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- सोनभद्र पुलिस की बड़ी कामयाबी: गुमशुदा मोबाइल बरामदगी में प्रदेश में मिला दूसरा स्थान, पीड़ितों को वापस दिलाए करोड़ों रुपये

सोनभद्र। साइबर अपराधों पर नकेल कसने और आम जनता की सुरक्षा को लेकर सोनभद्र पुलिस ने एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के कुशल निर्देशन में जनपद पुलिस ने सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर यानी CEIR पोर्टल के माध्यम से गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी करने में पूरे उत्तर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
पुलिस की इस त्वरित और तकनीक आधारित कार्यप्रणाली की बदौलत चालू वर्ष 2026 में अब तक कुल 638 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 1 करोड़ 25 लाख रुपये आंकी गई है।

पुलिस कार्यालय में जब इन बरामद मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपा गया, तो उनके चेहरे खिल उठे और उन्होंने सोनभद्र पुलिस की इस तत्परता की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।

मोबाइल बरामदगी के साथ-साथ सोनभद्र पुलिस की साइबर सेल और साइबर थाना टीम ने ऑनलाइन ठगी के शिकार हुए मासूम लोगों को भी बड़ी राहत पहुंचाई है। डिजिटल माध्यमों से होने वाले अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाते हुए पुलिस ने केंद्र सरकार द्वारा संचालित एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल के माध्यम से इस वर्ष अब तक करीब 1 करोड़ 2 लाख रुपये की भारी-भरकम धनराशि साइबर ठगी के शिकार हुए पीड़ितों के बैंक खातों में सकुशल वापस कराई है।

साइबर थाना और साइबर सेल की टीमें हेल्पलाइन नंबर 1930 और एनसीआरपी पोर्टल पर मिलने वाली शिकायतों का तत्काल संज्ञान ले रही हैं।

इसके बाद विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों से बेहद कम समय में समन्वय स्थापित कर फ्रॉड की गई रकम को होल्ड कराया जाता है और फिर विधिक प्रक्रिया पूरी कर उसे पीड़ितों के खातों में रिफंड कराया जा रहा है, जिससे जनता का पुलिस और कानून पर विश्वास और मजबूत हुआ है।

इस शानदार सफलता के बीच सोनभद्र पुलिस ने आम जनता की सुरक्षा के मद्देनजर एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी और अपील भी जारी की है। पुलिस अधीक्षक ने नागरिकों से ‘जागरूक रहिये, सुरक्षित रहिये’ का आह्वान करते हुए कहा है

कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी, फर्जी लॉटरी या इनाम के कॉल, संदिग्ध लिंक्स, या अनजान ऑनलाइन फ्रॉड के झांसे में न आएं और हमेशा सतर्क रहें। यदि किसी के साथ किसी भी तरह की साइबर धोखाधड़ी की घटना घटित होती है,

तो वे बिना समय गंवाए तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं ताकि त्वरित एक्शन लिया जा सके।

इसके साथ ही पुलिस ने यह भी सलाह दी है कि यदि आपका मोबाइल फोन कहीं गिर जाता है या खो जाता है, तो उसे तुरंत ब्लॉक कराने और बरामदगी की संभावना बढ़ाने के लिए भारत सरकार के आधिकारिक सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर जरूर पंजीकृत करें।































