वाराणसी में फिर बंद हुए कक्षा 8 तक के स्कूल, DM ने दिया आदेश

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  • School Closed: वाराणसी में फिर बंद हुए कक्षा 8 तक के स्कूल, जानें खुलने की तारीख; यहां पढ़ें DM का नया आदेश

रमेश देव पाण्डेय (जिला संवाददाता)

वाराणसी। महाकुंभ में गंगा स्नान करने काशी आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को लेकर कक्षा एक से आठ तक के लिए पांच फरवरी तक बंद किए गए थे। बुधवार को जिलाधिकारी एस. राजलिंगम के आदेश पर बंद की तारीख आठ फरवरी तक बढ़ा दी गई है। हालांकि, ऑनलाइन कक्षाएं चलाने के लिए निर्देशित किया गया है।

आदेश के अनुसार, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को स्कूल में नियमित आना होगा। बच्चों की कक्षाएं लेने के साथ ही उन्हें अन्य विद्यालयीय कार्य करने होंगे। बीएसए डाॅ. अरविंद कुमार ने बताया कि नगरीय क्षेत्र में यह व्यवस्था लागू रहेगी

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कलयुगी पूजारी ने भगवान को ही मृत दिखाकर मन्दिर की जमीन को करवा लिया अपने नाम,जानकारी होते ही शिकायत करने मन्दिर समिति पहुंची DM दरबार

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  • भगवान शिव माता पार्वती को पूजारी ने दिखाया मृत, मन्दिर की जमीन को कराया अपने नाम
  • यह पूरा मामला सोनभद्र जिले के घोरावल तहसील स्थित शिवद्वार धाम का है

सोनभद्र। 500 साल की कानूनी लड़ाई के बाद अयोध्या में रामलला की भव्य मंदिर बना तो जनपद में प्राचीन पौराणिक शिवपार्वती मन्दिर की जमीन को पुजारी ने भगवान शिवपार्वती को ही मृत दिखाकर अपने नाम करा लिया, जिसकी शिकायत को लेकर मन्दिर समिति व गांव के लोगो ने DM से किया तो जिलाधिकारी ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया।

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महाशिवरात्रि को लेकर पूरा देश अपने-अपने अंदाज से मनाने के लिए तैयारियों में जुटा हुआ है तो वही जनपद के शिवद्वार में प्राचीन शिवपार्वती मन्दिर के पुजारी ने भगवान को ही मृतक घोषित करके जमीन अपने नाम करा लेने का मामला सामने आया है। घोरावल थाना क्षेत्र में एक हैरान करने वाला मामला प्रकाश में आया है भगवान शिव और माता पार्वती के नाम से बने ट्रस्ट (शिव पार्वती प्राचीन काशी सेवा समिति) की जमीन को मंदिर के ही पुजारी ने भगवान शिव और माता पार्वती को मृत दिखाकर जमीन को अपने नाम कर लिया और उसे जमीन पर अपने लोगों द्वारा दुकान खोलकर अतिक्रमण कर लिया गया जब इस मामले की जानकारी समिति को हुई तो समिति में हड़कंप मच गया।

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समिति के लोगों के द्वारा मामले की शिकायत जिला अधिकारी से की गई वहीं जिला अधिकारी द्वारा मामले में जांच कार्यवाही किए जाने का आश्वासन दिया गया। लेकिन जब मीडिया ने इस मामले पर जानकारी लेना चाहा तो DM ने मामले की पूरी जानकारी न होने की बात कह कर मीडिया से बात करने से मना कर दिया।

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समिति के अध्यक्ष रविन्द्र कुमार शिवद्वार में स्थित अति प्राचीन मंदिर और मंदिर के प्रांगण की कागजातों में हेर फेर कर मंदिर वह मंदिर की जमीन को अपने नाम करने का मामला प्रकाश में आया है दरअसल मंदिर के पुजारी द्वारा जमीन व मंदिर को अपने नाम कर लिया गया और मंदिर से होने वाले आए को भी हड़प लेने का मामला प्रकाश में आया है

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वही मामले की जानकारी होने के बाद समिति के लोगों के द्वारा मामले की शिकायत एसडीएम घोरावल से की गई तो उन्होंने मामले को सही बताया इसके बाद समिति के लोग जिलाधिकारी के यहां अपनी फरियाद लेकर पहुंचे जिला अधिकारी को मामले की जानकारी दी और इस मामले में जल्द ही कार्यवाही किए जाने की मांग किया। वहीं जिला अधिकारी ने कागजात को लेते हुए मामले की जांच कर कार्यवाही किए जाने का आश्वासन दिया।

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जानकारों की माने तो 11वीं शदी की भगवान शिव और माता पार्वती की मूर्ति इस मंदिर में स्थापित है और पर्यटन के लिहाज से भी यह मंदिर महत्वपूर्ण स्थान रखता है यहां श्रावण मास में एक माह के लिए मेला लगने के साथ ही शिवरात्रि बसंत पंचमी जैसे अवसरों पर मेला लगता है अति प्राचीन मंदिर होने के कारण इसकी महत्ता भी अधिक बताई जाती है।

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समिति उपाध्यक्षज श्रीकांत द्विवेदी ने कहा कि मंदिर के पुजारी के द्वारा कागजातों में है फिर कर मंदिर व मंदिर की जमीन को अपने नाम करने वी मंदिर की जमीन पर अपने परिजनों की दुकान लगाकर अतिक्रमण करने के कारण मंदिर समिति के लोगों में तथा स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है।

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वही पुजारी के द्वारा मंदिर में चढ़ाए जाने वाले चढ़ावा को भी मंदिर वह सेवार्थ कार्यों में न लगाकर व्यक्तिगत रूप से खर्च किए जाने की भी शिकायत जिला अधिकारी से की गई साथ ही यह मांग किया गया कि जो समिति प्रशासन के द्वारा बनाई गई है उसे समिति को जिम्मेदारी सौंपते हुए दोषी लोगों के खिलाफ कार्यवाही की जाए जिससे मंदिर में चढ़ाए जाने वाले चढ़ावा का इस्तेमाल मंदिर की देखरेख व आमजन के सेवा भाव के लिए इस्तेमाल किया जा सके।

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वही जब इस मामले में जिलाधिकारी से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कहा कि मामले की पूरी जानकारी अभी नहीं है जानकारी होने के बाद मीडिया से इस संबंध में बात करेंगे।

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अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025: सहकार से समृद्धि योजना को सफल बनाने को लेकर DM की अध्यक्षता में हुई बैठक

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  • सहकारिता आंदोलन को जमीनी स्तर पर सुदृढ बनाये: जिलाधिकारी


सोनभद्र। DM बीएन सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेक्ट सभागार में अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 सहकार से समृद्धि योजना को सफल बनाने के लिए बैठक की गयी। बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि अन्तर्राष्ट्रीय वर्ष-2025 सहकार से समृद्धि, सहकारिता आन्दोलन को जमीनी स्तर पर सुदृढ़ कर मजबूत करने के उद्देश्य से सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा दिशा निर्देशों के अनुरुप जिला स्तरीय डिस्ट्रिक्ट को-आपरेटिव कमेटी की निगरानी की जानी है।

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डीसीडीसी की बैठक में सभी संबंधित विभागों ने अपनी अपनी वर्ष भर की कार्य योजनाएं अन्तर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के तहत प्रस्तुत किया गया।

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इस दौरान को आपरेटिव ने बताया कि इसके कार्यान्वयन के क्रम में सहकारिता विभाग की एक समिति एवं मत्स्य विभाग की दो समितियां का गठन जनवरी माह तक कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त अन्य नई समितियां का गठन व भूमि और अन्य कार्यों को करने के लिए सम्बन्धित विभाग द्वारा आपसी समन्वय स्थापित करते हुए Cooperation among Cooperatives के थीम को पूरा करने एवं अन्य मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गयी।

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जिलाधिकारी ने इस योजना से जुड़े सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किये कि डीसीडीसी एवं अर्न्तराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के सफल बनाने के लिए सम्बन्धित विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए

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आई0वाई0सी0,2025 के 01 जनवरी से 31 दिसम्बर, 2025 तक रूपरेखा तैयार कर, चलाये जा रहे सहकारिता आंदोलन में जन भागीदारी बढ़ाते हुए किसानों को अधिकाधिक लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करेंगें।

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बैठक में अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) रोहित यादव, सहायक आयुक्त सहायक निबन्धक सहकारिता देवेन्द्र कुमार, डीडीएम नाबार्ड, सहायक निदेशक मत्स्य, जिला सहकारी बैंक के सचिव व महाप्रबन्धक सहित अन्य सम्बन्धितगण उपस्थित रहें।

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आंतरिक परिवाद समिति गठित करने को लेकर हुई बैठक में बोले DM: लैंगिक उत्पीड़न रोकने के लिए सभी विभाग करे समिति का गठन

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  • लैंगिक उत्पीड़न रोकने के लिए आंतरिक परिवाद समिति का सभी विभाग करे गठनः जिलाधिकारी


सोनभद्र। जिलाधिकारी  की अध्यक्षता में जिले में सभी कार्यस्थलों पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम और महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध) अधिनियम-2013 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जनपद के समस्त कार्यालयाध्यक्षों और नियोजकों को आंतरिक परिवाद समिति (आईसीसी) गठित करने सम्बन्धी बैठक की गयी।

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कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि आंतरिक परिवाद समिति का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की शिकायतों का निवारण करने व होने वाली घटनाओं को रोकना है। समिति के गठन से महिलाओं को एक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण प्रदान करने में मदद मिलेगी।

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बैठक में जिलाधिकारी ने कार्यालयाध्यक्षों और नियोजकों को आंतरिक परिवाद समिति (आईसीसी) गठित करने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिनियम की धारा-4 के अनुसार प्रत्येक ऐसे कार्यस्थल, जहां 10 या अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां आंतरिक परिवाद समिति का गठन करना अनिवार्य है।

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इस समिति में एक वरिष्ठ महिला अधिकारी पीठासीन अधिकारी के रूप में चयन किया जाना है, दो अन्य सदस्य महिला समिति में रहेंगी, जो महिलाओं की समस्याओं के प्रति संवेदनशील या विधिक ज्ञान रखने वाली होंगी, और एक सदस्य किसी गैर-सरकारी संगठन से रहेंगीं, जो लैंगिक उत्पीड़न के मामलों से सुपरिचित होगा।

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समिति में कम से कम 50 फीसदी सदस्य महिलाएं होंगी। यदि कोई कार्यालय या संस्थान अधिनियम के तहत अनिवार्य समिति का गठन नहीं करता है, तो धारा-4 के तहत उस पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा, कार्यस्थलों पर शिकायतें प्राप्त करने और उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित समिति को भेजने के लिए ग्राम स्तर पर खंड विकास अधिकारी, तहसील स्तर पर उप जिलाधिकारी और शहरी क्षेत्रों में अधिशासी अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।

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जिलाधिकारी द्वारा सभी कार्यालयों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने कार्यस्थलों पर समिति के गठन की सूचना जिला प्रोबेशन अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगें, दिशा निर्देश को लागू करने के लिए पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, सम्बन्धित क्षेत्र के उप जिलाधिकरी, बीडीओ, नगर पालिका एवं नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा आवश्यक कार्यवाही किया जाना है।

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बैठक मे मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, अपर जिलाधिकारी सहदेव कुमार मिश्रा, पुलिस क्षेत्राधिकारी चारु द्विवेदी, वरिष्ठ कोषाधिकारी इन्द्रभान सिंह, प्रभारी जिला सूचना अधिकारी सुधांशु शेखर शर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी नमिता शरण, जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव, जिला प्रोबेशन अधिकारी पुनीत टण्डन, प्रोबेशन अधिकारी इन्द्रावती कुमारी, केन्द्र प्रशासक दीपिका सिंह, संरक्षण अधिकारी रोमी पाठक सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहें।

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बसंत पंचमी मेला और स्वाधीनता आंदोलन

HIGHLIGHTS

  • गौरी शंकर मंदिर से असहयोग आंदोलन हुआ था शुभारंभ।
  • पंडित महादेव प्रसाद चौबे की अध्यक्षता में हुई थी विशाल जनसभा।
  • क्रांतिकारी बलराम दास केसरवानी ने दिया था। ओजस्वी भाषण

सोनभद्र। सोनभद्र जनपद के नाम- अनाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों द्वारा देश के स्वतंत्रता आंदोलन में तन- मन- धन न्योछावर करने वाले सेनानियों पर आज पूरा देश गर्व कर रहा है।
विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के निदेशक/इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी के अनुसार-“सन 1918 में मिर्जापुर तहसील सहित चुनार, रॉबर्ट्सगंज, दुद्धी में कांग्रेस कमेटी का गठन हो चुका था और इसके माध्यम से सोनभद्र जैसे दुरुह आदिवासी अंचलो में स्वतंत्रता संग्राम की अलख जगाने के लिए कांग्रेसी नेता तत्पर थे।

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सन 1921 में कांग्रेस के नागपुर अधिवेशन में असहयोग आंदोलन की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद मिर्जापुर जनपद के कांग्रेसी नेता हनुमान प्रसाद पांडे, डॉ उपेंद्र नाथ बनर्जी, मास्टर गंगा प्रसाद, पंडित शालिग्राम पांडे,परमानंद पंजाबी, सरस्वती देवी, महादेव शरण आदि नेताओं ने सोनभद्र जनपद के रॉबर्ट्सगंज एवं दुद्धी तहसील का दौरा किया और असहयोग आंदोलन के की नीतियों और उद्देश्यों का प्रचार किया, इससे सोनभद्र जनपद की जनता बहुत ही प्रभावित हुई थी।

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रॉबर्ट्सगंज नगर सहित आसपास के गांवो में असहयोग आंदोलन के प्रचार- प्रसार हेतु ग्राम मुठेर के पंडित तारक नाथ त्रिपाठी द्वारा अन्य नौजवान साथियों के सहयोग से आम जनमानस को असहयोग आंदोलन के कार्यक्रमों से अवगत कराया और कांग्रेस कमेटी का सदस्य, स्वयंसेवक बनाया।
वर्तमान जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज में असहयोग आंदोलन की नीतियों के प्रचार के लिए सुप्रसिद्ध क्रांतिकारी कांग्रेसी नेता बलराम दास केसरवानी की अध्यक्षता में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया, जिसमें दुद्धी, रॉबर्ट्सगंज, मिर्जापुर के क्षदेशभक्तों, क्रांतिकारियों ने भाग लिया था।

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इसके साथ ही साथ स्थानीय ग्रामीण क्षेत्रों के स्वयंसेवकों, नेताओं द्वारा छोटी-छोटी सभाओं के माध्यम से देशभक्ति का पाठ पढ़ाया गया।
असहयोग आंदोलन के कार्यक्रम अंतर्गत सोनभद्र जनपद के देशभक्तों, क्रांतिकारियों द्वारा ग्राम परासी में एक संस्कृत राष्ट्रीय विद्यालय की स्थापना किया गया। इस पाठशाला के प्रथम प्रधानाध्यापक सेनानी पंडित महादेव प्रसाद चौबे बनाए गए।
आंदोलन के प्रचार- प्रसार के लिए 12 फरवरी 1921, शनिवार (बसंत पंचमी) का दिन निश्चित किया गया।सोनभद्र जनपद के स्वाधीनता संग्राम के इतिहास में इस महान,ऐतिहासिक दिवस के अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पंडित महादेव प्रसाद चौबे की अध्यक्षता में जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज से 7 किलोमीटर दूर पर बरहरदा गांव के गौरी शंकर मंदिर पर आयोजित बसंत पंचमी के मेला मे  पंडित महादेव प्रसाद चौबे,

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बलराम दास केसरवानी, केसरी प्रसाद द्विवेदी मिर्जापुर जनपद से अतिथि के रुप में पधारे सक्रिय, उत्साही, नेता गंगा प्रसाद जायसवाल, कृष्ण द्विवेदी ने ओजस्वी भाषण देते हुए विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार, नशा उन्मूलन, सरकारी उपाधियों और अवैधानिक पदों का त्याग, सरकारी एवं गैर सरकारी उत्सव का बहिष्कार, सरकारी स्कूलों से बच्चों को हटाना, राष्ट्रीय स्कूलों की स्थापना, अंग्रेजी अदालतों का बहिष्कार, झगड़ों का राष्ट्रीय पंचायत द्वारा निर्णय, सरकारी कर न देना, अपने गांव घर के लोगों को मजदूर के रुप में मेसोपोटामिया न भेजना, सरकार द्वारा आयोजित चुनाव का बहिष्कार आदि का संदेश दिया।

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आंदोलनकारियों ने विदेशी वस्त्रों की होली जलाकर रॉबर्ट्सगंज तहसील में असहयोग आंदोलन का शुभारंभ किया और पंपलेट भी वितरित किया गया था। असहयोग आंदोलन का शंखनाद दुद्धी तहसील में मिर्जापुर के कांग्रेसी नेता बाबू पुरुषोत्तम सिंह, बेनी माधव पांडे सहित अन्य उत्साही नेताओं ने अपार कष्ट झेलते हुए दुद्धी के सेनानी यीशु मसीह, सदानंद पांडे, सुखन अली, सखावत हुसैन, सुखलाल खरवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस आंदोलन का शुभारंभ किया और आंदोलन की नीतियों का आम जनता में प्रचार किया

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और विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार लगान बंदी, नशाबंदी आदि कार्यक्रम को पूरा किया गया। इस जुर्म में सेनानियों को पुलिस द्वारा घोर कष्ट दिया गया और जेल में बंद कर उन पर जुर्माना लगाया गया।

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आजादी के बाद गौरी शंकर मंदिर पर हर वर्ष बसंत पंचमी को विशाल मेला लगता है और इस मेले में आसपास गांव के लोग मेले का आनंद लेने के लिए यहां पर जुटते हैं, आज भी इस क्षेत्र के बुजुर्गों को महात्मा गांधी द्वारा चलाए गए असहयोग आंदोलन जिसकी शुरुआत जनपद सोनभद्र में गौरी शंकर के मेले से हुई थी इस ऐतिहासिक घटना को नई पीढ़ी को सुनाते है।

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शीतला मंदिर चौक पर गोली चलाने वाले आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

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  • शीतला मंदिर चौक पर गोली चलाने वाले आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार


सोनभद्र। बीते 1 फरवरी को फल विक्रेता की पिकअप में कार के टक्कर होने पर दो पक्षो के बीच हुए विवाद में गोली चलाने वाले आरोपियों को मंगलवार को सदर कोतवाली पुलिस ने पिस्टल और जिन्दा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। वही इस मामले में चार आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार सदर कोतवाली क्षेत्र के सोनभद्र नगर स्थित शीतला चौक पर शराब के नशे में धुत मनबढ़ किस्म के लोगों द्वारा सरेराह भीड़ भाड़ वाले स्थान पर मारपीट व फायरिंग कर कानून व्यवस्था छिन्न भिन्न करने व आम जन मानस में भय का माहौल उत्पन्न कर लोक शांति भंग किया था।

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जिसके सम्बन्ध में धारा 191(2), 191(3), 190, 115(2), 324(4), 109 (1) भारतीय न्याय संहिता व 7 सीएलए एक्ट से सम्बन्धित प्रकरण में अब तक कुल 6 लोगो जिसमे राजाबाबू सोनकर पुत्र श्रीराम सोनकर निवासी कस्बा सोनभद्र, सूरज सोनकर पुत्र भोला सोनकर निवासी कस्बा सोनभद्र, जनमेजय सिंह पुत्र शिव गोपाल निवासी गोधईया थाना जाफरगंज जनपद फतेहपुर, और रितेश कुमार पुत्र वंशी निवासी उत्तर मोहाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

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मंगलवार को पुलिस द्वारा गोलीकांड मामले में बंछित दो आरोपियों नितीश सिंह उर्फ मिट्टू पुत्र स्व० रविन्द्र सिंह निवासी रौप चुर्क सदर कोतवाली और मुरलीधर सिहं पुत्र स्व० शिवजी सिंह नि० ग्राम खडुई (टोला विक्रमपुर) थाना पन्नूगं को ट्रामा सेन्टर से पुलिस हिरासत में लेकर उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त एक पिस्टल, आठ जिन्दा कारतूस व दो मैगजीन बरामद कर न्यायालय रवाना किया गया है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में निरीक्षक अपराध शेषनाथ पाल, हेडकांस्टेबल अनूपचन्द्र दूबे और हेडकांस्टेबल भरतलाल यादव शामिल रहे।

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पिता की डांट से नाराज होकर घर से भागे तीन मासूम बच्चों को पुलिस ने किया सकुशल बरामद

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• पिता की डांट से नाराज होकर घर से भागे तीन मासूम को पुलिस ने किया सकुशल बरामद

सोनभद्र। तीन मासूम बच्चे जो अपने पिता की डांट से नाराज होकर घर से भाग गए थे, पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। यह बच्चे रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र के बहुआरा टोला भैरवा गाँव के निवासी प्रेम कुमार के बच्चे हैं।

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प्रेम कुमार ने बताया कि 2 फरवरी को उन्होंने बच्चों को डांटा था, जिसके बाद 13 वर्षीय प्रतीप कुमार, 9 वर्षीय प्रतीप कुमारी और 6 वर्षीय प्रतीक कुमार घर से कहीं चले गए।

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जब बच्चे घर नहीं लौटे तो प्रेम कुमार ने 3 फरवरी को पुलिस को सूचना दी कि उनके तीनों बच्चे घर से लापता हैं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और चौकी प्रभारी आशुतोष राय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तलाश अभियान चलाया।

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तीनों बच्चों को औरहवा के जंगल से होते हुए सिधी चुर्क के पास से बरामद किया गया। बच्चों को सकुशल उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुलिस की सराहना की।’

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प्रयागराज में VIP फ्लीट के दौरान अधिवक्ता के साथ दुर्व्यवहार के आरोपी दरोगा के विरुद्ध कड़ी कारवाई करे मुख्यमंत्री- राकेश शरण

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  • सँयुक्त अधिवक्ता महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री व प्रदेश के उच्चाधिकारियों को लिखा पत्र
  • उत्तर प्रदेश में अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम को जल्द लागू करने की पुनः की मांग

सोनभद्र। जनपद प्रयागराज में वी आई पी फ्लीट के दौरान प्रयागराज उच्च न्यायालय के अधिवक्ता साथी धीरेंद्र सिंह के साथ प्रयागराज पुलिस द्वारा मार पीट गाली गलौज एवम दुर्व्यवहार किए जाने पर संयुक्त अधिवक्ता महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष राकेश शरण मिश्र ने गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए इसे दुर्भाग्य पूर्ण बताया है और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को पत्र लिखकर आरोपी दरोगा और पुलिसवालों के विरुद्ध कठोर कारवाई की मांग की है।

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साथ ही यह भी मांग की है कि उत्तर प्रदेश में वी आई पी फ्लीट को या तो बंद किया जाए या अधिवक्ताओं को वी आई पी फ्लीट के दौरान आने जाने से ना रोका जाए। साथ ही उन्होंने पत्र में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को जल्द से जल्द लागू करने की मांग की है। प्रयागराज के अधिवक्ता के साथ हुए इस घटना की सूचना पर प्रयागराज जनपद सहित प्रदेश के अधिवक्ताओ में अत्यधिक गुस्सा और आक्रोश ब्याप्त है।

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घटना की जानकारी होते ही सँयुक्त अधिवक्ता महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष राकेश शरण मिश्र ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को पत्र लिखकर इस घटना में संलिप्त पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कठोर कारवाई की माँग की है।

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इसके अलावा श्री मिश्र ने मुख्यमंत्री से उत्तर प्रदेश में जल्द से जल्द अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू करने की पुरजोर माँग करते हुए कहा है कि उत्तर प्रदेश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू ना होने से आए दिन प्रदेश के अधिवक्ताओ के साथ इस प्रकार की घटनाएं हो रही है जिसके लागू होने के बाद इस प्रकार की घटनाओं में बहुत कमी आएगी और प्रदेश के अधिवक्ताओ की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

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डिबीए सोनभद्र का शपथ ग्रहण समारोह 15 फरवरी को

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  • डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सोनभद्र का शपथ ग्रहण समारोह 15 फरवरी 25 को होगा

सोनभद्र। नवनियुक्त डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सोनभद्र की कार्यकरिणी की प्रथम बैठक  अध्यक्ष श्री जगजीवन सिंह एडवोकेट की अध्यक्षता मे सम्पन्न हुआ।

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बैठक में निम्नलिखित प्रस्ताव पारित किया गया             डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सोनभद्र के अध्य्क्ष जगजीवन  सिंह एडवोकेट ने कहा कि नवनियुक्त कार्यकरिणी 2024-2025 की शपथ ग्रहण/स्वागत समारोह  15 फ़रवरी 2025 को होना सुनिश्चित हुआ है।

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शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्षगण पांचूराम मौर्य  एडवोकेट एवं हरिशंकर सिंह एडवोकेट तथा  विनोद कुमार पांडे एडवोकेट सदस्य बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश एवं  आशुतोष सिन्हा एडवोकेट स्नातक खंड शिक्षक क्षेत्र वाराणसी होंगे।                       

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डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सोनभद्र के पूर्व अध्यक्ष  श्याम बिहारी यादव एडवोकेट ने कहा कि विधान परिषद स्नातक शिक्षक क्षेत्र वाराणसी के सदस्य  आशुतोष सिन्हा एडवोकेट  अपने मद से बार भवन को सहयोग दिए हैं उसका शिलान्यास भी किया जाएगा। जिससे अधिवक्ताओं को पुस्तकालय भवन उपल्ब्ध हो जायेगा।                                         

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संचालन महामंत्री प्रदीप कुमार मौर्य एडवोकेट ने किया।  इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन कुमार सिंह एड, उपाध्यक्ष चंद्र प्रकाश सिंह एडवोकेट व कामता प्रसाद यादव एड  कोषाध्यक्ष वीरेन्द्र राव एड, राजेश यादव एड, राजेश मौर्य एड, दसरथ यादव एड,रामगुल्ली यादव एड, महेन्द्र एड, शाहनवाज खान एडवोकेट आदि लोग उपस्थित रहे !

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समूह की महिलाओं ने सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के चयन में अधिकारीयों पर लगाया धांधली करने का आरोप

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  • अधिकारियों के मिली भगत हुआ सस्ते गले कोटे की दुकान चयन आरोप
  • समूह की महिलाओं ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन दिया पत्र


सोनभद्र। मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में  कर्म ब्लॉक क्षेत्र के कसया कला गांव निवासी समूह की महिलाओं ने आरोप लगाया कि अधिकारियों व दूसरे समूह की महिलाओं द्वारा गलत तरीके से समूह का चयन करते हुए सस्ते गल्ले कोद्रे की दुकान का चयन कराया गया जिसके विरोध में प्रदर्शन करते हुए एडीएम को पत्र देकर मामले की जांच करने की उठाई मांग।

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समूह की महिलाओं में अंजू व पूजा ने बताया कि पिछले महीने के 28 29 तारीख को ग्राम पंचायत के दूसरे टोले में बैठक करके अधिकारियों द्वारा अपने चहिते व नए समूह के सखी को कोद्रे सस्ते गले की दुकान का चयन कराया गया वहीं पूर्व में भी इस तरह की बैठक की गई जिसका विरोध करने पर वह कैंसिल कराया गया था पुन्ह दोबारा वह गलती अधिकारियों के मिली भगत से की गई।

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जिसमें 1 वर्ष पहले के समूह का नाम चयन के बाद काट कर चोरी छुपे बैठक कराकर सस्ते गल्ले कोट की दुकान का चयन कराया गया जिस संदर्भ में कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन करते हुए मामले की जांच कर कर सही तरीके से समूह की महिलाओं को सस्ते गले कोट की दुकान का चयन कराया जाए इस मौके पर अंजलि विमल हीरावती विमल हीरावती पूजा भगवती अनीता सीता शीला गीत उर्मिला शांति आदि लोग मौजूद।

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