चोपन, सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र और डाला रेंज के अन्तर्गत के ग्राम पंचायत कोटा के पास गुरुवार की रात्रि नदी से बालू का अवैध खनन कर रहे वन विभाग ने एक टिपर को पकड़ा। जानकारी के मुताबिक डाला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी राजन सोनकर को मुखीबर द्वारा देर रात्रि मे तड़के खबर मिली कि कोटा गांव के सामने कनहर नदी मे घुस कर एक टिपर बालू लोड कर रहा था
जानकारी मिलते ही आनन-फानन मे अपने दलबल के साथ बताए गए स्थान पर पहुंच गए। इस दौरान जैसे ही मौके पर पहुंची वन रेंज की टीम को देखकर अवैध खनन कर रहे टिपर का ड्राइवर भाद खड़ा हुआ। उसके बाद टीम ने टिपर का पीछा कर कब्जे में लिया। टीम ने टिपर को अपने कब्जे में लेकर डाला रेंज मे लाकर वन अधिनियम के तहत कार्रवाई कर सीज कर दिया है।
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इस सन्दर्भ के क्षेत्रीय वन दरोगा अभिषेक सिंह ने बताया कि वन विभाग की टीम द्वारा विभिन्न क्षेत्र में गश्त किया जाता है खासकर रात्रि में और इस प्रकार से जो कोई अवैध कार्य कर रहा हो उसे बख्शा नही जाएगा विधिक कार्यवाई पकड़े जाने पर जरूर की जाएगी
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वही इस पूरे मामले में अस्थानिय कोटा निवासी नीरज चौबे ,विशाल सिद्धार्थ अन्य के नाम वन अधिनियम में कार्यवाई करने का क्रम जारी है
वही कार्यवाई के दौरान डाला क्षेत्राधिकारी राजन सोनकर, अभिषेक सिंह ,अंकित सिंह समेत अन्य सम्बंधित कर्मी रहे मौजूद
• 24 दिसंबर से आरंभ होगा श्री रामचरितमानस का पाठ का
• 111 भूदेव महायज्ञ में होंगे सम्मिलित।
• पूर्व की भांति संपूर्ण नगर में लगाए जाएंगे ध्वनि विस्तारक यंत्र।
हर्षवर्धन केसरवानी
रॉबर्ट्सगंज,सोनभद्र। श्री राम चरित मानस नवाह पाठ महायज्ञ समिति की बैठक बृहस्पतिवार को राबर्ट्सगंज नगर स्थित जय प्रभा मंडपम में समिति के संरक्षक अजय शेखर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में समिति के पदाधिकारी राकेश त्रिपाठी (शिशु तिवारी) द्वारा गत वर्ष का आय-व्यय का लेखा-जोखा समिति में उपस्थित सदस्यों, पदाधिकारियों के समक्ष रखा गया । 24 दिसंबर 2021 से 2 जनवरी 2022 तक आयोजित होने वाले रामचरितमानस का पाठ महायज्ञ के बारे में विस्तृत मंत्रणा की गई।
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श्री राम चरित मानस नवाह पाठ महायज्ञ समिति के महामंत्री सुशील पाठक ने बताया कि-“ महायज्ञ समिति के अध्यक्ष राधेश्याम जालान के निर्देश पर यह बैठक बुलाई गई और इस बैठक में गत वर्षों का आय-व्यय का लेखा-जोखा समिति के सदस्यों पदाधिकारी के सामने रखा गया। सभी लोगो 27वें श्री राम चरित मानस नवाह पाठ महायज्ञ की विस्तृत रूप-रेखा तैयार की गई। पूर्व वर्षों की तरह ही अबकी बार भी 111 भूदेव महायज्ञ में शामिल होंगे,ध्वनि विस्तारक यंत्र राबर्ट्सगंज शहर में लगाए जाएंगे, ताकि मानस की चौपाइयों का अनुश्रवण संपूर्ण नगरवासी कर सकें और आध्यात्मिक सुख की प्राप्ति कर सकें। उन्होंने यह भी बताया कि भूदेवों का पंजीकरण 1दिसंबर 2021 से यज्ञ समिति के पदाधिकारी शिशु त्रिपाठी के आवास पर होगा। बैठक का सफल संचालन महायज्ञ समिति के महामंत्री सुशील पाठक ने किया।
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बैठक में संरक्षक रतन लाल गर्ग, इंद्रदेव सिंह, ओमप्रकाश त्रिपाठी, डॉक्टर कुसुमाकर श्रीवास्तव, डॉक्टर जेएस चतुर्वेदी, हरीश अग्रवाल,मिठाई लाल सोनी, श्यामसुंदर चौबे, सुधाकर पांडेय, राजेश्वर नाथ शुक्ला, सदस्य अजित सिंह भंडारी, कमल नरायन सिंह, अजय कुमार शुक्ला, मन्नू पांडेय, विमलेश सिंह, महेश द्विवेदी,सुधाकर दुबे, रविंद्र पाठक, चंदन चौबे, राजेश जायसवाल, संगम गुप्ता, संजय अग्रवाल, चंद्रभान अग्रवाल, परमेश जैन, राजेश बंसल, दिनेश बंसल, रामविलास सोनी, राजेंद्र केशरी, ठाकुर अग्रहरि,राजू सोनी, अशोक गुप्ता, आशीष अग्रवाल, राम प्रसाद यादव, सुंदर केशरी, विनय जायसवाल, दीपक कुमार केसरवानी,शुभम शुक्ला, सत्यम शुक्ला, तन्नू पांडेय, डॉक्टर चंद्रभूषण पांडेय, मुरली अग्रवाल, रामनरायन सर्राफ आदि मौजूद रहे। इस आशय की जानकारी श्री रामचरितमानस नवाह पाठ महायज्ञ समिति के मीडिया प्रभारी हर्षवर्धन केसरवानी ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दिया।
सोनभद्र। कार्तिक मास में पड़ने वाला अक्षय नवमी का पर्व सोनभद्र जनपद में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर लोगों ने आंवले के वृक्ष का पूजन और आंवले के वृक्ष के नीचे भोजन करके आध्यात्मिक की सुख की अनुभूति किया। कार्तिक मास की अष्टमी को गोपाष्टमी और नवमी को आंवला नवमी भी कहते हैं। गोपाष्टमी पर गो, ग्वाल और कृष्ण को पूजने का महत्व है तो आंवला नवमी पर आंवले के वृक्ष के पूजन का महत्व है।
गोपाष्टमी के बारे में लोक मान्यता है कि इसी दिन भगवान कृष्ण को गौ चराने के लिए मां यशोदा ने जंगल भेजा था। इस दिन प्रातःकाल गौओं को स्नान कराकर जल, अक्षत, रोली, गुड, जलेबी, वस्त्र तथा धूप-दीप से आरती उतारते हैं। संध्याकाल गायों के जंगल से वापस लौटाने पर उनके चरणों को धोकर तिलक लगाना की परंपरा आज भी कायम है।
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इतिहास का दीपक कुमार केसरवानी के अनुसार-“यह पर्व प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का का पर्व है। इस दिन आंवले के पेड़ का पूजन कर परिवार के लिए आरोग्यता व सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। इस दिन किया गया तप, जप, दान इत्यादि व्यक्ति को सभी पापों से मुक्त करता है तथा सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करने वाला होता है।
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पंडित मृत्युंजय त्रिपाठी के अनुसार-“ अक्षय नवमी के दिन आंवले के वृक्ष में भगवान विष्णु एवं शिवजी का निवास होता है। इस दिन इस वृक्ष के नीचे बैठने और भोजन करने से रोगों का नाश होता है। शास्त्रों के अनुसार अक्षय नवमी के दिन किया गया पुण्य कभी समाप्त नहीं होता है।
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पद्म पुराण के अनुसार-“ यह पवित्र फल भगवान श्री विष्णु को प्रसन्न करने वाला व शुभ माना गया है। इसके ग्रहण मात्र से मनुष्य सब पापों से मुक्त हो जाते हैं। आंवला खाने से आयु बढ़ती है। इस फल का रस पीने से धर्म-संचय होता है। आंवले के जल से स्नान करने से दरित्रता दूर होती है तथा सब प्रकार के ऐश्वर्य प्राप्त होते हैं। आंवले का दर्शन, स्पर्श तथा उसके नाम का उच्चारण करने से वरदायक भगवान श्री विष्णु अनुकूल हो जाते हैं। जहां आंवले का फल मौजूद होता है, वहां भगवान श्री विष्णु सदा विराजमान रहते हैं। तथा उस घर में ब्रह्मा एवं सुस्थिर लक्ष्मी का वास होता है। इसलिए अपने घर में आंवला अवश्य रखना चाहिए।
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साहित्यकार प्रतिभा देवी के अनुसार-“आंवला नवमी पर आंवले के वृक्ष की पूजा और इसके वृक्ष के नीचे भोजन करने की प्रथा की शुरुआत करने वाली माता लक्ष्मी मानी जाती हैं। भारतीय लोक में प्रचलित मान्यताओं के अनुसार-“माता लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करने आईं। रास्ते में भगवान विष्णु एवं शिव की पूजा एक साथ करने की उनकी इच्छा हुई। मां लक्ष्मी ने विचार किया कि आखिर एक साथ विष्णु और शिव की पूजा कैसे हो सकती है? तभी उन्हें ख्याल आया कि तुलसी और बेल के गुण एक साथ आंवले में पाया जाता है। तुलसी भगवान विष्णु को प्रिय है और बेल शिव को।
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आंवले के वृक्ष को विष्णु और शिव का प्रतीक चिह्न मानकर मां लक्ष्मी ने आंवले के वृक्ष की पूजा की। पूजा से प्रसन्न होकर विष्णु और शिव प्रकट हुए। लक्ष्मी माता ने आंवले के वृक्ष के नीचे भोजन बनाकर विष्णु और भगवान शिव को भोजन कराया। इसके बाद स्वयं ने भोजन किया। जिस दिन यह घटना हुई उस दिन कार्तिक शुक्ल नवमी थी। तभी से यह परंपरा चली आ रही है।
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अक्षय नवमी के इस पर्व के अवसर पर जनपद सोनभद्र के ग्रामीण, शहरी, कस्बाई इलाकों में जहां पर आंवले का पेड़ अवस्थित है। वहां पर श्रद्धालु महिलाओं ने आंवले के वृक्ष की पूजा करते हुए इस पर्व से संबंधित भजन कथा का श्रवण एवं वाचन किया। जनपद सोनभद्र के मंदिरो, धार्मिक स्थलों पर विविध प्रकार के धार्मिक सामाजिक कार्यक्रमों का भी आयोजन हुआ ।
दुद्धी, सोनभद्र। शुक्रवार को उपजिलाधिकारी रमेश कुमार ने दुद्धी तहसील के दुमहान में चल रहे कोविड 19 वैक्सिन के टीकाकरण केंद्र का निरीक्षण किया। जहां उन्होंने ग्रामीणों को अधिक से अधिक संख्या में कोविड-19 का वैक्सीन लगवाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान 100 लोगों के टारगेट के सापेक्ष 64 लोंगो को टीका लगाया जा चुका था और टीकाकरण का क्रम जारी था। उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान, कोटेदार व आम नागरिकों के सहयोग से टीकाकरण हेतु प्रेरित किया जा रहा है।
डाला,सोनभद्र। गुरमुरा में चार दिवसीय छठ महापर्व के अनुष्ठानों की छठव्रतियों ने उगते भगवान भास्कर को अर्घ्यं देकर छठ वर्तियों ने पूजा का समापन किया। छठ घाटस्थल पर पूरी व्यवस्था हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी छठ पूजा सेवा समिति के द्वारा किया गया था। छठ व्रतियों को कोई परेशानी न हो। समिति के कार्यकर्ताओं में गजब का उत्साह देखने को मिला। छठ पूजा सेवा समिति के तरफ से बुधवार की शाम को फल वितरण किया गया और बृहस्पतिवार को सुबह अर्घ्य के लिए कच्चा दूध और छठव्रतियों के लिए चाय की व्यवस्था की गई थी। छठव्रतियों एवं श्रद्धालुओं की भीड़ भारी संख्या में उमड़ी थी।
छठ पूजा व्रत रही व्रती महिलाओं ने भोर से ही पानी में खड़ा होकर भगवान भास्कर देव का उगने का इंतजार करती रही और वह समय आया कि भगवान भास्कर देव उदयमान हुए और इसके साथ ही व्रतियों ने भगवान सूर्यदेव को अर्घ्यं देकर परिवार में सुख-शांति व समृद्धि की कामना किया।
छठ पूजा सेवा समिति के अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने कहा कि छठ मैया का मान्यता है कि छठ पर्व में सूर्योपासना करने से छठ माता प्रसन्न होती हैं और परिवार को सुख, शांति व धन-धान्य से परिपूर्ण करती हैं। समिति के उपाध्यक्ष परमहंस पटेल उर्फ मनोज पटेल ने कहा कि भगवान सूर्यदेव के प्रिय तिथि पर पूजा, अनुष्ठान करने से अभीष्ट फल मिलता है। इनकी उपासना कर असाध्य रोग से मुक्ति, कष्ट व शत्रु का नाश, सौभाग्य तथा संतान प्राप्ति की कामना की जाती है।
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समिति के रामचन्द्र जायसवाल ने कहा कि यह महापर्व छठ पूजा चार दिवसीय महाव्रत हैं। इस महापर्व छठ पूजा की महिमा अपरम्पार हैं। छठ पूजा पर्व में कोई भेद भाव नही है। चाहे वह किसी जाति का हो, चाहे गरीब हो या अमीर सभी एक जगह बैठ कर पूजा करते हैं।
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गुरुवार को छठ पर्व के चौथे एवं अंतिम दिन अहले सुबह व्रती नदी, तालाब या कृत्रिम घाट से उदीयमान भगवान सूर्यदेव को दूध तथा जल से अर्घ्य देकर इस महाव्रत का समापन किया गया। इसके साथ ही 36 घंटे से चला आ रहा निर्जला उपवास भी पूर्ण हुआ। व्रती अन्य श्रद्धालुओं और अपने पारिवारिक सदस्यों को आशीर्वाद देकर पारण किया गया। मौके पर मनोज जायसवाल, परमहंस पटेल (मनोज पटेल), रामचन्द्र जायसवाल, राजाराम गोड़, विनोद, सोनू जायसवाल, उज्ज्वल पटेल, नन्दलाल गोड़ (वार्ड सदस्य) राजकुमार पनिका एवं इत्यादि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
• जेबीएस, नगर पंचायत एवं सामाजिक संगठनों ने निभाई जिम्मेदारी।
संस्कृति लाइव संवाददाता,दुद्धी (सोनभद्र): छठ पूजा की चार दिवसीय कठिन अनुष्ठान का त्यौहार गुरुवार की प्रातः उगते सूर्य को अर्ध्य देकर,लोक मंगल की कामना के साथ सम्पन्न हुआ। बुधवार की शाम से ही क्षेत्र की सभी सरोवर-तालाब एवं नदियों के घाट पर ब्रतधारी श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगने लगा था।
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परिवार की सुख-समृद्धि एवं मनोवांछित फल प्रदान करने वाले इस महापर्व पर श्रद्धालुओं ने बुधवार की शाम डूबते हुए भगवान भाष्कर को अर्ध्य दिया और पूरी रात जागरण कर छठ मैया की सुरीली गीतों से घाटों को गुलजार रखा। कुछ श्रद्धालु महिलाएं अपनी मनोकामना को पूर्ण करने के लिए कड़कड़ाती ठंड में सरोवर में खड़े होकर, चार से पांच घंटे तक भगवान भाष्कर की आराधना में लीन व ध्यानमग्न रहीं। गुरुवार की प्रातः सूर्योदय होते ही घाटों पर एक बार फिर श्रद्धालुओं द्वारा आराध्य देव को अर्ध्य देने का सिलसिला शुरू हुआ, जो घंटो चला।इस दौरान ब्रतधारियों द्वारा पुत्र, पति, ब्राम्हण आदि परिजनों से दूध का अर्ध्य लेकर,भगवान सूर्य की उपासना की गयी और इसी के साथ महापर्व का समापन हुआ। घाट से निकल रहे ब्रतधारियों द्वारा महाप्रसाद वितरण का दौर चलता रहा। उधर पूरी रात पंचदेव मंदिर दुर्गा पूजा समिति के तत्वावधान में अध्यक्ष मोनू सिंह एवं सचिव सुजीत कुमार की अगुवाई में देवी जागरण का भव्य आयोजन किया गया।जिसमें श्रोता पूरी रात भक्तिरस की गंगा में डुबकी लगाते रहे।
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शिवा जी घाट पर होने वाली ऐतिहासिक भीड़ का व्यवस्थापन जिम्मेदारी जेबीएस उठाती चली आ रही है, जिसका सहयोग नगर पंचायत, रामलीला कमेटी,दुर्गा पूजा समिति आदि सामाजिक एवं धार्मिक संगठनें कंधा से कंधा मिलाकर करती हैं।इसके अतिरिक्त मां काली सेवा समिति एवं जय हिंद क्लब द्वारा खीर एवं प्रसाद वितरण तथा विकास क्लब द्वारा घाट की साज सज्जा में फूल-मालाओं का विशेष सहयोग दिया गया। इसके अलावा क्षेत्र के बीड़र, कनहर, जाबर,रजखड़, खजुरी समेत दर्जनों स्थानों के घाटों पर धूमधाम से छठ मनाया गया।सुरक्षा की जिम्मेदारी कोतवाल राघवेंद्र सिंह ने संभाल रखी थी।
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एसडीएम रमेश कुमार एवं सीओ रामआशीष यादव घाटों पर चक्रमण कर व्यवस्था पर नजर रखे रहे। विधायक हरीराम चेरो ने घाट पर पहुंचकर दर्शन पूजन किया और 21000 रुपये की सहयोग राशि की घोषणा करते हुए आयोजन कमेटी को बधाई दी। कार्यक्रम में जेबीएस अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रहरि, सचिव सुरेंद्र कुमार गुप्ता,चेयरमैन राजकुमार अग्रहरि,ईओ भारत सिंह,कमल कानू, पंकज कुमार बुल्लू, अनिल कुमार, दीपक शाह,प्रदीप कुमार, पवन सिंह समेत सभी धार्मिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने अपना अमूल्य योगदान दिया। कंट्रोल रूम का संचालन रामपाल जौहरी व आलोक कुमार अग्रहरि ने संयुक्त रूप से किया।
डाला,सोनभद्र। गुरमुरा में चार दिवसीय छठ महापर्व के अनुष्ठानों की छठव्रतियों ने उगते भगवान भास्कर को अर्घ्यं देकर छठ वर्तियों ने पूजा का समापन किया। छठ घाटस्थल पर पूरी व्यवस्था हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी छठ पूजा सेवा समिति के द्वारा किया गया था। छठ व्रतियों को कोई परेशानी न हो। समिति के कार्यकर्ताओं में गजब का उत्साह देखने को मिला। छठ पूजा सेवा समिति के तरफ से बुधवार की शाम को फल वितरण किया गया और बृहस्पतिवार को सुबह अर्घ्य के लिए कच्चा दूध और छठव्रतियों के लिए चाय की व्यवस्था की गई थी। छठव्रतियों एवं श्रद्धालुओं की भीड़ भारी संख्या में उमड़ी थी।
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छठ पूजा व्रत रही व्रती महिलाओं ने भोर से ही पानी में खड़ा होकर भगवान भास्कर देव का उगने का इंतजार करती रही और वह समय आया कि भगवान भास्कर देव उदयमान हुए और इसके साथ ही व्रतियों ने भगवान सूर्यदेव को अर्घ्यं देकर परिवार में सुख-शांति व समृद्धि की कामना किया।
छठ पूजा सेवा समिति के अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने कहा कि छठ मैया का मान्यता है कि छठ पर्व में सूर्योपासना करने से छठ माता प्रसन्न होती हैं और परिवार को सुख, शांति व धन-धान्य से परिपूर्ण करती हैं। समिति के उपाध्यक्ष परमहंस पटेल उर्फ मनोज पटेल ने कहा कि भगवान सूर्यदेव के प्रिय तिथि पर पूजा, अनुष्ठान करने से अभीष्ट फल मिलता है। इनकी उपासना कर असाध्य रोग से मुक्ति, कष्ट व शत्रु का नाश, सौभाग्य तथा संतान प्राप्ति की कामना की जाती है।
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समिति के रामचन्द्र जायसवाल ने कहा कि यह महापर्व छठ पूजा चार दिवसीय महाव्रत हैं। इस महापर्व छठ पूजा की महिमा अपरम्पार हैं। छठ पूजा पर्व में कोई भेद भाव नही है। चाहे वह किसी जाति का हो, चाहे गरीब हो या अमीर सभी एक जगह बैठ कर पूजा करते हैं। गुरुवार को छठ पर्व के चौथे एवं अंतिम दिन अहले सुबह व्रती नदी, तालाब या कृत्रिम घाट से उदीयमान भगवान सूर्यदेव को दूध तथा जल से अर्घ्य देकर इस महाव्रत का समापन किया गया। इसके साथ ही 36 घंटे से चला आ रहा निर्जला उपवास भी पूर्ण हुआ। व्रती अन्य श्रद्धालुओं और अपने पारिवारिक सदस्यों को आशीर्वाद देकर पारण किया गया।
शक्तिनगर, सोनभद्र। आम जन हेतु एनटीपीसी सिंगरौली, शक्तिनगर में छठ पूजा का भव्य आयोजन किया गया। आम जन को सुविधा प्रदान करने की दृष्टि से चिल्काझील की विधिवत सफाई कराई गई। श्रद्धालुओं के दृष्टिगत अतिरिक्त रोशनी, सजावटी लाईट, पेय जल, प्रसाधन की सुचारु व्यवस्था की गई। सुरक्षा को चाक-चौबन्द करने के लिए प्रयाप्त मात्रा में सी.आई.एस.एफ सुरक्षा कर्मी, पुलिस कर्मी एवं निजी गार्ड की तैनाती की गई थी। इसके अलावा पूरे क्षेत्र को सी.सी.टी.वी कैमरे की निगरानी में रखा गया ताकि किसी प्रकार की अवांक्षनीय घटना को रोका सके।
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छठ वर्तियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कंट्रोल रूम के माध्यम से निरंतर आवश्यक सूचना प्रदान की गई एवं खोये हुए परिवार जनों को मिलाया गया। छठ घाट के चारों ओर किसी भी प्रकार के दुर्घटना से आम जन को बचाने के लिए सुरक्षा तैराक तैनात किए गए थे एवं नाव के माध्यम से भी झील में प्रवेश करने वाले लोगों को सुरक्षा प्रदान की गई। झील में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों हेतु सुरक्षा की दृष्टि से रस्सी एवं हुक की भी व्यवस्था की गई थी।
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एनटीपीसी द्वारा की गई सुरक्षा व्यवस्था,आवगमन के रास्ते की साफ-सफाई, घाट की साफ-सफाई, सुरक्षा बैनर, कोरोना से बचाव संबंधी जागरूकता बैनर सहित विभिन्न आवश्यक व्यवस्था की वजह से आम जन लाभान्वित हुए तथा छठ पूजा विधिवत सम्पन्न हुई,साथ ही किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। इस वृहद आयोजन में सहयोग प्रदान करने के लिए सभी छठ पूजा के श्रद्धालुगण,पुलिस प्रशासन, सी.आई.एस.एफ, निजी गार्ड, यूनियन एवं एसोशिएशन के सदस्य गण एवं आयोजन समिति के सदस्यों के प्रति धन्यवाद व्यक्त किया गया।
• 5-5 हजार रुपये अर्थदंड, न देने पर 10-10 दिन की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी
• जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित की जाएगी
राजेश पाठक
सोनभद्र। अपर सत्र न्यायाधीश(एफटीसी)/ विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर एक्ट आसुतोष कुमार सिंह की अदालत ने वृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए गैंगेस्टर एक्ट के मामले में दोषसिद्ध पाकर दोषियों गैंग लीडर पिंटू बैगा, विशाल कुमार बैगा व फक्कड़ उर्फ बाबू उर्फ पंकज बैगा को दो-दो वर्ष की कैद एवं 5-5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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अर्थदंड न देने पर 10-10 दिन की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। अभियोजन पक्ष के मुताबिक बीजपुर थाने के इंस्पेक्टर 31 जुलाई 2018 को पुलिस बल के साथ देखभाल क्षेत्र में निकले थे कि पता चला बेलहवा टोला डोड़हर गांव निवासी गैंग लीडर पिंटू बैगा का एक सक्रिय गिरोह है जो इस क्षेत्र में कार्य करता है।
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अपने लाभ के लिए एवं सक्रिय सदस्यों के लाभ के लिए गैर कानूनी कार्य करता रहता है। इनका क्षेत्र में वर्चस्व कायम है। इनके विरुद्ध कोई भी शिकायत करने एवं गवाही देने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है। डीएम से अनुमोदन कराने के बाद गैंग चार्ट दाखिल किया गया है। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर गैंग लीडर पिंटू बैगा, विशाल कुमार बैगा व फक्कड़ उर्फ बाबू उर्फ पंकज बैगा को दो-दो वर्ष की कैद एवं 5-5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 10-10 दिन की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील धनंजय कुमार शुक्ला ने बहस की।
रेणुकूट, सोनभद्र। नगर में सिंह सभा गुरुद्वारा साहिब के समस्त संगत द्वारा प्रभात फेरी निकाली जा रही है। कमेटी प्रबंधक जगजीत सिंह जी ने बताया कि प्रकाश पर्व हर साल कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि के दिन गुरु नानक जयंती मनाई जाती है, गुरु नानक देव जी ने ही सिख धर्म की स्थापना की थी इस दिन सिख समुदाय के लिए लोग सुबह प्रभात फेरी निकालते हैं गुरुद्वारे जाकर मत्था टेकते हैं, वाहेगुरु का जाप करते हैं और भजन-कीर्तन करते हैं। उन्होंने बताया 15 तारीख को नगर कीर्तन पर रेणुकूट गुरुद्वारे से ग्रासिम केमिकल तक निकाली जाएगी और 19 तारीख को गुरु पर्व मनाया जाएगा।