कम संसाधन व क्रिटीकल समस्या होने के बावजूद भी निरंतर बिजली उत्पादन का रिकॉर्ड : महाप्रबंधक

अनपरा, सोनभद्र। नव वर्ष के उपलक्ष में अनपरा तापीय परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक आरसी श्रीवास्तव द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि कम संसाधन व क्रिटीकल समस्या होने के बावजूद भी पिछले वर्ष अपने कर्मठ कर्मियों के ईमानदारी और मेहनत के बदौलत निरंतर बिजली उत्पादन का रिकॉर्ड उत्पादन करता रहा। विदेशी अतिथि गृह में अपने अधिकारियों के साथ सीजीएम ने पत्रकारों को बताया कि संसाधनों की कमी, व्रत- त्यौहार, चुनाव व उत्पादन के दबाव को झेलते हुए भी ए बी डी परियोजना से लगातार निर्बाध गति से बिजली का उत्पादन किया गया । जबकि 10 वर्षों से मरम्मत का कार्य लंबित है, तब भी कभी-कभी हम बिजली उत्पादन के क्षेत्र में एनटीपीसी व अन्य परियोजनाओं से ऊपर हो जाते रहे। आसपास के सीमेंट फैक्ट्री ना होने के वजह से सूखी राख को हम रोड से नहीं भेज पाते जितना भेजना चाहिए। एनसीएल के खदान में राख डालने की हमारी बात चल रही है। प्रदूषण कम करने के लिए राज्य सरकार स्तर से जो भी कार्य चल रहा है उसे क्रियान्वयन करने के लिए निरंतर प्रयास योजना स्तर से जारी है ।हमारे अनपरा परियोजना के यूनिट में प्रदूषण कम करने के लिए एपीजीपी लगाने की प्रक्रिया भी चल रही है, ताकि प्रदूषण को कम से कम किया जाए। सरकारी परियोजना होने के नाते हम समय पर कोई निर्णय नहीं ले सकते। इसके लिए गाइडलाइन बने हुए हैं ।उससे हम बाहर नहीं जा सकते ।उन्होंने कहा एनटीपीसी या अन्य पावर परियोजना का बिजली का उत्पादन वाला लागत तुरंत प्राप्त हो जाती है। हमारे निगम को 2 से 3 साल तक उत्पादन बिजली के कीमत मिलने में देरी हो जाती है। जिससे निगम को पैसे की परेशानी होती है। समय पर परियोजना को धन नहीं मिल पाने के कारण कई काम देरी से शुरू होता है। इस अवसर पर परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक आरसी श्रीवास्तव के अलावे इंजीनियर प्रफुल्ल गुप्ता, इंजीनियर राधे मोहन, इंजीनियर जेपी कटियार, इंजीनियर अजय कुमार, इंजीनियर आरके अग्रवाल, इंजीनियर कर्मेन्द्र सिंह, इंजीनियर आर सी मल, इंजीनियर संजय महतो आदि अधिकारी उपस्थित रहे।

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जिला कारागार में विधिक साक्षरता शिविर सम्पन्न

राम अनुज धर द्विवेदी

घोरावल, सोनभद्र। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशो के अनुसार मा0 अशोक कुमार यादव प्रथम अध्यक्ष/ जनपद न्यायाधीश सोनभद्र के आदेशानुसार श्री पंकज कुमार(पूर्ण कालिक सचिव) जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र की अध्यक्षता में आज वृहस्पतिवार को जिला कारागार गुरमा सोनभद्र का निरीक्षण एव विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।

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माननीय पंकज कुमार सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र द्वारा शिविर में उपस्थित कारागार गुरमा में कारागार में निरुद्ध बन्दियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित योजनाओं के सम्बंध में जानकारियो से अवगत कराया । और बताया गया कि जो बन्दी अपना जुर्म स्वीकार करने को तैयार है उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित होने वाली जेल लोक अदालत में कारागार में ही रिहा किये जाने की सम्बन्धित कार्यवाई की जाती है। अंत में उत्तर प्रदेश विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जारी विभन्न योजनाओ से सम्बंधित पम्पलेट्स भी वितरित किया गया। उक्त विधिक साक्षरता शिविर में अनिल कुमार सुधाकर जेल अधीक्षक, कृष्ण गोपाल डिप्टी जेलर, सुरेश कुमार सिद्धार्थ, जैदी और पीएलवी राजन चौबे उपस्थित रहे।

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प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक सोची समझी साजिश है : धर्मवीर तिवारी

सोनभद्र। बुधवार को पंजाब में जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक हुई वह सामान्य घटना नहीं बल्कि यह एक सोची समझी साजिश थी। जिस राज्य में प्रधानमंत्री का दौरा हो वहां के मुख्यमंत्री को रूट की जानकारी न होना ही इस बात की तरफ इशारा करती है कि बिना सोची समझी साजिश के यह सम्भव ही नहीं । आखिर उपद्रवियों को कैसे पता कि पीएम किस रूट से जाएंगे और फिर वहां की सुरक्षा व्यवस्था क्या कर रही थी। यह कहना है भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष धर्मवीर तिवारी का।
उन्होंने कहा कि जहाँ समूचा विश्व माननीय मोदी जी के सम्मान में कमी नहीं करता वही अपने ही देश में अपने ही घर में उन्हें इस तरह का व्यवहार करना बिल्कुल गलत है ।
घर आए अतिथि का स्वागत करना भारतीय परम्परा रही है परंतु कांग्रेस ने प्रधानमंत्री जी सुरक्षा में चूक करते हुए यह साबित कर दिया कि वे आज भी भारतीय संस्कृति और भारतीयों की परंपरा को अपना नहीं पाए । इस घटना ने कांग्रेस का चरित्र प्रदर्शित कर दिया ।

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श्री तिवारी ने कहा कि राजनीति मुद्दे पर हो तो ठीक है लेकिन इस तरह की राजनीति से यह साफ हो चला है कि कोंग्रेस किस तरह हतोत्साहित है। कांग्रेस को लगने लगा है कि इस बार पंजाब उसके हाथ से निकल रहा है तो इस तरह की कृत्य करवा कर खुद अपनी ही भद्द पिटवा ली और पूरे देश देख लिया। किसी पार्टी विशेष का विरोध जायज़ है परंतु अपने देश के नेतृत्वकर्ता, शान, पहचान के ख़िलाफ़ इस तरह का कायरना व्यवहार करना क़ाफ़िले को रोका जाना बेहद शर्मनाक है ।

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अफसोस इस बात का है कि प्रधानमंत्री के सुरक्षा में चूक क्या होता है यह कांग्रेस से बेहतर कौन जान सकता है जबकि उन्होंने खुद अपने नेता व पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को खोया है । वावजूद इसकी इस तरह का पंजाब सरकार द्वारा कृत्य किया जाना न सिर्फ गलत है बल्कि शर्मनाक भी है । जिसके लिए उन्हें पूरे देश से माफी मांगना चाहिए ।
आज अगर देश में कांग्रेस की सरकार होती तो पंजाब सरकार को बर्खास्त कर दिया गया होता लेकिन देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री जी ने साफ संदेश दिया कि निमाज सुरक्षित वापस लौट आया हूं। हमें गर्व है ऐसे देश के ऐसे प्रधानमंत्री पर।

वाराणसी: शास्त्रीय संगीत के विभिन्न घरानों का सम्मेलन राग रंग का प्रथम दिवस

वाराणसी। बुधवार को पद्मविभूषण गिरिजा देवी सांस्कृतिक संकुल में श्री काशी विश्वनाथ धाम यात्रा के अंतर्गत केंद्रीय संगीत नाटक अकादमी दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी लखनऊ तथा संस्कृति विभाग एवं धर्मार्थ विभाग उत्तर प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन वाराणसी के सहयोग से आयोजित त्रिदिवसीय कार्यक्रम शास्त्रीय संगीत के विभिन्न घरानों के सम्मेलन राग रंग के प्रथम चरण का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन धर्मार्थ एवं प्रोटोकॉल राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ नीलकंठ तिवारी के साथ अन्य विशिष्ट जनो उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष पद्मश्री डॉ० राजेश्वर आचार्य एवं पद्मश्रीश्री रजनीकांत तथा पद्मभूषण पं० साजन मिश्र के कर कमलों द्वारा विधिवत दीप प्रज्ज्वलित करके हुआ।

इस अवसर पर डॉ० नीलकंठ तिवारी ने देशभर के कोने कोने से आये कलाकरो के प्रति आभार व्यक्त किया और श्री काशी विश्वनाथ धाम यात्रा के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमो की माला में एक और पुष्प बताया और कहा कि देश की सांस्कृतिक विरासत और परंपरा को संजोए रखना सभी का कर्तव्य है। आरम्भ में पद्मश्री डॉ० राजेश्वर आचार्य ने मंत्री जी को अंगवस्त्रम प्रदान कर संम्मानित किया और यू पी एस एन श्रीनिवासन, तरुण राज, सचिव उ०प्र० संगीत नाटक अकादमी लखनऊ ने मंत्री जी का स्वागत पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया। इस अवसर पर पद्मश्री पं० राजेश्वर आचार्य ने कहा कि कला का धर्म शाश्वत है वही शाश्वत स्वरूप बाबा की नगरी की जीवंतता का आयाम है।

कार्यक्रम का संयोजन डॉ० सुभाष चंद्र यादव एवं तरुण राज, सचिव उ०प्र० संगीत नाटक अकादमी लखनऊ ने किया। इस अवसर पर मुख्य रुप से अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक लवकुश द्विवेदी तथा केंद्रीय संगीत नाटक अकादमी के कार्यक्रम अशिकारी राजू दास की उपस्थिति रही।

प्रथम प्रस्तुति रही ग्वालियर घराने की प्रसिद्ध गायिका डॉ० मीता पंडित एवं विदुषी सुधा रघुरामन द्वारा प्रस्तुत गायन की जुगबन्दी तबला संगति रही पं कुबेर मिश्र और मृदंगम पर साथ दिया एम बी चंदशेखर तथा हारमोनियम पर साथ दिया पं धर्मनाथ मिश्र ने तथा बांसुरी पर साथ दिया पं जी रघुरामन ने तानपुरा पर संगति राजश्रीनाथ की रही। युगल गायन का आरम्भ हुआ राग तिलककामोद में निबद्ध रचना से बोल थे तीरथ को सब करे। साथ ही राग भूपाली एवं दक्षिणी पद्धति में मोहनम राग में बद्ध रचना जय जय देव हरे सुनाकर भक्तिरस से सिक्त किया साथ मे तराना और तिल्लाना की प्रस्तुति से समापन हुआ।

द्वितीय प्रस्तुति रही फ़रूर्खाबाद घराने के वरिष्ठ ख्यात कलाकार पं अनिदो चैटर्जी एवं उनके सुपुत्र पं अनुब्रत चैटर्जी इनलोग के साथ सारंगी पर संगत रही उस्ताद मुराद अली खान ने विविध तालो की विविध लयकारियो को अनोखे अंदाज विशिष्ट स्वरूप में प्रस्तुत करते हुए श्रोताओ का ह्रदय विभोर किया। दोनो कलाकरो ने उठान कायदा रेला आदि की कुशल प्रयुक्ति से आनंदित किया ।

कार्यक्रम की तीसरी प्रस्तुति के अंतर्गत बनारस घराने के सुख्यात कलाकार पद्मभूषण पं साजन मिश्रा एवं
उनके सुपुत्र एवं सुयोग्य शिष्य पं स्वरांश मिश्र ने एकताल में निबद्ध बंदिश सुनाकर रससिक्त किया बोल थे कौन गत भईली। रूपक में तराना सुनाया साथ मे अंत मे जमुना जल सुनाकर समापन किया। तबला संगति रही शुभ महाराज की एवं तानपुरा संगति रही सागर मिश्र एवं मोहित तिवारी की एवं सारंगी पर संगत रही विनायक सहाय की ।

चौथी और अंतिम प्रस्तुति रही पं रोनू मजूमदार के बांसुरी वादन तथा पं तरुण भट्टाचार्य के संतूर वादन की जुगलबंदी की जिसमे तबला संगति रही उस्ताद फजल कुरैशी की एवं उस्ताद अकरम खान की जिसने दोनो कलाकरो ने राग बद्ध स्वर और लय की विविध प्रस्तुतियों को अपने अपने वाद्यो पर अवतरित किय। व्यवस्था में प्रशान्त राय, अतुल सिंह, अभिषेक, अंगिका मिश्रा, श्रुति प्रकाश, अखिलेश यादव, प्रशान्त यादव व संजय ने विशेष सहयोग प्रदान किया। संचालन किया डॉ० प्रीतेश आचार्य ने किया।

विदाई समारोह में आचार्य श्री लाल मिश्र हुए सम्मानित

  • पौधा, अंगवस्त्रम,स्मृति चिन्ह देकर किया गया सम्मानित।
  • हर हर महादेव के गगनभेदी जयकारों से नगर से विदा हुए भूदेवगण।

हर्षवर्धन केसरवानी

रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र। श्री रामचरितमानस नवाह पाठ महायज्ञ के समापन के अवसर पर समिति के मीडिया प्रभारी हर्षवर्धन केसरवानी द्वारा समाजसेवी हरि किशोर केडिया के आवास (अवतार उपवन) में आयोजित श्री रामचरितमानस नवाह पाठ महायज्ञ में सम्मिलित भूदेवो,मंच आचार्यों, मुख्य आचार्य के विदाई के अवसर पर मुख्य आचार्य श्री सूर्य लाल मिश्र, मंच आचार्य पंडित संतोष कुमार द्विवेदी को पौधा देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर श्री मिश्र ने कहा कि-“भगवान श्रीराम सहित चारों भाइयों की शिक्षा- दीक्षा, वनवास काल जंगलों व्यतीत हुआ और श्री राम को नर से नारायण बनाने, लंका पर विजय का श्रेय वनों में निवास करने वाले, वन उपजों पर आधारित जीवन जीने वाले वनवासियों, आदिवासियों को है। वृक्ष मानव जीवन का आधार है और इसके बिना जीवन असंभव है।

मंच आचार्य पंडित संतोष कुमार द्विवेदी ने कहा कि-“आयुर्वेद की जड़ी- बूटियां हमें वनों से ही प्राप्त होती हैं, जिससे मनुष्य का स्वास्थ्य रक्षण प्राचीन काल से होता रहा है और आज भी मानव जीवन के रक्षण में इनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है कोरोना संक्रमण काल के समय तमाम औषधियों के बने हुए पेय पदार्थों के कारण मानव जीवन की रक्षा हो पाई थी, इस संक्रमण काल ने मानव को बता दिया कि प्रकृति से दूर होने का खतरनाक परिणाम होगा। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर- बाहर, आंगन, छतो पर अवश्य वृक्षारोपण कर प्रकृति के संरक्षण का कार्य करना चाहिए। हमारे वेदों में एक वृक्ष को सौ पुत्रों के समान माना गया है। वृक्षारोपण ईश्वर की सेवा, प्रकृति माता की सेवा है।

इस अवसर पर पंडित शिव कुमार शास्त्री, पंडित अनिल पांडे, पंडित यशवंत पांडे, सदर विधायक भूपेश चौबे, समिति के महामंत्री सुशील पाठक, पूर्व नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष कृष्ण मुरारी गुप्ता,विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के निदेशक दीपक कुमार केसरवानी ने अपना विचार व्यक्त किया।
इस अवसर पर श्री राम चरित मानस नवाह पाठ महायज्ञ समिति के महामंत्री सुशील पाठक, कार्य समिति के सदस्य राकेश त्रिपाठी (शिशु) को मारवाड़ी युवा मंच की ओर से माल्यार्पण कर अंगवस्त्रम प्रदान कर सम्मानित किया गया।

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इस अवसर पर डॉ धर्मवीर तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार रविंद्र केसरी, बजरंग दल के प्रदेश संयोजक सत्य प्रताप सिंह, समाजसेवी, पंकज कानोडिया, सचिन अग्रवाल, शिखर केडिया, तरुण केडिया, हर्षित चौधरी, महेश द्विवेदी, सुधाकर द्विवेदी, मनु पांडे, चंदन चौबे, विमलेश पटेल, मनीष केडिया, सुंदर केसरी आदि लोग उपस्थित रहे।

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अलाव की मांग को लेकर प्रदर्शन

अजीत सिंह

ओबरा, सोनभद्र। भलुआ टोला अंतर्गत स्थानीय रहवासियों ने ठंड के मौसम में नगर पंचायत द्वारा अलाव की व्यवस्था को लेकर अभी तक घोर लापरवाही बरती गई है जिससे छुब्ध होकर स्थानीय लोगो ने नगर पंचायत के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए अलाव की तत्काल व्यवथा कराने की मांग की की है। जिला उपाध्यक्ष महेश अग्रहरी ने कहा कि सरकार की छवि खराब करने। वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा उत्तर प्रदेश सरकार ने नगर पंचायत के द्वारा ठंड में अलाव की व्यवस्था कराने को निर्देश दिए है किंतु ओबरा नगर पंचायत द्वारा इस कार्य में घोटाला किया जा था है और संबंधित ठेकेदार जिसने भी अलाव जलाने की व्यस्था का कार्य लिया है वो लकड़ी को चुनिंदा जगहों पर पहुचाकर केवल नाम करने का कार्य कर रहे है जबकि अभी तक पूरे नगर पंचायत के क्षेत्रों में आम जनमानस अभी तक ठंड से थितुर रहा है और शाम होते ही सड़क और गली मोहल्लों में रहने वाले लोग किसी भी कार्य को लेकर घर से बाहर निकल रहे है तो उन्हें ठिठुरन का सामना करना पड़ रहा है। जिला उपाध्यक्ष ने नगर पंचायत को इस तरफ ध्यान आकृष्ट करा कर जल्द से जल्द अलाव की व्यवस्था कराने की मांग की है। मौके पर जिला उपाध्यक्ष महेश अग्रहरी , जिला महासचिव शिब्बूशेख , शाहिद भाई जिला उपाध्यक्ष अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ, सोनी बानो विधानसभा अध्यक्ष अपना दल एस , जोन महासचिव, मो. उमर , नैयर भाई, रजनीश पांडे सेक्टर सचिव, हजरत अली, तरन्नुम बेगम , रूपा, अफसाना खातून, उर्मिला देवी, नसीमा बानो, फातिमा बानो आदि लोग उपस्थित रहे ।

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वाराणसी: भारतीय सनातन परम्परा विषय पर अयोजित चित्र प्रदर्शनी का हुआ समापन

वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ धाम लोकार्पण के उपलक्ष्य में इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र क्षेत्रीय कार्यालय, वाराणसी, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, उ०प्र० राज्य पुरातत्व विभाग, उ०प्र० संग्रहालय निदेशालय (संस्कृति विभाग) एवं जिला प्रशासन, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में “भारतीय सनातन परम्परा विषय पर चित्र प्रदर्शनी का आयोजन संरक्षित स्मारक गुरूधाम मन्दिर परिसर, वाराणसी में किया गया।

समापन कार्यक्रम के इस क्रम में इन्टैक वाराणसी चैप्टर के अशोक कपूर के सहयोग से 17 से अधिक वाराणसी तथा मिर्जापुर के छठवी से बारहवी कक्षा के लगभग 90 विद्यार्थियों द्वारा चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। उक्त प्रदर्शनी दिनांक 23 दिसम्बर, 2021 से 03 जनवरी 2022 तक प्रातः 10.30 बजे से सांय 5.00 तक आमजन के अवलोकनार्थ खुली रही, जिसका संयोजन प्रो० विजय शंकर शुक्ल, डॉ० सुभाष चन्द्र यादव एवं डॉ० अभिजित दीक्षित ने किया प्रदर्शनी 1 में काशी के साथ-साथ देश के प्रमुख मन्दिरों, मूर्तियों, चित्रकला आदि के लगभग 100 से अधिक प्रदर्शित किये गये।

भारत के सनातन परम्परा, शाक्त परम्परा, मठ परम्परा पर चित्रों के माध्यम से विस्तार से प्रकाशित किया गया था। इस अवसर पर एक संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया, जिसमें विशिष्ट अतिथि प्रो० अवधेश प्रधान, पूर्व विभागाध्यक्ष, हिन्दी विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने अपनी विरासतीय परम्परा को भावी पीढ़ी के माध्यम से संरक्षित करने पर बल दिया। इनके संरक्षण हेतु सभी स्मारकों आदि को आमजन के जीवन से जोड़कर उसे व्यावहारिक रूप से प्रस्तुत करने की बात कही गयी।

कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुये प्रो० विजय शंकर शुक्ल, निदेशक, इन्दिरा गांधी कला केन्द्र, वाराणसी ने भारतीय सनातन परम्परा में सनातन शब्द की अवधारणा को परिभाषित करते हुये कहा कि सनातन का अर्थ है जिसका प्रारम्भ न हो जो अनादि हो तथा अविच्छिन्न रूप में देश काल की परिधि से व्यापक हो। अतिथियों का स्वागत एवं कार्यक्रम का संयोजन डॉ० सुभाष चन्द्र यादव, क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन श्री अशोक कपूर, संयोजन इन्टैक, वाराणसी अध्याय ने किया। इस अवसर पर संजय सिंह, गौतम चटर्जी, डॉ० रजनीकान्त पाण्डेय, डॉ० सुजीत चौबे, मंजरी तिवारी, अदिती गुलाटी, डॉ० ज्योति सिंह, मनोज कुमार, कुमार आनन्द पाल, प्रदीप कुमार आदि बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

श्री राम दरबार की निकाली गई भव्य शोभायात्रा

हर्षवर्धन केसरवानी

सोनभद्र। विश्व के कल्याण के लिए राबर्ट्सगंज के आरटीएस क्लब मैदान में श्री रामचरितमानस नवाह्न परायण महायज्ञ के समापन पर सोमवार को मानस पंडाल में भंडारे का आयोजन किया गया। इसके बाद नगर में श्रीराम दरबार की शोभायात्रा निकाली गई। इसके पूर्व रविवार को रात्रिकालीन प्रवचन में गोरखपुर के कथावाचक हेमंत त्रिपाठी और प्रयागराज के कथावाचक मुरारी शास्त्री ने श्रीराम के राज्याभिषेक की कथा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि-” भगवान श्रीराम ने जब रावण का वध कर दिया तब दशरथ जी पृथ्वी पर आए और उन्होंने रावण के वध पर हर्ष जताया।

उन्होंने श्रीराम जी से वर मांगने को कहा। तब भगवान श्रीराम ने मझली मां कैकेई को क्षमा करने की दशरथ जी से प्रार्थना की। कथावाचक ने भगवान श्रीराम पुष्पक विमान से सीता, लक्ष्मण, हनुमान, जामवंत, सुग्रीव, अंगद आदि के साथ अयोध्या आगमन और श्रीराम राज्याभिषेक की कथा का मार्मिक ढंग से वर्णन किया।

वही मानस मंच पर महामंत्री सुशील पाठक ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि-” आगामी वर्षों में महायज्ञ का आयोजन होता रहेगा तथा समिति के मिडिया प्रभारी हर्षवर्धन केसरवानी द्वारा वर्ष 2021-22 में श्री रामचरित मानस नवाह पाठ महायज्ञ का चालाए गए लाइव प्रसारण देश- विदेश के 12 लाख से अधिक राम भक्तों ने देखा और सराहा। उन्होंने मानस समिति के समस्त पदाधिकारियों, सदस्यों, सहयोगियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस अवसर पर यजमान अजय शुक्ला, शिशु तिवारी, इंद्रदेव सिंह, मिठाई लाल सोनी, संगम गुप्ता, मंच आचार्य पंडित संतोष कुमार द्विवेदी, पंडित शिव कुमार शास्त्री, पंडित अनिल पांडेय, पंडित यशवंत पांडेय, अनिल चौबे ने श्री राम दरबार की भव्य आरती उतारी इसके पश्चात नगर में शोभायात्रा निकाली गई और भक्तों में प्रसाद वितरित किया गया।

अयोजित शोभा यात्रा में मुख्य व्यास सूर्यलाल मिश्र, पूर्व अध्यक्ष रतनलाल गर्ग, महामंत्री सुशील पाठक, यजमान अजय शुक्ला, डॉ० कुसुमाकर श्रीवास्तव, शिशु त्रिपाठी, डॉ० जी एस चतुर्वेदी, सदर विधायक भूपेश चौबे, महेश दुबे, किशोर केडिया, रविंद्र पाठक, धर्मवीर तिवारी, कृष्ण मुरारी गुप्ता, महेश दुबे दीपक कुमार केसरवानी, सत्य प्रताप सिंह, विमलेश पटेल, सुशील पाठक (लोढ़ी), मन्नू पांडेय, अनिल त्रिवेदी, मन्नु पाण्डेय, शुधाकर दुबे, चंदन चौबे, शुभम शुक्ला, ऋषभ सिंह, सत्यम शुक्ला, मनीष केडिया, तन्नू पाण्डे, मीडिया प्रभारी हर्षवर्धन केसरवानी आदि शामिल रहे।

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श्री राम राज्याभिषेक की सजी भव्य झाकी

  • आनंद उत्सव में मग्न हुए भक्तगण।
  • राम दरबार की गई दिव्य आरती।
  • राम दरबार में लुटाई गई मुद्राएं।
  • भगवान श्रीराम का हुआ राजतिलक।

हर्षवर्धन केसरवानी

रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र। नगर के आरटीएस में चल रहे श्री रामचरितमानस नवाह पाठ महायज्ञ के नवम दिवस के अवसर पर भगवान श्री राम के राज्याभिषेक के अवसर पर मानस पंडाल को फूलों से सज्जित किया गया और भगवान श्री राम की दिव्य आरती भक्तों द्वारा की गई।

मुख्य व्यास श्री सूर्य लाल मिश्र के मुखारविंद से गोस्वामी तुलसीदास कृत रामचरितमानस उत्तरकांड की चौपाई
राज बैठे राज्य बैठे त्रैलोका। हर्षित भये गए सब सोका।।
           बयरू न कर काहू सन कोई।
            राम प्रताप विषमता खोई ।।                             अर्थात- भगवान श्री राम के राज्य पर प्रतिष्ठित हो जाने पर तीनो लोक के लोग हर्षित हो गए, उनके सारे दुख जाते रहे, कोई किसी से बैर नहीं करता, श्री रामचंद्र जी के प्रताप से सबकी विषमता (आंतरिक भेदभाव) मिट गये। इस चौपाई के साथ ही राम दरबार में भक्तों द्वारा पुष्प वर्षा की जाने लगी, पटाखे छुड़ाए जाने लगे और मुद्राएं लुटाई जाने लगी।

मुख्य व्यास जी द्वारा भरत पीड़ा तथा भरत – हनुमान मिलन, अयोध्या में आनंद, श्री राम जी का स्वागत, भरत मिलन, राम राज्याभिषेक, वेद स्तुति, शिव स्तुति, वानरों और निषादो की विदाई, रामराज्य का वर्णन आदि कथाओं का वाचन कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

राज्याभिषेक में यजमान अजय शुक्ला, माधुरी शुक्ला, सैल पाठक, शिवानी पाठक ने सहभागिता निभाई। महामंत्री शुशील पाठक ने बताया कि मिडिया प्रभारी हर्षवर्धन केसरवानी ने फेसबुक पेज पर राम दरबार की झाकी का प्रसारण देश विदेश तक कर महत्व पूर्ण कार्य किया गया इसे फेसबुक पेज पर देखा जा सकता है इसके पूर्व शनिवार को रात्रि प्रवचन में प्रसिद्ध कथावाचक हेमंत त्रिपाठी और मुरारी जी शास्त्री ने किष्किंधा कांड, लंका कांड में वर्णित घटनाओं का वर्णन करते हुए कहा कि- जब शेषनाग के अवतार लक्ष्मण दूर करने के लिए हनुमान जी द्वारा लंका जाकर सुषेण वैद्य को ले आना और संजीवनी बूटी द्वारा लक्ष्मण की मूर्छा दूर करना। अंत में रावण वध का सुन्दर वर्णन किया।

इस अवसर पर महामंत्री सुशील पाठक, यजमान अजय शुक्ला, समिति के पूर्व अध्यक्ष रतनलाल गर्ग, डॉ० कुसमाकर श्रीवास्तव, धर्मवीर तिवारी, अविनाश कुशवाहा, संगम गुप्ता, राम जी वरिष्ठ दीपक कुमार केसरवानी, ओमप्रकाश त्रिपाठी, हरीकिशोर केडिया, निर्मल केडिया, विमलेश पटेल, मिठाई लाल सोनी, इंद्र देव सिंह मीडिया प्रभारी हर्षवर्धन केसरवानी, मन्नु पाण्डेय, चन्दन चौबे, शुभम शुक्ला, ऋषभ सिंह, मोहित केडिया, सत्यम शुक्ला, तनु पाण्डेय, रविन्द्र पाठक मंच आचार्यों में संतोष कुमार द्विवेदी, शिव कुमार शास्त्री, पंडित यशवन्त देव पांडेय, अनिल पांडेय, अनिल चौबे सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

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लंकापति रावण के वध से तीनों लोक में छाई खुशियां

• रावण ने की भूदेव की परिक्रमा

• श्री राम की विजय पर छोड़े गए पटाखे

हर्षवर्धन केसरवानी

सोनभद्र। जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज नगर के आटीएस क्लब में आयोजित श्री रामचरितमानस नवाह महायज्ञ के आठवें दिन श्रीराम द्वारा दशानन के वध की भव्य झांकी का दर्शन भक्तो ने किया। मुख्य व्यास सूर्यलाल मिश्र के मुखारविंद से जैसे ही याद दोहा प्रसारित हुआ
“खेची सरासन भवन लगी छाटेड सर एकतीस रघुनायकायक चले मानहु काल कीस ॥
भगवान श्री राम कान तक धनुष को खींचकर 31 बाण छोड़े वह बाण ऐसे चले मानों कालसर्प हो और इन बाणों ने दशानन के नाभि के अमृत कुंड को सोख और वह पृथ्वी पर गिर पड़ा देखकर देवताओं, मुनियों, किन्नरों गंधर्वो के समूह भगवान श्री राम के ऊपर फूल बरसाने लगे कहते हैं कृपालु की जाए हो, मुकुल की जय हो जय हो।

इस भव्य, मनोरम दृश्य को देखकर मानस पंडाल में उपस्थित भक्तजनों ने भगवान श्री राम की जय हो का गगनभेदी उद्घोष किया और इस अवसर पर पटाखे छोड़े गए। भगवान श्रीराम की भव्य झांकी का दर्शन कर भक्तों ने आध्यात्मिक आनंद उठाया इस आनंद बेला में भगवान श्री राम पर पुष्पों की वर्षा की गई। इसके पूर्व लंकापति रावण ने उपस्थित भूदेव की परिक्रमा किया और राम रावण संवाद बड़े ही रोचक ढंग से संपन्न हुआ।

इसके पूर्व शुक्रवार को रात्रि प्रवचन में कथावाचक हेमंत त्रिपाठी और मुरारी जी शास्त्री ने लंकाकांड के विभिन्न प्रसंगो पर आधारित कथाओं का वर्णन किया जिसमे हनुमान का लंका को प्रस्थान सुरसा से भेज छाया पकड़ने वाली राक्षसों का वध, लंका वर्णन, लकिनी पर प्रहार, लंका में प्रवेश, हनुमान विभीषण संवाद हनुमान का अशोक वाटिका में सीता को देखकर दुखी होना और रावण का सीता को भय दिखाना, सीता हनुमान संवाद, हनुमान जी द्वारा अशोक वाटिका का विध्वंस अक्षय कुमार का वच, मेघनाथ का हनुमान जी को नागपाश में बांधकर राम दरबार में ले जाना, रावण हनुमान संवाद, लंका दहन, सीताजी से हनुमान जी द्वारा विदाई मांगना, चूडामणि लेकर वापस लौटना आदि प्रसंगों पर सारगर्भित संगीतमय कर देने वाला प्रवचन सुना।

इस अवसर पर समिति के महामंत्री सुशील पाठक, शिशु त्रिपाठी, यजमान अजय शुक्ला, भाजपा के जिलाध्यक्ष अजीत चौबे, गोविन्द यादव, इंद्रदेव सिंह, अयोध्या दुबे, टिटू मेहता, रतनलाल गर्ग, धरमवीर तिवारी, गुल्लू भण्डारी, समिति के मीडिया प्रभारी हर्षवर्धन केसरवानी, मन्नु पाण्डेय, महेश दुबे, चंदन चौबे, रविंद्र पाठक, विमलेश सिंह पटेल, ऋषभ सिंह, सुशील पाठक (लोढ़ी), मोहित केडिया सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु गण उपस्थित रहे।

वही मानस पाठ का संचालन कर रहे मंच आचार्य संतोष कुमार द्विवेदी के जन्मदिन के शुभ अवसर पर मुख्य व्यास श्री सूर्य लाल मिश्र जी द्वारा उन्हें माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया

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