खड़ी इलेक्ट्रिक बस में कार घुसी, हादसे में कार सवार ससुर-दामाद की हुई मौत
रमेश देव पाण्डेय (जिला संवाददाता)
वाराणसी। महाकुंभ से स्नान कर वाराणसी आते समय राजातालाब के बीरभानपुर स्थित हनुमान मंदिर के सामने हाईवे पर खड़ी इलेक्ट्रिक बस में पीछे से कार घुस गई। हादसे में कार सवार ससुर-दामाद की मौत हो गई। तीन लोग घायल हुए हैं जिन्हें रोहनिया स्थित अनंत हास्पिटल में भर्ती कराया गया है।
बिहार के बेगूसराय के बछवाड़ा के चमथा बरखुट गांव निवासी देवेंद्र प्रताप सिंह बेटे प्रवीण, बहू सुषमा, बेटी विभा और दामाद सहरसा के शोहा सोनबरसा गांव निवासी दामाद अमरेंद्र सिंह के साथ डैटसन कार से महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज गए थे।
वहां से श्रीकाशी विश्वनाथ के दर्शन के वाराणसी आ रहे थे, लेकिन रास्ते में हादसा हो गया। पुलिस देवेंद्र प्रताप और अमरेंद्र को बीएचयू ट्रामा सेंटर ले गई, जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अमरेंद्र भाजपा के ब्लाक अध्यक्ष थे।
इस दिन जारी होगी काशी के BJP जिलाध्यक्षों की सूची, क्षेत्रीय अध्यक्ष ने बताया समय, लिस्ट में ये लोग आगे
रमेश देव पाण्डेय (जिला संवाददाता)
वाराणसी। भारतीय जनता पार्टी में मंडल अध्यक्ष से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक के पदों पर बदलाव को लेकर मंथन का दौर जारी है ! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी संगठन में बदलाव को लेकर उस वक्त सुर्खियों में आ गया जब जिलाध्यक्ष पद के लिए 168 सक्रिय कार्यकर्ता ने आवेदन दे डाले! मौजूदा समय में भारतीय जनता पार्टी में तमाम पदाधिकारी ऐसे हैं जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा कर लिया है या बहुत सारे ऐसे पदाधिकारी हैं जिनके पास दो-दो पद है या फिर उन पदाधिकारी को बदलने की भी कवायद हो रही है जो पार्टी के मुख्य पद पर आसीन रहते हुए पार्टी के कसौटी पर खरा नही उतर पाया।
पीएम के संसदीय क्षेत्र का जिलाध्यक्ष बनने के लिए कार्यकर्ताओं की होड़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के महानगर और जिलाध्यक्ष बने के लिए दावेदारों ने ऐसी ताल ठोकी की पार्टी में नियुक्त किये गए चुनाव अधिकारियों के पसीने छूट गए ! इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिला अध्यक्ष के लिए 90 दावेदारों जबकि महानगर अध्यक्ष के लिए कुल 78 दावेदारों ने अपना आवेदन पत्र भरकर दावेदारी पेश कर दी है।
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जिलाध्यक्ष पद के चयन का मापदंड विश्व की सबसे बड़ी पार्टी का तमगा हासिल करने वाली भारतीय जनता पार्टी में पीएम के संसदीय क्षेत्र का जिला अध्यक्ष बने के लिए पार्टी संगठन ने दो प्रमुख मापदंड अपनाए थे ! जिसमें पहला मापदंड आयु को रखा गया 60 वर्ष से कम आयु का पदाधिकारी हो,दूसरा और सबसे प्रमुख मापदंड दो बार का सक्रिय सदस्य होना चाहिए! यहाँ सक्रिय सदस्य से मतलब ऐसे पदाधिकारी से है जो कम से कम 100 नए सदस्य पार्टी के लिए बनाए हो,के बावजूद इतनी लंबी सूची आने के बाद चुनाव संगठन के सामने मुश्किलें पैदा कर दी हैं।
काशी क्षेत्र के अध्यक्ष ने सूची को लेकर कहीं बड़ी बात
पीएम के संसदीय क्षेत्र के जिला अध्यक्ष और महानगर के अध्यक्ष के सूची के बारे में जब काशी क्षेत्र के अध्यक्ष दिलीप सिंह पटेल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अगले हफ्ते तक सूची जारी हो सकता है,लेकिन सूची जारी होने से पहले एक आखिरी बैठक पार्टी में संगठन के महत्वपूर्ण लोगों के साथ होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि आखिर सूची कब जारी की जाएगी! वहीं जिला अध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष के पद पर दावेदारों के बारे में बात की गई तो उनका कहना है कि इस बारे में संगठन ही आखिरी फैसला लेगी लेकिन महानगर अध्यक्ष पद के लिए उन्होंने वैश्य समाज को प्राथमिकता देने की बात भी कहीं तो जिले के अध्यक्ष पर बोलने से बचते नजर आए।
अपनो के लिए लखनऊ दिल्ली हुआ एक
पीएम का संसदीय क्षेत्र वाराणसी से जिला अध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष बनने के लिए हर एक पदाधिकारी अभी से ही जुगत में लग गया है ! आलम यह है कि तमाम दावेदार लखनऊ दिल्ली एक किए हुए हैं ! संगठन के प्रमुख लोगों के साथ-साथ प्रदेश और केंद्र सरकार के मंत्रियों के अलावा संघ के पदाधिकारियों से जिला और महानगर अध्यक्ष के पद पर काबिज होने के लिए की जान से जुगाड़ लगाने से हिचक भी नहीं रहे हैं।
अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व ले सकता है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के जिला और महानगर अध्यक्ष के पद पर काबिज होने वाले पर अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व ले सकता है! इसको लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और दावेदारों के बीच इस बात की सुगबुगाहट आवेदन करने के समय से अब तक जारी है।
परिवहन विभाग बड़े बकायेदारों के नाम सोशल मीडिया पर किया प्रसारित
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सोनभद्र। वाहनों का बकाया टैक्स को जमा नहीं करने, बार-बार नोटिस की अनदेखी करने वाले बकायेदारों का नाम, पता और फोटो सोशल मीडिया पर प्रचारित कर दिया है। इसके साथ ही जनपद सोनभद्र में परिवहन विभाग द्वारा लागू ओटीएस योजना के बाद भी बकाया टैक्स न जमा करने वालों के विरुद्ध शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
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गुरुवार को एआरटीओ प्रशासन धनवीर यादव ने दस बड़े बकायेदारों के सूची चस्पा कर दिया है। विभाग को इन बकायदारों से 26 लाख से अधिक की राजस्व वसूली करना है। एआरटीओ प्रशासन धनवीर यादव ने बताया कि जनपद में करीब 1363 व्यवसायिक वाहन स्वामियों पर करोड़ों रूपये बकाया है।
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ओटीएस योजना के अंतर्गत 5 फरवरी तक जनपद में करीब साढ़े तीन करोड़ रूपये जमा हुए, लेकिन वाहन फोर पर प्रदर्शित बकाया के सापेक्ष जमा धनराशि बहुत संतोष जनक नहीं रहा। जिस पर विभाग ने गुरुवार को दस बड़े बकायदारों की सूची जारी किया है। हालांकि हर साल विभाग द्वारा इस तरह के बकायेदारों से वसूली की जाती है, लेकिन कुछ बकाएदार टैक्स जमा करने में कोताही बरतते है,
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इसी कारण करोड़ों रूपये का टैक्स जमा नहीं हो पाता है। उन्होंने बताया कि जिले के टॉप टेन बकाएदारों की सूची जारी की गई है। इसके साथ ही इन बकायेदारों की फोटो परिवहन विभाग के सोशल मीडिया हैंडल से भी जारी किया गया है।
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उन्होंने बताया कि राजस्व वसूली के लिए यह कदम उठाना पड़ रहा है। दस बड़े बकायेदारों में मे. नीलकंठ इंटरप्राइजेज, मे. राकेश इंटरप्राइजेज, रमाकांत पाण्डेय, मे. नीलकंठ इंटरप्राइजेज, राम जी शाह, राज कुमार, सौरभ सिंह, परशुराम गुप्ता, संतोष कुमार महतो, जितेंद्र श्रीवास्तव शामिल है।
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बोले एआरटीओ
सड़क पर दौड़ने वाले कॉमर्शियल वाहनों से परिवहन विभाग हर साल टैक्स की वसूली करता है। इन्हें मुकर्रर समय में टैक्स की अदायगी करनी होती है, लेकिन वाहन स्वामी समय पर अपना टैक्स चुकाने में कोताही बरतते हैं। यही वजह है कि उन पर टैक्स की लाखों की देनदारी बन जाती है।
नई आबकारी नीति लाएगी यूपी सरकार, योगी कैबिनेट ने लिया बड़ा फैसला
लखनऊ: यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है. इस बैठक में बजट सत्र को लेकर 18 फरवरी की तारीख पर सहमति बनी, और संभावना जताई जा रही है कि 19 फरवरी को राज्य का बजट पेश किया जाएगा. इसके अलावा, जो सबसे बड़ी खबर निकालकर सामने आ रही है कि राज्य में नई आबकारी नीति को भी मंजूरी दी गई है, जो वर्ष 2025-26 के लिए लागू होगी.
आबकारी नीति में होगा बदलाव लखनऊ में हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बैठक में वर्ष 2025-26 के लिए आबकारी नीति में कुछ अहम बदलाव किए गए. नए बदलावों के तहत अब शराब की दुकानों का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा. पहले दुकानों का कोटा उठाने की शर्तों के साथ नवीनीकरण किया जाता था, लेकिन अब इसकी जगह ई-लाटरी के माध्यम से दुकानों का आवंटन किया जाएगा.
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ई-लाटरी से दुकान होगी आवंटित यूपी में इस बार , सभी जिलों में शराब की दुकानों का आवंटन ई-लाटरी के माध्यम से किया जाएगा. एक आवेदक को एक ही दुकान दी जाएगी और प्रदेश में एक व्यक्ति को दो से ज्यादा दुकानें नहीं मिल सकेंगी. ई-लाटरी की प्रक्रिया में कोई निजी एजेंसी को शामिल नहीं किया जाएगा, बल्कि यह काम जिलों में एनआईसी द्वारा किया जाएगा। आवेदन के समय जमा की जाने वाली फीस नान-रिफंडेबल भी होगी.
18 फरवरी से यूपी विधानमंडल सत्र योगी कैबिनेट की बैठक में विधानमंडल सत्र को 18 फरवरी से बुलाने पर भी सहमति बनी है. इसके साथ ही, 19 फरवरी को राज्य का बजट दोनों सदनों में पेश किया जाएगा. राज्य सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों पर इस सत्र में विस्तार से चर्चा की जाएगी.
नगर पंचायत के कार्य को निजी कम्पनी ने रोका, वार्डवासियों से कर्मचारियों की हुई मारपीट, जांच में जुटी पुलिस
सोनभद्र। जनपद में डाला बाजार नगर पंचायत के वार्ड नंबर 2 में नगर पंचायत द्वारा कराए जा रहे नाली निर्माण कार्य को निजी कंपनी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा रोके जाने पर विवाद हो गया। वही वार्डवासियों ने निजी कम्पनी के कर्मचारियों पर मारपीट व गाली गलौज, जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने का आरोप लगाया गया है।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार चोपन थाना क्षेत्र के डाला बाजार नगर पंचायत के वार्ड नम्बर दो में कराये जा रहे सड़क निर्माण कार्य को बुधवार को सीमेंट फैक्ट्री के कर्मचारियों ने रोक दिया तो मलिन बस्ती की महिलाएं पुरुष सहित पहुंचे लोगों ने निजी कंपनी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर आरोप लगाते पुलिस को तहरीर देकर कार्यवाही की मांग किया है।
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वार्डवासियों ने बताया गया कि नगर पंचायत द्वारा नाली निर्माण का कार्य चार्ड नंबर 2 में कराया जा रहा है जिसे स्थानीय निजी सीमेंट कम्पनी के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा नाली निर्माण कार्य को रुकवाया जाने लगा। जिस पर पर मौजूद लोगों द्वारा बताया गया कि यह कार्य नगर पंचायत द्वारा कराया जा रहा है, कार्य रोकने के लिए आप लोग नगर पंचायत प्रशासन से बात कीजिए। जिस पर मौजूद निजी कंपनी के कर्मचारी नाराज होकर मारपीट करने लगे।
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इस दौरान एक नाबालिक लड़के को भी मारपीट कर चोटिल कर दिया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि विवाद के दौरान निजी कंपनी के कर्मचारियों द्वारा महिलाओं से अभद्र व जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गली गलौज व मारपीट किया गया।
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घटना के बाद पहुंची नगर पंचायत अध्यक्षा फुलवंती कुमारी ने बताया कि निजी कंपनी के अधिकारियों को नगर प्रशासन से बैठकर बात करनी चाहिए थी, गौके पर जाकर वाद विवाद करना उचित नहीं है। वहीं घटना को लेकर स्थानीय लोगों के साथ नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा पुलिस अधीक्षक को भी पत्र सौंपा गया है।
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वही घटना की जानकारी पर घटना स्थल पर पहुंची सिटी सीओ डॉ चारु द्विवेदी द्वारा बताया कि दोनों पक्ष की तरफ से तहरीर मिली है, जिसकी जांच पड़ताल की जा रही है। इस मामले पर निजी कंपनी के संबंधित अधिकारी बन्ने सिंह राठोर से उनका पक्ष जानने के लिए गोबाडल पर कॉल किया गया पर उनके द्वारा कॉल रिसीव नहीं किया गया
मानवीय संवेदनाओं के विरुद्ध है रेलवे प्रशासन की कार्रवाई: सांसद
सब्जी मंडी और प्रीतनगर सहित कई क्षेत्रों में छोटे-मंझोले किसान व व्यापारी बंधु एवं अन्य नागरिकों को बेदखल करने संबंधित
सोनभद्र। जनपद में धनबाद मण्डल रेलवे प्रशासन द्वारा चोपन रेलवे कालोनी में स्थित रामलीला मैदान में लगने वाली सब्जी मंडी को हटाया जा रहा है जिसको लेकर समाजवादी पार्टी सांसद छोटेलाल खरवार ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र देकर मानवीय संवेदनाओं के विरुद्ध कार्य कर रहा है।
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सांसद ने रेल मंत्री को बताया कि चोपन जनपद- सोनभद्र उत्तर प्रदेश का प्रमुख रेलवे स्टेशन है और पूर्व-मध्य रेल का सबसे बड़ा जंक्शन है, यहां के स्थानीय रेल प्रशासन द्वारा बगैर विधित प्रक्रिया अपनाएं अपने सीमावर्ती क्षेत्रों में बसे लोगों एवं कई वर्षों से चोपन रामलीला मैदान में फल सब्जियां खाद्य पदार्थ व अन्य दैनिक उपभोग की वस्तुओं की बिक्री करने वाले स्थानीय किसानों और छोटे व्यापारी बंधुओ का उत्पीड़न किया जा रहा है।
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रामलीला मैदान में विगत 40 वर्षों से करीब 20 गांव के स्थानीय रहवासी छोटे- मझोले किसान अपनी कृषि उपज, सब्जी एवं अन्य दैनिक उपभोग की खाद्य वस्तुओं को शाम के समय बिक्री हेतु दुकान लगाते हैं। जिससे ना तो किसी प्रकार का आवागमन या यातायात बाधित होता है और ना ही किसी रेलकर्मी को असुविधा होती है बल्कि रेल कर्मचारियों एवं हजारों नागरिकों को सस्ते दर पर खाद्य सामग्री उपलब्ध हो जाती है।
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जिसकी वजह से स्थानीय सब्जी उत्पादन करने वाले किसानों के सामने भुखमरी तथा रेलकर्मियों व हजारों स्थानीय निवासियों के समक्ष स्वास्थ्यप्रद खाद्य सामग्रियों का संकट उत्पन्न हो गया है।
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स्थानीय रेलवे प्रशासन के अधिकारियों द्वारा रेलवे विभाग के सीमांत कश्तकारो व अन्य गरीब दुकानदारों एवं अन्य व्यवसायी प्रतिष्ठानों के मालिकों को बगैर सूचित विधिक प्रक्रिया अपनाये बिना ध्वस्थिकरण की कार्रवाई की जा रही है, जो कानून व मानवीय संवेदनाओं के विरुद्ध है, जिससे आम जनमानस में काफी आक्रोस है जो कभी भी बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।
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वही सांसद ने कहा कि जिस स्थान पर भी रेलवे विभाग की सीमा, राज्य सरकार या काश्तकारों के जमीनों से लगी हुई है, वहां पर रेलवे विभाग के अधिकारी, राज्य सरकार के अधिकारी एवं कागजात माल में दर्ज काश्तकारों की उपस्थिति अनिवार्य करते हुए संयुक्त सीमांकन करने एवं गांव के छोटे- मझोले किसनो, सब्जी विक्रेताओं के द्वारा उपयोग किय रहे रामलीला मैदान को स्थाई तौर पर सब्जी बेचने की अनुमति प्रदान किया जाय।
पुजारी ने जिलाधिकारी को सौपा पत्र, न्याय की लगाई गुहार
मन्दिर के आधिपत्य को लेकर दोनो पक्ष में चल रहा विवाद
सोनभद्र। जनपद की अति प्राचीन शिवपार्वती मन्दिर के अधिकार को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस विवाद को लेकर मंगलवार को एक पक्ष ने मन्दिर के पुजारी पर जमीन फर्जी तरीके से हड़पने का आरोप लगाकर जिलाधिकारी ने न्याय की गुहार लगाया था तो वही आज इस मामले में उस वक्त नया मोड़ आया जब मन्दिर के पुजारी सुरेश गिरि ने कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर जिलाधिकारी से मुलाकात करते हुए पत्र देकर पूरे आरोप को गलत बताते हुए फर्जी तरीके से मन्दिर की जमीन हड़पने और आधिपत्य करना चाहते है।
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जिलाधिकारी को दिए पत्र में पुजारी ने बताया कि ग्राम सतद्वारी में स्थित जनपद का अति प्राचीन शिव पार्वती मन्दिर शिवद्वार धाम है। जिसका प्रबन्धन व संचालन मेरे द्वारा विगत कई दशक से निरन्तर तथा वर्तमान में भी किया जा रहा है।
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वही मन्दिर के नाम ग्राम कुण्डा में स्थित गाटा संख्या 11 अ व 11 ब जिस पर मन्दिर के लिए धर्मशाला तथा यात्री निवास बनाये जाने के लिए घोरावल विधानसभा क्षेत्र के विधायक द्वारा प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इस भूमि पर ग्राम गांवकुण्डा निवासी श्रीकान्त दूबे पुत्र गंगेश्वर दूबे द्वारा जबरजस्ती सरसो की फसल लगा दी गयी है।
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वही मन्दिर परिसर में ही नन्द कुमार दुबे पुत्र लालधारी दूबे की भूमि पर विधायक निधि से धर्मशाला बना हुआ है, जिसमें नन्द कुमार दूबे, श्रीकान्त दूबे तथा रविन्द्र मिश्र आदि लोगों द्वारा जबरजस्ती ताला लगा दिया गया है।
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वही श्रावण मेला 2024 में मेला की व्यवस्था तथा प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लेने तत्कालीन मण्डलायुक्त मन्दिर पर आये थे, उनके द्वारा मन्दिर परिसर का भ्रमण किये जाने पर धर्मशाला में ताला बन्द होने पर कड़ी नाराजगी जताया गया था। इसके सम्बन्ध में पूछ-ताछ की गयी तो वास्तविक तथ्यों से अवगत कराया गया, जिस पर मण्डलायुक्त द्वारा मौके पर उपस्थित उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी तथा थाना प्रभारी घोरावल को कड़ा निर्देश दिया गया था।
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उनके आदेश पर धर्मशाला में नन्दकुमार दूबे आदि द्वारा लगाये गये ताले को तत्काल खोलवाया तथा भविष्य में इस धर्मशाला में ताला न लगाए जाने का निर्देश दिया गया था। मण्डलायुक्त के आदेश के बावजूद भी इन लोगों द्वारा पुनः जबरजस्ती ताला लगा दिया गया तथा सरकारी पैसे से बने धर्मशाला को अपने कब्जे में ले लिया गया।
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वही जूनियर हाईस्कूल शिवद्वार जो नन्द कुमार दुबे पुत्र लालधारी दूबे की जमीन पर बना था को नन्द कुमार दुबे द्वारा विद्यालय के भवन को बेच दिया गया है। इन लोगो ने सरकारी पैसे से बने विद्यालय के भवन को बेचने की जांच कराकर वैधानिक कार्यवाही की जाय।
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मन्दिर के पुजारी ने पत्र देकर बताया कि यह प्राचीन मन्दिर पर जब भी कोई कार्यक्रम, पर्व व त्योहार (महाशिवरात्रि, सावन, बसन्त पंचमी इत्यादि) के अवसर पर इन लोगों द्वारा झूठी तथा भ्रामक सूचना अखबार व सोशल मीडिया में देकर मंदिर प्रबन्धन तथा संचालन में व्यवधान उत्पन्न किया जाता है। जिससे पुलिस प्रशासन के सामने शांति व्यवस्था बनाये रखने में भी व्यवधान उत्पन्न किया जाता है तथा अधिकारियों के प्रति अनर्गल व झूठा आरोप लगाकर प्रशासन की छवि को धुमिल की जाती रही है।
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जिस मन्दिर के आधिपत्य को लेकर विवाद किया जा रहा है वह ग्राम सतद्वारी में स्थित गाटा संख्या 156 मंदिर शंकर-पार्वती सर्वराकार बन्तु गिरी आदि के नाम से दर्ज है। जिसको श्रीकान्त दूबे, रविन्द्र मिश्रा आदि लोग अपनी भूमि बताकर आये दिन विवाद पैदा करते हैं जबकि यह भूमि चकबन्दी के समय से ही मन्दिर शिवपार्वती सर्वराकर गंगा गिरी आदि के नाम से दर्ज चली आ रही है।
10 से 25 फरवरी तक स्वास्थ्य कर्मियों की टीम घर-घर जाकर खिलाएगी लाभार्थियों को दवा खिलायेंगी।
सोनभद्र। जिले में फाइलेरिया को जड़ से मिटाने के लिए व इससे बचाव के लिए आईडीए अभियान चलाया जायेगा। जिले के चार ब्लॉकों ककराही, घोरावल, चतरा एवं दुद्धी में 10 फरवरी से 25 फरवरी तक स्वास्थ्य कर्मियों की टीम घर-घर जाकर लाभार्थियों को दवा खिलायेंगी। इस अभियान के सफल क्रियान्वयन को लेकर मुख्य चिकित्साधिकरी डॉ० अश्वनी कुमार पत्रकारों से मुखातिब हुए।
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10 लाख से अधिक लोगों को खिलायी जाएगी डीईसी एवं अल्बेन्डाजोल की टैबलेट
इस दौरान सीएमओ डॉ० अश्वनी कुमार ने बताया कि “एमडीए अभियान के दौरान घर-घर जाकर 2 वर्ष के ऊपर की 1047505 व्यक्तियों को डीईसी एवं अल्बेन्डाजोल की टैबलेट आयुवर्ग के अनुसार खिलायी जायेगी। जिसके लिए 890 टीमें बनायी गयी है, प्रत्येक टीम में दो सदस्य होगे जो सप्ताह के 4 दिन सोमवार, मंगलवार, गुरुवार तथा शुकवार को लगभग 20 से 25 घरों में दवा खिलायेगें। इसके लिए कुल 166 सुपरवाइजर लगाये गए हैं, प्रत्येक सुपरवाइजर 5 से 6 टीमों का निरीक्षण करेगे।”
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खाली पेट नहीं खिलाना है दवा –
उन्होंने बताया कि “प्रत्येक ब्लॉक में प्रथम एवं द्वितीय डी०ए० और सुपरवाइजर का प्रशिक्षण लगभग पूर्ण हो चुका है। ब्लॉकों का चयन नाइट ब्लड सर्वे के आधार पर किया गया है, प्रत्येक ब्लॉक में 2 अलग-अलग साइटों पर 300-300 ब्लड सैम्पल लेकर फाइलेरिया रोगियों की जाँच की गयी जिसमें 4 ब्लॉकों ककराही, घोरावल, चतरा एवं दुद्धी में 1 माइकोफाइलेरी रेट के उपर पाजिटिव मिले। अभियान के दौरान 90 प्रतिशत जनसंख्या कवरेज का लक्ष्य है। अभियान में आयु वर्ग के अनुसार डीईसी व एल्बेन्डाजाल की टैबलेट खिलायी जायेगी।
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2 से 5 वर्ष के आबादी को एक गोली डीईसी तथा एक गोली अल्बेन्डाजोल, 6 से 14 वर्ष की आबादी को एक गोली डीईसी तथा एक गोली अल्बेन्डाजोल तथा 15 वर्ष के उपर सभी को तीन गोली डीईसी तथा एक गोली अल्बेन्डाजोल खिलायी जायेगी। वहीं गर्भवती महिलाओं, 2 वर्ष से छोटे बच्चों एवं अत्यन्त बीमार को दवा नहीं देनी है, खाली पेट किसी को भी दवा नहीं खिलाना है। अभियान के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये कि टीम द्वारा अपने सामने दवा खिलायी जाये, दवा वितरण से बचे एवं प्रचार-प्रसार के माध्यम से दवा न खाने वाले लोगों को जागरूक करें व दवा खिलाएं।”
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17 रैपीड रिस्पांस टीम का किया गया है गठन –
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की एडवर्स रिएक्शन को रोकने हेतु कुल 17 रैपीड रिस्पांस टीम टीम बनायी गयी है, जिसमें ब्लॉक ककराही में 5, घोरावल में 7, चतरा में 2 एवं दुद्धी में 3 टीमें बनाई गयी हैं।
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वहीं बैठक में मुख्य रूप से A.C.M.O. डॉ० प्रेमनाथ, डॉ० गिरधारी लाल, डॉ० सूबेदार प्रसाद, जिला मलेरिया अधिकारी आर0के0 सिंह, शुभम सिंह, डब्लूएचओ के जोनल काओर्डिनेटर डॉ० मंजीत चौधरी, सभी मलेरिया निरीक्षक एवं डीसी पाथ/पीसीआई की टीम मौजूद रही।
विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज कर पुलिस अग्रिम विधिक कार्यवाही में जुट गयी है।
सरकारी कार्य में बाधा सहित अन्य आरोपों को लेकर खान निरीक्षक ने ट्रक एसोसिएशन के अध्यक्ष व सपा नेता सहित कई लोगों के विरुद्ध दी गई तहरीर
सोनभद्र। खनिज बैरियर पर ओवरलोड वाहन छोड़ने का दबाव बनाने, सरकारी कार्य में बाधा डालने व धमकी देने सहित कई अन्य मामले में खान निरीक्षक मनोज कुमार की तहरीर पर रॉबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने सोनांचल ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल किशोर सिंह व सपा नेता कमलेश यादव उर्फ नेता यादव सहित 40-50 व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में FIR दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्यवाही में जुट गयी है।
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खान निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि “गत 3 फरवरी कल लोढ़ी स्थित ईएमएम-11/ई फार्म “सी” संग्रह केन्द्र पर उनके और होमगार्ड बृज किशोर, होमगार्ड प्रदीप देव पाण्डेय व होमगार्ड रमेश सिंह के साथ वाहनों की जाँच की जा रही थी। जाँच के दौरान समय शाम को सोनांचल ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल किशोर सिंह व सपा नेता कमलेश यादव उर्फ नेता यादव
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सहित लगभग 40-50 व्यक्तियों के साथ जाँच केन्द्र पर अचानक आकर वाहन छोड़ने का दबाव बनाने लगे, जिसके उपरान्त उन्होंने इसकी सुचना तत्काल ज्येष्ठ खान अधिकारी और प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली राबर्ट्सगंज को दी। सुचना पाकर ज्येष्ठ खान अधिकारी तथा प्रभारी निरीक्षक थाना राबर्ट्सगंज मौके पर पहुंच गये।”
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उन्होंने आगे बताया कि “इस दौरान कमल किशोर सिंह व कमलेश यादव उर्फ नेता यादव के साथ आये व्यक्तियों द्वारा जाँच स्थल पर हंगामा करने लगे और उनके व ज्येष्ठ खान अधिकारी के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज करने लगे। धमकी देते हुए इन लोगों ने कहा कि तुम्हें व तुम्हारे अधिकारी को देख लेंगे, जिले में तुम लोग कैसे काम करोगे।
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जाँच में व्यवधान डालकर सरकारी कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया गया। उक्त हंगामे के कारण कई खनिज भरे वाहन जाँच स्थल से बिना जाँच कराये भाग गये, जिससे सरकारी राजस्व की क्षति हुई है। उपरोक्त व्यक्तियों द्वारा इस घटना के पूर्व भी कई बार अपने-अपने वाहनों पर काली फिल्म व बिना नम्बर प्लेट के वाहनों से खनिज जाँच स्थल पर आ कर खनिज भरे वाहनों को बिना जाँच कराये खनिज जाँच स्थल से भगाने का प्रयास करते रहे है।”
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खान निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि घटना के बाद ज़ब कमल किशोर सिंह व कमलेश यादव उर्फ नेता यादव के साथ आये अन्य 40-50 व्यक्तियों के सम्बन्ध में स्थानीय स्तर पर पूछताछ करने पर अपना नाम न उजागर करने की शर्त पर बताया गया कि इनके साथ शीतल यादव पुत्र अज्ञात, संतोष यादव पुत्र अज्ञात, बृजेश यादव पुत्र अज्ञात, राजेश यादव पुत्र अज्ञात, सुशील पाण्डेय पुत्र अज्ञात, अमीश देन पाण्डेय पुत्र अज्ञात, धीरज पाण्डेय पुत्र अज्ञात,
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धीरज यादव पुत्र अज्ञात, टोनी पाण्डेय पुत्र अज्ञात, लोचन पाण्डेय पुत्र अज्ञात, लक्ष्मी सिंह उर्फ दादा पुत्र अज्ञात, संतोष सिंह पुत्र अज्ञात, धर्मेन्द्र जायसवाल पुत्र अज्ञात, सुनील सिंह पकड़ी पुत्र अज्ञात, विकास सिंह पटेल पुत्र अज्ञात विन्नु पुत्र अज्ञात, अजीत यादव पुत्र अज्ञात, मोनू पाण्डेय पुत्र अज्ञात, पंकज यादव पुत्र अज्ञात,
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रोहित केशरी पुत्र अज्ञात, आरिफ पुत्र अज्ञात, उदय पुत्र अज्ञात, सर्फराज पुत्र अज्ञात व अन्य अज्ञात भी हंगामा मचाने, अभद्र भाषा का प्रयोग करने, गाली-गलौज करने, धमकी देने, व सरकारी कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने में सम्मिलित थे। प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार राय ने बताया कि “तहरीर प्राप्त हुई है, अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है।”
वाहन स्वामियों को मिला शासन की महत्वाकांक्षी योजना का लाभ
सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) के तहत 960 वाहन मालिकों ने 3.69 करोड़ रुपये का बकाया टैक्स जमा किया है। यह योजना वाहन मालिकों को उनके बकाया टैक्स का भुगतान करने का एक मौका देती है, जिसमें उन्हें जुर्माना से छूट मिलती है।
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सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन धनवीर यादव ने बताया कि वाहन फोर पर प्रदर्शित बकाया के सापेक्ष जमा धनराशि बहुत संतोष जनक नहीं है। व्यवसायिक वाहनों पर कई करोड़ रुपये से अधिक का टैक्स बकाया था। उन्होंने बताया कि यह योजना 6 नवंबर 2024 को लागू हुई थी और इसके तहत वाहन मालिकों को अपने बकाया टैक्स का भुगतान करने के लिए एक मौका दिया गया था।
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योजना के तहत, हल्के मोटर वाहनों के लिए पंजीकरण शुल्क 200 रुपये और अन्य वाहनों के लिए 500 रुपये निर्धारित किया गया था। वाहन मालिकों को अपने बकाया टैक्स का भुगतान करने के लिए आखिरी तारीख 5 फरवरी 2025 तय की गई थी। योजना का लाभ लेने के लिए वाहन मालिकों को सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) के समक्ष आवेदन किया। पंजीकरण शुल्क हल्के मोटर वाहनों (7500 किलोग्राम तक) के लिए 200 रुपए और अन्य वाहनों के लिए 500 रुपए निर्धारित किया गया था।
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शासन की महत्वाकांक्षी एक मुश्त समाधान योजना का मोटर मालिकों को लाभ दिलाने में जुटे प्रधान सहायक विनोद कुमार सोनकर ने बुधवार को आखिरी दिन तक कुल 1136 आवेदन आए। जिस पर 960 मोटर मालिकों ने अपना बकाया टैक्स 3.69980 करोड़ रूपये जमा कर योजना का लाभ उठाये। टैक्स जमा करने के लिए वाहन स्वामियों को विभिन्न समाचार पत्र, सोशल मीडिया के माध्यम व दूरभाष के माध्यम से सूचना दी जा रही थी।
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क्या कहते है अफसर
सोनभद्र। एआरटीओ प्रशासन धनवीर यादव का कहना है कि पांच फरवरी तक सरकार ने वाहन स्वामियों को बिना पेनल्टी के टैक्स जमा करने का समय दिया था। बताया कि प्रवर्तन कार्य के दौरान बकाया में संचालित होने वाले वाहन बड़े पैमाने पर अभियान चलाकर निरुद्ध किए जाएंगे और उन्हें किसी प्रकार कि छूट नहीं दी जाएगी।