लखनऊ: अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधान सभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियों ने तैयारियां तेज कर दी है और इसी के तहत भारतीय जनता पार्टी (BJP) अब प्रदेश के वोटर्स तक पहुंचने का प्लान बना रही है। वोटर्स तक पहुंचने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) चार रथ यात्रा निकालेगी। बीजेपी का रथयात्रा के जरिए हर वोटर और समाज के हर तबके तक पहुंचने का लक्ष्य है। पार्टी की कोशिश है कि इन 4 रथ यात्राओं के जरिए प्रदेश के लगभग हर विधान सभा तक पहुंचा जाए।
बीजेपी कब निकालेगी रथ यात्रा?
माना जा रहा है कि बीजेपी दिसंबर के पहले हफ्ते से यूपी में रथ यात्रा (BJP Rath Yatra) निकालने की तैयारी है। हालांकि इसको अंतिम रूप दिया जाना अभी बाकी है। ये रथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वांचल, बुंदेलखंड, अवध, ब्रज सहित सभी क्षेत्रों से गुजरेंगे। अभी तक की तैयारी के अनुसार 4 अलग-अलग रूट पर रथयात्राएं निकलेंगी। इन रथ यात्राओं को बीजेपी के वरिष्ठ नेता हरी झंडी दिखाएंगे। अलग-अलग समय और जगह पर इन रथयात्राओं में केंद्र और प्रदेश सरकार के मंत्री भी शामिल होंगे।
पीएम मोदी और सीएम योगी के कामों को बताएगी पार्टी
पार्टी इन रथों के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की उपलब्धियों को जनता को बताएंगी। जानकारी के अनुसार ये रथ यात्राएं 15 दिन तक चलेंगी और चारों रथयात्राओं का समापन लखनऊ में कराने की तैयारी है, जहां एक बड़ी रैली होगी।

25 दिसंबर को हो सकता है रथ यात्रा का समापन
संभावना है की इस समापन समारोह को अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन यानी 25 दिसंबर को किया जाए, जिसे बीजेपी के बड़े नेताओं में से एक संबोधित कर सकते हैं और वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हो सकते हैं। इस मुद्दे को आज की बीजेपी की बैठक में अंतिम रूप दिया जा सकता है, जिसमे पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित उत्तर प्रदेश संगठन से जुड़े नेता भाग लेंगे।

2017 के विधान सभा चुनाव में बीजेपी को मिली थी 312 सीटें
2017 में हुए विधान सभा चुनाव में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस से समझौता कर 311 सीटों पर चुनाव लड़ा था, जबकि सहयोगी कांग्रेस ने 114 सीटों पर किस्मत आजमाया था। चुनाव में सपा को केवल 47 सीटें ही मिलीं और उसको 21.82 फीसदी वोट मिले थे। वहीं कांग्रेस केवल 7 सीटें ही जीत पाई थी और उसे 6.25 फीसद वोट मिले थे। साल 2017 में बीजेपी ने 384 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसे 39.67 फीसदी वोट मिले थे। बीजेपी ने 312 सीटों पर जीत दर्ज कर प्रचंड बहुमत हासिल किया था। वहीं बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने 403 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे केवल 19 सीटें और 22.23 फीसदी वोट मिले थे







