संभल हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम निर्देश देते हुए यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन को कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने की भी हिदायत दी है





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संभल हिंसा पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम निर्देश देते हुए यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन को कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने की भी हिदायत दी है





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सोनभद्र। गुरुवार को अपना दल एस के जिला कार्यालय छपका रॉबर्ट्सगंज पर महात्मा ज्योतिबा फुले जी के पुण्यतिथि का कार्यक्रम जिलाध्यक्ष अंजनी पटेल की अध्यक्षता मे संपन्न हुआ, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आनंद पटेल दयालु (का0 प्रदेश उपाध्यक्ष युवा मंच) एवं विशिष्ट अतिथि विनोद यादव (का0 प्रदेश सचिव श्रमिक मंच) रहे। कार्यक्रम का संचालन का0 जिला उपाध्यक्ष सिब्बू शेख जी ने किया,

इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अंजनी पटेल ने कहा की महत्मा ज्योतिबा फुले ने विधवाओं और महिलाओं के कल्याण के लिए बहुत काम किया, इसके साथ ही किसानों की हालत सुधारने और उनके कल्याण के लिए भी काफी प्रयास किये। स्त्रियों की दशा सुधारने और उनकी शिक्षा के लिए फुले ने 1848 में एक स्कूल खोला। यह इस काम के लिए देश में पहला विद्यालय था।

मुख्य अतिथि का0 प्रदेश उपाध्यक्ष आनंद पटेल दयालु जी ने कहा की १९ वी सदी में स्त्रियों को शिक्षा नहीं दी जाती थी। फुले महिलाओं को स्त्री-पुरुष भेदभाव से बचाना चाहते थे। उन्होंने कन्याओं के लिए भारत देश की पहली पाठशाला पुणे में बनाई थीं।

स्त्रियों की तत्कालीन दयनीय स्थिति से फुले बहुत व्याकुल और दुखी होते थे इसीलिए उन्होंने दृढ़ निश्चय किया कि वे समाज में क्रांतिकारी बदलाव लाकर ही रहेंगे।

विशिष्ट अतिथि विनोद यादव ने कहा ज्योतिबा को संत-महत्माओं की जीवनियाँ पढ़ने में बड़ी रुचि थी। उन्हें ज्ञान हुआ कि जब भगवान के सामने सब नर-नारी समान हैं तो उनमें ऊँच-नीच का भेद क्यों होना चाहिए।.

इस कार्यक्रम मे का0 विधानसभा अध्यक्ष रावर्टसगंज महिला मंच श्री मती स्नेहलता पाण्डेय जी के साथ जिले के कोने कोने से आई महिलाओ ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और प्रवीण पटेल सहकारी समिति के डायरेक्टर (देवरी नईबाजार) ने भी अपने साथियो के साथ पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

ज्योतिबा राव फुले जी की पुण्यतिथि के अवसर पर पार्टी के जनपद सोनभद्र के जिम्मेदार पदाधिकारियों को एक- एक डायरी सप्रेम भेंट की गई।
कार्यक्रम में कार्यवाहक पदाधिकारी में मुख्य रूप से प्रदेश सचिव छात्र मंच रविंद्र यादव , पूर्व जिला उपाध्यक्ष मुकेश पटेल तरंग, जिला महासचिव कृष्णकांत कुशवाहा, जिला सचिव संतोष कनौजिया, जिला कोषाध्यक्ष श्याम सुंदर पटेल, पूर्व जिलाध्यक्ष बौद्धिक मंच चंद्रशेखर पटेल, कार्यवाहक जिलाध्यक्ष एससी एसटी मंच प्रभुनाथ खरवार, आईटी सेल जिलाध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ,

जिला उपाध्यक्ष बौद्धिक मंच प्रवीण त्रिपाठी, जिला उपाध्यक्ष चिकित्सा मंच अरुण पटेल, जिला उपाध्यक्ष शिक्षक मंच सर्वेश पटेल, जिला उपाध्यक्ष आईटी सेल संजय गुप्ता, राबर्टसगंज विधानसभा उपाध्यक्ष ओमप्रकाश पटेल, घोरावल विधानसभा महासचिव महेंद्र पटेल घोरावल विधानसभा पूर्व कोषाध्यक्ष लवकुश पटेल, राबर्टसगंज उत्तरी जोन अध्यक्ष पुष्पराज पटेल और आजाद पटेल सहित अन्य पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद।










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सोनभद्र। भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब मीडिया का एक राष्ट्रीय संगठन) से सम्बद्ध पूर्वांचल मीडिया क्लब जो पत्रकारों के सुख दुःख में कदम से कदम मिलाए खड़ा है।

गौरतलब है कि गौरतलब है कि भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष (बीएसपीएस), दिल्ली (प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब मीडिया का एक राष्ट्रीय संगठन) ‘मोदी विजन – विकसित भारत 2047’, राष्ट्रीय सम्मेलन एवं पुरस्कार समारोह में सम्बद्ध पूर्वांचल मीडिया क्लब के अध्यक्ष विवेक कुमार पाण्डेय ने रवीश रंजन शुक्ला (एनडीटीवी) के वरिष्ठ पत्रकार को मीडिया क्षेत्र उत्कृष्ठ योगदान को देखते हुए उनको साल, शील्ड, महर्षि नारद की प्रतिमा, प्रशस्ति पत्र एंव माला पहनाकर पुरस्कृत किया गया।

कार्यक्रम का स्थान स्पीकर हॉल, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब रफी मार्ग, नई दिल्ली। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शीलपाणि सिंह ने किया।
इस अवसर पर अध्यक्ष जनरल (सेवानिवृत्त) वी के सिंह पूर्व सेना प्रमुख एवं पूर्व मंत्री, भारत सरकार, मुख्य वक्ता स्वागत भाषण संजय सिंह, वरिष्ठ पत्रकार एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष बीएसपीएस, धन्यवाद प्रस्ताव डॉ. शूलपाणि सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बीएसपीएस, जितेन्द्र कुमार पांडे महासचिव,

विशेष वक्ता प्रो.सुधीर सिंह दिल्ली विश्वविद्यालय आईएमसी की गवर्निंग बॉडी के सदस्य, संजय मल्होत्रा , राजा, नासिर, भाटिया, भानु सर, पुष्पा दी, परयक्ष, सत्येन्द्र, संगमित्रा, रवीश रंजन शुक्ला, आभा जैन, स्नेहलता, जितेंद्र पाण्डेय, विवेक कुमार पाण्डेय, मार्कण्डेय त्रिपाठी, संतोष पाठक, मनोज शर्मा, आरिफ़, पंकज सिंह, प्रभात तिवारी आदि सैकड़ों लोग मौजूद थे।














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सोनभद्र। विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर कोर्ट सोनभद्र अर्चना रानी की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में वृहस्पतिवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी गैंग लीडर मोहम्मद नौशाद सिद्दीकी उर्फ रेहान व सक्रिय गैंग सदस्य दीपक कुमार पनिका उर्फ दीपू को 5-5 वर्ष की कठोर कैद एवं 5-5 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक-एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह ने पिपरी थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि 30 सितंबर 2022 को पुलिस बल के साथ देखभाल क्षेत्र में था तो पता चला कि मोहम्मद नौशाद सिद्दीकी उर्फ रेहान पुत्र स्वर्गीय शमीम सिद्दीकी निवासी डूमरडीहा, थाना दुद्धी, जिला सोनभद्र का एक सक्रिय गैंग है, जिसका वह गैंग लीडर है।

इसके अलावा गैंग का सक्रिय सदस्य दीपक कुमार पनिका उर्फ दीपू पुत्र रामप्रसाद पनिका निवासी शिव मंदिर रेनुसागर, थाना अनपरा, जिला सोनभद्र के साथ अन्य सदस्य शामिल हैं। इनके विरुद्ध चोरी, धोखाधड़ी समेत कई मुकदमा विचाराधीन है।

लोगों में भय पैदा कर आर्थिक लाभ हेतु कार्य करना इनका एकमात्र कार्य है। यहीं वजह है कि इनके विरुद्ध कोई भी मुकदमा लिखवाने अथवा गवाही देने की जुर्रत नहीं करता है। जिसकी वजह से इनका वर्चस्व कायम है।

इस तहरीर पर 30 सितंबर 2022 को पिपरी थाने में गैंगस्टर एक्ट में एफआईआर दर्ज किया गया था। विवेचना के उपरांत पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में गैंग लीडर मोहम्मद नौशाद सिद्दीकी उर्फ रेहान एवं सक्रिय सदस्य दीपक कुमार पनिका उर्फ दीपू के विरूद्ध चार्जशीट दाखिल किया था।

मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी गैंग लीडर मोहम्मद नौशाद सिद्दीकी उर्फ रेहान और सक्रिय सदस्य दीपक कुमार पनिका उर्फ दीपू को 5-5 वर्ष की कठोर कैद एवं 5-5 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक-एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील धनंजय शुक्ला ने बहस की।












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सोनभद्र। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का फैसला कल्याणकारी राज्य की अवधारणा के खिलाफ है और आने वाले समय में इससे किसानों, मजदूरों, छोटे-मझोले व्यापारियों और आम नागरिकों को बेहद महंगी बिजली खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

इसलिए जन विरोधी इस फैसले को सरकार तत्काल वापस ले। यह मांग आज ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट की प्रदेश कमेटी की तरफ से प्रेस को जारी बयान में उठाई गई। ऑल इंडिया पीपुल्स फ्रंट के प्रदेश संगठन महासचिव दिनकर कपूर ने कहा कि आजादी के बाद ग्रहण किए गए संविधान में राज्य की भूमिका कल्याणकारी राज्य के रूप में की गई थी।

जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, बिजली, पानी जैसे बुनियादी क्षेत्र आम नागरिकों को उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी थी। अब सरकार इससे पीछे हट रही है। बिजली जैसे क्षेत्र को निजी क्षेत्र में सौंपना महंगाई की मार से पहले से ही पीड़ित आम जनता पर कहर ढ़ाहना है। उन्होंने कहा कि पूरे देश में बिजली के निजीकरण के जितने भी प्रयोग थे वह विफल साबित हुए हैं।

उड़ीसा में बिजली के निजीकरण की नीति को सरकार को वापस लेना पड़ा। आगरा में टोरेंट पावर के निजीकरण में खुद सीएजी रिपोर्ट में करोड़ों रुपए के घोटाले होने की और प्रदेश सरकार को राजस्व हानि होने की बात सामने आई। महाराष्ट्र और मुख्यतः मुंबई में निजीकरण के कारण आम आदमी को बेहद महंगी बिजली खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है और उसका भी रेट विभिन्न समय के अनुसार भिन्न-भिन्न है।

वास्तविकता यह है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार जब-जब सत्ता में आती है, बिजली के निजीकरण को तेज किया जाता है। एनरान से बिजली समझौता, राज्य विद्युत बोर्ड का विभाजन, विद्युत कानून 2003 और विद्युत संशोधन अधिनियम 2022 भाजपा के राज में ही हुआ है।

कुछ चंद कारपोरेट घरानों को पूरे देश और प्रदेश की बिजली व्यवस्था सौंपने में सरकारें लगीं हैं। उन्होंने कहा कि दरअसल प्रदेश में बिजली विभाग को हो रहे घाटे के पीछे भी सरकार की नीतियां ही जिम्मेदार हैं। सस्ती बिजली पैदा करने वाले अपने उत्पादन गृहों से सरकार थर्मल बैंकिंग कराती है और उसी समय कॉर्पोरेट घरानों से बेहद महंगे दाम पर बिजली की खरीद की जाती है।

बिजली के दुरुपयोग की हालत यह है कि यदि सचिवालय में ही लोग चले जाएं तो बहुत बड़ा बिजली का खर्चा वहां चलाए जा रहे एसी और तमाम संयंत्रों में दिखाई देगा। जो घाटा आज बताया जा रहा है उसका एक बड़ा हिस्सा सरकारी विभागों में बिजली बिल के बकाए का है। यदि उसे ही सरकार वापस कर दे तो बकाया की धनराशि काफी कम हो जाएगी।











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सोनभद्र। संभल में भड़के दंगे के बाद प्रदेश भर में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सोनभद्र में भी हाई अलर्ट जारी करते हुए मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। दोनों समुदाय के संभ्रांत जन व धर्माबलम्बियों से शांति बनाये रखने को लेकर वार्ता भी की जा रही है।

एसपी अशोक कुमार मीणा के निर्देश पर सभी सीओ अपने अपने क्षेत में पैदल गश्त कर रहे हैं। रॉबर्ट्सगंज नगर में सीओ डॉ चारु द्विवेदी की अगुवाई में फोर्स ने पैदल गश्त किया। बताते चलें कि विगत दिनों जिला संभल में जामा मस्जिद के सर्वे को लेकर हिंसा भड़क गयी थी। इस दौरान कई लोगों की मौत हो गयी थी तो हिंसा में पुलिस प्रशासन के अधिकारी व अन्य लोग घायल हो गये थे।

इसको लेकर शासन स्तर से प्रदेश भर में हाई अलर्ट कर दिया गया। इसको लेकर एसपी अशोक कुमार मीणा ने जनपद पुलिस को अलर्ट कर दिया है। इस दौरान खुफिया तंत्र के साथ ही सभी थाना प्रभारी, सीओ आदि को अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण करने के निर्देश दिये।

एसपी ने थाना पुलिस को विशेषकर मिश्रित आबादी वाले क्षेत्र में भ्रमण करने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि वह दोनों ही समुदाय के संभ्रांत जनों के साथ सम्पर्क कर शांति व्यवस्था बनाये रखने में सहयोग करने की अपील करें। वहीं स्पष्ट किया कि इस दौरान किसी भी समुदाय के व्यक्ति, अराजकतत्व द्वारा अफवाह फैलाने, उपद्रव करने की कोशिश की तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए।














सोनभद्र। भारत सरकार के फीट इंडिया अभियान को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश योगसना स्पोर्ट्स एसोसिएशन और धनवंतरी पतंजलि योग संस्थान के तत्वावधान में 30 नवंबर को योगासन प्रतियोगिता व योग महोत्सव का आयोजन क्लब नम्बर 4 ओबरा में होगा।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव गोंड, पुलिस महानिरीक्षक आरपीसिंह विंध्याचल, जिलाधिकारी बीएन सिंह, संस्थान के संरक्षक रमेश सिंह, दिव्य भारत निर्माण ट्रस्ट के संस्थापक पूज्य स्वामी महेश योगी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।

कार्यक्रम में विभिन्न प्रान्तों के योगा प्रतियोगिता में हजारों की संख्या में योग प्रतिभागी सम्मिलित होंगे। उत्तर प्रदेश योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन एवं धनवंतरी पतंजलि योग संस्थान द्वारा फीट इंडिया योजना के तहत योग प्रतियोगिता योग महोत्सव का भव्य आयोजन 30 नवंबर को प्रातः 7:00 से क्लब नंबर चार ओबरा में किया जाना सुनिश्चित हुआ है।

जिसके क्रम में जिला विद्यालय निरीक्षक जयराम सिंह ने जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी ओबरा संस्थान के संरक्षक रमेश सिंह, योग गुरु आचार्य संस्थापक धनवंतरी पतंजलि ओबरा को अवगत कराते हुए बताया कि जनपद के समस्त माध्यमिक विद्यालयों/महाविद्यालय के पांच-पांच छात्र – छात्राओं उक्त योगसना योग प्रतियोगिता में प्रतिभाग करना आवश्यक है।

प्रतियोगिता में प्रतिभाग किये जाने के लिए पंजीकरण का समय 7:00 बजे से 8:00 तक निर्धारित किया गया है। जिसमें सभी प्रतिभागियों को अपने अपने साथ आधार कार्ड एवं विद्यालय से निर्गत आईडी कार्ड की छाया प्रति साथ ले आना अनिवार्य है।

उन्होंने ने बताया कि प्रतियोगिता में विजेता टीम को पुरस्कृत भी किया जाएगा। कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी एवं ऑनलाइन पंजीकरण के लिए मोबाइल नंबर 7318493702 9451848184, 94150 12909 पर संपर्क करने व सभी शिक्षण संस्थानो को कार्यक्रम में अपने विद्यालय में अध्यनरत पांच-पांच कुल मिलाकर 10 विद्यार्थियों को योगासन प्रतियोगिता कार्यक्रम में प्रतिभाग करना है।












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सोनभद्र। ग्राम स्वराज्य समिति बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए काम कर रहे 250 से भी ज्यादा गैरसरकारी संगठनों के देशव्यापी गठबंधन ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन’ का सहयोगी संगठन है।

भारत सरकार के नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के उद्घाटन के मौके पर जिला प्रशासन ने जनपद में बाल विवाह के खिलाफ काम कर रहे गैर सरकारी संगठन ग्राम स्वराज्य समिति के साथ मिलकर जागरुकता रैलियों का आयोजन किया और लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई।

इस कार्यक्रम में ग्राम स्वराज्य समिति ने अपनी बात रखते हुए कहा है कि जिला प्रशासन के साथ मिल कर जनपद के सभी गांवों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने का कार्य करेगी तथा सभी गांवों के बाहर बाल विवाह मुक्त ग्राम लिखा जाएगा।

इस राष्ट्रव्यापी अभियान और जमीन पर इसके असर की चर्चा करते हुए ग्राम स्वराज्य समिति के निदेशक महेशानंद भाई ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बाल विवाह के खात्मे के लिए महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय की ओर से शुरू किया गया अभियान इस बात का सबूत है कि सरकार इस सामाजिक बुराई की गंभीरता से अवगत है।

आज भी देश में 23 प्रतिशत से ज्यादा लड़कियों का बाल विवाह होता है जो न सिर्फ जीवनसाथी चुनने के उनके अधिकार का हनन है बल्कि इससे लड़कियों की शिक्षा, स्वास्थ्य के साथ रोजगार और आर्थिक निर्भरता की उनकी संभावनाओं पर भी बेहद बुरा असर होता है।

सरकार की योजना इस अभियान में सभी हितधारकों को साथ लेकर चलने की है और ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन’ का सहयोगी संगठन होने के नाते हम इसमें पूरी तरह साथ हैं। वर्षों से बाल विवाह के खिलाफ काम करने के नाते हम भली भांति जानते हैं कि समग्र और समन्वित प्रयासों के बिना यह लड़ाई नहीं जीती जा सकती।

लेकिन अब हमें विश्वास है कि सरकार और नागरिक समाज के साझा प्रयासों से भारत 2030 से पहले ही बाल विवाह के खात्मे के लक्ष्य को हासिल कर सकता है। इस मौके पर महेशानन्द सिंह, रामनाथ शिवेंद्र, प्रदुम्न त्रिपाठी, दिवाकर मेघ, प्रभात सिंह चन्देल, राजेश चौबे आदि लोग मौजूद रहे।











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सोनभद्र। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पुलिस अधिकारियों व राजस्व अधिकारियों को समय-समय पर निर्देश देते रहते है लेकिन इन सब के बावजूद भी जनपद पुलिस पीड़ितों के प्रार्थना पत्र पर किसी भी तरह की कार्रवाई करना मुनासिब नहीं समझती है।

बीते रविवार को रावर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के धोबही मोड़ पर पंक्चर की दुकान चलाने वाले व्यक्ति की गुमटी पर ऑटो पलट गया और वह घायल हो गया। जिसकी शिकायत पुलिस से किया लेकिन नई बाजार पुलिस चौकी पुलिस ने किसी तरह की कार्रवाई नहीं किया।

मामला बीते रविवार दोपहर हुई दुर्घटना में घायल पीड़ित का 5 दिन बाद भी पुलिस कोतवाली ने एफआईआर दर्ज नहीं किया और वह न्याय के दर-दर भटक रहा। पीड़ित ने आरोप लगाया कि जब नई बाजार पुलिस चौकी प्रभारी इंचार्ज को फोन करके मामले की जानकारी दिया तो उनके द्वारा इधर-उधर की बातें करके मामले को टाल दिया जाता रहा।

पीड़ित ने गुरुवार को पत्रकारों से बताया कि उसके पिता शंकर पुत्र स्व रामपति द्वारा पंचर की दुकान मेन रोड धोबही मोड़ पर एक गुमटी में खोलकर परिवार का भरण-पोषण करते है। 24 नवम्बर को प्रतिदिन की तरह अपने गुमटी पर पंचर बनाने का कार्य कर रहे थे उसी समय टैम्पू सं0-UP64AT0228 का चालक तेजी व लापरवाही पूर्वक विपरीत दिशा से (राबर्ट्सगंज की तरफ से) आते हुए पिता के ऊपर पलट गया और टैम्पू पलटते ही चालक मौके से फरार हो गया।

घटना स्थल पर उसके पिता गम्भीर रूप से घायल हो गये, गांव घर के सहयोग से घायल को आनन-फानन में जिला अस्पताल लोढ़ी में भर्ती कराया जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना के समय गांव घर के लोगो द्वारा थाना राबर्ट्सगंज को सूचना दी गयी थी,

जिससे टैम्पू को पुलिस द्वारा कोतवाली लाया गया परन्तु टैम्पू चालक के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं किया गया है। वही पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाते हुए टैम्पू चालक को तलब कर उसके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करने की मांग किया है।












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सोनभद्र। 14 वर्ष पूर्व दहेज प्रताड़ना के चलते हुई सरिता हत्याकांड के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी/ सीएडब्लू, सोनभद्र अर्चना रानी की अदालत ने बुधवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी पति मुकुन्दलाल उर्फ बबुन्दर को 7 वर्ष की कैद व तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।

जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। दोषी पति को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक मृतका का भाई अमरेश सिंह निवासी ग्राम देवरी, थाना रॉबर्ट्सगंज, जिला सोनभद्र ने घोरावल थाने में 15 नवंबर 2010 को दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसने अपनी बहन सरिता की शादी करीब 6 वर्ष पूर्व मुकुन्दलाल उर्फ बबुन्दर पुत्र सुदामा निवासी ग्राम बेलखुरी,

थाना घोरावल, जिला सोनभद्र के साथ हिंदू रीति रिवाज से किया था। शादी में अपने सामर्थ्य के अनुसार उपहार स्वरूप सामान दिया था। बावजूद इसके दहेज की मांग को लेकर उसकी बहन सरिता को मुकुन्दलाल उर्फ बबुन्दर शुरू से ही मारपीट कर प्रताड़ित करता था। जब भी सरिता मायके आती थी तो सारी बात सबको बताती थी। कई बार रिश्तेदारों के सामने पंचायत भी हुई, जिसमें कहा जाता था कि अब प्रताड़ित नहीं करेंगे।।

लेकिन पुनः वहीं रवैया अपनाया जाता रहा। 5 नवंबर 2010 को दीपावली के दिन सूचना पर अन्य लोगों के साथ अस्पताल पहुंचा तो बहन सरिता मृत हाल में पड़ी थी। उसे पूर्ण विश्वास है कि दहेज की मांग पूरी नहीं हुई तो मुकुन्दलाल उर्फ बबुन्दर ने उसकी बहन सरिता को मार डाला है। रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई करें।

इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना किया। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, 9 गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी मुकुन्दलाल उर्फ बबुन्दर को 7 वर्ष की कैद व तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित की जाएगी। इस संदर्भ में सरकारी वकील सत्यप्रकाश त्रिपाठी का कहना है कि बिसरा रिपोर्ट में सरिता की मौत विष के सेवन से हुई बताया गया है। अभियुक्त मुकुन्दलाल उर्फ बबुन्दर को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया।











