Mirzapur: मां विंध्यवासिनी मंदिर के दानपात्रों की गणना तीसरे दिन शुक्रवार को समाप्त हो गई। अंतिम दिन 27 दानपात्रों से कुल 51 लाख रुपये प्राप्त हुए। अंतिम दिन शुक्रवार को नायब तहसीलदार सदर गरिमा यादव की देखरेख में मां विंध्यवासिनी मंदिर प्रांगण एवं परिक्रमा पथ प्रांगण में एवं इसके अलावा काली खोह और मां अष्टभुजा मंदिर में लगे 12 दानपात्र खोले गए। श्री पंडा समाज के कार्यालय में सीसीकैमरे और अधिकारियों की निगरानी में धनराशि की गिनती शुरू हुई। 12 दानपात्रों में से 17 लाख 76 हजार 973 रुपये प्राप्त हुए। गिनती के बाद विंध्य विकास परिषद की पदेन अध्यक्ष जिलाधिकारी के भारतीय स्टेट बैंक विंध्याचल स्थित खाते में रुपये जमा कराए गए। तीन दिनों में मां विंध्यवासिनी मंदिर, अष्टभुजी देवी मंदिर और कालीखोह मंदिर के 27 दानपात्रों से कुल 51 लाख, 70 हजार,131 रुपये प्राप्त हुए। दानपात्रों की गिनती में विंध्य विकास परिषद के लिपिक ईश्वर दत्त त्रिपाठी, संग्रह अमीन सूरज सोनकर, विजय शंकर दुबे, हरिगेंद्र दुबे, प्रदीप दुबे, चंद्रमणि तिवारी, राकेश सोनकर, महेश सोनकर, शमशेर अली, अनिल सोनकर आदि मौजूद रहे
वाराणसी। दालमंडी चौड़ीकरण योजना के तहत ध्वस्तीकरण अभियान जारी है। शनिवार को भी ध्वस्तीवरण की कार्रवाई की जा रही है। हथौड़े के बाद अब बुलडोजर से भी मकानों को तोड़ने का काम किया जाएगा। पुलिस, प्रशासन, पीडब्ल्यूडी की टीम की मौजूदगी में मौक पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई। इस दौरान मौके पर पहुंचे अधिकारी ने बताया कि अब बुलडोजर दालमंडी में प्रवेश करेगा और इससे मकानों को तोड़ने का काम जल्द शुरू होगा। भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों के साथ अधिकारी शनिवार को दालमंडी में कार्रवाई के लिए पहुंचे। गली में पहले बैरिकेडिंग की गई। इसके बाद मकानों को तोड़ने का काम शुरू हुआ। वहीं ध्वस्तीकरण के साथ ही मलबा हटाने का काम भी किया जा रहा है दालमंडी में कुल 186 भवनों को चिह्नित किया गया है। इनमें से 40 से अधिक भवनों की रजिस्ट्री हो चुकी है। नवंबर के अंतिम सप्ताह में ध्वस्तीकरण के अभियान के बाद एसआईआर शुरू हो गया था। इस कारण से कार्रवाई रुकी थी, लेकिन बीचे बुधवार से मकानों पर हथौड़े चलाए गए।
जय ज्वेलर्स पर तीन दिवसीय ज्योतिष शिविर का हुआ शुभारम्भ
– ब्रह्मांड में ज्योतिष शास्त्र के बिना ग्रह-नक्षत्रों की गणना नहीं की जा सकती- डॉ राम नारायण मिश्र
कुंडली और हस्तरेखा देखकर आचार्य जी ने बताया भविष्य और ग्रह दोषों के आधार पर रत्नों का उपयोग करना चाहिए
सोनभद्र। जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज स्थित प्रतिष्ठान जय ज्वेलर्स पर रक्षत्रा जेम्स एंड डायमंड्स ज्वेलरी कंपनी द्वारा तीन दिवसीय ज्योतिष शिविर का भव्य शुभारंभ शनिवार को हुआ। इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ज्योतिषाचार्य, वास्तुविद, कुंडली विशेषज्ञ आचार्य मोहन जी ने कहा कि ब्रह्मांड में ज्योतिष शास्त्र के बिना ग्रह-नक्षत्रों की गणना नहीं की जा सकती।
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ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर ही हर व्यक्ति का भाग्य तय होता है। किसी भी व्यक्ति की कुंडली बनाने में ग्रह-नक्षत्रों का ही सहारा लिया जाता है। ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर ही राज्य, देश के विकास के बारे में मंथन किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र की महिमा निराली है और राजा, महाराजा, देवता भी ज्योतिष की महत्ता को स्वीकार करते थे और आज भी ज्योतिष की महत्ता कायम है।
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वहीं जय ज्वेलर्स प्रतिष्ठान के प्रोपराइटर जय केसरी ने कहा कि हमारे यहां हर प्रकार के सोने- चांदी और हीरे के जेवर उपलब्ध है और गहनों पर 100% वापसी की गारंटी और मेकिंग चार्ज पर आकर्षक छूट उपलब्ध है। आप किसी भी जानकारी के लिए आप हमारे नंबर 9415677407 पर संपर्क कर सकते हैं।
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आयोजित शिविर में आचार्य जी द्वारा आए हुए लोगों की जन्म कुंडली उनके हाथ देखकर ग्रह दोषों को बताकर उसके निवारण के लिए समाधान बताया गया तथा ग्रह दोषों के आधार पर विभिन्न प्रकार के रत्नों का उपयोग करने का सुझाव दिया गया। इस अवसर पर रक्षत्रा डायमंड के इवेंट मैनेजर वरुण जोशी, जय केसरी, प्रीति केसरी, सत्यम, विनीत सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
स्टांप एवं पंजीयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने की प्रेसवार्ता
सोनभद्र। योगी सरकार ने पारिवारिक सदस्यों के बीच व्यावसायिक एवं औद्योगिक संपत्तियों के दान पर ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए स्टाम्प शुल्क पांच हजार कर दिया है। इस निर्णय से अब पारिवारिक सदस्यों के बीच व्यावसायिक एवं औद्योगिक संपत्तियों के दान पर भी स्टाम्प शुल्क में बड़ी राहत मिलेगी।
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अभी तक भारतीय स्टाम्प अधिनियम, 1899 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में दान विलेखों पर संपत्ति के मूल्य के अनुसार हस्तांतरण पत्र (कन्वेयंस डीड) की भांति स्टाम्प शुल्क देय होता है, जबकि रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 के प्रावधानों के अनुसार अचल संपत्ति के दान विलेख का पंजीकरण अनिवार्य है। उक्त बातें आज सुबह सोनभद्र दौरे पर सोनभद्र स्थित सर्किट हाउस पहुँचे स्टांप एवं पंजीयन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल प्रेसवार्ता में कहीं।
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5,000 तक सीमित है स्टाम्प शुल्क –
उन्होंने बताया कि “स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन अनुभाग-2 की 3 अगस्त 2023 की अधिसूचना के माध्यम से यह व्यवस्था की गई थी कि यदि अचल संपत्ति का दान परिवार के सदस्यों के पक्ष में किया जाता है तो स्टाम्प शुल्क में छूट देते हुए अधिकतम ₹5,000 ही लिया जाएगा।
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यह छूट अब तक केवल कृष्य एवं आवासीय संपत्तियों तक सीमित थी। योगी कैबिनेट द्वारा पारित प्रस्ताव के तहत इस छूट को पारिवारिक सदस्यों के मध्य व्यावसायिक एवं औद्योगिक संपत्तियों के दान पर भी लागू करने का निर्णय लिया गया है। इससे परिवारों के बीच संपत्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और कम खर्चीली हो जाएगी।”
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शहरी और ग्रामीण सभी कॉमर्शियल प्रॉपर्टी पर मिलेगी राहत प्रदेश के स्टांप तथा पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि “2022 से पहले तक परिवार के रिश्ते में यदि कोई प्रॉपर्टी देता था तो पूरे सर्किल रेट के बराबर स्टाम्प शुक्ल देना पड़ता था। 2022 में मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में तय हुआ कि पारिवारिक रिश्तों में यदि कोई प्रॉपर्टी दान की जाती है
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तो उस पर फिक्स्ड 5 हजार रुपए स्टांप लगेगा लेकिन यह दान केवल आवासीय और कृषि पर लागू था, लेकिन अब यह नियम कॉमर्शियल प्रॉपर्टी पर भी लागू कर दिया गया है। शहर के अंदर अब तक यह 7 प्रतिशत और गांवों में 5 प्रतिशत था, लेकिन अब गांव या शहर कहीं भी आपको केवल 5 हजार रुपए ही भुगतान करना है।”
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प्रावधानों में और स्पष्टता –
प्रभारी मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि “कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, पूर्व में जारी अधिसूचना में उल्लिखित संबंधियों की परिभाषा एवं अन्य प्रावधानों को भी और अधिक स्पष्ट किया गया है, जिससे नियमों के क्रियान्वयन में किसी प्रकार का भ्रम न रहे।
यह छूट संबंधित अधिसूचना के राजपत्र (गजट) में प्रकाशित होने की तिथि से तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगी। सरकार के इस फैसले को आम जनता के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे पारिवारिक संपत्ति के वैधानिक हस्तांतरण को प्रोत्साहन मिलेगा और विवादों में भी कमी आएगी।”
शक्तिनगर में भव्य हिन्दू सम्मेलन का आयोजन, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना पर हुआ मंथन
हिंदू संस्कृति हमारी आत्मा है : पं विजय लक्ष्मी शुक्ला
भारत माता की पूजन और भव्य महाआरती के लिए उमड़ा हिंदू समाज
शक्तिनगर, सोनभद्र। समस्त हिन्दू समाज के तत्वावधान में शुक्रवार को माँ दुर्गा पंडाल, अंबेडकर नगर शक्तिनगर में भव्य हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य हिन्दू समाज को संगठित करना, सांस्कृतिक चेतना को जागृत करना तथा सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करना रहा।
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सम्मेलन के मुख्य वक्ता विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय मंत्री अंबरीश जी रहे। उन्होंने अपने ओजस्वी संबोधन में हिन्दू एकता, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा पर विस्तार से प्रकाश डाला। हिन्दू समाज की पहचान केवल एक धार्मिक पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सभ्यता, दर्शन, जीवन-पद्धति और मूल्यों का समग्र स्वरूप है।
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वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत, गीता, योग, आयुर्वेद, गुरु-शिष्य परंपरा-ये सभी हमारी सांस्कृतिक जड़ों के प्रतीक हैं। आज वैश्वीकरण और भौतिकवाद के दौर में जब हमारी पीढ़ी अपनी जड़ों से कटती जा रही है, तब यह अत्यंत आवश्यक हो गया है कि हम अपने संस्कार, परंपरा और नैतिक मूल्यों को पुनः समझें और आत्मसात करें। इतिहास साक्षी है कि जब भी हिन्दू समाज संगठित हुआ है, उसने राष्ट्र को नई दिशा दी है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, एनटीपीसी परिसर के प्रोफेसर डॉ. दिनेश कुमार सोनकर कहा कि हिन्दू सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में विचार, संस्कार और समरसता के संचार का माध्यम है। शिक्षा और संस्कृति के समन्वय से ही समाज आगे बढ़ेगा।
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सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में एनसीएल खड़िया क्षेत्र परियोजना अधिकारी राकेश अवस्थी ने कहा कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना से ही समृद्ध समाज का निर्माण संभव है। ऐसे आयोजनों से सकारात्मक सोच और आपसी सहयोग को बल मिलता है।
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विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार एवं भागवत मर्मज्ञ पं. विजय लक्ष्मी शुक्ला (संवेदना दीदी) ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संस्कृति हमारी आत्मा है। जब समाज अपनी परंपराओं से जुड़ता है, तभी उसकी पहचान और अस्मिता सुरक्षित रहती है।
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संस्कृति केवल पर्व-त्योहार, वेश-भूषा या रीति-रिवाजों तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह समाज की सोच, व्यवहार, मूल्यबोध और जीवन-दृष्टि का समग्र रूप है। जैसे शरीर बिना आत्मा के निर्जीव होता है, वैसे ही समाज बिना संस्कृति के दिशाहीन हो जाता है।
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वहीं कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति के रूप में ज्वालामुखी मंदिर मुख्य पुजारी श्लोकी प्रसाद मिश्रा, समाजसेवी विश्वजीत सिंह, नगर संघचालक खुशहाल सिंह और नगर कार्यवाह चंद्रशेखर जी की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया।
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सम्मेलन के उपरांत महाप्रसाद एवं भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं नागरिकों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन रंजीत राय और धन्यवाद ज्ञापन विश्वजीत सिंह ने किया। आयोजन शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
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इस अवसर पर प्रमुख रूप से सत्याप्रताप सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, प्रमोद तिवारी, यश बंसल, राधेमोहन कुशवाहा, राजू ठाकुर, शशांक अग्रहरि, अमरेश पांडेय, आशीष कुमार, राजेश कुमार, गोपाल तिवारी, नरेंद्र शुक्ला, शत्रुघन तिवारी, छठु सिंह, हीरा सिंह, संजय गुप्ता, रितेश शर्मा सहित हजारों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।
कलश शोभा यात्रा के साथ अभिषेकात्मक रुद्र महायज्ञ एवं संगीतमय श्री राम कथा का हुआ शुभारंभ
सोनभद्र। रामगढ़ चतरा ब्लॉक के सेहुआं नई बाजार में छठवें वर्ष आयोजित श्री अभिषेकात्मक रुद्र महायज्ञ एवं संगीतमय श्री राम कथा प्रवचन के लिए मंगल कलश शोभा यात्रा 151 कलश के साथ निकली गई।
यज्ञ संचालन करता आचार्य सौरभ भारद्वाज ने बताता कि महावीर मंदिर से सेहुआं जलाशय जल पूजन के साथ मंडप प्रवेश एकादश वैदिक विद्वानों के मंत्र उच्चारण के साथ संपन्न किया गया साथ ही जौनपुर उत्तर प्रदेश से पधारे राष्ट्रीय प्रवचन करता पंडित प्रकाश चंद्र पांडेय विद्यार्थी के द्वारा शिव सती प्रसंग सुनाया गया मानस की चौपाई
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एक बार त्रेता युग माही। शंभू गए कुंभज ऋषिपाही।। अर्थात् एक बार भगवान शिव भगवती सती के साथ कथा प्रवचन सुनने के लिए कुंभज ऋषि जी के आश्रम में गए दुनिया की सबसे बड़े मालिक विश्वनाथ कथा श्रम वन किये तो हम सभी मनुष्यों को चाहिए कि भगवान की कथा को श्रवण करें क्योंकि मानस में लिखा है बड़े भाग्य मानुष तन पावा। सूर दुर्लभ सब ग्रंथनि गावा।।
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इस अवसर पर मुख्य रूप से अविनाश शुक्ला, लालजी मिश्र, अमरेश चंद्र पांडेय, सच्चिदानन्द पाठक, रत्नेश पांडे, प्रभा शंकर पाठक, बृजेश पांडे, विमलेश पांडे, अनूप पांडे, संतोष शुक्ला सहित सैकड़ो की संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे।
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बतादें कि 15 जनवरी तक प्रतिदिन 9:00 से 2:00 तक यज्ञ कार्यक्रम होगा एवं 3:00 से 6:00 तक श्री राम कथा का प्रवचन किया जाएगा। यज्ञ कमेटी के द्वारा सभी क्षेत्रवासी श्री राम भक्तों से है की कथा जरूर श्रवण करें निवेदक यज्ञ कमेटी सेहुआं
राबर्ट्सगंज पुलिस ने 5 ग्राम हेरोइन के साथ एक तस्कर को किया गिरफ्तार
सोनभद्र। राबर्ट्सगंज कोतवाली पुलिस ने उरमौरा क्षेत्र से एक युवक को पांच ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार कर चालान कर दिया। बारामद हेरोइन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 75 हजार रुपये बताई जा रही है।
पुलिस की तरफ से उरमौरा क्षेत्र में मादक पदाथों की तस्करी की सूचना पर सघन चेकिंग और निगरानी की जा रही थी। इसी क्रम में थाना राबर्ट्सगंज पुलिस टीम ने संदिग्ध युवक को पकड़कर तलाशी ली, जिसमें उसकै पास से नाजायज हेरोइन बरामद हुई।
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गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में अपना नाम सुफियान खान निवासी उरमौरा बताया। बरामदगी के आधार पर थाना रॉबर्ट्सगंज पर एनडीपीएस एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत कर चालान कर दिया।पुलिस अभिलेखों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। इसके पूर्व वर्ष 2019 में अभियुक्त के विरुद्ध रॉबर्ट्सगंज थाने में विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज है। वहीं वर्ष 2025 में भी उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 115 (2) व 351 (2) के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। पुलिस टीम में चौकी प्रभारी लोढ़ी उपनिरीक्षक उमाशंकर यादव, हेड कांस्टेबल अवधेश प्रजापति, हेड कांस्टेबल राम सिंह शामिल रहे
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पुलिस अभिलेखों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। इसके पूर्व वर्ष 2019 में अभियुक्त के विरुद्ध रॉबर्ट्सगंज थाने में विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज है।
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वहीं वर्ष 2025 में भी उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 115 (2) व 351 (2) के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। पुलिस टीम में चौकी प्रभारी लोढ़ी उपनिरीक्षक उमाशंकर यादव, हेड कांस्टेबल अवधेश प्रजापति, हेड कांस्टेबल राम सिंह शामिल रहे
2026 में भी 4 दफा लगेगा, “देशव्यापी राष्ट्रीय लोक अदालत” -अपर जनपद न्यायाधीश शैलेंद्र यादव
14 मार्च 2026 को आयोजित है राष्ट्रीय लोक अदालत
सोनभद्र। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली एवं उ० प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की मंशानुरूप, राम सुलीन सिंह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/जनपद न्यायाधीश, सोनभद्र के आदेशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र द्वारा आगामी वर्ष 2026 हेतु आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तिथियां नियत कर दी गई हैं।
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उक्त आशय और आदेश की जानकारी देते हुए सचिव ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र/अपर जनपद न्यायाधीश शैलेंद्र यादव ने बताया कि इस वर्ष भी राष्ट्र व्यापी लोक अदालत के तहत जनपद सोनभद्र में भी कुल 4 बार लोक अदालत लगाई जाएगी, साल की पहली लोक अदालत 14 मार्च 2026, दूसरी 09 मई 2026 को, तीसरी 12 सितंबर 2026 एवं चौथा 12 दिसम्बर 2026 को।
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श्री यादव ने बताया कि उक्त तिथियों पर जनपद न्यायालय सोनभद्र के प्रांगण एवं वाह्य न्यायालय ओबरा, दुद्धी तथा ग्रामीण न्यायालय, घोरावल के प्रांगण में एवं राजस्व सम्बन्धी वादों के लिए राष्ट्रीय लोक अदालत सभी राजस्व न्यायालय परिसर में आयोजन किया जायेगा।
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सचिव ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र की आमजन से अपील
सोनभद्र। अपर जनपद न्यायाधीश सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र शैलेंद्र यादव ने आमजनों से अपील किया है कि इस वर्ष 2026 में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में आप अपने मामलें को राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से विशिष्ट विषय आपराधिक शमनीय वाद, धारा-138 एन.आई.एक्ट, आर्बिट्रेशन, एवं (Petty Offences) के वाद, बैंक वसूली वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकायें,
पारिवारिक वादों, श्रम वादों, भूमि अधिग्रहण वादों, कित एवं जल बिल (excluding non-compoundable), सर्विस में वेतन एवं भत्तों से सम्बनित एवं सेवानिवृतिक परिलाभों से सम्बन्धि विवाद, राजस्व वाद (केवल माननीय उच्च न्यायालय एवं जिला न्यायालयों में लम्बित वाद),
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अन्य सिविल वादों (किराया, सुखाविकार, व्ययादेष, विशिष्ट अनुतोश वाद) से सम्बन्धित मामलों के साथ साथ सुलह योग्य प्री-लिटिगेशन मामलों को भी सुलह समझौते के आधार पर आप अपने मामलों को निस्तारण करा सकते है।
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सचिव ने कहा कि उक्त प्रकार के लम्बित वाद / विवाद / शिकायत को राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण हेतु सम्बन्धित अधिकरण / फोरम न्यायालय के पीठासीन अधिकारी, जनपद न्यायालय/जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र से सम्पर्क कर अपने विवाद को निस्तारित करा सकते हैं। जानकारी शैलेन्द्र यादव अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने दी हैं।
दुद्धी की टीम ने हिंडालको को हराकर मैच अपने नाम किया
सोनभद्र। सदर विधायक भूपेश चौबे आयोजित विधायक खेल महाकुंभ सोलहवें दिन शुक्रवार को क्रिकेट मैच का मुकाबला हिंडालको और दुद्धी के बीच विजयगढ़ हुआ। मैच का शुभारंभ शिक्षा की अलख जगाने वाले रविन्द्र बहादुर पटेल (प्रबंधक) ,के द्वारा टास कराकर किया गया।
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इस मौके पर उन्होंने कहा कि यह खेल युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। इससे सीखने व जूझने की ताकत मिल रही है, दुद्धी की टीम टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित,20 ओवर में 10 विकेट खोकर 179 रनों का स्कोर खड़ा किया,दुद्धी की तरफ से अनिकेत 35 बाल पे 52 रन तो
वहीं कप्तान सागर ने 20 बाल पे 39 रनों की पारी खेल कर अपनी टीम का स्कोर 150 रनों से पार पहुंचाया,हिंडालको की तरफ से सचिन,अभिषेक,अरुण,शिवम,ने दो दो विकेट चटकाए,
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जवाब में निर्धारित लक्ष्य का पीछा करने उतरी हिंडालको की टीम 20 ओवर के इस मुकाबले में 19.3 ओवर में,आलआउट होकर मात्र 175 रन ही बना सकी ,हिंडालको की तरफ से कप्तान ने 32 गेंदों पर 60 रनों की पारी खेली,दुद्धी की तरफ से धरमू ने 3 विकेट और अनिकेत, व एहसान ने दो दो विकेट चटकाकर अपनी टीम को 04 रन से जीत दिला कर आगामी मैचों में अपनी जगह पक्की कर ली।
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दुद्धी की तरह से ऑलराउंडर प्रदर्शन करने वाले अनिकेत,52 रन और 02 विकेट लेने वाले खिलाड़ी को , भाजपा जिला प्रभारी अनिल सिंह,भाजपा जिला मंत्री द्ववय संतोष शुक्ला शंभू नारायण सिंह व डा एच पी सिंह,पूर्व जिला मंत्री सुनील सिंह चुर्क मंडल के अध्यक्ष दिलीप चौबे के द्वारा मैंन आफ द मैच का पुरस्कार दिया गया,
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इस अवसर पर, रॉबर्ट्सगंज के वरिष्ठ क्रिकेटर राम सिंह,पूर्व ब्लाक प्रमुख रमेश मिश्रा,नगर महामंत्री अनूप त्रिपाठी , पूर्व जिला मंत्री सुनील सिंह ,पूर्व नगर अध्यक्ष विमलेश पटेल ,महेवा ग्राम प्रधान निशांत पटेल पूर्व नगर अध्यक्ष भाजपा बलराम सोनी,नवल बाजपेई विकास मिश्रा राजेश चौबे व अन्य सभी खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
राजकीय हाई स्कूलों के संस्थाप्रधान का पदनाम बदला जाए- मूल संघ
सोनभद्र। राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश मूल संघ के प्रदेश कार्यकारी महामंत्री एवं उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष डॉ अशोक कुमार अवाक ने शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) डॉ महेन्द्र देव से प्रदेश के राजकीय हाई स्कूल एवं राजकीय बालिका हाई स्कूलों में सेवारत संस्था-प्रधानों का पदनाम परिवर्तित करने की माॅंग की है।
इस सम्बन्ध उन्होंने ,14 जुलाई- 2025 में निर्गत शासनादेश का उल्लेख किया है जिसमें यह संशोधन किया गया है। इसके अनुसार राजकीय हाई स्कूल के प्रधानाध्यापक एवं राजकीय बालिका स्कूल की प्रधानाध्यापिका को प्रधानाचार्य एवं प्रधानाचार्या नाम से संबोधित किया गया है।
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किन्तु विभाग में पत्र-व्यवहार आदि में अभी भी पूर्व की भाॅंति प्रधानाध्यापक और प्रधानाध्यापिका पदनाम ही प्रयोग किया जा रहा है। इसे व्यवहार में लागू करने की आवश्यकता है। डॉ अवाक का कहना है कि इससे सरकार के ऊपर कोई वित्तीय भार नहीं आएगा। साथ ही राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत संस्था-प्रधानों को प्रतिष्ठा प्राप्त होगी।
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उल्लेखनीय है कि प्राथमिक विद्यालयों एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के संस्था- प्रधानों को भी प्रधानाध्यापक और प्रधानाध्यापिका के पदनाम से जाना जाता है। अतः राजकीय माध्यमिक विद्यालयों हेतु यह माॅंग पूरी तरह उचित है और शिक्षा निदेशक महोदय को इस पर कार्यवाही करनी चाहिए।