सूची से नाम गायब होने पर शादी की खुशियाँ गम में बदली
गरीबों के सामाजिक क्षति के लिए जिम्मेदार कौन
सोनभद्र। सरकारी विभाग में लक्ष्य ही मायने रखते हैं। धरातल पर काम कैसा भी हो मगर कागजों पर पूरा होना चाहिए। सोमवार को समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में लक्ष्य को लेकर ऐसा मामला सामने आया जिसके बाद सरकारी सिस्टम पर ही सवाल खड़े होने लगे।
दरअसल, जिले में गरीबी रेखा में जीवन यापन करने वाले लगभग 8 परिवार अपनी बेटियों की शादी 23 मार्च को रॉबर्ट्सगंज स्थित डायट परिसर में आयोजित सामूहिक विवाह योजना के तहत करने की तैयारी में जुटे थे । सभी बेटियों के घर पर रिश्तेदार भी पहुंचना शुरू कर दिये, इतना ही नहीं शादी के पूर्व की हल्दी रश्म भी अदा कर दी गयी। घर पर नाच-गान करके खुशियाँ मनाई जा रही थी।
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तभी शादी एक दिन पहले उन्हें पता चला कि जिन बेटियों की शादी के लिए तैयारियां चल रही है, उनका तो सूची में नाम ही नहीं है। इस खबर के बाद घर पर मायूसी छा गयी। गरीब परिवार इसकी जानकारी तत्काल ग्राम प्रधान उधम सिंह को दी। ग्राम प्रधान उधम सिंह के नेतृत्व में परिजनों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच दोषियों पर कार्यवाही की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
सर्वे न होता तो 99 पट्टाधारकों के नाम हो जाते दर्ज, SDM ने शुरू की जांच
सोनभद्र। चतरा ब्लॉक के सोढ़ा गांव में वर्ष 2006 में बांटे गए पट्टों और 2026 में उन्हें मंजूरी दिलाने की कवायद को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। अगर उस समय सर्वे प्रक्रिया बाधा न बनती तो 99 पट्टाधारकों के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज हो चुके होते। अब 20 साल बाद फाइल खुलने पर अनियमितताओं की परतें सामने आने लगी हैं।
मामला तब सुर्खियों में आया जब कुछ लोगों ने एसडीएम उत्कर्ष द्विवेदी से मिलकर पत्रावली वर्षों से लंबित होने की जानकारी दी। इस पर एसडीएम ने प्रकरण की स्थिति तलब की, लेकिन मौजूदा हाल बताने के बजाय करीब 75 पट्टों के नामांतरण की नोटिंग कर पत्रावली मंजूरी के लिए प्रस्तुत कर दी गई।
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इससे एसडीएम का संदेह गहराया और जांच शुरू कर दी गई। प्रारंभिक छानबीन में सामने आया कि पट्टा सूची में कई अपात्रों के नाम शामिल किए गए थे। कुछ नाम ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों और उनके परिवार के बताए जा रहे हैं, जबकि कई लाभार्थियों के पास पहले से ही पर्याप्त भूमि मौजूद थी। इसके बावजूद उन्हें पात्र दिखाकर सूची में शामिल किया गया।
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सूत्रों के अनुसार तत्कालीन लेखपाल, कानूनगो और नायब तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर पट्टों को स्वीकृति भी मिल गई थी, लेकिन उस समय गांव में सर्वे कार्य चलने के कारण राजस्व रिकॉर्ड में अंकन नहीं हो सका। इसके बाद फाइल दो दशक तक दबाकर रखी गई। फरवरी में अचानक नामांतरण की प्रक्रिया शुरू होते ही मामला अधिकारियों के संज्ञान में आया।
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एसडीएम उत्कर्ष द्विवेदी ने अब पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, इसमें लाभार्थियों की वर्तमान स्थिति, जीवित होने की जानकारी और फाइल लंबित रहने के कारण शामिल हैं। एसडीएम का कहना है कि इस मामले में किसी की संलिप्तता साबित होती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
तीन से लापता 14 वर्षीय किशोर लौटा अपने घर, सुनाई अपहरण की कहानी
सोनभद्र। घोरावल कोतवाली क्षेत्र के बर्दिया गांव से संदिग्ध हाल में तीन दिन से लापता किशोर रविवार को घर लौट आया। उसने परिवार वालों को अपहरण की कहानी सुनाकर सकते में डाल दिया है। वहीं पुलिस की अब तक जांच-छानबीन में मामला संदिग्ध मिला। मामले में पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर रखा है।
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बर्दिया (शिवद्वार) गांव के रहने वाले एक व्यक्ति का 14 वर्षीय बेटा शुक्रवार को लापता हो गया था। इकलौता बेटा होने के कारण परिवार वाले उसकी सलामती को लेकर काफी परेशान थे। पिता ने थाने में उसकी गुमसुदगी भी दर्ज कराई थी। रविवार को वह घर वापस लौट आया तो सभी ने राहत की सांस ली। पिता के मुताबिक हिरनखुडी स्थित एक स्कूल में कक्षा 8 का छात्र है।
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शुक्रवार की सुबह वह घर से विद्यालय जाने की बात कह कर निकला, लेकिन वह विद्यालय न जाकर अपने ममेरे भाई के साथ घोरावल चला गया। दोपहर बाद वह उसे इंडियन बैंक शिवद्वार में छोड़कर चला गया। इसके बाद से उसका पता नहीं चल रहा था। रविवार सुबह एक ट्रक चालक ने उसे घायल अवस्था में पहुंचाया। घोरावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर उसका उपचार कराया गया।
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पिता के मुताबिक बेटे ने जानकारी दी कि वह जैसे ही इंडियन बैंक शिवद्वार शाखा से निकलकर घर के लिए चला। संग्रहालय के पास मौजूद चार पहिया सवार लोगों ने उसके चेहरे पर स्प्रे मार दिया, इससे वह बेहोश हो गया। बेहोशी की हालत में उसे ले जाकर मिर्जापुर के अहरौरा घाटी में फेंक दिया गया। दो दिन तक वह वहीं पड़ा रहा। रविवार की सुबह उधर से गुजर रहे एक ट्रक चालक की नजर उस पर पड़ी तो वह उससे उसके घर की जानकारी लेकर वर्दिया पहुंचाया।
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प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि जैसे ही मामला पुलिस के संज्ञान में आया। गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई। प्रथम दृष्ट्या छानबीन में पूरा मामला संदिग्ध पाया गया है। शुक्रवार को उसने दो बार पैसे निकाले। बैंक जाकर केवाईसी अपडेट कराई।
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इसके बाद वह कहीं चला गया। उसके शरीर पर कोई चोट भी नहीं दिख रही। अब तक जो जानकारी सामने आई है उससे यही पता चल रहा है कि वह खुद कहीं चला गया था और डांट से बचने के लिए परिवार वालों को अपहरण की कहानी सुना रहा है।
इतिहास की धरोहर से भविष्य की संभावनाओं तक बिहार की यात्रा
रंजीत कुमार राय (शोध छात्र, बीएचयू, वाराणसी)
22 मार्च (बिहार दिवस) सिर्फ एक तिथि नहीं, बल्कि उस गौरवशाली इतिहास और उभरते भविष्य का प्रतीक है, जो बिहार की पहचान को निरंतर सशक्त बना रहा है। “बढ़ता बिहार” आज एक नारा भर नहीं, बल्कि एक बदलती सोच, नई ऊर्जा और विकास की ठोस दिशा का परिचायक बन चुका है। बिहार सदियों से ज्ञान की राजधानी रहा है। यही वह भूमि है, जहाँ से विश्व को नीति, धर्म और शासन की अद्भुत सीख मिली। चाणक्य की कूटनीति, गौतम बुद्ध का मध्यम मार्ग, महावीर का अहिंसा का संदेश, चन्द्रगुप्त मौर्य का साम्राज्य निर्माण और अशोक का धम्म, ये सभी इस मिट्टी की अनमोल विरासत हैं।
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शिक्षा के क्षेत्र में बिहार का योगदान अतुलनीय रहा है। नालंदा विश्वविद्यालय और तक्षशिला जैसे विश्वप्रसिद्ध शिक्षण केंद्रों ने भारत को वैश्विक बौद्धिक नेतृत्व प्रदान किया। आज भी बिहार उसी गौरव को पुनः स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है, जहाँ ज्ञान, नवाचार और शिक्षा विकास की धुरी बन रहे हैं। सांस्कृतिक दृष्टि से भी बिहार अत्यंत समृद्ध है। छठ पूजा जैसे महापर्व में आस्था, अनुशासन और प्रकृति के प्रति समर्पण का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। उगते सूरज की पूजा पूरी दुनिया करती है, लेकिन छठ पूजा में पहला अर्घ्य डूबते सूरज को देकर बिहार यह संदेश देता है कि जो आज डूब रहा है, वह कल उगेगा भी और अपनी चमक से पूरी दुनिया को रोशन करेगा।
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जंगलराज, अपराध, अराजकता और पलायन जैसे कठिन दौर को झेल चुका बिहार अब तेजी से नव-निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह परिवर्तन केवल भौतिक विकास तक सीमित नहीं, बल्कि मानसिकता और दृष्टिकोण के बदलाव का भी संकेत है। आज का बिहार विकास की नई गाथा लिखने के लिए उत्सुक और प्रतिबद्ध है।
इतिहास गवाह है कि जब भारत में लोकतंत्र की नींव डगमगाने लगी और आपातकाल जैसी स्थिति बनी, जब लोगों के मौलिक अधिकारों पर संकट आया, तब बिहार की धरती ने एक बार फिर देश को दिशा दी। जयप्रकाश नारायण ने पटना के गांधी मैदान से हुंकार भरी और जनांदोलन का नेतृत्व किया। वहीं रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियाँ- “खाली करो सिंहासन, कि जनता आती है”, जन-जन की आवाज़ बन गईं। उस दौर के अंधकार के बाद भारत में लोकतंत्र और जनतंत्र का मार्ग पुनः प्रशस्त हुआ।
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आज का बिहार बदलाव के दौर से गुजर रहा है। आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है। युवा शक्ति, उद्यमिता और नई सोच बिहार को एक नई दिशा दे रहे हैं। “बढ़ता बिहार” अब केवल अतीत की स्मृतियों तक सीमित नहीं, बल्कि भविष्य की संभावनाओं को साकार करने का संकल्प बन चुका है। हालाँकि चुनौतियाँ अभी भी मौजूद हैं।
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रोज़गार, शिक्षा की गुणवत्ता, और औद्योगिक विकास जैसे क्षेत्रों में और काम की आवश्यकता है। लेकिन जिस तरह से राज्य आगे बढ़ रहा है, वह यह विश्वास दिलाता है कि बिहार एक बार फिर अपनी ऐतिहासिक पहचान को आधुनिक उपलब्धियों से जोड़कर नई ऊँचाइयों को छुएगा। बिहार दिवस हमें यह अवसर देता है कि हम अपने गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लें और एक समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएँ।
तीन प्रांतों उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश व राजस्थान के कलाकार दिखाएंगे दमखम
उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज, संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार, जिला प्रशासन सोनभद्र व संत कीनाराम स्नातकोत्तर महाविद्यालय लोढ़ी के सहयोग से होगा आयोजन
सोनभद्र। जिला मुख्यालय लोढ़ी, सोनभद्र स्थित संत कीनाराम स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में तीन दिवसीय जन जातीय उत्सव का आगाज 23 मार्च सोमवार से शुरू होगा। इसमें तीन प्रांतों उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश व राजस्थान के कलाकार दमखम दिखाएंगे। 25 मार्च बुधवार को कार्यक्रम का समापन होगा।
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कार्यक्रम के आयोजक एवं संत कीनाराम स्नातकोत्तर महाविद्यालय लोढ़ी, सोनभद्र के प्राचार्य डॉक्टर गोपाल सिंह ने बताया कि महाविद्यालय परिसर में तीन दिवसीय जन जातीय उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। यह आयोजन उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज, संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार, जिला प्रशासन, सोनभद्र व संत कीनाराम स्नातकोत्तर महाविद्यालय लोढ़ी, सोनभद्र के सहयोग से होगा।
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प्राचार्य डॉक्टर सिंह ने यह भी बताया कि 23 मार्च सोमवार को कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। इसमें आल्हा गायन शरद अनुरागी एवं दल महोबा, करमा नृत्य कतवारू राम एवं दल सोनभद्र, डोमकच्छ नृत्य सुक्खन एवं दल सोनभद्र, झूमर नृत्य आशा देवी एवं दल सोनभद्र, धरकहरी नृत्य रामधनी मड़कूड़ी एवं दल सोनभद्र व चकरी चरी भवई नृत्य तेजकरण एवं दल राजस्थान के कलाकारों द्वारा पेश किया जाएगा।
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इसी प्रकार से 24 मार्च मंगलवार को आल्हा गायन अंजलि सिंह एवं दल रायबरेली, रीना शैला नृत्य हास कुमार मरावी एवं दल डिंडौरी मध्यप्रदेश,गरद बाजा नृत्य सोनाराम एवं दल सोनभद्र, करमा नृत्य राम आधार एवं दल सोनभद्र, चकरी चरी भवई नृत्य तेजकरण एवं दल राजस्थान एवं गुदुम्बबाजा लिखीराम धुर्वे एवं दल मध्यप्रदेश के कलाकारों द्वारा पेश किया जाएगा।
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वहीं 25 मार्च बुधवार को आल्हा गायन फौजदार सिंह एवं दल जौनपुर, करमा नृत्य बनारसी एवं दल सोनभद्र, झिंझी/ होली नृत्य रजनीश एवं दल पीलीभीत, चंगेली नृत्य बूटी बाई एवं दल चित्रकूट एवं डोमकच्छ नृत्य महेंद्र एवं दल सोनभद्र के कलाकारों द्वारा पेश किया जाएगा।
इसी के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। इस मौके पर उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के निदेशक सुदेश शर्मा, जिलाधिकारी सोनभद्र बीएन सिंह भी मौजूद रहेंगे। प्राचार्य डॉक्टर गोपाल सिंह ने अधिक से अधिक लोगों को कार्यक्रम में उपस्थित होने का आग्रह किया है।
प्रथम अंतर्राष्ट्रीय हैमर बॉल कप में सोनभद्र का परचम, बालक-बालिका वर्ग में विजेता रही टीम
सोनभद्र। नेपाल में आयोजित प्रथम अंतर्राष्ट्रीय फाउंडर कप हैमर बॉल प्रतियोगिता (प्रकाश जीनियस खेल मैदान, गोरखपुर के तत्वावधान में) में सोनभद्र की हैमर बॉल टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। प्रतियोगिता के बालक और बालिका दोनों ही वर्गों में सोनभद्र की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त कर चैम्पियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की।
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सोनभद्र का दबदबाबालिका वर्ग ने कड़े मुकाबले में प्रथम स्थान हासिल किया, वहीं बालक वर्ग ने भी शीर्ष स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रौशन किया। इस बड़ी उपलब्धि पर जिले के खेल प्रेमियों में हर्ष की लहर है।
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अधिकारियों ने दी बधाई
इस अवसर पर जिला हैमर बॉल संघ के अध्यक्ष संतोष कुमार पांडे, कोषाध्यक्ष विनोद धर, उप कोषाध्यक्ष विनय कुमार श्रीवास्तव, यूपी हैमर बॉल संघ के हेड मुर्शिद जमाल, उत्तर प्रदेश सलेक्टर राकेश केसरी और जिला सचिव दीपक कुमार श्रीवास्तव ने खिलाड़ियों के इस बेहतरीन प्रदर्शन की सराहना की और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
सोनभद्र। भारतीय जनता पार्टी की जिला इकाई सोनभद्र की नई कार्यकारिणी की घोषणा के बाद कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। इसी क्रम में रॉबर्ट्सगंज स्थित सवेरा कंपाउंड में नगर कमेटी ने नवनियुक्त पदाधिकारियों का भव्य स्वागत किया गया।
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कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं के साथ नई टीम का अभिनंदन करते हुए संगठन को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह एवं काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप सिंह पटेल की संस्तुति पर जिलाध्यक्ष नन्दलाल के नेतृत्व में नई कार्यकारिणी घोषित की गई है। इसमें कई नए चेहरों को अवसर दिया गया है, जिससे संगठन में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।
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नई कार्यकारिणी में 8 जिला उपाध्यक्ष, 3 जिला महामंत्री और 8 जिला मंत्री बनाए गए हैं। जिला उपाध्यक्ष के रूप में शंभूनारायण सिंह, बृजेश कुमार श्रीवास्तव, महेश्वर चन्द्रवंशी, अमरेश पटेल, विशाल पाण्डेय, मनोज कुमार मिश्रा, सरजू बैसवार और अजीत रावत को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं अशोक कुमार मौर्य, संतोष कुमार शुक्ला और शारदा खरवार को जिला महामंत्री बनाया गया है।
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जिला मंत्री पद पर प्रसत्र पटेल, मनोज सोनकर, प्रमिला जायसवाल, मंजू गिरी, अनिल कुमार सिंह, मनोज कुमार सिंह (बबलू), सुषमा गोंड़ और मणिकर्णिका कोल को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा आकाश जायसवाल को जिला कोषाध्यक्ष, अमित गोयल को सह कोषाध्यक्ष, कैलास त्रिपाठी को जिला कार्यालय प्रभारी तथा बलराम सोनी को जिला कार्यालय मंत्री बनाया गया है। रजनीश रघुवंशी को जिला मीडिया प्रभारी और अमन मौर्य को सह मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।
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सोशल मीडिया एवं आईटी प्रबंधन के लिए मनोज सिंह को जिला संयोजक (सोशल), लवकुश केशरी को जिला संयोजक (आईटी) तथा विवेक सिंह तोमर को सह संयोजक (आईटी/सोशल) नियुक्त किया गया है। कार्यकारिणी में सामाजिक संतुलन का भी विशेष ध्यान रखते हुए 17 विभिन्त्र जातियों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
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इसके साथ ही जयप्रकाश चतुर्वेदी, रामशकल, नरेन्द्र कुशवाहा, रुबी प्रसाद, तिरथराज, अरुण प्रताप सिंह, रमेश मिश्रा, ओंकार केशरी, धर्मवीर तिवारी, अशोक मिश्रा, अजीत चौबे, श्रवण सिंह गोंड, रामनरेश पासवान, रामलखन सिंह, नागेश्वर पाण्डेय, डॉ. गोपाल सिंह और देवेन्द्र पटेल को विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है, जबकि 62 जिला कार्यसमिति सदस्यों की भी घोषणा की गई है।
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स्वागत समारोह में वक्ताओं ने कहा कि नई टीम संगठन को नई दिशा और गति देगी तथा आने वाले समय में पार्टी को और सशक्त बनाएगी। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह और एकजुटता देखने को मिली।
उद्योग व्यापार संगठन की हुई बैठक, व्यापारीयों समस्याओं पर हुई चर्चा
रोडवेज बस स्टैंड होने के बावजूद रोडवेज की बसें फ्लाईओवर के नीचे खड़ी होती है अब वहां प्राइवेट बस भी खड़ी होने लगी है
बढ़ौली चौराहा पर प्राइवेट बसें बीच सड़क पर खड़ा कर देने से आए दिन जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है
कुशाग्र कौशल शर्मा
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन की बैठक शनिवार को आयोजित की गई। जिसमें व्यापारी समस्याओं के निराकरण न होने पर वक्ताओं ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया। वक्ताओं ने कहा कि उद्योग बंधु की बैठक सरकार इस उद्देश्य से आयोजित करती है की हर माह व्यापारियों की समस्याओं का निराकरण एक ही पटल पर हो जाए परंतु अधिकारियों की उदासीनता के चलते बैठकों में उठाई गई छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान आज तक नहीं हुआ।
संगठन के जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि इतना बड़ा रोडवेज बस स्टैंड होने के बावजूद रोडवेज की बसें फ्लाईओवर के नीचे खड़ी होती है अब वहां प्राइवेट बस भी खड़ी होने लगी है। उन्होंने कहा कि एक और जहां बढ़ौली चौराहा पर प्राइवेट बसें बीच सड़क पर खड़ा कर देने से आए दिन जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
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वहीं दूसरी ओर मिर्जापुर डिपो की बस फ्लाईओवर के नीचे से खड़ी होकर संचालित की जा रही है आलम यह है की मुख्य सड़क पर भी बस खड़ी होने के कारण प्रायः जाम की समस्या से आम आदमी को रूबरू होना पड़ता है महत्वपूर्ण यह है कि कई बार गंभीर हालत में मरीज के एंबुलेंस भी जाम में फंस जाते हैं
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यह भी उल्लेखनीय है कि पंजाब नेशनल की मुख्य शाखा इसी स्थान से संचालित होती है जहां भीड़भाड़ के कारण अराजक तत्वों का जमावड़ा भी होता है पूर्व में चोरी की कई घटनाएं घट चुकी है इसके कारण बैंक के ग्राहक भी अपने आप को असुरक्षित महसूस करते हैं
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उपरोक्त के संदर्भ में लिखित रूप से अपने पत्रांक संख्या 027/UPUBSS/2025-26 दिनांक 08/ 12/ 25 को सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक सोनभद्र एवं पत्रांक संख्या 042/UPUBSS/2025-26 दिनांक 30/ 12/ 25 को उद्योग बंधु की बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महोदया को भी अवगत कराया जा चुका है।
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यह भी उल्लेखनीय है कि सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक उत्तर प्रदेश परिवहन निगम रावटसगंज को भी इस बारे में लिखित अनुरोध पत्र 08/12/25 को दिया जा चुका है। जिसके परिपेक्ष्य में सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक सोनभद्र ने मिर्जापुर के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक को अपने पत्रांक संख्या1018/स.क्षे.प्र./सोनभद्र/संचा./2025 ने मिर्जापुर डिपो की बसों को डिपो के अंदर से संचालित करने का अनुरोध भी किया था।
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परंतु अधिकारियों की मनमानी के कारण जनता की इस समस्या का निराकरण नहीं हो सका। संगठन के अध्यक्ष प्रशांत जैन ने कहा कि सोनभद्र डिपो के अंदर ढेर सारी बस खराब पड़ी है जिसका ना ही संचालन हो रहा है नहीं वहां से हटाई जा रही है जिसके कारण बसों को खड़ी करने में भी अत्यंत कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है
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उन्होंने आगे कहा कि सोनभद्र डिपो के अंदर आवंटित दुकानों पर ताला बंद है वहीं दूसरी ओर मेज पर रखकर के खाने पीने की सामग्री भेजी जा रही है परिसर में भी गंदगी का साम्राज्य व्याप्त है। श्री जैन ने कहा कि जो बसे डिपो के बाहर से संचालित की जा रही है उसे इन -आउट कैसे किया जाता है।
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आखिरकार इस समस्या से जनता, अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि, सभी रूबरू होते हैं परंतु बावजूद इसके क्यों मूकदर्शक बने हुए। इस समस्या के संदर्भ में आज परिवहन मंत्री एवं मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखकर अवगत कराया जा रहा है।
बैठक में मुख्य रूप से जिला महामंत्री प्रितपाल सिंह, जिला कोषाध्यक्ष शरद जायसवाल, जिला उपाध्यक्ष क्रमशः धर्मराज सिंह, राजू जायसवाल, रवि जायसवाल, राजेश जायसवाल, टीपू अली, दीप सिंह पटेल, गुरप्रीत सिंह सोखी,
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विनोद जायसवाल, नागेंद्र मोदनवाल, पंकज कनोडिया नगर महामंत्री जसकीरत सिंह, नगर कोषाध्यक्ष सिद्धार्थ सांवरिया, नगर मंत्री क्रमशः अमित वर्मा, शिवम केसरी,प्रतिक केसरी, अमित वर्मा,अमित केसरी आदि लोग मौजूद रहे।
धूमधाम से मनाया गया गणगौर पर्व, महिलाओं में दिखा श्रृंगार और भक्ति का अनोखा संगम
सोनभद्र। नगर में गणगौर पर्व शनिवार को धूमधाम और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गणगौर की शाही शोभायात्रा निकाली गई, जिससे पूरे शहर में भक्ति और उत्साह का माहौल छा गया। श्री राणी सती दादी भक्त महिला मंडल व मारवाड़ी युवा मंच सोन महिला शाखा द्वारा गणगौर पर्व के तहत नवविवाहित महिलाओं ने 16 दिनों तक विधिवत पूजन किया।
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सुबह से ही महिलाओं में पारंपरिक वेशभूषा में तैयार होकर ईसर-गणगौर की प्रतिमाओं का श्रृंगार किया। उन्होंने जल, पुष्प, रौली और मेहंदी अर्पित कर विश्चि-विधान से पूजा संपन्न की। शहर के राम सरोबर तालाब पर पूजा का आयोजन हुआ, जहां महिलाओं ने पारंपरिक लोकगीत गाए और भजन-कीर्तन किए शनिवार को घरों से कुल 10 गणगौर की शोभायात्राएं डोल नगाड़ों और डीजे, बैंड-बाजों के साथ निकाली गई।
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ये शोभायात्राएं राबर्ट्सगंज के शीतला मंदिर से राम सरोवर तालाब तक पहुंची। इस दौरान राजपूती और पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाएं मंगल गीत गाते हुए शामिल हुई, जिससे आयोजन में सास्कृतिक रंग घुल गया। सोभायात्रा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से सपन्न हुआ।
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अध्यक्ष रितू जालान ने बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी। यहीं कारण है कि इस पर्व को सौभाग्य और दांपत्य सुख का प्रतीक माना जाता है। इस दिन पूजा करने से अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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इस अवसर पर रानी सती दादी भक्त मंडल की अध्यक्ष, अनीता थर्ड, कोषाध्यक्ष मीरा जालॉन, सचिव पूनम खेतान, मारवाड़ी युवा मंच सोन महिला शाखा की अध्यक्ष ऋतु जालान, कोषाध्यक्ष दीप्ति केडिया, सचिव रंजना अग्रवाल सहित अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं।
“जनसुनवाई में पुलिस अधीक्षक सोनभद्र ने सुनी आमजन की समस्याएं, त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण के दिए निर्देश”
सोनभद्र। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा द्वारा पुलिस कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई/जनता दर्शन कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों से आए नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता, संवेदनशीलता एवं पूर्ण तत्परता के साथ सुना गया।
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कार्यक्रम के दौरान राजस्व प्रकरणों एवं अन्य पुलिस संबंधी मामलों से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं। पुलिस अधीक्षकw ने प्रत्येक प्रकरण का स्वयं संज्ञान लेते हुए संबंधित क्षेत्राधिकारी एवं थाना प्रभारियों को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने हेतु स्पष्ट निर्देश प्रदान किए।
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उन्होंने निर्देशित किया कि सभी शिकायतों की गुणवत्तापूर्ण एवं तथ्यपरक जांच की जाए तथा पीड़ितों को की गई कार्यवाही से समय पर अवगत कराया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही, विलंब या उत्पीड़न पाए जाने पर कठोर कार्यवाही की चेतावनी भी दी गई। जिन मामलों में त्वरित हस्तक्षेप आवश्यक है, उनमें तत्काल विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
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जनसुनवाई कार्यक्रम पुलिस और जनता के मध्य विश्वास, संवाद एवं पारदर्शिता को सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम है। आमजन की समस्याओं का त्वरित, निष्पक्ष एवं संतोषजनक समाधान ही पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।