सोनभद्र। राजकीय शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश मूल संघ के प्रांतीय कार्यकारी महामंत्री अशोक कुमार त्रिपाठी ने माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी को पत्र लिखकर के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में विषयवार सृजित पदों के प्रति कार्यरत शिक्षकों के विरुद्ध गतिमान सरप्लस प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने की मांग की है।

कार्यकारी महामंत्री का कहना है कि वर्षों बाद राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में विषयवार प्रवक्ता/ सहायक अध्यापकों की तैनाती सृजित पदों के सापेक्ष हुई है। जिसके कारण राजकीय माध्यमिक विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या में वृद्धि हो रही है, परन्तु सरप्लस नीति के क्रियान्वयन की स्थिति में राजकीय माध्यमिक विद्यालय, पर्याप्त शिक्षकों के हट जाने से, पुन: पुराने ढर्रे पर लौटने हेतु विवश हो जाएंगे।

सरप्लस नीति से प्रभावित शिक्षक/शिक्षिकाओं के अध्ययनरत पाल्य/पाल्या की शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। ऐसे शिक्षकों का मनोबल अपनी पारिवारिक समस्या एवं बच्चों की शिक्षा-दीक्षा मध्य सत्र में बाधित होने की आशंका से गिरा हुआ है। उल्लेखनीय है कि विभाग द्वारा सरप्लस शिक्षकों के चिन्हांकन की प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी करके जल्दबाजी में सूचना का आदान- प्रदान कर के शिक्षकों को मानक के विपरीत सरप्लस घोषित किया गया है। अतः इसे तत्काल प्रभाव से स्थगित किए जाने की आवश्यकता है।





