राम अनुज धर द्विवेदी
सोनभद्र। आईपीएफ तहसील संयोजक श्रीकांत सिंह ने गुरुवार को एसडीएम, वन विभाग को ज्ञापन सौंपा।आईपीएफ़ नेता श्रीकांत सिंह ने कहा कि घोरावल इलाके में जमीन का सवाल बहुत पुराना है। यहां के मूल निवासी आदिवासी वनवासी गिरीवासी के जीवन जीने का एक मात्र साधन भूमि है। जिसे जोत कोड़ कर वह अपना जिविकोपार्जन करते हैं।

इस इलाके के आदिवासी और अन्य परंपरागत जातियों का उत्पीड़न लंबे समय से जारी है। जिसको लेकर हमारा संगठन आदिवासियों का जीवन बचाने के लिए लगातार संघर्ष करता आ रहा है। वर्ष 2009 से लेकर आज तक वनाधिकार कानून का दावा प्रपत्र शासन प्रशासन के दिशा निर्देश पर चार बार ग्रामीणों ने दावा प्रपत्र तैयार कर ग्राम समिति के माध्यम से तहसील कार्यालय में जमा किया।

लेकिन हर बार निराशा ही मिली। आदिवासियों वनवासियों का मौलिक अधिकार देने के लिए वनाधिकार कानून दिखावा बनकर रह गया है। उक्त बाते उपजिलाधिकारी घोरावल, रेंज कार्यालय घोरावल, ग्राम पंचायत अध्यक्ष शिवद्वार के नाम ग्राम पंचायत में दोबारा ग्राम समिति का गठन कराने के लिए सूचना पत्र दिया गया है। गुरुवार को एसडीएम की अनुपस्थिति में पत्र उनके स्टेनो को दिया गया। इस मौके पर संतलाल बैगा, प्रीतलाल बैगा, शिव शंकर गोड़, फुलवंत कोल, परमिला बैगा आदि लोग मौजूद रहे।




