साढ़े चार वर्ष पूरे होने पर घोरावल विधायक ने गिनाई उपलब्धियां

राम अनुज धर दिवेदी (संवाददाता)

घोरावल, सोनभद्र। साढ़े चार वर्ष पूरे होने पर विधायक डॉo अनिल कुमार मौर्या ने अपने आवास भगवास स्थित कार्यालय पर गुरुवार को एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया।
वार्ता के दौरान उन्होंने ने साढ़े चार वर्ष में कराये गए कार्यो को गिनाते हुए बताया कि शिक्षा, बिजली,पानी, आवास और सड़क के क्षेत्र में काफी कार्य कराए गए हैं। जिसमें गांवों को मुख्य धारा में जोड़ने के लिए सड़कों का निर्माण कराया गया। अब गांवों को पर्याप्त बिजली मिल रही है। पेयजल को लेकर हर घर नल योजना के तहत पेयजल आपूर्ति के क्षेत्र में कार्य किया जा रहा है। तथा शिक्षा क्षेत्र में विद्यालयों के कायाकल्प का कार्य किया है। उन्होंने आगे कहा कि पहले परिषदीय विद्यालय जीर्ण शीर्ण अवस्था में हुआ करते थे। लेकिन आज उनके मुकाबले कोई नही एडमिशन के लिए लोगों को सोर्स लगाना पड़ रहा है।

उन्होने कहा कि पूरे विधान सभा में कोल आदिवासी विरादरी के लिए 3500 के लगभग आवासों को बनवाया जाना है। जिसके लिए प्रक्रिया पूर्ण कर ली गयी है। इसी तरह अन्य लोगो को भी आवास दिलाने का कार्य किया जा रहा है। पूर्व की सरकार ने कई योजनाओं का शिलान्यास किया लेकिन पूर्ण योगी सरकार ने कराया है। जबकि भाजपा सरकार ने जनहित के कार्यो को कभी अनदेखी नही की है।विधान सभा मे 6500 लोगों ने आयुष्मान कार्ड का फायदा पाया है। मेडिकल कालेज के बन जाने के बाद कई राज्यों के छात्रों को इसका लाभ मिलेगा। तिलहर गांव में 265 घरों में सोलर लगाकर बिजली का विकल्प पूर्ण किया गया है। जिसमें सरकार ने प्रवासियों को घर वापसी की व्यवस्था के अलावा उनके जीवको पार्जन के क्षेत्र में काफी कार्य किया है।जिसमें जल्द सभी को संचालित करने पर काम चल रहा है। इस अवसर पर अमरनाथ पटेल, कैलाश सिंह, अरुण पांडेय, सुरेंद्र मौर्य, सुनील चौबे त्रिलोकी सिंह, कृष्णा पटेल सहित आदि मौजूद रहे।

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर को किया याद

सोन साहित्य संगम ने जनवादी कवि ‘दिनकर’ की मनाई जयंती।

कार्यक्रम में कवियों ने एक से बढ़कर एक सुनाई रचनाएं।

मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी

सोनभद्र। राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की जयंती पर सोनांचल की सुपरिचित साहित्यिक संस्था ‘सोन साहित्य संगम’ से जुड़े कवियों ने उनकी कालजई रचनाओं को देश, काल और समाज के लिए उपयोगी बताते हुए उनकी रचनाओं के साथ ही उन्हें याद किया। संस्था के संरक्षक एवं किशोर न्याय बोर्ड के सम्मानित सदस्य पंडित ओम प्रकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता एवं संस्था के उपनिदेशक सुशील कुमार ‘राही’ के मुख्य आतिथ्य में आयोजित जयंती समारोह में विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के निदेशक /वरिष्ठ साहित्यकार दीपक कुमार केसरवानी ने प्रख्यात जनवादी कवि रामधारी सिंह दिनकर के साहित्यिक यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि-दिनकर जी की साहित्यिक रचनाएं देशभक्ति पूर्ण हुआ करती थी, उनकी कविता-

कलम आज उनकी जय बोल, जला अस्थियां बारी बारी।
जिसने छिटकाई चिंगारी,
चढ गए पुण्य वेदी पर।
बिना लिए गर्दन का मोल,
कलम आज उनकी जय बोल।

देशभक्ति पर आधारित इस कविता ने नौजवानों को देश पर मर मिटने के लिए तत्पर कर दिया। परिणाम स्वरुप स्वाधीनता की लड़ाई में अनेकों क्रांतिकारी, देशभक्त कूद पड़े अंग्रेजों से मोर्चा लेने के लिए।

गीतकार अमरनाथ अजेय, दिवाकर द्विवेदी ‘मेंघ’ , सरोज सिंह, क्रांतिकारी कवि प्रदुम्न त्रिपाठी, धर्मेश चौहान, दयानंद दयालु और विकास वर्मा ने एक से बढ़कर एक रचनाएं सुनाकर लोगों को तालियां बजाने के लिए मजबूर कर दिया। अध्यक्षता कर रहे पंडित ओम प्रकाश त्रिपाठी एवं मुख्य अतिथि सुशील कुमार ‘राही‘ ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की रचनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला डालते हुए कहा कि दिनकर जी की रचनाएं भारतीय संस्कृति और समाजोत्थान के लिए लिखी गई जो आज भी प्रासंगिक हैं। संचालन संस्था के संयोजक कवि राकेश शरण मिश्र ने किया।
इसके पूर्व मां सरस्वती एवं रामधारी सिंह दिनकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उपस्थित कवियों ने उन्हें शत-शत नमन किया । मौसम के विपरीत परिस्थितियों में भी देर रात तक चली जयंती समारोह में साहित्य में अभिरुचि रखने वाले दर्जनों कविता प्रेमी मौजूद रहे।

अतीत के आईने में, ऐतिहासिक साबित हुआ था सोन साहित्य संगम का आंचलिक कवि सम्मेलन

अधरों में प्यास लिए दौड़ रहे कूप- कूप—‘मधु गोरखपुरी’

सोनभद्र। ‘अधरों पे प्यास लिए दौड़ रहे कूप- कूप ..,
हाय ये ! प्रचंड धूप ! हाय ये प्रचंड धूप ‘ !
वरिष्ठ पत्रकार एवं सोन साहित्य संगम के निदेशक मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी ‘मधुर गोरखपुरी’ की यह कालजयी रचना एक दर्शन है, यथार्थ हैं, अनुभव है और प्रयोग है जो कवि की यथार्थ अल्फ़ाज़ बनकर ढल गए लगते हैं । यह आदिवासियों एवं श्रमिकों की हकीकत है। साथ ही सत्ता को आगाह करने की आवाज़ भी है। जब
विपक्ष कमजोर हो, दिशाहीन हो,विखरा हुआ हो और
दिग्भर्मित हो कर किंकर्तव्यविमूढ़ की अवस्था मे हो तथा सत्ता पक्ष अपनी
रचनात्मकता भूल रहा हो, ऐसे में कवि की
जिम्मेदारी, पत्रकार का दायित्व और साहित्यकार
का चिन्तन ही विपक्ष की भूमिका में आ जाता है । तब साहित्यकार को ही ज़िम्मेदारी का निर्वहन करना पड़ता है।


पत्रकारों को जनता के प्रति जबाब देह माना जाता है । बताते चलें कि राष्ट्र कवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ सत्ता में रहते हुए विपक्ष की चूक को पूरा करते थे ।
यही काम जनपद के सुकृत परिक्षेत्र स्थित प्रकृति की गोद में आयोजित एक आंचलिक कवि सम्मेलन में शामिल सभी रचनाकारों की
रचनाएँ आम जन के हित के लिए उठाई गई ऐसी आवाज
थी, जिससे हुक्मरानों के बंद कान , मूंदी पलकें उघड़ जाय। सभी कवियों , रचना धर्मियों का आयोजक समाजसेवी व साहित्यकार इकबाल अहमद द्वारा भव्य अभिनंदन, जो एकात्मता का अदभुत आयोजन सिद्ध हुआ था । उस समय के आयोजक साहित्यकार तत्कालीन ग्राम प्रधान इकबाल अहमद तो परस्पर प्रेम और सौहार्द के उदाहरण बन गए थे । उनकी
सरस्वती वन्दन और नवरात्र पर रचना यह साबित कर दी थी कि सोनभद्र जिले में ‘चेहरे नहीं इन्शान पढ़े जाते हैं, मज़हब नहीं ईमान पढ़े जाते हैं, यह भी वो जनपद
है, जहाँ गीता और कुरान एक साथ पढ़े जाते हैं’। पत्रकार भाई नसीम जी की गंगा जमुनी तहजीब जनपद में
एक मील के पत्थर की तरह साबित हुई थी । एकात्मता की बुनियाद भर कर साहित्यकारों ने जो महफ़िल सजाई थी, वो एकता की अदभुत मिसाल बन गई थी । कहने में जरा भी गुरेज नहीं यदि कि यदि यही माहौल पूरे
देश का बना दिया जाय तो मंजर ही बदल जाय ।
मैं और तू गर हम
हो जाते,
कितने हंसी मंजर हो
जाते ।
एक ऐसी बुनियाद बनाई जा सकती है, जिसपर एकता की जगमगाती मीनार तामीर
करने में सहुलियत होगी ।
सोन साहित्य संगम के संस्थापक संयोजक राकेश शरण मिश्र की सोच का
मैं कायल हूँ कि वे ऐसे नवोदित कवियों को मंच उपलब्ध करा रहे है जिन्हें बड़े मंचो पर जगह नही
मिल पाती ।
संस्था के निदेशक वरिष्ठ पत्रकार मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी , उपनिदेशक सुशील कुमार ‘राही’, गीतकार डॉ रचना तिवारी,
ईश्वर विरागी, नईम गाजीपुरी,
शिवनरायन ‘शिव’ ,अमरनाथ ‘अजेय’ , दिवाकर द्विवेदी ‘मेघ
विजयगढ़ी’ ,दिलीप कुमार ‘दीपक’ प्रभात सिंह चंदेल , राजेश द्विवेदी ‘राज’,ज्ञानदास कनौजिया, सन्तोष कुमार नागर , राजेश गोस्वामी, संजीव श्रीवास्तव, राम अनुज धर द्विवेदी, अरुण पांडेय,समेत चंदौली जिले से आए स्मृति शेष डॉ हौशला प्रसाद द्विवेदी और एच एन पांडेय , आदि ने इस ऐतिहासिक आंचलिक कवि सम्मेलन को न केवल यादगार बना दिया था बल्कि सौहार्द की एक ऐसी मशाल भी जला दी थी जिसकी रोशनी में साम्प्रदायिक
उन्माद की समस्या के समाधान के लिए राह तलासी जा सकती है । बिडंबना ही है कि कोरोना काल मे चंदौली जिले के चकिया
तहसील क्षेत्र के दुबेपुर गांव के डॉक्टर हौशला प्रसाद द्विवेदी और एच एन पांडेय जी का शरीर पंचतत्व में विलीन हो गया लेकिन उनकी रचनाएं आज भी जीवित है और समाज की एकता के लिए भटके हुए उन्मादियों को जगाती रहेंगी ।
मीडिया फोरम ऑफ इंडिया न्यास और सोन साहित्य संगम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सुकृत का वाह
आंचलिक कवि सम्मेलन को
कोई कैसे भुला सकता है ।

श्रद्धा से करें श्राद्ध कर्म

रॉबर्ट्सगंज,सोनभद्र। पितृपक्ष में पूर्वजों का श्राद्ध करना भारतीय परंपरा है।
इस समय पित्र पक्ष चल रहा है और लोग अपने पूर्वजों का श्राद्ध कर्म करके देव ऋण, ऋषि ऋण और पितृ ऋण मुक्त हो रहे हैं। परंपरा के अनुसार पितृपक्ष (16 दिनों तक) पित्रअपने परिजनों के बीच रहकर अन्न और जल ग्रहण कर संतुष्ट हो रहे हैं।
रॉबर्ट्सगंज नगर के प्रथम नागरिक जगन्नाथ साहू के पौत्र शिव शंकर प्रसाद केसरवानी जिनका जन्म 27 फरवरी 1911 (सोमवार महाशिवरात्रि)को रॉबर्ट्सगंज नगर में हुआ था, रॉबर्ट्सगंज नगर के इतिहास में पुराने दस्तावेजों के संग्राहक, समाजसेवा, राजनीति, साहित्य, संस्कृति, पर्यटन में रुचि रखने वाले नगर की इस विभूति ने अपने जीवन काल में बताया था कि-“हमारे पूर्वज वर्तमान कौशांबी जनपद के नगर पालिका क्षेत्र भरवारी से आकर रॉबर्ट्सगंज नगर के पश्चिम अदलगंज कस्बे में बस गए थे।

स्वर्गीय शिव शंकर प्रसाद केसरवानी व उनकी पत्नी स्वर्गीय पार्वती देवी।

मेरे बाप- दादा कई पटटीदार थे और बड़ा परिवार था। परिवार में सभी बड़े- बुजुर्गों की इच्छा थी कि अपने सभी ज्ञात – अज्ञात पितरों का गयाजी में पिंडदान कर 108 कुल और 7 पीढ़ियों का उद्धार किया जाए।
लेकिन कालचक्र की ऐसी गति चली की मेरे दादा जगन्नाथ साहू, पिता प्यारेलाल इस दायित्व का निर्वहन नहीं कर पाए, मेरी हार्दिक इच्छा थी कि मैं अपने सभी पूर्वजों का गया में श्राद्ध करूं। दुर्भाग्यवश मेरी पत्नी पार्वती देवी ( जिनका जन्म 25 मार्च रामनवमी सन 1915 में ग्राम रजधन में हुआ था और विवाह 3 फरवरी सन 1930 बसंत पंचमी के दिन हुआ था) की मृत्यु 5 जून 1976 को हो गई। छोटे पुत्र के विवाह के पश्चात मैंने अपनी पांचो पटटीदारों को बुलाया और उनके सामने पितरों को गयाजी में श्राद्ध करने का प्रस्ताव रखा। सभी लोग मान गए और तैयारियां शुरू हो गई। उसी वर्ष पितृपक्ष में हम लोग सारे क्रियाओं को विधि विधान से आयोजित करके पूर्वजों का श्राद्ध करने के लिए गयाजी पहुंचे। जिस समय श्राद्ध कर्म चल रहा था। मुझे ऐसा महसूस हुआ कि मेरे बाप- दादा सहित मेरी पत्नी सहित अन्य पित्रगण जिनको मैंने देखा था, जिनको मैं पहचानता था वे सभी मेरे सामने प्रसन्नचित्त मुद्रा में बैठे हुए थे।
श्राद्ध कर्म करने के पश्चात वाल्मीकि कृत रामचरितमानस का वह प्रसंग मुझे याद आया जब भगवान श्री राम अपने गयाजी के इसी तक पर बैठकर अपने स्वर्गवासी पिता चक्रवर्ती राजा दशरथ श्राद्ध किया था और महाराजा दशरथ ने स्वयं उन्हें दर्शन दिया था। आज मुझे इस रामायण कालीन कथा पर पूरी तरह विश्वास हो गया था।
घर लौट कर हम सभी ने मिलकर सामूहिक भोज का आयोजन किया।
आचार्य पंडित संतोष धर द्विवेदी के अनुसार-” पितरों का श्राद्ध श्रद्धा पूर्वक करना चाहिए ताकि वे संतुष्ट होकर अपने लोक को प्रस्थान कर सके।”
पितृपक्ष अपने पूर्वजों को याद करने का पर्व है 16 दिन तक चलने वाले इस पर्व पर लोग अपने पूर्वजों श्रद्धा पूर्वक याद करते हुए
उनके नाम पर दोनिया काढ कर और पूर्वजों को संतुष्ट कर रहे हैं।
नगर का इस समय भक्ति पूर्ण माहौल है, लोग अपने पूर्वजों को गयाजी बैठाने के लिए समूह में नगर भ्रमण करते दिखाई दे रहे हैं और बैंड बाजा की धुन पर रघुपति राघव राजा राम के भजन से गुंजायमान हो रहा है रॉबर्ट्सगंज नगर।

राम अनुज धर द्विवेदी हुए सम्मानित


घोरावल, सोनभद्र। घोरावल में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) वाराणसी की ओर से मंगलवार को आयोजित वार्तालाप कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत मीडिया कर्मी और सरकार के बीच संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से हुआ। जिसमें घोरावल, करमा,शाहगंज के 50 से ज्यादा पत्रकारो ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में शामिल सभी पत्रकारों को प्रणाम पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में वरिष्ठ पत्रकार राम अनुज धर द्विवेदी को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रहे उपजिलाधिकारी घोरावल शुशील कुमार यादवखण्ड विकास अधिकारी घोरावल रमेश कुमार एवम घोरावल चेयरमैन द्वारा दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर चन्द्र मोहन शुक्ल,राजेंद्र कुमार पाठक,जय सिंह, विजय अग्रहरि, सहित आदि लोग मौजूद रहे।

अमेरिका दौरे के लिए रवाना हुए PM मोदी, ये रहा कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल

अमेरिका दौरे के दौरान पीएम मोदी क्वाड समिट, कोविड ग्लोबल समिट में हिस्सा लेंगे।

पीएम मोदी संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र को भी संबोधित करेंगे।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अमेरिका दौरा आज से शुरू हो रहा है। पीएम मोदी सुबह 11 बजे अमेरिका के लिए रवाना हुए। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी उनके साथ इस दौरे पर रहेंगे। अमेरिका में अपनी इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ 24 सितंबर को व्हाइट हाउस में द्विपक्षीय बैठक में हिस्सा लेंगे। इस बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस भी मौजूद होंगी। बता दें कि पीएम मोदी और बाइडन के बीच पिछले 8 महीने के अंदर दो बार वर्चुअल मीटिंग हो चुकी है लेकिन आमने-सामने मुलाकात अब होगी। पीएम की अंतिम बड़ी विदेश यात्रा 2019 नवंबर में हुई थी, जब वह ब्राजील गए थे। हालांकि इस साल मार्च में वह बांग्लादेश के संक्षिप्त दौरे पर गए थे।

इन मुद्दों पर होगी चर्चा

24 सितंबर को दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। अफगानिस्तान और आस-पास के क्षेत्र में बने हालातों पर भी चर्चा होने की संभावना है। क्रॉस बॉर्डर आतंकवाद और कट्टरता जैसे मुद्दों पर भी व्यापक होने की संभावना है।

ये रहा पूरा शेड्यूल

22 सितंबर- अमेरिका के लिए रवाना
23 सितंबर- अमेरिका पहुंचेंगे
23 सितंबर- ऑस्ट्रेलिया, जापान के पीएम से

मुलाकात

24 सितंबर- पीएम मोदी और बाइडेन की मुलाकात
24 सितंबर- क्वाड बैठक में हिस्सा लेंगे पीएम
25 सितंबर- UNGA में पीएम मोदी का संबोधन
26 सितंबर- स्वदेश लौटेंगे पीएम मोदी

लोकतंत्र रक्षक सेनानी को नहीं मिला परिचय पत्र व प्रमाण पत्र, दुखी

राम अनुज धर द्विवेदी (संवाददाता)

घोरावल, सोनभद्र। जनपद के घोरावल तहसील क्षेत्र के अंतर्गत महुआंव पांडेय ग्राम पंचायत निवासी लोकतंत्र रक्षक सेनानी जनार्दन प्रसाद पांडेय को जिला प्रशासन द्वारा लोकतंत्र रक्षक सेनानी प्रमाण पत्र एवं परिचय पत्र न दिए जाने से शासनादेश के अनुसार उन्हें यात्रा संबंधी सुविधाएं नहीं उपलब्ध हो पा रही हैं। उक्त संदर्भ में वरिष्ठ नागरिक एवं लोकतंत्र रक्षक सेनानी जनार्दन प्रसाद पांडेय ने बुधवार को इस संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने सेनानी प्रमाण पत्र एवं परिचय पत्र निर्गत करने हेतु जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर तथा कई बार मुलाकात कर आग्रह किया किंतु अब तक उन्हें लोकतंत्र रक्षक सेनानी प्रमाण पत्र और परिचय पत्र जिलाधिकारी द्वारा उपलब्ध नहीं कराया जा सका। श्री पांडेय ने कहां है कि एक वरिष्ठ नागरिक और लोकतंत्र रक्षक सेनानी होने के नाते उन्हें शासन प्रशासन से मिलने वाली सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है जबकि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में उन्हें सहायता राशि का भुगतान किया जा रहा है। श्री पांडेय ने जिलाधिकारी का उपरोक्त की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए अभिलंब लोकतंत्र रक्षक सेनानी प्रमाण पत्र एवं परिचय पत्र निर्गत कराने की प्रबल मांग की है।

लोकतंत्र रक्षक सेनानी जनार्दन प्रसाद पांडेय

अंत्योदय में हो हमारी सक्रिय भूमिका: दीपक सिंह गोड़


• भाजपा बभनी मण्डल प्रभारी ने सरकार के कल्याणकारी योजनाओं की दी जानकारी।

प्रमोद चौबे

सोनभद्र। कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हम सभी को मिलकर अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में भरपूर प्रयास करना चाहिए। जागरूकता के अभाव में संघ सरकार और प्रदेश सरकार की योजनाओं का पूर्ण लाभ लोगों तक नहीं पहुँच पाता है। ऐसी स्थिति में हम सबकी अर्थात पार्टी के कार्यकर्ताओं की महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है कि जरूरत मंद लोगों तक आवास, शौचालय, पेयजल, किसान सम्मान निधि, सर्व सुलभ बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, राशन आदि सहित विभिन्न विकास शील योजनाओं को लोगों तक सहजता से पहुँचाएं। हम सभी को केवल सरकारी एजेंसियों पर ही निर्भर नहीं रहना चहिए। उक्त बातें शक्ति केंद्र सतबहनी के ग्राम जौराही में बूथ संख्या 169 पर प्रधानमंत्री जन कल्याणकारी योजनाओं के विषय में भाजपा के बभनी मण्डल प्रभारी दीपक सिंह गोड़ ने जनता व पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच कही।
मण्डल प्रभारी ने कहा कि कोरोना जैसी घातक वैश्विक महामारी के बीच भी विकास कार्य को गति मिलती रही है। इस मौके पर मंडल महामंत्री लालकेश कुशवाहा, शक्ति केंद्र संयोजक राजेश प्रजापति, बूथ अध्यक्ष शिवनाथ खरवार, जिला मीडिया प्रभारी महिला मोर्चा अर्चना गुप्ता, मनदीप प्रजापति, गुड्डु यादव, जितेंद्र गोंड, नंदन कुमार आदि मौजूद रहे।

गड्ढ़ा मुक्त सड़क की मुहिम में उत्तर प्रदेश सरकार, ओबरा परियोजना की सड़कें बेजार

श्याम पाठक

ओबरा, सोनभद्र। दशकों पूर्व जब एशिया के सबसे बड़े ताप विद्युत गृह ओबरा परियोजना का निर्माण हुआ तो परियोजना में कार्यरत कर्मचारियों के लिए आवासीय परिसर का निर्माण हुआ। आवासीय परिसर में स्थित आवासों, सड़कों व नालियों की साफ-सफाई व देखरेख का कार्य ओबरा परियोजना के सिविल अनुरक्षण खंड के अधीन आता है। पूर्व में ओबरा नगर पंचायत के गठन से पूर्व आवासीय परिसर में साफ-सफाई व सड़कों के गड्ढों का मरम्मत कार्य ओबरा परियोजना के सिविल अनुरक्षण खंड द्वारा सुचारू रूप से किया जाता रहा ,लेकिन नगर पंचायत ओबरा के गठन के बाद ओबरा परियोजना द्वारा निर्मित सड़कों व नालियों के प्रति उदासीन रवैये ने 90% सड़कों का अस्तित्व ही खत्म कर दिया है। नगर पंचायत ओबरा के जद में आने वाले परियोजना के सड़कों पर तो नगर पंचायत द्वारा इंटरलॉकिंग आदि बिछाकर सड़कों का अस्तित्व बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन परियोजना के वे सड़क जो नगर पंचायत के जद के बाहर हैं ,उन सड़कों को देखकर गड्ढों में सड़क की अनुभूति होती है। ओबरा परियोजना के खस्ताहाल सड़कों के क्रम में सीआईएसफ गेट से अंतिम चेकपोस्ट तक जाने वाली सड़क लगभग 1500 मीटर, बिल्कुल जर्जर हो चुकी है। सड़कों पर स्थित बड़े-बड़े गड्ढे देखकर लगता ही नहीं कि यहां कोई सड़क भी थी।

गौरतलब है कि ओबरा परियोजना के आसपास के आदिवासी क्षेत्रों को ओबरा व अन्य क्षेत्रों से जुड़ने के लिए ओबरा परियोजना के जल विद्युत गृह के संचालन हेतु निर्मित ओबरा डैम को क्रास करके ही आवागमन करना होता है ।यहां बताते चलें कि रेणुका पार के आदिवासी क्षेत्रों में दर्जनों गांवों में हजारों की आबादी निवास करती है, जिनको अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए एवं अन्य सरकारी विभागों के कार्यालयों में आने जाने के लिए यही एक मार्ग है, जो ओबरा परियोजना के सिविल अनुरक्षण खंड के उदासीनता के कारण बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुका है।

रेणुका पार के क्षेत्रों में कार्यरत स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, वन विभाग ,राजस्व विभाग के कर्मचारी भी इसी रास्ते से आते जाते हैं , जिनको सीआईएसफ गेट से डैम चेकपोस्ट तक की क्षतिग्रस्त सड़क के कारण कार्य स्थल पर पहुंचने में विलंब के साथ चोटिल भी होना पड़ता है। यहां बताते चलें कि सीआईएसएफ गेट से डैम क्रास करके आने जाने वाले वाहनों को परियोजना प्रशासन द्वारा डैम क्रासिंग गेट पास जारी किया जाता है ,जिसका प्रति चक्कर के दर से शुल्क भी जमा कराया जाता है । शुल्क लेने के बावजूद परियोजना प्रशासन द्वारा क्षतिग्रस्त सड़कों के मरम्मत नहीं कराए जाने से राहगीरों में काफी रोष व्याप्त है, तो वहीं प्रतिदिन आने जाने वाले शिक्षा विभाग, वन विभाग व राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने और रेणुका पार के आदिवासीयों ने ओबरा परियोजना प्रशासन से अभिलंब क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत की मांग की है।

निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का हुआ आयोजन

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

रॉबर्ट्सगंज,सोनभद्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 71 वें जन्मदिन के अवसर पर भाजपा द्वारा मनाए जा रहे सेवा एवं समर्पण अभियान के तहत जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के काशीराम आवास के पास स्थित प्राइमरी स्कूल में भारतीय जनता पार्टी के नगर अध्यक्ष बलराम सोनी के नेतृत्व में सोमवार को निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें कांशीराम आवास के रहने वाले तथा नगर के कई लोगों का चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक डॉक्टर सतेन्द्र कुमार आर्या के द्वारा स्वास्थ्य परिक्षण कर उन्हें उचित व जरूरी आयुर्वेदिक औषधियो से युक्त दवाएं दी गई। वही नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर से नगर के लगभग 450 आमजन लाभांवित हुए।

आयोजन में मुख्य रुप से भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री कृष्ण मुरारी गुप्ता, डॉ0 P K विश्वास, डॉ0 जगदीश प्रजापति,पूर्व नगर अध्यक्ष संजय, अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला महामंत्री आफताब अंसारी, अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला मीडिया प्रभारी इरशाद अंसारी, सभासद अनिल, विधानसभा संयोजक दुर्गेश, रूबी गुप्ता, सरोज केशरी, अनुपम चौबे, नर्मदा केशरी,हनुमान गुप्ता, ब्रिजेश तिवारी, राहुल शर्मा, अंशु अग्रहरी, सत्यम सोनी, ब्रिजेश तिवारी सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

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