श्रद्धा से करें श्राद्ध कर्म

रॉबर्ट्सगंज,सोनभद्र। पितृपक्ष में पूर्वजों का श्राद्ध करना भारतीय परंपरा है।
इस समय पित्र पक्ष चल रहा है और लोग अपने पूर्वजों का श्राद्ध कर्म करके देव ऋण, ऋषि ऋण और पितृ ऋण मुक्त हो रहे हैं। परंपरा के अनुसार पितृपक्ष (16 दिनों तक) पित्रअपने परिजनों के बीच रहकर अन्न और जल ग्रहण कर संतुष्ट हो रहे हैं।
रॉबर्ट्सगंज नगर के प्रथम नागरिक जगन्नाथ साहू के पौत्र शिव शंकर प्रसाद केसरवानी जिनका जन्म 27 फरवरी 1911 (सोमवार महाशिवरात्रि)को रॉबर्ट्सगंज नगर में हुआ था, रॉबर्ट्सगंज नगर के इतिहास में पुराने दस्तावेजों के संग्राहक, समाजसेवा, राजनीति, साहित्य, संस्कृति, पर्यटन में रुचि रखने वाले नगर की इस विभूति ने अपने जीवन काल में बताया था कि-“हमारे पूर्वज वर्तमान कौशांबी जनपद के नगर पालिका क्षेत्र भरवारी से आकर रॉबर्ट्सगंज नगर के पश्चिम अदलगंज कस्बे में बस गए थे।

स्वर्गीय शिव शंकर प्रसाद केसरवानी व उनकी पत्नी स्वर्गीय पार्वती देवी।

मेरे बाप- दादा कई पटटीदार थे और बड़ा परिवार था। परिवार में सभी बड़े- बुजुर्गों की इच्छा थी कि अपने सभी ज्ञात – अज्ञात पितरों का गयाजी में पिंडदान कर 108 कुल और 7 पीढ़ियों का उद्धार किया जाए।
लेकिन कालचक्र की ऐसी गति चली की मेरे दादा जगन्नाथ साहू, पिता प्यारेलाल इस दायित्व का निर्वहन नहीं कर पाए, मेरी हार्दिक इच्छा थी कि मैं अपने सभी पूर्वजों का गया में श्राद्ध करूं। दुर्भाग्यवश मेरी पत्नी पार्वती देवी ( जिनका जन्म 25 मार्च रामनवमी सन 1915 में ग्राम रजधन में हुआ था और विवाह 3 फरवरी सन 1930 बसंत पंचमी के दिन हुआ था) की मृत्यु 5 जून 1976 को हो गई। छोटे पुत्र के विवाह के पश्चात मैंने अपनी पांचो पटटीदारों को बुलाया और उनके सामने पितरों को गयाजी में श्राद्ध करने का प्रस्ताव रखा। सभी लोग मान गए और तैयारियां शुरू हो गई। उसी वर्ष पितृपक्ष में हम लोग सारे क्रियाओं को विधि विधान से आयोजित करके पूर्वजों का श्राद्ध करने के लिए गयाजी पहुंचे। जिस समय श्राद्ध कर्म चल रहा था। मुझे ऐसा महसूस हुआ कि मेरे बाप- दादा सहित मेरी पत्नी सहित अन्य पित्रगण जिनको मैंने देखा था, जिनको मैं पहचानता था वे सभी मेरे सामने प्रसन्नचित्त मुद्रा में बैठे हुए थे।
श्राद्ध कर्म करने के पश्चात वाल्मीकि कृत रामचरितमानस का वह प्रसंग मुझे याद आया जब भगवान श्री राम अपने गयाजी के इसी तक पर बैठकर अपने स्वर्गवासी पिता चक्रवर्ती राजा दशरथ श्राद्ध किया था और महाराजा दशरथ ने स्वयं उन्हें दर्शन दिया था। आज मुझे इस रामायण कालीन कथा पर पूरी तरह विश्वास हो गया था।
घर लौट कर हम सभी ने मिलकर सामूहिक भोज का आयोजन किया।
आचार्य पंडित संतोष धर द्विवेदी के अनुसार-” पितरों का श्राद्ध श्रद्धा पूर्वक करना चाहिए ताकि वे संतुष्ट होकर अपने लोक को प्रस्थान कर सके।”
पितृपक्ष अपने पूर्वजों को याद करने का पर्व है 16 दिन तक चलने वाले इस पर्व पर लोग अपने पूर्वजों श्रद्धा पूर्वक याद करते हुए
उनके नाम पर दोनिया काढ कर और पूर्वजों को संतुष्ट कर रहे हैं।
नगर का इस समय भक्ति पूर्ण माहौल है, लोग अपने पूर्वजों को गयाजी बैठाने के लिए समूह में नगर भ्रमण करते दिखाई दे रहे हैं और बैंड बाजा की धुन पर रघुपति राघव राजा राम के भजन से गुंजायमान हो रहा है रॉबर्ट्सगंज नगर।

राम अनुज धर द्विवेदी हुए सम्मानित


घोरावल, सोनभद्र। घोरावल में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) वाराणसी की ओर से मंगलवार को आयोजित वार्तालाप कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत मीडिया कर्मी और सरकार के बीच संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से हुआ। जिसमें घोरावल, करमा,शाहगंज के 50 से ज्यादा पत्रकारो ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में शामिल सभी पत्रकारों को प्रणाम पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में वरिष्ठ पत्रकार राम अनुज धर द्विवेदी को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रहे उपजिलाधिकारी घोरावल शुशील कुमार यादवखण्ड विकास अधिकारी घोरावल रमेश कुमार एवम घोरावल चेयरमैन द्वारा दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर चन्द्र मोहन शुक्ल,राजेंद्र कुमार पाठक,जय सिंह, विजय अग्रहरि, सहित आदि लोग मौजूद रहे।

अमेरिका दौरे के लिए रवाना हुए PM मोदी, ये रहा कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल

अमेरिका दौरे के दौरान पीएम मोदी क्वाड समिट, कोविड ग्लोबल समिट में हिस्सा लेंगे।

पीएम मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र को भी संबोधित करेंगे।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अमेरिका दौरा आज से शुरू हो रहा है। पीएम मोदी सुबह 11 बजे अमेरिका के लिए रवाना हुए। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी उनके साथ इस दौरे पर रहेंगे। अमेरिका में अपनी इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में द्विपक्षीय बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस भी मौजूद होंगी। बता दें कि पीएम मोदी और बाइडन के बीच पिछले 8 महीने के अंदर दो बार वर्चुअल मीटिंग हो चुकी है लेकिन आमने-सामने मुलाकात अब होगी। पीएम की अंतिम बड़ी विदेश यात्रा 2019 नवंबर में हुई थी, जब वह ब्राजील गए थे। हालांकि इस साल मार्च में वह बांग्लादेश के संक्षिप्त दौरे पर गए थे।

इन मुद्दों पर होगी चर्चा

24 सितंबर को दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। अफगानिस्तान और आस-पास के क्षेत्र में बने हालातों पर भी चर्चा होने की संभावना है। क्रॉस बॉर्डर आतंकवाद और कट्टरता जैसे मुद्दों पर भी व्यापक होने की संभावना है।

ये रहा पूरा शेड्यूल

22 सितंबर- अमेरिका के लिए रवाना
23 सितंबर- अमेरिका पहुंचेंगे
23 सितंबर- ऑस्ट्रेलिया, जापान के पीएम से

मुलाकात

24 सितंबर- पीएम मोदी और बाइडेन की मुलाकात
24 सितंबर- क्वाड बैठक में हिस्सा लेंगे पीएम
25 सितंबर- UNGA में पीएम मोदी का संबोधन
26 सितंबर- स्वदेश लौटेंगे पीएम मोदी

लोकतंत्र रक्षक सेनानी को नहीं मिला परिचय पत्र व प्रमाण पत्र, दुखी

राम अनुज धर द्विवेदी (संवाददाता)

घोरावल, सोनभद्र। जनपद के घोरावल तहसील क्षेत्र के अंतर्गत महुआंव पांडेय ग्राम पंचायत निवासी लोकतंत्र रक्षक सेनानी जनार्दन प्रसाद पांडेय को जिला प्रशासन द्वारा लोकतंत्र रक्षक सेनानी प्रमाण पत्र एवं परिचय पत्र न दिए जाने से शासनादेश के अनुसार उन्हें यात्रा संबंधी सुविधाएं नहीं उपलब्ध हो पा रही हैं। उक्त संदर्भ में वरिष्ठ नागरिक एवं लोकतंत्र रक्षक सेनानी जनार्दन प्रसाद पांडेय ने बुधवार को इस संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने सेनानी प्रमाण पत्र एवं परिचय पत्र निर्गत करने हेतु जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर तथा कई बार मुलाकात कर आग्रह किया किंतु अब तक उन्हें लोकतंत्र रक्षक सेनानी प्रमाण पत्र और परिचय पत्र जिलाधिकारी द्वारा उपलब्ध नहीं कराया जा सका। श्री पांडेय ने कहां है कि एक वरिष्ठ नागरिक और लोकतंत्र रक्षक सेनानी होने के नाते उन्हें शासन प्रशासन से मिलने वाली सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है जबकि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में उन्हें सहायता राशि का भुगतान किया जा रहा है। श्री पांडेय ने जिलाधिकारी का उपरोक्त की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए अभिलंब लोकतंत्र रक्षक सेनानी प्रमाण पत्र एवं परिचय पत्र निर्गत कराने की प्रबल मांग की है।

लोकतंत्र रक्षक सेनानी जनार्दन प्रसाद पांडेय

अंत्योदय में हो हमारी सक्रिय भूमिका: दीपक सिंह गोड़


• भाजपा बभनी मण्डल प्रभारी ने सरकार के कल्याणकारी योजनाओं की दी जानकारी।

प्रमोद चौबे

सोनभद्र। कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हम सभी को मिलकर अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में भरपूर प्रयास करना चाहिए। जागरूकता के अभाव में संघ सरकार और प्रदेश सरकार की योजनाओं का पूर्ण लाभ लोगों तक नहीं पहुँच पाता है। ऐसी स्थिति में हम सबकी अर्थात पार्टी के कार्यकर्ताओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है कि जरूरत मंद लोगों तक आवास, शौचालय, पेयजल, किसान सम्मान निधि, सर्व सुलभ बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, राशन आदि सहित विभिन्न विकास शील योजनाओं को लोगों तक सहजता से पहुँचाएं। हम सभी को केवल सरकारी एजेंसियों पर ही निर्भर नहीं रहना चहिए। उक्त बातें शक्ति केंद्र सतबहनी के ग्राम जौराही में बूथ संख्या 169 पर प्रधानमंत्री जन कल्याणकारी योजनाओं के विषय में भाजपा के बभनी मण्डल प्रभारी दीपक सिंह गोड़ ने जनता व पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच कही।
मण्डल प्रभारी ने कहा कि कोरोना जैसी घातक वैश्विक महामारी के बीच भी विकास कार्य को गति मिलती रही है। इस मौके पर मंडल महामंत्री लालकेश कुशवाहा, शक्ति केंद्र संयोजक राजेश प्रजापति, बूथ अध्यक्ष शिवनाथ खरवार, जिला मीडिया प्रभारी महिला मोर्चा अर्चना गुप्ता, मनदीप प्रजापति, गुड्डु यादव, जितेंद्र गोंड, नंदन कुमार आदि मौजूद रहे।

गड्ढ़ा मुक्त सड़क की मुहिम में उत्तर प्रदेश सरकार, ओबरा परियोजना की सड़कें बेजार

श्याम पाठक

ओबरा, सोनभद्र। दशकों पूर्व जब एशिया के सबसे बड़े ताप विद्युत गृह ओबरा परियोजना का निर्माण हुआ तो परियोजना में कार्यरत कर्मचारियों के लिए आवासीय परिसर का निर्माण हुआ। आवासीय परिसर में स्थित आवासों, सड़कों व नालियों की साफ-सफाई व देखरेख का कार्य ओबरा परियोजना के सिविल अनुरक्षण खंड के अधीन आता है। पूर्व में ओबरा नगर पंचायत के गठन से पूर्व आवासीय परिसर में साफ-सफाई व सड़कों के गड्ढों का मरम्मत कार्य ओबरा परियोजना के सिविल अनुरक्षण खंड द्वारा सुचारू रूप से किया जाता रहा ,लेकिन नगर पंचायत ओबरा के गठन के बाद ओबरा परियोजना द्वारा निर्मित सड़कों व नालियों के प्रति उदासीन रवैये ने 90% सड़कों का अस्तित्व ही खत्म कर दिया है। नगर पंचायत ओबरा के जद में आने वाले परियोजना के सड़कों पर तो नगर पंचायत द्वारा इंटरलॉकिंग आदि बिछाकर सड़कों का अस्तित्व बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन परियोजना के वे सड़क जो नगर पंचायत के जद के बाहर हैं ,उन सड़कों को देखकर गड्ढों में सड़क की अनुभूति होती है। ओबरा परियोजना के खस्ताहाल सड़कों के क्रम में सीआईएसफ गेट से अंतिम चेकपोस्ट तक जाने वाली सड़क लगभग 1500 मीटर, बिल्कुल जर्जर हो चुकी है। सड़कों पर स्थित बड़े-बड़े गड्ढे देखकर लगता ही नहीं कि यहां कोई सड़क भी थी।

गौरतलब है कि ओबरा परियोजना के आसपास के आदिवासी क्षेत्रों को ओबरा व अन्य क्षेत्रों से जुड़ने के लिए ओबरा परियोजना के जल विद्युत गृह के संचालन हेतु निर्मित ओबरा डैम को क्रास करके ही आवागमन करना होता है ।यहां बताते चलें कि रेणुका पार के आदिवासी क्षेत्रों में दर्जनों गांवों में हजारों की आबादी निवास करती है, जिनको अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए एवं अन्य सरकारी विभागों के कार्यालयों में आने जाने के लिए यही एक मार्ग है, जो ओबरा परियोजना के सिविल अनुरक्षण खंड के उदासीनता के कारण बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुका है।

रेणुका पार के क्षेत्रों में कार्यरत स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, वन विभाग ,राजस्व विभाग के कर्मचारी भी इसी रास्ते से आते जाते हैं , जिनको सीआईएसफ गेट से डैम चेकपोस्ट तक की क्षतिग्रस्त सड़क के कारण कार्य स्थल पर पहुंचने में विलंब के साथ चोटिल भी होना पड़ता है। यहां बताते चलें कि सीआईएसएफ गेट से डैम क्रास करके आने जाने वाले वाहनों को परियोजना प्रशासन द्वारा डैम क्रासिंग गेट पास जारी किया जाता है ,जिसका प्रति चक्कर के दर से शुल्क भी जमा कराया जाता है । शुल्क लेने के बावजूद परियोजना प्रशासन द्वारा क्षतिग्रस्त सड़कों के मरम्मत नहीं कराए जाने से राहगीरों में काफी रोष व्याप्त है, तो वहीं प्रतिदिन आने जाने वाले शिक्षा विभाग, वन विभाग व राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने और रेणुका पार के आदिवासीयों ने ओबरा परियोजना प्रशासन से अभिलंब क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत की मांग की है।

निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का हुआ आयोजन

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

रॉबर्ट्सगंज,सोनभद्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 71 वें जन्मदिन के अवसर पर भाजपा द्वारा मनाए जा रहे सेवा एवं समर्पण अभियान के तहत जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के काशीराम आवास के पास स्थित प्राइमरी स्कूल में भारतीय जनता पार्टी के नगर अध्यक्ष बलराम सोनी के नेतृत्व में सोमवार को निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें कांशीराम आवास के रहने वाले तथा नगर के कई लोगों का चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक डॉक्टर सतेन्द्र कुमार आर्या के द्वारा स्वास्थ्य परिक्षण कर उन्हें उचित व जरूरी आयुर्वेदिक औषधियो से युक्त दवाएं दी गई। वही नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर से नगर के लगभग 450 आमजन लाभांवित हुए।

आयोजन में मुख्य रुप से भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री कृष्ण मुरारी गुप्ता, डॉ0 P K विश्वास, डॉ0 जगदीश प्रजापति,पूर्व नगर अध्यक्ष संजय, अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला महामंत्री आफताब अंसारी, अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला मीडिया प्रभारी इरशाद अंसारी, सभासद अनिल, विधानसभा संयोजक दुर्गेश, रूबी गुप्ता, सरोज केशरी, अनुपम चौबे, नर्मदा केशरी,हनुमान गुप्ता, ब्रिजेश तिवारी, राहुल शर्मा, अंशु अग्रहरी, सत्यम सोनी, ब्रिजेश तिवारी सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

सोनभद्र की बेटी प्रिया एवरेस्ट पर फहराना चाहती है तिरंगा झंडा

संघर्षों ने प्रिया के हौसले को फौलादी बनाया।

उo प्रo सरकार के रानी लक्ष्मीबाई सम्मान से विभूषित हो चुकी है प्रिया

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

सोनभद्र। चोपन निवासी पर्वतारोही प्रिया इन दिनों मीडिया की सुर्खियों में है। क्योंकि वह इस समय विश्व की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट पर चढ़ने की तैयारी कर रही है।
प्रिया के जीवन के तमाम झंझावात मुश्किलो ने उसके फौलादी इरादों के सामने घुटने टेक चुके हैं।

प्रिया की कहानी दूसरों को प्रेरणा देने वाली है।
चोपन की समाजसेवी, पूर्व नगर पंचायत चेयरमैन माधुरी देवी की दत्तक पुत्री प्रिया की प्राथमिक शिक्षा दीक्षा चोपन में ही हुई। उसकी इच्छा एक पर्वतारोही बनने की थी और इसी ख्वाब को दिल में सजोये वह दिल्ली पहुंची। वहां उसको कोई जानने वाला नहीं था ,न ही कोई रिश्तेदार जो उसे शरण देता,जब वह दिल्ली पहुंची तब उसके पास मात्र 20 रुपये बचे थे , इसके अलावा उसके साथ था उसका एवरेस्ट फतह का सपना जो उसके जीने का आधार बन गया था, वह सोनभद्र के मस्तक पर तिलक लगाना चाहती थी।
परिस्थितियां उसकी रोज परीक्षा ले रही थी, पहले वह पेट भरने की व्यवस्था बनाये, यह चुनौती भी उसके सामने विकराल रूप धारण कर चुकी थी । प्रिया ने भी हिम्मत नहीं हारी और धीरे- धीरे सामान्य जीवन में लौटने लगी। कुछ सुधी लोगों के सहयोग से उसने देहरादून में पर्वतारोही प्रशिक्षण भी प्राप्त कर लिया। कुछ और चोटियों पर भी उसने तिरँगा लहराया, लेकिन उसका ख्वाब अभी भी दूर था। अपने सपने को साकार करने में जुट गई। स्वतंत्र साहनी उसका मनोबल बढाते रहे।

वर्ष 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उसे रानी लक्ष्मीबाई वीरता सम्मान से नवाजते हुए कहा कि-” प्रिया एक नजीर बनेगी उन लड़कियों के लिए जो कुछ करना चाहती हैं। अभावों के बीच कैसे बढ़ा जा सकता है? यह उदाहरण प्रिया ने प्रस्तुत कर दिया है।
प्रिया को कड़ी और महंगी ट्रेनिंग की जरूरत है, तभी वह एवरेस्ट पर तिरँगा फहरा पाएगी । उसे जनपदवासियों के आशीर्वाद जिला प्रशासन, उत्तर प्रदेश शासन का सहयोग की जरूरत है, ताकि वह एवरेस्ट पर तिरंगा फहरा कर अपने जनपद का नाम रोशन कर सकें।

लोकतंत्र सेनानी योगेश शुक्ल को किया याद

पुण्यतिथि पर हुआ काब्य गोष्ठी का आयोजन

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

सोंनभद्र, रॉबर्ट्सगंज। रविवार को लोकतंत्र सेनानी समाजसेवी पत्रकार साहित्यकार सोन साहित्य संगम सोनभद्र के संस्थापक निदेशक स्वर्गीय योगेश शुक्ला उर्फ योगेश शेखर जी की द्वितीय पुण्यतिथि पर उनके निज आवास “योगीताश्रम” पर रविवार को दोपहर 12:00 बजे से श्रद्धाजंलि सभा एवं काब्य गोष्ठी का आयोजन सोन साहित्य संगम के तत्वाधान में कराया गया। जिसकी अध्यक्षता संत कीनाराम महाविद्यालय के प्राचार्य डा0 गोपाल सिंह ने किया एवम संचालन सोन साहित्य संगम के संयोजक अधिवक्ता राकेश शरण मिश्र ने किया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में मधुरिमा के निदेशक अजय शेखर उपस्थित थे। इसके अतरिक्त विशिष्ट अतिथि के रुप में वरिष्ठ साहित्यकार कथाकार रामनाथ शिवेंद्र, जगदीश पंथी, सुशील राही उपस्थित थे।कार्यक्रम के प्रारम्भ में आये हुए अतिथियों द्वारा योगेश शुक्ल जी के चित्र पर द्वीप प्रज्ज्वलित एवम पुष्प अर्पित करके किया गया। इसके बाद कवि सरोज सिंह द्वारा माँ सरस्वती वंदना गा कर काब्य गोष्ठी की विधिवत शुरुआत की गई। तत्पश्चात योगेश शुक्ल के पुत्रों द्वारा मुख्य अतिथि अजय शेखर जी का योगेश जी की स्मृति में अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

इसके बाद उपस्थित कवियों में मुख्य रूप से जगदीश पंथी सुशील राही, रचना तिवारी,प्रदुम्न तिवारी,अशोक तिवारी, राकेश शरण मिश्र ने अपने सुंदर काब्यपाठ से उपस्थित श्रोताओं को काब्य रस में सराबोर कर दिया। वही मुख्य अतिथि अजय शेखर ने योगेश शुक्ला के साथ बिताए गए समय को याद करते हुए उन्हें विशाल ब्यक्तित्व का स्वामी बताया। विशिष्ट अतिथि रामनाथ शिवेन्द्र ने कहा कि योगेश जी पूर्ण मनुष्य थे और उन्हें शब्दो मे या कविताओं में नही बांधा जा सकता।

विंध्य संस्कृति शोध समिति के निदेशक दीपक केसरवानी ने कहा कि विंध्य रत्न से सम्मानित योगेश जी के बारे में कुछ भी कहना सूरज की दिया दिखाने के बराबर होगा। इसके अतिरिक्त कृष्ण मुरारी गुप्ता, हिदायत उल्ला खान, शशांक शेखर कात्यायन ने भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें महान समाज सेवी,बेमिसाल ब्यक्तित्व का स्वामी बताया। कार्यक्रम में रामदेव मौर्य,जितेंद्र सिंह,अजय पांडे रामकुमार शर्मा,हिदायतुल्ला,राम जग मौर्य,जितेंद्र सिंह,राकेश अरीमर्दन,शैलेश कुमार सिंह, पंकज कुमार सिंह, मनीष पांडे एवम नगर के अनेकों संभ्रांत लोग उपस्थित थे।

8 सूत्री मांगो को लेकर हुई बैठक

रॉबर्टसगंज, सोनभद्र। मानदेय एवम विकास निधि संघ सोनभद्र द्वारा नई बाजार स्थिति दंगल प्रांगण में सोमवार को 8 सूत्री मांगो को लेकर बैठक की गई। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में संघ के जिलाध्यक्ष पवन कुमार शुक्ला रहे एवम विशिष्ट अतिथि के रुप में चंद्रभान सिंह, नंद कुमार एवम रामसेवक सिंह रहे।
बैठक में संघ द्वारा बिडीसी के लिए किए जा रहे 8 सूत्री मांगों को लेकर चर्चा हुई। अयोजित बैठक में संतोष कुमार, यशवंत सिंह, बलवंत सिंह मौर्य, प्रेम चन्द्र गुप्ता, संदीप कुमार मौर्य, दिनेश कुमार गुप्ता, अजय कुमार पनिका, श्यामा नंद सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

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