सपा सांसद की अमर्यादित टिप्पणी पर भड़की नारी शक्ति, भाजपा महिला मोर्चा ने फूंका पुतला

HIGHLIGHTS

  • भाजपा महिला कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, सपा सांसद अजेंद्र सिंह लोधी का फूंका पुतला

सोनभद्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ समाजवादी पार्टी के सांसद अजेंद्र सिंह लोधी द्वारा की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उबाल है। गुरुवार को भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष पुष्पा सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने कचहरी परिसर के समीप एकत्र होकर सपा सांसद के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और उनका पुतला फूंका।

इस दौरान कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी और उनके शीर्ष नेतृत्व के विरोध में जमकर नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष पुष्पा सिंह ने कड़े शब्दों में कहा कि देश के प्रधानमंत्री के खिलाफq अभद्र भाषा का प्रयोग करना न केवल अशोभनीय है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भी पूरी तरह विरुद्ध है।

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वेउन्होंने कहा कि पीएम मोदी देश के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं और उनके प्रति किया गया अपमानजनक व्यवहार पूरे देश का अपमान है, जिसे जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। पुष्पा सिंह ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि समाजवादी पार्टी लगातार अपनी राजनीति का स्तर गिरा रही है

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और आने वाले समय में देश की नारी शक्ति और आम जनमानस लोकतांत्रिक तरीके से इस अपमान का करारा जवाब देंगे। जिला सह मीडिया प्रभारी अमन वर्मा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से भाजपा जिला मंत्री सुषमा सिंह गोंड़, गुड़िया त्रिपाठी, वंदना वर्मा, तारा देवी, रीता गुप्ता, सरोज केशरी, रंजना चौधरी समेत दर्जनों महिला कार्यकर्ता शामिल रहीं। सभी ने एक स्वर में सपा सांसद के बयान की निंदा करते हुए इसे उनकी संकुचित मानसिकता का परिचायक बताया।

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सपा सांसद की अमर्यादित टिप्पणी पर भड़की नारी शक्ति, भाजपा महिला मोर्चा ने फूंका पुतला

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  • भाजपा महिला कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, सपा सांसद अजेंद्र सिंह लोधी का फूंका पुतला

सोनभद्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ समाजवादी पार्टी के सांसद अजेंद्र सिंह लोधी द्वारा की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उबाल है। गुरुवार को भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष पुष्पा सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने कचहरी परिसर के समीप एकत्र होकर सपा सांसद के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और उनका पुतला फूंका।

इस दौरान कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी और उनके शीर्ष नेतृत्व के विरोध में जमकर नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष पुष्पा सिंह ने कड़े शब्दों में कहा कि देश के प्रधानमंत्री के खिलाफq अभद्र भाषा का प्रयोग करना न केवल अशोभनीय है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भी पूरी तरह विरुद्ध है।

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वेउन्होंने कहा कि पीएम मोदी देश के सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं और उनके प्रति किया गया अपमानजनक व्यवहार पूरे देश का अपमान है, जिसे जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। पुष्पा सिंह ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि समाजवादी पार्टी लगातार अपनी राजनीति का स्तर गिरा रही है

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और आने वाले समय में देश की नारी शक्ति और आम जनमानस लोकतांत्रिक तरीके से इस अपमान का करारा जवाब देंगे। जिला सह मीडिया प्रभारी अमन वर्मा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से भाजपा जिला मंत्री सुषमा सिंह गोंड़, गुड़िया त्रिपाठी, वंदना वर्मा, तारा देवी, रीता गुप्ता, सरोज केशरी, रंजना चौधरी समेत दर्जनों महिला कार्यकर्ता शामिल रहीं। सभी ने एक स्वर में सपा सांसद के बयान की निंदा करते हुए इसे उनकी संकुचित मानसिकता का परिचायक बताया।

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अवैध ई-फार्मेसी के विरोध में दवा व्यापारियों ने 20 मई को किया भारत बंद का ऐलान

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  • 20 मई को भारत बंद को लेकर दवा व्यापारियों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

सोनभद्र। अवैध ई-फार्मेसी के संचालन और कॉरपोरेट घरानों की मनमानी के खिलाफ जिले के दवा व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को जिला सोनभद्र केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के बैनर तले बड़ी संख्या में दवा विक्रेताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को बुलंद किया।

व्यापारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया, तो आगामी 20 मई को जिले सहित देशभर की दवा दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी।

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प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि ऑनलाइन दवाओं की अनियंत्रित बिक्री और कॉरपोरेट कंपनियों द्वारा दी जा रही ‘प्रिडेटरी प्राइसिंग’ (अत्यधिक छूट) ने 12 लाख से अधिक छोटे और मध्यम दवा विक्रेताओं की आजीविका पर संकट खड़ा कर दिया है।

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बिना वैध पर्चे के दवाओं की होम डिलीवरी, एंटीबायोटिक और नशीली दवाओं की आसान उपलब्धता न केवल व्यापार के लिए घातक है, बल्कि यह जनस्वास्थ्य के लिए भी एक गंभीर चुनौती बन चुकी है। व्यापारियों का तर्क है कि ई-फार्मेसी के कारण मरीज और फार्मासिस्ट के बीच का सीधा संवाद खत्म हो गया है, जिससे दवाओं के भंडारण और उपयोग में अनियमितताएं बढ़ रही हैं।

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ज्ञापन के माध्यम से दवा विक्रेताओं ने केंद्र सरकार से 28 अगस्त 2018 की अधिसूचना जीएसआर 817 (ई) और 26 मार्च 2020 की अधिसूचना जीएसआर 220 (ई) को तत्काल वापस लेने की मांग की है। समिति के अध्यक्ष बृजानंद सिंह और महामंत्री अमित कुमार ने कहा कि बड़े व्यापारिक समूह बाजार को प्रभावित करने के लिए अनुचित व्यापार नीतियों का सहारा ले रहे हैं,

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जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्ट्रेट परिसर में “दवा विक्रेता समिति जिंदाबाद” के नारों के बीच व्यापारियों ने एकजुटता का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर चंद्रशेखर पांडेय, राहुल पटेल, बिंदु सोनी, सूरज, राजेश कुमार, रोहित, सुग्रीव सिंह और वेद प्रकाश समेत भारी संख्या में केमिस्ट एवं वितरक मौजूद रहे।

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नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध महिला गरिमा और समाज के विकास में बाधक: कौशल शर्मा

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  • उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन की हुई बैठक

कुशाग्र कौशल शर्मा

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन सोनभद्र की बैठक गुरुवार को जिला महामंत्री प्रितपाल सिंह के आवास पर संपन्न हुई, जिसमें संगठन के पदाधिकारियों ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने वाले विपक्षी दलों की कड़े शब्दों में निंदा की। बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा ने कहा कि वर्तमान युग नवनिर्माण का है,

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जिसमें नारी का सहयोग न केवल वांछनीय है बल्कि भविष्य का नेतृत्व भी उन्हीं के हाथों में होगा। उन्होंने गौरवशाली वैदिक काल का स्मरण कराते हुए कहा कि जिस भूमि पर घोषा, अपाला, गार्गी और मैत्रेयी जैसी विदुषियां और देश के लिए प्राण न्यौछावर करने वाली रणदेवियां हुई हों, वहां आज महिलाओं पर अत्याचार असहनीय है।

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उन्होंने जोर देकर कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं की गरिमा, स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम है। विपक्ष का इस अधिनियम के प्रति नकारात्मक रवैया समाज के समग्र विकास में बाधक और महिलाओं के अधिकारों के प्रति उनकी असंवेदनशीलता को दर्शाता है।

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संगठन के वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि इस अधिनियम से शिक्षा, रोजगार और निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होगी। नगर अध्यक्ष प्रशांत जैन और नगर महामंत्री जसकीरत सिंह ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में लंबे समय से महिलाओं की संख्या कम रही है, लेकिन 33 प्रतिशत आरक्षण मिलने से राजनीति में महिलाओं का वर्चस्व बढ़ेगा।

जिला कोषाध्यक्ष व जिला महामंत्री प्रितपाल सिंह और वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष धर्मराज सिंह ने विचार व्यक्त किए कि महिला प्रतिनिधि स्वास्थ्य, पोषण, मातृत्व और रोजगार जैसे विषयों को अधिक संवेदनशीलता से सदन में उठा सकेंगी। वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष राजेश जायसवाल, राजू जायसवाल और रवि जायसवाल ने कहा कि जब महिलाएं नेतृत्व के पदों पर होंगी, तो समाज में बेटियों के प्रति सम्मान और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

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जिला उपाध्यक्ष पंकज कनोडिया, टीपू अली, दीप सिंह पटेल और नागेंद्र मोदनवाल ने स्थानीय निकायों में महिला आरक्षण के सफल मॉडल का जिक्र करते हुए इसे बड़े स्तर पर लागू करने के सरकार के प्रयास की सराहना की। नगर कोषाध्यक्ष सिद्धार्थ सांवरिया और जिला उपाध्यक्ष यशपाल सिंह ने कहा कि इससे नीति निर्माण में लैंगिक संतुलन बनेगा।

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बैठक में मुख्य रूप से अमित अग्रवाल, अभिषेक केशरवानी, जसराज सिंह, गुरप्रीत सिंह सोखी, अभिषेक साहू, धर्मेंद्र प्रजापति, कुशाग्र शर्मा, प्रमोद गुप्ता, अमित वर्मा, शिवम केशरी, प्रतीक केसरी, कृष्णा सोनी, अंकित सिंघल, विभोर और अमित केसरी सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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मिशन शक्ति 5.0 के तहत पुलिस ने महिलाओं को सिखाए आत्मरक्षा के गुर और साइबर सुरक्षा के मंत्र

HIGHLIGHTS

  • मिशन शक्ति 5.0 के तहत पुलिस ने महिलाओं को सिखाए आत्मरक्षा के गुर और साइबर सुरक्षा के मंत्र

कुशाग्र कौशल शर्मा

सोनभद्र।  महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और उनके सशक्तिकरण को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखते हुए जनपद में सोनभद्र पुलिस द्वारा ‘मिशन शक्ति 5.0’ के अंतर्गत एक व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

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पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के कुशल निर्देशन में आयोजित इस अभियान के तहत जिले के समस्त थाना क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के हर वर्ग को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।

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इस दौरान मिशन शक्ति टीमों ने जनपद के प्रमुख विद्यालयों, महाविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों और भीड़भाड़ वाले बाजारों सहित सुदूर ग्राम सभाओं में जाकर महिलाओं और बालिकाओं से सीधा संवाद स्थापित किया। अभियान के दौरान लिंगानुपात, लैंगिक समानता, बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाने के साथ-साथ लैंगिक शोषण और महिलाओं के विरुद्ध होने वाली हिंसा के प्रति लोगों को सतर्क किया गया।

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विशेष रूप से बालिकाओं को ‘गुड टच-बैड टच’ के बारे में विस्तार से समझाया गया और उन्हें विषम परिस्थितियों में आत्मरक्षा के व्यावहारिक उपाय बताए गए। इसके साथ ही महिलाओं को उनके विधिक अधिकारों और उत्पीड़न के विरुद्ध उपलब्ध कानूनी उपायों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

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वर्तमान समय में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए पुलिस ने महिलाओं को ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया के दुरुपयोग और बैंकिंग धोखाधड़ी से बचने के लिए भी जागरूक किया। उन्हें आगाह किया गया कि वे कभी भी अनजान कॉल या लिंक पर भरोसा न करें और अपना ओटीपी (OTP) किसी के साथ साझा न करें।

जनमानस की सहायता के लिए पुलिस द्वारा महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों—आपातकालीन सेवा 112, महिला सुरक्षा हेल्पलाइन 1090/1091, महिला हेल्पलाइन 181, साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076—का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया ताकि आवश्यकता पड़ने पर महिलाएं तत्काल सहायता प्राप्त कर सकें। इस सशक्त पहल का मुख्य उद्देश्य जनपद की हर नारी को सुरक्षित और आत्मनिर्भर महसूस कराना है।

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DM ने दिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के सख्त निर्देश: सरकारी अस्पतालों में प्रसव और कुपोषित बच्चों के उपचार पर जोर

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  • Dm ने दिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के सख्त निर्देश: सरकारी अस्पतालों में प्रसव और कुपोषित बच्चों के उपचार पर जोर

सोनभद्र।  कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति (शासी निकाय) की एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, आई०सी०डी०एस०, पंचायती राज विभाग सहित नगर पालिका एवं नगर पंचायत के जनपद व ब्लाक स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया।

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बैठक के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद में होने वाली सभी डिलीवरी की प्रभावी ट्रैकिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह पूरी तरह साफ होना चाहिए कि प्रसव सरकारी चिकित्सालयों में हो रहा है या निजी अस्पतालों में।

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इसके लिए सभी आशा एवं एएनएम कार्यकर्ताओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की सटीक जानकारी संकलित कर उनसे नियमित संपर्क बनाए रखने तथा संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि अधिक से अधिक संस्थागत प्रसव सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर ही कराए जाएं और इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता कतई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी हिदायत दी कि स्वास्थ्य केन्द्रों व प्राइवेट चिकित्सालयों के अलावा जो प्रसव घरों पर होते हैं, उन सभी की भी अनिवार्य रूप से ट्रैकिंग की जाए और सभी एमवाईसी इसके सम्बन्ध में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

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इसके साथ ही जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि अत्यधिक कमजोर सैम और मैम बच्चों को चिन्हित कर तत्काल एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) सेन्टर में भर्ती कराया जाय। उन्होंने कहा कि जब तक बच्चे पूरी तरह स्वस्थ न हो जाएं, तब तक उन्हें एनआरसी सेन्टर में ही रखा जाए और इस संवेदनशील कार्य में कोई लापरवाही न बरती जाए।

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अस्पतालों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वास्थ्य इकाई पर साफ-सफाई की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। यदि साफ-सफाई के लिए नियुक्त कर्मी के कार्यों में लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित एजेंसी को सूचित कर उसे तत्काल हटाने की प्रक्रिया प्रारम्भ की जाये। उन्होंने लक्ष्य के सापेक्ष ए०एन०सी० पंजीकरण एवं प्रसव की समीक्षा आशा एवं ए०एन०एम० स्तर पर करते हुए स्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिए।

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जिलाधिकारी ने प्रत्येक माह होने वाली मातृ मृत्यु एवं शिशु मृत्यु की अनिवार्य रूप से ऑडिट कराने तथा उसकी लाइन लिस्ट व ऑडिट रिपोर्ट समिति के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा। डी०पी०ओ० आई०सी०डी०एस० को निर्देशित किया गया कि वे हर महीने ब्लॉक स्तर पर सैम बच्चों की सूची सम्बन्धित अधीक्षक या प्रभारी चिकित्साधिकारी से साझा करें, ताकि बच्चों का उचित चिकित्सकीय प्रबन्धन कराते हुए सी०एच०ओ० के माध्यम से ई-कवच पोर्टल पर उनका डेटा अपलोड कराया जा सके।

उन्होंने आर०बी०एस०के० की टीम को भी नियमित रूप से आंगनबाड़ी केन्द्रों का भ्रमण कर बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण करने के निर्देश दिए। इस महत्वपूर्ण बैठक के मौके पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ० पंकज कुमार राय, जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री विनीत सिंह सहित विभिन्न विभागों के तमाम अधिकारीगण व कर्मचारीगण मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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तेज आंधी ने मचाई तबाही, 300 से अधिक बिजली के खंभे और पेड़ धराशायी, जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त

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  • तेज आंधी ने मचाई तबाही, 300 से अधिक बिजली के खंभे और पेड़ धराशायी, जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त

सोनभद्र। जिले में बुधवार की शाम आई भीषण आंधी ने व्यापक तबाही मचाई है, जिससे पूरे क्षेत्र की बिजली और यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। शाम छह बजे के बाद अचानक बदले मौसम के मिजाज ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे रॉबर्ट्सगंज और पिपरी विद्युत वितरण खंडों में भारी नुकसान हुआ है।

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आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अकेले रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र में ही 300 से अधिक बिजली के खंभे और पेड़ उखड़कर गिर गए, जिसके कारण दर्जनों गांवों और शहरी इलाकों की आपूर्ति ठप हो गई। आंधी इतनी तेज थी

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कि कई घरों के छप्पर और टीनशेड हवा में उड़ गए, जबकि चुर्क क्षेत्र में एक मकान की दीवार गिरने से पास खड़ी बोलेरो गाड़ी मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गई। पेड़ गिरने के कारण प्रमुख मार्गों पर आवागमन बाधित रहा, जिससे भीषण जाम की स्थिति बनी रही और राहगीरों को घंटों परेशानियों का सामना करना पड़ा।

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मौसम विज्ञान केंद्र चुर्क के अनुसार, बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, लेकिन शाम होते-होते मौसम में आए इस बदलाव ने तबाही के निशान छोड़ दिए।

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बिजली विभाग के उपखंड अधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि रॉबर्ट्सगंज नगर के साथ-साथ हाइडिल कॉलोनी, भटौलिया, लोढ़ी और सलखन जैसे इलाकों में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है।

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विभाग की टीमें रात से ही पेट्रोलिंग और मरम्मत कार्य में जुटी हैं, लेकिन क्षति इतनी अधिक है कि देर शाम तक कई फीडरों की आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी थी। पिपरी, बभनी, म्योरपुर और दुद्धी क्षेत्रों में भी बिजली के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन फिलहाल नुकसान का आकलन कर रहा है और अवरुद्ध मार्गों को साफ कर बिजली आपूर्ति को जल्द से जल्द पटरी पर लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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इमरती कॉलोनी में जलभराव से मिलेगी मुक्ति, जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने शुरू किया सर्वे

HIGHLIGHTS

  • इमरती कॉलोनी में जलभराव से मिलेगी मुक्ति, जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने शुरू किया सर्वे

सोनभद्र। नगर पालिका परिषद सोनभद्र क्षेत्र के अंतर्गत इमरीती कॉलोनी और स्टेट हाईवे-5ए पर वर्षों से चली आ रही जलभराव की गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए छह सदस्यीय संयुक्त तकनीकी टीम का गठन कर प्रभावी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।

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ज्ञात हो कि प्रतिवर्ष मानसून के दौरान इमरीती कॉलोनी से बढ़ौली चौराहे तक सड़क पर दो से तीन फीट तक पानी भर जाता है, जिससे न केवल यातायात बाधित होता है बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है। इसी समस्या के समाधान हेतु गठित टीम में सिंचाई विभाग, जल निगम (ग्रामीण व शहरी), उत्तर प्रदेश स्टेट हाईवे अथॉरिटी, सीएंडडीएस और नगर पालिका के अधिशासी अभियंताओं को शामिल किया गया है।

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संयुक्त टीम ने मंगलवार को प्रभावित स्थल का गहन निरीक्षण किया, जिसमें यह बात सामने आई कि भौगोलिक बनावट के कारण पश्चिम दिशा के लगभग दो किलोमीटर क्षेत्र का वर्षा जल इमरीती पोखरे में जमा होता है और क्षमता से अधिक पानी होने पर वह हाईवे के रास्ते शहर में घुसने लगता है। निरीक्षण के दौरान टीम ने पानी को वैकल्पिक मार्गों से डाइवर्ट करने और स्थायी निकासी नाला विकसित करने की संभावनाओं पर तकनीकी परीक्षण किया।

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जिलाधिकारी ने टीम की रिपोर्ट के आधार पर अधिकारियों को निर्देशित किया है कि आगामी वर्षा ऋतु से पूर्व इस समस्या का ठोस और दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि आम नागरिकों को जल जमाव और कीचड़ जैसी नारकीय स्थिति से स्थायी राहत मिल सके। जिलाधिकारी की इस त्वरित पहल से स्थानीय निवासियों में जलभराव की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद जगी है।

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सोनभद्र में खतौनी अंश निर्धारण के लिए पांच दिवसीय विशेष अभियान शुरू, पहले ही दिन 4003 प्रकरणों का हुआ निस्तारण

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  • सोनभद्र में खतौनी अंश निर्धारण के लिए पांच दिवसीय विशेष अभियान शुरू, पहले ही दिन 4003 प्रकरणों का हुआ निस्तारण

सोनभद्र। जनपद में भू-अभिलेखों को अद्यतन करने और राजस्व कार्यों में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देश पर 12 मई से 16 मई तक विशेष अंश निर्धारण अभियान का आगाज किया गया है। जिलाधिकारी ने इस अभियान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि खतौनी में खातेदारों और सहखातेदारों के अंश निर्धारण कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि ग्रामवार योजना तैयार कर क्षेत्रीय लेखपालों के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाएं और इसकी समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने डिजिटल मॉनिटरिंग पर जोर देते हुए निर्देश दिए हैं कि सभी लेखपाल अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रत्येक तीन घंटे के अंतराल पर अनिवार्य रूप से गूगल शीट में अपडेट करेंगे, जिससे कार्यों की प्रभावी निगरानी की जा सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि अभियान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

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अभियान के पहले ही दिन राजस्व विभाग की टीमों ने तत्परता दिखाते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। मंगलवार शाम 6:00 बजे तक जिले की चारों तहसीलों में कुल 4003 अंश निर्धारण की कार्यवाही पूर्ण कर ली गई। तहसीलवार प्रगति की बात करें तो तहसील रॉबर्ट्सगंज में 637, घोरावल में 758, ओबरा में 555 और तहसील दुद्धी में सर्वाधिक 2053 अंश निर्धारण किए गए।

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जिलाधिकारी ने बताया कि इस पांच दिवसीय अभियान का मुख्य लक्ष्य लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण कर राजस्व अभिलेखों को त्रुटिरहित बनाना है, जिससे आम जनता को वरासत, भूमि हस्तांतरण और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों में बड़ी सहूलियत मिलेगी। इस विशेष पहल से ग्रामीणों को अब अपने हिस्से की जमीन की स्पष्ट जानकारी के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

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DM ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर दिया जोर, मेडिकल कॉलेज की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश

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  • DM ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर दिया जोर, मेडिकल कॉलेज की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश

सोनभद्र। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित जनसुनवाई कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई, जिसमें जिले के विकास कार्यों और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग स्टाफ की तैनाती और उनसे संबंधित समस्याओं के निराकरण पर विशेष ध्यान दिया।

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उन्होंने मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य को स्पष्ट निर्देश दिए कि नर्सिंग स्टाफ की समस्याओं का जिला स्तर पर तत्काल समाधान किया जाए। जिन मामलों में शासन की अनुमति अनिवार्य है, उनके लिए बिना विलंब किए पत्राचार कर प्रस्ताव भेजा जाए ताकि स्वास्थ्य व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हो सकें। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

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इसी क्रम में, जिलाधिकारी ने ग्रामीण अभियंत्रण विभाग द्वारा जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) निधि से संचालित निर्माण परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने गुणवत्ता मानकों के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया कि 5 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली बड़ी परियोजनाओं की गुणवत्ता जांच आईआईटी (IIT) जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं से कराई जाए।

वहीं अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं के लिए टीम गठित कर नियमित परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने दो टूक कहा कि गुणवत्ता परीक्षण की रिपोर्ट के आधार पर ही अगली प्रक्रिया शुरू की जाए और सभी कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे हों। इस बैठक में मुख्य कोषाधिकारी इंद्रभान सिंह, सीनियर माइंस ऑफिसर कमल कश्यप, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संतपाल वर्मा और अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग नूर आलम सहित विभिन्न निर्माण एजेंसियों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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