▪️ वाराणसी डीएम कौशल राज शर्मा से पीएम मोदी ने फोन से की बात, जाना बनारस में बाढ़ की स्थिति को
वाराणसी,संस्कृति लाइव संवाददाता। बनारस में बाढ़ की स्थिति बढ़ती जा रही है 2 सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से जल का स्तर बढ़ रहा है वही केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार की सुबह आठ बजे तक 72.02 मीटर मापा गया। यदि बढ़ाव ऐसे ही होता रहा तो आगमी दो दिनों में बाढ़ के उच्चतम बिंदु 73.901 मीटर तक जल स्तर पहुंच जाएगा। बनारस की सड़कों पर गाड़ियों की बजाय नावें चलने लगेंगी। बुधवार की सुबह वाराणसी के सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी जिलाधिकारी से फोन पर बात की। प्रधानमंत्री ने जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा से टेलीफोन पर बात कर शहर में बाढ़ की स्थिति को जाना। इस दौरान टेलीफोनिक वार्ता के दौरान पीएम को डीएम कौशल राज शर्मा ने बाढ़ग्रस्त इलाकों की स्थिति को और राहत और बचाव कार्यों के अलावा राहत सामग्री वितरण के बारे में भी जानकारी दी। गंगा के किनारे बस्तियां डूब गई हैं। अब तक सामनेघाट क्षेत्र में सड़कों पर पानी आ गया है। दशाश्वमेध घाट से गोदौलिया की ओर पानी बढ़ चला है। मणिकर्णिका घाट पर गलियों में पानी भर गया है। नाव से शव घाट तक जा रहे हैं। मंदिर के छत पर शवदाह हो रहा है। कमोवेश ऐसे ही हालात हरिश्चंद्र घाट का भी है। सबसे ऊंची सीढ़ी पर दाह संस्कार किया जा रहा है। सर्वाधिक प्रभावित इलाका गंगा की सहायक नदी वरुणा के किनारे है। पुराना पुल, सरैंया, पुलकोहना, शैलपुत्री, लक्खीघाट, ढेलवरिया, चौकाघाट, हुकुलगंज, वरुणा पुल आदि इलाके में पानी भर गया है। इससे वरुणा नदी से जुड़े नाले भी ऊफान पर हैं। नरोखर नाला का पानी वरुणा नदी से करीब दो किलोमीटर दूर तक इलाके को प्रभावित कर दिया है। सोनातालाब इलाके की गलियों व सड़कों पर नाला का पानी भर गया है। गंगा किनारे पक्के महाल की कई गलियों में अब नावें चलने लगी हैं।
▪️यूपी के सरकारी कर्मियों के लिए बड़ी खुशखबरी, महंगाई भत्ता देने के प्रस्ताव को सीएम योगी आदित्यनाथ ने दी मंजूरी।
▪️यूपी सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों को पहली जुलाई से 11 फीसद की बढ़ी दर से महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) देने के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंजूरी दे दी है। लगभग 16 लाख राज्य कर्मचारियों और 12 लाख पेंशनरों को इसका फायदा मिलेगा।
▪️यूपी के सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता देने के प्रस्ताव को सीएम योगी आदित्यनाथ ने मंजूरी दे दी है।
🔸लखनऊ। उत्तर प्रदेश के 28 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को पहली जुलाई से 11 फीसद की बढ़ी दर से महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) देने के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंजूरी दे दी है। 11 फीसद वृद्धि के बाद कर्मचारियों का डीए 28 फीसद हो जाएगा। लगभग 16 लाख राज्य कर्मचारियों और 12 लाख पेंशनरों को इसका फायदा मिलेगा। जुलाई के बढ़े डीए का एरियर कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में जाएगा। अगस्त के बढ़े डीए का भुगतान सितंबर के वेतन के साथ होगा। शासनादेश आज ही जारी होने की उम्मीद।
राज्य कर्मचारी डेढ़ साल से ज्यादा समय से वेतन और पेंशनर अपनी पेंशन बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। कर्मचारियों को अभी 17 फीसद की दर से डीए का भुगतान हो रहा है। 11 फीसद वृद्धि के बाद कर्मचारियों का डीए 28 फीसद हो जाएगा। पिछले दिनों मानसून सत्र के दौरान विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंगाई भत्ता और महंगाई राहत का भुगतान किये जाने का एलान किया था।
UP सरकार के 28 लाख कर्मियों-पेंशनरों के लिए खुशखबरी, CM योगी ने महंगाई भत्ता जारी करने का दिया आदेश कोरोना महामारी से पैदा हुए आर्थिक संकट को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र की तर्ज पर पहली जनवरी 2020 से 30 जून 2021 तक राज्य कर्मचारियों और शिक्षकों को बढ़ी दर से महंगाई भत्ता और पेंशनरों को महंगाई राहत के भुगतान पर पिछले साल 24 अप्रैल को शासनादेश जारी कर रोक लगा दी थी। इस वजह से राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को एक जनवरी 2020, एक जुलाई 2020 और एक जनवरी 2021 को दिये जाने वाले डीए और महंगाई राहत की अतिरिक्त किस्तों का भुगतान नहीं किया गया है।
पिछले महीने केंद्र सरकार ने बढ़ी दर से डीए-डीआर के भुगतान पर लगी रोक हटाने के साथ केंद्रीय कर्मचारियों को जुलाई से 28 फीसद की दर से डीए के भुगतान करने का आदेश जारी कर दिया है। इसी आधार पर राज्य कर्मचारी भी पहली जुलाई से ही 28 फीसद की दर से डीए पाने का इंतजार कर रहे हैं। अब मंगलवार को वित्त विभाग के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंजूरी दे दी है।
▪️अफगानिस्तान के मुद्दे पर हुई मोदी-पुतिन के बीच अहम वार्ता, रूस ने किया है तालिबान का समर्थन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अफगानिस्तान के मुद्दे पर अपने पुराने सहयोगी रूस से बात की है।
▪️रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मोदी की करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई है। इस मुद्दे पर हुई दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच हुई ये बातचीत काफी अहम है।
नई दिल्ली (एएनआइ)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को अफगानिस्तान के मुद्दे पर अपने पुराने सहयोगी रूस से बात की है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से उनकी इस मुद्दे पर करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई है। इस मुद्दे पर हुई दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच हुई ये बातचीत काफी अहम है। ऐसा इसलिए, क्योंकि रूस ने न सिर्फ तालिबान का समर्थन किया है, बल्कि ये भी कहा है कि उनका शासन अफगान सरकार से बेहतर होगा।
आपको बता दें कि तालिबान ने 15 अगस्त को काबुल पर कब्जा किया था। तब से ही वहां पर अफरातफरी का माहौल है। भारत समेत कई दूसरे देश वहां से अपने नागरिकों को सकुशल निकालने को अपनी प्राथमिकता बनाए हुए हैं। इस बीच तालिबान ने कहा है कि भारत ने अफगानिस्तान में जो विकास कार्यों की शुरुआत की थी उसको पूरा कर सकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि तालिबान किसी विदेशी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा। स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री का लाल किले से देश को नया संदेश, जानिए PM मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें भारत अब तक अपने सैकड़ों नागरिकों को स्वदेश वापस ला चुका है। वहीं, तालिबान को लेकर भारत की बातचीत अमेरिका, ब्रिटेन से भी चल रही है। भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में इस मुद्दे पर अमेरिकी विदेश मंत्री से बात की थी। इसके अलावा दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के बीच भी इस मुद्दे पर बातचीत हुई है। अफगानिस्तान के हालातों पर पीएम मोदी के नेतृत्व में दो बार सीसीएस की बैठक भी हो चुकी है। आटो मोबाइल इंडस्ट्री को बदलनी होंगी पुरानी नीतियां, स्क्रैप नीति का हर किसी को मिलेगा भरपूर लाभ- पीएम मोदी आपको बता दें कि भारत ने अब तक तालिबान को लेकर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। हालांकि, भारत ने ये जरूर स्पष्ट किया है कि वो तालिबान की कही गई बातों पर विश्वास नहीं करता है। गौरतलब है कि भारत ने बीते दो दशकों के दौरान अफगानिस्तान के विकास के लिए करोड़ों का निवेश किया है। तालिबान की मौजूदगी में इस निवेश पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
▪️Sarkari Naukri: यूपी में 10वीं पास के लिए निकली बंपर नौकरियां, 40 साल तक के उम्मीदवार करें अप्लाई
▪️Sarkari Naukri in UP 2021: उम्मीदवारों का चयन मेरिट के आधार पर होगा। कोई भी लिखित परीक्षा या इंटरव्यू आयोजित नहीं किए जाएंगे. उम्मीदवारों के 10वीं के नंबरों के आधार पर ही मेरिट तैयार की जाएगी. चयनित उम्मीदवार 10,000 रुपये प्रतिमाह वेतन पाने के पात्र होंगे।
▪️उम्मीदवारों का चयन मेरिट के आधार पर होगा कुल 4 हजार से ज्यादा रिक्तियां भरी जानी हैं
▪️ उत्तर प्रदेश में 10वीं पास और ITI डिप्लोमा धारकों के लिए भी बंपर सरकारी नौकरियां निकली हैं। डाक विभाग में ग्रामीण डाक सेवक (GDS) के 4226 रिक्त पदों पर योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मांगे जा रहे हैं. इन पदों पर भर्ती के लिए 18 वर्ष से लेकर 40 वर्ष तक के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. सभी जरूरी जानकारियां उम्मीदवार जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में चेक कर सकते हैं।
▪️आधिकारिक वेबसाइट appost.in पर 4226 रिक्तियों के लिए भर्ती नोटिफिकेशन जारी किया गया है।ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 23 अगस्त से शुरू हो चुकी है जबकि निर्धारित योग्यताएं रखने वाले उम्मीदवार 22 सितंबर तक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. बता दें कि अधिकतम आयुसीमा में आरक्षित कैटेगरी के उम्मीदवारों को नियमानुसार छूट भी दी जाएगी।
▪️अनारक्षित कैटेगरी के उम्मीदवारों को आवेदन के लिए 100/- रुपये का शुल्क देना है। वहीं आरक्षित कैटेगरी और महिला उम्मीदवारों के लिए आवेदन निशुल्क है. उम्मीदवारों का चयन मेरिट के आधार पर होगा. कोई भी लिखित परीक्षा या इंटरव्यू आयोजित नहीं किए जाएंगे. उम्मीदवारों के 10वीं के नंबरों के आधार पर ही मेरिट तैयार की जाएगी. चयनित उम्मीदवार 10,000 रुपये प्रतिमाह वेतन पाने के पात्र होंगे।
▪️अफगानिस्तान से भारतीयों को निकालने में जुटी सरकार, अफगान सिख समेत अबतक करीब 650 को लाया गया
▪️केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि अब तक अफगानिस्तान से 626 लोगों को भारत लाया जा चुका है जिनमें 228 भारतीय नागरिक और 77 अफगान सिख शामिल हैं। वहां जारी संकट की स्थिति के बीच भारत सरकार लगातार लोगों को निकालने में लगी है।
▪️अफगानिस्तान से भारतीयों को निकालने में जुटी सरकार, अफगान सिख समेत अबतक करीब 650 को लाया गया228 भारतीय और 77 अफगान सिखों का निकाला गया।
🔸नई दिल्ली, एएनआइ। अफगानिस्तान में जारी संकट के बीच भारत सरकार लगातार वहां से अपने नागरिकों को निकालने में लगी है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अभी तक तकरीबन साढ़े छह सौ लोगों को वहां से निकाला जा चुका है, जिनमें भारतीय नागरिकों के अलावा अफगान सिख भी शामिल हैं।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि अब तक अफगानिस्तान से 626 लोगों को भारत लाया जा चुका है, जिनमें 228 भारतीय नागरिक और 77 अफगान सिख शामिल हैं।
▪️जिला प्रशासन द्वारा सेनानी परिजनों की खोज कराई जानी चाहिए
▪️जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक ब्लॉकों में सम्मान का कार्यक्रम आयोजित किया जाना चाहिए।
▪️सेनानियों के नाम पर गांव सड़कों का नामकरण किया जाना चाहिए
हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)
🔸रॉबर्ट्सगंज (सोनभद्र): स्वतंत्रता दिवस की 75 वीं वर्षगांठ के 75 हफ्ते पूर्व देश- प्रदेश सहित जनपद सोनभद्र में आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ हो चुका है। कार्यक्रम के अंतर्गत सोनभद्र जनपद के जनप्रतिनिधियों द्वारा ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण संवर्धन, पर्यटन विकास एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम से द्वार बनाने की घोषणा की जा चुकी है। आजादी के पूर्व मिर्जापुर के दक्षिणांचल कहे जाने वाले वर्तमान जनपद सोनभद्र के इतिहास में आदिवासियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और आदिवासी जन महात्मा गांधी के आवाहन पर कंधे से कंधा मिलाकर स्वतंत्रा आंदोलन में कूद पड़े थे बिना किसी की परवाह किए और ब्रिटिश हुकूमत की प्रताड़ना का शिकार भी हुए, जेल यात्रा, जमीन जायदाद की नीलामी, शारीरिक प्रताड़ना एवं परिजनों को आर्थिक, शारीरिक रूप से प्रताड़ना इत्यादि कष्टों को झेलते रहे, लेकिन ब्रिटिश हुकूमत के सामने सिर नहीं झुकाया। रॉबर्ट्सगंज तहसील से हरिवंश धांगर, विष्णु धांगर, शंकर माझी राम हरख खरवार, शिवनाथ प्रसाद गोड। तहसील घोरावल से झिगई पनिका, मंगल वियार। तहसील दुद्धी से रामेश्वर खरवार, सुखलाल खरवार, शनिचर राम खरवार, बोधा पनिका, पूरन खरवार, जगन्नाथ खरवार,चिंतामणि खरवार ने महात्मा गांधी द्वारा चलाए गए सन 1921 से 15 अगस्त 1947 तक ब्रिटिश हुकूमत से लोहा लिया और प्रताड़ना के शिकार हुए। सन 1921 में जब महात्मा गांधी ने जब स्वतंत्रता आंदोलन का बिगुल बजाया उसकी क्रांतिकारी ध्वनि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र दुद्धी और रॉबर्ट्सगंज तहसील के लोगों को सुनाई दिया और सभी लोग कंधे से कंधा मिलाकर अंग्रेजो के खिलाफ खड़े हो गए थे। 25 दिसंबर 1937 को लोकप्रिय नेता पंडित जवाहरलाल नेहरू का टाउन एरिया मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज में आगमन, मिर्जापुर जनपद की ऐतिहासिक, महत्वपूर्ण घटना थी और संभवत प्रथम बार पंडित जवाहरलाल नेहरु आदिवासी, संस्कृति एवं कला से परिचित हुए थे। स्वतंत्रता के पश्चात क्षेत्र में होने वाले लोकसभा, विधानसभा एवं स्थानीय निकाय चुनाव में आदिवासी जनप्रतिनिधियों का चुना जाना अपने आप में महत्वपूर्ण एवं इनकी सामाजिक, राजनीति मजबूत स्थिति का द्योतक है। सोनभद्र जनपद में कुल 111 स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की सूची सरकारी अभिलेखों, शहीद उद्यान परासी में लगे गौरव स्तंभ पर दर्ज है और शासन द्वारा स्वतंत्रता आंदोलन से संबंधित स्थलों के विकास एवं स्वतंत्रता आंदोलन में महति भूमिका का निर्वहन करने वाले देशभक्तों, क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मान देने का कार्यक्रम 4 फरवरी 2021 चौरी चौरा आंदोलन की 100 वीं वर्षगांठ के दिन से आरंभ है और यह कार्यक्रम आजादी के अमृत महोत्सव के समापन 4फरवरी 2022 तक चलेगा। विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के निदेशक शोधकर्ता दीपक कुमार केसरवानी के अनुसार-“आजादी के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन सोनभद्र द्वारा वर्तमान रॉबर्ट्सगंज, घोरावल, दुद्धी के 10 ब्लॉकों में निवास करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों की खोज की जानी चाहिए और उन्हें भी इस महोत्सव में सहभागिता का अवसर प्रदान कर अपने पूर्वजों के गौरव पर गर्व महसूस होने का अवसर जिला प्रशासन को देना चाहिए। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के गांव एवं सड़कों का नामकरण स्थानीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम पर कराया जाना चाहिए एवं जनपद के दसो ब्लॉकों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों के सम्मान का कार्यक्रम स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े स्थलों की पहचान एवं जीर्णोद्धार का कार्यक्रम आयोजित कराया जाना चाहिए । तभी आजादी के अमृत महोत्सव का उद्देश्य पूरा होगा।