झारखंड बॉर्डर पर स्थित थाने का SP ने किया निरक्षण, दिए आवश्यक दिशा निर्देश




सोनभद्र। झारखंड बॉर्डर पर स्थित थाने का शनिवार को पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने थाना परिसर का भ्रमण कर कार्यालय, सीसी टीवी, हवालात, कंप्यूटर कक्ष, महिला हेल्प डेस्क, पुलिस बैरक, भोजनालय आदि का निरीक्षण कर साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की हिदायत दी ।

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इस दौरान कार्यालय के अभिलेखों अपराध रजिस्टर, आगंतुक रजिस्टर, त्यौहार रजिस्टर, भूमि विवाद रजिस्टर, बीट सूचना रजिस्टर तथा अन्य अभिलेखों का निरीक्षण कर उनके व्यवस्थित रख-रखाव, दाखिल विभिन्न अभियोगों से संबंधित माल/वाहनों के संबंध में न्यायालय के निर्णयोपरांत विधिक निस्तारण सुनिश्चित करने,

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आईजीआरएस सन्दर्भों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराये जाने, अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाये जाने के निर्देश दिये। मौके पर मौजूद उप निरीक्षक सुरेश चंद्र यादव को सख्त आदेश व निर्देश दिए । हेड मोहरिर रत्नेश सिंह, हेड मुंशी विनोद कुमार महिला आरक्षी आराधना यादव आदि मौजूद थे।

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श्री राम जन्म की कथा सुन भाव विभोर हुए श्रद्धालु

HIGHLIGHTS

  • राजन महाराज के प्रवचन प्रभाव से त्रेतायुग की अनुभूति

अजीत कुमार सिंह

ओबरा, सोनभद्र। नगर के आरती चित्र मंदिर में चल रही श्रीराम कथा के तीसरे दिन राजन महाराज ने अपने प्रवचनों के माध्यमसे श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर कथा के दौरान मानो ऐसा प्रतीत हो रहा था कि जैसे चमत्कारी ईश्वरी शक्तियां धरती पर उतर आई हों।

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बाढे खल बहु चोर जुवारा,अपनी कथा की अगली कड़ी में पुज्य राजन जी माहाराज ने कहा की पृथवी पर अत्यन्त पापीयो द्वारा अत्याचार बढ़ जाने पर पृथ्वी ने गाय का रूप धारण कर देवताओं के पास गई और धरती को पाप मुक्त करने के लिए आराधना की। प्रभु ने चक्रवर्ती सम्राट राजा दशरथ के यहाँ पुत्र रूप में अवतरित होने का वरदान दिया।

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नवमी तिथि मधुमास पुनिता, चैत्र मास के नवमी तिथि के अभिजित मूहूर्त में अवतार लिए। हजारों श्रद्धालुओ की भीड़ पूरे पंडाल में एकाग्रचित होकर कथा और भजनों को सुनकर राममय रसधार से सराबोर हो गई थी। घूमते गाते ताली बजाते सनातनियों ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का जमकर उद्घोष किया आयोजन समिति द्वारा भारतीय परिधान को प्राथमिकता दिए जाने की अपील की गई थी श्रोताओं द्वारा पालन किया जा रहा है।

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कथा मे महाराज ने बताया कि युगों युगों की कर्म प्रणाली का हिसाब बराबर होता है चाहे वो युग रहा है इसलिए नेक कर्म करिए सद्भाव ही मुक्ति का एक मात्र रास्ता है अन्यथा बिना किसी भेद भाव के हिसाब किताब मालिक कर ही देगा। सोच में परिवर्तन लाना और परोपकार करना मानव जीवन का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए।

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यदि भूलवश कोई काम गलत हो गया हो तो उसका प्राश्चित कर आगे सत्कर्म की राह को पकड़ लेना ही ईश्वर से जुड़ाव का एकमात्र साधन है वरना लोग पाप की श्रृंखला को फलीभूत करने पर ही जायदा जोर देते हैं जो उन्हें बेधर्म अर्थात नर्क की ओर दिन प्रतिदिन धकेलता जाता है।

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सत्संग से तो काटों भरा रास्ता भी फूल सा प्रतीत होने लगता है जो सत्बुद्धि देता है। कथा के दौरान आयोजक देवेंद्र केशरी, राजू वैश्य, एसके चौबे,धुरंधर शर्मा, विजय वैश्य, वीरेंद्र श्रीवास्तव, अशोक सिंह, पुष्पराज पाण्डेय, कृष्णा केशरी, कमलेश्वर केशरी, जेपी केशरी, अरविन्द सोनी, जगमेंदर अग्रवाल, हरीश अग्रहरी, उमाशंकर जयसवाल, सौरभ तिवारी, विवेक मालवीय, जय शंकर भारद्वाज, श्याम जी पाठक,

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मानस प्रेमी बाबा बमभोले,विकास सिंह, सुशील मिश्रा, अनिल सिंह, वीरेंद्र मित्तल, समीर माली, अभिषेक सेठ, कुमार सौरभ सिंह, पवन मिश्रा, अनीश सेठ, कुन्दन जयसवाल, प्रेम सागर, राजीव चौधरी,  पवन गुप्ता, मण्डल, मनीष विश्वकर्मा, अमन चौबे, अनुराग श्रीवास्तव, आनन्द जयसवाल, नीता चौबे, पुष्पा दुबे, अंजली, अर्पिता, विनीता केशरी, सरिता गिरी इत्यादि श्रद्धालु मौजूद रहे।

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सोनभद्र है धर्म और आध्यात्म की है सांस्कृतिक नगरी इसके बिना धर्म की कल्पना अधूरी- परम पूज्य संत श्री मिथिलेशनन्दिनी शरण

सोनभद्र। शनिवार को सोनभद्र एकदिवसीय प्रवास कार्यक्रम पर पहुंचे धर्माचार्य आध्यात्मिक एवं दार्शनिक विचारक सिद्ध पीठ श्री हनुमन्निवास अयोध्या धाम के परम पूज्य संत श्री मिथिलेशनन्दिनीशरण महाराज ने कहा कि सोनभद्र धर्म और आध्यात्मिक सांस्कृतिक नगरी है। सोनभद्र के बिना धर्म की कल्पना अधूरी है।

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सोनभ द्र मानव जीवन के आध्यात्म क्षेत्र में धर्म का केंद्र है तो वही जीविकोपार्जन के लिए अर्थ नगरी है यह वही सोनभद्र है जहां अंत्योदय की कल्पना से लेकर ऋषियों एवं मुनियों के तपोस्थलीय तक के लिए विश्व के मानस पटल पर सूर्य के समान रोशनी और चंद्र के समान शीतलता प्रदान करता है।सोनभद्र सेवा और समर्पण का केंद्र है।यहां यदि  बालू रेतीले वाले मैदान है तो  पहाड़ियां भी है वहीं दूसरी तरफ  कृषि योग्य भूमि यही कारण रहा है कि यह संत भूमि कहलाई है।

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सोनभद्र जिसका सीमांकन सोन नद करता है यह जिला 11 वीं से 13 वीं शताब्दी के दौरान दूसरी काशी के रूप 1में प्रसिद्ध था. सोनभद्र भारत का एकमात्र जिला है जो मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ झारखंड और बिहार के चार राज्यों से घिरा है. कौन बनेगा करोड़पति के टीवी शो में पूछा जाने वाला जिला सोनभद्र के पावन पवित्र धरा पर अनेकों  भित्ति चित्र, शिव/ बड़ा देव उपासकों के द्वारा स्थापित प्राचीन शिव मंदिर, मां आदि शक्ति उपासकों के द्वारा स्थापित प्राचीन देवी मंदिर, प्राकृतिक झरने,सोन-रेणु-

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बिजुल-घाघरा-कर्मनासा-रिहंद-कनहर-बेलन नदियों के किनारे अत्यधिक सुंदर पर्यटन स्थल,बड़े-बड़े बाँध जैसे गोविंद बल्लभ पंत सागर उर्फ रिहंद बाँध-कनहर बाँध-नगवा बाँध -धंधरौल बाँध-ओबरा बाँध , वनों में स्थित छोटे-छोटे चुआँड, घनघोर वनों में स्थित बड़ी-बड़ी चट्टानें-गुफाएं, फॉसिल्स पार्क, बॉक्साइट-चूना पत्थर-डोलोमाइंस पत्थर-कोयला-सोना आदि जैसे बहुत सारे खनिज सम्पदाओ से परिपूर्ण ऊंची ऊंची पहाड़ियां,नदियों के रेतीले मैदान,

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किले जैसे अगोरी किला-विजयगढ़ किला -सोढरीगढ़ किला,कैमूर वन्यजीव अभयारण्य जहां आज भी काले हिरण विचरण करते हैं,बड़े-बड़े औद्योगिक घराने जैसे विंध्याचल थर्मल पावर स्टेशन- रिहंद थर्मल पावर स्टेशन- बिजलीघर अनपरा -बिजलीघर ओबरा – हिंडाल्को हाइड्रो -पिपरी हाइड्रो -एनसीएल कई कोयला खदानें -हिंडाल्को प्रमुख एल्युमीनियम संयंत्र -डाला सीमेंट फैक्ट्री -चुर्क सीमेंट फैक्ट्री -आदित्य बिड़ला केमिकल्स -हाई-टेक कार्बन – कनोरिया केमिकल्स पावर प्लांट – लैंको अनपरा पावर लिमिटेड है भारत के एकमात्र इसी जनपद में इस प्रकार का समुच्चय स्थित है।

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नहीं रहे प्रो. श्याम सुंदर मिश्र

HIGHLIGHTS

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  • संपूर्ण सोनांचल में शोक की लहर,  कैलाश कुटीर में शोक सभा कर दी श्रद्धांजलि
  • प्रबुद्ध जनों ने बताया अपूरणीय क्षति ।

सोनभद्र।  बीजेपी के पूर्व क्षेत्रीय उपाध्यक्ष और सोनभद्र के पूर्व जिलाअध्यक्ष रमेश मिश्र एडवोकेट के पूज्य पिता प्रो. श्याम सुंदर मिश्र का 4अक्टूबर की रात निधन हो जाने  से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई
है । गोलोकवासी हुए डा. श्याम सुंदर मिश्र के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार वाराणसी 5 अक्टूबरको प्रातः हुआ ।
  

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  बभनौली कला गांव से प्रो. श्याम सुंदर मिश्र का विशेष लगाव था । स्वर्गीय कैलाश नाथ मिश्र , साहब देव पाण्डेय ,  राम ललितदेव उर्फ बहादुर पाण्डेय समेत गांव के अनेक लोगों से उनके आत्मीय
संबंध थे।  पत्रकार भोलानाथ मिश्र के कैलाश कुटीर में एक शोक सभा कर डॉक्टर श्याम सुंदर मिश्र के निधन पर दो मिनट का मौन रख कर विनम्रश्रद्धांजलि अर्पित की गई।

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शोक सभा में रमाकांत देव , राम ललित देव , उमेश देव , प्रवीण  कुमार मिश्र , बृजभूषण त्रिपाठी , राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्य  कर्ता दिनेश गुप्त , अजय सिंह ,राहुल , दिलीप , शंकर , मनोज देव, अमरनाथ देव आदि श्रद्धांजलि अर्पित किए। पत्रकार भोलानाथ मिश्र की 94 वर्षीय माता पतंगी देवी श्यामा(डॉक्टर श्याम सुंदर मिश्र को अपनेअंदाज में याद की । मंगरू कोल ,रामजी कोल , कमलेश यादव , अनंत कोल आदि ने शोक व्यक्त किया ।
    

  ईश्वर प्रसाद पीजी कालेज , देउराराज के प्रबंधक मनीष पाण्डेय , समाज शास्त्री डॉक्टर विमलेश कुमार त्रिपाठी , शिक्षविद मृतुंज्य पाठक , डॉक्टर नर सिंह आदि ने प्रोफेसर मिश्र के निधन को व्यक्त किया ।

मधुरिमा साहित्य गोष्ठी सोनभद्र व शहीद स्थल प्रवंधन ट्रस्ट करारी सोनभद्र के तत्वावधान में शनिवार को सुबह वरिष्ठ साहित्यकार अजयशेखर के आवास पर शोक सभा कर प्रोफेसर श्यामसुंदर मिश्रा निवासी तेंदू जो भाजपा नेता रमेश मिश्रा जी के पिता के निधन पर साहित्यकारों ने श्रद्धांजलि अर्पित किया और दो मिनट मौन रहकर मृतात्मा के शांति सदगति‌की कामना किये।

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अजयशेखर ने कहा कि हमारी व्यक्तिगत क्षति है आघात लगा है वे हमारे परिवार के अंग थे । साहित्यकारों ने सुयोग्य शिक्षा विद खोने को अपूरणीय क्षति बताया।इस अवसर पर प्रदुम्न तिवारी अशोक तिवारी जयराम सोनी फरीद अहमद प्रभात सिंह चंदेल धर्मेश चौहान आदि रहे।

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क्रॉसिंग के रामलीला में भगवान श्रीराम का जन्म एवं ताड़का वध का हुआ मंचन


गाजियाबाद। क्रॉसिंग रिपब्लिक सांस्कृतिक कला संगम समिति के तत्वाधान में आयोजित रामलीला के दूसरे दिन चारों भाइयों सहित भगवान श्रीराम जी के जन्म पर क्रॉसिंगवासियों ने नृत्य एवं गीत के साथ खुशियां मनाई।

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क्रॉसिंग रिपब्लिक के ग्रीन बेल्ट में आयोजित रामलीला के दूसरे दिन अयोध्या के राजा दशरथ जी द्वारा पुत्र प्राप्ति हेतु यज्ञ का आयोजन, श्री राम भरत शत्रुघ्न एवं लक्ष्मण चारों भाइयों का जन्म, जन्म के जश्न में प्रजा द्वारा खुशियां एवं नृत्य, राम भरत शत्रुघ्न तथा लक्ष्मण का नामकरण संस्कार, महर्षि विश्वामित्र के यज्ञ का राक्षसों द्वारा विध्वंस, अयोध्या से श्री राम-लक्ष्मण का महर्षि विश्वामित्र के साथ वन को प्रस्थान, ताड़का वध, मारीच युद्ध आदि का मंचन, क्रॉसिंग रिपब्लिक के ही स्थानीय कलाकारों द्वारा किया गया।

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सर्वप्रथम गणेश वंदना से मंचन की शुरुआत हुई। उक्त रामलीला मंचन में राजा दशरथ की भूमिका संजय अग्निहोत्री ने, महर्षि वशिष्ठ की भानु प्रताप ने, सुमंत की अजीत ने, अग्नि देव का बृजदीप ने, विष्णु की सिद्धार्थ ने, कौशल्या की अर्चना अग्निहोत्री ने, सुमित्रा की भूमिका सुमीता वर्मा ने, कैकई की शिवानी ने, विश्वामित्र की सचिन शुक्ला ने, ताड़का का वंश ने, सुबाहु का जय गोपाल, मारीच का गौरव गर्ग,

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तुमलघोष का अभिषेक सिंह, बालक श्री राम का प्रनील ने, बालक लक्ष्मण का आदिश ने, भरत का निर्जांश ने, शत्रुघ्न का देवेश ने अभिनव करके क्रॉसिंग वासियों का दिल जीत लिया। ज्योंहि राम सहित चारों भाइयों का जन्म हुआ तो दर्शकों ने पुष्प वर्षा एवं नृत्य करके खुशियां मनाईं। कार्यक्रम के सूत्रधार की भूमिका साहित्यकार आशीष प्रकाश सक्सेना एवं दीपशिखा माहेश्वरी ने निभाई।

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रामलीला से पूर्व प्रतिदिन स्थानीय बच्चों के ग्रुप द्वारा संस्कृत कार्यक्रम समूह नृत्य का आयोजन किया जाता है, जिसके क्रम में शुक्रवार को आदित्य संगीत विद्यालय, क्रिएटिव किंगडम, कथक कला केंद्र, जिज्ञासा, आर डांस पैराडाइज, पंचशील, ड्रीमलैंड आदि से बच्चों के 13 समूह ने नृत्य प्रस्तुत किए, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम का संयोजन सांस्कृतिक कला संगम समिति के अध्यक्ष क्षितिज सिंघल ने समिति के अन्य पदाधिकारियों,

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बी पी एस भाटिया, तरुण भारत चौहान, आशुतोष चंदन, रवि गुप्ता, विजय गोयल, रवि शर्मा, तरुण भारद्वाज, विवेक शर्मा, दुर्गेश सिंह , नीरज जागेटिया, विकोस श्रीवास्तव, साहित्यकार डा. मिथिलेश कुमार श्रीवास्तव ‘शिखर’, अशोक शर्मा, एस के गुप्ता, राकेश पुंज, मनोज शर्मा, आर सी सिंह आदि के साथ किया। संजू, अंजलि कौशिक, डॉ मेघना, अविनाश वर्मा, संदीप माहेश्वरी ने बच्चों को मेमेंटो भेंट किया।

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वाराणसी :  मिशन शक्ति फेज-5 की सफलता की बनी रणनीति, कैलेंडर के अनुसार होंगे कार्यक्रम

HIGHLIGHTS

  • वाराणसी :  मिशन शक्ति फेज-5 की सफलता की बनी रणनीति, कैलेंडर के अनुसार होंगे कार्यक्रम
  • जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विभागीय अधिकारियों संग की मीटिंग

रमेश देव पाण्डेय (जिला संवाददाता)

वाराणसी। प्रदेश सरकार की ओर से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान, और स्वावलंबन के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान मिशन शक्ति फेज-5 के शत-प्रतिशत सफल क्रियान्वयन के लिए जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विभागीय अधिकारियों संग मीटिंग की।

इसमें मिशन शक्ति के दैनिक कैलेंडर के अनुसार कार्यक्रमों और गतिविधियों को आयोजित करने के निर्देश दिए गए।डीएम ने समस्त विभागों, जिनमें पुलिस, महिला बाल विकास, समाज कल्याण, श्रम विभाग, पंचायती राज, ग्राम्य विकास, बाल विकास एवं पुष्टाहार, और स्वास्थ्य विभाग शामिल हैं, को मिशन शक्ति अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा,

सम्मान और स्वावलंबन के लिए निर्देशित कार्यक्रमों को समयबद्ध रूप से पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जारी किए गए दैनिक कैलेंडर में उल्लेखित कार्यक्रमों और गतिविधियों को सुनिश्चित रूप से आयोजित किया जाना चाहिए ताकि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य पूर्णतः प्राप्त हो सके।

जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को इस अभियान के दौरान की जाने वाली गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सभी विभागों से समन्वय स्थापित कर मिशन शक्ति अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने और उसके उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए सामूहिक प्रयास करने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल सहित जनपद के अन्य सभी प्रमुख अधिकारी भी इस बैठक में उपस्थित थे।

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नालियों के टूटे ढक्कन बदलने और खुली नालियों को ढकने की हुई मांग, DM को भेजा पत्र

HIGHLIGHTS

  • नालियों के टूटे ढक्कन बदलने और खुली नालियों को ढकने हेतु की मा।
  • समाजसेवी अधिवक्ता राकेश शरण मिश्र ने जिलाधिकारी को लिखा पत्र
  • खुली नाली एवम टूटे ढक्कन से संक्रामक रोग फैलने की जताई आशंका

विनय कुमार श्रीवास्तव


सोनभद्र। संयुक्त अधिवक्ता महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता समाजसेवी राकेश शरण मिश्र ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर नगरपालिका परिषद राबर्ट्सगंज के सभी वार्डो में नालियों के टूटे ढक्कन बदलने और खुली नालियों को ढकने की मांग की है।

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एसकेश्री मिश्र ने पत्र में लिखा है कि आने जाने वाले को नालियों के ढक्कन टूटे होने के कारण नाली के सड़े गंदे पानी के भयंकर बदबू से बहुत ही तकलीफ का सामना करना पड़ता है और साथ ही ढक्कन टूटने  एवम नालियां खुली होने के कारण राहगीरों और छुट्टा पशुओं के नाली में गिरने का भय बना रहता है।

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श्री मिश्र ने जिलाधिकारी को लिखे पत्र में  मांग किया है कि नगरवासियों को  संक्रामक रोग से बचाने के लिए नगर पालिका परिषद राबर्ट्सगंज के सभी वार्डो की नालियों के टूटे ढक्कन बदलने एवम खुली नालियों को जल्द से जल्द ढकने हेतु जिम्मेदार विभाग को निर्देशित करने का कष्ट करे।

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प्रतीक धर द्विवेदी को मिला एन आई ई एल आई टी रोपड़ में प्रवेश

घोरावल, सोनभद्र। जिले के घोरावल तहसील क्षेत्र के महुआंव पांडेय गांव निवासी प्रतीक धर द्विवेदी ने रोपड़ (पंजाब) के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थान में बीटेक कंप्यूटर साइंस के कोर्स में प्रवेश लेकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

बीते दिनों देश की प्रतिष्ठित जेईई परीक्षा में सफलता मिलने पर उन्हें नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी, रोपड़ पंजाब में प्रवेश मिला है। बचपन से पढ़ने में मेधावी प्रतीक धर द्विवेदी को इसी वर्ष गुरुग्राम में एक संस्थान में बीटेक कंप्यूटर साइंस में भी प्रवेश मिला था।

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प्रतीक की शिक्षा शुरू से गुरू ग्राम में ही हुई है।प्रतीक के पिता मनोज धर द्विवेदी हरियाणा के गुरुग्राम में अमर उजाला में वरिष्ठ पत्रकार हैं, माता सुशीला देवी गृहिणी हैं,जबकि बड़े पिता रामअनुज धर द्विवेदी घोरावल तहसील में वरिष्ठ अधिवक्ता हैं।

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वह अपनी सफलता का श्रेय अपने माता पिता और गुरुजनों को देते हैं। उनका कहना है कि कठोर परिश्रम, समर्पण और उचित रणनीति के साथ अध्ययन करने से निश्चित तौर से सफलता प्राप्त होती है। उनकी इस सफलता पर गांव व आसपास के लोगों ने  हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।

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उम्भा में नव निर्मित थाने का SP ने किया लोकार्पण

HIGHLIGHTS

  • ग्राम प्रहरियों को टार्च व लाल साफा प्रदान कर किया गया सम्मानित
  • एसपी द्वारा थाना घोरावल का किया गया आकस्मिक निरीक्षण, सम्बन्धित को दिये गये आवश्यक दिशा निर्देश

सोनभद्र। शुक्रवार को एसपी अशोक कुमार मीणा द्वारा नव निर्मित पुलिस चौकी उम्भा थाना घोरावल का लोकार्पण किया गया। तत्पश्चात पुलिस अधीक्षक व अपर पुलिस अधीक्षक (ऑपरेशन) द्वारा थाना घोरावल क्षेत्र के समस्त ग्राम प्रहरियों को लाल साफा व टार्ज भेंट कर उनका उत्साह वर्धन किया गया।

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तत् पश्चात पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा द्वारा थाना घोरावल का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सम्पूर्ण थाना परिसर का भ्रमण कर थाना कार्यालय, सीसीटीवी, हवालात, कंप्यूटर कक्ष, महिला हेल्प डेस्क, पुलिस बैरक, भोजनालय आदि का निरीक्षण कर साफ- सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा कार्यालय के अभिलेखों जैसे अपराध रजिस्टर,

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आगंतुक रजिस्टर, त्यौहार रजिस्टर, भूमि विवाद रजिस्टर, बीट सूचना रजिस्टर तथा अन्य अभिलेखों का निरीक्षण कर उन्हें बेहतर व अद्यावधिक करते हुए उनके व्यवस्थित रख-रखाव, थाने पर दाखिल विभिन्न अभियोगों से संबंधित माल/वाहनों के संबंध में न्यायालय के

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एक निर्णयोपरांत विधिक निस्तारण सुनिश्चित करने, आईजीआरएस सन्दर्भों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराये जाने, अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाये जाने, थाने पर आने वाले प्रत्येक पीड़ित/शिकायतकर्ता की शिकायतों को विनम्रता पूर्वक सुनने व उनके प्रार्थना-पत्रों को रजिस्टर में क्रमबद्ध तरीके से अंकित कर उसकी शत-प्रतिशत सुनवाई करते हुए आवश्यक विधिक कार्रवाई करने,

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शस्त्रों का रख- रखाव व नियमित साफ- सफाई करने, मिशन शक्ति कक्ष/महिला हेल्प डेस्क पर नियुक्त महिला पुलिसकर्मी को आने वाली फरियादियों की समस्या को सहानुभूति पूर्वक सुनकर उनका निस्तारण कराने के साथ ही एंटी रोमियों टीम को अपने बीट क्षेत्र में जाकर महिलाओं/ बालिकाओं को नारी सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गये।

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कथा के दूसरे दिन राजन जी माहाराज ने शिव विवाह की कथा का किया वर्णन, भक्त हुए मंत्रमुग्ध

HIGHLIGHTS

  • श्री राम कथा का द्वितीय दिवस भगवान भोलेनाथ व माता पार्वती विवाह उत्सव प्रसंग पर रहा

अजीत कुमार सिंह


ओबरा, सोनभद्र। ओबरा  कस्बा स्थित आरती चित्र मंदिर प्रांगण में भव्य श्री राम कथा का द्वितीय दिवस प्रभु श्री गणेश और माँ सरस्वती के वन्दना के साथ प्रारंभ हुआ। जिसमें  आयोजक/मुख्य यजमान देवेंद्र केशरी ने सपत्नीक विधिवत  व्यास पीठ का पुजन अर्चन करने के बाद  प्रभु श्री राम की कथा  को प्रारम्भ कराया।

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कथा के दुसरे दिन भारी संख्या में भक्तगणों की उपस्थिति हुई।इस कथा का संचालन श्री राम कथा समिति के महामंत्री राजीव वैश्य के द्वारा किया गया।प्रभु श्री राम की कथा सुन सभी भक्त भाव विभोर होकर झुमने लगे।  इस कथा में दैनिक यजमान कमलेश्वर प्रसाद केसरी, कृष्णा केशरी, जय प्रकाश केशरी, राजेश केशरी, एस० के० चौवे,अंजनी केशरी, सन्तोष केशरी, कृष्ण मुरारी केशरी, सुनील केशरी, राजेश केशरी भी व्यास पुजन में सम्मिलित रहे।

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कथा के दुसरे दिन पुज्य राजन माहाराज जी के मुखारविंद से भुत भावन भगवान् भोलेनाथ के विवाह प्रसंग में प्रणय सुत्र का वरणन किया। विवाह चार प्रकार के होते हैं। पहला गन्धर्व विवाह, दुसरा देव विवाह, तीसरा मानव विवाह और अन्त में दानव विवाह आज कल लोग प्रायः दानव विवाह का भोज आयोजित करते हैं। महादेव का विवाह देव और मानव से समयोजित विवाह है।

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इन सभी प्रसंगों को सुनने के बाद भक्तों में एक अलग ही भाव देखने को मिला।  कथा को सफल बनाने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात दिखी। वही जब  हमारी बात श्री राम कथा समिति के सदस्यों से हुई तो उन्होंने बताया की हम सभी पुरी निष्ठा के साथ लगे हुए हैं। यदि प्रागंण मे उपस्थित किसी भक्त को किसी प्रकार का कोई परेशानी होगी तो हमारी समिति पुरी तरह से उसका सहयोग करेगी।

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