क्षेत्राधिकारी की गाडी मे टिपर ने मारी धक्का बाल बाल बची क्षेत्राधिकारी चारु द्विवेदी
सोनभद्र। सोमवार को ओबरा क्षेत्र में एक बड़ी दुर्घटना होने से बच गई, जब सीओ सिटी चारु द्विवेदी की बोलेरो गाड़ी को एक तेज रफ्तार टिपर ने सामने से जोरदार टक्कर मार दी। यह हादसा इतना भीषण था कि बोलेरो गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के समय सीओ सिटी चारु द्विवेदी अपनी गाड़ी में सवार थीं। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के थानों में हड़कंप मच गया, और पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा।
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कैसे हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि टिपर राधे-राधे खदान की ओर जा रही थी, जब उसने सीओ की बोलेरो गाड़ी को सामने से टक्कर मार दी। दुर्घटना इतनी जोरदार थी कि बोलेरो का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में सीओ चारु द्विवेदी सुरक्षित रहीं और उन्हें किसी प्रकार की गंभीर चोट नहीं आई।
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पुलिस विभाग में मचा हड़कंप
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी ओबरा और अन्य अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने दुर्घटनास्थल का मुआयना किया और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने टिपर चालक को मौके पर ही रोक लिया और उससे पूछताछ की जा रही है।
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प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया प्रारंभिक जांच में पता चला है कि टिपर चालक की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और जल्द ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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सीओ सिटी ने कहा
सीओ सिटी चारु द्विवेदी ने घटना पर बयान देते हुए कहा, यह हादसा बेहद खतरनाक हो सकता था, लेकिन शुक्र है कि सभी सुरक्षित हैं। यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी।
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डाला क्षेत्र में सड़क हादसों में बढ़ोत्तरी
यह घटना एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाने के खतरों को उजागर करती है। पुलिस ने सभी वाहन चालकों से नियमों का पालन करने और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की है।
दोषी पंचायत सहायक धर्मेंद्र कुमार को 5 वर्ष की कठोर कैद
20 हजार रूपये अर्थदंड, न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी
अर्थदंड की धनराशि में से 15 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी
डेढ़ वर्ष पूर्व 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए छेड़छाड़ का मामला
सोनभद्र। डेढ़ वर्ष पूर्व 15 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए छेड़छाड़ के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट सोनभद्र अमित वीर सिंह की अदालत ने सोमवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी पंचायत सहायक धर्मेंद्र कुमार को 5 वर्ष की कठोर कैद एवं 20 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि 20 हजार रुपये में से 15 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक विंढमगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता के चाचा ने 15 जुलाई 2023 को विंढमगंज थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसकी 15 वर्षीय नाबालिग भतीजी के साथ 11 जुलाई 2023 को सुबह 8 बजे पंचायत सहायक धर्मेंद्र कुमार पुत्र लालबिहारी भारती निवासी पकरी, थाना विंढमगंज, जिला सोनभद्र कोचिंग जाते समय पंचायत भवन के पास पहुंची
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तो उसका हाथ पकड़ कर पंचायत भवन के अंदर ले गया और दरवाजा बंद करके छेड़छाड़ करने लगा। भतीजी के चिल्लाने पर दरवाजा खोल दिया और किसी से बताने पर जान मारने की धमकी दिया। जब भतीजी घर आई तो अपने माता पिता और उससे सारी बात बताई। भतीजी के बताने पर सूचना दे रहा हूं। आवश्यक कार्रवाई करें। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया।
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विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, 7 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषीपंचायत सहायक धर्मेंद्र कुमार को 5 वर्ष की कठोर कैद एवं 20 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि 20 हजार रुपये में से 15 हजार रुपये पीड़िता को मिलेगा। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।
गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय जीवन के आदर्श महापुरुषों को किया गया याद
पतंजलि योगपीठ परिवार सोनभद्र द्वारा रॉबर्ट्सगंज कचहरी परिसर स्थित सोनभद्र बार एसोसिएशन सभागार में किया गया आयोजन
सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज कचहरी परिसर स्थित सोनभद्र बार एसोसिएशन सभागार में पतंजलि योगपीठ परिवार सोनभद्र के तत्वाधान में गणतंत्र दिवस पर्व पर रविवार को आयोजित प्रातःकालीन योग कक्षा में पत्रकारिता के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए वरिष्ठ पत्रकार राजेश कुमार पाठक को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
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हमारे राष्ट्रीय जीवन के आदर्श छत्रपति शिवाजी, भगत सिंह ,चंद्रशेखर आजाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, उधम सिंह, महाराणा प्रताप ,अशफाक उल्ला खा, रामप्रसाद बिस्मिल, राजगुरु सुखदेव ,वीर सावरकर ,मंगल पांडेय ,लाला लाजपत राय, सरदार पटेल ,महात्मा गांधी ,भीमराव अंबेडकर, तात्या टोपे ,नाना साहब पेशवा ,सम्राट अशोक, रानी लक्ष्मी बाई ,रानी चेन्नम्मा ,अहिल्याबाई होलकर, दुर्गा भाभी,
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विक्रमादित्य, लाल बहादुर शास्त्री, बाल गंगाधर तिलक, विनोबा भावे, बहादुर शाह जफर ,रवींद्रनाथ टैगोर, पृथ्वीराज चौहान जो हमारे राष्ट्रीय जीवन के आदर्श हैं, पतंजलि योग परिवार सोनभद्र के सभी मार्गदर्शक, संयोजक, संरक्षक, पदाधिकारी द्वारा सभी के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया।
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सर्वप्रथम पतंजलि परिवार के प्रमुख योग शिक्षक ओम प्रकाश यादव, सुनील कुमार श्रीवास्तव द्वारा प्रातः कालीन योग कराया गया, योग के पश्चात दयानंद मौर्य द्वारा देशभक्ति गीत , योग गीत के साथ राष्ट्रगान गाया गया।
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इस अवसर पर प्रमुख मार्गदर्शक /सोनभद्र वार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रमेश राम पाठक, शेष मणी तिवारी, मोहर देव पांडेय ,चंद्र बहादुर सिंह ,विनोद कुमार मिश्रा ,विमला इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य शिव नारायण लाल श्रीवास्तव द्वारा योग को गांव-गांव ,घर-घर तथा जन जन तक पहुंचाने वाले वतिष्ठ पत्रकार राजेश कुमार पाठक को अंग वस्त्र (शाल) देकर सम्मानित किया गया।
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मुख्य अतिथि के कर कमलों से सभी प्रमुख योग गुरुओं को हरिद्वार से प्राप्त जैकेट वितरित किया गया। कार्यक्रम में सभी प्रमुख योग शिक्षक, सहयोग शिक्षक अपने-अपने कक्षा के योग साधकों के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। जिसमें प्रमुख रूप से पतंजलि योग समिति के जिला प्रभारी रवि प्रकाश त्रिपाठी,भारत स्वाभिमान के जिला महामंत्री सुनील कुमार चौबे,
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गोपाल दास केसरी, रामसेवक पांडेय ,विमल कुमार सिंह, तेज नारायण मिश्रा,नागेंद्र नाथ चौबे, रूप नारायण सिंह, सुबोध कुमार मिश्रा, अशोक कुमार ,रामबाबू ,पुरुषोत्तम,अजय कुमार पांडेय, उमेश तिवारी ,राजू प्रसाद सोनी आदि शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में शांति पाठ के पश्चात मिष्ठान वितरित किया गया।
न्यायालय परिसर में जनपद न्यायाधीश ने किया ध्वजारोहण
न्यायालय परिसर में लहर-लहर लहराया तिरंगा सोनभद्र
सोनभद्र। गणतंत्र दिवस पर रविवार को राबर्ट्सगंज स्थित जनपद न्यायालय परिसर में लहर-लहर लहराया तिरंगा झंडा। जनपद न्यायालय भवन पर जनपद न्यायाधीश रविन्द्र विक्रम सिंह ने ध्वजारोहण किया।
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सोनभद्र बार एसोसिएशन भवन पर अध्यक्ष अरुण कुमार मिश्र व डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन भवन पर अध्यक्ष जगजीवन सिंह ने ध्वजारोहण किया। इसी प्रकार से प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय भवन,
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मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण कार्यालय भवन, सदर तहसील भवन व उपनिबंधक कार्यालय भवन पर भी ध्वजारोहण किया गया। इस मौके पर न्यायिक अधिकारी, कर्मचारी, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी, अधिवक्ता, मुंशी, स्टाम्प वेंडर, वादकारी आदि मौजूद रहे।
नगर में आए दिन हो रही चोरी पर युवा मोर्चा ने जताई नाराजगी
बढ़ती वारदातों से पुलिस पर खड़ा हो रहा है सवालिया निशान-अरविंद सोनी
ओबरा, सोनभद्र। भारतीय जनता युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष अरविंद सोनी ने सोमवार को पुलिस प्रशासन के गैर जिम्मेदाराना रवैया को लेकर नाराजगी जाहिर की। श्री सोनी ने कहा कि नगर में आए दिन छोटी-बड़ी घटनाओं के साथ-साथ बढ़ी और बड़ी चोरियों को लेकर आम जन मानस बेहद चिंतित है। वहीं पुलिस प्रशासन बेखौफ चोरों और दहशतगर्दों को लेकर अब तक कोई बेहतर कार्यवाही अमल में नहीं ला पा रही है, नतीजन एक से एक मामले बढ़ते ही जा रहे।
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दूसरी तरफ युवती का शव मिलना हत्या जैसी घटनाओं को बढ़वा दे रहा है, पुलिस द्वारा गश्त किए जाने के बावजूद हत्या, मारपीट व भीषण चोरियों का दिन प्रति दिन सामने आना कहीं न कहीं स्थानीय पुलिस पर सवालिया निशान खड़ा करता है। जबकि सरकार द्वारा हर चट्टी चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं इसके बावजूद भी गंभीर मामलों का खुलासा नहीं होना चर्चा का विषय बना हुआ है। घरों की सुरक्षा के लिए लगे कमरे में कैद चोरों की धर पकड़ नहीं हो पाने से लोग और भयभीत हैं।
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सड़कों पर सरेआम मारपीट जैसे वाक़ए से लोग नगर में अब गुंडागर्दी के बोलबाला होने का भी आरोप लगा रहे हैं। नगर के बाद व्यवसायिक क्षेत्र क्रेशर में कबाड़ियों का भी आतंक देखा जा सकता है, जो समय समय पर भारी भरकम सामानों को चोरी करा कर बेचने का काम कर रहे हैं,
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जिससे क्रेशर व्यवसायी भी खौफजदा हैं। जल्द से जल्द नगर में हुई वारदातों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो नगर का अमन चैन खत्म हो जाएगा। और पुलिस के खिलाफ लामबंद होने का एकमात्र रास्ता आम जनमानस के पास रह जाएगा। पुलिस अधीक्षक महोदय से जनहित में मांग की गई कि ओबरा में बेहतर कानून व्यवस्था के मद्देनजर सभी घटनाओं का संज्ञान लेते हुए कठोर कार्यवाही कराएं।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन ने धूम धाम के साथ मनाया गणतंत्र दिवस
धार्मिक कार्यों के सफल आयोजन के लिए जिलाध्यक्ष कौशल शर्मा ने श्री रामचरितमानस समिति के सुशील पाठक, राकेश त्रिपाठी, एवं रामलीला समिति के पवन जैन एवं राकेश गुप्ता को किया सम्मानित
कुशाग्र कौशल शर्मा
सोनभद्र। रविवार को उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन सोनभद्र के जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा के आवास पर झंडा रोहण कर गणतंत्र दिवस बड़े ही धूमधाम की साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया
इस अवसर पर संगठन ने श्री रामचरितमानस समिति के सुशील पाठक, राकेश त्रिपाठी, एवं रामलीला समिति के पवन जैन एवं राकेश गुप्ता को धार्मिक कार्यों के सफल आयोजन हेतु माल्यार्पण कर एवं अंग वस्त्र प्रदान कर प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया।
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इसके उपरांत संगठन के जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि इन दोनों धार्मिक कार्यों के सफल आयोजन से जहां एक ओर समाज को एकजुट किया वहीं दूसरी ओर हमारे सांस्कृतिक मूल्यों को भी सुदृढ़ किया उन्होंने आगे कहा कि स्वाधीनता संग्राम में बलिदान होने वाले हमारे वीर सपूत भारत के विभिन्न हिस्सो से थे और वह हर पंथ और जाति के थे देश के प्रति उनका लगाव ही उन्हें बांधे रखा था।
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उन्होंने कहा कि पूर्व में हमारी कुछ गलतियों से ईस्ट इंडिया कंपनी व्यापार करने के लिए हमारे देश में घुस गई और अपना व्यापार फैलाने के लिए भारत की विभिन्न विभिन्न हिस्सों में अपना साम्राज्य स्थापित करने लगी 1612 में सूरत में पहले व्यापारी फैक्ट्री, 1639 में मद्रास में व्यापारी चौकी बनाई और 1690 में कोलकाता में व्यापारी केंद्र स्थापित किया धीरे-धीरे सैन्य ताकत का विस्तार किया और 1818 तक मराठो को हराने के बाद कंपनी ने पूरा भारत में अपना प्रभुत्व स्थापित कर लिया
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श्री शर्मा ने कि आज हमारे देश में कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां व्यापार कर रही हैं जिसमें प्रमुख रूप से गूगल, फेसबुक, माइक्रोसॉफ्ट, सैमसंग, अमेजॉन, एवं ऑनलाइन व्यापार करने वाली विदेशी कंपनियों में फ्लिपकार्ट, नेटफ्लिक्स ,उबर ,और एयर बीएनसी ,और भारत से एक बड़ा मुनाफा कमा रही है ऑनलाइन व्यापार से हमारे देश का छोटा व्यापारी प्रभावित हो रहा है जिससे उसकी आर्थिक स्थिति खराब हो रही है
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हम सरकार से मांग करते हैं कि व्यापारिक कानून को सरलीकृत कर विसंगतियों को दूर किया जाए लाल फीता शाही को समाप्त किया जाए और जब व्यापारी समृद्ध होगा तभी हमारा भारत भी एक सशक्त राष्ट्र के रूप में विकसित होगा और पूरी दुनिया को अपनी आभा से आलोकित करेगा।
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जिला महामंत्री प्रितपाल सिंह जी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत ने आर्थिक सामाजिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रगति की है जिसमें आधारभूत संरचना में प्रगति राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार, बुलेट ट्रेन, उड़ान योजना, डिजिटल भारत और टेक्नोलॉजी सामाजिक कल्याण एवं स्वास्थ्य जिसमें आयुष्मान भारत स्वच्छ भारत अभियान, जन धन योजना, महिला सशक्तिकरण अंतरिक्ष एवं विज्ञान जिसमें मंगलयान मिशन चंद्रयान-3 आदित्य एल् वन इन उपलब्धियां ने ना देश को आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ाया है बल्कि नागरिकों के जीवन को भी बेहतर बनाया है।
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नगर अध्यक्ष प्रशांत जैन ने कहा कि 26 जनवरी हो या 15 अगस्त यह दिन देश प्रेम की भावना बढ़ाने वाला दिन है और यह दिन सैकड़ो शहीदों को याद करने वाला दिन है जो मां भारती को आजाद कराने के लिए के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया था।
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संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश जायसवाल ने कहा की नया भारत पूरी दुनिया पर अपनी छाप छोड़ रहा है हमारी आजादी की लड़ाई में आजादी के बाद सिख समाज का जो योगदान है वह भी वह प्रशंसनीय है अभी-अभी हमारे लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चाहे महाराजा रणजीत सिंह का योगदान हो या अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई हो अथवा जलियांवाला बाग हो इसके बिना भारत का इतिहास ही पूरा नहीं होता सिख परंपरा को एक भारत श्रेष्ठ भारत की जीवन्त परंपरा बताते हुए सिख गुरुओं ने आत्म सम्मान और मानव जीवन के लिए गौरव के लिए जो पाठ पढ़ाया उसका प्रभाव हर सिक्ख के जीवन में दिखता है।
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नगर उपाध्यक्ष दिलकरन सिंह ने कहा कि 1857 तक देश पर अंग्रेजों का जुल्म हावी हो चुका था एवं गुलामी चरमोत्कर्ष पर था जनमानस क्रांति के लिए करवटें लेने लगा लोग लामबंद होने लगे लेकिन हर आंदोलन को एक नेतृत्व की जरूरत होती है एक स्वर में हिंदुस्तान के आखिरी बादशाह बहादुर शाह जफर से गुजारिश की गई इस इंकलाब की बागडोर संभालने के लिए बादशाह बहुत बुढे हो गए थे। फिर भी अपने वतन के लिए लड़ने को तैयार हो गए अंग्रेजों ने उन पर बहुत जुल्म ढाई यहां तक की रंगून की जेल में एक सुबह नाश्ते में उन्हें बेटों के कटे हुए सर परोश दिए गए परंतु फिर भी वह हार नहीं माने और वतन के लिए लड़ते रहे।
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कार्यक्रम में मुख्य रूप से वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष राजू जायसवाल, प्रदीप जायसवाल, दीप सिंह पटेल, संदीप चौरसिया, विनोद जायसवाल टीपू अली, पंकज कनोडिया नगर महामंत्री जसकीरत सिंह, नगर कोषाध्यक्ष सिद्धार्थ सांवरिया,
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नगर संयोजक अमित अग्रवाल संगठन मंत्री सुनील सोनी, समाजसेवी सुदीप शुक्ला, अविनाश शुक्ला राकेश तिवारी , पवन जैन राहुल पाठक , गोपाल दास सोनी नगर उपाध्यक्ष अमित वर्मा अभिषेक गुप्ता , धर्मेंद्र प्रजापति, शिवम सराफ, प्रतीक केसरी ,शुभम चौरसिया, दिल करण सिंह ,दीपक सोनी आदि लोग उपस्थित रहे।
अंग्रेज सिपाहियों के शोषण के खिलाफ दुद्धी में खड़ा किया था आंदोलन।
जनपद की एकमात्र महिला स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को देवी जी कहा करते थे।
भारत माता को आजाद कराने के लिए लिया था, आजीवन अविवाहित रहने का लिया था संकल्प।
अध्यापन कार्य छोड़कर कूद पड़ी थी स्वतंत्रता आंदोलन में।
दुद्धी तहसील के सिंगरौली परगना की निवासिनी थी देवी जी।
आजादी के बाद झारखंड के नगर ऊंटरी, गढ़वा विधानसभा क्षेत्र से की चुनी गई थी विधायक।
बिहार विधानसभा की दो बार रही अध्यक्ष।
आदिवासियों के हितो, नारी शोषण के विरुद्ध आजीवन संघर्षशील रही।
सोनभद्र। महात्मा गांधी द्वारा चलाए गए स्वाधीनता आंदोलन में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सामाजिक, पारिवारिक वर्जनाओ, रूढ़ियों, परंपराओं, पर्दाप्रथा तोड़कर पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ मोर्चा लेने वाली आदिवासी बाहुल्य जनपद सोनभद्र के दुद्धी तहसील के सिंगरौली परगना की वीरांगना सुश्री राजेश्वरी सरोज दास (देवी जी) को सोनभद्र जनपद की प्रथम महिला स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, जेलयात्री होने का गौरव प्राप्त है।
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दीपक कुमार केसरवानी (इतिहासकार)
इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी के अनुसार-“भारत के एकमात्र जनपद सोनभद्र के बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश,छत्तीसगढ़ राज्य की राजनीतिक, भौगोलिक सीमाओं से घिरा सोनभद्र के दुद्धी तहसील का स्वाधीनता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
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1942 में जब महात्मा गांधी ने अंग्रेजो के खिलाफ भारत छोड़ो आंदोलन चलाया तब इस आंदोलन की गूंज सोनभद्र जनपद के दूरस्थ वनवासी बाहुल्य इलाकों में पहुंची और यहां के लोगों ने अंग्रेजो के खिलाफ मोर्चा लेने के लिए हथियार उठा लिया था, उनमें सिंगरौली नगर की समाजसेवी, तेजतर्रार एवं अपने हृदय में आजादी प्राप्त करने का सपना संजोए सुश्री राजेश्वरी सरोज दास (देवी जी) ने आदिवासी महिलाओं को संगठित कर रूढ़िवादिता, पर्दा प्रथा को तोड़ते हुए घर की दहलीज को लांघते हुए अंग्रेजों द्वारा आदिवासी महिलाओं के आर्थिक,
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शारीरिक शोषण के विरुद्ध अध्यापन कार्य छोड़कर भारत छोड़ो आंदोलन में कूद पड़ी थी। दुद्धी के ग्रामीण, जंगली इलाकों में भारत छोड़ो आंदोलन का प्रचार- प्रसार करते हुए स्त्रियों- पुरुषों, युवाओं को जुड़ने का आह्वान किया,इनके पीछे चल पड़ी थी आजादी के दीवानो की टोलियां।
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इनके आक्रामक शासन/ प्रशासन के विरुद्ध चलाए जाने वाले अभियानो से मिर्जापुर का कलेक्टर घबडा उठा, इन्हें भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेने के जुर्म में गिरफ्तार कर मिर्जापुर जिला कारागार भेज दिया गया।न्यायालय द्वारा इन्हें भारत छोड़ो आंदोलन, देशद्रोही गतिविधियों में भाग लेने, ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ षड्यंत्र रचने के जुर्म में 2 वर्ष की कठोर एवं ₹50 जुर्माना की सजा हुई।
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उस समय किसी महिला की गिरफ्तारी और जेल की सजा काटना अपने आप में कठोर सामाजिक सजा थी, जिसे सुश्री राजेश्वरी सरोज दास (देवी जी) ने भोगा। 2 वर्ष की सजा काटने के बाद सुश्री राजेश्वरी सरोज दास (देवी जी) ने जुर्माना की रकम देने से साफ-साफ इंकार कर दिया, जिसके एवज में उन्हें 1 महीने अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी पड़ी। मिर्जापुर जेल से रिहा होने के बाद सुश्री राजेश्वरी सरोज दास (देवी जी) पुनः आंदोलनकारी गतिविधियों में लग गई,नारी शिक्षा अधिकारों, किसानों, मजदूरों के हितो के लिए अंग्रेजी शासन और जमींदारों के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया।
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उनका मानना था कि शिक्षा के बिना समाज अधूरा है। जब कोई संघर्ष में हारने लगता था तो वह कहतीं थी कि मैं तो जेल जाते समय ट्रेन से कूद गई थी और तुम जीवन रूपी ट्रेन (संघर्ष) से हार रहे हो। इसके अलावा जब घर में खाने में कीड़ा वगैरह मिल जाने पर कोई उसे फेंकने लगता था तो वह कहती हैं कि थीं कि अन्न को मत फेंको बल्कि इसमें से कीड़ा निकाल कर फेंक दो। अंग्रेजों ने जेल में हमें कीड़ा और पिल्लू वाला खाना ही दिया करते थे। हम उसे निकाल कर फेंक देते और खाना खा लेते थे। इसी खाने से मिली ताकत के बल पर अच्छे खाने और स्वराज के लिए संघर्ष करते थे। सुश्री राजेश्वरी सरोज दास (देवी जी) अनुशासन को बहुत महत्व देतीं थी। किसी का कोई काम हो तो वह तुरंत चली जातीं थी, बिना समय या मौसम का परवाह किए। एक बार उन्हें लू गई और वह बेहोश होकर गिर गईं। गांव के लोग उन्हें अपने घर ले गए और पूरे शरीर में अमझोरा लगाया तब उन्हें होश आया। इसके बाद भी वह रूकी नहीं और लोगों से मिलने लगीं।’ उनकी पहचान एक सभ्य और अनुशासन प्रिय महिला के रूप में होती थी। सुश्री राजेश्वरी सरोज दास (देवी जी) जब पलामू कांग्रेस की कोषाध्यक्ष थीं। तब उन्होंने पलामू के सबसे दोपिछड़े क्षेत्रों से जैसे भंडरिया, रंका, गारू एवं महुआडांड़ में दलितों एवं आदिवासियों के बीच स्वतंत्रता आंदोलन के जागरण का मंत्र फूंका था। 15 अगस्त 1947 आजादी के बाद 1952 में स्वतंत्र भारत में हुए पहले विधानसभा चुनाव में वह बिहार के पलामू जनपद के विधानसभा नगर ऊंटारी से प्रथम बार विधायक चुनी गईं। इसके बाद 1957 में हुए चुनाव में वह गढ़वा विधानसभा से दूसरी बार विधायक चुनी गई। दूसरी बार विधायक चुने जाने के बाद सुश्री राजेश्वरी सरोज दास (देवी जी) को श्रीकृष्ण सिंह मंत्रिमंडल में बतौर उपमंत्री शामिल किया गया। बिहार में मंत्री बनने वाली वह पहली महिला थीं। कालांतर में बिहार विधानसभा की दो बार विधानसभा अध्यक्ष भी रहीं। पराधीनता से स्वाधीनता तक की राजनीति, सामाजिक यात्रा करती हुई भारत माता की इस बेटी ने सोनभद्र जनपद से सटे झारखंड राज्य के डाल्टनगंज में 4 जून 1994 को अंतिम सांस लिया
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उसे फेंकने लगता था तो वह कहती हैं कि थीं कि अन्न को मत फेंको बल्कि इसमें से कीड़ा निकाल कर फेंक दो। अंग्रेजों ने जेल में हमें कीड़ा और पिल्लू वाला खाना ही दिया करते थे। हम उसे निकाल कर फेंक देते और खाना खा लेते थे। इसी खाने से मिली ताकत के बल पर अच्छे खाने और स्वराज के लिए संघर्ष करते थे।
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सुश्री राजेश्वरी सरोज दास (देवी जी) अनुशासन को बहुत महत्व देतीं थी। किसी का कोई काम हो तो वह तुरंत चली जातीं थी, बिना समय या मौसम का परवाह किए। एक बार उन्हें लू गई और वह बेहोश होकर गिर गईं। गांव के लोग उन्हें अपने घर ले गए और पूरे शरीर में अमझोरा लगाया तब उन्हें होश आया। इसके बाद भी वह रूकी नहीं और लोगों से मिलने लगीं।’ उनकी पहचान एक सभ्य और अनुशासन प्रिय महिला के रूप में होती थी।
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सुश्री राजेश्वरी सरोज दास (देवी जी) जब पलामू कांग्रेस की कोषाध्यक्ष थीं। तब उन्होंने पलामू के सबसे दोपिछड़े क्षेत्रों से जैसे भंडरिया, रंका, गारू एवं महुआडांड़ में दलितों एवं आदिवासियों के बीच स्वतंत्रता आंदोलन के जागरण का मंत्र फूंका था।
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15 अगस्त 1947 आजादी के बाद 1952 में स्वतंत्र भारत में हुए पहले विधानसभा चुनाव में वह बिहार के पलामू जनपद के विधानसभा नगर ऊंटारी से प्रथम बार विधायक चुनी गईं। इसके बाद 1957 में हुए चुनाव में वह गढ़वा विधानसभा से दूसरी बार विधायक चुनी गई।
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दूसरी बार विधायक चुने जाने के बाद सुश्री राजेश्वरी सरोज दास (देवी जी) को श्रीकृष्ण सिंह मंत्रिमंडल में बतौर उपमंत्री शामिल किया गया। बिहार में मंत्री बनने वाली वह पहली महिला थीं। कालांतर में बिहार विधानसभा की दो बार विधानसभा अध्यक्ष भी रहीं।
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पराधीनता से स्वाधीनता तक की राजनीति, सामाजिक यात्रा करती हुई भारत माता की इस बेटी ने सोनभद्र जनपद से सटे झारखंड राज्य के डाल्टनगंज में 4 जून 1994 को अंतिम सांस लिया
विंध्य संस्कृति शोध समिति के कार्यालय पर हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 76वां गणतंत्र दिवस
सोनभद्र। भारतीय गणतंत्र की 76वीं वर्षगांठ के अवसर पर साहित्य, कला, संस्कृति, पर्यावरण क्षेत्र में तीन दशकों अनवरत रूप से कार्यरत विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के प्रधान कार्यालय में संस्थापक/ निदेशक दीपक कुमार केसरवानी द्वारा ध्वजारोहण किया गया।
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इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि -“आज हम जिन आजाद हवाओं में सांस ले रहे हैं यह हमारे पूर्वजों की देन है, जिनके त्याग, तपस्या, बलिदान, संघर्ष के बल पर हमें आजादी प्राप्त हुई, हमें अपनी आजादी को अक्षुण्क्ष बनाए रखने के लिए हमेशा अपने निरंतर जागरूक रहना पड़ेगा और इसकी रक्षा के लिए स्वयं आगे आना पड़ेगा, हम चाहे जहां हो जिस क्षेत्र में कार्य कर रहे हो हमें समय निकालकर अपने स्तर पर देश सेवा का कार्य करना चाहिए,
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आज हमारा देश संपूर्ण विश्व के सामने आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक, तकनीक, रक्षा के क्षेत्र में विश्व के विशाल गणतंत्र देश के रूप में रूप से तटस्थ रूप से खड़ा विश्व की नई शक्ति के रूप में उभर रहा है।
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आध्यात्मिक भारत देश जहां की पुण्य धरती पर हमारे देवी- देवता निवास करते हैं इस देश के प्रयागराज में लगने वाले महाकुंभ में अब तक 12 करोड श्रद्धालुओं द्वारा संगम में स्नान किया जा चुका है, कुंभ मेले के समापन तक लगभग 45 करोड़ श्रद्धालु प्रयागराज में कुंभ स्थान कर चुके होंगे ऐसे आध्यात्मिक, धार्मिक महत्व वाले देश में हम निवास करते है हमें इस बात का गर्व है। विश्व का प्रयागराज में लगने वाला सबसे बड़ा मेला विश्व भर के साधु, सन्यासी, संत श्रद्धालुओं का आध्यात्मिक केंद्र है।
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विश्व का सबसे अजूबा, भूतात्विक, पुरातात्विक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, प्राकृतिक, आदिवासी, साहित्य, कला, संस्कृति, अघोरी साधकों, तपस्वी की कर्मभूमि आदिवासी बाहुल्य राज्य बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ की भौगोलिक, राजनीतिक सीमाओं से घिरा उत्तर प्रदेश का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा जनपद सोनभद्र का स्वाधीनता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
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जनपद के दुद्धी क्षेत्र की एकमात्र महिला स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजेश्वरी देवी, महान क्रांतिकारी टाउन एरिया रॉबर्ट्सगंज के अध्यक्ष बलराम दास केसरवानी सहित सरकारी दस्तावेजों में दर्ज 112 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों सहित अनेको ऐसे देशभक्त रहे हैं जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में अपना अमूल्य योगदान दिया था, आज सभी सेनानियों के त्याग, तपस्या के बल पर आज हम आजाद हैं।
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15 अगस्त 1947 को हमारे देश को आजादी मिली और हम स्वतंत्र हुए लेकिन सही मायने में 26 जनवरी 1950 को जब हमारे देश में संविधान लागू हुआ तब हमें पूर्ण रूप से सामाजिक आर्थिक राजनैतिक स्वतंत्रता प्राप्त हुई ,हमें संविधान के रूप में राजनीतिक अधिकार मिला जो पराधीनता कल में हम भारतीयों को प्राप्त नहीं था। जिसके कारण अंग्रेज हमें गुलाम बनाए हुए थे। आज भारतीय गणतंत्र की 76वीं वर्षगांठ है और इस अवसर पर मैं सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूं।
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गणतंत्र दिवस समारोह में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री राम केसरी के सुपुत्र सोहनलाल केसरी, नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष कृष्ण मुरारी गुप्ता, साहित्यकार रामनाथ “शिवेंद्र”, सुशील “राही”, अमरनाथ “अजेय”, अजय कुमार केसरी, श्याम शंकर गुप्ता, विजय केसरी आदि गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम का सफल संचालन युवा पत्रकार हर्षवर्धन केसरवानी ने किया।्
अभिषेकात्मक रुद्र महायज्ञ संपन्न, निकाली गई विसर्जन यात्रा
सोनभद्र। चतरा ब्लॉक के सेहुआं गांव में आयोजित अभिषेकात्मक रुद्र महायज्ञ एवं संगीतमय श्री राम कथा प्रवचन पांचवें वर्ष सकुशल पूर्ण हुआ। यज्ञ संचालन कर रहे आचार्य पंडित सौरभ भारद्वाज ने बताया ग्राम वासी और क्षेत्रवासियों की विशेष रुचि इस बार की यज्ञ में दिखी। इसलिए समस्त समाज के साथ मनोबल बहुत बढ़ता गया भगवान की कृपा रही तो आगे भी यज्ञ कराई जाएगी।
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इस यज्ञ के मुख्य पांच यजमानो के द्वारा 5 वर्ष का संकल्प किया गया था जो इस वर्ष पूर्ण हो गया। रविवार को विसर्जन की क्रिया संपादित की गई। श्री राम नाम के जयकारे से क्षेत्र गूंजयमान हो उठा। इस शुभ अवसर पर अनूप पांडे, विमलेश पांडे, रवि प्रकाश पांडे, मृत्युंजय पांडे, रत्नेश पांडे सहित अन्य लोग उपस्थित रहें।
दी आर्यन्स एकेडमी में धूम धाम के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस
सोनभद्र। दी आर्यन्स एकेडमी सन्त नगर रविवार को विद्यालय प्रांगण में गणतंत्र दिवस की 76 वीं वर्ष गांठ बड़े धूम-धाम से मनायी गई। इस अवसर पर विद्यालय प्रांगण में सुबह से ही नई उमंग व जोश के साथ ही विनोद कुमार जालान, प्रबन्धनिदेशेक ने ध्वजारोहण किया। उसके पश्चात् झण्डे को सलामी दी राष्ट्रगान के बाद प्रभात फेरी निकाली गयी।
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इस अवसर पर बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में देशभक्ति गीत सुनाए और देशभक्ति गीत के साथ-साथ नृत्य भी प्रस्तुति किया। विद्यालय की प्रधानाचार्या चित्रा जालान ने गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी। वहीं चित्रा जालान ने अपने संदेश में कहा कि आज के परिवेश में आजादी का जश्न मनाने के साथ ही सभी नागरिक को समानता शिक्षा का अधिकार होना चाहिए जिससे अपना भविष्य तय कर सके अपनी बात को सभी के सामने निष्पक्ष रख सके।
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विद्यालय के प्रबंध निदेशक विनोद जालान ने अपने व्यक्तव्य में कहा कि साक्षरता ही मानव समाज को अंधकार की गुलामी से निकाल सकता है जिससे व्यक्ति अपनी आजादी का मतलब समझ सके। 76 वीं वर्ष गांठ मनाते हुए बहुत हर्ष की बात है। इस आजादी को पाने के लिए हमने अनेक कुर्बानिया दी है।
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हमारे महापुरूषों ने अनेक यातनाए सही अपना जीवन मातृभूमि की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया और हमारे संविधान को बनने में 2 वर्ष 11 माह 18 दिन का समय लगा और प्रबंन्धक जी ने इस संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ राजेन्द्र प्रसाद, प्रारूप सभा के अध्यक्ष डॉ भीमराव अम्बेडकर और सदस्यों के बारे में बच्चों को बताया। इस अवसर पर शिक्षकगण नवीन कुमार पाण्डेय उमाकांत दूबे, अश्वनी मिश्रा, महेश त्रिपाठी, योगेश नितिश, प्रियंका भट्टाचार्या, सुषमा, प्रतिमा, नीशा चौब, अर्पणा, रोमा आदि लोग उपस्थित रहे।