हो गया है। जिस दौरान नीचे आग लगी पुल के ऊपर से ट्रेन भी गुुुजर रही थी।
आग के बाद मची भगदड़ में एक व्यक्ति घायल हुआ है।फिलहाल राहत की बात यही है कि कोई जनहानि नहीं हुई है। डीआईजी वैभव कृष्ण ने कहा कि अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। यह भी कहा कि आग पर काबू पा लिया गया है। प्रयागराज में ही मौजूद सीएम योगी ने भी आग का संज्ञान लिया और अधिकारियों को तत्काल मौके पर जाने और राहत कार्य में लगने का आदेश दिया। खुद मुख्यमंत्री भी मौके पर पहुंचे हैं।
बताया जा रहा है कि सेक्टर 10 में गीता प्रेस, निर्मल बाबा और हनुमान सेवा समिता का शिविर था। गीता प्रेस वाले शिविर में सबसे पहले अचानक आग लगी। पता चला कि सिलेंडर लीक होने से आग लगी। कुछ लोगों ने किसी चिंगारी के कारण आग लगने की बात कही। आग के बाद सिलेंडरों को लेकर लोग बाहर की ओर भागते भी दिखाई दिए। मौके पर कुछ देर में ही सभी रेस्क्यू दल पहुंच गए। एनडीआरएफ भी मौके पर आ गई। शिविर के अंदर से लगातार हल्के हल्के विस्फोट की आवाजें आती रहीं। मौके पर एंबुलेंस भी बुला ली गई। मुख्य अग्निशमन शिविर से चार बड़ी फायर बिग्रेड और आठ बुलेट भी रवाना की गई है। मीडिया सेंटर से दो फायर ब्रिगेड की गाड़ियां रवाना की गईं।
तमाम आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। डीआईजी वैभव कृष्ण भी मौके पर आ गए। बीएसएफ को भी बुलाया गया है। मेलाधिकारी और एसएसपी कुम्भ भी मौके पर पहुंचे। आग बुझाने का प्रयास शुरू हुआ और करीब एक से डेढ़ घंटे में आग पर काबू पा लिया गया। इस बीच केंद्रीय अस्पताल और एसआरएन अस्पताल को अलर्ट कर दिया गया। केंद्रीय अस्पताल में आठ बर्न के बेड भी बढ़ाए गए। केंद्रीय अस्पताल में 10 स्पेशल डॉक्टर बुला लिए गए। आग पर काबू पाने से सभी ने राहत की सांस ली है। अब यहां रहने वालों के लिए नए टेंट सिटी का इंतजाम किया जा रहा है
यूपी में 45 लाख से अधिक संपत्ति कार्ड बांटे गए, क्या होता है ये और इसे कैसे बनवाएं? सबकुछ जानिए
Property card UP: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वामित्व योजना के तहत देश के विभिन्न राज्यों में संपत्ति मालिकों को जो संपत्ति कार्ड बांटे उनमें उत्तर प्रदेश में 45 लाख से अधिक संपत्ति कार्ड (घरौनियों) का वितरण किया गया. एक सरकारी बयान के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 10 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के 230 से अधिक जिलों के 50,000 से अधिक गांवों में संपत्ति मालिकों को स्वामित्व योजना के तहत 65 लाख से अधिक संपत्ति कार्ड (घरौनी) वितरित किए.
आधिकारिक बयान में सीएम योगी के हवाले से कहा गया कि देशभर में दो करोड़ 23 लाख से अधिक घरौनियां बनायी गयी हैं, जबकि अकेले उत्तर प्रदेश में एक करोड़ 50 हजार से अधिक घरौनियां बनायी गयीं. इनमें से 37 हजार से अधिक गांव की 55 लाख 14 हजार से अधिक घरौनियों को पहले ही वितरण किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि शनिवार को 29 हजार से अधिक गांव की 45 लाख 35 हजार से अधिक घरौनियों का वितरण किया गया.
गांवों में संपत्ति को लेकर विवादों में कमी आई: CM योगी मुख्यमंत्री ने कहा, “इससे गांवों में संपत्ति को लेकर होने वाले विवादों में कमी आयी है. पहले दबंग लोग कमजोर व्यक्ति की जमीन पर कब्जा कर लेता था, लेकिन पहली बार तकनीक का उपयोग करते हुए ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से गांवों में घरौनी (कानूनी दस्तावेज) के जरिये घर का मालिकाना हक दिया जा रहा है, जिसे अब कोई भी दबंग नहीं छीन सकेगा.”
क्या होता है संपत्ति कार्ड? संपत्ति कार्ड सरकार की एक पहल है, जिसके तहत ग्रामीण और शहरी संपत्तियों का डिजिटलीकरण और रिकॉर्ड प्रबंधन किया जाता है. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई ‘स्वामित्व योजना’ (SVAMITVA- Survey of Villages and Mapping with Improvised Technology in Village Areas) का हिस्सा है.
संपत्ति कार्ड क्या है? संपत्ति कार्ड एक दस्तावेज है जो आपकी संपत्ति (जमीन, मकान आदि) पर आपके स्वामित्व का प्रमाण देता है. इसे एक कानूनी दस्तावेज माना जाता है. यह कार्ड यह सुनिश्चित करता है कि जिस संपत्ति पर आपका नाम दर्ज है, वह आपकी है, और किसी प्रकार का विवाद होने पर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. इस कार्ड का उपयोग संपत्ति पर ऋण लेने के लिए किया जा सकता है, क्योंकि यह एक मान्य संपत्ति दस्तावेज होता है.
संपत्ति कार्ड कैसे बनाया जाता है? ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से संपत्ति की मैपिंग: स्वामित्व योजना के तहत, सरकार ड्रोन टेक्नोलॉजी का उपयोग कर गांवों और शहरी क्षेत्रों में संपत्तियों की मैपिंग करती है. यह प्रक्रिया पूरी तरह से डिजिटल और सटीक है. संपत्ति का रिकॉर्ड तैयार करना: सर्वेक्षण के दौरान प्रत्येक संपत्ति की जानकारी जुटाई जाती है, जैसे कि: मालिक का नाम संपत्ति का आकार संपत्ति का स्थान अन्य कानूनी विवरण
UP News: प्रयागराज महाकुंभ में इस बार नागा पुरुषों के साथ नागा महिलाओं का भी दीक्षा संस्कार होगा. बता दें कि महाकुंभ में मातृ शक्ति ने भी अखाड़ों से जुड़ने में गहरी रुचि दिखाई है. ऐसे में प्रयागराज महाकुंभ में अब तक सबसे अधिक महिला संन्यासी दीक्षा लेने जा रही हैं. इस मामले में प्रयागराज महाकुंभ एक नया इतिहास भी लिखने जा रहा है.
संयासिनी श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े की महिला संत दिव्या गिरी बताती हैं कि इस बार महाकुंभ में अकेले श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के अंतर्गत 200 से अधिक महिलाओं की संन्यास दीक्षा होगी. सभी अखाड़ों को अगर शामिल कर लिया जाए तो यह संख्या एक हजार का आंकड़ा पार कर जाएगी.
महिला ऐसे बनती हैं नागा साधु बता दें कि महिलाओं के लिए नागा साधु बनने का रास्ता बेहद कठिन है. इसमें 10 से 15 साल तक कठोर ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करना पड़ता है. गुरु को अपनी योग्यता और ईश्वर के प्रति समर्पण का प्रमाण देना होता है. महिला नागा साधुओं को जीवित रहते हुए अपना पिंडदान और मुंडन भी करना होता है.
महिला संन्यासियों की दीक्षा प्रक्रिया शुरू गंगा के तट पर श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के अवधूतों को नागा दीक्षा की प्रक्रिया शुरू हो गई. आपको ये भी बता दें कि संन्यासी अखाड़ों में सबसे अधिक नागा संन्यासियों वाला अखाड़ा है श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा है. यहां नागा संन्यासियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है.
जूना अखाड़े के पास हैं 5.3 लाख नागा साधु भगवान शिव के दिगम्बर भक्त नागा संन्यासी महाकुंभ और कुंभ में हमेशा ध्यान खींचते हैं. प्रयागराज महाकुंभ में भी सबसे अधिक भीड़ सबसे ज्यादा नागा साधु वाले जूना अखाड़े के शिविर में ही देखने को मिल रही है. अब शनिवार को नागा दीक्षा शुरू हुई है. बता दें कि जूना अखाड़े के पास 5.3 लाख से अधिक नागा संन्यासी हैं. दूसरी तरफ निरंजनी अखाड़े में भी 5 लाख के ऊपर नागा संन्यासी हैं.
महाकुंभ से लौटी इटली की महिलाएं सीएम योगी के सामने हाथ जोड़ ये क्या करने लगीं? हैरान कर देने वाली वीडियो
रमेश देव पाण्डेय (जिला संवाददाता)
UP News: प्रयागराज महाकुंभ में कई विदेशी नागरिक भी आए हुए हैं. अमेरिका, कनाडा, इटली, जर्मनी, रूस समेत कई देशों के हजारों नागरिक प्रयागराज में महाकुंभ का हिस्सा बन रहे हैं. विदेशी साधु-संत भी लगातार चर्चाओं में बने हुए हैं.इसी बीच एक वीडियो ने हर किसी को हैरान कर दिया है. दरअसल ये वीडियो लखनऊ का है. इटली से आए प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है. ये प्रतिनिधिमंडल महाकुंभ से आया है. इस दौरान महाकुंभ से लौटी इटली की महिलाओं ने मुख्यमंत्री योगी के सामने ही हाथ जोड़ भजनों का पाठ शुरू कर दिया.
इटली की महिलाओं ने सीएम योगी के सामने ये सब किया वायरल वीडियो में दिख रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इटली का प्रतिनिधिमंडल मुलाकात कर रहा है. इस दौरान इटली प्रतिनिधिमंडल में शामिल कई महिलाएं सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने ही अपनी भक्ति और हिंदू धर्म में आस्था का प्रदर्शन करने लगी. प्रयागराज महाकुंभ से लौटी इटली की महिलाओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने ही रामायण, शिव तांडव और कई भजनों का पाठ किया. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इटली की महिलाओं की आस्था देख चकित नजर आए और मुस्कुराते रहेबता दें कि इस दौरान इटली से आए प्रतिनिधिमंडल ने महाकुंभ की व्यवस्थाओं की तारीफ भी की. फिलहाल ये वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चाओं का विषय बना हुआ है और इसे खूब शेयर किया जा रहा है. जिस तरह से इटली की महिलाओं ने भजन, रामायण के श्लोक और शिव तांडव का गायन किया है, उसे देख सभी चकित हैं.
घरौनी प्रमाण पत्र मिलने से गांवो में कम होगा जमीनी विवादः राज्यमन्त्री संजीव गोंड
जनपद के चारो तहसील में 1135 लोगो मे वितरण हुआ घरौनी प्रमाण पत्र
सोनभद्र। ग्रामीण इलाकों में घरौनी का कोई अभिलेख न होने के कारण भूस्वामी को काफी दिक्कते उठानी पड़ती थी और केन्द्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं जैसे बैंक से लोन प्राप्त करने व अन्य योजना का लाभ पाने में समस्या आ रही थी, लेकिन आज यह सपना साकार हो रहा है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के नेतृत्व में शनिवार को जिले के लोगों को घरौनी का अभिलेख प्राप्त हो रहा है। उक्त बातें सूबे के समाज कल्याण राज्यमन्त्री संजीव गाँड ने जनपद में स्वामित्व योजनान्तर्गत कलेक्ट्रेट परिसर में 1135 लोगों को संपत्ति कार्ड वितरण कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा।
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इस दौरान प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के लाइव प्रसारण को देखा एवं सुना गया और राज्यमंत्री व जिलाधिकारी द्वारा मंच पर 20 लाभार्थियों को घरौनी (संपत्ति कार्ड) का वितरण किया गया।
जिलाधिकारी बीएन सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट परिसर में स्थामित योजना के तहत आयोजित घरौनी वितरण समारोह कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि राज्यमंत्री समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग संजीव कुमार गोंड़ ने दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस मौके पर स्कूली छात्राओं द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के लाइव प्रसारण को जनप्रतिनिधियों, जिलाधिकारी, घरौनी के लाभार्थियों एवं ग्रामीणजनों के द्वारा देखा एवं सुना गया। इसके बाद राज्यमंत्री समाज कल्याण विभाग व जिलाधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल गुप्ता, पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा, मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) सहदेव कुमार मिश्र द्वारा मंच पर 20 लाभार्थियों को घरौनी कार्ड (संपत्ति कार्ड) का वितरण किया गया।
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इस मौके पर राज्यमंत्री ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता के प्रति स्वयं जागरूक होते हुए दूसरे को भी स्वच्छता के प्रति जागरुकता फैलाने का शपथ दिलायी। वही राज्यमंत्री ने समारोह कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश के आजादी के 75 साल से ऊपर बीत जाने के बाद भी कच्चा मकान हो या पक्का मकान उस भूमि का कोई अभिलेख नहीं हुआ करता था, लेकिन आज हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आशीर्वाद है, जो आज भू-स्वामी को घरौनी का अभिलेख प्राप्त हो रहा है।
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उन्होंने कहा कि जनपद में वनाधिकार अधिनियम के तहत अनूसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति तथा परम्परागत यनवासियों को 16000 पट्टे देने का किया किया है, यहीं नहीं इसके साथ-साथ खतौनी में नाम भी दर्ज कराया गया है। इसी प्रकार से भाजपा जिलाध्यक्ष श्री नन्दलाल गुप्ता द्वारा लाभार्थियों व ग्रामीण जनों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को घरौनी का वितरण किया जा रहा है, वो लोग इस बात का ध्यान रखें कि जमीन को बेचना नहीं है, आगे आने वाले पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना है, इस घरौनी के जरिये लोन लेकर कोई उद्योग धंधे व रोजगार करें, जिससे इसके माध्यम से आमदनी भी यह सकें।
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इस मौके पर जिलाधिकारी बीएन सिंह ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि घरौनी वितरण का यह कार्यक्रम पूरे देश व प्रदेश में आयोजित किया जा रहा है, आज अपने जनपद में कुल 1135 लाभार्थियों घरौनी का वितरण किया गया है। आप सभी लोग जानते है कि खेती के खतौनी के सम्बन्ध में पहले से ही व्यवस्था है, लेकिन हमारे गांवों में घर बने हुए हैं, उनके लिए कोई अभिलेख नहीं करता था, जिससे बैंक या अन्य जगह यह सिद्ध करना पड़े कि यह घर हमारा ही है,
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तो कोई अभिलेख नहीं हुआ करता था। भारत सरकार ने अन्य देश में जो व्यवस्था थी, को अपने देश में भी लागू करने को सोचा, हमारे घर का जो स्वामित्व है उसे प्रमाण-पत्र देना, कि वह घर उनका है यह बहुत बड़ी महत्वकांक्षीय योजना है और अभी तो यह शुरुआती चरण में धीरे-धीरे यह प्रत्येक नागरिक के पास घरौनी का प्रमाण होगा और यह सिद्ध करेगा कि यह घर हमारा ही है।
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उन्होंने कहा कि अगर न्यायालया या सिविल में कोई विवाद होता है तो उसमें भी इसे सबूत के रूप में माना जायेगा जो एक साक्ष्य के रूप में स्यामित्व के पास मौजूद रहेगा, इसके लिए किसी को कोई शुल्क नहीं देना है। जिलाधिकारी ने कहा कि इस योजना से जो लोग वंचित रह गये हैं, उनको घरौनी प्राप्त हो सकें, इसके लिए राजस्व प्रशासन पूरी क्षमता से लगकर कार्य को मूर्त रूप देने का काम करेंगें, जिससे शेष लोगों को घरौनी प्राप्त हो सकें।
इस मौके पर अपर जिलाधिकारी (वि०रा०) सहदेव कुमार मिश्र ने घरौनी के सम्बन्ध में मौके पर उपस्थित लाभार्थियों को विस्तार पूर्वक जानकारी दी गयी। उन्होंने कहा कि स्वामित्व योजना से जहां एक तरफ ग्रामीणजनों के भूमि विवाद संबंधी विवादों का समाधान होगा वहीं दूसरी तरफ ग्राम पंचायत की भूमि का स्पष्ट मानचित्र प्राप्त होगा, जिससे गांव के आधारभूत संरचना के विकास के लिए विभित्र योजनाओं को बनाना आसान होगा।
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उन्होंने बताया कि जनपद में कुल पांच हजार लाभार्थियों को घरौनी का वितरण किया जाना है, जिसमें से आज 1135 लाभार्थियों का घरौनी का वितरण किया गया है, जिसमें से राबर्ट्सगंज तहसील के 405, घोरावल तहसील के 209, ओबरा तहसील के 506 तथा दुद्धी तहसील के 15 लाभार्थी शामिल रहें।
उन्होंने कहा कि इससे लाभार्थीगण विभित्र योजनाओं का लाभ, ऋण आदि प्राप्त कर सकेंगे। इस मौके पर जनपद मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम के साथ विभिन्न तहसीलों, ब्लाकों एवं कतिपय ग्राम पंचायतों में भी प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के लाइव प्रसारण को देखा गया साथ ही लाभार्थियों को घरौनी वितरण किया गया तथा स्वामित्व योजना के लाभ से जन सामान्य को अवगत कराया गया।
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इस मौके पर अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) रोहित यादव, उप जिलाधिकारी सदर उत्कर्ष द्विवेदी, उप जिलाधिकारी ओबरा विवेक सिंह, जिला पंचायत पंचायत सदस्य मोहन कुशवाहा, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनन्द पाण्डेय, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर दिव्यतोष मिश्रा सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारीगण व लाभार्थीगण उपस्थित रहें