भारत की पहचान उसकी सनातन संस्कृति है- अनुराग

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  • नन्हकू राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय मे हिंदू सम्मेलन का हुआ आयोजन

सोनभद्र। सकल हिंदू समाज बकौली मंडल, घोरावल  द्वारा नन्हकू राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय मे हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। मंचासीन कार्यक्रम की अध्यक्षता से0नि0 प्रधानाध्यापक आदिनाथ , मातृशक्ति से गुलाबी देवी,शंकर,संत समाज से रामजी, मुख्य अतिथि/मुख्य वक्ता प्रांत विमर्श प्रमुख व केन्द्रीय विद्यालय प्रवक्ता अनुराग रहे।

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कार्यक्रम का प्रारंभ भारत माता की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर किया गया। मुख्य अतिथि/ मुख्य वक्ता केंद्रीय मंत्री व प्रवक्ता विश्व हिन्दू परिषद अनुराग ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि,हिंदू समाज का इतिहास अत्यंत गौरवपूर्ण रहा है, भारत की पहचान उसकी सनातन संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों से है।

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हमारे पूर्वजों ने इन मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया,तभी आज हम अपनी अस्मिता को सुरक्षित रख पाए हैं। हिंदू समाज जितना संगठित और आत्मविश्वासी होगा, देश उतना ही मजबूत बनेगा।
भारत को विश्व गुरु कैसे बनाना है।

तो यह जो आसमान और जमीन का जो फर्क है जिसको कहीं कोई मिटता हुआ देखता है तो वह सिर्फ और सिर्फ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है और दूसरा ऐसा कोई भी अन्याय संगठन नहीं है। मैंने कई जगह पढ़ा है कि भारत का जो एक राष्ट्र के रूप में निर्माण हुआ है वह यही सोनभद्र से हुआ है।

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आपको लगेगा कि यह कौन सा तार में जोड़ रहा हूँ। आप सब जानते होंगे कि महर्षि कण्व का आश्रम यही सोनभद्र में ही था।कंडाकोट पहाड़ के नाम से आज भी हम उसको जानते हैं। और जिस राजकुमार के नाम पर इस भारत देश का नाम भारत पड़ा है वह राजकुमार भारत इसी महर्षि के ही आश्रम में पले बढ़े संस्कारित हुए,

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ज्ञान अर्जन किये,शस्त्र ज्ञान अर्जन किया वीरता अर्जित की और वीरता किस कदर थी कि एक चित्र आप सबको भी ध्यान में होगा पुरानी पाठ्यपुस्तकों में दिखता था कि एक बालक है जो शेर का मुंह फाड़ कर के उसके दांत से खेल रहा है या दांत गिन रहा है तो ऐसी है

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हमारी वीर प्रसूता। सोनभद्र की धरती और उस वीर प्रसूता सोनभद्र की धरती पर आज आप हिंदू सम्मेलन के नाते उपस्थित हुए हैं और संघ की शताब्दी वर्ष मना रहे हैं तो आप परम सौभाग्यशाली हैं। यह ताकत हमारे संगठन की ताकत है यह ताकत हमारे एकता की ताकत है यह ताकत हमारे इन बच्चों की ताकत है

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और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तो छोटे छोटे बच्चों को लेकर के बना हुआ पैदा हुआ संगठन है। दुनिया की सारी सभ्यताएं जैसा अभी अध्यक्ष जी कह रहे थे यूनान मिश्र रोमा मिट गए जहां से कुछ बात है कि हंसती मिटती नहीं हमारी जो हमारी हस्ती क्यों नहीं मिटती है आज इस हिंदू सम्मेलन के दिवस पर इस पर विचार करने का दिन है।

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बंधुओं या हस्ती इसलिए नहीं मिटती है कि हमारा जो सनातन के प्रति आस्था है हमारी जो सनातन के प्रति दृढ़ता है हमारे जो भारत के प्रति भक्ति है वह असंत जिस प्रकार के बलिदान मांगती है हम उस बलिदान को देने को तत्पर रहते हैं।

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कार्यक्रम की अध्यक्षता से0नि0 प्रधानाध्यापक आदिनाथ ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने इन मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया, तभी आज हम अपनी अस्मिता को सुरक्षित रख पाए हैं। आज समाज में हमारी भारतीय संस्कृति समाप्त होती जा रही है।

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हमें अपनी पुरानी संस्कृति व सभ्यता को बचाकर रखना है। उन्होंने उपस्थित सभी व्यक्तियों , माताओं ,बहनों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम समापन की घोषणा की,तत्पश्चात सभी उपस्थित लोगों ने भारत माता की आरती सामूहिक रूप से किया।

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कार्यक्रम का सफल संचालन रमेश राम पांडेय ने किया। कार्यक्रम में खंड संघचालक सुशील पाठक,जिला प्रचार प्रमुख नीरज सिंह, खंड कार्यवाह विपिन, सह खंड कार्यवाह सर्वेश,अधिवक्ता दिनेश प्रसाद अग्रहरि,मनोज, आकाश, विजय अरुण प्रताप आदि व माताएं बहनें उपस्थित रही।

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धार्मिक भावनाओं को आहत करने में एक युवक गिरफ्तार, सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का मामला

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  • सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने में एक गिरफ्तार

सोनभद्र। सोशल मीडिया पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के मामले में पुलिस ने रविवार को एक आरोपी को गिरफ्तार कर चालान कर दिया। पुलिस को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से यह शिकायत प्राप्त हुई कि मुहम्मद कैफ निवासी ग्राम खैराही थाना करमा की तरफ से सोशल मीडिया के माध्यम से हिंदू समुदाय की युवतियों के बाक्स में अश्लील एवं गाली-गलौज युक्त संदेश भेजे जा रहे हैं।

साथ ही हिंदू देवी-देवताओं के प्रति आपत्तिजनक एवं अपमानजनक टिप्पणियां की जा रही हैं। प्रकरण की गंभीरता एवं सामाजिक सौहार्द पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को दृष्टिगत रखते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने तत्काल संज्ञान लेते हुए थाना प्रभारी करमा को तत्काल कठोर एवं विधिसम्मत कार्यवाही के स्पष्ट निर्देश दिए गए। निर्देशों के अनुपालन में थाना करमा पर अभियोग पंजीकृत करते हुए मुहम्मद कैफ को गिरफ्तार कर लिया

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किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म  के तीनों आरोपी 30 घंटे में गिरफ्तार, पुलिस से मुठभेड़ में एक के पैर में लगी गोली

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  • किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म  के तीनों आरोपी 30 घंटे में गिरफ्तार, पुलिस से मुठभेड़ में एक के पैर में लगी गोली

सोनभद्र। आदिवासी किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने शनिवार की रात मुठभेड़ के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एक आरोपी के पैर में गोली लगी है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपियों के कब्जे से तमंचा, कारतूस, मोबाइल फोन व नकदी बरामद की गई है।

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पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में कनहरा निवासी पप्पू उर्फ बिन्दू यादव, ओबरा भलुआ टोला मलिन बस्ती निवासी अर्जुन डोम, सेक्टर-10 लंका कॉलोनी निवासी करन डोम शामिल हैं। शनिवार की रात बिल्ली मारकुण्डी खनन क्षेत्र में घेरेबंदी के दौरान करन डोम ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी।


घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। क्षेत्राधिकारी ओबरा अमित कुमार ने बताया कि 30 दिसंबर को साथ काम करने वाली किशोरी (17) को झांसा देकर राजगीर मिस्त्री पप्पू उर्फ़ बिंदु यादव पहाड़ी पर ले गया और वहां अपने दो अन्य साथियों के साथ जबरन दुष्कर्म किया।
पुलिस ने की कार्रवाई

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दो जनवरी की रात पुलिस ने मामले में केस दर्ज़ किया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए दो विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया था, जिन्होंने लगातार दबिश देकर आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की।

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सीओ अमित कुमार ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पीड़िता व उसकी मां को मिशन शक्ति टीम के माध्यम से तत्काल कानूनी सहायता, काउंसलिंग और सुरक्षा प्रदान की गई। आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है और आगे की विधिक प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं व बालिकाओं के विरुद्ध अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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11वें दिन का खेल महाकुम्भ महिलाओं, दिव्यागों के नाम रहा समर्पित

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  • 11वें दिन का खेल महाकुम्भ महिलाओं दिव्यागों के नाम रहा समर्पित

सोनभद्र। विधायक खेल महाकुंभ रविवार को हाइडिल मैदान पर ऐतिहासिक रहा इस दिन दृष्टिहीन युवकों ने जो करतब दिखाया लोगों ने दांतों तले उंगलियां दबा ली दृष्टिहीन युवाओं ने हाइडिल की पिच पर जमकर क्रिकेट खेल जब तक वह खेलते रहे तालियों की गड़गड़ाहट होती रही।

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अद्भुत अकल्पनीय वी अविस्मरणीय रहा रविवार का विधायक खेल महाकुंभ वहीं दूसरी तरफ महिलाओं ने भी अपनी अद्भुत कला दिखाई आज का मैच देखने के लिए जिलाधिकारी स्वयं मौजूद रहे  ब्रेनलुई जी के जन्मजयंती के अवसर पर आज का खेल दृष्टि बाधित खिलाड़ियों का क्रिकेट मैच का मुकाबला जिलाधिकारी सोनभद्र  बद्रीनाथ सिंह,

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विधायक भूपेश चौबे,पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा  अजीत चौबे व सम्मानित खेल प्रेमियों के साथ सर्व प्रथम स्व0 लुई ब्रेल जी के प्रतिमा पर पुष्प अर्पित व दीप प्रज्वलित कर दोनों टीमें   भिड़ी रॉबर्ट्सगंज वॉरियर्स और चतरा वरीयर्ष के बीच मैच का टॉस कराकर मैच का शुभारंभ किया गया,

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रॉबर्ट्सगंज वॉरियर्स की टीम टॉस जीतकर पहले चतरा वरीयर्ष को पहले बल्लेबाजी करने के लिए आमंत्रित किया,चतरा वरीयर्ष की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए अपने निर्धारित 08 ओवर में 3 विकेट खोकर 86 रनों का स्कोर खड़ा किया,जवाब में निर्धारित लक्ष्य का पीछा करते हुए रॉबर्ट्सगंज वॉरियर्स की टीम 5 वे ओवर में इस लक्ष्य को 09 विकेट से जीत लिया, दिव्यांग सभी खिलाड़ियों को सोनभद्र शए डी एम वागेश शुक्ल  के द्वारा प्रशस्ति पत्र व मैडल दिया गया।

दूसरी प्रतियोगिता महिला क्रिकेट मैच प्रकाश जीनियस स्कूल और सहीजन कला के बीच नगर पालिका परिषद सोनभद्र की अध्यक्षा  रूबी प्रसाद ब्रम्हकुमारी आश्रम की संचालक बहन सुमन दीदी के द्वारा टास कराकर मैच का शुभारंभ किया गया,प्रकाश जीनियस स्कूल की टीम टॉस जीतकर सहीजन की टीम को पहले बल्लेबाजी करने के लिए आमंत्रित किया,

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सहीजन कला की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 05 ओवर में 03 विकेट खोकर 36 रनों का स्कोर खड़ा किया,जवाब लक्ष्य का पीछा करते हुए प्रकाश जीनियस स्कूल की टीम को जीत के लिए अंतिम बाल पे 4 रन की जरूरत थी अतः चौका लगा कर मैच को जीत लिया।

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तीसरा खेल महिलाओं के बीच कुर्सी दौड़ का खेल भी खेला गया जिसमें डा0अनुपमा सिंह व श्वेता केसरी जी विजई रही। चौथा खेल रस्सा कसी ( अमृत खेल ) का आयोजन भाजपा महिला मोर्चा के महिलाओं के बीच खेला गया, जिसमें भाजपा महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष श्री मति पुष्पा सिंह  की टीम विजई रही।

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प्रतिभागी सभी महिला खिलाड़ियों को नगर पालिका परिषद सोनभद्र की अध्यक्ष  मति रूबी प्रसाद  डा0अनुपमा सिंह   श्रीमति रचना तिवारी के द्वारा प्रशस्ति पत्र व मैडल देकर सम्मानित किया गया,

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सामाजिक समरसता के लिए भेदभाव खत्म करना जरूरी- शिव मूर्ति

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  • सामाजिक समरसता के लिए भेदभाव खत्म करना जरूरी- शिव मूर्ति

सोनभद्र। हिंदू सम्मेलन का आयोजन विकास खण्ड घोरावल  के बकौली न्याय पंचायत का नन्हकूराम पब्लिक स्कूल में विकास खण्ड चतरा के रामगढ़ न्याय पंचायत का अनन्या मैरिज हॉल में अनुराग कुमार, शिव मूर्ति  के मुख्यातिथ्य में सकल हिंदू समाज द्वारा संपन्न किया गया।
   

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सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ काशी प्रांत के प्रांत सद्भाव प्रमुख शिव मूर्ति ने कहा कि व्यक्ति का मूल्यांकन जाति,भाषा या संपत्ति से नहीं होना चाहिए और सामाजिक समरसता के लिए भेदभाव खत्म करना जरूरी है।

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उनका कहना था कि पूरा देश सभी का है और यही भावना सच्ची सामाजिक समरसता की पहचान है. उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता की पहली शर्त मन से भेदभाव की भावना को खत्म करना और हर व्यक्ति को अपना समझना है।

कुटुम्ब प्रबोधन भारतीय जीवन-दृष्टि का मूल है। हिंदू सम्मेलन के दौरान परिवार को समाज और राष्ट्र की पहली इकाई बताते हुए कहा कि हर घर में सप्ताह में कम से कम एक दिन पूरा परिवार एक साथ समय बिताए।उन्होंने कहा कि घर में भजन, पारिवारिक भोजन, पूर्वजों की परंपराओं पर चर्चा और यदि कोई विपरीत विचार या

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संस्कार हों तो उन्हें दूर करने का प्रयास होना चाहिए।साथ ही देश, हिंदू धर्म और समाज से जुड़े विषयों पर संवाद ही मजबूत परिवार और सशक्त राष्ट्र की नींव है।

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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए क्रमशः यज्ञ नाथ मिश्रा,आदित्यनाथ पाठक ने किया। अपने अध्यक्षीय भाषण में अध्यक्ष द्वय ने कहा की जिस क्षेत्र में आप रहते हैं और घूमते हैं, वहां सभी हिंदुओं में आपके दोस्त होने चाहिए. हम हिंदुओं को एक मानते हैं,

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लेकिन दुनिया हम हिंदुओं के बीच जाति, भाषा, क्षेत्र और संप्रदाय के आधार पर अंतर देखती है. दुनिया जिनमें अंतर करती है, आपके उन सभी में दोस्त होने चाहिए. हम सभी लोग आज से ही यह प्रक्रिया शुरू कर दें.सभी को अपना मानिए।

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कार्यक्रम का सफल संचालन  राजीव कुमार मिश्रा व रमेश राम पाण्डेय ने किया।कार्यक्रम में हिन्दू सम्मेलन के जिला संयोजक आलोक कुमार चतुर्वेदी,सह संयोजक राजीव कुमार,खण्ड सह सयोजक रमेश चौबे,गणेश देव पांडे,सर्वेश पाठक,विपिन कुमार,लाल जी तिवारी,प्रभाशंकर चौबे,लालू यादव,लवकुश पाठक,रमेश राम

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पाण्डेय,अरुणेश पाण्डेय,किरन त्रिपाठी,तरुण,गिरिजाशंकर,सुशील पाण्डेय,राजेश केशरी,अंकित सिंह,गोविंद गुप्ता,संजय दुबे,विक्की,अशोक,विवेकानंद चतुर्वेदी,रोशन,जमुना गुप्ता,जगदीश,सतीश,विपिन,उमेश शुक्ला, अच्छे लाल,लाल जी

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तिवारी, सुशील पाठक,प्रशांत तिवारी, प्रशांत मिश्रा,सुरेंद्र मौर्य,रमाशंकर मिश्रा,अशोक चौबे,अमर प्रताप सिंह,अरुण प्रताप सिंह,अभिषेक सिंह,गोपाल तिवारी,गजेंद्र बहादुर सिंह,गोविंद मोर्य,राधेश्याम,मारकंडे पाठक,रामानंद पांडे,

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मनीष,जितेंद्र पाठक,चंद्रशेखर देव पांडे, अच्युतानंद सिंह,नरेंद्र सिंह,गिरिजा सिंह,देवनारायण सिंह, अजीत प्रताप सिंह,आकाशवली,मनोज,शिवकुमार शुक्ला, रामधनी भारती,उमेश गिरी, जनार्दन पाठक, राम अनुज त्रिपाठी, छविनाथ मौर्या, विपिन गिरी, भिखारी राम, शिरोमणि आदि लोग उपस्थित रहे।

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मधुरिमा साहित्य गोष्ठी का 64वां अखिल भारतीय कवि सम्मेलन हुआ संपन्न

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  • मधुरिमा साहित्य गोष्ठी का 64वां अखिल भारतीय कवि सम्मेलन हुआ संपन्न
  • कड़ाके की ठंड में पूरी रात कवियों को सुनने डटे रहें श्रोता

सोनभद्र।
सोनभद्र। रावर्ट्सगंज के आरटीएस क्लब मैदान में विगत छः दशकों से प्रति वर्ष आयोजित होने वाला मधुरिमा साहित्य गोष्ठी का सारस्वत महायज्ञा 64 वें सफल आयोजन को पूर्ण कर इतिहास में दर्ज हो गया

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लगभग 90 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे साहित्यकार पं० अजय शेखर ने आज से 64 वर्ष पूर्व 26 वर्ष की आयु में इस सारस्वत महायज्ञ के अनुष्ठान का संकल्प लेकर अपनी साहित्यिक साधना सुरु की जो रजत जयन्ती, स्वर्ण जयन्ती, हीरक जयन्ती मनाने के पश्चात अब अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का यह आयोजन 65 वें वर्ष में प्रवेश कर नीलम जयन्ती वर्ष के साथ अनवरत साधना से सिद्धि को प्राप्त कर चुका है।

सर्द मौसम में बादल और घने कोहरे की चादर ओढ़े शुक्रवार की शाम को रावर्ट्सगंज का आरटीएस क्लब मैदान अपने अतीत को समेटे वर्तमान के साथ भविष्य की इबारत को लिखते हुए मधुरिमा साहित्य गोष्ठी द्वारा आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कविता, गीत, गजल, मुक्तक, छन्द और शेरो शायरी की शानदार प्रस्तुतियों के बीच आह-आह और वाह-वाह के दाद के साथ तालियों के गड़गड़ाहट से गुलजार रहा।

मधुरिमा साहित्य गोष्ठी के उप निदेशक आशुतोष पाण्डेय मुत्रा के संयोजन में आयोजित 64 वां अखिल भारतीय कवि सम्मेलन जाने माने गीतकार मनमोहन मिश्र के अध्यक्षता और नगर पालिका परिषद रावर्ट्सगंज की अध्यक्ष रुबी प्रसाद के मुख्यातिथ्य में सपत्र हुआ,

जिसका संचालन वाराणसी से आये हास्यकवि नागेश सांडिल्य ने किया। कार्यक्रम का आगाज लोक भाषा के सुप्रसिद्ध गीतकार जगदीश पंथी द्वारा मधुरिमा साहित्य गोष्ठी के स्वर्णिम अतीत

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पर विषय प्रवर्तन व आगन्तुकों के स्वागत सम्मान के साथ गीतकार ईश्वर विरागी के वाणी वन्दना से किया गया।

हास्य व्यंग्य के कवि अजय चतुर्वेदी कक्का ने –

जनम क पापी नाम धरम चन्द, मारी के पड़वा देवता तारहे

छ-छ अण्डा सांझ सबेरे, पण्डा क मेहरारु झारें की प्रस्तुति से गुदगुदाकर श्रोताओं को लोटपोट कर दिया।

वाराणसी से चल के आये डॉ. धर्म प्रकाश मिश्र ने-

कौन कहता कि गिद्ध भारत से लुप्त हुए

पेड़ों के बजाय कुर्सियों पर पाए जाते हैं

त्रेता वाला गिद्ध सीता माता हेतु जान दिया

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कलयुग के गिद्ध सीताओं को नोच खाते हैं सुनाकर राजनीति पर करारा प्रहार किया वहीं चंदौली से चल के आये

गीतकार मनोज द्विवेदी मधुर ने अपनी रचना-

सबने चाहा था जैसे में चला ही नहीं

सबके बहकावे में ढला ही नहीं

मैं जमाने की नजरों में नाकाम हूँ

क्योंकि मैंने किसी को छला ही नही सुनाकर समां बांध दिया।

ओज के कवि प्रभात सिंह चन्देल ने अपने हिस्से का काव्य पाठ करते हुए राष्ट्रवाद से ओत प्रोत रचना –

हो जाऊं कुर्बान अगर माँ भारती के चरणों में, मेरे मस्तक पर मेरा भारत महान लिख देना-

पूजा अरदास यही प्रार्थना इबादत है, इसके न मध्य राजनीति को ले आइये।

राजद्रोह को जो कह राष्ट्रद्रोह दमन करे, भ्रष्ट नेता नगरी की लंका को जलाइए।

सुनाकर दिलों में देश भक्ति का भाव भरा तो पूरा सदन भारत माता के जयकारे से गूंज उठा।

सोनभद्र की कवियित्री डा. रचना तिवारी ने अपनी रचना-

जो मौसम आतिशी कर दे सराफत हो नहीं सकती

धर्म के नाम पर दंगा इबादत हो नहीं सकती

शहीदों की शहादत को कलंकित करने वाले सुन

सियासत से कभी मां की सिकायत हो नहीं सकती की प्रस्तुति से आयोजन में चार चांद लगा दिए।

सोनभद्र से शायर अब्दुल हई ने अपना कलाम हम बेगाने हो गए सुनकर श्रोताओं को सोचने पर मजबूर कर दिया।

कयि सुधाकर स्वदेश प्रेम ने यह भारत देश है मेरा सुनाया तो वहीं म्योरपुर से आये यथार्थ विष्णु ने

हम जगमग करते हैं सबको रहते भले अंधेरे में

नाम हमारा सोनभद्र है दीपक जैसी हालत है

सुनाकर सोनभद्र का दर्द साझा किया तो कमल नयन त्रिपाठी ने –

सुरूरे इश्क था मुझ पर जग से ना समझ भी थे

नजर में जो चढ़ाया था नरों ने वो उतारी भी सुनाकर वाहवाही लूटी वहीं विवेक चतुर्वेदी ने अपनी प्रस्तुति –

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आप जैसों का तलबगार नहीं हो सकता

दोस्त हो सकता हूँ मगर यार नहीं हो सकता

तालियां बटोरी। लीलासी से चल के आये लखन राम जंगली विस्थापितों के दर्द को उकेरते हुए अपनी रचना-

जंगली के घर बिछ गईस कारखानन के जाल।

‘जंगली’ जंगली रह गईस बाकी माला-माल

लखनऊ से चल के आये देश के जाने माने गीतकार डा. सुरेश ने –

बीत जाएंगे –

सुनाकर व्यवस्था को आड़े हाथों लिया।

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ये कुहांसे भरे दिन भी बीत जाएंगे

तू चला चल पथिक निश्चल अब न घबराना

पांव चलकर एक दिन मंजिल को पाएंगे

सुनाकर आयोजन को ऊंचाई प्रदान की।

वाराणसी से आये सलीम शिवालयी ने-

जल रहे हैं सितम अंगारे

हम न भागेंगे खौफ के मारे

जंग हारे हैं है मलाल इसका

हम अभी हौसला नहीं हारे

सुनाकर लोकतंत्र को आइना दिखाया तो वहीं

संचालक नागेश सांडिल्य ने अपनी हास्य रचना सुनाकर-

एक दिन पूछा मैंने श्री गणेश बोलें आप

वाहन में आपके ये कैसी बेहिसाबी है

आप हैं विशालकाय वाहन है लघुरूप

मूसक से मिल रही ये कैसी कामयाबी है

गोरखपुर से चल के आये गीतकार मनमोहन मिश्र ने अध्यक्षीय काव्यपाठ करते हुए-

सुनाकर माहौल को खुशनुमा बना दिया

नफरत का जाम मुझसे तो डाला न जाएगा

ये काम मेरे दिल से सम्भाला न जायेगा

औकात जानता हूं में अपने सउर का

कीचड़ किसी पर मुडासे उछाला न जायेगा

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सुना कर आयोजन को शिखर पर पहुंचा दिया और मधुरिमा कविता, मुक्तक, छंद व गीत गजलों को गुनगुनाते हुए श्रोताओ के जेहन में अपनी अमिट छाप छोड़ गयी। उक्त अवशर पर पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका परिषद रावर्ट्सगंज कृष्ण जन्माष्टमी घरसाहित्य सेवी अनु विलियम (बेल्जियम), वनवासी सेवा आश्रम गोविन्दपुर से ड़ा. विभा बहन, विमल भाई, जगत भाई, देवनाथ भाई, शिंव सरन भाई,

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजेश द्विवेदी, जगदीश मिश्रा, गोपाल स्वरूप पाठक, विनय गोयल, धीरज पाण्डेय, शैलेन्द्र चौबे, जय शंकर भारद्वाज पत्रकार वृजेश कुमार शुक्ला, मोनू गुप्ता, मुनी महेश शुक्ल, अमित मिश्रा,, ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी, गिरीश पाण्डेय, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रभाकर श्रीवास्तव, अशोक श्रीवास्तव, आनन्द मिश्र, समाजसेवी संदीप सिंह चन्देल,

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विन्देश्वरी श्रीवास्तव, राजेन्द्र प्रसाद, मंजेश सिंह, भाजपा पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष बलराम सोनी, गौरव शुक्ला, विनोद सोनी, व्यापार मण्डल से चन्दन केसरी, आशीष केशरी, श्याम मोहन पाण्डेय, प्रमोद यादव समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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महान समाज सुधारक एवं नई चेतना की अग्रदूत थी सावित्रीबाई फुले- कौशल शर्मा

HIGHLIGHTS

  • श्रीमाली महासभा ने मनाया सावित्रीबाई फुले की जयंती
  • महान समाज सुधारक एवं नई चेतना की अग्रदूत थी सावित्रीबाई फुले- कौशल शर्मा

सोनभद्र। संयुक्त श्रीमाली महासभा के तत्वाधान में उरमौरा स्थित एक होटल में माता सावित्रीबाई फुले की जयंती बहुत धूमधाम से मनाया गया। जहां नारी शिक्षा जिंदाबाद,सावित्रीबाई फुले अमर रहे, का नारा लगाते हुए एक दूसरे को बधाई दी।

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उपरोक्त अवसर पर बतौर अतिथि कौशल शर्मा ने कहा कि भारत की पहली महिला शिक्षिका, महान समाज सुधारक एवं नई चेतना के अग्रदूत माता सावित्रीबाई फुले की जयंती पर हम सभी एकत्र हुए हैं 3 जनवरी 1831 को जन्मी सावित्रीबाई फुले ने उसे समय शिक्षा की मसाल जलाई जब स्त्रियों को पढ़ना तो दूर शिक्षा के बारे में सोचना भी अपराध माना जाता था

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उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले केवल एक शिक्षिका ही नहीं थी बल्कि वह सामाजिक क्रांति की प्रतीक भी थी एवं नारी मुक्ति आंदोलन की प्रणेता भी थी उनका पूरा जीवन समाज के वंचित तबके खासकर महिलाओं और दलितों के अधिकारों के लिए संघर्ष में बिता उनका नाम आते ही सबसे पहले शिक्षा और समाज सुधार के क्षेत्र में उनका योगदान हमारे सामने आता है

वह हमेशा महिलाओं और वंचितों की शिक्षा के लिए जोरदार तरीके से आवाज उठाती रहे वे अपने समय से बहुत आगे थी और उन गलत प्रथाओं की विरोध में हमेशा मुखर रहीं। जिला अध्यक्ष चंद्रशेखर श्रीमाली ने कहा कि शिक्षा से समाज के सशक्तिकरण पर उनका गहरा विश्वास था सावित्रीबाई फुले एक महान समाज सुधारक दार्शनिक कवयित्री और शिक्षाविद भी थी

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उनके पति ज्योतिबाफुले भी एक प्रसिद्ध चिंतक और लेखक थे श्री शेखर ने कहा कि जब महाराष्ट्र में अकाल पड़ा तो सावित्री फुले ने जरूरतमंदों के लिए अपने दरवाजे खोल दिए सामाजिक न्याय का ऐसा उदाहरण बिरला ही देखने को मिलता है जब पुणे में प्लेग का भय व्याप्त था तो उन्होंने खुद को लोगों की सेवा में झोंक दिया इस दौरान वह खुद इस बीमारी की चपेट में आ गई मानवता को समर्पित उनका जीवन आज भी हम सभी को प्रेरित कर रहा है।        

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  पूर्व जिला अध्यक्ष हरभजन सिंह ने कहा कि सावित्रीबाई फुले एक नाम नहीं एक विचार है सावित्रीबाई फुले का जीवन एक संदेश है कि शिक्षा से ही समाज बदलेगा और सामानता से राष्ट्र आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले में बाल विवाह का विरोध किया सती प्रथा एवं अंधविश्वास का विरोध किया

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उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही समाज बदलेगा बिना शिक्षा लोकतंत्र कमजोर होगा समाज में स्त्री का सम्मान होना चाहिए और भेदभाव का विरोध होना चाहिए उपरोक्त अवसर पर चंद्रशेखर श्रीमाली, अवधेश शर्मा, राजकुमार शर्मा, हरीभजन सिंह, कौशल शर्मा, रमेश श्रीमाली, वैभव शर्मा, अनुभव शर्मा, आदि लोगों उपस्थित रहे।

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नव वर्ष काव्य संध्या पर हुआ अभिनंदन कार्यक्रम

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  • मुझको अबला मत समझो मैं झांसी वाली रानी हूं: कौशल्या कुमारी चौहान
  • नव वर्ष काव्य संध्या पर हुआ अभिनंदन कार्यक्रम

सोनभद्र। शहीद स्थल करारी, सोन संगीत फाउंडेशन, व साहित्य दीप संस्थान के तत्वावधान में समाजसेवी कमलेश खांबे के आवास पर शनिवार शाम को काव्य संध्या नव वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित की गई। अध्यक्षता गीतकार ईश्वर विरागी ने किया संचालन दिलीप सिंह दीपक ने किया।

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वाणी वंदना करते हुए दयानंद दयालू ने, बिगरी बनावा जगजननी से शुरुआत किया। प्रदुम्न त्रिपाठी ने, सर्वे भवन्तु सुखिनः मंगल हमारी भावना हो, प्रीत की गंग ओ जमन बहती रहे यह कामना हो सुनाकर समरसता लोक कल्याण का भाव जगाया।

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शायर अशोक तिवारी ने, हमने तुमसे प्यार किया और क्या किया, यूँ जिंदगी गुजार दिया और क्या किया सुनाकर वाहवाही लूटी। कवि धर्मेश चौहान ने, बड़ा ही सुंदर बड़ा ही प्यारा अपना हिंदुस्तान, सुनाकर राष्ट्र आराधना किये सराहे गये। सुनिल चौचक ने हास्य की रचना सुनाकर लोगों को गुदगुदाया।

दिलीप सिंह दीपक ने बुजुर्गों ने लहू देकर रखी है आबरू इसकी, तुम सब कुछ बेच दो लेकिन हिंदुस्तान मत बेचो सुनाकर नसीहत दी। कौशल्या कुमारी चौहान ने देश भक्ति व नारी सशक्तिकरण पर गंभीर रचना मुझको अबला मत समझो मैं झांसी वाली रानी हूँ सुनाकर वीर रस से वातावरण सृजित किया।

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समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए कमलेश खांबे को अंगवस्त्र लेखनी पुस्तिका  अभिनंदन पत्र देकर सम्मानित किया गया। सुशील मिश्रा ने सस्वर संगीत प्रस्तुति देवी गीत गाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।

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अंत में अध्यक्षता करते हुए गीतकार ईश्वर विरागी ने कालजयी रचना थाम लेंगे वक्त को चलने न देंगे सुनाकर पूर्णता प्रदान किये।

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आगामी गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर बार सभागार में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन कराने व सुकवि कमलेश मिश्र राजहंस का नागरिक अभिनन्दन के प्रस्ताव अनुमोदन के साथ आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर जयशंकर त्रिपाठी, देवानंद पांडेय, ठाकुर कुशवाहा, ऋषभ आदि लोग मौजूद रहे।

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एसबीए चुनाव: अध्यक्ष पद पर 4 समेत 12 लोगों ने लिया पर्चा

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  • एसबीए चुनाव: अध्यक्ष पद पर 4 समेत 12 लोगों ने लिया पर्चा

सोनभद्र। बहु प्रतीक्षित सोनभद्र बार एसोसिएशन सोनभद्र के निर्वाचन सत्र 2026-27 के लिए हो रहे मतदान के लिए नामांकन पत्र वितरण के प्रथम दिन शनिवार को अध्यक्ष पद पर 4 प्रत्याशियों समेत कुल 12 लोगों ने भिन्न-भिन्न पदों के लिए पर्चा लिया। प्रत्याशियों ने समर्थकों के साथ वकील मतदाताओं से संपर्क किया,जिससे चुनावी सरगर्मी तेज हो गई।

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मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुरेश सिंह एडवोकेट ने बताया कि अध्यक्ष पद के लिए 4 प्रत्याशियों जिनमें उमेश कुमार मिश्रा, हेमनाथ द्विवेदी, शेष नारायण दीक्षित व अशोक प्रसाद श्रीवास्तव ने पर्चा लिया है।

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वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद के लिए दो प्रत्याशी  गोविंद प्रसाद मिश्र व अजय कुमार द्विवेदी, महामंत्री पद के लिए सिर्फ एक  प्रत्याशी अरुण कुमार सिंघल, कोषाध्यक्ष पद पर सिर्फ एक प्रत्याशी सुधी नारायण देव पांडेय, संयुक्त मंत्री  प्रशासन पद के लिए सिर्फ एक प्रत्याशी संतोष कुमार सिंह पटेल ने पर्चा लिया।

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वहीं सदस्य कार्यकारिणी 15 वर्ष से ऊपर के लिए एक प्रत्याशी परवेज अख्तर खां एवं सदस्य कार्यकारिणी 15 वर्ष से नीचे  के लिए दो प्रत्याशी दिनेश धर दुबे व आशुतोष पाठक ने पर्चा लिया है।

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उन्होंने यह भी बताया कि 5 जनवरी को नामांकन पत्र के विक्रय की आखिरी तिथि नियत है। 5 एवं 6 जनवरी को  प्रत्याशी अपना पर्चा दाखिल करेंगे। उधर अध्यक्ष, महामंत्री, वरिष्ठ उपाध्यक्ष और कोषाध्यक्ष पद के प्रत्याशियों द्वारा समर्थकों के साथ वकील मतदाताओं से संपर्क किया गया। जिसकी वजह से चुनावी सरगर्मी तेज हो गई।

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भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती मनी

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  • भारत की प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती मनी
  • वक्ताओं ने माल्यार्पण कर किया याद, मार्ग का अनुसरण करने का लिया संकल्प
  • रॉबर्ट्सगंज कचहरी परिसर स्थित डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सभागार में हुआ आयोजन

सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज कचहरी परिसर स्थित डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन सोनभद्र के सभागार में शनिवार को भारत की प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले जी की 195वीं जयंती मनाई गयी। वक्ताओं ने माल्यार्पण कर उन्हें याद किया और उनके मार्ग का अनुसरण करने का संकल्प दिलाया।                                      

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डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन अध्यक्ष जगजीवन सिंह एडवोकेट ने कहा कि भारत की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले उस दौर में लड़कियों की शिक्षा की नींव रखी जब समाज इसका घोर विरोध करता था, उन्हें लोगों द्वारा पत्थर मारे गए, उनका अपमान और उनके साथ भेदभाव किया गया, लेकिन उन्होंने शिक्षा को हथियार बनाकर महिला सशक्तिकरण की ऐतिहासिक शुरुआत की थी।

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वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश यादव ने कहा कि सावित्रीबाई फुले एक बहादुर समाज सुधारक थीं। उन्होंने ऐसे समय में महिलाओं की शिक्षा के लिए लड़कर भारतीय इतिहास का रुख बदला, जब लड़कियों को पढ़ने का अधिकार नहीं था। उनका संघर्ष केवल शिक्षा तक सीमित नहीं था,

बल्कि समानता और मानवता के लिए भी था। यही वजह थी कि कई बार समाज के लोगों ने उनका अपमान किया, पत्थर फेंके, लेकिन वह रुकी नहीं। अपना मिशन जारी रखा। लड़कियों और हाशिए पर पड़े समुदायों के लिए स्कूल खोले।

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कार्यक्रम की अध्यक्षता डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पवन कुमार सिंह एडवोकेट व संचालन महामंत्री प्रदीप कुमार मौर्य एडवोकेट ने किया। इस अवसर पर राजेश मौर्य, विजय बहादुर सिंह, सुरेश कुशवाहा, अशोक जालान, कामता यादव, टीटू गुप्ता, शांति वर्मा आकृति, निर्भया,सरस्वती, पूजा सिंह, बिंदु, शैलेन्द्र कुमार, राजकुमार पटेल,नवीन पाण्डेय,मो याक़ूब, यजमी बेगम आदि मौजूद रही।

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