लोकतंत्र सेनानियों का हुआ सम्मान

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  • भारतीय लोकतंत्र मे आपातकाल एक काला अध्याय है: अशोक चौरसिया

सोनभद्र। जनपद में भारतीय जनता पार्टी द्वारा विकास खण्ड कार्यालय सदर के सभागार में लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय महामंत्री अशोक चौरसिया मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने कहा कि 50 वर्ष पूर्व तत्कालीन प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी के द्वारा आपातकाल लगाने के विरोध में काला दिवस के रूप में मनाया जा रहा है।

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आज इस काला दिवस के अवसर पर लोकतंत्र सेनानी सुरेन्द्र बरनवाल, परशुराम गिरी, अक्षय लाल, हरिशंकर त्रिपाठी, कमलेश देवी, रमाशंकर त्रिपाठी को मुख्य अतिथि अशोक चौरसिया व भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल, जिला प्रभारी अनिल सिंह, पूर्व सांसद रामशकल, विधायक सदर भूपेश चौबे के द्वारा अंगवस्त्र, श्रीरामदरबार का स्मृति चिन्ह व माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया।

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वहीं ब्लाक परिसर में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत अशोक चौरसिया द्वारा वृक्षारोपण किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल व संचालन जिला महामंत्री रामसुन्दर निषाद ने किया।

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सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अशोक चौरसिया ने कहा कि लोकतंत्र को क्षत-विक्षत कर रक्तरंजित करने वाले आपातकाल की भयावहता आज भी स्मृतियों में जीवित है। कांग्रेस ने अपने दम्भ और अहंकार में क्रूरता और दमन की पराकाष्ठा से 50 वर्ष पूर्व लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्थाओं पर सीधा हमला किया। 25 जून 1975 की आधी रात को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने “आंतरिक अशांति” का बहाना बनाकर भारत पर आपातकाल थोप दिया। यह निर्णय किसी युद्ध या विद्रोह के कारण नहीं, बल्कि अपने चुनाव को रद्द किए जाने और सत्ता बचाने की हताशा में लिया गया था।

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कांग्रेस पार्टी ने इस काले अध्याय में न केवल लोकतांत्रिक संस्थाओं को रौंदा, बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता, न्यायपालिका की निष्पक्षता और नागरिको के मौलिक अधिकारों को कुचलकर यह स्पष्ट कर दिया कि जब-जब उनकी सत्ता संकट में होती है, वे संविधान और देश की आत्मा को ताक पर रखने से पीछे नहीं हटते। आज 50 वर्ष बाद भी कांग्रेस उसी मानसिकता के साथ चल रही है, आज भी सिर्फ तरीको का बदलाव हुआ है, नीयत आज भी वैसी ही तानाशाही वाली है।

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सम्मान समारोह को संम्बोधित करते हुए जिला प्रभारी अनिल सिंह ने कहा कि 25 जून 1975 को तत्कालीन कांग्रेस की सरकार देश में आपातकाल लागू किया उस समय जनसंघ के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को खोज स्वोज कर उन्हें जेल में डाला गया उनके साथ बर्बरता पूर्ण व्यवहार किया गया उस समय के कार्यकर्ताओं के ही नहीं बल्कि उनके परिवार वालों के साथ दुर्व्यव्यवहार किया गया।

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उस समय के तत्कालीन प्रधानमंत्री इन्दिरा गांधी ने पद और महत्वाकांक्षा के लिए आपातकाल लगाया था सत्ता में बने रहने के लिए देश को आपातकाल में झोंककर लाखों लोगो को जेल भेजा गया था कांग्रेस के इस दमनात्मक कार्यवाही के विरोध में जनसंघ काल से ही भारतीय जनता पार्टी के साथ साथ विविध अनुसांगिक संगठन के राष्ट्रवादी कार्यकर्ता लाठी गोली की परवाह किये बिना लड़ाई लड़ते आ रहे है।

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सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद रामशकल ने कहा कि आज भारतीय लोकतंत्र की रक्षा का दावा करने वाले संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए उठाई गई आवाजों को दबाने का कोई मौका नहीं छोड़ा। उन्होंने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र में एक काला अध्याय बताया है। भाजपा ने आपातकाल का मुद्दा तब उठाया, जब विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर संविधान के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया।

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सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए सदर विधायक भूपेश चौबे ने कहा कि देश में आपातकाल लगाने के पीछे न कोई युद्ध की स्थिति थी, न विद्रोह और न ही कोई बाहरी आक्रमण हुआ, यह सिर्फ इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा इंदिरा गांधी की चुनावी सदस्यता रद्द करने के निर्णय को निष्क्रिय करने और अपनी कुर्सी को बचाने की जिद थी।

सम्मान समारोह को संम्बोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल जी ने कहा कि 25 जून 1975 में कांग्रेस सरकार ने देश में इमरजेन्सी घोषित कर दिया था उस दौरान लोकतंत्र के समर्थन में आवाज उठाने वाले राष्ट्रीय स्वयं संघ व जनसंघ के कार्यकर्ताओं को जेल भेज दिया गया और कार्यकर्ता 22 महीने तक जेल में रहे आपातकाल के दौरान कांग्रेस की कुरर सरकार ने प्रेस की स्वतंत्रता को छीना और लोकतंत्र की हत्या की थी यह आपातकाल का समय देश के लिए काला अध्याय है। जिसे देशवासी कभी नहीं भूल सकते कांग्रेस ने आपातकाल में जिस तरीके से मनमानी की उसकी आज भी पूरा देश निंदा करता है।

कार्यक्रम में आये हुए सभी अतिथियों का ब्लॉक प्रमुख अजीत रावत ने अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व माल्यार्पण कर स्वागत करते हुए सभी कार्यकर्ताओं व लोकतंत्र सेनानियों का आभार प्रकट किया।

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इस सम्मान समारोह में क्षेत्रीय अध्यक्ष अनुसूचित जाति मोर्चा अजीत रावत, अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष रामनरेश पासवान, पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक मिश्रा, अजीत चौचे, धर्मवीर तिवारी, रामलखन सिंह, संजीव तिवारी, उदयनाथ मौर्या, ओमप्रकाश दूबे, कृष्णमुरारी गुप्ता, विनय श्रीवास्तव, विशाल पाण्डेय, संतोष शुक्ला, शंम्भू नारायण सिंह, अनूप तिवारी, सुरेश शुक्ला, नार सिंह पटेल, बृजेश श्रीवास्तव, पुष्पा सिंह, गुड़िया तिवारी, रुबी गुप्ता सहित आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे

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पूर्व राज्यमंत्री से लेखपाल ने मांग ली 50 हजार रुपए की रिश्वत, सीएम योगी ने बिठाई जांच

उत्तर प्रदेश सरकार बेशक जीरो टॉलरेंस का दावा कर रही हो लेकिन सरकारी कार्यालयों का हाल किसी से छुपा नहीं है। इसी क्रम में जिलेभर में लेखपालों द्वारा रिश्वत लेने के मामले पकड़े जा चुके हैं। अब ताजा मामला अलीगढ़ में भी एक लेखपाल से ही जुड़ा हुआ है, जिसमें पूर्व राज्यमंत्री से ही 50 हजार रुपए की रिश्वत मांग ली गई। मामला 25 साल पहले खरीदी गई भूमि से जुड़ा है। इस प्रकरण में मुख्यमंत्री ने जांच के निर्देश दिए हैं।

पूर्व राज्य मंत्री ओमप्रकाश नायक एससी एसटी आयोग के सदस्य रह चुके हैं। बीते दिनों पूर्व मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी से लखनऊ जाकर शिकायत की। कहा कि उनके द्वारा तहसील कोल के अकराबाद के गांव दुभिया में संस्था बंजारा विकास समिति के सचिव होने के नाते दो एकड़ जमीन वर्ष 2001 में खरीदी थी।

जिसका बैनामा बतासो देवी ने किया। बैनामे के बाद से ही जमीन पर खेती होती आ रही है। अब वर्ष 2025 में बतासो देवी के नाम से एक शिकायत डीएम के यहां की गई। शिकायत में महिला का अंगूठा निशानी भी नहीं थी। इस शिकायत पर डीएम ने मानीपण को जांच के आदेश दिए। तत्कालीन एसडीएम दिग्वि क्षेत्रीय लेखपाल से मामले में जांच करने के निर्देश दिए।


अधिकारी रिश्वत लेते पकड़ा गया

आरोप है कि इस बीच लेखपाल के द्वारा 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई, ऐसा नहीं करने पर लेखपाल ने तीन दिन में ही जांच पूरी कर जमीन को असंक्रणमीय बताकर ग्रामसभा में निहित किए जाने की रिपोर्ट दे दी। जबकि नियमानुसार पट्टे की जमीन 10 बाद स्वतः संक्रणमीय मान ली जाती है। जबकि यहां ऐसा नहीं किया गया।

प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री ने दिए डीएम को निर्देश

पूर्व राज्यमंत्री के मामले में प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री र बीते दिनों डीएम अलीगढ़ को जांच करने के निर्देश देते हुए पूरे मामले की रिपोर्ट भी तलब की है।

1987 में हुआ था बतासो देवी के नाम जमीन का पट्टा

पूर्व मंत्री के अनुसार बतासो देवी के नाम जमीन का 1987 में पट्टा हुआ था। जबकि बैनामा 2001 में हुआ। ऐसे में भूमि संक्रमणीय हो जानी चाहिए थी, लेकिन तहसील प्रशासन ने ऐसा नहीं किया। पूर्व मंत्री ने मामले में एडीएम स्तर के अधिकारी से जांच कराए जाने की मांग की।

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इमरजेंसी की कहानी लोकतंत्र सेनानी शिव शंकर गुप्ता की जुबानी

स्मृतियों के झरोखे से
          –दीपक कुमार केसरवानी



आपातकाल को लागू हुए 50 वर्ष व्यतीत हो गए लेकिन इन बीती हुई अवधि में राजनेताओं, अधिवक्ताओं, व्यापारियों, छात्रों व अन्य वर्गों पर हुए शासन और प्रशासन की ओर से हुए अत्याचारों की याद अभी भी ताजा है। आपातकाल की याद करके लोकतंत्र सेनानी सिहर उठते हैं, पुलिस की प्रताड़ना, अमानवीय कृत्य, जेल में दुर्व्यवहार एवं प्रशासनिक प्रशासनिक क्षमता का दुरुपयोग ऐसे कार्य थे जिसने देशवासियों को यह बता दिया कि देश में अपनी चुनी हुई सरकार की सत्ता नहीं है, बल्कि एक बार फिर अंग्रेजों का राज कायम हो गया है। कैदियों के प्रति कोई दया कोई माया और कोई सुविधाएं नहीं थी, बस हर तरफ जुल्म की तस्वीरें दिखाई दे रही थी।
  

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आपातकाल के दिनों में पुलिस प्रताड़ना के शिकार, जेलयात्री और लंबे समय तक जिला कारागार मिर्जापुर में सजा काटने वाले रॉबर्ट्सगंज नगर के निवासी शिव शंकर गुप्ता आज भी इमरजेंसी की याद कर सिहर उठते हैं, किस प्रकार उन पर पुलिस ने जुल्म ढाया था। वे बताते हैं कि 25 जून 1975 को जब देश में आपातकाल तत्कालीन प्रधानमंत्री द्वारा लागू किया गया था,उस समय मै राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का जुझारू, कर्मठ सदस्य था

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और मेरे नेतृत्व में नगर में शाखाएं आदि लगा करती थी, विपक्षी दल के अनुषांगिक संगठन का सदस्य होने के कारण हमारे संगठन के लोग भी शासन और प्रशासन के निशाने पर आ गए और गिरफ्तारियां शुरू हो गई थी, मुझे याद है कि 29 जून 1975 का ही दिन था, मैं अपनी दुकान पर बैठा हुआ था, तभी पुलिस की एक जीप दुकान के सामने आकर रुकी दो पुलिस निकल कर बाहर आये और बोले कि चलिए आपको दरोगा जी बुला रहे हैं, मैं उस समय नंगे पांव दुकान की गद्दी पर बैठा हुआ था मैंने कहा कि मैं चप्पल पहन लूं लेकिन पुलिस वालों ने मुझे चप्पल तक पहने तक का मौका नहीं दिया और जबरदस्ती जीप पर बैठाकर थाने तक ले गए और वहां पर अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए गालियां दिये और डराया धमकाया, मेरी लड़की जब खाना लेकर थाने गई तो उसे वहां से गालियां देकर भगा दिया गया और मुझे खाना तक नहीं खाने दिया और रात में बालू के ट्रक पर बैठा कर मुझे जिला कारागार मिर्जापुर ले जाया गया, जेल की फाटक देखकर मेरा हौसला टूटने लगा और मुझे ऐसे बैरक में डाला गया जहां पर शातिर अपराधी बंद थे, मुझे उन खतरनाक कैदियों के प्रताड़ना का शिकार होना पड़ा, जेल के मैनुअल के अनुसार खाना मिलने की का समय खत्म हो गया था,

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इसलिए मुझे रात को भूखा ही सोना पड़ा, सवेरे किसी तरह से दिनचर्या की शुरुआत हुई और कई दिनों तक मुझे शातिर अपराधियों वाली है बैंरक में रहना पड़ा, जब जेल में राजनीतिक बंदियों की संख्या अधिक हो गई तब मैंने निवेदन किया कि मुझे भी उनके साथ रखा है और मेरी बात को जेल प्रशासन ने मानते हुए मुझे राजनीतिक बंदी के रूप में उस सेल में रखा गया जहां पर मिर्जापुर जनपद के तमाम राजनेता, संगठन के लोग कैद थे।
   

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शादी की बंदी होने के कारण हम लोगों को अलग से खाने-पीने का कच्चा सामान मुहैया कराया जाता था जेल में राजनीतिक बंदियों की संख्या लगभग 100 तक पहुंच गई थी इसलिए हम लोग अपने अपने समूह में खाना बनाने का कार्य करते थे, खाना बनाने में सबसे ज्यादा दिक्कत नहीं किया क्योंकि हम लोगों को ईंधन मुहैया नहीं कराया जाता हम लोगों ने जेल परिसर में लगे और उसका प्रयोग ईंधन के रूप में हम लोगों ने जेल परिसर में लगी कटहल के बीच और उसके उपयोग जब इस बात की जानकारी तो बहुत ही नाराज हुआ और कहा कि मैं जेल की पगली घंटी बजवा पर इतना कहूंगा कि तुम लोग जीवन भर याद रखोगे,

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हमारे पास चुप रहने के अलावा कोई चारा नहीं था और काम चलता रहा। हम लोगों के साथ ही 14 वर्ष का बालक भी था जो दिन रात रोता रहता था लेकिन हम लोग उसे अभिभावक तुल्य होने के नाते उसका पूरा ख्याल रखते थे और अपनी समूह में शामिल कर लिया था वह खाना बनाने में हम लोगों की मदद करता था। धीरे धीरे मूवी जेल जीवन जीने का आदी हो गया।
   

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मेरे घरवाले बहुत ही परेशान थे मेरे पिताजी मिर्जापुर के जाने-माने अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह यहां जमानत के लिए गए उन्होंने बढ़ेगी ईमानदारी के साथ मेरे पिताजी से मात्र ढाई ₹250  लिया जमानत उच्च न्यायालय इलाहाबाद से कराना था इसलिए इस कार्य में विलंब अंततः मेरा जमानत हो गया और मैं घर लौट कर इमरजेंसी के खिलाफ आंदोलन में संलग्न हो गया।
  

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शासन के खिलाफ अपने धन से पर्चा छपवा कर आसपास के क्षेत्रों में उसका वितरण कराना आदि कार्य अपने संगठन के माध्यम से करता था, इसमें मेरे पिताजी का पूर्ण रूप से सहयोग था वे कहते थे कि हमारी नगर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं द्वितीय टाउन एरिया अध्यक्ष बलराम दास केसरवानी ने स्वतंत्र आंदोलन में भाग लिया और वे जेल में पुलिस प्रताड़ना को भी सहा था, उन्हीं के  पद चिन्हों पर चलो, मैंने भी अपने पिताजी की बातों को आत्मसात किया और आंदोलन में सक्रिय रहा ।
   

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पुलिस का खुफिया तंत्र इतना मजबूत था कि मुझे शासन प्रशासन के विरुद्ध पर्चा बांटने के जुर्म में  गिरफ्तार कर लिया गया।
     मुझे अपनी गिरफ्तारी का न तो कोई डर था, ना कोई भय था, ना कोई दुख था अब मैंने मान लिया था कि मुझे इमरजेंसी खत्म होने तक आंदोलन में सक्रिय रहना है, इस बार जेल में मेरी भेंट हुई अहरौरा नगर के रहने वाले आर एस एस के सक्रिय कार्यकर्ता राम जी के केसरी से। उनके कारण हम लोगों को खाने- पीने की सुविधाएं मिलने लगी और उनके मुलाकातों द्वारा हम लोगों को अच्छी खाद्य सामग्री जेल मैं मिलने लगी।
   

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बाटी चोखा हम लोगों का जेल में सबसे पसंदीदा भोजन था और हम लोगों से 25 प्रतिशत कमीशन लेकर पुलिसकर्मी सामान मुहैया कराते थे, हम लोग जेल से मिलने वाले अनाज को मिट्टी के बर्तन में सुरक्षित रखते थे और जब कोई त्यौहार पड़ता था तो उसे जेल के माध्यम से बेचकर मिठाई वगैरह मंगवा कर खाते थे और अपनी खुशियां एक दूसरे से साझा करते थे।
   

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इस बार जेल में मैं काफी दिनो तक रह गया और इसी बीच होली का त्यौहार भी आ गया हम लोगों ने होली का त्यौहार जेल में हंसी खुशी रंग अबीर गुलाल खेल कर और विभिन्न प्रकार के पकवान खा कर मनाया, इस दिन हमारे राजनीतिक बंदियों के सभी समूहों के लोगों ने विभिन्न प्रकार के व्यंजन तैयार किया और हम सभी एक दूसरे को मिल बांट कर खाया। महीनों बाद हम लोगों को जमानत मिल गई और हम लोग जेल के बाहर आ गए और देश से इमरजेंसी भी खत्म हो गई, सत्ता का परिवर्तन हुआ और हम लोगों का सपना पूरा हुआ।
  

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सूबे में जब मुलायम सिंह यादव की सरकार बनी तो उन्होंने हम लोकतंत्र सेनानियों को याद किया और प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सम्मान का एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित हुआ, इस कार्यक्रम में संयोगवश अपने स्वास्थ्य के कारणो से मैं उपस्थित नहीं हो पाया। लेकिन हम सब की ओर से लोकतंत्र सेनानी मंगरु यादव गए वहां पर उनका भव्य स्वागत  हुआ और आपातकाल के अपने साथियों और स्थिति परिस्थितियों पर भाषण भी दिया था, मुझे लोकतंत्र सेनानी का प्रमाण पत्र डाक के द्वारा प्राप्त हुआ, साथ ही साथ ₹500 भी।

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हम सभी लोकतंत्र सेनानी इस सम्मान को प्राप्त कर अभिभूत हुए और शासन द्वारा हम लोगों को पेंशन मिलता रहा, सूबे में माननीय योगी आदित्यनाथ जी के सरकार आने के बाद हम लोगों का पेंशन में ₹5000 की बढ़ोतरी हो गई और वर्तमान समय में हम लोगों को ₹20000 पेंशन प्राप्त हो रहा है।
   लोकतंत्र की बहाली के लिए हमारा आंदोलन सफल रहा ।

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किशोरियों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए नव्या की हुई है शुरुआत- जयंत चौधरी

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  • परिवर्तनकारी योजना नव्या की सोनभद्र से हुई ऐतिहासिक शुरुआत
  • नव्या योजना से बेटियों को मिलेगा आत्मबल और नई पहचान

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के आकांक्षी जनपद सोनभद्र से मंगलवार को 16 से 18 वर्ष की किशोरियों को आत्मबल, आत्मविश्वास और नई पहचान देने वाली पहल नव्या योजना का भव्य शुभारंभ हुआ। नव्या’एक परिवर्तनकारी पहल है, जिसे कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय तथा महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से शुरू किया गया है

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नव्या योजना के शुभारंभ के अवसर पर कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने कहा कि किशोरियों को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए नव्या की शुरुआत की गई है।

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16 से 18 वर्ष की किशोरियों, जिन्हें महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा चिन्हित किया गया है, उन्हें हम प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के अंतर्गत शॉर्ट टर्म व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।

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यह प्रशिक्षण केवल रोजगार तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि हमारा प्रयास होगा कि ये बेटियाँ छोटे-छोटे व्यापार और स्वयं के उद्यम स्थापित करने में भी सक्षम बन सकें। इस परिवर्तनकारी कार्यक्रम की शुरुआत आज उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से हो रही है।

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महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि नव्या कार्यक्रम किशोरियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। यह हमारी साझा प्रतिबद्धता है कि हम किशोरियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वावलंबी और सशक्त नागरिक बनने के योग्य बनाएं।

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इस अवसर पर सांसद छोटेलाल खरवार, सदर विधायक भूपेश चौबे, पूर्व सांसद राम शकल, जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह, पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा, तथा मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, सोनल मिश्रा (अतिरिक्त सचिव, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय)

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और पंकज श्रीवास्तव (स्टेटिस्टिकल एडवाइजर, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय) उपस्थित रहें। इस अवसर पर प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और पीएम विश्वकर्मा के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए।

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अधिवक्ता ने DBA वेलफेयर ट्रस्ट सोनभद्र को दी दान स्वरूप आलमारी व मेज

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  • डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन वेलफेयर ट्रस्ट सोनभद्र को अधिवक्ता ने आलमारी एवम् मेज दान स्वरूप प्रदान किया

सोनभद्र। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन वेलफेयर ट्रस्ट सोनभद्र के डी बी ए सभागार में अध्यक्ष जगजीवन सिंह एडवोकेट की अध्यक्षता बैठक का आयोजन हुआ। जिसका संचालन ट्रस्ट के सदस्य रामगुल्ली यादव एड ने किया।

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इस अवसर पर सचिव पवन कुमार सिंह एडवोकेट ने कहा कि डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सोनभद्र के आजीवन सदस्य गोबिंद विश्वकर्मा एडवोकेट का सम्मान राजेश कुमार मौर्य व दसरथ यादव ने माल्यार्पण एवं पुष्पगुच्छ भेंट किया इस पर  गोबिंद विश्वकर्मा ने आलमारी की चाभी सौंपा गया, इस पर का करतल ध्वनि से सभी लोगों ने तालियां बजाकर खुशी जाहिर की गई !                              

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ट्रस्ट के प्रवक्ता प्रदीप कुमार मौर्य एडवोकेट ने कहा कि  डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन वेलफेयर ट्रस्ट सोनभद्र का वकालतनामा कूपन एक जुलाई 2025 से शुरू हो जाएगा। ऐसी स्थिति में आजीवन सदस्य बनना अनिवार्य है।

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विधि व्यवसाय में गुणात्मक विकास के लिए बिना हानि लाभ के ट्रस्ट की स्थापना की गई है तथा मुख्य रूप से न्यास के सदस्यों की मृत्यु तथा दुर्घटना होने पर उनके आश्रितों को आर्थिक मदद करना है। तथा सदस्यों का स्वास्थ्य बीमा जीवन बीमा व पेंशन योजना भी इस ट्रस्ट में  की गई है।                           

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 इस अवसर पर राजेश कुमार यादव, द्वारिका प्रसाद नागर, कामता प्रसाद यादव, राकेश पटेल, सरस्वती देवी, आकृति निर्भया, किरण सिंह, राजेश कुमार, संतोष श्रीवास्तव, फूल सिंह, नवीन पांडेय, प्रवीण कुमार विश्वकर्मा, शांति वर्मा, विनीता, रविंद्र पटेल आदि अधिवक्तगण उपस्थित रहे !

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पुलिसकर्मियों को शारीरिक व मानसिक रूप से फिट रहने के लिए A.S.P. ने लगवाई दौड़

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  • एएसपी मुख्यालय सोनभद्र द्वारा रिजर्व पुलिस लाईन चुर्क में मंगलवार परेड की ली गई सलामी, किया गया निरीक्षण
  • शारीरिक व मानसिक रूप से फिट रहने के लिए लगवाई गयी दौड़
  • अनुशासन व एकरूपता बनाए रखने के लिए टोलीवार करवाया गया ड्रिल
  • यू0पी0-112 वाहनों की गहनता से की गयी चेकिंग
  • कर्मियों की किया गया गार्द रजिस्टर पेशी


सोनभद्र। अनिल कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय)  द्वारा पुलिस लाईन चुर्क परेड ग्राउंड में मंगलवार परेड की सलामी ली गई तथा परेड का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के पश्चात शारीरिक एवं मानसिक रूप से फिट रहने के लिए परेड की दौड़ लगवाई।

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निरीक्षण के क्रम में ASP द्वारा यू0पी0-112 व थानों से आये वाहनों की गहनता से चेकिंग की गयी तथा पीआरवी पर तैनात पुलिस कर्मियों से वाहनों में उपलब्ध दंगा नियंत्रण/सुरक्षा उपकरणों के सम्बंध में जानकारी लेते हुए उनकी चेकिंग की गयी व पुलिस लाईन चुर्क में चल रही जेटीसी का किया गया निरीक्षण,

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तत्पश्चात पुलिस लाईन चुर्क में स्थित क्वार्टर गार्द पर तैनात सलामी गार्द द्वारा एएसपी मुख्यालय को सलामी दी गयी जिसपर महोदय द्वारा सलामी का अभिवादन स्वीकार किया गया। इस दौरान क्वार्टर गार्द, स्टोर, परिवहन शाखा, मेस, पुलिस बैरक व पुलिस लाइन परिसर का निरीक्षण कर साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने हेतु सम्बंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

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अदम्य साहस और वीरता की प्रतीक, वीरांगना रानी दुर्गावती : डॉ० संजय गोंड

HIGHLIGHTS

  • BJP की सरकार ने गोंड समुदाय को उनका हक और अधिकार दिलाया है- डॉ० संजय गोंड
  • मनाई गई वीरांगना महारानी दुर्गावती की बलिदान दिवस

सोनभद्र। भारतीय जनता पार्टी जनजाति मोर्चा द्वारा आयोजित वीरांगना महारानी दुर्गावती के 461वीं वर्ष के बलिदान दिवस, भाजपा जिला कार्यालय पर मनाया गया।

जिसमे बतौर मुख्यअतिथि के रुप मे प्रदेश अध्यक्ष जनजाति मोर्चा डॉ0 संजय गोंड, विशिष्ठ अतिथि समाज कल्याण राज्यमंत्री उ0प्र0सरकार संजीव कुमार गोंड उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंम्भ महारानी दुर्गावती के चित्र पर मुख्यअतिथि संजय गोंड,

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विशिष्ठ अतिथि संजीव कुमार गोंड, भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल, सदर विधायक भूपेश चौबे, क्षेत्रीय अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति मोर्चा विनोद खरवार, पूर्व सांसद रामशकल जी, शारदा खरवार ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित की। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष नन्दलाल गुप्ता व संचालन जिला महामंत्री जनजाति मोर्चा शंम्भू गोंड ने किया।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यअतिथि डॉ० संजय गोंड ने कहा कि रानी दुर्गावती देश के लिए एक मिशाल के रुप मे हमेशा याद की जायेंगी उनकी वीरता और पराक्रम को आदर्श के रुप मे आज भी याद किया जाता है गोंड समाज निश्चित रुप से समाज के विकास मे अपनी अहम भूमिका के साथ स्थापित हुआ है, गोंड समाज पिछली सरकारों मे उपेक्षा का शिकार रहा लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने गोंड समुदाय को उनका हक और अधिकार दिलाने एवं सबका साथ सबका विकास की तर्ज पर सम्मान दिलाने का कार्य कर रही है।

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आगे कहा कि रानी दुर्गावती जी का दमोह जबलपुर स्टेट हाईवे पर सिग्रामपुर गांव में रानी दुर्गावती प्रतिमा स्थल से छह किलोमीटर की दूरी पर रानी दुर्गावती का सिंगोरगढ़ का किला है। यह जगह रानी दुर्गावती की राजधानी थी। किले की उम्र सैकड़ों वर्ष होने के बाद भी उसकी दीवारें आज भी मजबूती से खड़ी हैं।

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रानी महल, हाथी दरवाजे, स्नान के लिए किले के अंदर बने जलाशय और किले की पहाड़ियों में बने गुप्त रास्तों का रहस्य आज भी पहेली लगता है। जिले के मुख्य हाथी दरवाजे से कुछ ही दूरी पर सिंगोरगढ़ जलाशय है, यहां आज भी 12 महीने पानी रहता है। रानी दुर्गावती का जन्म राजपूत परिवार में हुआ था उनकी वीरता के किस्से सुनकर गोंडवाना साम्राज्य के तत्कालीन राजा संग्राम सिंह मरावी ने अपने बेटे दलपत शाह मरावी से उनकी शादी करवाई थी।

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विवाह के चार वर्ष बाद ही दलपत शाह का निधन हो गया था, उस समय रानी दुर्गावती का बेटा नारायण केवल तीन साल का था। रानी ने स्वयं ही गोंडवाना साम्राज्य संभाल लिया, उन्होंने अनेक मठ,  बावड़ी व अन्य धर्मशालाएं बनवाईं थीं। वर्तमान जबलपुर उनके राज्य का केंद्र था।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विशिष्ठ अतिथि संजीव कुमार गोंड ने कहा कि रानी दुर्गावती अपनी दासी के नाम पर चेरीताल, अपने नाम पर रानीताल व अपने विश्वस्त दीवान आधार सिंह के नाम पर अधाड़ताल बनवाया था। रानी दुर्गावती के संपन्न राज्य पर मालवा के मुसलमान शासक बाज बहादुर ने कई बार हमला किया, लेकिन हर बार पराजित हुआ।

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यशस्वी रानी दुर्गावती के हवाले से बताते हैं कि मुगल शासक अकबर भी राज्य को जीतना चाहता था। अकबर ने अपने एक रिश्तेदार आसिफ खान के नेतृत्व में गोंडवाना साम्राज्य पर हमला कर दिया। एक बार तो आसिफ खान पराजित हुआ पर अगली बार उसने दोगुनी सेना और तैयारी के साथ हमला बोला। दुर्गावती के पास उस समय कम सैनिक थे, उन्होंने जबलपुर के पास नरई नाले के किनारे मोर्चा लगाया और खुद पुरुष के वेश में युद्ध का नेतृत्व किया।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अनुसूचित जनजाति के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद खरवार ने कहा कि रानी दुर्गावती द्वारा युद्ध में मुगलों को भारी नुकसान हुआ और 24 जून 1564 को मुगल सेना ने फिर हमला बोला। रानी के बेटे नारायण को सुरक्षित स्थान पर भेजकर पराक्रम दिखाया हालांकि संभावित हार को देखते हुए उन्होंने खुद अपना बलिदान दे दिया।

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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष नन्द लाल जी ने कहा कि रानी दुर्गावती जी का मंडला रोड पर बरेला नामक जगह पर रानी की समाधि है। अबुल फजल की अकबरनामा में गोंडवाना राज्य का उल्लेख मिलता है। बरेला मंडला रोड पर रानी की समाधि है। यहां गोंड जनजाति के लोग जाकर रानी को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं। जबलपुर में विश्वविद्यालय का नाम भी रानी दुर्गावती के नाम पर ही है।

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दमोह जिले के बटियागढ़ ब्लॉक के आंजनी गांव में आज भी रानी दुर्गावती की सातवीं पीढ़ी रहती है। खुद को सातवीं पीढ़ी का वंशज बताने वाले इंदुर शाह ने बताया कि हमारे पूर्वज ने हमें कभी झुकना नहीं सिखाया और इसीलिए अपनी रियासत खोनी पड़ी।  हालांकि रानी के वंशज सरकार की उपेक्षा से काफी दुखी हैं।
अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष अमरेश चेरो ने कार्यक्रम मे आये हुए सभी अतिथियों व कार्यकर्ता का आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।

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इस मौके पर सदर विधायक भूपेश चौबे, प्रदेश मंत्री जनजाति मोर्चा नागेश्वर गोंड, क्षेत्रीय अध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा अजीत रावत, शीतला आचार्य, रामअरुण खरवार, प्रेमनाथ गोंड, विजय खरवार, चन्द्रावती, ज्योति खरवार, ओमप्रकाश दूबे, उदयनाथ मौर्या, अनूप तिवारी, कृष्णमुरारी गुप्ता,

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रामसुन्दर निषाद, संतोष शुक्ला, गुडिया त्रिपाठी, रुबी गुप्ता, किरन तिवारी, परशुराम केशरी, नार सिंह पटेल, महेश्वर चन्द्रवंशी, प्रवीण सिंह, आशीष केशरी, रितु अग्रहरी, योगेन्द्र बिन्द, बलराम सोनी सहित आदि कार्यकर्ता व पदाधिकारीगण मौजूद रहे।

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अमरनाथ यादव हत्याकांड के तीनों आरोपी गिरफ्तार, ASP ने किया पूरे मामले का खुलासा

HIGHLIGHTS

  • पुरानी रंजिश में बदला लेने के लिए हुई थी अमरनाथ की हत्या
  • अमरनाथ यादव हत्याकांड का पुलिस ने किया सफल अनावरण
  • हत्या करने वाले नामजद सहित तीनों अभियुक्त गिरफ्तार
  • हत्यारोपियों के कब्जे से पुलिस ने की एक देशी तमंचा, फायर शुदा खोखा कारतूस 315 बोर तथा एक बाइक बरामद

सोनभद्र। शाहगंज थाना क्षेत्र के मराची गांव में गत दिनों एक व्यक्ति की गोली मारकर हुए हत्या मामले में पुलिस टीम ने मंगलवार की सुबह हत्या में शामिल नामजद सहित तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुरानी रंजिश की वजह से इस घटना को अंजाम दिया गया।

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चोरी से कोर्ट में हाजिर होने जा रहे थे हत्यारोपी, पुलिस के किया गिरफ्तार
मामले का खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (नक्सल) त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी ने बताया कि “गत 17 जून की रात में मराची गांव निवासी 55 वर्षीय अमरनाथ यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक के पुत्र अनिल यादव की तहरीर पर दो नामजद सहित तीन अभियुक्तों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गयी।

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एसपी अशोक कुमार मीणा के निर्देश पर हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें बनाई गई थी। टीमों के अथक प्रयास के बाद आज सुबह मुखबिर की सुचना पर एसओजी और शाहगंज पुलिस ने तीनों हत्यारोपियों ओमजी पाठक (35वर्ष) पुत्र शिवशंकर पाठक निवासी उसरी खुर्द,

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मंगला गुप्ता (30वर्ष) पुत्र शिवप्रसाद निवासी ग्राम मराची/उमरी खुर्द तथा अन्तलाल गुप्ता (22वर्ष) पुत्र गुड्डू गुप्ता निवासी ग्राम उमरी खुर्द क़ो थाना क्षेत्र शाहगंज अन्तर्गत प्रा0विद्यालय उमरी के पास से बाइक सहित गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त किया है।

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तीनों अभियुक्त वकील के कहने पर मंगलवार को कोर्ट हाजिर कराने के लिए जा रहे थे और पुलिस की गिरफ्तारी के डर से मुख्य सड़क को छोड़कर इस रास्ते कोर्ट के लिए ही जा रहे थे कि पुलिस के हत्थे चढ़ गए। गिरफ्तार अभियुक्तों की तलाशी के दौरान उनके कब्जे से एक देसी तमंचा, एक खाली कारतूस भी बरामद किया है।”

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आरोपी के मां-बाप के साथ मारपीट करना बना अमरनाथ की हत्या की वजह –

पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अभियुक्त मंगला प्रसाद गुप्ता ने बताया कि “अमरनाथ यादव को उसने ही गोली मारी थी क्युंकि अमरनाथ यादव ने वर्ष 2023 में उसके घर में घुसकर उसके माता व पिता को बहुत मारा-पीटा था, जिससे उसके पिताजी का हाथ टुट गया था। बात यहीं नहीं थमी बल्कि अमरनाथ यादव के परिवार ने उसे व उसके परिवार को इतना मजबूर कर दिये कि वह लोग अपनी पैतृक जमीन व मकान बेचकर लालगंज मीरजापुर में मकान बनाकर रहने लगे और वह लोग सूरत में नौकरी करने लगे।

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इसी बात से क्षुब्ध होकर उसने अमरनाथ यादव को जान मारने का प्लान बनाया, जिसके लिए उसने अपने दोस्त ओमजी पाठक व अन्तलाल को बताया तो वह दोनों भी दोस्ती के नाम पर राजी हो गए। इसके पश्चात गत 17 जून क़ो वह व अन्तलाल अपनी इसी बाइक से ओमजी पाठक के घर गये, उसके बाद वह तीनों लोग इसी बाइक पर बैठकर मराचीगाँव स्थित अमरनाथ के घर के पास पहुँचे, जहाँ घर के बाहर अमरनाथ सो रहा था।

बाइक को खजूर के पेड़ के पास खड़ी कर वह व ओमजी पाठक अमरनाथ के घर तंमचा के साथ पहुँचे, अन्तलाल मोटर साइकिल के पास खड़ा होकर देखरेख कर रहा था। उसके और ओम जी पाठक के पास तमंचा था उसने अपने तमंचे से ही अमरनाथ जो कि अपने दरवाजे पर मच्छरदानी के अंदर सो रहा था के सिर में गोली मार दिया तब तक उसके घर वाले जाग गये तो ओम जी पाठक भी अपने तमंचे से फायर करके तमंचा वहीं पर फेंककर मोटर साइकिल के पास भागकर आये जहां पर मोटर साइकिल लिए अन्तलाल खड़ा था उसी मोटर साइकिल से वह तीनों फरार हो गए

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और पहले ओम जी पाठक को उसके घर के पास छोड़कर वह और अंतलाल मीरजापुर भाग गये। तब से इधर-उधर छिप छिपाकर रह रहे हैं। वकील ने आज कोर्ट हाजिर कराने के लिए कहा था कि जिस पर वह मुख्य सड़क को छोड़कर इस रास्ते कोर्ट के लिए ही जा रहे थे कि पुलिस के हत्थे चढ़ गए।”

गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम का विवरण –

अभियुक्तों की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक एसओजी/स्वाट टीम बृजेश सिंह, थानाध्यक्ष शाहगंज जितेन्द्र कुमार, उ0नि0 रामसिंहासन शर्मा चौकी कस्बा शाहगंज, हे0का0 सतीश सिंह, का० सत्यम पाण्डेय, का० रितेश सिंह पटेल, का0 प्रेम प्रकाश चौरसिया, का0 अजीत कुमार एसओजी टीम,

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हे0का0 संतोष कुमार यादव, हे0का0 सुबाष चन्द यादव, का0 मनोज कुमार, का)चालक मनोज कुमार थाना शाहगंज शामिल रहे। एसपी ने अभियुक्तों की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम क़ो 10000 रूपये नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया है।

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जनता दर्शन में आए फरियादियों की SP अशोक कुमार मीणा ने सुनी समस्याएं

HIGHLIGHTS

  • जन शिकायतों के त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया जाए- SP
  • पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रतिदिन की भांति जनता दर्शन में आए फरियादियों की सुनी गई समस्याएं
  • इसी क्रम में जनपद के समस्त राजपत्रित पुलिस अधिकारियों व थाना प्रभारियों द्वारा कार्यालय/थानों पर सुनी जा रही जन शिकायतें


सोनभद्र। प्रतिदिन की भांति की जा रही जनसुनवाई के क्रम में सोमवार को अशोक कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक द्वारा जनता दर्शन में आये फरियादियों की समस्याएं/शिकायतों को सुना गया। जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु सम्बन्धित को आदेशित किया गया।

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इस दौरान SP द्वारा सभी थाना प्रभारियों को सचेत किया गया कि जनसुनवाई/महिला हेल्पडेस्क को और अधिक प्रभावशाली बनाये ताकि पीड़ित/शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से अपने थाने से पुलिस कार्यालय आने की आवश्यकता न हो।

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साथ ही निर्देशित किया गया कि जिस समस्या का समाधान थाना स्तर से हो सकता है उनका समाधान थाना स्तर पर ही समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर कराना सुनिश्चित करें।
       

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इसी क्रम में जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारीगण व थाना प्रभारियों द्वारा कार्यालय/थाना पर जनसुनवाई करते हुए प्राप्त जन शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित कराया जा रहा है।

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केन्द्रीय मंत्री एवं R.L.D. के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी का जिले में प्रथम आगमन पर हुआ भव्य स्वागत

HIGHLIGHTS

  • जयंत चौधरी का कार्यकर्ताओं ने किया भव्य स्वागत
  • पार्टी कार्यालय के उद्घाटन के बाद केन्द्रीय मंत्री जयंत सिंह ने सुनी जनसमस्याएं

सोनभद्र। केन्द्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह के जिले में प्रथम आगमन पर सोमवार को राष्ट्रीय लोक दल सोनभद्र के जिलाध्यक्ष श्रीकांत त्रिपाठी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सोनभद्र की सीमा में जगह-जगह कार्यकताओं ने माल्यार्पण कर अपने नेता का स्वागत किया।

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बता दें कि भारत सरकार में कौशल विकास और उद्यमिता एवं शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री चौधरी जयंत सिंह का दो दिवसीय भ्रमण एवं विभागीय समीक्षा का कार्यक्रम सोनभद्र में निर्धारित होने के बाद से ही रालोद जिलाध्यक्ष श्रीकांत त्रिपाठी के नेतृत्व में अपने नेता के स्वागत की तैयारी को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा था।

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सोमवार को शाम जैसे ही मंत्री चौधरी जयंत सिंह का काफिला सोनभद्र पहुंचा हिंदूआरी तिराहे पर कार्यकर्ताओं ने फूलमाला से उनका भव्य स्वागत किया उसके बाद माननीय मंत्री का काफिला सीधा नगर पालिका परिषद

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रावर्ट्सगंज में स्थित सिंचाई डाक बंगले में स्थापित भारत रत्न चौधरी चरणसिंह की प्रतिमा के पास रुका। जहां मंत्री ने अपने दादा भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा को माल्यार्पण एवं नमन किया। सिंचाई डाक बंगले से माननीय मंत्री सीधे राष्ट्रीय लोक दल सोनभद्र के नव श्रृजित जिला कार्यालय का उद्घाटन करने पहुंचे जहां पहले से उपस्थित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने पुनः मंत्री का स्वागत किया

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और माननीय मंत्री ने पार्टी कार्यालय का फीता काट कर कार्यालय का उद्घाटन करते हुए उपस्थित कार्यकर्ताओं से जनपद में विकास का हाल जाना। माननीय मंत्री के आगमन को लेकर उत्साहित कार्यकताओं ने लोकदल जिलाध्यक्ष श्रीकांत त्रिपाठी के नेतृत्व में मंत्री को ज्ञापन सौंपा और जनपद की समस्याओं से अवगत कराते हुए ज्ञापन के माध्यम से किसानों के हित में जसौली सिंचाई परियोजना को मंजूरी दिलाते हुए कार्य शुरू कराने की मांग की और जनपद की जर्जर हो चुकी नहरों के मरम्मत का मुद्दा भी उठाया।

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ज्ञापन के माध्यम से जिलाध्यक्ष श्रीकांत त्रिपाठी जिला मुख्यालय पर राजकीय महाविद्यालय नहीं होने की बात बताकर जिला मुख्यालय पर राजकीय महाविद्यालय की मांग करते हुए जनपद में दर्जनों कल कारखाने स्थापित होने के बाद भी स्थानीय युवाओं को कंपनियों में रोजगार नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए मंत्री जयंत सिंह से जनपद के युवाओं को स्थानीय कंपनियों में रोजगार की सहभागिता सुनिश्चित कराने की मांग किया।

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पूर्वांचल नव निर्माण मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गिरीश पाण्डेय ने भी मंत्री चौधरी जयंत सिंह को गुलदस्ता देकर स्वागत करते हुए सोनभद्र में आईटीआई कालेज एवं कौशल प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित कराने की मांग किया। पार्टी कार्यालय पर माननीय मंत्री ने रालोद कार्यकर्ताओं एवं किसानों को संबोधित करते हुए भरोसा दिलाया कि जनपद सोनभद्र की जनसमस्याओं को दिल्ली में उठाने का काम किया जाता रहेगा। कहा राष्ट्रीय लोक दल किसानों एवं कामगारों की पार्टी है।

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पार्टी कार्यालय पर पत्रकार वार्ता करते हुए मंत्री का काफिला सर्किट हाउस लोड़ी के लिए रवाना हो गया जहां रात्रि विश्राम करते हुए 24 जून को जिला प्रशासन के साथ विभागीय समीक्षा एवं कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान माननीय मंत्री जी के साथ लोकदल के राष्ट्रीय महासचिव अनिल दुबे, प्रदेश अध्यक्ष लोकदल रामाशीष राय, प्रदेश अध्यक्ष युवा रविन्द्र सिंह पटेल,

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व्यापार प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष रोहित अग्रवाल के अलावा सोनभद्र से पूर्वांचल नव निर्माण मंच के राष्ट्रीय महासचिव सूर्य प्रकाश चौबे, युवा लोक दल के प्रदेश सचिव विवेक चतुर्वेदी, सुमित मिश्रा, राष्ट्रीय लोक दल महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष शांति वर्मा, विकास पाण्डेय, पवन शुक्ला, अनिल प्रताप सिंह, प्रशांत विष्णु प्रताप सिंह, सूरज चौबे, सचिन गुप्ता रामसेवक सिंह पटेल, भोला बाबा ओमप्रकाश भारती, डॉ विजय पटेल, विरेन्द्र मिश्रा, सुशील पटेल, शुभम् तिवारी, शिवम् त्रिपाठी सहित सैकड़ों की संख्या में राष्ट्रीय लोक दल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता तथा किसान उपस्थित थे

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