HIGHLIGHTS
- ब्लॉकचैन एक्सपर्ट आनंद ने युवाओं से साझा किया अनुभव
शक्तिनगर , सोनभद्र। ब्लॉकचेन एक ऐसी प्रौद्योगिकी है जिससे क्रिप्टो मुद्रा का संचालन होता है। यदि सरल शब्दों में कहा जाए तो यह एक डिजिटल ‘सार्वजानिक बही खाता’ है, जिसमें प्रत्येक लेन-देन अथवा ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड दर्ज़ किया जाता है।

ब्लॉकचेन में एक बार किसी भी लेन-देन को दर्ज करने पर इसे न तो वहाँ से हटाया जा सकता है और न ही इसमें संशोधन किया जा सकता है। ब्लॉकचेन एक डेटा बेस है, जो आपकी किसी भी तरह की संपत्ति को एक पीयर-टू-पीयर में बांटता है।

जैसा कि ब्लॉकचेन नाम से साफ होता है कि इसमें आपका डेटा ब्लॉक में स्टोर किया जाता है, जो एक चेन में एक साथ जुड़े होते हैं। उक्त बातें ग्रीन लेजर स्मार्ट कॉइन के ब्लॉकचैन एक्सपर्ट आनंद जायसवाल ने रविवार को शक्तिनगर स्थित एक एक्जाम कोचिंग सेंटर में युवाओं से अपने अनुभव साझा करते हुए कही। कार्यक्रम का आयोजन रंजीत राय द्वारा किया गया।

युवाओं से अपने अनुभव साझा करते हुए आनंद जायसवाल ने कहा कि ब्लॉकचेन जरूरी है, क्योंकि इस इनोवेटिव टेक्नोलॉजी के बनाने की मेन वजह किसी भी रिकॉर्ड को पारदर्शी तरीके से यूजर्स को उपलब्ध कराना। मतलब अगर आप कोई लेनदेन करते हैं, तो उसमें किसी तरह का फ्रॉड न हो। इसके लिए सारे लेनदेन को डिसेंट्रलाइज्ड तरीके से एनक्रिप्टेड किया जाता है।

जब कोई दो पार्टी लेनदेन करती हैं, तो इस दौरान आमतौर पर एक विश्वसनीय थर्ड पार्टी होती है, जो उस लेनदेन की निगरानी करती है। साथ उस लेनदेन को कंफर्म करता है। इस तरह की सेंट्रल अथॉरिटी होने की वजह से क्रिप्टो लेनदेन जटिल हो जाता है।

ऐसे में इस तरह के लेनदेन को हैकिंग नहीं की जा सकती है। ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी डिसेंट्रलाइज्ड है और इससे किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है। इस लेनदेन का हर एक रिकॉर्ड रखा जाता है।
ब्लॉकचैन अवेयरनेस प्रोग्राम में मुख्य रूप से राघवेंद्र प्रताप सिंह, पवन शर्मा, करण कुमार, राम कलेश साहू, अरविंद कुमार, प्रदीप कुमार, सुनील पनिका, राजेश कुमार सहित दर्जनों युवा उपस्थित रहे।



























