विंध्याचल की पर्वत श्रेणियो में सतत प्रवाहमान शोण महानद के तट पर अवस्थित सोनभद्र जनपद के मुख्यालय सोनभद्र नगर (रॉबर्ट्सगंज) के अत्यंत गरीब, कृषक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, मूल कुल गोत्र ऋषि कश्यपजी की तपोभूमि कश्मीर राज्य के जनपद- रामबाग, तहसील/कस्बा बनियार के निवासी कश्मीरी ब्राह्मण परिवार में 18 अक्टूबर 1971 को जन्मे साहित्यकार दीपक कुमार केसरवानी ने मिर्जापुर जनपद से परास्नातक की डिग्री प्राप्त किया। अध्ययन काल में छात्र राजनीति, खेलकूद, साहित्यिक, सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े रहे। इनका छात्र जीवन जनजातियो के साहित्य, कला, संस्कृति को देखते, परखते, सुनते, गुमते बीता।
समाज सेवा:-
सन 1988 से सामाजिक जीवन का आरंभ।
1-सन 1989 में सोनभद्र जनपद की स्थापना, मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, आईटीआई कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज, हवाई अड्डा, संग्रहालय की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान एवं जनपद में विश्वविद्यालय, जिला चिकित्सालय, पुरातत्व विभाग की स्थापना भूतात्विक, पुरातात्विक, ऐतिहासिक,सांस्कृतिक, धार्मिक, प्राकृतिक स्थलों के संरक्षण, संवर्धन, पर्यटन विकास हेतु प्रयासरत।
शोध एवं अध्ययन:-
1-जनजातीय संस्कृति, साहित्य, कला आदि विषयों पर 35 वर्षों से अभिलेखीकरण, प्रकाशन, मुद्रण का कार्य।
2-गुफा चित्रकला, मूर्ति कला
आदिवासी कला, संस्कृति, गोदना, नृत्य, कला, संगीत पर विंध्य संस्कृति शोध समिति के माध्यम से लेखन एवं शोध कार्य।
3-अनुसूचित जाति, जनजाति संस्कृति, साहित्य, कला के संरक्षण के
लिए सोनभद्र जनपद के जनजाति अंचलों में कार्य।
4-जनजातियों में केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार का कार्य।
5-महिला सशक्तिकरण, बालिकाओं की समृद्धि विकास पर आधारित सेमिनार एवं व्याख्यान माला का आयोजन।
6-आदिवासी लोक कला केंद्र के माध्यम से मिर्जापुर मंडल के आदिवासी कलाकारों का गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस एवं अन्य सांस्कृतिक समारोह में कलाकारों की सहभागिता एवं रोजगार परक बनाने में सहयोग।
सहयोग
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गोपाल कृष्ण गोखले द्वारा स्थापित सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी द्वारा प्रदेश के आदिवासी अंचलों में चलाई जाने वाले शैक्षणिक कार्यक्रम में सहभागिता।
आयोजन
1-विंध्य संस्कृति शोध समिति के माध्यम से समय-समय पर सेमिनार, व्याख्यान, आदिवासी कला, संस्कृति पर आधारित प्रदर्शनी का आयोजन।
2-स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस, महापुरुषों की जयंती पुण्यतिथि के अवसर पर समिति के प्रधान कार्यालय में कार्यक्रम का आयोजन।
महादान
काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी को सपत्निक नेत्रदान, देहदान।
साहित्य सेवा
प्रकाशनाधीन कृतियां
सोनभद्र की गुफा चित्रकला, आदिम संस्कृति के चार अध्याय, गुप्तकाशी, पंचमुखी एक अध्ययन, सोनभद्र के क्रांतिकारी आंदोलन का इतिहास, उत्तर प्रदेश की लोक कथाएं, बैनामा, परिवर्तन, विस्थापन, भारतीय संस्कृति में पर्यावरणीय चेतना,
पुरावशेषों में आदिम संस्कृति, अभिलेख, साक्षात्कार, सोनभद्र नगर का इतिहास, कोरोना- ए- जंग, नारी और लोक साहित्य, आदिवासी और लोक साहित्य भाग- 1-2अम्मा, सृजन भाग-1, 2, 3,अहरौरा का इतिहास
प्रकाशित कृतियां
1-केंद्रीय हिंदी निदेशालय, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा आदिवासी संस्कृति, साहित्य, कला पर आधारित आदिवासी, एवं भारतीय संस्कृति में
*सूर्योपासना कृति* का प्रकाशन।
-उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान लखनऊ द्वारा *सूर्योपासना** का प्रकाशन।
-विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के माध्यम से *सोनभद्र के* *स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास।*
-नक्सल आंदोलन पर प्रकाशित नाट्य कृति *परिवर्तन* ।
हिंदी साहित्य, संस्कृति, इतिहास, आदिवासी जीवन पर पुस्तक का प्रकाशन।
भारत सरकार का सहयोग
1-सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जनजातीय अंचलों में बुजुर्गों की सेवा के लिए संचालित जिला आधार प्रतिनिधि के
रूप में वर्ष 2001-भारतीय मीडिया*
1-सन 1992 से आकाशवाणी केंद् ओबरा, दूरदर्शन केंद्र लखनऊ एवं वाराणसी से साहित्य, कला, इतिहास, स्वतंत्रता आंदोलन,आदिवासी संस्कृति पर आधारित वार्ता, परिचर्चा, साक्षात्कार का प्रसारण।
2-आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में वाराणसी दूरदर्शन केल्म के निर्माण में सहयोग।
*प्राइवेट चैनलों के साथ*
ई- टीवी, ज़ी टीवी, सहारा समय, एबीपी न्यूज़, न्यूज़ 18 इंडिया, डिजिटल मीडिया पर संस्कृति, साहित्य, कला पर आधारित कार्यक्रमों का प्रसारण। *छायांकन/ फिल्मांकन*
सोनभद्र के भूतात्विक, पुरातात्विक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, प्राकृतिक, पर्यटन स्थलों की डिजिटल फोटोग्राफी, शॉर्ट फिल्म का निर्माण।
*व्याख्यान*
1-काशी हिंदू विश्वविद्यालय के भोजपुरी अध्ययन केंद्र में विंध्य क्षेत्र की गुफाचित्र पर व्याख्यान एवं सम्मान। *आजादी का अमृत महोत्सव*
1-राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय ओबरा मे आजादी की 75 वीं वर्षगांठ के अवसर पर मध्यकालीन इतिहास विभाग द्वारा आयोजित संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में सोनभद्र की पृष्ठभूमि, ऐतिहासिक स्थल एवं स्वाधीनता संग्राम में जनपद का योगदान विषय पर व्याख्यान।
2-तिरंगा यात्रा के दौरान इंटर कॉलेज मधुपुर में कार्यक्रम के अध्यक्ष के रूप में स्वाधीनता आंदोलन में आदिवासियों का योगदान विषय पर व्याख्यान।
3-विंध्य कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय सोनभद्र में आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत सोनभद्र के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी विषय पर व्याख्यान।
4-शाहीद उद्यान पारसी में तिरंगा यात्रा के समापन के अवसर पर अतिथि के रूप में स्वाधीनता आंदोलन में सोनभद्र का योगदान विषय पर व्याख्यान
* *मानद उपाधि*
1-लोक संस्कृति संग्रहालय नैनीताल, उत्तराखंड के निदेशक पद्मश्री विद्या वाचस्पति, ललित कलाचार्य पंडित डॉ यशोधर मठपाल द्वारा *गुफाचार्य* की उपाधि से विभूषित-1999
2-भारतीय क्षेत्रीय पत्रकार संघ चित्रकूट उत्तर प्रदेश द्वारा संपादकश्री की मानद उपाधि- 2019
3-संस्कार भारती द्वारा पुरातत्व भूषण की उपाधि- 2021
*प्रशस्ति/प्रमाण पत्र*
1-छायांकन सम्मान- 2004
2-कैमूर अलंकरण-2006
3-आदिवासी लोककला महोत्सव सम्मान-2008
4-सोन महोत्सव सम्मान-2009-10
5-रजत जयंती सम्मान-
2014
6-कमलश्री फिल्म प्राइवेट लिमिटेड मुंबई द्वारा स्क्रिप्ट राइटर सम्मान,डॉ दयानंद सिंह स्मृति सम्मान- 2013
7-साहित्य सृजन सम्मान, सोनमाटी रत्न सम्मान- 2015
8-काव्य सर्जक सम्मान- 2019
9-साहित्य गौरव सम्मान- 2020
10-पत्रकार गौरव सम्मान- 2023
*इंटरनेशनल सेमिनार*
1-जीवनोदय शिक्षा समिति गाज़ीपुर, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित वर्ष 2006- 13- 14 में आयोजित इंडियन सोसाइटी कल्चर, भोजपुरी लोकजीवन, भारतीय जीवन मूल्य और आधुनिकता विषय पर सारगर्भित व्याख्यान।
*संगोष्ठी/सेमिनार*
1-सिंगरौली सुपर थर्मल पावर स्टेशन द्वारा हिंदी दिवस 2018 एवं एनटीपीसी रिहंद नगर राजभाषा अनुभाग द्वारा 2022 में आयोजित कार्यक्रम में *विश्व भाषा हिंदी* विषय पर व्याख्यान।
2-मौजी जियरा एसोसिएशन उत्तर प्रदेश, विंध्य न्यूज़ नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड, वाराणसी एवं दिल्ली, सोन माटी वेलफेयर सोसाइटी, सर्वेंटस ऑफ़ इंडिया सोसाइटी, उत्तर प्रदेश लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान, शहीद प्रबंधन स्थल करारी, प्रेस क्लब सोनभद्र, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल, भारतीय ग्रामीण पत्रकार संघ, ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन, पूर्वांचल पत्रकार सम्मेलन, सोनभद्र, मधुरिमा साहित्य गोष्टी, द्वारा शिक्षा, संस्कृति, पत्रकारिता, कविता,आदिवासी जीवन, साहित्य, कला, भूतात्विक, पुरातात्विक, ऐतिहासिक, धार्मिक, प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण पर्यटन विकास आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में स्वतंत्रता आंदोलन पत्रकारिता, लेखन, संपादन पर आधारित सेमिनार, संगोष्ठी में व्याख्यान एवं सृजन सम्मान।
3-बहुआयामी सांस्कृतिक संस्थान रायपुर छत्तीसगढ़ द्वारा दसवां अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन लमही से लुंबिनी तक यात्रा में वर्ष 2019 में हिंदी का वैश्विक विस्तार विषय पर व्याख्यान एवं सृजन सम्मान।
4-वर्ष 2015 में दिल्ली में आयोजित वर्ड बुक फेयर में आदिवासी कृति के लेखन एवं सोनघाटी पत्रिका के संपादन हेतु सृजन सम्मान।
विशेष
1-35 वर्षों के साहित्य, लेखन एवं पत्रकारिता से पर्याप्त अनुभव मिला। जनपद में उपलब्ध फॉसिल्स,गुफा चित्रकला, मूर्तिकला,आदिवासी कला, संस्कृति, गोदना, नृत्य, गीत, संगीत, कला को मैंने अपनी साहित्य लेखन का विषय बनाया।
आदिवासी जातियों की संस्कृतिक उपलब्धियो, प्रदर्शनकारी कलाओ को पुस्तकों में पुरातन कला को लिपिबद्ध किया। सांस्कृतिक विरासतो के प्रति जन जागरूकता, संरक्षण, संवर्धन, पर्यटन,विकास का उपलब्ध संसाधनों से विस्तारीकरण हुआ।
उपलब्ध विरासतो पर आधारित सरकारी गैर सरकारी, सामाजिक, सांस्कृतिक साहित्यिक, संगठनो में अपनी योग्यता को प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त हुआ।
सामाजिक संगठन की स्थापना
1–1991 में भूतात्विक पुरातात्विक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, प्राकृतिक स्थलों के संरक्षण, संवर्धन, पर्यटन विकास हेतु विंध्य संस्कृति शोध समिति की स्थापना
2 -2000 में जनजातीय संस्कृति के उत्थान के लिए आदिवासी लोककला केंद्र की स्थापना।
3- 2023 में मीडिया सेंटर ऑफ़ इंडिया के माध्यम से जनजातीयो को सूचना तंत्र से जोड़ने के लिए।
पद
1-संस्थापक/राष्ट्रीय अध्यक्ष मीडिया सेंटर आफ इंडिया।
2-निदेशक विंध्य संस्कृति शोध समिति ।
3-अध्यक्ष आदिवासी लोक कला केंद्र।
4-निदेशक भोजपुरी संस्कृति शोध समिति।
5-सचिव परामर्श (कानूनी सहायता हेतु समर्पित केंद्र)
6-डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर (भारत सरकार द्वारा संचालित रामायण कल्चर मैपिंग योजना)अयोध्या शोध संस्थान लखनऊ।
7- नामित सदस्य
संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ।
8-मंडलीय संयोजक
यूपी महोत्सव आदिवासी कलाकार ऑडिशन टीम।
सदस्य
1-संस्कृति प्रतिभा खोज, जनपद- सोनभद्र(संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश। लखनऊ) द्वारा संचालित
2-आदिवासी लोक कला महोत्सव,विंध्य महोत्सव, सोन महोत्सव।
उपलब्धियां
साहित्य लेखन- केंद्रीय हिंदी निदेशालय भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा जनजातीय संस्कृति, साहित्य, कला पर आधारित प्रकाशित कृति आदिवासी ,भारतीय संस्कृति में सूर्योपासना,विंध्य संस्कृति शोध समिति द्वारा प्रकाशित प्रथम स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास कृति ने सोनभद्र जनपद के सीमावर्ती राज्य बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित गैर हिंदी भाषी पाठकों ने इन कृतियों को पसंद किया।
नक्सल आंदोलन पर आधारित नाट्य पुस्तक परिवर्तन ने भारत के नक्सल प्रभावित प्रांतो के नक्सली आंदोलन से जुड़े हुए युवक- युवतियों का हृदय परिवर्तन किया।
नक्सलवाद की जाल में फंस चुके जनजातीय युवक-युवातियो को शासन- प्रशासन के साथ मिलकर मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास।
विंध्य संस्कृति शोध समिति द्वारा जनजातीय कलाकारों को शिक्षित,नृत्य, गीत, संगीत, कला में प्रशिक्षित , कराकर रोजगार परक बनाने का प्रयास किया गया।
आज ये कलाकार अपनी कला का जादू पूरे देश भर में बिखेर रहे हैं।
वाराणसी से प्रकाशित हिंदी दैनिक आज में 15 वर्ष,गांडीव मे 10 वर्ष, इलाहाबाद से प्रकाशित न्यायाधीश में 10 वर्ष तक लेखन एवं पत्रकारिता।
सोनघाटी (पत्रिका) सोन महोत्सव स्मरिका, कैकेई काव्यात्मक मूल्यांकन, सवेरा, माटी कहे कुम्हार से, काव्य संग्रह आर्दा, बिगुल का संपादन।
















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सोनभद्र। मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ सोनभद्र पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष “ऑपरेशन शुद्धि” के तहत थाना रॉबर्ट्सगंज पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने एक बड़े अंतर्राज्यीय गांजा तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्र के पर्यवेक्षण में कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने ओडिशा से दिल्ली ले जाया जा रहा 220 गांजा बरामद किया है, /




















