दोषी  सिंटू उर्फ सुरेंद्र कुमार को 10 वर्ष की कठोर कैद

HIGHLIGHTS

  • दोषी  सिंटू उर्फ सुरेंद्र कुमार को 10 वर्ष की कठोर कैद
  • एक लाख रुपये अर्थदंड, न देने पर  छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी
  • जेल में बिताई अवधि सजा में होगी समाहित अर्थदंड की सम्पूर्ण धनराशि एक लाख रुपये पीड़िता को मिलेगी
  • 6 वर्ष पूर्व शादी का झांसा देकर 21 वर्षीय लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले जाने व बलात्कार करने का मामला

सोनभद्र। छह वर्ष पूर्व शादी का झांसा देकर 21 वर्षीय लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले जाने व उसके साथ बलात्कार करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी/सीएडब्लू , सोनभद्र अर्चना रानी की अदालत ने शनिवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी सिंटू उर्फ सुरेंद्र कुमार को 10 वर्ष की कठोर कैद व एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। वहीं अर्थदंड की सम्पूर्ण धनराशि एक लाख रुपये पीड़िता को मिलेगी।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक जुगैल थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता ने 28 फरवरी 2020 को जुगैल थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 17 सितंबर 2019 को शादी का झांसा देकर उसे बहला फुसलाकर सिंटू उर्फ सुरेंद्र कुमार पुत्र रामबचन खरवार निवासी खेवन्धा, थाना जुगैल, जिला सोनभद्र भगा ले गया और उसके साथ करीब 5 माह तक बलात्कर करता रहा।

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जब उसने कोर्ट मैरिज कराने के लिए कहने लगी तो उसने इनकार कर दिया। इस बात को लेकर पंचायत भी हुई थी, लेकिन रखने को तैयार नहीं हुआ और उसे भगा दिया। आवश्यक कार्रवाई करने की कृपा करें। इस तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने विवेचना किया। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने चार्जशीट दाखिल किया था।

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मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान और पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी सिंटू उर्फ सुरेंद्र कुमार को 10 वर्ष की कठोर कैद व एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

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अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। वहीं अर्थदंड की सम्पूर्ण धनराशि एक लाख रुपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बहस की।

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सदर विधायक की अगुवाई में भाजपाइयों ने SIR फॉर्म भरने को लेकर किया जागरूक

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  • सदर विधायक की अगुवाई में भाजपाइयों ने SIR फॉर्म भरने को लेकर किया जागरूक

सोनभद्र। एस आई आर को लेकर भाजपा पूरी तरह सक्रिय मोड़ में आ गई है सदर विधायक की अगुवाई में शनिवार राजकीय कन्या विद्यालय रॉबर्ट्सगंज से शुभारंभ कर नगर के विभिन्न वार्डों में घर घर जाकर कुंडी खटखटा कर लोगों को जागरूक किया गया।
    

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   मतदाता विशेष पुनरीक्षण अभियान को लेकर नगर में आज भारतीय जनता पार्टी का अलग अंदाज दिखा। सदर विधायक की अगुवाई में पार्टी के लोग घर घर जाकर कुंडी खटखटाना शुरू किए। इस दौरान विधायक भूपेश चौबे ने सभी को जागरूक करते हुए कहा की एस आई आर प्रक्रिया में किसी भी मतदाता का नाम छुटने न पाए। इसके लिए निर्वाचन के लोग जो भी दस्तावेज मांग रहे हैं उसे दिया जाना अति आवश्यक है।
     

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उन्होंने कहा कि इसके अलावा यह भी ध्यान देने की जरूरत है कि कोई अवैध घुस पैठिया यदि है तो उसे भी चिन्हित किया जाए। ढोल मंजीरा की टीम भी नगर में लोगों को जागरूक कर रही थी इस टीम में भाजपा के कार्यकर्ताओ में उत्साह दिखा रहे थे टोली के साथ मे भाजपा जिला उपाध्यक्ष इंजीनियर रमेश पटेल, जिला महामंत्री रामसुंदर निषाद,

जिला मीडिया प्रभारी अनूप तिवारी, किसान मोर्चा महामंत्री अनिल सिंह, शंभू नारायण सिंह, प्रसन्न पटेल, मनोज सोनकर, विपिन तिवारी, पुष्पा सिंह महिला मोर्चा, जिला अध्यक्ष रितु अग्रहरि नगर महामंत्री, रुबी गुप्ता जिला महामंत्री महिला मोर्चा, रजनीश रघुवंशी अमन वर्मा, संजू दादा, अतुल पांडे, विमलेश पटेल आदि उपस्थित रहे

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डॉ. भीमराव आंबेडकर की मनाई गई महापरिनिर्वाण दिवस

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  • डॉ. भीमराव आंबेडकर की मनाई गई महापरिनिर्वाण दिवस

सोनभद्र। भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय राबर्ट्सगंज पर शनिवार को बाबा साहब डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर जी के महापरिनिर्वाण दिवस के रुप में बाबा साहब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर मनाया गया व चाचा नेहरु पार्क में सदर विधायक भूपेश चौबे ने बाबा साहब के चित्र पर पुष्प अर्पित कर मनाया साथ ही सहभोज का आयोजन किया।

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इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष नन्द लाल जी ने कहा कि बाबा साहब संविधान निर्माण में बड़ी भूमिका थी। इसी वजह से वह संविधान निर्माता के तौर पर जाने जाते हैं। वह बड़े समाज सुधारक और विद्वान थे। उनका निधन 6 दिसंबर, 1956 को दिल्ली स्थित उनके घर पर हुआ था यानी आज उनकी पुण्यतिथि है। उनकी पुण्यतिथि को महापरिनिर्वाण दिवस के तौर पर मनाया जाता है।

बाबासाहेब ने अपनी पूरी जिंदगी हमेशा ऐसे समाज की बात की जिसमें सभी लोगों के साथ बराबरी का व्यवहार किया जाएगा। यह दिन सामाजिक न्याय, समानता और पिछड़े समुदायों की भलाई के लिए उनके जीवन भर के संघर्ष को याद करता है। लोग कानून, शिक्षा और जातिगत भेदभाव के खिलाफ लड़ाई में उनके योगदान को श्रद्धांजलि देते हैं।

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इस मौके पर सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि गरीब और दलित वर्ग की स्थिति में सुधार लाने में डॉक्टर बाबासाहब अम्बेडकर का अहम योगदान रहा है. उन्होंने समाज से छूआछूत समेत कई प्रथाओं को खत्म करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया. बौद्ध धर्म के अनुयायियों का मानना है कि उनके बुद्ध गुरु भी डॉ अम्बेडकर की तरह ही सदाचारी थे.

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बौद्ध अनुयायियों के अनुसार डॉ अम्बेडकर भी अपने कार्यों से निर्वाण प्राप्त कर चुके हैं. इसलिए उनके पुण्यतिथि को महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है। बाबा साहब का मुंबई के दादर चौपाटी में अंतिम संस्कार हुआ था।

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इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक मिश्रा, अजीत रावत, जिला मंत्री शंम्भू नारायण सिंह, रामबली मौर्या, विनय श्रीवास्तव, अनूप तिवारी, पुष्पा सिंह, मनोज सोनकर, अनिल सिंह, प्रसन्न पटेल, बृजेश श्रीवास्तव, अतुल पाण्डेय, गुड़िया त्रिपाठी, रजनीश रघुवंशी, कैलास त्रिपाठी, अनुपम तिवारी, रितु अग्रहरी, संजीव श्रीवास्तव, महेन्द्र पाण्डेय, श्याम द्विवेदी, राजन पाण्डेय, प्रभात पटेल सहित आदि कार्यकर्ता व पदाधिकारी आदि मौजूद रहे।

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प्रवेश पत्र में छपे गलत समय के कारण B.COM  के 12 छात्रों की परीक्षा छूटी

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  • परीक्षा केंद्र पर पहुंचे छात्र तो पता चला दो घंटे पहले ही खत्म हो गया था पेपर

सोनभद्र। बीकाॅम पांचवें सेमेस्टर की परीक्षा के प्रवेशपत्र पर गलत समय दर्ज होने के कारण शुक्रवार 12 छात्रों की परीक्षा छूट गई। छात्र रॉबर्ट्सगंज स्थित केंद्र पर पहुंचे तो पता चला कि दो घंटे पहले ही परीक्षा खत्म हो चुकी है। पीड़ित छात्रों ने इस पर नाराजगी जताई। काशी विद्यापीठ प्रबंधन ने परीक्षा से वंचित छात्र-छात्राओं को इसका निराकरण करने का आश्वासन दिया है।

राॅबटर्सगंज निवासी सीता पांडेय का कहना था कि उनके बेटी को बीकाॅम पांचवें सेमेस्टर की परीक्षा देनी थी। प्रवेश पत्र में परीक्षा का समय दोपहर दो से शाम चार बजे तक अंकित था। शुक्रवार को जब वह बेटी को लेकर पहले दिन की परीक्षा दिलाने पहुंचीं तो पता चला कि इम्तिहान सुबह 10 से दोपहर 12 बजे के बीच ले लिया गया है।

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छात्र प्रियांशु सिंह, रोशनी परवीन, आदित्य राय, भूमि पांडेय, नेहा, संध्या, प्रिंस यादव, अभिनेंद्र गिरि की भी यही शिकायत रही। उन्होंने बताया कि पहले दिन कॉर्पोरेट एकाउंटिंग की परीक्षा ली जानी थी, लेकिन प्रवेश पत्र पर गलत समय अंकित होने से वह इम्तिहान नहीं दे पाए।

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जिले की परीक्षा के नोडल एवं राजकीय पीजी कॉलेज ओबरा के प्राचार्य डाॅ. प्रमोद कुमार ने बताया कि तकनीकी त्रुटि के कारण विद्यापीठ की साइट से निकाले गए प्रवेश पत्र में ही गलत समय अंकित हो गया था। जिन विद्यार्थियों ने परीक्षा की समय सारिणी देखी उनकी परीक्षा नहीं छूटी। जिन लोगों ने इस पर ध्यान नहीं दिया उन्हीं के साथ यह स्थिति बनी। स्थिति से विद्यापीठ प्रबंधन को अवगत करा दिया गया है। जल्द ही इसका कोई न कोई हल निकाल लिया जाएगा।

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12 छात्र-छात्राओं के परीक्षा छूटने की सूचना है। सिर्फ सोनभद्र से यह शिकायत आई है। संबंधित महाविद्यालय को सभी बच्चों को निर्धारित समय से अवगत कराने के लिए कहा गया था। अधिकांश बच्चे सही समय पर उपस्थित हुए। सिर्फ 12 छात्र किन कारणों से वंचित रह गए इसकी जानकारी ली जाएगी। सभी छात्र तनावमुक्त होकर आगे की परीक्षा दें। जल्द ही छूटे प्रश्नपत्र का समाधान निकाला जाएगा। – दीप्ति मिश्रा, परीक्षा नियंत्रक, काशी विद्यापीठ वाराणसी

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जनता दर्शन में SP अभिषेक वर्मा ने सुनी जनता की समस्याएं

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  • जनता दर्शन में पुलिस अधीक्षक सोनभद्र ने सुनी जनता की समस्याएं
  • शिकायतों के त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण हेतु दिए आवश्यक दिशा-निर्देश


सोनभद्र। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा द्वारा शुक्रवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों की समस्याओं एवं शिकायतों को धैर्यपूर्वक सुना गया।


जनसुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि-

👉प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
👉शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
👉फरियादियों को न्याय दिलाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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पुलिस अधीक्षक महोदय ने यह भी निर्देशित किया कि—

जनसुनवाई एवं महिला हेल्पडेस्क को और अधिक संवेदनशील, प्रभावी व सुलभ बनाया जाए, ताकि आमजन को बार-बार पुलिस कार्यालय आने की आवश्यकता न पड़े और उनकी समस्याओं का समाधान थाना स्तर पर ही हो सके।

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अभिषेक वर्मा ने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि
“थाना जनता का पहला संपर्क बिंदु है। अतः शिकायतकर्ताओं के साथ व्यवहार में संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता अनिवार्य है।”

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इसी क्रम में जनपद के सभी क्षेत्राधिकारीगण एवं थाना प्रभारियों द्वारा भी अपने-अपने थानों/कार्यालयों में नियमित रूप से जनसुनवाई करते हुए आमजन से प्राप्त शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण की कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।

जनसुनवाई की इस व्यवस्था से पुलिस व जनता के मध्य विश्वास, सहयोग एवं संवाद की भावना और अधिक मजबूत हुई है।

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राजस्व ग्राम मारकुण्डी में जन चौपाल लगातार DM, SP व CDO ने सुनी जनता की समस्याएं

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  • ग्रामीणों की सुरक्षा, जनसुविधाओं और विभागीय योजनाओं से संबंधित समस्याओं का मौके पर निस्तारण
  • पुलिस अधीक्षक द्वारा बीट पुलिसिंग, महिला सुरक्षा, भूमि विवाद निस्तारण व 112 रिस्पॉन्स को मजबूत करने के निर्देश

सोनभद्र। राजस्व ग्राम मारकुण्डी के पंचायत भवन मारकुण्डी में शनिवार को जिलाधिकारी बी. एन. सिंह, पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा एवं मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी द्वारा जन चौपाल का आयोजन किया गया।

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चौपाल में उपस्थित अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को विभागों की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, सुरक्षा प्रावधानों एवं विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसके उपरांत ग्रामीणों की समस्याएँ सुनी गईं तथा अनेक मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष मामलों के लिए संबंधित विभागों को समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए गए।

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पुलिसिंग से संबंधित शिकायतों—जैसे महिला सुरक्षा, घरेलू विवाद, भूमि विवाद, अवैध खनन, शराब/जुआ गतिविधियाँ, गश्त व्यवस्था एवं 112 रिस्पॉन्स टाइम—को पुलिस अधीक्षक ने गंभीरता से सुना और तत्काल कार्यवाही हेतु थाना एवं बीट स्तर के अधिकारियों को निर्देशित किया।

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पुलिस अधीक्षक सोनभद्र द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश—

👉🏻बीट पुलिस द्वारा ग्राम में नियमित भ्रमण एवं सतर्कता बढ़ाई जाए।
👉🏻महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएँ।
👉🏻भूमि विवादों के त्वरित निस्तारण हेतु राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम सक्रिय रहे।
👉🏻ग्राम प्रहरियों को बीट पुलिस से जोड़कर रात्रि गश्त को मजबूत किया जाए।
👉🏻अवैध खनन, जुआ, शराब जैसे अपराधों पर शून्य-सहिष्णुता की नीति अपनाई जाए।
👉🏻UP-112 वाहन तैनाती एवं रिस्पॉन्स टाइम में सुधार हेतु समीक्षा कर आवश्यक समायोजन किए जाएँ।

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जन चौपाल का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का स्थल स्तर पर त्वरित समाधान, पुलिस-प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ाना तथा गाँव में सुरक्षित एवं विकासोन्मुख वातावरण सुनिश्चित करना रहा।

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सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जिला कारागार का किया निरीक्षण

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  • कारागार सोनभद्र में निरुद्ध 765 बंदियों के बीच न्यायाधीश ने जगाई जागरूकता की अलख
  • विचाराधीन कैदी हैं 619, और 146 कैदी हैं सिद्ध

सोनभद्र। अपर जनपद न्यायाधीश/, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र ने शुक्रवार  को जिला कारागार सोनभद्र का निरीक्षण कर विधिक साक्षरता और जागरूकता शिविर आयोजित किया।

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निरीक्षण के दौरान अरूण कुमार मिश्र जेल अधीक्षक सोनभद्र तथा अन्य कर्मचारी उपस्थित रहें। जेल में कुल 765 बंदी निरूद्ध मिले जिसमें  619 विचाराधीन थे एवं सिद्धदोष बंदियों की 146 थी।

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इसके अलावा जेल अधीक्षक को निर्देश दिया, कि मानसिक रूप से अस्वस्थ बंदियों की नियमानुसार सूचना संबंधित न्यायालय में देना सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान बैरको में कैदियों से मुलाकात कर निःशुल्क विधिक सहायता, सजायाफ्ता बंदियों के अपील के प्रावधान के संबंध में नियमित पेशी खान-पान एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के बावत् उन्हे बताया।

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विचाराधीन बंदियों से एक-एक कर बातचीत कर उनके मुकदमें की प्रगति एवं जमानत के संबंध में पूछताछ किया तथा सभी बंदियों को नालसा द्वारा चलायी गयी स्कीमों के बारे में भी जागरूक करते हुए उससे होने वाले लाभ की जानकारी दी।

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न्यायाधीश श्री यादव ने सोनभद्र कारागार स्थित पाकशाला, पाठशाला, नव निर्मित महिला बैक, पुरूष बैरक, चिकित्सालय व लीगल एड क्लीनिक का भी निरीक्षण किया। बैरक में साफ-सफाई व ठंडी से बचाव के लिए किए गए इंतजाम को देखने के बाद बंदियों से उनके स्वास्थ के बारे में पूछा गया। किसी भी बंदी द्वारा किसी विशेष प्रकार की समस्या से अवगत नही कराया गया। निरीक्षण के दौरान समक्ष आयी कमियों के सुधार हेतु जिला कारागार अधीक्षक को निर्देशित किया गया।

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न्यायाधीश ने सिद्धदोष बंदियों से एक-एक कर सजा के विरूद्ध अपील के बावत् बातचीत किया तथा सभी को बताया कि जो  प्राइवेट अधिवक्ता के माध्यम से अपील करने में सक्षम ना हों तो जेल अधीक्षक के माध्यम से सजा के विरूद्ध अपीलीय न्यायालय में योजित कर सकते है।

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डॉ. अशोक कुमार अवाक हुए सम्मानित

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  • डॉ. अशोक कुमार अवाक हुए सम्मानित

सोनभद्र। बीते बुधवार को लोक निर्माण विभाग,  राबर्ट्सगंज, सोनभद्र के अतिथि गृह  में सुभाष लाम्बा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय सरकारी राज्य कर्मचारी महासंघ के आगमन के सम्बन्ध में बैठक की गई।

बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ का प्रान्तीय उपाध्यक्ष बनने पर राजकीय शिक्षक उत्तर प्रदेश मूल संघ के प्रान्तीय कार्यकारी महामन्त्री डॉ अशोक कुमार अवाक को सम्मानित किया गया।

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लाम्बा जी के कार्यक्रम हेतु रामलीला मैदान, राबर्ट्सगंज का सभा स्थल के रूप में चयन किया गया। महासंघ के प्रान्तीय महामन्त्री अशोक कुमार सिंह, प्रदेश संरक्षक त्रिवेणी प्रसाद ने पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बैठक के दौरान आगामी सम्मेलन  के सम्बन्ध में दिशा-निर्देश और सुझाव दिए।
           

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यह निर्णय लिया गया कि 28 फरवरी, 2026 को मण्डलीय सम्मेलन में किसी प्रकार की कोर-कसर नहीं छोड़ी जाए और हर विभाग से सम्पर्क किया जाए।

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समीक्षा बैठक में बबलू जायसवाल, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष अयोध्या प्रसाद, कार्यवाहक अध्यक्ष शिवराज सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष द्वारिका प्रसाद एवं जिलाध्यक्ष चन्दौली, राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश मूल संघ, सोनभद्र के जिलाध्यक्ष डॉ राजन चतुर्वेदी, विन्ध्याचल मण्डल के मण्डल अध्यक्ष अमर सिंह समेत अन्य पदाधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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डॉ अवाक ने उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ का प्रान्तीय उपाध्यक्ष बनाने एवं तदक्रम में सम्मानित किए जाने पर महासंघ के सभी सम्मानित पदाधिकारियों एवं सदस्यों का हार्दिक आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महासंघ के साथ मिलकर शिक्षक हितों के लिए आवाज और मजबूती से बुलन्द की जाएगी।

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सोनभद्र में छात्र की आत्महत्या: ऑनलाइन गेमिंग एडिक्शन पर बड़ा सवाल

राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्रावास में प्रथम वर्ष के छात्र  ने खुद को फंदे से लटका कर अपने जीवन के समय चक्र को रोक दिया। पुलिस की जांच में पता चला कि आत्महत्या का मकसद ऑनलाइन गेमिंग था...

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  • ऑनलाइन गेमिंग एडिक्शन पर बड़ा सवाल

कुशाग्र कौशल शर्मा (संवाददाता)

सोनभद्र। इसमें कोई संशय नहीं है कि आज हर व्यक्ति के जीवन में चाहे वह स्कूल में पढ़ने वाला छात्र हो ,कार्यरत युवा या फिर कोई बुजुर्ग व्यक्ति सबके रोजमर्रा के जीवन में विज्ञान अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इंटरनेट की तेज और रोमांच भरी दुनिया ने सबको जागरूक तो बनाया ही है साथ में हर व्यक्ति के अंदर सीखने की जिज्ञासा को बड़ी तेजी से जन्म भी दिया है।

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विज्ञान ने जिस तरह मानव जीवन को सरल एवं आनंदमय बनाया है इसके ठीक विपरीत बच्चों और युवाओं में इसके व्यापक दुष्परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। सोनभद्र जिले के राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्रावास में प्रथम वर्ष के छात्र  ने खुद को फंदे से लटका कर अपने जीवन के समय चक्र को रोक दिया। पुलिस की जांच में पता चला कि आत्महत्या का मकसद ऑनलाइन गेमिंग था।

विज्ञान के इस युग में ऑनलाइन गेमिंग का इतना बुरा प्रभाव देखने को मिल रहा है जो बच्चों और युवाओं को मानसिक, शारीरिक और सामाजिक स्तर पर बुरा असर डाल रहा है। अक्सर बच्चों को घरों में युवाओं को बाजारों में या खेल के मैदान में बैठकर मोबाइल फोन पर गेम खेलते देख यह कहना गलत नहीं होगा यह दृश्य आधुनिक जीवन शैली का विरोधाभास है।

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आज भारत में बड़े स्तर पर युवा ऑनलाइन गेमिंग के जाल में जकड़ते नजर आ रहे हैं। भारत एक ऐसा देश है जिसकी संस्कृति में खेल का महत्वपूर्ण स्थान रहा है और ज्यादातर भारत में पहले से खेले जा रहे खेलों का आधार रणनीति और कौशल रहा है। कौशल आधारित खेल मौके की बजाय कौशल को प्राथमिकता देते हैं जो कि भारत में वैध भी है मगर भाग्य आधारित खेल भाग्य को प्राथमिकता देते हैं जो कि भारत में अवैध है।

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भारत में सबसे ज्यादा दुष्परिणाम भाग्य आधारित खेलों का देखा जाता है जिसको पुराने जमाने के खेलों में जुआ बोलते थे। जो विशेष रूप से कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों को आर्थिक कठिनाइयों की ओर धकेल देता था। भारत में डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया ने इसकी पहुंच को समाज के युवाओं तक और आसानी से पहुंचा दिया है और अब तो इसका दायरा भी काफी व्यापक हो गया है।

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जब पुलिस ने अन्य छात्रों से जानकारी ली तो पता चला की छात्र मानसिक और आर्थिक रूप से ऑनलाइन गेमिंग का शिकार हो गया था वह गेम में लगाए पैसे हारने लगा था और डिप्रेशन में चला गया था। जिसके परिणाम स्वरूप यह देखा गया है कि देश का युवा घंटों तक ऑनलाइन गेम खेलने में व्यस्त रहता है जिससे उनके अंदर आत्महत्या करने जैसा भयावह विचार रूप ले लेता है।

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सामाजिक मेल-जोल में कमी आ जाती है और आर्थिक बोझ बढ़ने लगता है। भारत की लगभग आधी जनसंख्या 25 वर्ष से कम आयु की है जिसमें से गेमिंग के प्रति लोगों की संख्या बहुत अधिक हो गई है। जो कि देश के युवाओं को ऑनलाइन गेमिंग के जाल में धकेल रही है और उन्हें मानसिक रूप से कमजोर और बीमार कर रही है।

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भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची में गेमिंग, बेटिंग सट्टेबाजी, जुए का उल्लेख है जिसमें कि राज्य को विशेष शक्ति प्रदान की गई है जिसके तहत राज्य इन विषयों पर कानून बना सकता है। समय की मांग को देखते हुए राज्य एवं केंद्र सरकार को आपसी सामंजस्य  बनाते हुए एक ठोस एवं संतुलित कानून बनाने पर जोर देना चाहिए। क्योंकि खेल अगर इंटरनेट या डिजिटल माध्यम से हो रहा है तो केंद्र सरकार हस्तक्षेप कर सकती है।

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ऑनलाइन गेमिंग के तेजी से बढ़ते विकास के कारण भारत के युवा मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य, आर्थिक धोखाधड़ी के शिकार हो रहे हैं इसका कारण है कि इस क्षेत्र में अभी पर्याप्त नियंत्रण नहीं है। जब तक इस क्षेत्र में नियंत्रण स्थापित नहीं होता तब तक इस क्षेत्र की संभावनाएं जोखिम में बनी रहेंगी।

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