• मां के मूर्ति को अंतिम रूप दे रहे हैं कलाकार।
• कोरोना कि नियमों का भक्तों से पालन कराएंगे पंडाल समिति के सदस्य एवं पदाधिकारी।
• सड़क के किनारे बनाए जा रहे हैं छोटे पंडाल।
• देवी मंदिरों में की जा रही है आकर्षक सजावट।
हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)
रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र। शारदीय नवरात्र में जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के देवी मंदिरों में जहां एक और भारी संख्या में भक्त जनों की भीड़ लग रही है, वहीं दुर्गा पूजा की तैयारी शुरू हो गई है।
नवरात्र की सप्तमी मां कालरात्रि की आराधना के दिन नगर के दुर्गा पंडालों में मां के विभिन्न स्वरूपों की मूर्ति की स्थापना की जाएगी। मूर्ति स्थापना के लिए आकर्षक पांडाल तैयार कराएं जा रहे हैं, वहीं पर नगर के दीपनगर स्थित कलाकार श्रीराम सोनी, गोलू सोनी द्वारा मां दुर्गा की मूर्ति को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
कलाकार गोलू और श्री राम सोनी ने संस्कृति लाइव संवाददाता से बातचीत में बताया कि हम लोगों की मूर्तिकला में रुचि बचपन से ही थी और वर्ष 2012 से हम लोगों ने मां दुर्गा, गणेश लक्ष्मी आदि देवी- देवताओं की मूर्ति का निर्माण शुरू किया, जो आज तक जारी है। कोरोना संक्रमण के कारण गत वर्ष से मूर्ति निर्माण का कार्य ठप बड़ा हुआ था, लेकिन इस वर्ष हमें मूर्ति निर्माण का आर्डर मिला और हम तन्मयता के साथ मूर्ति का निर्माण कर रहे हैं और हमें आशा है कि आगामी दीपावली पर्व पर भी हमें विघ्नहर्ता गणेश, धन की देवी लक्ष्मी की मूर्ति बनाने का काम मिलेगा।“

नगर में दुर्गा पूजा पंडाल की स्थापना और रात्रि में चल रहे रामलीला के आयोजन से नागरिकों में हर्ष व्याप्त है और भक्तजनों द्वारा प्रतिदिन रामलीला मंचन का आध्यात्मिक आनंद, मंदिरों में पूजा, दर्शन, अर्चन एवं पंडाल में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा।
मां शेरावाली मंडल समिति नई बस्ती रॉबर्ट्सगंज सोनभद्र के संयोजक राजकुमार केसरी के अनुसार- इस वर्ष नई बस्ती में दुर्गा पांडाल की स्थापना की जगह ब्रह्म बाबा मंदिर में मां दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना होगी और विधि- विधान से मां दुर्गा की पूजा, अर्चना, भंडारा आदि का आयोजन किया जाएगा।”
जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज मे दुर्गा पूजा पंडाल कमेटियों के सदस्यों एवं पदाधिकारियों की विभिन्न राय है । ज्यादातर दुर्गा पंडाल छोटे स्तर पर लगाया जा रहा है और नियमानुसार पंडाल में स्थापित होने वाली मूर्तियों का आकार भी छोटा बनाया जा रहा है और पांडाल सड़कों के मध्य ना लगाकर सड़क की पटरियों के किनारे लगाया जा रहा है साथ ही साथ जहां पर देवी मंदिर अवस्थित है उसे भी भव्य, आकर्षक रूप से सजाया जा रहा है। ताकि भक्तजन मां का दर्शन कर आध्यात्मिक पुण्य प्राप्त कर सके और कोविड-19 के गाइडलाइन, सोशल डिस्टेंस का पालन भी भक्तों द्वारा किया जा सके।














