घोरावल में सड़कों की हालत खराब

राम अनुज धर द्विवेदी (संवाददाता)

घोरावल (सोनभद्र): घोरावल ब्लॉक क्षेत्र में कई प्रमुख सड़को की हालत खराब हो चली है। सड़कों को अब गड्ढों वाली सड़क के रूप में पहचान मिल चुकी है। जिसमें राबर्ट्सगंज मार्ग से केवटा गांव को होकर गुरुवल मार्ग,राबर्ट्सगंज मार्ग से कोहरथा मार्ग को जोड़ने वाली नहर की सड़क,राबर्ट्सगंज से तहसील होकर गुरुवल मार्ग,घोरावल नगर से गुरुवल मार्ग,घोरावल नगर से कोहरथा मार्ग के अलावा ऐसी कई सड़के हैं जो बनी लेकिन वर्ष भर के अंदर केवल गड्ढे ही गड्ढे रह गए।इन सड़कों के खराब होने से घोरावल नगर में जाम की समस्या बनी रहती है।जहां एम्बुलेंस समेत अन्य गाड़ियां घंटों जाम में फंसी रहती हैं। राबर्ट्सगंज से गुरुवल मार्ग शिवद्वार मार्ग को जोड़ने वाली तीन सड़को जिसमें केवटा गांव से होकर जाने वाली सड़क, नहर पर से जाने वाली जड़क और तहसील से जाने वाली सड़को को दुरुस्त करा दिया गया होता तो नगर में जाम की समस्या का निदान हो गया होता। लेकिन करीब वर्ष भर से अधिक समय से इन सड़कों के खराब होने से आवागमन को लेकर भारी समस्या खड़ी हो गई है। जिसपर क्षेत्रवासियों द्वारा जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराया गया है।खासकर ऐसी सड़के जो वर्ष भर भी नही चल पाई इनकी जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की गई।

महंत नरेंद्र गिरि के उत्तराधिकारी होंगे बलवीर गिरी

• महंत नरेंद्र गिरि के वसीयत में लिखा है बलवीर गिरी का नाम

• नरेंद्र गिरी के 15 साल पुराने शिष्य हैं बलवीर गिरी

प्रयागराज: अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और श्रीमठ बाघंबरी गद्दी के महंत नरेंद्र गिरि की मृत्यु के बाद बलवीर गिरी महंत नरेंद्र गिरि के उत्तराधिकारी होंगे। सुसाइड नोट में महंत ने बलवीर गिरी को ही विरासत सौंपी थी। वो तकरीबन 15 साल पुराने शिष्य हैं।
बलवीर गिरि इस समय निरंजनी अखाड़े के उप महंत हैं और हरिद्वार स्थित बिल्केश्वर महादेव मंदिर की व्यवस्था का संचालन करते हैं। महंत नरेंद्र गिरि जब अपने शिष्य आनंद गिरि से नाराज हो गए थे तो उन्होंने जो 10 साल पूर्व वसीयत आनंद गिरि के नाम की थी उसको उन्होंने रद्द कर दिया था। आनंद गिरि के स्थान पर बलबीर गिरि के नाम पर वसीयत कर दी थी।

बलवीर गिरि उत्तराखंड के ही निवासी हैं और 2005 में वे संत बने थे। बलवीर गिरि साल 2019 से हरिद्वार के बिल्केश्वर महादेव मंदिर की व्यवस्था देख रहे हैं, वे योग करते है।

गैंगरेप के दोषियों को उम्रकैद की सजा

• प्रत्येक पर एक लाख पांच हजार रुपये अर्थदंड, न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी

• ट्रेन का टिकट न होने पर टीटी बनकर दलित सगी बहनों के साथ बारी-बारी से किया था मुंह काला

• अर्थदंड की समस्त धनराशि दोनों पीड़िताओं को बराबर मिलेगी

राजेश पाठक

सोनभद्र। अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट पंकज श्रीवास्तव की अदालत ने दलित सगी बहनों के साथ हुए गैंगरेप के मामले में सुनवाई करते हुए वृहस्पतिवार को दोषसिद्ध पाकर दोषियों राकेश मौर्या एवं मृत्युंजय सिंह को उम्रकैद एवं प्रत्येक पर एक लाख पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक-एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की समस्त धनराशि दोनों पीड़िताओं को बराबर मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की निवासिनी दलित पीड़ित सगी बहनों ने 8 नवम्बर 2017 को राबर्ट्सगंज कोतवाली में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 4 नवम्बर 2017 को अपनी रिश्तेदारी से ट्रेन पर बैठकर घर आ रही थी। जब ट्रेन राबर्ट्सगंज रेलवे स्टेशन पर खड़ी हुई तो पानी पीने के लिए दोनों नाबालिग बहनें स्टेशन पर उतर गई। इसी बीच शाम 7 बजे एक व्यक्ति आया और अपने को टीटी बताकर टिकट मांगने लगा तो टिकट नहीं था। इसके बाद एक दूसरा व्यक्ति भी आ गया और धमकी देने लगे कि अगर किसी से कुछ बताया या शोर किया तो जान से मार दिया जाएगा। डर की वजह से कुछ नहीं बोल पाई। दोनों व्यक्ति हम बहनों को बाइक पर बैठाकर राबर्ट्सगंज मंडी समिति में एक कमरे में ले गए और शटर बंद करके बारी-बारी जबरन दुष्कर्म किया। रात करीब तीन बजे तक वहीं पर रखे रहे। उसके बाद जान मारने की धमकी देकर भगा दिया। एक का नाम राकेश था। पुलिस ने एक नामजद समेत दो के खिलाफ दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दिया। विवेचना के दौरान राबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के लोढ़ी गांव निवासी राकेश मौर्या के अलावा बिजली गांव निवासी मृत्युंजय सिंह का नाम प्रकाश में आया। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी राकेश मौर्या व मृत्युंजय सिंह को उम्रकैद एवं प्रत्येक को एक लाख पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक-एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की समस्त धनराशि पीड़ित सगी बहनों को बराबर मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील दिनेश अग्रहरि व सत्यप्रकाश तिवारी ने बहस की।

विद्यालय परिसर में बच्चों ने किया पौधरोपण

संस्कृति लाइव संवाददाता, चुर्क (सोनभद्र): पतंजलि योग समिति सोनभद्र के तत्वाधान में बृहस्पतिवार को‌ चुर्क स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में पौधा वितरण एवं पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पतंजलि योग शिक्षक एवं युवा भारत के जिला महामंत्री व सोशल मीडिया प्रभारी योगी संकटमोचन ने विद्यालय में उपस्थित अध्यापकों व बच्चों में पौधे का वितरण किया तथा बच्चों के शुभ हाथों से विद्यालय परिसर में पौधारोपण करवाया ताकि विद्यालय का वातावरण शुद्ध रहे।

इस दौरान योग शिक्षक योगी संकट मोचन ने अध्यापकों व बच्चों से इस कोरोना काल में सुरक्षित पठन-पाठन कैसे करें इस विषय में चर्चा किया और अध्यापकों को बताया कि बच्चे जब सुबह प्रार्थना करते हैं तो उसके बाद उन्हें 2,4 प्राणायाम जैसे भ्रस्तिका प्राणायाम,अनुलोम विलोम, कपालभाति और उज्जाई प्राणायाम इत्यादि को प्रतिदिन कराया जाए। ताकि इससे बच्चों को इस भयावह स्थिति से बचने में मदद मिल सके और उन्होंने बच्चों से कहा कि नित्य प्रति सुबह उठकर अपने घर पर ही अपने माता-पिता और अपने परिवार के साथ प्रतिदिन योग और प्राणायाम आप साथ में करें और अपने परिवार के सदस्यों को कराए। आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य निलेश शर्मा, बड़े बाबू अमरनाथ चतुर्वेदी, सुनीता, दुर्गा, बैजनाथ, मुकेश, राधिका, निकहत सहित विद्यालय के आदि अध्यापक गण एवं बच्चे उपस्थित रहे।

गोरखपुर की घटना के बाद सीएम योगी का निर्देश- यूपी के सभी दागी पुलिसकर्मियों की जांच कर बर्खास्त करें

सीएम योगी ने एडीजी, कानून व्यवस्था और डीजी इंटेलिजेंस के नेतृत्व में प्रदेश में दो कमेटियां बनाने का निर्देश दिया है। ये कमेटियां पूरे यूपी के सभी पुलिसकर्मियों का रिकॉर्ड रिव्यू करेंगी। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ जबरन रिटायरमेंट और बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर की घटना के बाद पुलिस विभाग के लिए बड़ा निर्देश दिया है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की मौत मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले में सियासत भी शुरू हो गई है। इस केस में अब तक कई पुलिसकर्मियों पर गाज गिर चुकी है और उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा भी दर्ज किया गया है। वहीं दूसरी तरफ इस मामले को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी सख्त रुख अपनाया है। टीम-9 की बैठक में सीएम योगी ने पुलिस विभाग को लेकर गुरुवार को अहम निर्देश दिए हैं। सीएम ने एडीजी, कानून व्यवस्था और डीजी इंटेलिजेंस के नेतृत्व में प्रदेश में दो कमेटियां बनाने का निर्देश दिया है।

सीएम योगी ने निर्देश दिया है कि ये दोनों कमेटियां पूरे उत्तर प्रदेश के सभी पुलिसकर्मियों का रिकॉर्ड रिव्यू करेंगी। इसमें जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ जबरन रिटायरमेंट और बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी। ये दोनो कमेटियां जल्द से जल्द सीएम योगी को अपनी रिपोर्ट देंगी। मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिया है कि दोगी पुलिस अफसरों, कर्मियों को कोई भी महत्वपूर्ण तैनाती नहीं दी जाए।

ये है पूरा मामला

दरअसल, गोरखपुर के सिकरीगंज के महादेवा बाजार के रहने वाले चंदन सैनी ने बताया कि वह बिजनेस करते हैं। उनके तीन दोस्त गुरुग्राम से प्रदीप चौहान (32) और हरदीप सिंह चौहान (35) और कानपुर से मनीष गुप्ता (30) गोरखपुर घूमने आए थे। 27 सिंतबर की रात रामगढ़ताल थाना पुलिस होटल व सरायों की जांच पर निकली थी। थाने से कुछ दूरी पर स्थित कृष्णा होटल में पुलिस ने एक कमरे की तलाशी ली तो वहां मनीष अपने दो दोस्तों के साथ ठहरा हुआ था।

पुलिस के पहुंचने पर मनीष के दोनों साथी उठ गए। पूछताछ के दौरान मनीष के दोनों साथियों ने बताया कि वह गुड़गांव व लखनऊ के रहने वाले हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह कोई गलत व्यक्ति नहीं हैं। उन्होंने पुलिस को अपना आधार कार्ड भी दिखाया। पुलिस के मुताबिक इस दौरान मनीष नींद में उठा और बेड से नीचे गिर गया। इससे उसके मुंह में चोट लग गई। पुलिस के अनुसार तीनों युवक नशे में थे। पुलिस मनीष को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर गई। वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि युवक के सिर व शरीर पर गंभीर चोट के निशान हैं। मामले में कई पुलिसकर्मियों पर हत्या की एफआईआर हो गई है, वहीं कई निलंबित किए जा चुके हैं।

पुत्र की दीर्घ आयु और मंगल कामनाओं के लिए माताओं ने रखा जीवित्पुत्रिका का व्रत

• महिलाओं ने दिनभर निर्जला व्रत रखकर शाम को विधि विधान से पूजन- अर्चन किया।

• महिलाओं द्वारा सामूहिक रूप से मंदिरों, तालाबों, सार्वजनिक स्थानों पर जीवित्पुत्रिका की पूजन- अर्चन किया गया।

• जिउतिया त्यौहार को लेकर बाजारों में पूजा- पाठ के सामानों को खरीदने वालों की काफी भीड़ देखने को मिली।

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

सोनभद्र। जिले भर में अष्टमी तिथि बुधवार को महिलाओं ने पुत्र की दीर्घायु और मंगल कामनाओं के लिए निर्जल और निराहार रह कर जीवित्पुत्रिका का व्रत रखा। माताओं ने दिनभर पूजा की तैयारियां किया और शाम होते ही नगर के मंदिरों सार्वजनिक स्थानों, तालाब के पास सामुहिक रुप से एकत्रित होकर पूरे विधि विधान के साथ पूजन अर्चन किया। वही त्यौहार को लेकर बाजारों में जिउतिया व फलों के दुकानों पर काफी भीड़ रही। व्रती महिलाओं ने बताया कि पुत्रों की दीर्घायु व मंगल कामनाओं के लिए रखा जाने वाला यह व्रत काफी कठिन होता है। इस व्रत में दिन भर निर्जल व्रत रहा जाता है और शाम को विधि विधान के साथ पूजा अर्चन किया जाता है।

इस दौरान व्रती महिलाओं ने कहानियां सुनकर, सोहर, बधाई आदि मांगलिक गीत गाकर व्रत को किया और दूसरे दिन नवमी तिथि को जाय और प्रसाद ग्रहण कर उपवास को खोला।
रॉबर्ट्सगंज नगर के उत्तर माहौल,पूरब माहौल, नई बस्ती, राम सरोवर तालाब, बड़ौली पोखरा, अकड़हवा पोखरा समेत आदि स्थानों पर महिलाओं ने निर्जल व्रत रखकर पूजन- अर्चन किया।
साहित्यकार प्रतिभा देवी ने बताया कि निर्जल और निराहार रहकर पुत्र की दीर्घायु और मंगल कामनाओं के लिए यह व्रत रखा जाता है। इसमें फल- फूल, मिष्ठान, खिलौना,जिउतिया, पूड़ी पकवान, वस्त्र आदि चढ़ाकर कुश और गन्ने को गाड़ कर विधि विधान से पूजन- अर्चन किया जाता है तथा पूजन स्थल पर कहानियां सुनकर, सोहर, बधाई आदि मांगलिक गीत गाकर व्रत को पूर्ण किया जाता है और दूसरे दिन नवमी तिथि को व्रती महिलाएं जाय और प्रसाद ग्रहण कर उपवास को खोलती है।

संजीव गौड़ को राज्यमंत्री बनाए जाने पर भाजयुमो के कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटकर मनाई खुशहाली


संस्कृति लाइव संवाददाता,ओबरा (सोनभद्र): भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने ओबरा विधायक संजीव गौड़ को योगी सरकार में राज्य मंत्री बनाए जाने पर बुधवार को लोगों में मिठाई बांट कर हर्ष जताया। युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष अरविंद सोनी ने कहा कि जनपद आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है, पूरी तत्परता से जिसका प्रतिनिधित्व श्री गौड़ करते हैं। इसीलिए प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने आदिवासियों के सिरमौर को मंत्री पद पर आसीन कर जनपद का गौरव बढ़ाने का काम किया है। वर्तमान योगी सरकार में आदिवासियों की स्थिति व सहभागिता प्रत्येक क्षेत्रों में बढ़ा है, आदिवासी समाज को एक बेहतर आयाम देने का काम प्रदेश सरकार कर रही है। पूर्व की सरकारें जनपद की भौगोलिक स्थितियों के विपरीत आदिवासी वर्ग के अधिकारों को कुचलने और शोषित करने का काम किया है। साथ ही साथ आरक्षित, अनारक्षित वर्ग के छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति तक के घोटाले करने में पीछे नहीं हटी थी, अध्ययन कार्यों में भी भ्रष्टाचार का खुलासा होता रहा है। पूर्व की सरकार के रसूखदार मंत्री आजम खान द्वारा यूनिवर्सिटी तक को कब्जा कर लाखों की पुस्तक घोटाला करने का घृणित काम किया गया था। योगी सरकार ने प्रदेश में छात्रवृत्ति हर वर्ग के विद्यार्थियों को निष्पक्ष तौर पर देने का काम किया है, मेधावीयों के सम्मान में ऐतिहासिक कार्य करने की योजना बनाते हुए कई कई किलोमीटर तक की सड़कें बनाई जा रही है। ऐसे में श्री गौड़ को समाज कल्याण विभाग में राज्यमंत्री का दायित्व दिया जाना गौरव की बात है।
इस दौरान युवा मोर्चा नेता समीर माली पूर्व पुस्तकालय मंत्री प्रशांत सोनी, संदीप अग्रवाल, अनिकेत तिवारी, रिजवान कुरैशी, अनुराग उपाध्याय, अविनाश जयसवाल, परवेज अहमद, संदीप यादव, नवलेश वर्मा, अजय रावत सहित आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे ।

पूर्व विधायक रमेश चन्द्र दुबे ने किया प्रेस कॉन्फ्रेंस,


राम अनुज धर द्विवेदी (संवाददाता)

घोरावल (सोनभद्र): पूर्व की सरकार के कार्यो को भाजपा अपनी उपलब्धि गिना रही है।अभी हाल ही में साढ़े चार साल सरकार की उपलब्धियों को गिनाया गया था। इसी क्रम में घोरावल के पूर्व विधायक रमेश चंद्र दुबे ने मंगलवार को एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया।जिसमें उन्होंने बताया कि विधानसभा घोरावल में एक भी अस्पताल, विद्यालय अथवा पुल आदि का निर्माण वर्तमान सरकार द्वारा नही किया गया है।बल्कि पूर्व की योजनाओं और निर्माण कार्यो को अपना बताकर भाजपा के लोग प्रचार कर रहे हैं।शिलापट्टो को तोड़ा जा रहा है। पूर्व में रही सपा सरकार ने हजार करोड़ से अधिक की लागत से बनने वाली परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण घोरावल विधान सभा में किया था।कुछ योजनाओं को पूर्ण न होने के प्रश्न में श्री दुबे ने बताया कि बजट का प्राविधान ही कुछ ऐसा है कि एक साथ पूरे परियोजना पर आने वाली लागत राशि जारी नही होती।सोन नदी के पुल हो या बकहर पुल समेत अन्य पुलों की सरकार के साढ़े चार साल पूर्ण होने पर भी इनका निर्माण पूर्ण नही हो पाया।जिन अस्पतालों को पूर्व की सरकार ने बनवाया उनमें चिकित्सकों को नियुक्त नही किया जा सका है।विधान सभा में पावर हाउस, रोडवेज,बालिका छात्रावास, पिछड़ा वर्ग छात्रावास, इंजीनियरिंग कॉलेज,बड़े अस्पताल,आइटीआइ, पालीटेक्निक के अलावा सिंचाई, व पेयजल के लिए कार्य कराए गए।इसमें से कई योजनाएं जर्स की तस पड़ी हुई हैं।इसके अलावा एनसीएल से घोरावल नगर में दशमिहवा तालाब पर शेड व शिवद्वार में सार्वजनिक भवन का निर्माण कराया गया।अब वर्तमान सरकार अपनी उपलब्धि गिना रही है।सरकार गौशाला की बात कर रही है जबकि हकीकत यह है कि केवली गौशाला पर गायें मर रही हैं।उनको कोई चारा डालने वाला नही है।वहां एक आदमी बचा है उसको भी कई महीने से पगार नही मिल रही है।इस अवसर पर सूरज उमर,कृष्णा शर्मा,काजू अग्रहरी,नितिन मोदनवाल,सत्यप्रकाश चौबे सहित आदि मौजूद रहे।

सीएम योगी ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को दिया स्मार्टफोन और इंफेंटोमीटर

लखनऊ: लखनऊ कोरोना काल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वालीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां अब स्मार्टफोन से लैस हो गई हैं। मंगलवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1 लाख 23 हजार आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्टफोन वितरित किया है। इसके साथ ही, नवजात बच्चों की वृद्धि का स्तर मापने के लिए प्रदेश के हर आंगनबाड़ी केंद्र को नवजात वृद्धि निगरानी यंत्र (इंफेंटोमीटर) भी प्रदान किया है।

‘चार साल पहले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को देखकर खाते थे भय’
इस कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने कहा कि पिछले साढ़े चार साल में एक लंबी दूरी तय किया है। हर एक विभाग ने कुछ नया किया है। आज से 4 साल पहले क्या स्थिति थी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को देखकर हम भय खाते थे। आज परिवर्तन हुआ है।

सीएम योगी ने आगे कहा कि मैं हमेशा कहता था, हम तकनीकी के माध्यम से शासन की योजनाओं को हर नागरिक तक पहुंचाने का कार्य करेंगे, तकनीकी के लिए आवश्यक संसाधन उन लोगों को पहुंचाने का कार्य करें जो समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का कार्य करते हैं।

‘सुशासन को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है’
आज का कार्यक्रम महत्वपूर्ण है, यह स्मार्टफोन वितरण या डिवाइस वितरण का कार्यक्रम ही नहीं है, बल्कि ये सुशासन को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का है। 4 साल पहले हम भय खाते थे कि आंगनबाड़ी बहने न जाने कब धरना प्रदर्शन पर बैठ जाएं। जबकि अब धारणाएं बदली हैं,आपत्ति आने पर यही बहनें आगे आई थीं।

‘कठघरे में खड़ा करने की गई कोशिश’
उन्होंने आगे कहा कि कोई भी व्यक्ति कितना भी बुद्धिमान हो, जबतक उसका काम लोककल्याण के लिए न आए तब तक कोई अस्तित्व नहीं है। एक समय यूपी को फोकस करके मीडिया ट्रायल शुरू हो गया था, जबकि कोरोना अन्य राज्यों में भी था। लेकिन, हम पर हर ओर से हमले करके और कठघरे में खड़ा करने की कोशिश हुई। तब हमने तय किया कि निगरानी समिति का गठन किया जाए। हमने दूसरी लहर में अप्रैल के महीने में निगरानी समिति का गठन कर दिया था।

इसमें सभी विभागों ग्रामीण विकास,पंचायती राज आदि के लोग थे। 10 से 12 लोगों की ये टीम यही आंगनबाड़ी की बहनें लोगों के बीच जाकर पड़ताल, जांच करने जाती थी, फिर ये रिपोर्ट शाम तक मेरे पास आती थी। देखते ही देखते ये कोरोना जो एक महामारी था। उस पर नियंत्रण हुआ और यूपी देश के लिए मॉडल बना।

मैं पहले से आंगनबाड़ी कर्मचारियों की ताकत को जानता था: सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं पहले से जानता था, इनकी ताकत क्या होती है. एएनएम, आंगनबाड़ी बहनों की ताकत मैं समझता था,लेकिन पता नहीं ये समझती थीं या नहीं. 1977 से पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफ्लाइटिस का कहर था,1977 से 1997 तक इसकी सूचना सरकारों तक नही पहुंची थी,किंतनी सरकारें आई लेकिन उन तक इसकी जानकारी गोरखपुर से लखनऊ नहीं पहुच सकी। 1998 में मैं सांसद बना। मैंने अस्पताल जाकर देखा,डॉक्टरों से पूछा उनका कहना था कि ये 20 वर्षों से है,कोई दवा नहीं है।

संजीव गौड़ के समाज कल्याण मंत्री बनने से जगी प्रदेश वासियों में आशा

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र): संस्कृति, साहित्य, कला की आदिभूमि, आदिवासियों की कर्मभूमि, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ राज्यो की भौगोलिक, राजनैतिक सीमाओं से घिरा उत्तर प्रदेश के अंतिम छोर पर अवस्थित देश के एकमात्र जनपद सोनभद्र में निवास करने वाली आदिवासी, अनुसूचित, अनुसूचित जनजातियों में सोनभद्र जनपद के बिल्ली ग्राम निवासी, ओबरा विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचित, कर्मठ, संघर्षशील विधायक संजीव गौड़ को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मंत्री मंडल में शामिल करने एवं उन्हें समाज कल्याण, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति विभाग का राज्य मंत्री बनाए जाने पर सोनांचल में खुशी की लहर छाई हुई है।
सामाजिक, सांस्कृतिक, कलात्मक, साहित्यिक संगठन विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के निदेशक दीपक कुमार केसरवानी ने उत्तर प्रदेश सरकार के इस निर्णय पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि-” सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह निर्णय प्रदेश में निवास करने वाले लोगों के लिए हितकारी है, जनपद सोनभद्र सहित प्रदेश भर के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ी जाति, आदिवासी जाति में आशा की एक नई किरण जागी है।

5 दिसंबर 2019 विंध्य संस्कृति समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के 20 वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ट्रस्ट के निदेशक दीपक कुमार केसरवानी द्वारा ओबरा विधायक (वर्तमान समाज कल्याण एवं अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति विभाग राज्यमंत्री) संजीव गौड़ को सम्मानित करते हुए। (फाइल फोटो)


5 दिसंबर 2019 को विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के बीसवीं वर्षगांठ पर राजा बलदेव दास बिरला इंटरमीडिएट कॉलेज पटवध, सोनभद्र के प्रांगण में आयोजित सम्मान एवं पुस्तक विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में ओबरा विधायक (वर्तमान समाज कल्याण एवं अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति विभाग राज्यमंत्री) संजीव गौड़ को ट्रस्ट के निदेशक दीपक कुमार केसरवानी द्वारा विंध्य रत्न सम्मान से नवाजा गया था।
इस अवसर पर उन्होंने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा था कि-” सोनभद्र आदिवासी कलाकारों की पुण्यभूमि है और यहां की आदिवासी, साहित्य, कला, संस्कृति को सहेजा जाना अति आवश्यक है। इस क्षेत्र में विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है।”
नवनियुक्त समाज कल्याण मंत्री द्वारा प्रदेश भर के सभी कलाकारों को रोजगार एवं वृद्ध कलाकारों को पेंशन, आदिवासियों को जनजाति का दर्जा दिए जाने एवं प्रदेश में निवास करने वाले एवं समाज कल्याण विभाग के योजनाओं के अंतर्गत आने वाले पात्रों को भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित तमाम योजनाओं का लाभ दिलाया जाना चाहिए ताकि प्रदेश के लोगों का सामाजिक, आर्थिक विकास हो सके।

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