सोनभद्र पुलिस की बड़ी कामयाबी: गुमशुदा मोबाइल बरामदगी में प्रदेश में मिला दूसरा स्थान, पीड़ितों को वापस दिलाए करोड़ों रुपये

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  • सोनभद्र पुलिस की बड़ी कामयाबी: गुमशुदा मोबाइल बरामदगी में प्रदेश में मिला दूसरा स्थान, पीड़ितों को वापस दिलाए करोड़ों रुपये

सोनभद्र। साइबर अपराधों पर नकेल कसने और आम जनता की सुरक्षा को लेकर सोनभद्र पुलिस ने एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के कुशल निर्देशन में जनपद पुलिस ने सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर यानी CEIR पोर्टल के माध्यम से गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी करने में पूरे उत्तर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।

पुलिस की इस त्वरित और तकनीक आधारित कार्यप्रणाली की बदौलत चालू वर्ष 2026 में अब तक कुल 638 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 1 करोड़ 25 लाख रुपये आंकी गई है।

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पुलिस कार्यालय में जब इन बरामद मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपा गया, तो उनके चेहरे खिल उठे और उन्होंने सोनभद्र पुलिस की इस तत्परता की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।

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मोबाइल बरामदगी के साथ-साथ सोनभद्र पुलिस की साइबर सेल और साइबर थाना टीम ने ऑनलाइन ठगी के शिकार हुए मासूम लोगों को भी बड़ी राहत पहुंचाई है। डिजिटल माध्यमों से होने वाले अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाते हुए पुलिस ने केंद्र सरकार द्वारा संचालित एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल के माध्यम से इस वर्ष अब तक करीब 1 करोड़ 2 लाख रुपये की भारी-भरकम धनराशि साइबर ठगी के शिकार हुए पीड़ितों के बैंक खातों में सकुशल वापस कराई है।

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साइबर थाना और साइबर सेल की टीमें हेल्पलाइन नंबर 1930 और एनसीआरपी पोर्टल पर मिलने वाली शिकायतों का तत्काल संज्ञान ले रही हैं।

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इसके बाद विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों से बेहद कम समय में समन्वय स्थापित कर फ्रॉड की गई रकम को होल्ड कराया जाता है और फिर विधिक प्रक्रिया पूरी कर उसे पीड़ितों के खातों में रिफंड कराया जा रहा है, जिससे जनता का पुलिस और कानून पर विश्वास और मजबूत हुआ है।

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इस शानदार सफलता के बीच सोनभद्र पुलिस ने आम जनता की सुरक्षा के मद्देनजर एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी और अपील भी जारी की है। पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से ‘जागरूक रहिये, सुरक्षित रहिये’ का आह्वान करते हुए कहा है

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कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी, फर्जी लॉटरी या इनाम के कॉल, संदिग्ध लिंक्स, या अनजान ऑनलाइन फ्रॉड के झांसे में न आएं और हमेशा सतर्क रहें। यदि किसी के साथ किसी भी तरह की साइबर धोखाधड़ी की घटना घटित होती है,

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तो वे बिना समय गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं ताकि त्वरित एक्शन लिया जा सके।

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इसके साथ ही पुलिस ने यह भी सलाह दी है कि यदि आपका मोबाइल फोन कहीं गिर जाता है या खो जाता है, तो उसे तुरंत ब्लॉक कराने और बरामदगी की संभावना बढ़ाने के लिए भारत सरकार के आधिकारिक सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर जरूर पंजीकृत करें।

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इंटरनेट पर अश्लीलता परोसने वालों पर सोनभद्र पुलिस का कड़ा एक्शन, चाइल्ड पोर्नोग्राफी व अश्लील वीडियो अपलोड करने वाले दो अभियुक्त गिरफ्तार

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  • इंटरनेट पर अश्लीलता परोसने वालों पर सोनभद्र पुलिस का कड़ा एक्शन, चाइल्ड पोर्नोग्राफी व अश्लील वीडियो अपलोड करने वाले दो अभियुक्त गिरफ्तार

सोनभद्र। महिलाओं और बच्चों के यौन शोषण से जुड़े अपराधों पर अंकुश लगाने और इंटरनेट को सुरक्षित बनाने की दिशा में सोनभद्र की साइबर थाना और साइबर सेल टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।

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पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के कड़े निर्देशों के बाद सोशल मीडिया और इंटरनेट प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील व पोर्नोग्राफिक सामग्री अपलोड करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे निगरानी अभियान के तहत पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।

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गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉइटेड चिल्ड्रन (NCMEC) पोर्टल और साइबर ट्रिपलाइन प्रणाली से मिली गुप्त सूचनाओं के आधार पर एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल के जरिए पुलिस को दो संदिग्ध इनपुट्स मिले थे, जो सोनभद्र जिले से संबंधित थे। इसके बाद साइबर सेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपियों की पहचान की।

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जांच के दौरान साइबर सेल की टीम ने संबंधित सोशल मीडिया यूजर्स की मोबाइल डिटेल, आईपी एड्रेस और प्रोफाइल विवरण खंगाला। इस तकनीकी जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया के इंस्टाग्राम प्लेटफॉर्म के जरिए इंटरनेट पर अश्लील और चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़ी बेहद आपत्तिजनक सामग्री अपलोड कर रहे थे।

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आरोपियों की सटीक लोकेशन मिलते ही प्रभारी निरीक्षक साइबर थाना धीरेन्द्र कुमार चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने स्थानीय थानों से समन्वय स्थापित कर घेराबंदी की, जिसके परिणामस्वरूप दुद्धी थाना पुलिस ने सैफ पुत्र खजमुद्दीन (निवासी वार्ड नंबर-09, रामनगर दुद्धी) को दुद्धी कस्बा से और ओबरा थाना पुलिस ने राहुल कुमार पुत्र रामकिशुन (निवासी गुरुद्वारा गली, चोपन रोड ओबरा) को ओबरा क्षेत्र से धर दबोचा।

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पुलिस ने इनके पास से अश्लीलता फैलाने और वीडियो अपलोड करने में इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल फोन और डिवाइस भी बरामद कर लिए हैं। पुलिस की कड़ी पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए चौंकाने वाले खुलासे किए। उन्होंने बताया कि उनका दोस्तों का एक सोशल मीडिया ग्रुप है, जिसमें वे इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे माध्यमों से एक-दूसरे को आपत्तिजनक वीडियो भेजते थे।

आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अधिक व्यूज (Views) पाने, सोशल मीडिया पर अपनी पहुंच बढ़ाने और इसके जरिए अनुचित आर्थिक लाभ कमाने के लालच में इन अश्लील वीडियो को विभिन्न वेबसाइट्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड व शेयर करते थे।

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इस गंभीर मामले में पुलिस ने साक्ष्यों और बरामदगी के आधार पर थाना दुद्धी में मुकदमा अपराध संख्या 148/2026 के तहत बीएनएस की धारा 77, 294 और 67A आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है, वहीं थाना ओबरा में मुकदमा अपराध संख्या 112/2026 के अंतर्गत धारा 77, 294 बीएनएस और 67B आईटी एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत कर दोनों को जेल भेज दिया है।

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इस बेहद संवेदनशील और सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में साइबर थाना प्रभारी धीरेन्द्र कुमार चौधरी, दुद्धी थाना प्रभारी धर्मेन्द्र कुमार सिंह, ओबरा थाना प्रभारी सदानन्द राय, दुद्धी चौकी प्रभारी हरिकेश राम आजाद, मुख्य आरक्षी संतोष पटेल, मुख्य आरक्षी शिवनन्दन सिंह, आरक्षी अखिलेश यादव, सुनील रावत और अभिषेक तिवारी शामिल रहे।

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इस बड़ी कामयाबी के बाद सोनभद्र पुलिस ने आम जनता और युवाओं से बेहद कड़क लहजे में अपील की है कि वे भूलकर भी किसी भी प्रकार की अश्लील, आपत्तिजनक या विशेषकर बाल यौन शोषण (चाइल्ड पोर्नोग्राफी) से संबंधित सामग्री को सोशल मीडिया पर अपलोड, शेयर अथवा फॉरवर्ड न करें।

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पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि डिजिटल दुनिया में ऐसी गतिविधियों पर देश की खुफिया एजेंसियों और पुलिस की चौबीसों घंटे पैनी नजर रहती है और ऐसा करना एक गैर-जमानती व गंभीर साइबर अपराध है, जिसमें पकड़े जाने पर सीधे कठोर कानूनी कार्रवाई और जेल की सजा का प्रावधान है।

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रॉंग साइड ड्राइविंग रोकने के लिए सोनभद्र पुलिस ने लगाया अनोखा सेल्फी स्टेशन, अनूठे स्लोगन्स से किया जागरूक

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  • गलत दिशा में गाड़ी तो सही दिशा में शर्मिंदगी: रॉंग साइड ड्राइविंग रोकने के लिए सोनभद्र पुलिस ने लगाया अनोखा सेल्फी स्टेशन, अनूठे स्लोगन्स से किया जागरूक

सोनभद्र।  सड़क हादसों पर लगाम लगाने और वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति संवेदी बनाने के लिए सोनभद्र पुलिस ने एक बेहद अनूठी और आकर्षक पहल शुरू की है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के नेतृत्व में जनपद में चलाए जा रहे विशेष सड़क सुरक्षा अभियान के तहत गुरुवार को थाना रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र के चुर्क मोड़ सपा तिराहा पर एक विशेष यातायात जागरूकता “सेल्फी स्टेशन और फोटो बूथ” स्थापित किया गया।

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इस अनूठे प्रयोग का उद्देश्य आम जनता को पारंपरिक नसीहतों के बजाय बेहद दिलचस्प और युवाओं को आकर्षित करने वाले स्लोगन्स के जरिए यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना है, जो आज शहर में चर्चा का विषय बना रहा।

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इस जागरूकता अभियान के दौरान फोटो बूथ पर “Wrong Side Driving Champion”, “गलत साइड = हादसे की फास्ट ट्रैक टिकट”, “भइया, सड़क शॉर्टकट नहीं होती”, “गलत दिशा में गाड़ी, सही दिशा में शर्मिंदगी”, “मेरी जल्दी किसी की जिंदगी से बड़ी नहीं” तथा “जिंदगी फिल्म नहीं है, रीटेक नहीं मिलेगा” जैसे बेहद मारक और दिल को छू लेने वाले स्लोगन्स प्रदर्शित किए गए थे।

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इन नारों ने वहां से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों का ध्यान अपनी ओर खींचा। बड़ी संख्या में आम लोगों और युवाओं ने इस सेल्फी स्टेशन पर खड़े होकर तस्वीरें खिंचवाईं और उन्हें सोशल मीडिया पर साझा कर सड़क सुरक्षा का संदेश प्रसारित करने का संकल्प लिया। इसके साथ ही, यातायात पुलिसकर्मियों ने नियमों का पालन करने वाले अनुशासित वाहन चालकों को गुलाब के फूल और पानी की बोतल भेंट कर सम्मानित किया, जिससे लोग बेहद उत्साहित नजर आए।

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इस विशेष अभियान के दौरान खुद पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने भी मौके पर मौजूद रहकर आम जनता से सीधा संवाद किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए हमेशा हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करें और भूलकर भी शॉर्टकट के चक्कर में रॉंग साइड (गलत दिशा) में वाहन न चलाएं, क्योंकि आपकी एक छोटी सी लापरवाही किसी की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है।

इस बेहद सफल और प्रभावी कार्यक्रम के दौरान क्षेत्राधिकारी यातायात डॉ. चारू द्विवेदी, यातायात निरीक्षक नरेन्द्र कुमार सिंह सहित भारी संख्या में यातायात पुलिस के कर्मचारीगण मौजूद रहे। सोनभद्र पुलिस प्रशासन का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से इस प्रकार के रचनात्मक और प्रभावी जागरूकता कार्यक्रम आगे भी जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों और चौराहों पर निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।

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आरटीई के तहत चयनित बच्चों का निजी स्कूलों में शत-प्रतिशत दाखिला कराएं सुनिश्चित, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई: जिलाधिकारी

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  • आरटीई के तहत चयनित बच्चों का निजी स्कूलों में शत-प्रतिशत दाखिला कराएं सुनिश्चित, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई: जिलाधिकारी

सोनभद्र। निःशुल्क एवं बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई एक्ट) 2009 के अंतर्गत अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के चयनित बच्चों को गैर सहायतित मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन दिलाने को लेकर जिला प्रशासन बेहद गंभीर है।

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शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा-1 तथा पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में बच्चों के दाखिले की समीक्षा, यूनिफॉर्म व पाठ्य पुस्तकों हेतु सहायता राशि और विद्यालयों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में निजी विद्यालयों के प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

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बैठक में जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि आरटीई एक्ट के तहत प्रवेश लेने वाले बच्चों के साथ स्कूलों में पूर्ण रूप से समानता का व्यवहार सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर भेदभाव या असमानता की शिकायत मिलने पर संबंधित विद्यालय के विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम विकास खंड चतरा में चयनित बच्चों के नामांकन की स्थिति जानी, जिस पर खंड शिक्षा अधिकारी ने अवगत कराया कि चतरा ब्लॉक में कुल 92 बच्चों का प्रवेश होना था, जिसमें से 79 बच्चों का दाखिला हो चुका है और 13 बच्चों ने विभिन्न कारणों से प्रवेश नहीं लिया है। इस पर जिलाधिकारी ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मौके से ही चतरा ब्लॉक की दो बालिकाओं,

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अनन्या मौर्या और प्रिया मौर्या के अभिभावकों से खुद मोबाइल फोन के माध्यम से सीधा संवाद किया। उन्होंने अभिभावकों से पूछा कि आपने आरटीई एक्ट के तहत अपने बच्चे का प्रवेश संगम एकेडमी में क्यों नहीं कराया? अभिभावक द्वारा बताया गया कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा परिवहन चार्ज (वेन शुल्क) अत्यधिक मांगे जाने के कारण वे बच्चे का दाखिला कराने में असमर्थ रहे।

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इसी प्रकार, जिलाधिकारी ने विकास खंड रॉबर्ट्सगंज की समीक्षा की, जहां खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि ब्लॉक में निर्धारित 665 बच्चों के सापेक्ष 566 बच्चों का प्रवेश कराया जा चुका है, जबकि 99 बच्चे अभी शेष हैं। जिलाधिकारी ने यहाँ की छात्रा आरूषी पटेल के अभिभावक से भी फोन पर वार्ता कर प्रवेश न लेने के कारणों की पड़ताल की। उन्होंने मौके पर उपस्थित प्रबंधकों को निर्देशित किया कि वे ऐसे गरीब व शोषित वर्ग के बच्चों का दाखिला प्राथमिकता पर करें और परिवहन जैसी समस्याओं का त्वरित समाधान निकालें।

जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त खंड शिक्षा अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे अपने-अपने विकास खंडों में संचालित निजी स्कूलों के प्रबंधकों से तत्काल समन्वय स्थापित करें। सत्र 2026-27 के लिए लॉटरी में चयनित सभी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन आगामी तीन दिनों के भीतर पूर्ण कराते हुए पोर्टल पर फीडिंग की कार्रवाई पूरी की जाए।

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इसके साथ ही, नामांकन पूरा होते ही संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी नव-प्रवेशित और पूर्व से अध्ययनरत बच्चों का भौतिक सत्यापन एक सप्ताह के अंदर अनिवार्य रूप से कर लें। उन्होंने बताया कि बच्चों को यूनिफॉर्म व पाठ्य पुस्तकों हेतु सहायता राशि और निजी विद्यालयों को दी जाने वाली प्रतिपूर्ति की वित्तीय सहायता के लिए शासन से बजट का आवंटन प्राप्त हो चुका है।

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जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) को निर्देशित किया कि जैसे ही विकास खंडों से सत्यापन आख्या प्राप्त हो, उसके एक सप्ताह के भीतर बच्चों और विद्यालयों को देय धनराशि नियमानुसार उनके खातों में प्रेषित कर उपभोग प्रमाण पत्र शासन को भेज दिया जाए।

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बैठक के अंत में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पाण्डेय ने तकनीकी और डिजिटल डेटा अपडेशन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने समस्त विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया कि स्कूलों में पढ़ रहे सभी बच्चों की अपार आईडी (APAAR ID), फैमिली आईडी का अंकन, यू-डायस (U-DISE) पोर्टल पर प्रोग्रेशन एक्टिविटी को समय से पूरा करना और नए छात्रों का विवरण पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य है, इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।

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इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मुकुल आनंद पाण्डेय, वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा अजय यादव, जिला आरटीई प्रभारी विवेक कुमार तिवारी सहित भारी संख्या में निजी विद्यालयों के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।

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जनसुनवाई में DM चर्चित गौड़ ने दिव्यांग मुन्ना शाह को तत्काल प्रदान की बैसाखी, दिए सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश

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  • जनसुनवाई में DM चर्चित गौड़ ने दिव्यांग मुन्ना शाह को तत्काल प्रदान की बैसाखी, दिए सरकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश

सोनभद्र।  जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित नियमित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने मानवीय संवेदना और तत्परता की एक अनूठी मिसाल पेश की है। जनसुनवाई में पहुंचे फरियादियों की गंभीर समस्याओं को जिलाधिकारी ने बेहद संवेदनशीलता के साथ एक-एक कर सुना और उनके त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए।

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इसी दौरान विकास खंड कोन के ग्राम खरौधी निवासी दिव्यांग मुन्ना शाह पुत्र स्वर्गीय मदन शाह अपनी फरियाद लेकर जिलाधिकारी के समक्ष उपस्थित हुए और अपनी लाचारी व शारीरिक कठिनाइयों को साझा किया।

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दिव्यांग मुन्ना शाह की पीड़ा को देखते ही जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने गहरी मानवीय संवेदना का परिचय दिया और बिना किसी प्रशासनिक देरी के तत्काल मौके पर ही उन्हें नई बैसाखी उपलब्ध कराने की व्यवस्था कराई।

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अचानक मिली इस त्वरित सहायता और प्रशासनिक संवेदनशीलता को देखकर दिव्यांग मुन्ना शाह बेहद भावुक हो उठे और उनकी आंखें नम हो गईं। उन्होंने इस मानवीय सहयोग के लिए जिलाधिकारी के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया।

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इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को स्पष्ट रूप से सचेत करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप समाज के अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंद, गरीब, असहाय एवं दिव्यांगजनों तक सभी सरकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी और पूरी ईमानदारी के साथ पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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उन्होंने अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि वे ऐसे संवेदनशील मामलों में पूरी तत्परता दिखाएं और मानवता के दृष्टिकोण से कार्य करते हुए जिले के सभी पात्र व्यक्तियों को पात्रता के अनुसार प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से हर हाल में लाभान्वित करना सुनिश्चित करें।

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पेट्रोलियम बचत एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर DM की अनूठी पहल, खुद पैदल पहुंचे कलेक्ट्रेट और अधिकारियों से की सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील

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  • पेट्रोलियम बचत एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर DM की अनूठी पहल, खुद पैदल पहुंचे कलेक्ट्रेट और अधिकारियों से की सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील

सोनभद्र। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री द्वारा ऊर्जा संरक्षण, पेट्रोलियम बचत एवं पर्यावरण सुरक्षा के संबंध में किए जा रहे राष्ट्रव्यापी आह्वान के क्रम में जनपद सोनभद्र में भी प्रशासन द्वारा एक बेहद सकारात्मक और प्रेरणादायी पहल प्रारम्भ की गई है।

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इसी क्रम में ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता का सीधा संदेश देते हुए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ आज अपने आवास से कलेक्ट्रेट कार्यालय तक पैदल पहुंचे। उनके इस कदम ने कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद सभी अधिकारी-कर्मचारियों को राष्ट्रहित में ऊर्जा बचाने के प्रति बेहद प्रभावित किया। जिलाधिकारी ने इस दौरान कहा कि राष्ट्रहित में किए गए हमारे छोटे-छोटे प्रयास भी भविष्य में बड़े परिवर्तन का मजबूत आधार बनते हैं और ईंधन की बचत करना प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने जनपद के समस्त विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों से विशेष अपील की है कि पेट्रोलियम उत्पादों की बचत हेतु आपस में बेहतर समन्वय स्थापित करें। उन्होंने सुझाव दिया कि अधिकारी संयुक्त रूप से गाड़ियों का पूल बनाकर क्षेत्र भ्रमण, आधिकारिक बैठक, सम्पूर्ण समाधान दिवस, थाना दिवस, किसान दिवस एवं अन्य मासिक समीक्षा बैठकों में प्रतिभाग करें, जिससे अलग-अलग गाड़ियों के इस्तेमाल से होने वाली अनावश्यक ईंधन की भारी खपत को प्रभावी रूप से कम किया जा सके।

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इसके साथ ही जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से यह भी अपेक्षा की है कि वे सप्ताह में कम से कम दो दिवस ऐसे अनिवार्य रूप से निर्धारित करें, जब किसी प्रकार का फील्ड भ्रमण न हो। उन निर्धारित दिनों में सभी लोग अपने कार्यालय आने-जाने के लिए व्यक्तिगत वाहनों के स्थान पर बस, ई-रिक्शा एवं अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों का उपयोग करें।

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उन्होंने समय और सरकारी संसाधनों की बचत पर जोर देते हुए कहा कि विभागीय बैठकों को भी अब अधिकाधिक ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही आयोजित किए जाने पर बल दिया जाये, ताकि आवागमन में लगने वाले समय, संसाधन एवं पेट्रोलियम की बचत सुनिश्चित की जा सके।

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जिलाधिकारी ने सभी को जागरूक करते हुए कहा कि पेट्रोलियम उत्पाद अत्यंत सीमित प्राकृतिक संसाधन हैं, जिनका दोहन आने वाले समय में बड़ी चुनौती बन सकता है। अतः हम सभी को छोटी दूरी तय करने के लिए पैदल चलने, साइकिल चलाने एवं सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की आदत को अपने दैनिक जीवन में विकसित करना चाहिए।

ईंधन की बचत केवल देश की आर्थिक मजबूती के लिए ही आवश्यक नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण एवं हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित व स्वस्थ भविष्य से भी जुड़ा हुआ एक बेहद गंभीर विषय है।

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गुम हुई चार नाबालिग लड़कियों को पुलिस ने सर्विलांस की मदद से सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा

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  • चोपन पुलिस की बड़ी कामयाबी: गुम हुई चार नाबालिग लड़कियों को पुलिस ने सर्विलांस की मदद से सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंपा

सोनभद्र। जनपद में अपराध नियंत्रण और जनसुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे अभियानों के बीच चोपन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक बेहद सराहनीय कार्य किया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के कुशल निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार एवं क्षेत्राधिकारी नगर रणधीर मिश्रा के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक चोपन अखिलेश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाते हुए गुम हुई चार नाबालिग लड़कियों को चंद घंटों के भीतर सकुशल बरामद कर उनके परेशान परिजनों को सुपुर्द कर दिया है।

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मामले के अनुसार, नाबालिग लड़कियों के अचानक गायब हो जाने से घबराए और चिंतित अभिभावकों द्वारा थाना चोपन पर अपनी पुत्रियों के गुम होने संबंधी लिखित सूचना दी गई थी। मामले की संवेदनशीलता और लड़कियों के नाबालिग होने के कारण चोपन पुलिस ने बिना समय गंवाए तत्काल आवश्यक विधिक कार्यवाही शुरू की और गुमशुदा लड़कियों की सरगर्मी से तलाश प्रारम्भ कर दी।

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स्थानीय पुलिस ने इस ऑपरेशन में तकनीकी सहायता लेते हुए सर्विलांस सेल को भी सक्रिय किया। सर्विलांस सेल की मदद से मोबाइल नंबरों की लोकेशन को लगातार ट्रेस किया गया, जिसके आधार पर पुलिस टीम ने सटीक दबिश देकर चारों नाबालिग लड़कियों को रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र के छपका नामक स्थान से सकुशल बरामद कर लिया।

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लड़कियों की सुरक्षित बरामदगी के बाद उन्हें थाना चोपन लाया गया, जहां आवश्यक वैधानिक और प्रशासनिक कार्यवाही पूरी करने के उपरांत सभी को उनके रोते-बिलखते परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

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अपनी बेटियों को दोबारा सही-सलामत सामने पाकर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए और उन्होंने चोपन पुलिस की इस त्वरित व संवेदनशील कार्रवाई की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए पुलिस प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया।

इस सफल बरामदगी अभियान को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक रामज्ञान सिंह यादव, हेड कांस्टेबल वीरेंद्र सरोज, कांस्टेबल मंटू सिंह, महिला आरक्षी अमृता प्रजापति और महिला आरक्षी प्रीती सरोज प्रमुख रूप से शामिल रहीं।

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सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के मामले में शक्तिनगर पुलिस की त्वरित कार्रवाई, शांति भंग की आशंका में एक आरोपी गिरफ्तार

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  • सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के मामले में शक्तिनगर पुलिस की त्वरित कार्रवाई, शांति भंग की आशंका में एक आरोपी गिरफ्तार

सोनभद्र। जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक या शांति व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से शक्तिनगर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है।

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पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के कड़े निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अनिल कुमार एवं क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पाण्डेय के कुशल पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना शक्तिनगर पुलिस द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के संबंध में त्वरित संज्ञान लेते हुए आवश्यक निरोधात्मक कार्रवाई की गई है।

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पुलिस टीम द्वारा क्षेत्र भ्रमण, बैंक चेकिंग एवं इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे उक्त वायरल वीडियो की सघन जांच के दौरान शक्तिनगर पुलिस पीडब्ल्यूडी मोड़ चिल्का बस्ती क्षेत्र में पहुंची और मामले की जमीनी हकीकत जानी। मौके पर की गई विस्तृत जांच के दौरान पुलिस को ज्ञात हुआ कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के संबंध में स्थानीय नागरिकों और जनमानस में गहरा आक्रोश व्याप्त है,

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जिससे क्षेत्र की कानून एवं शांति व्यवस्था के पूरी तरह प्रभावित होने की प्रबल संभावना बनी हुई थी।
इलाके में किसी भी प्रकार के तनाव और शांति भंग की आशंका को तत्काल समाप्त करने के उद्देश्य से पुलिस टीम ने त्वरित कदम उठाते हुए संत कुमार पुत्र स्वर्गीय राम जी साहू, निवासी चिल्काटांड़ बस्ती थाना शक्तिनगर, उम्र करीब 55 वर्ष को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

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पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी के विरुद्ध धारा 170/126/135 बीएनएसएस के तहत प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय भेजा गया। इस त्वरित व सफलतापूर्ण कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में मुख्य रूप से उपनिरीक्षक दिनेश गौतम, रिजर्व कांस्टेबल आशीष मिश्रा और महिला आरक्षी पूजा कनौजिया शामिल रहीं।

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ज्येष्ठ माह के तीसरे बड़े मंगलवार पर हनुमान जी का सजा दिव्य दरबार

HIGHLIGHTS

  • पुजारी राजकुमार पांडे के संयोजन में हुआ संकट मोचन हनुमान जी का भव्य श्रृंगार
  • मंगला आरती में रही भक्तों की भारी भीड़
  • भक्तों में किया गया प्रसाद का वितरण

सोनभद्र। नगर के मध्य स्थित श्री राम जानकी संकट मोचन मंदिर में ज्येष्ठ माह के बड़े मंगलवार को मंदिर के पुजारी राजकुमार पांडे के कुशल संयोजन में संकट मोचन हनुमान जी महाराज का अत्यंत आकर्षक और अलौकिक श्रृंगार कर मंगला आरती की गई।
वहीं बजरंगबली के इस भव्य रूप के दर्शन पाने के लिए भोर से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के आने का तांता लगा रहा, जिससे पूरा वातावरण ‘जय श्री राम’ और ‘जय बजरंगबली’ के गगनभेदी उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।

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इसी क्रम में मंदिर परिसर में भक्तों द्वारा अत्यंत भावपूर्ण तरीके से सुंदरकांड का सस्वर पाठ भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। इसके पश्चात देर शाम ढलते ही संकट मोचन हनुमान जी की भव्य सांध्य कालीन आरती हुई। महाआरती के दौरान भक्तों की भारी भीड़ मौजूद रही, जो झांझ-मंजीरों और शंखध्वनि के बीच पवनपुत्र की भक्ति में सराबोर नजर आई। आरती संपन्न होने के बाद उपस्थित सभी भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।

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इस अवसर पर बड़े मंगलवार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पंडित राजकुमार पांडे ने बताया कि सनातन धर्म में ज्येष्ठ महीने में पड़ने वाले मंगलवार का एक अत्यंत विशिष्ट और पौराणिक महत्व है। उन्होंने कहा कि मान्यताओं के अनुसार इसी महीने में भगवान राम से हनुमान जी की पहली मुलाकात हुई थी, इसलिए इसे ‘बड़ा मंगलवार’ या ‘बुढ़वा मंगल’ भी कहा जाता है।

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इस पवित्र दिन पर जो भी श्रद्धालु पूरी निष्ठा, नियम और सच्चे मन से हनुमान जी की विधिवत पूजा-अर्चना, व्रत और सुंदरकांड का पाठ करते हैं, बजरंगबली उनके जीवन के सभी संकटों को हर लेते हैं और उनकी हर मनोकामना अवश्य पूर्ण करते हैं।

इस अवसर पर शिवा पाण्डेय, शिवम, केतन, हिमांशु, दादे, अभिषेक, राहुल, शिवम,आत्माराम, अमरेश गुप्ता, देवानंद, अजय, अरुण, कन्हैया, मनीष, गोलू, राजा, मोनू, अभिषेक, राजीव, प्रखर, अमन, अर्पित गुप्ता और राहुल ओझा सहित भारी संख्या में गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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उद्योग बंधु की बैठक में व्यापार मंडल ने लघु उद्यमियों के लिए औद्योगिक क्षेत्र और नगर की जलजमाव समस्या को लेकर उठाई आवाज

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  • उद्योग बंधु की बैठक में व्यापार मंडल ने लघु उद्यमियों के लिए औद्योगिक क्षेत्र और नगर की जलजमाव समस्या को लेकर उठाई आवाज

सोनभद्र। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय उद्योग बंधु की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने की। बैठक में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल सोनभद्र के जिला अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने जनपद के उद्यमियों और व्यापारियों की विभिन्न गंभीर समस्याओं व कठिनाइयों से जिलाधिकारी को विस्तार से अवगत कराया।

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राजेश गुप्ता ने प्रमुखता से बात रखते हुए कहा कि व्यापार मंडल पिछले लगभग तीन वर्षों से जनपद में छोटे उद्योगों के विकास के लिए एक समर्पित औद्योगिक क्षेत्र बनाए जाने की मांग लगातार करता आ रहा है। उन्होंने ध्यानाकर्षण कराते हुए कहा कि सोनभद्र में बड़े कारखानों और औद्योगिक घरानों को तो आसानी से जमीनें मिल जा रही हैं,

लेकिन छोटे व मध्यम स्तर के स्थानीय उद्यमियों की अनदेखी हो रही है। उन्होंने मांग की कि लघु उद्यमियों के लिए भी एक विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर उन्हें स्थान आवंटित किया जाए, जिससे जनपद के स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर मिल सकें और पलायन पर रोक लगे।
व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष ने इसके साथ ही जिला मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज नगर की एक बड़ी बुनियादी समस्या को उठाते हुए कहा कि सीएनडीएस संस्था द्वारा नगर में नालियों का निर्माण तो करा दिया गया है,

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लेकिन सड़क के पानी को नालियों में जाने के लिए सही व्यवस्था व कट्स नहीं बनाए गए हैं। इसके कारण आगामी मानसून और बरसात के दिनों में पूरे नगर को भारी जलजमाव और कीचड़ का सामना करना पड़ेगा, जिससे राहगीरों और दुकानदारों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने बैंकों की मनमानी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लाभार्थियों को बैंकों के चक्कर काटने के बाद भी ऋण का लाभ नहीं दिया जा रहा है।

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इसके विपरीत, बैंकों द्वारा छोटे लोन आवेदकों का मानसिक उत्पीड़न और शोषण किया जा रहा है, जिससे सरकार की जनकल्याणकारी स्वरोजगार योजनाएं दम तोड़ रही हैं। बैठक के दौरान पर्यटन विभाग की शिथिलता पर भी सवाल उठाए गए। व्यापारियों ने मांग की कि पर्यटन अधिकारी जनपद के सभी होटल व्यवसायियों के लंबे समय से लंबित पड़े हुए लाइसेंसों को तत्काल प्रभाव से जारी करें ताकि वे बिना किसी प्रशासनिक व्यवधान के अपना व्यवसाय संचालित कर सकें।

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राजेश गुप्ता ने केंद्र व राज्य सरकार की ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) और ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन फूड’ योजना के अंतर्गत सोनभद्र के चयन पर एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि वर्तमान में फूड कैटेगरी में जनपद का चयन गुलाब जामुन के लिए हुआ है, जबकि इसकी जगह यदि सोनभद्र की प्रसिद्ध ‘गुड़ की जलेबी और समोसा’ का चयन किया जाए,

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तो इससे स्थानीय स्तर पर काम करने वाले सैकड़ों छोटे हलवाइयों और व्यापारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और सोनभद्र के पारंपरिक स्वाद को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिल सकेगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष संदीप सिंह चंदेल, जिला महामंत्री राजेश बंसल, जिला कोषाध्यक्ष अजीत जायसवाल, जिला उपाध्यक्ष प्रकाश केशरी, नगर अध्यक्ष आनंद जायसवाल और किराना अध्यक्ष श्यामलाल केशरी सहित भारी संख्या में संगठन के पदाधिकारी व व्यापारी उपस्थित रहे।

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