राजकीय शिक्षक संघ उ.प्र. मूल संघ मूल संघ जिला ललितपुर का द्विवार्षिक अधिवेशन सम्पन्न

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  • मूल संघ जिला ललितपुर का द्विवार्षिक अधिवेशन सम्पन्न


ललितपुर। बीते रविवार को राजकीय इण्टर कॉलेज, ललितपुर में राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश मूल संघ ललितपुर का द्विवार्षिक अधिवेशन जिलाध्यक्ष कमलेश कुमार की अध्यक्षता एवं प्रान्तीय महामन्त्री केदारनाथ तिवारी के मुख्य आतिथ्य एवं कार्यकारी  महामन्त्री डॉ अशोक कुमार अवाक के विशिष्ट आतिथ्य में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

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अधिवेशन का संचालन प्रान्तीय कोषाध्यक्ष राहुल जैन द्वारा किया गया। चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में प्रान्तीय विधि मन्त्री राम सिंह राजपूत , जयशंकर प्रसाद द्विवेदी जी ,शाहिद खाॅ मंसूरी, झाॅंसी मण्डल के मण्डलीय मन्त्री जलील खान जी,मजीद पठान बाहुबली जैन ,बृजेन्द्र निगम सुरेश कुमार , आमोद कुमार ,अमित शुक्ल, हरदयाल सिंह,

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चतुर्थ श्रेणी संघ के जिलाध्यक्ष अमर सिंह कुशवाहा समेत अन्य कई शिक्षक उपस्थित रहे।अधिवेशन में चुनाव अधिकारी के रूप में शिक्षक कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ललितपुर के जिलाध्यक्ष डॉ हेमन्त तिवारी, मोर्चा के संयोजक जी.एल. गौतम ,डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिला मन्त्री पवन रिछारिया ने शान्तिपूर्ण निर्वाचन सकुशल सम्पन्न कराया। 
              

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   नव-निर्वाचित कार्यकारिणी में राजकीय इण्टर कॉलेज ललितपुर के  कमलेश कुमार लगातार दूसरी बार सर्वसम्मति से जिलाध्यक्ष  एवं राजकीय इण्टर कॉलेज, जखौरा के उत्तम वर्मा जिला मन्त्री पद पर निर्वाचित हुए। मुकेश कुमार वरिष्ठ उपाध्यक्ष, आमोद कुमार उपाध्यक्ष, राजकीय हाई स्कूल दावनी के सुरेश कुमार संयुक्त मन्त्री, बाहुबली जैन सांस्कृतिक मन्त्री,

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बृजेन्द्र कुमार निगम कोषाध्यक्ष निर्वाचित हुए। मुख्य अतिथि केदारनाथ तिवारी ने सभी निर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। गत रात्रि से ही अनवरत हो रही वृष्टि एवं प्रतिकूल मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में राजकीय शिक्षकों की उपस्थिति से संघ के पदाधिकारियों में जोश एवं उत्साह स्पष्टतः दिखाई दिया।अधिवेशन के दौरान शिक्षकों हेतु एसीपी की माॅंग, ओपीएस को हूबहू लागू किए जाने,

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समयबद्ध पदोन्नति,ऑनलाइन स्थानान्तरण में पारदर्शिता बरतने, आकांक्षी जनपदों एवं विकासखण्डों में सेवारत शिक्षक- शिक्षिकाओं की स्थानान्तरण सूची जारी करने, स्थानान्तरित शिक्षकों को अविलम्ब कार्य मुक्त करने, खण्ड शिक्षा अधिकारियों के प्रकरण पर मजबूती से न्यायालय में मुकदमा लड़ने, ऑफलाइन स्थानान्तरण को नियमानुसार शीघ्र किए जाने, बालक और बालिका विद्यालयों में महिला और पुरुष शिक्षकों को समान रूप से नियुक्ति का अधिकार देने जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठाया गया।
          

   विभाग द्वारा कम नामांकन वाले विद्यालयों की सूची जारी कर उसका सारा दोष सारा शिक्षकों पर मढ़े जाने की विभागीय नीति की कटु आलोचना की गई तथा यह माॅंग की गई की विभाग को उन विद्यालयों की सूची भी जारी करनी चाहिए जहाॅं छात्र संख्या बहुत अधिक है

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तथा उसके सापेक्ष शिक्षकों की संख्या बहुत कम है। बैठक को विभिन्न वक्ताओं ने सम्बोधित करते हुए नव-निर्वाचित कार्यकारिणी को बधाई और शुभकामनाऍं सम्प्रेषित किया तथा प्रदेश के सभी राजकीय शिक्षकों से मूल संघ के बैनर तले एकजुट होकर विभागीय भ्रष्टाचार एवं मनमानी का विरोध करने का आह्वान किया।

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दोषी सुरेश को हुई 20 वर्ष की कठोर कैद

HIGHLIGHTS

  • दोषी सुरेश को 20 वर्ष की कठोर कैद
  • 10 हजार रूपये अर्थदंड, न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी
  • जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी।
  • अर्थदंड की धनराशि में से 8 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी
  • करीब साढ़े 4 वर्ष पूर्व शादी का झांसा देकर नाबालिग लड़की के साथ कई बार बलात्कार करने का मामला

सोनभद्र। करीब साढ़े 4 वर्ष पूर्व शादी का झांसा देकर नाबालिग  के साथ कई बार बलात्कार किए जाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अमित वीर सिंह की अदालत ने सोमवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी सुरेश को 20 वर्ष की कठोर कैद एवं 10 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

अर्थदंड अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित की जाएगी। वहीं अर्थदंड की धनराशि में से 8 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी।

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अभियोजन पक्ष के मुताबिक जुगैल थाना क्षेत्र स्थित एक गांव निवासी पीड़िता ने जुगैल थाने में 13 मार्च 2021 को दी तहरीर में आरोप लगाया था कि जुगैल थाना क्षेत्र के खरहरा टोला गौरघट्टी गांव निवासी सुरेश पुत्र वीरन करीब एक साल से उसे शादी का झांसा देकर कई बार बलात्कार करता रहा।उसने अपने नाना से ख़रीदवाकर उसे मोबाइल फोन दिया था। जब भी वह उसे जहां बुलाता था वह आ जाती थीऔर वह उसके साथ बलात्कार करता था।

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अब वह दूसरी शादी करने की धमकी दे रहा है। 7 मार्च 2021 को उसने यह धमकी दिया कि तुम रास्ते से हट जाओ, नहीं तो हत्या कर दूंगा।  इस घटना को कई लोगों ने देखा है। इस तहरीर पर  एफआईआर दर्ज कर पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दिया और पर्याप्त सबूत मिलने पर कोर्ट में सुरेश के विरूद्ध चार्जशीट विवेचक ने दाखिल किया था।

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मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्को को सुनने, 8 गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी सुरेश को 20 वर्ष की कठोर कैद एवं 10 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।

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वही अर्थदंड की धनराशि में से 8 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की ओर ले सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और नीरज कुमार सिंह ने बहस की।

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जनता दर्शन में आए फरियादियों की सुनी SP ने सुनी समस्याएं, त्वरित निस्तारण के दिए निर्देश

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  • पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रतिदिन की भांति जनता दर्शन में आए फरियादियों की सुनी गई समस्याएं
  • प्राप्त जन शिकायतों के त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु सम्बन्धित को दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश
  • इसी क्रम में जनपद के समस्त राजपत्रित पुलिस अधिकारियों व थाना प्रभारियों द्वारा कार्यालय/थानों पर सुनी जा रही जन शिकायतें

विनय कुमार श्रीवास्तव

सोनभद्र। प्रतिदिन की भांति की जा रही जनसुनवाई के क्रम में सोमवार को अशोक कुमार मीणा, पुलिस अधीक्षक सोनभद्र द्वारा जनता दर्शन में आये फरियादियों की समस्याएं/शिकायतों को सुना गया। जनसुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु सम्बन्धित को आदेशित किया गया।

इस एसपी द्वारा सभी थाना प्रभारियों को सचेत किया गया कि जनसुनवाई/महिला हेल्पडेस्क को और अधिक प्रभावशाली बनाये ताकि पीड़ित/शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से अपने थाने से पुलिस कार्यालय आने की आवश्यकता न हो।

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साथ ही निर्देशित किया गया कि जिस समस्या का समाधान थाना स्तर से हो सकता है उनका समाधान थाना स्तर पर ही समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर कराना सुनिश्चित करें।
     

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   इसी क्रम में जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारीगण व थाना प्रभारियों द्वारा कार्यालय/थाना पर जनसुनवाई करते हुए प्राप्त जन शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित कराया जा रहा है।

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जिन कार्यदाई संस्थाओं ने काटे सबसे ज्यादा पेड़, वही विभाग पौधरोपण में रह गए पीछे

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  • जिन कार्यदाई संस्थाओं ने काटे सबसे ज्यादा पेड़, वही विभाग पौधरोपण में रह गए पीछे

सोनभद्र। विकास कार्यों के नाम पर सबसे ज्यादा पेड़ पीडब्ल्यूडी, जलनिगम जैसी कार्यदाई संस्थाओं ने काटे हैं, मगर नए पौधे लगाने में यह विभाग दूसरों से पिछड़ गए हैं। आवंटित लक्ष्य की पूर्ति भी नहीं हो पाई है।

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पीडब्ल्यूडी के तीन खंडों में 41100 पौधे लगाने थे, मगर 38 हजार पौधे ही लग पाए। जल शक्ति विभाग को कुल 46600 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया था, जबकि विभाग 39 हजार पौधा ही लगा सका।

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आवास-विकास, औद्योगिक विकास विभाग की प्रगति भी लक्ष्य से काफी पीछे है। हालांकि यह दलील दी जा रही है कि विशेष दिवस के बाद भी विभागों की ओर से पौधे लगाकर आवंटित लक्ष्य को पूरा किया जा रहा है।
नौ जुलाई को पूरे प्रदेश में विशेष पौधरोपण अभियान चलाया गया था। इस अभियान में सर्वाधिक 1.58 करोड़ पौधे लगाकर सोनभद्र यूपी में पहले पायदान पर है। जिले में वन विभाग के चार खंडों ने 86.99 लाख पौधे रोपे तो अन्य 23 विभागों की मदद से 71.88 लाख पौधे रोपे गए हैं।

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अधिकांश विभागों ने अपने आवंटित लक्ष्य से ज्यादा पौधे रोपे हैं, मगर निर्माण कार्य से जुड़ी संस्थाएं इस मामले में पीछे रह गई हैं। सड़क बनाना हो, भवन बनाना हो या कोई अन्य विकास कार्य करना हो। इन विभागों की ओर से ही सबसे ज्यादा हरियाली पर आरा चलवाया जाता है, लेकिन पौधरोपण में वह पीछे रह गए।

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इन विभागों ने लगाए सबसे ज्यादा पौधे
पौधा लगाने के मामले में वन विभाग के बाद ग्राम्य विकास विभाग सबसे आगे है। ग्राम्य विकास विभाग को 35.95 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य आवंटित था। विभाग ने शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया है। इसके बाद कृषि विभाग ने 11.42 लाख के सापेक्ष 14.36 लाख, पर्यावरण विभाग ने 441000 के सापेक्ष 486000, रेलवे ने 33000 के सापेक्ष 55100, रक्षा विभाग ने 13000 के सापेक्ष 16300, पंचायती राज ने 3.65 लाख पौधे रोपकर अपना लक्ष्य पूरा किया।

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यह विभाग लक्ष्य से रह गए पीछे:
विभाग: लक्ष्य: पौधरोपण
पीडब्ल्यूडी: 41100: 38000
सिंचाई: 23300: 19500
जलनिगम: 23300: 19500
आवास विकास: 16800: 5500
औद्योगिक विकास: 28500: 20000
उद्योग: 32700: 15000
बेसिक शिक्षा: 43400: 36000
परिवहन: 6300: 5300
नोट: आंकड़े वन विभाग की ओर वन महोत्सव के हैं

कई गांवों में डंप पड़े, कहीं पहुंचे ही नहीं पौधे
पौधरोपण के आंकड़ों में बड़े पैमाने पर घालमेल भी है। एक तरफ सरकारी आंकड़ों में नौ जुलाई को ही 1.58 करोड़ पौधे रोपे जा चुके हैं तो दूसरी ओर अभी भी कई इलाकों में पौधे लगाने का काम पूरा नहीं हो पाया है। पंचायती राज विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 3.65 लाख पौधे ग्राम पंचायतों के माध्यम से रोपे गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतें ऐसी हैं, जिन्हें पर्याप्त पौधे ही नहीं मिले हैं।

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जिन गांवों में पौधे भेजे गए, वहां भी उन्हें रोपने की बजाय पंचायत भवन या अन्य सार्वजनिक स्थलों पर छोड़ दिया गया है। जगह-जगह डंप पड़े पौधे देखकर लोग भी कागजी कोरमपूर्ति को लेकर हतप्रभ हैं। चतरा ब्लॉक के रामगढ़ में ही कई जगह सैकड़ों पौधे डंप पड़े हैं। नगवां ब्लॉक के भी एक गांव में नर्सरी से लिए गए पौधों को पेड़ के नीचे फेंक दिया गया है।

रॉबर्ट्सगंज ब्लॉक के तरावां गांव में शनिवार को नर्सरी से पौधे ले जाया गया। वहीं लोढ़ी में किसानों को पौधे उपलब्ध नहीं हो पाए थे। सेक्रेटरी के मुताबिक किसान फलदार पौधे चाह रहे हैं, जो नर्सरी से उपलब्ध नहीं हो पाए हैं।

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अधिकारियों ने क्या कहा…
पीडब्ल्यूडी के तीनों खंडों ने पौधरोपण के लिए आवंटित लक्ष्य को पूरा कर लिया है। पहले 38 हजार पौधे लिए गए थे। बाद में तीन हजार की खेप दोबारा ली गई है। कुल 41100 पौधे सुरक्षित ढंग से रोपे गए हैं। इनकी निगरानी भी कराई जा रही है। –शैलेश सिंह ठाकुर, एक्सईएन, प्रांतीय खंड।

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विभाग को 3.65 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य मिला था। लक्ष्य के बराबर इंडेंट खारिज कराया गया है, यानि इतने पौधे लगाने ही हैं। ज्यादातर स्थानों पर पौधे लग भी चुके हैं। संभव है कि कुछ जगहों पर पौधे न पहुंचे हो या अभी लग रहे हों तो इसके पीछे कामकाज का दबाव है। कई अन्य विभागों के पौधरोपण की जिम्मेदारी भी सचिव व प्रधान पर ही है। वह तालमेल बनाकर कार्य कर रहे हैं।
सुमन पटेल, एडीपीआरओ, तकनीकी।

वन महोत्सव के तहत जिले को 1.54 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष 1.58 करोड़ पौधे रोपे गए हैं। संबंधित विभागों को नर्सरियों से पौधे दिए जा चुके हैं। पौधरोपण के साथ सुरक्षा की जिम्मेदारी भी संबंधित विभाग की है। सभी पौधों की जियो टैगिंग भी कराई जा रही है। कई विभागों ने लक्ष्य से भी ज्यादा पौधरोपण किया है।
-आशुतोष जायसवाल, डीएफओ, रॉबर्ट्सगंज।

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मुहर्रम जुलूस के दौरान डीजे को लेकर हुई थी मारपीट बोला गया था हमला, समुदाय विशेष के 20 व्यक्तियों सहित 21 पर केस

HIGHLIGHTS

  • मुहर्रम जुलूस के दौरान डीजे को लेकर हुई थी मारपीट बोला गया था हमला, समुदाय विशेष के 20 व्यक्तियों सहित 21 पर केस
  • विवाद में समुदाय विशेष के व्यक्तियों द्वारा, सामूहिक रूप से एक व्यक्ति के घर पर हमला बोलकर तोड़फोड़ मचाने का आरोप लगाया गया है।

सोनभद्र| दुद्धी तहसील मुख्यालय पर गत छह जुलाई की रात निकालने गए मुहर्रम जुलूस को दौरान डीजे बजाने को लेकर हुए विवाद में समुदाय विशेष के व्यक्तियों द्वारा, सामूहिक रूप से एक व्यक्ति के घर पर हमला बोलकर तोड़फोड़ मचाने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में समुदाय विशेष के 20 व्यक्तियों के खिलाफ धारा 115(2), 191(2), 191(3), 324(2), 332 (सी) के तहत केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

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वहीं, दूसरे पक्ष से डीजे संचालक की तरफ से, मारपीट के शिकार हुए युवक पर, डीजे बजाने से रोकने थप्पड़ मारने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने इस मामले में मारपीट की धाराओं और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

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आरोपः तेज आवाज में डीजे बजाने से रोका तो बोल दिया गया हमला

श्रवण कुमार पुत्र रमेश प्रसाद निवासी टेढा, थाना दुद्धी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया हि कि गत छह जुलाई की रात लगभग 9 बजे वह अपने घर पर अपनी माँ अनीता देवी और पड़ोसी सुमीत सोनू पुत्र क्रमचंद्र यादव के साथ मौजूद था। उसकी मां को हाई ब्लडप्रेशर शुगर की बीमारी है जिसका उपचार बनारस से चल रहा है।

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रात नौ बजे उसके घर के सामने डीजे वाहन लेकर आशीष कुमार पुत्र स्व. अवधेश कुमार निवासी अमवार पुनर्वास कालोनी थाना दुद्धी चलाते हुए आया। वह तेज आवाज में गाना बजा रहा था। उसने उसे तेज अवाज में गाना बजाने से मना किया लेकिन वह नहीं माना। उसे मना करने के बाद वह घर आकर खाना खाने लगा। आरोप है कि कुछ देर बाद आशीष के साथ 40-50 लोग लाठी-डंडा लेकर उसके घर आए और मारपीट करने लगे। बीच बचाव करने उसकी मां, पड़ोसी सुमित पहुंचे तो उन्हें भी मारा-पीटा गया। घर पर कुर्सियां, दरवाजा तोड़ दिया गया।

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इनके-इनके खिलाफ दर्ज कराया गया नामजद केस-

पीड़ित ने मारपीट करने वालों में जिनको पहचानने का दावा किया है, उनमें इंजमामुल हक उर्फ बंटी पुत्र.नवीयान, हबीउल्ला पुत्र नसरुल्ला, शमसेर पुत्र. सूबेदार, एकबाल पुत्र समीउल्ला, आजाद अंसारी पुत्र स्व. हबीब, सुकरुल्ला पुत्र सदर, दौलत पुत्र सुकरुल्ला, हसनैन पुत्र समीउल्ला, अरबाज पुत्र, नसरुल्ला, येस रजा पुत्र सकरार, रजा पुत्र मुख्तार,

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सदाम पुत्र साबीर, मुमताज पुत्र कमरुदीन, समीम पुत्र. सुरवाडी, सेराज पुत्र सूबेदार, मंसूर पुत्र अब्दुल मजीद, अली हुसैन पुत्र अलीयास, मुमताज पुत्र अब्दुल मजीद, सलमान पुत्र नसरुल्ला, रजा पुत्र अमरुल्ला हक का नाम शामिल है। दुद्धी पुलिस के मुताबिक सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है। सभी आरोपी टेढ़ा गांव के रहने वाले हैं।

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डीजे सचालक ने पीड़ित पक्ष पर मारपीट का लगाया आरोप-

उधर, डीजे संचालक आशीष कुमार पुत्र स्व. अवधेश कुमार निवासी अमवार थाना दुद्धी की तरफ से दी गई तहरीर में बताया गया है कि उसका डीजे मोहर्रम जुलूस में अरमान निवासी टेढा द्वारा बुक कराया गया था। जुलुस के दौरान जब वह डीजे लेकर सरवन (श्रवण) के घर के आगे पहुंचा तो जुलूस में शामिल लोग डांस करने लगे।

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उसी दौरान सरवन डीजे के पास आया और उसे गाली देते हुए दो तीन झापड़ मारा और डीजे बंद करा दिया। इसके बाद वहां से भाग गया। जुलूस में सामिल लोग डीजे बंद होने का कारण पूछे तब उन्हें घटना की जानकारी दी। तब अरमान और उसके साथा वाले लोग उसे बोले कि डीजे श्रवण के घर ले चलो तब यह डीजे गाडी लेकर यहां चला गया। इस मामले में श्रवण के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 352 बीएनएस और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक इस प्रकरण की भी छानबीन शुरू कर दी गई है।

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विजयगढ़ किले के कावड़ यात्रा मार्ग का SP ने किया स्थलीय निरीक्षण

HIGHLIGHTS

  • पुलिस अधीक्षक द्वारा श्रावण मास के दृष्टिगत विजयगढ़ किले के कांवर मार्ग का किया गया स्थलीय निरीक्षण

विनय कुमार श्रीवास्तव

सोनभद्र। श्रावण मास के अवसर पर बड़ी संख्या में कावड़ यात्रा करने वाले श्रद्धालुजन विजयगढ़ किले स्थित राम सरोवर से जल लेकर विभिन्न शिव मंदिरों की ओर प्रस्थान करते हैं। इसी क्रम में रविवार को पुलिस अधीक्षक द्वारा विजयगढ़ किले के राम सरोवर से कांवरियों के प्रस्थान मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया गया।

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निरीक्षण के दौरान विजयगढ़ किले परिसर की लाइटिंग व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरा व्यवस्था, पीए सिस्टम एवं सुरक्षा व्यवस्था का गहन अवलोकन किया गया।

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पुलिस अधीक्षक द्वारा उपस्थित संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, जिनमें विशेष रूप से निम्न बिंदु सम्मिलित रहे:
🔹 कांवरियों की सुरक्षा एवं सुविधा हेतु मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
🔹 सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता को भलीभांति जांचते हुए लगातार मॉनीटरिंग की व्यवस्था रहे।

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🔹 पीए सिस्टम के माध्यम से श्रद्धालुओं को समय-समय पर आवश्यक जानकारी एवं दिशा-निर्देश प्रसारित किए जाएं।
🔹 मार्ग में पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा एवं ट्रैफिक नियंत्रण की समुचित व्यवस्था रहे।
🔹 ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल को अनुशासित, सतर्क व संवेदनशील रहते हुए ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए गए।

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पुलिस अधीक्षक द्वारा मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि श्रावण मास के दौरान कांवरियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए समग्र व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाए।

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शिवद्वार धाम का SP ने किया भ्रमण, कांवड़ यात्रियों की सुविधा व सुरक्षा हेतु मार्ग व्यवस्था का किए निरीक्षण

पुलिस अधीक्षक द्वारा श्रावण मास में कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत विभिन्न थाना क्षेत्रों व थाना घोरावल अन्तर्गत शिवद्वार मंदिर में भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया एवं ड्यूटी पर लगे पुलिस बल को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया


सोनभद्र। पुलिस अधीक्षक द्वारा विभिन्न थाना क्षेत्रों एवं शिवद्वार मंदिर में भ्रमण कर श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दृष्टिगत, कांवड़ यात्रियों/श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा हेतु मार्ग व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने थाना घोरावल अंतर्गत शिवद्वार मंदिर व कांवड़ यात्रा मार्ग से संबंधित सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

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इस दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल, ट्रैफिक पुलिस तथा अन्य सुरक्षा कार्मिकों को चेक करते हुए आवश्यक ब्रीफिंग दी गई तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक सोनभद्र ने सीसीटीवी कैमरों की जाँच, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता का आकलन किया।

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उन्होंने संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, यातायात को सुगम बनाने, और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

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पुलिस अधीक्षक ने सम्बन्धित अधिकारी/कर्मचारीगण को निर्देशित किया कि-

  • कांवरियों की सुरक्षा एवं सुविधा हेतु मार्ग पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
  • सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता को भलीभांति जांचते हुए लगातार मॉनीटरिंग की व्यवस्था रहे।
  • पीए सिस्टम के माध्यम से श्रद्धालुओं को समय-समय पर आवश्यक जानकारी एवं दिशा-निर्देश प्रसारित किए जाएं।
  • मार्ग में पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा एवं ट्रैफिक नियंत्रण की समुचित व्यवस्था रहे।
  • ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल को अनुशासित, सतर्क व संवेदनशील रहते हुए ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए गए।

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रोडवेज बस में सफर कर रहे यात्री का लाखो रुपये का गहना चोरी, पीड़ित शिक्षक ने SP से लगाई न्याय की गुहार

HIGHLIGHTS

  • रोडवेज बस के लाखो रुपये का गहना चोरी, पीड़ित शिक्षक ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार
  • सदर कोतवाली क्षेत्र के सुकृत के पास स्थित एक ढाबे के समीप की बताई जा रही घटना

सोनभद्र। जनपद में स्टेट हाइवे 5A हाथीनाला-नारायनपुर मार्ग पर सदर कोतवाली क्षेत्र के एक ढाबे पर 24 जून को रुकी रोडवेज बस से यात्रा कर रहे एक परिवार के बैग से लाखों रुपये का गहना चोरी होने की घटना का अभी तक खुलासा नही होने पर पीड़ित दम्पत्ति ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाया है।

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पीड़ित शिक्षक सुदीप गुप्ता ने बताया कि वह परिवार के साथ 24 जून को वाराणसी से रोडवेज बस से यात्रा के दौरान सुकृत पुलिस चौकी क्षेत्र के एक ढाबे पर बस के रुकने के दौरान उनके बैग से लाखों रुपये मूल्य के गहने चोरी हो गया। पीडित ने बताया कि

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जब बैग में छेड़छाड़ समझ आया तो उन्होंने तत्काल बस के ड्राइवर व कंडक्टर से संपर्क किया, लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। परिवार की महिला सदस्य, बच्चों सहित इस घटना के प्रत्यक्ष साक्षी हैं।

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श्री गुप्ता ने घटना की शिकायत न केवल बस स्टाफ से की बल्कि अगले दिन पुलिस चौकी सुकृत के इंचार्ज और अन्य अधिकारियों को भी दी। इसके बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई या परिणाम सामने नहीं आया है।

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पुलिस पर आरोप लगाते हुए पीडित शिक्षक के कहा कि प्रशासनिक लापरवाही या सुनियोजित षड्यंत्र का संदेह है कि यह केवल एक सामान्य चोरी नहीं बल्कि एक सुनियोजित आपराधिक घटना है जिसमें संभवतः बस कर्मियों की मिलीभगत हो सकती है।

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घटना वाले ढाबे पर लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग की माँग पर पता चला कि डीवीआर ही खराब है। पीड़ित शिक्षक श्री गुप्ता ने पिछले 4 जुलाई को पुलिस अधीक्षक को मामले से अवगत कराया और कहा कि बस चालक-कंडक्टर की भूमिका की गहराई से जांच हो, सीसीटीवी व डीवीआर की फॉरेंसिक जांच करवाई जाए

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275 परिषदीय स्कूलों तक पहुंचने के लिए  नहीं हैं रोड, बारिश में मेड़ के सहारे पगडंडी व कीचड़ के बीच चलकर बच्चे पहुंचते हैं स्कूल

HIGHLIGHTS

  • 275 परिषदीय स्कूलों तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं

सोनभद्र। परिषदीय स्कूलों का कायाकल्प कर अत्याधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। इसके बावजूद करीब 275 से अधिक स्कूल ऐसे हैं जहां पहुंचने के लिए संपर्क मार्ग और पक्के रास्ते नहीं हैं। कुछ जगह हैं तो वह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।

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बारिश के दिनों में मौसम में मेड़ के सहारे पगडंडी और कीचड़ के बीच चलकर बच्चे स्कूल पहुंचते हैं। अति पिछड़े सोनभद्र जिले में 2061 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। 14 नए स्कूलों का भी संचालन हो रहा है

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जनपद नीति आयोग के प्राथमिकता वाले जिले में शामिल है। प्रशासन और शिक्षा विभाग स्कूलों को लैब, टाइल्स और प्रोजेक्टर से लैस करके उन्हें आधुनिक बनाने पर जोर दे रहा है।

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थोड़ी से बारिश पर भी पगडंडी कीचड़युक्त हो जाती है। घुटने भर पानी में घुसकर बच्चों और शिक्षकों को स्कूल आना पड़ता है। नगवां,राबर्ट्सगंज, दुद्धी, चतरा, कोन सहित अन्य ब्लॉकों में ऐसे स्कूलों की भरमार है।

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एक ओर जहां स्कूलों तक पक्की सड़क नहीं है या फिर जहां है भी वह उपयोग के लायक नहीं है। अभिभावकों का कहना है कि हर वक्त डर लगता है कि किसी तरह सही सलामत स्कूल पहुंच जाएं व घर आ जाएं।

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