सोन साहित्य संगम ने पूर्वांचल के विद्वानों को शब्द शिरोमणि सम्मान देकर रचा इतिहास

HIGHLIGHTS

  • लखनऊ, प्रतापगढ़, प्रयागराज, जौनपुर, गाजीपुर ,मिर्जापुर, भदोही और सोनभद्र के नामचीन हिंदी साहित्य के रचनाकारों का किया अभिनंदन
  • अवसर था गोस्वामी तुलसीदास जन्मोत्सव एवं कैसे खामोश रहूं पुस्तक विमोचन का

सोनभद्र। विंध्य पर्वतमाला की आदिवासी बाहुल्य जनपद सोनभद्र की बहुचर्चित साहित्यिक संस्था सोन साहित्य संगम ने हिंदी साहित्य के मार्तंड,भक्त प्रबर, संत शिरोमणि,, सगुणोपासक,राम भक्त गोस्वामी तुलसीदास के जन्मोत्सव पर विंध्य क्षेत्र के सुदूर अंचल धर्म और सांस्कृतिक नगरी प्रयागराज की धरती पर पुस्तक विमोचन एवं कवि सम्मेलन का आयोजन कर साहित्य के क्षेत्र में इतिहास रचने का कार्य किया है।

Advertisement

बताते चलें कि साहित्यिक संस्था के संयोजक राकेश शरण मिश्र की प्रथम पुस्तक खामोश कैसे रहूं के लोकार्पण समारोह एवं कवि सम्मेलन में हिंदी साहित्य को बढ़ावा देने वाली कई अन्य संस्थाओं ने भी अपनी अहम भूमिका निभाई और पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से आए कवियों ने एक से बढ़कर एक कविताएं सुना कर सभागार में बैठे कविता प्रेमियों को ताली बजाने के लिए मजबूर कर दिया।

Advertisement

कवियों ने गीत, गजल, मुक्तक एवं हास्य व्यंग्य की रचनाएं पढ़कर कवि सम्मेलन को ऊंचाई पर पहुंचाने के साथ ही कार्यक्रम आयोजित करने वाली संस्था को बधाई दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के निदेशक एवं वरिष्ठ पत्रकार मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी ने तथा संचालन अखिल भारतीय कवि सम्मेलन की मंचीय कवियत्री गीतकार एवं गीत कस्तूरी संस्था की निदेशक डॉक्टर रचना तिवारी ने किया।

Advertisement

इस दौरान लखनऊ से चलकर प्रयागराज आए हिंदी साहित्य के विद्वान एवं अधिवक्ता जयनारायण पांडेय यहां बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे।वहीं विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान प्रयागराज के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ ओम प्रकाश त्रिपाठी मुख्य वक्ता और संस्थान के सचिव एवं विश्व स्नेह समाज के संपादक डॉक्टर गोकुलेश्वर कुमार द्विवेदी और प्रतापगढ़ से चलकर आए प्रखर शिक्षाविद बी के त्रिपाठी,भाजपा नेत्री शशि त्रिपाठी तथा हिंदी श्री पब्लिकेशन के प्रमुख और प्रख्यात कवि आनंद अमित विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।  

   

Advertisement

इस अवसर पर विश्व हिंदी साहित्य सेवा संस्थान प्रयागराज के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ ओम प्रकाश त्रिपाठी, सचिव डा गोकुलेश्वर कुमार द्विवेदी, संयुक्त सचिव ईश्वर चरण शुक्ल,गीत कस्तूरी संस्था की निदेशक एवं गीतकार डॉक्टर रचना तिवारी, प्रतापगढ़ से आए शिक्षाविद वी के त्रिपाठी, भाजपा नेत्री शशि त्रिपाठी,

Advertisement

लखनऊ से पधारे साहित्य सेवी एवं उच्च न्यायालय के अधिवक्ता जय नारायण पांडेय,भदोही के वरिष्ठ कवि साहित्यकार आनंद अमित सहित कई अन्य विद्वानों को सोन साहित्य संगम के निदेशक एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे।

Advertisement

वरिष्ठ पत्रकार मिथिलेश प्रसाद द्विवेदी संस्था के संयोजक राकेश शरण मिश्र और मुख्य अतिथि द्वारा अंग वस्त्र ‌, स्मृति चिन्ह, सम्मान पत्र और साहित्यिक पुस्तक भेंटकर शब्द शिरोमणि सम्मान से सम्मानित किया गया।
सभागार में बैठे साहित्य और कविता में अनुराग रखने वाले  श्रोताओं की तालियों से सभागार गुंजित हो उठा जो देखते ही बन रहा था।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement (विज्ञापन)



संस्कृति LIVE द्वारा प्रकाशित

Sanskriti Live is a news website. Where you can read news related to religion, literature, art, culture, environment, economic, social, business, technology, crime, agriculture etc. Our aim is to provide you with correct and accurate information. This news website is operated by Sanskriti Live News Network (OPC) Pvt. Ltd. If you want to join us, you can contact us on 7007390035 or info@sanskritilive.in.

टिप्पणी करे

Design a site like this with WordPress.com
प्रारंभ करें