यूपी भाजपा अध्यक्ष की इस टिप्पणी को लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा से जोड़कर देखा जा रहा है। गौरतलब है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में कुल 8 लोगों की मौत हो गई थी। मामले की जांच एसआइटी कर रही है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के बाद विपक्षियों को भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ एक मजबूत मुद्दा मिल गया है. सभी पार्टियां इसे भुनाने में भी लगी हैं। इस बीच यूपी भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने पार्टी कार्यकर्ताओं को नसीहत दी है। रविवार को भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे की कार्यसमिति को संबोधित करते हुए यूपी भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि नेतागीरी का मतलब किसी को लूटना नहीं होता है।
स्वतंत्र देव सिंह ने कहा, ”नेतागीरी का मतलब किसी को लूटने नहीं आए हैं। फॉर्च्यूनर से किसी को कुचलने नहीं आए हैं। आपके व्यवहार की वजह से ही आपको वोट मिलेगा। अगर जिस मोहल्ले में आप रहते हैं, वहां दस लोग आपकी तारीफ करते हैं तो मेरा सीना चौड़ा हो जाएगा। यह नहीं होना चाहिए कि जिस मोहल्ले में रहते हैं, लोग आपकी शक्ल नहीं देख पाएं।
यूपी भाजपा अध्यक्ष की इस टिप्पणी को लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा से जोड़कर देखा जा रहा है। गौरस्वतंत्र देव सिंहतलब है कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में कुल 8 लोगों की मौत हो गई थी। मामले की जांच एसआइटी कर रही है। इसके अलावा इलाहाबाद हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता घटना की न्यायिक जांच भी हो रही है। लखीमपुर खीरी सांसद और केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा पर किसानों को गाड़ी से कुचलने का आरोप है। उन्हें गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया गया है।
हालांकि, मंत्री पुत्र आशीष मिश्रा का दावा है कि घटना के समय वह घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे, बल्कि वहां से 4 किलोमीटर दूर अपने पैतृक गांव बनवीरपुर में आयोजित दंगल कार्यक्रम में थे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लखीमपुर खीरी में 3 अक्टूबर को भाजपा कार्यकर्ताओं और किसानों के बीच जबरदस्त हिंसा हुई थी। इस घटना से जुड़े कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। ऐसे ही एक वीडियो में महिंद्रा थार गाड़ी किसानों को कुचलते हुए दिखाई देती है। यह गाड़ी भाजपा नेता अजय मिश्रा टेनी के नाम रजिस्टर्ड है।
वायरल वीडियो में थार के पीछे एक फॉर्च्यूनर भी तेजी से आती नजर आती है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। शीर्ष अदालत द्वारा कड़ी फटकार लगाए जाने के बाद पुलिस ने आशीष मिश्रा को 12 घंटे लंबी पूछताछ के बाद 9 अक्टूबर की रात गिरफ्तार कर लिया। क्राइम ब्रांच ने आशीष को पहले भी तलब किया था लेकिन तब आशीष नहीं पहुंचा था। आशीष के नेपाल भागने की भी चर्चा थी। हालांकि, आशीष के पिता और केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा टेनी खुद सामने आए थे और कहा था वह कहीं नहीं गया है।
