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- तीन से लापता 14 वर्षीय किशोर लौटा अपने घर, सुनाई अपहरण की कहानी
सोनभद्र। घोरावल कोतवाली क्षेत्र के बर्दिया गांव से संदिग्ध हाल में तीन दिन से लापता किशोर रविवार को घर लौट आया। उसने परिवार वालों को अपहरण की कहानी सुनाकर सकते में डाल दिया है। वहीं पुलिस की अब तक जांच-छानबीन में मामला संदिग्ध मिला। मामले में पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर रखा है।

बर्दिया (शिवद्वार) गांव के रहने वाले एक व्यक्ति का 14 वर्षीय बेटा शुक्रवार को लापता हो गया था। इकलौता बेटा होने के कारण परिवार वाले उसकी सलामती को लेकर काफी परेशान थे। पिता ने थाने में उसकी गुमसुदगी भी दर्ज कराई थी। रविवार को वह घर वापस लौट आया तो सभी ने राहत की सांस ली। पिता के मुताबिक हिरनखुडी स्थित एक स्कूल में कक्षा 8 का छात्र है।


शुक्रवार की सुबह वह घर से विद्यालय जाने की बात कह कर निकला, लेकिन वह विद्यालय न जाकर अपने ममेरे भाई के साथ घोरावल चला गया। दोपहर बाद वह उसे इंडियन बैंक शिवद्वार में छोड़कर चला गया। इसके बाद से उसका पता नहीं चल रहा था। रविवार सुबह एक ट्रक चालक ने उसे घायल अवस्था में पहुंचाया। घोरावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर उसका उपचार कराया गया।

पिता के मुताबिक बेटे ने जानकारी दी कि वह जैसे ही इंडियन बैंक शिवद्वार शाखा से निकलकर घर के लिए चला। संग्रहालय के पास मौजूद चार पहिया सवार लोगों ने उसके चेहरे पर स्प्रे मार दिया, इससे वह बेहोश हो गया। बेहोशी की हालत में उसे ले जाकर मिर्जापुर के अहरौरा घाटी में फेंक दिया गया। दो दिन तक वह वहीं पड़ा रहा। रविवार की सुबह उधर से गुजर रहे एक ट्रक चालक की नजर उस पर पड़ी तो वह उससे उसके घर की जानकारी लेकर वर्दिया पहुंचाया।

प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि जैसे ही मामला पुलिस के संज्ञान में आया। गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी गई। प्रथम दृष्ट्या छानबीन में पूरा मामला संदिग्ध पाया गया है। शुक्रवार को उसने दो बार पैसे निकाले। बैंक जाकर केवाईसी अपडेट कराई।

इसके बाद वह कहीं चला गया। उसके शरीर पर कोई चोट भी नहीं दिख रही। अब तक जो जानकारी सामने आई है उससे यही पता चल रहा है कि वह खुद कहीं चला गया था और डांट से बचने के लिए परिवार वालों को अपहरण की कहानी सुना रहा है।
































