करे मतदान बने महान लोकतंत्र की यही पहचान: जिलाधिकारी टीके शिबू

12 वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर कलेक्ट्रेट परिसर में दिलाई गई शपथ

सोनभद्र। ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ पर कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी टीके शिबू ने मंगलवार को अधिकारियों, कर्मचारियों, स्कूल के छात्र-छात्राओं को शपथ दिलायी। इस दौरान उन्होंने शपथ दिलाते हुए कहा कि ‘‘ हम भारत के नागरिक, लोकतंत्र में अपनी पूर्ण आस्था रखते हुए यह शपथ लेते हैं कि हम अपने देश की लोकतांत्रिक परम्पराओं की मर्यादा को बनाये रखेेंगें तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शान्तिपूर्ण निर्वाचन की गरिमा को अक्षुण्य रखते हुए निर्भिक होकर धर्म, वर्ग, जाति, समुदाय, भाषा अथवा अन्य किसी भी प्रलोभन से प्रभावित हुए बिना सभी निर्वाचन केंद्रों में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगें‘‘।

 इस दौरान लखनऊ में आयोजित राज्यपाल उत्तर प्रदेश आनन्दी बेन पटेल, मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम राष्ट्रीय मतदाता दिवस का सजीव प्रसारण कलेक्ट्रेट सभागार में उपस्थित जिला निर्वाचन अधिकारी टीके शिबू, उप जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश सिंह सहित अधिकारी, कर्मचारी व स्कूल के छात्र-छात्रओं द्वारा देखा गया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्जवलन व माॅ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई ।

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तत्पश्चात जिलाधिकारी ने अपने सम्बोधन में कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने हेतु आगामी विधान सभा सामान्य निर्वाचन में सभी लोग अपने निर्धारित मतदान केन्द्रों पर जाकर मतदान करें और लोकतंत्र के इस महा उत्सव में अपनी महत्वपूर्ण भागीदारी निभायें। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्याशी का चयन सोच-समझकर व निर्भिक होकर ही अपने मताधिकार का प्रयोग कर करेें और अपने आस-पास निवास करने वाले व्यक्तियों से भी मतदान प्रक्रिया में भाग लेने हेतु जागरूक करें, जिससे आगामी 07 मार्च को होेने वाले मतदान के प्रतिशत में वृद्धि हो सके और जनपद के मतदान प्रतिशत को बढ़ाया जा सके।

उन्होंने आगे कहा कि जनपद में 500 ऐसे बूथों का चिन्हित किया गया है, जहां पर पूर्व के चुनावों में मतदान का प्रतिशत काफी कम था, वहां पर विशेष मतदाता जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को मतदान करने हेतु प्रेरित किया जायेगा। उन्होेंने उपस्थित छात्र-छात्राओं व स्कूल के अध्यापकों से अपील करते हुए कहा कि अपने स्कूल के आस-पास निवास करने वाले व्यक्तियों को मतदान करने हेतु प्रेरित करें। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी राकेश सिंह, उप जिलाधिकारी राजेश सिंह सहित अधिकारियों ने नये मतदाताओं को प्रतीक स्वरूप वोटर पहचान-पत्र व प्रमाण-पत्र प्रदान किया।

शिक्षक/शिक्षिकाओं ने राष्ट्रीय मतदाता जागरूकता से सम्बन्धित रंगोली तैयार की थी, ’’लोकतंत्र की जान, आपका मतदान‘‘ रंगोली का जिलाधिकारी ने अवलोकन किया और उपस्थित शिक्षक/शिक्षिकाओं द्वारा बनायी गयी रंगोली की काफी सराहना की। इस मौके पर रामबाबू त्रिपाठी, जिला विकास अधिकारी, रविशंकर जिला विद्यालय निरीक्षक, हरिवंश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, विशाल सिंह, अपर जिला सूचना अधिकारी विनय कुमार सिंह सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी व कर्मचारीगण उपस्थित रहें।

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राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बाल गृह बालिका में कार्यक्रम का हुआ आयोजन

HIGHLIGHTS

  • बालिकाओं द्वारा संगीत व नाटक के माध्यम से लड़कियों के सुरक्षा, सम्मान व अधिकारों के प्रति जागरूकता किया गया।
  • कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों द्वारा संस्था की बालिकाओं को सम्मानित किया गया।

हर्षवर्धन केसरवानी

सोनभद्र। सोमवार को राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी पुनीत टण्डन के निर्देश क्रम में जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज स्थित बाल गृह बालिका में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमे बाल गृह बालिका की आवासित बालिकाओं द्वारा संगीत व नाटक के माध्यम से लड़कियों के सुरक्षा सम्मान व अधिकारों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वही कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों द्वारा संस्था की बालिकाओं को सम्मानित किया गया।

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इस मौके पर जिला प्रोवेशन अधिकारी द्वारा बालिका दिवस के महत्व के बारे में बताया गया कि लोगों के बीच लड़कियों के अधिकार को लेकर जागरूकता पैदा करना और लड़कियों को नया अवसर मुहैया कराना व यह सुनिश्चित करना कि हर लड़की को मानवीय अधिकार मिले तथा लैंगिक असमानता को लेकर जागरूकता पैदा करना एवं बालिकाओं की समस्या का समाधान और महिलाओं को समाज में जिन असमानताओं का सामना करना पड़ता है उन सभी से उन्हें छुटकारा मिले। आयोजित कार्यक्रम में जिला बाल संरक्षण इकाई से संरक्षण अधिकारी गायत्री दुबे, परामर्शदाता सुधीर शर्मा, ओआरडब्ल्यू शेषमणि दुबे, महिला शक्ति केंद्र से महिला कल्याण अधिकारी नीतू, यति सिंह, नीलम सिंह, रीना सिंह सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

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बार-बेंच में सामंजस्य जरूरी: जिला जज अशोक कुमार यादव

HIGHLIGHTS

  • वकीलों की बेटियों की शादी के लिए कन्यादान योजना जरूरी: हरिशंकर सिंह
  • डीबीए पदाधिकारियों का शपथग्रहण समारोह संपन्न

राजेश पाठक

सोनभद्र। राबर्ट्सगंज कचहरी परिसर में सोमवार को डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सोनभद्र का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि जनपद न्यायाधीश अशोक कुमार यादव ने कहा कि सही मायने में यदि न्याय चाहिए तो इसके लिए बार-बेंच का सामंजस्य बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि आने के समय यह बताया गया था कि नक्सल प्रभावित जिला सोनभद्र है। यहां पर काम करना आसान नहीं होगा, लेकिन यहां आने के बाद पता चला कि यहां कार्य करना बहुत ही अच्छा है। यहां बहुत ही शांति है। हड़ताल के बावजूद भी यहां कार्य होता है, कोई भी रोक नहीं रहती है। जबकि अन्य जिलों में इसके विपरीत कार्य होता है। कहा कि अगर सहयोग की भावना से कार्य होगा तो लोगों को सुलभ न्याय जरूर मिलेगी। कहा कि अगर किसी कनिष्ठ न्यायिक अधिकारियों से कोई गलती हो जाए तो उसकी जानकारी उन्हें दें, ताकि सुलझाने का काम किया जा सके। अनुभव की कमी की वजह से गलती हो जाती है।

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विशिष्ट अतिथि पूर्व चेयरमैन हरिशंकर सिंह एडवोकेट ने कहा कि अधिवक्ता सम्मान का भूखा है। अगर उसकी मांग को मान लिया जाए तो हड़ताल की जरूरत ही नही है। कहा कि आयुष्मान योजना में सभी को हक़ मिलना चाहिए, लेकिन अधिवक्ताओं को उससे बंचित किया गया है। जबकि अधिवक्ताओं की बेटियों की शादी के लिए कन्यादान योजना लागू होनी चाहिए। कहा कि वकीलों की आर्थिक सहायता की राशि 10 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी गई है। 70 साल तक के अधिवक्ता की मृत्यु पर अब 5 लाख रुपये मिलेंगे। वहीं 70-80 साल के अधिवक्ता को अब 2 लाख रुपये मिलेगा।

सबसे पहले मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर मुख्य अतिथि,विशिष्ट अतिथि के साथ ही अन्य अतिथियों ने कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष विध्यवासिनी प्रसाद सिंह एडवोकेट को मुख्य अतिथि जनपद न्यायाधीश सोनभद्र अशोक कुमार यादव ने शपथ दिलाई। जबकि महामंत्री रामजियावन सिंह यादव एडवोकेट तथा सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों को विशिष्ट अतिथि हरिशंकर सिंह एडवोकेट ने शपथ दिलाई। समारोह को एमएसीटी न्यायाधीश संजय हरि शुक्ला,वरिष्ठ अधिवक्ता रामप्यारे सिंह,भोला सिंह यादव,सुरेंद्र कुमार पांडेय, रमेश राम पाठक,चन्द्रकान्त शर्मा, धन्नजंय मौर्या आदि लोगों ने सम्बोधित किया।

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समारोह में एल्डर कमेटी चेयरमैन ओमप्रकाश सिंह, ओमप्रकाश रॉय, सुरेंद्र पांडेय, गीता गौर, ज्ञानेंद्र शरण रॉय, मनोज पांडेय, जगजीवन सिंह,राजबहादुर सिंह,रणजीत सिंह, विश्राम सिंह, स्वदेश कुमार सिंह, पंकज सिंह, राम प्रसाद यादव, श्याम बिहारी, प्रेम प्रताप विश्वकर्मा, संतोष श्रीवास्तव, रमेश चौबे आदि लोग उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता निवर्तमान अध्यक्ष सुधाकर मिश्र एडवोकेट व संचालन पूर्व अध्यक्ष दयाराम यादव एडवोकेट व निवर्तमान महामंत्री अतुल प्रताप सिंह एडवोकेट ने किया। अध्यक्ष विध्यवासिनी प्रसाद सिंह ने सबका आभार व्यक्त किया। वहीं अध्यक्षता कर रहे सुधाकर मिश्रा ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।

यूपी दिवस के अवसर पर गुरुधाम मंदिर परिसर में हुआ भव्य कार्यक्रम का आयोजन

HIGHLIGHTS

  • अभिलेख प्रदर्शनी, व्याख्यान, सम्मान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का हुआ आयोजन
  • कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया
  • अभिलेख प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश की संरचना को अभिलेखों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।

वाराणसी। सोमवार को संस्कृति विभाग उ० प्र० व क्षेत्रीय अभिलेखागार वाराणसी एवं जिला प्रशासन वाराणसी के संयुक्त तत्त्वावधान में आजादी का अमृत महोत्सव एवं चौरी चौरा शताब्दी समारोह के अंतर्गत उत्तर प्रदेश दिवस का आयोजन गुरुधाम मंदिर परिसर गुरुधाम में किया गया। इसके अंतर्गत अभिलेख प्रदर्शनी, व्याख्यान, सम्मान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पद्मश्री प्रो० सरोज चूड़ामणि गोपाल, श्री प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव ( प्रदेश महासचिव, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संगठन उत्तर प्रदेश), जिला पंचायत राज अधिकारी, वाराणसी राघवेंद्र द्विवेदी एवं डॉ० सुभाष चन्द्र यादव, प्रभारी क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र, वाराणसी के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं कारगिल युद्ध के शहीद के परिजनों का अंगवस्त्रम एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया गया।

कार्यक्रम में प्रो० सरोज चूड़ामणि गोपाल ने उत्तर प्रदेश दिवस मनाए जाने के औचित्य, महत्व पर विस्तार से अपने विचार रखे। वही लिटिल फ्लॉवर हाउस, नगवां के विद्यार्थियों ने देश भक्ति से ओत प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इसके अंतर्गत गणेश वंदना, वंदेमातरम का गायन एवं देश भक्ति गीतों की संगीतमय प्रस्तुति की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संयोजन भावना सिन्हा एवं सौरभ श्रीवास्तव ने किया। अतिथियों का स्वागत डॉ० सुभाष चंद्र यादव, धन्यवाद राघवेंद्र द्विवेदी एवं कार्यक्रम का संचालन डॉ० सुजीत कुमार चौबे ने किया।

इस अवसर पर आयोजित अभिलेख प्रदर्शनी में उत्तर प्रदेश की संरचना को अभिलेखों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। इस अभिलेख प्रदर्शनी में अंग्रेजों के आगमन के पश्चात से वर्तमान उत्तर प्रदेश की स्थापना तक के ऐतिहासिक यात्रा को अभिलेखों की जुबानी रखने का प्रयास किया गया है।

अभिलेख प्रदर्शनी मूलतः तीन भागों में विभाजित है।

प्रथम भाग में अंग्रेजों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों को समय समय पर अपने अधीन करने और प्रशासनिक नीति के अनुपालन में सीमाओं तथा राजधानी के परिवर्तन को मानचित्रों की सहायता से प्रस्तुत किया गया है।

द्वितीय भाग में प्रशासनिक संरचनाओं के विकास, एक सूत्र में बधने, आधारभूत संरचनाओं के विकास को विभिन्न अभिलेखों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।

तृतीय भाग में स्वतंत्रता उपरांत विभिन्न देशी राज्यों के भारत गणराज्य में विलय और उत्तर प्रदेश की स्थापना से संबंधित है।
इन तीनों भागों को ऐतिहासिक कालक्रम के अनुसार मिश्रित रूप में प्रस्तुत किया गया है।

कुछ महत्वपूर्ण अभिलेख-

  1. अवध में नवाब वज़ीर का शासन और अवध पर ब्रिटिश सेना का नियंत्रण
  2. हिंदी का न्यायालय की भाषा मे प्रयोग
  3. प्रान्त के नाम परिवर्तित किये जाने संबंधित अभिलेख
  4. लखनऊ स्थित विधान भवन बनाये जाने से संबंधित अभिलेख
  5. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का डॉ संपूर्णानंद को लिखा पत्र
  6. भारतीय देशी राज्यों के विलय से संबंधित दस्तावेज
  7. उत्तर प्रदेश राजभाषा अधिनियम

आयोजित अभिलेख प्रदर्शनी का संयोजन डॉ० हरेन्द्र नारायण द्वारा किया गया। इस अवसर पर सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी, वाराणसी राकेश यादव, अदिति गुलाटी, मनोरमा, प्रशांत राय, श्वेतेश उपाध्याय, डॉ० स्वतंत्र सिंह, वंदना गुप्ता, आनद पाल, बलराम, मनोज, प्रदीप, श्रीकृष्ण, पंच बहादुर सहित आदि लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए उपस्थित रहे।

विपक्ष पर PM मोदी का निशाना, कहा- पहले की सरकारों की गलतियों को डंके की चोट पर किया जा रहा ठीक

स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर इंडिया गेट पर उनकी होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने विपक्षियों पर जमकर निशाना साधा और पहले की सरकारों ने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को भुला दिया.
 

HIGHLIGHTS

  • पीएम मोदी ने नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा का किया अनावरण
  • पीएम मोदी बोले- हमारी सरकार ने आपदा प्रबंधन पर दिया जोर
  • पीएम मोदी बोले- पहले की सरकारों की गलती सुधारेगी सरकार

नई दिल्ली: नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर उनकी होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण करते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए रविवार को कहा कि आजादी के बाद देश की संस्कृति और संस्कारों के साथ ही अनेक महान व्यक्तित्वों के योगदान को मिटाने का काम किया गया लेकिन आज देश उन गलतियों को ठीक कर रहा है.

‘कोई ताकत भारत को नहीं रोक सकती’
स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर इंडिया गेट पर उनकी होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 में स्वतंत्रता के सौवें वर्ष से पहले दुनिया की कोई भी ताकत देश को ‘नए भारत’ के निर्माण के अपने लक्ष्य को हासिल करने से नहीं रोक सकती. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमें नेताजी बोस के ‘कैन डू’ और ‘विल डू’ की भावना से प्रेरणा लेते हुए आगे बढ़ना है.’

पहले की सरकारों की गलती सुधारेगी मोदी सरकार
पीएम मोदी ने कहा, ‘ये दुर्भाग्य रहा कि आजादी के बाद देश की संस्कृति और संस्कारों के साथ ही अनेक महान व्यक्तित्वों के योगदान को मिटाने का काम किया गया.’ उन्होंने कहा, ‘स्वाधीनता संग्राम में लाखों-लाख देशवासियों की तपस्या शामिल थी लेकिन उनके इतिहास को भी सीमित करने की कोशिशें हुईं. लेकिन अब आजादी के दशकों बाद देश उन गलतियों को डंके की चोट पर ठीक कर रहा है.’

7 लोगों को दिए गए पुरस्कार
प्रधानमंत्री ने अलंकरण समारोह में वर्ष 2019, 2020, 2021 और 2022 के लिए ‘सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार’ भी प्रदान किए. समारोह के दौरान कुल 7 पुरस्कार प्रदान किए गए. केंद्र सरकार ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भारत में लोगों और संगठनों के अमूल्य योगदान और निस्वार्थ सेवा को पहचान देने और सम्मानित करने के लिए वार्षिक पुरस्कार की शुरुआत की है.

‘मोदी सरकार ने आपदा प्रबंधन पर दिया जोर’
मोदी ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने आपदा प्रबंधन को प्राथमिकता दी है. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘हमने राहत, बचाव और पुनर्वास पर जोर देने के साथ सुधार पर भी बल दिया है. हमने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) को मजबूत किया, उसका आधुनिकीकरण किया, देश भर में उसका विस्तार किया. अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से लेकर योजना और प्रबंधन तक, सर्वश्रेष्ठ तौर तरीकों को अपनाया गया.’

होलोग्राम प्रतिमा का किया अनावरण
अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा, ‘जिन्होंने भारत की धरती पर पहली आजाद सरकार को स्थापित किया था, हमारे उन नेताजी की भव्य प्रतिमा आज डिजिटल स्वरूप में इंडिया गेट के समीप स्थापित हो रही है. जल्द ही इस होलोग्राम प्रतिमा के स्थान पर ग्रेनाइट की विशाल प्रतिमा भी लगेगी.’ उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा लोकतांत्रिक संस्थाओं, वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को उनके कर्तव्यों की याद दिलाएगी और उन्हें प्रेरित करेगी.

कुछ ऐसी है नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा
होलोग्राम प्रतिमा को 30,000 लुमेन 4K प्रोजेक्टर द्वारा संचालित किया जाएगा. एक अदृश्य 90% पारदर्शी होलोग्राफिक स्क्रीन इस तरह से लगाई गई है कि यह आगंतुकों को दिखाई नहीं देती. सरकार ने कहा है कि होलोग्राम का प्रभाव पैदा करने के लिए उस पर नेताजी की थ्रीडी तस्वीर लगाई जाएगी. इस प्रतिमा का आकार 28 फुट ऊंचा और 6 फुट चौड़ा है.

पीएम मोदी ने इंडिया गेट पर नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा का किया अनावरण, बोले- ये आजादी के महानायक को राष्ट्र की श्रद्धांजलि

PM Modi Unveiled Hologram Statue of Netaji: पीएम मोदी ने इंडिया गेट पर बोस की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण किया. सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 में हुआ था.


दिल्ली। पीएम मोदी (PM Modi) ने इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण किया. सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 में हुआ था. पीएम मोदी ने प्रतिमा के अनावरण के बाद कहा कि भारत मां के वीर सपूत नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर पूरे देश की तरफ से मैं आज उन्हें कोटि-कोटि नमन करता हूं. ये दिन ऐतिहासिक है, ये कालखंड भी ऐतिहासिक है. ये स्थान जहां हम सब मौजूद हैं, ये भी ऐतिहासिक है. पीएम मोदी ने कहा कि नेशनल वॉर मेमोरियल भी यहां से पास है. उन्होंने कहा कि आज हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं. इस मौके पर हम नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजिल दे रहे हैं.


पीएम मोदी ने कहा कि नेताजी, जिन्होंने हमें स्वाधीन और समप्रभु भारत का विश्वास दिलाया था, पिछले साल से पराक्रम दिवस मनाना किया शुरू

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले साल देश ने नेताजी की जयंती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाना शुरू किया है. आज इस अवसर पर सुभाष चंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार भी दिए गए हैं. नेताजी के जीवन से प्रेरणा लेकर ही इन पुरस्कारों को देने की घोषणा की गई थी. पीएम मोदी ने कहा कि हमने Relief, Rescue और Rehabilitation पर जोर देने के साथ ही Reform पर भी बल दिया है. हमने NDRF को मजबूत किया, उसका आधुनिकीकरण किया, देश भर में उसका विस्तार किया. टेक्नोलॉजी से लेकर प्लानिंग और मैनेजमेंट तक, best possible practices को अपनाया गया.

डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए Joint ड्रिल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले पहले एक-एक साइक्लोन में सैकड़ों लोगों की मृत्यु हो जाती थी, लेकिन पिछले दिनों आए साइक्लोन में ऐसा नहीं हुआ. देश ने हर चुनौती का जवाब एक नई ताकत से दिया. इन आपदाओं में हम ज्यादा से ज्यादा जीवन बचाने में सफल रहे. जिन क्षेत्रों में भूकंप, बाढ़ या साइक्लोन का खतरा ज्यादा रहता है, वहां पर पीएम आवास योजना के तहत बन रहे घरों में भी आपदा प्रबंधन का ध्यान रखा जाता है. उत्तराखंड में चारधाम महा परियोजना में भी आपदा प्रबंधन का ध्यान रखा गया है. दुनिया के अलग-अलग देशों के बीच में, सेनाओं के बीच में हमने Joint Military Exercise बहुत देखी है, लेकिन भारत ने पहली बार डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए Joint ड्रिल की परंपरा शुरू की है.

नेताजी को देश पर विश्वास था

पीएम मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो नए एक्सप्रेस वे बन रहे हैं, उनमें भी आपदा प्रबंधन से जुड़ी बारीकियों को प्राथमिकता दी गई है. आपात स्थिति में ये एक्सप्रेस वे विमान उतरने के काम आ सकें, इसका भी प्रावधान किया गया है. हमारे सामने आज़ादी के सौंवे साल से पहले नए भारत के निर्माण का लक्ष्य है नेताजी को देश पर विश्वास था, उनके ही भावों के कारण मैं कह सकता हूं कि दुनिया की कोई भी ताकत नहीं है जो भारत को इस लक्ष्य तक पहुंचने से रोक सके. आज़ादी के अमृत महोत्सव का संकल्प है कि भारत अपनी पहचान और प्रेरणाओं को पुनर्जीवित करेगा.

देश गलतियों को डंके की चोट पर सुधार रहा

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये दुर्भाग्य रहा कि आजादी के बाद देश की संस्कृति और संस्कारों के साथ ही अनेक महान व्यक्तित्वों के योगदान को मिटाने का काम किया गया. स्वाधीनता संग्राम में लाखों-लाख देशवासियों की तपस्या शामिल थी, लेकिन उनके इतिहास को भी सीमित करने की कोशिशें हुईं. लेकिन आज आजादी के दशकों बाद देश उन गलतियों को डंके की चोट पर सुधार रहा है, ठीक कर रहा है. ये मेरा सौभाग्य है कि पिछले वर्ष, आज के ही दिन मुझे कोलकाता में नेताजी के पैतृक आवास भी जाने का अवसर मिला था. जिस कार से वो कोलकाता से निकले थे, जिस कमरे में बैठकर वो पढ़ते थे, उनके घर की सीढ़ियां, उनके घर की दीवारें, उनके दर्शन करना, वो अनुभव, शब्दों से परे है.

नेताजी की स्पिरिट से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना है

पीएम मोदी ये भी बोले कि मैं 21 अक्टूबर 2018 का वो दिन भी नहीं भूल सकता जब आजाद हिंद सरकार के 75 वर्ष हुए थे. लाल किले में हुए विशेष समारोह में मैंने आजाद हिंद फौज की कैप पहनकर तिरंगा फहराया था. वो पल अद्भुत है, अविस्मरणीय है. नेताजी सुभाष कुछ ठान लेते थे तो फिर उन्हें कोई ताकत रोक नहीं पाती थी. हमें नेताजी सुभाष की ‘Can Do, Will Do’ स्पिरिट से प्रेरणा लेते हुए आगे बढ़ना है.

नेताजी सुभाष चंद्र बोस का संबंध पूर्वर्ती जनपद मिर्जापुर से रहा है : दीपक कुमार केसरवानी

सोनभद्र। आजाद हिंद फौज के संस्थापक, सुप्रसिद्ध क्रांतिकारी, क्रांति दृष्टा, ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध संपूर्ण विश्व की मदद से आजाद हिंद फौज का गठन करने वाले, तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा, दिल्ली चलो जैसे क्रांतिकारी नारों से संपूर्ण देश में क्रांति की ज्वाला जगाने वाले क्रांतिकारी नेता सुभाष चंद्र बोस का संबंध पूर्ववर्ती जनपद मिर्जापुर से रहा है। उपरोक्त विचार जनपद के सदर ब्लॉक की ऊँचडीह ग्राम पंचायत में नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की 125 वीं जयंती अवसर पर आयोजित संगोष्ठी मे विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के निदेशक/ इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी ने व्यक्त किया।

नेताजी के व्यक्तित्व कृतित्व पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि-” सन 1940 में जब संपूर्ण देश पर ब्रिटिश हुक्मरानों द्वारा स्वाधीनता आंदोलन को हथियारों के बल पर बुरी तरह कुचला जा रहा था और देश की राजनीति संप्रदायिकता में तब्दील हो चुकी थी, हिंदू- मुसलमान एक दूसरे के खून के प्यासे हो चुके थे, ऐसी स्थिति में देश सांप्रदायिक दौर से गुजर रहा था भारतीय समाज और भारतीय नेताओं में निराशा के बादल छाए हुए थे तब नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने निर्णय लिया कि हमें संपूर्ण देशवासियों में स्वतंत्रता के प्रति जन- जागरूकता फैलाना चाहिए और इसके लिए व्यापक अभियान चलाना चाहिए। इसी वर्ष मिर्जापुर कांग्रेस कमेटी का चुनाव हुआ जिसमें सोनभद्र जनपद के प्ररासी दुबे के क्रांतिकारी, देशभक्त, नेता पंडित महादेव प्रसाद चौबे को जिला अध्यक्ष चुना गया। नवनियुक्त अध्यक्ष के नेतृत्व में मिर्जापुर जनपद के आदिवासी, आदिवासी, बनवासी, जंगली इलाकों में निवास करने वाले रहवासियों एवं जनपद के सभी तहसीलो के निवासियों में देश के स्वतंत्रता के प्रति जन- जागरूकता जगाने के उद्देश्य से मिर्जापुर जनपद का पांचवा राजनीतिक सम्मेलन लालगंज में 7 और 8 मार्च मनाए जाने का निर्णय लिया गया।

निर्धारित तिथि पर पंडित महादेव की अध्यक्षता नेताजी सुभाष चंद्र बोस के मुख्य अतिथि, जेड अहमद, रफी अहमद के विशिष्ट आतिथ्य, युसूफ इमाम बैरिस्टर, बद्री प्रसाद आजाद के
संयोजकत्त्व में आयोजित राजनैतिक सम्मेलन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने उपस्थित जनमानस का क्रांतिकारी आवाहन करते हुए कहा कि- देश को अंग्रेजी दासता से मुक्ति के लिए समाज के हर वर्ग को अंग्रेजों से लोहा लेने के लिए आगे आना पड़ेगा तभी हम आजाद होंगे, अनेक क्रांतिकारी विचारों को नेता जी ने लगभग 2 घंटे तक जनमानस के समक्ष रखा। इसका परिणाम यह हुआ कि सन 1940 के बाद अविभाजित मिर्जापुर जनपद के दुद्धी, रॉबर्ट्सगंज, चुनार, सदर तहसील में निवास करने वाले देशभक्तों, क्रांतिकारियों के मन- मस्तिष्क पर गहरा प्रभाव पड़ा और नौजवान सर पर कफन बांध कर निकल पड़े माता को अंग्रेजी दासता की हथकड़ियों बेड़ियों को तोड़ने के लिए, इसका सुखद परिणाम यह रहा कि 15 अगस्त 1947 को देशभक्तों, वीरो, क्रांतिकारियों के बलिदान स्वरूप हमें आजादी प्राप्त हुई।

सोन साहित्य संगम के निदेशक, वरिष्ठ पत्रकार मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी की सदारत में मुख्यातिथि, संत कीनाराम पीजी कालेज के प्राचार्य डॉ० गोपाल सिंह ने वर्तमान परिवेश में सुभाष चंद की प्रासंगिकता की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत की। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार विजय शंकर चतुर्वेदी ने कंबल भेंट , पुस्तक के लोकार्पण समेत जयंती के आयोजन के अवसर पर ग्रामीण क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण बताते हुए आयोजक
ओम प्रकाश त्रिपाठी उनके पुत्र राकेश त्रिपाठी (शिशु जी), राजीव त्रिपाठी और अनुपम त्रिपाठी को रचनात्मक कार्य के लिए साधुवाद दिया। प्रसिद्ध इंजीनियर एवं कृषि वैज्ञानिक डॉ जय नारायण तिवारी ने सुभाष चन्द्र बोस के बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया ।

सोन साहित्य संगम के संयोजक एवं बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के अनुशासन समिति सदस्य
राकेश शरण मिश्र,कम्पोजिट विद्यालय अंग्रेजी मीडियम के प्रधानाध्यापक आनंद प्रकाश त्रिपाठी ने भी सम्बोधित किया। शिक्षाविद समय नाथ त्रिपाठी ,माता अन्नपूर्णा देवी स्मृति सेवा संस्थान उत्तर प्रदेश के निदेशक किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य व राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सेवानिवृत्त शिक्षक डॉ० ओमप्रकाश त्रिपाठी ने विषय प्रवर्तन और आभार प्रदर्शन में अपने मनोगत भाव व्यक्त करते हुए ‘संगिनी’ पुस्तक की पृष्ठभूमि साझा कर सभी को द्रवित कर दिया ।

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स्वागत भाषण राकेश त्रिपाठी ने दिया । आयोजन का संचालन पत्रकार भोलानाथ मिश्र ने किया ।
इस अवसर पर हर साल की भांति इस वर्ष भी ओमप्रकाश त्रिपाठी की ओर से ग्राम देवताओं को कंबल , शाल , मफलर भेंट किया गया । इसके पूर्व अतिथियों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस एवं मां सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि और दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
वीणा वादिनी की आराधना कवि सरोज सिंह ने की। इस मौके पर ग्राम प्रधान अर्चना त्रिपाठी, गोपाल त्रिपाठी, पूर्व सैनिक सुदर्शन पांडेय समेत सैकड़ों ग्रामवासी मौजूद रहे।

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चुनाव में आम जनमानस के हित से जुड़े सरोकार को प्राथमिकता : दीपक पंडित

राम अनुज धर द्विवेदी

सोनभद्र। प्रदेश में चुनाव की घोषणा के बाद जनपद में भी राजनीतिक सरोकार बढ़ने लगी है। जब जनप्रतिनिधि जन समस्याओं को उचित ढंग से सरकार तक न पहुचाये, और जनता की पीड़ा से अवगत ना कराए तो ऐसे में टीम 50 का यह कर्तव्य बन जाता है कि हम उन्ही को चुने जो हमारी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए सतत प्रयत्नशील रहे। एक भेट वार्ता में युवा विचारक व टीम 50 के सक्रिय सदस्य दीपक पंडित ने अपने विचार कुछ इस तरह से व्यक्त किया और कहा कि हमारे सोनभद्र के प्रतिनिधि आमजन से जुड़े सरोकार को प्राथमिकता जनाकांक्षाओं वाली विन्दुओं पर अमल कराए। और आगे कहे कि
यहां की फण्ड का व्यय पारदर्शिता के रूप में हो, इसकी मानिटरिंग में जनप्रतिनिधियों के अलावा सामान्य नागरिकों को भी सम्मलित किया जाए।नागरिक चार्टर के रूप में समय समय पर इसे प्रकाशित किया जाए।सभी उद्योगों मे 50 प्रतिशत स्थानीय योग्य युवाओ को रोजगार दिया जाय।

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स्थानीय खनन और परिवहन व्यवसाय में पूर्ण रूप से स्थानीय लोगो को ही संचालन की अनुमति मिले किसी भी ठीकेदारी में स्थानीय लोगो को ही प्राथमिकता मिले।स्थानीय स्तर पर घर बनाने या निजी कार्य मे उपयोग में आने वाले गिट्टी बालू को खनन और परिवहन से सभी प्रकार के परमिट और टैक्स से मुक्त हो।चिकित्सा व्यवस्था सुदृढ़ हो। आवश्यकता पर स्थानीय निवासी को किसी प्राइवेट अस्पताल में इलाज की जरूरत हो तो उसका खर्च सरकारी फण्ड से हो।

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युवाओ में खेल, और सांस्कृतिक उत्थान के लिए जनपद में अलग से व्यवस्था हो।ड्राइविंग की ट्रेनिंग और लाइसेन्स के लिए समय समय पर शिविर लगाया जाए। पर्यटन में नए रोजगार का सृजन किया जाए।हर दूसरे तीसरे कस्बा को जोड़ने के लिए सिटी बस चलाया जाए।कैम्प लगाकर लोगो के जमीन और मकान का मालिकाना हक दिया जाए।रोजगार के लिए आवश्यकता पड़ने पर जंगल के अनुपयुक्त जमीन को लीज पर दिया जाए ताकि लोग रोजगार कर सके।
चूंकि यही के संसाधन से बिजली बनती है अतः स्थानीय लोगो को मुफ्त बिजली दिया जाए।हर व्यक्ति को शुद्ध पेयजल मिले यह सुनिश्चित किया जाए।निजी विद्यालयों /कान्वेंट स्कूलों में 25 प्रतिशत तक नामांकन आर्थिक रूप से कमजोर स्थानीय निवासी के बच्चों का होना सुनिश्चित हो।स्थानीय उपज को मंडी तक पहुँचाने के लिए निशुल्क व्यवस्था हो।टमाटर ,मिर्च जैसे अन्य उपज को पैकेजिंग और मार्केटिंग के लिए एक संस्थान का निर्माण हो, साथ ही किसानों को प्रशिक्षण दिया जाए
पैकेजिंग फ़ूड प्रोडक्ट की संभावना जनपद में अधिक है, ऐसे में आचार, मुरब्बा, ड्राईफ्रूट, हर्बल औषधि , आदि से सम्बंधित कार्यशाला खोलकर प्रशिक्षण और व्यवसाय की व्यवस्था हो। कोल्डस्टोरेज की पर्याप्त व्यवस्था हो ,बांस से सम्बंधित हस्तशिल्प कला का विकास किया जाये।इस तरह के कार्यक्रमों की सोनभद्र को जरूरत है।जो जन प्रतिनिधि इस पर विचार करें ,वह अच्छा जनप्रतिनिधि साबित होगा।

जिलाधिकारी सोनभद्र को पत्र लिखकर चोपन ब्लाक में अनियमितता की जांचकर कार्यवाही कराने की किया मांग : सुनील कुमार त्रिपाठी

राम अनुज धर द्विवेदी

सोनभद्र। चोपन ब्लाक में खण्डविकास अधिकारी कार्यालय में विकास कार्यों के धन क्षेत्र पंचायत द्वारा संचालित विधान मंडल विकास क्षेत्र निधि विधायक, सांसद निधि, 14 वा 15 वित्त व राज वित्त में जमकर भ्रष्टाचार एवं बन्दरबांट किया जा रहा है जिसकी सूचना सुनील तिवारी द्वारा समय समय पर दिया गया । खण्डविकास अधिकारी उक्त द्वारा तमाम अलग-अलग तिथियों को “5” निविदाएं नियम विरुद्ध एवं भ्रामक निकलवा दी गयी विकास खंड चोपन मे अब तक करीब 4 करोड़ का टेंडर कराया गया परंतु कराये जा रहे टेंडर प्रक्रिया में कही भी प्राक्कलन का जिक्र तक नहीं है कि कौन सा काम कितने रुपये का है श्रम और सामग्री कितने का है कुछ भी पता नही है और तो और टेंडर में ठेकेदारो द्वारा कितने रुपये का एफ.डी.आर. देना है टेंडर में उसका भी कही उल्लेख नही है जो सरासर गलत एवं नियम बिरुद्ध है।

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साथ ही खण्डविकास अधिकारी उक्त द्वारा नियम को ताख पर रखते हुए अपने सरकारी आवास को भी ध्वस्त करा दिए और बिना टेंडर निकाले ही उस आवास का निर्माण कार्य भी प्रारंभ करा दिए जिसकी सूचना भी प्रार्थी द्वारा 18-10-2021 व दिनांक 23-10-2021 को दो अलग अलग तिथियों को जिलाधिकारी कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर अपने शिकायती पत्र के माध्यम से व मुख्य विकास अधिकारी सोनभद्र आयुक्त विंध्याचल मण्डल मिर्जापुर आयुक्त ग्रामविकास को रजिस्टर्ड डाक द्वारा अवगत भी करा चुका है। परन्तु चार माह का समय व्यतीत हो जाने के बाद भी न तो जांचे ही कराई गई न तो खण्डविकास अधिकारी चोपन के मनमाने रवैया पर अंकुश ही लगवाया गया।
गौर करने वाला प्रश्न यह है कि प्रार्थी के पत्र का सज्ञान लेते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी महोदय द्वारा अपने पत्रांक संख्या 672/ डीडीओ सोनभद्र को जांच के लिए अंतरित भी कर दिया गया परन्तु उसी दिन जिलाधिकारी महोदय का गैर जनपद स्थानांतरण हो जाने के कारण खण्डविकास अधिकारी उक्त द्वारा जांच को दबवा दिया गया और मेरे ऊपर कुछ लोगो द्वारा दबाव भी बनवाया जाने लगाऔर फर्जी मुकदमों में भी फ़साने की धमकी दी जा रही है
महोदय आपका पत्रांक 672/ डीडीओ को जांच के लिए दिया भी गया परन्तु डीडीओ के द्वारा कोई कार्यवाही नही की गई जिसपर प्रार्थी द्वारा दिनांक 25/10/2021 को सूचना अधिकार के तहत जिलाविकास अधिकारी से आपके पत्रांक 672 पर सूचना मांगा की आपके द्वारा क्या कार्यवाही की गई जिसके जबाब जिलाविकास अधिकारी द्वारा लगभग ढाई महीने बाद जिलाविकास अधिकारी का पत्रांक 1740/शिकायत 2021-22 दिनांक 21/12/2021 को यह सूचना उपलब्ध कराई गई कि मैं बीमार हूं।
महोदय जो एकदम हास्यास्पद एवं आपत्तिजनक है महोदय व्यक्ति बीमार हो सकता हैं कुर्शिया और कलम बीमार नही होती अगर कलम और कुर्शिया बीमार होती रहती तो 70 वर्षों से तमाम परियोजनाए एवं सरकारी कार्य अभी भी अधर में ही लटके होते महोदय जिलाविकास अधिकारी के द्वारा जांच में अनावश्यक बहाने बाजी कर खण्डविकास अधिकारी चोपन को कही न कही बचाने का पूर्ण प्रयास कर मौका प्रदान किये जाने के उद्देश्य से भी जाँच को अनावश्यक 5 महीने तक अधर में लटकाया गया ताकि खण्डविकास अधिकारी चोपन बचने का रास्ता ढूढ़ सकें।
खण्डविकास अधिकारी चोपन के मनमानी की बानगी निम्नवत है।
1- खण्डविकास अधिकारी द्वारा कराये गए भुगतान पर कोई भी जीएसटी जमा नही कराई गई।
2- ठेकेदारों के रजिस्ट्रेशन में लगे अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी है।
3- खुलेआम 50% कमीशन की कार्यो के जांच से कार्य की गुडवत्ता द्वारा ही पता लग जायेगा।
4- सरकारी आवास ध्वस्तीकरण के बाद बार-बार रँगाई पोताई की निविदाएं निकालना जबकी तमाम खण्डविकास अधिकारियों द्वारा समय-समय पर आवास मरम्मत पर भारी धनराशि खर्च की जा चुकी हैं और वित्तीय वर्ष 2020-21 में लगभग 4 लाख रुपए खर्च कर उक्त आवास की मरम्मत व रँगाई पोताई कराई जा चुकी है। और और पिछले वर्ष में लगभग तीन लाख का भुगतान भी कराया जा चुका है।
5- सपथ ग्रहण के पूर्व ब्लाक प्रमुख आवास की रँगाई पोताई होने के बावजूद ब्लाक प्रमुख आवास की रँगाई पोताई की निविदाएं निकालना पूर्व की फोटोग्राप्स भी मौजूद।
6- बिना स्थलीय निरीक्षक एवं भौतिक सत्यापन के ही परियोजनाओ पर भुगतान कर देना।
7- खण्डविकास अधिकारी आवास के ध्वस्तीकरण के बाद निकले “रा” मैटीरियल ईट, व छड़ द्वारा पुनः उसी आवास का निर्माण कराकर भारी सरकारी धन को हड़पने का प्रयास करना।
8- पूर्व किसी भी खण्डविकास अधिकारीयो द्वारा आवास ध्वस्तीकरण को लेकर अपने उच्चाधिकारियों को एक भी पत्राचार नही किया गया है।
9-क्षेत्र पंचायत में पहली बार ठेकेदारी प्रथा लागू कर दी गयी जिसमें खण्डविकास अधिकारी चोपन द्वारा अपने चुंनिन्दा चहेतों को व्यक्तिगत लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से नियम कायदे को जेब मे रखते हुए कूटरचित तरीके से प्रमाण पत्रों को लगवाकर पंजीयन भी करा दिया गया।

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10-क्षेत्र पंचायत के विकास के कार्यों में प्रयुक्त होने वाली सामग्री को पत्थर, गिट्टी, बालू ,को लगवा कर फर्जी एम एम 11व परमिट लगाकर ठेकेदारों व फर्मो को व्यकिगत लाभ पहुचाते हुए सरकारी धन का बन्दरबांट किया गया जिसे टेक्निकल जांच से व स्थानीय ग्रामीणों से सत्यापन किया जा सकता है।
10- खण्डविकास अधिकारी द्वारा सुनियोजित तरीके से निकाली गई निविदा/ विज्ञप्तियों में इस बात का खास ध्यान रखा गया कि कोई भी परियोजना 10 लाख को पार न कर सकें परियोजना को 10 लाख पार करने पर ई टेंडरिंग करनी पड़ती इस उद्देश्य को ध्यान रखते हुए मैन्युअल टेंडर कराया गया कि परियोजना 10 लाख के अंदर सीमित रहें। इनके इस कार गुजारी के चलते कोई भी परियोजना अपने अमुक स्थान से अमुक स्थान को पूर्ण ही नहीं करती।

11-विधान मंडल विकास क्षेत्र निधि, विधायक सांसद निधि समेत उपरोक्त सभी वित्त में श्रमिकों के मजदूरी भुगतान में भी भारी पैमाने पर भ्रष्टाचार को कराया गया है।जिसकी सोशल आडिट कराया जाना जनहित में जरूरी हैं।साथ ही उक्त समस्त प्रकरण पर गम्भीरता से विचार करते हुए उच्च कमेटी का गठन कराकर जांच कराकर खण्डविकास अधिकारी के मनमाने रवैया पर अंकुश लग सके व सरकारी धन के बन्दर बाट से बचा जा सकें।

बार काउंसिल देगा यूपी के 849 अधिवक्ताओं को राहत धनराशि

HIGHLIGHTS

  • कोरेना पीड़ित एवं गम्भीर बीमारी से ग्रसित अधिवक्ता होंगे पात्र
  • यूपी बार काउंसिल प्रयागराज कार्यालय में हुई बैठक में मिली स्वीकृति

राजेश पाठक

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश के कोरेना पीड़ित एवं गम्भीर बीमारी से ग्रसित 849 अधिवक्ताओं को शीघ्र ही बार काउंसिल सहायता धनराशि मुहैया कराएगा। इसके लिए यूपी बार काउंसिल कार्यालय प्रयागराज में शनिवार को हुई बैठक में स्वीकृति मिली है। जिससे एकबार फिर से पीड़ित अधिवक्ताओं में उम्मीद जगी है।
बता दें कि बार काउंसिल उत्तर प्रदेश प्रयागराज कार्यालय में शनिवार को अखिल भारतीय बार काउंसिल अधिवक्ता कल्याणकारी समिति (नियम-40) की बैठक में प्रदेश बार काउंसिल में बार काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रतिनिधि सदस्य एवं नियम-40 समिति के पदेन अध्यक्ष श्रीनाथ त्रिपाठी की अध्यक्षता में संम्पन्न हुई।

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जिसमें नियम-40 समिति के सदस्य क्रमशः योगेंद्र स्वरूप ( कानपुर नगर) व अखिलेश कुमार अवस्थी (लखनऊ) उपस्थित रहे। समिति की बैठक में सबसे पहले 28 नवंबर 2020 की बैठक में स्वीकृत 287 कोरेना पीड़ित अधिवक्ताओं एवं 17 जनवरी 2021 की बैठक में स्वीकृत 290 कोरेना पीड़ित अधिवक्ताओं के सहायता राशि के भुगतान के लिए कार्यालय को निर्देशित किया गया।

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इसके अलावा 22 जनवरी 2022 की हुई बैठक में स्वीकृत 272 कोरेना पीड़ित एवं गम्भीर बीमारी से पीड़ित अधिवक्ताओं के सहायता राशि के भुगतान के लिए स्वीकृति प्रदान की गई। को-चेयरमैन बार काउंसिल ऑफ इंडिया श्रीनाथ त्रिपाठी ने बताया कि उक्त बैठक में बार काउंसिल उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष राकेश पाठक भी मौजूद रहे।

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