Amazon में नौकरियों की वैकेंसी, 55000 से ज्यादा लोगों की होंगी भर्तियां, ऐसे करें अप्लाई

•Amazon Job Fair: Amazon की ओर से इस महा जॉब ऑफर के लिए भारत में भी मौके हैं। ये जॉब फेयर इस महीने की 16 तारीख से शुरू हो रहा है।

• Amazon 55000 से ज्यादा नौकरियां देगा
40 हजार से ज्यादा अमेरिका में होंगी
बाकी भारत, जर्मनी और जापान जैसे देशों में

नई दिल्ली: Amazon Job Fair: दुनिया की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी Amazon दुनिया भर में बड़े पैमाने पर नौकरियां देने जा रही है। अमेजॉन दुनिया भर में कॉर्पोरेट और टेक्नोलॉजी के लेवल पर 55,000 लोगों की हायरिंग करने वाली है।

Amazon में नौकरियों की बंपर SALE
Amazon चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) एंडी जेसी (Andy Jassy) ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को इन भर्तियों के बारे में जानकारी दी। ये 30 जून तक Google के कुल कर्मचारियों की संख्या के एक तिहाई से ज्यादा के बराबर है और Facebook की संख्या के करीब है। जुलाई में Amazon के नए CEO बनने के बाद अपने पहले इंटरव्यू में जेसी ने कहा कि कंपनी को रिटेल, क्लाउड और एडवर्टाइजमेंट सहित दूसरे बिजनेस में मांग को पूरा करने के लिए और ज्यादा फायर पॉवर की जरूरत थी।

अमेरिका में 40,000 नौकरियां
जेसी ने ऐलान किया है कि इन 55 हजार नौकरियों में से 40 हजार से ज्यादा अमेरिका में होंगी, जबकि बाकी भारत, जर्मनी और जापान जैसे देशों में अपने जॉब फेयर ‘अमेजन करियर डे’ (Amazon Career Day) के जरिए भर्तियां की जाएंगी। Amazon में नौकरियों के बारे में जानने के लिए, उनके जॉब पेज amazon.jobs/in पर क्लिक करें।

Amazon Career Day की शुरुआत
Amazon Career Day 16 सितंबर, 2021 को सुबह 10:00 बजे (भारतीय समयानुसार) शुरू होगा, जो कि एक फ्री इवेंट है। कंपनी ने एक बयान में कहा, “ये इंटरैक्टिव एक्सपीरियंस सभी नौकरी चाहने वालों के लिए है, चाहे आपके एक्सपीरियंस का लेवल, प्रोफेशनल फील्ड या बैकग्राउंड कुछ भी हो, चाहे आप Amazon या दूसरे जगहों पर काम करने में रुचि रखते हों”

रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
जॉब फेयर इवेंट के लिए रजिस्ट्रेशन करने के लिए आपको https://www.amazoncareerday.com/india/home पर क्लिक करना होगा।
इसके बाद Register Now पर क्लिक करें। एक फॉर्म खुलेगा इसको पूरा भरें
Amazon Career Day 2021 में भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है।हालांकि, अमेजन एचआर प्रतिनिधि के साथ करियर कोचिंग सेशन में हिस्सा लेने के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी है।
इस प्रोग्राम में ग्लोबल सीनियर वीपी और कंट्री हेड अमित अग्रवाल, CEO द्वारा करियर काउंसलिंग और कंपनी के सीनियर मैनेजमेंट की ओर से कई पैनल डिस्कशन होंगे।

आपकी रसोई में रखे ये मसाले डायबिटीज में हैं रामबाण ईलाज, जानें इनके फायदे


• डायबिटीज के मरीजों के लिए रसोई में रखे कुछ मसाले रामबाण की तरह काम करते हैं। इन मसालों के इस्तेमाल से ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद मिलती है।

• ऐसे कुछ मसाले हैं, जिनमें मौजूद मेडिसिनल प्रॉपर्टीज आपको फायदा पहुंचाती हैं।
इससे ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है,
इन मसालों का इस्तेमाल आप रसोई में आम तौर पर रोजाना करते हैं।

नई दिल्ली: डायबिटीज (Diabetes) के रोगियों के लिए कुछ मसाले (Spices) रामबाण की तरह काम करते हैं. अगर आपका ब्लड शुगर (Blood Sugar) कंट्रोल में नहीं रहता, तो इससे कई दूसरी बीमारियों का भी खतरा रहता है। वैसे तो डायबिटीज के मरीज डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाइयां लेते हैं और इससे उनका ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है, लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ऐसे कुछ मसाले भी हैं, जिनमें मौजूद मेडिसिनल प्रॉपर्टीज आपको फायदा पहुंचाती हैं। इन मसालों का इस्तेमाल आप रसोई में आम तौर पर रोजाना करते हैं। आइए जानें कौन से हैं वो मसाले जो डायबिटीज में आपको फायदा पहुंचाते हैं।

हल्दी:
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, टाइप टू डायबिटीज के मरीजों के लिए जरूरी है कि वह अपनी डाइट और लाइफस्टाइल पर विशेष ध्यान दें। हल्दी में ऐसे औषधीय गुण होते हैं जो डायबिटीज के मरीजों को फायदा पहुंचाते हैं। हल्दी में करक्यूमिन होता है, जो एंटीऑक्सीडेंट्स की तरह काम करता है। हल्दी के इस्तेमाल से ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद मिलती है। इसमें एंटी इंफ्लामेट्री गुण होते हैं, जो डायबिटीज के मरीजों को फायदा पहुंचाते हैं।

दालचीनी:
दालचीनी में एंटी वायरल, एंटी फंगल और एंटी बैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होती हैं, जो आपको कई तरह के इंफेक्शन से बचाती है। इसके अलावा दालचीनी में एंटीऑक्सिडेंट्स होते है। दालचीनी में एंटी इंफ्लामेट्री गुण होते हैं और इसके सेवन से टाइप टू डायबिटीज का खतरा कम होता है। दालचीनी में पाया जाने वाला एक खास पॉलीमर ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखता है।

मेथी:
मेथी का इस्तेमाल भी डायबिटीज के मरीजों को फायदा पहुंचाता है। मेथी के सेवन से पाचन क्रिया धीमी हो जाती है, जिससे कार्ब्स को एब्जॉर्व करने की क्षमता भी धीमी होती है। इससे ब्लड शुगर भी कंट्रोल में रहता है। कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में भी मेथी का सेवन फायदेमंद होता है।

तुलसी:
तुलसी से आपकी इम्युनिटी मजबूत होती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में भी तुलसी का सेवन फायदा पहुंचाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करते हैं. मेंटल हेल्थ के लिए भी तुलसी फायदेमंद है।

तुलसी

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। इसे अपनाने से पहले चिकित्सीय सलाह जरूर लें। संस्कृति LIVE इन नुस्खों की पुष्टि नहीं करता हैं।)

अब ट्रेन की टिकट कैंसिल किए बिना बदल सकते हैं यात्रा की तारीख, आ गया रेलवे का नया नियम

• कई बार ऐसा होता है कि हम ट्रेन रिजर्वेशन करवा लेते हैं, लेकिन ऐन मौके पर हमारा प्लान बदल जाता है। ऐसे में आप टिकट कैंसिल करवाते हैं और आपके पैसे भी कट जाते हैं। लेकिन रेलवे के नियम के अनुसार, आपके पास इसका दूसरा विकल्प होता है।

• यात्रा की तारीख आप केवल एक ही बार बदल सकते है।

नई दिल्ली। रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अगर आप ट्रेन रिजर्वेशन करवा लेते हैं, लेकिन कई बार ऐन मौके पर प्लान बदल जाता है। ऐसे में आप टिकट कैंसिल करवाते हैं और आपके पैसे कट जाते हैं। लेकिन रेलवे के नियम के अनुसार, आप अपनी ट्रेन यात्रा को ‘Preponed’ या ‘Postponed’ भी कर सकते हैं। आप चाहें तो अपनी यात्रा को बोर्डिंग स्टेशन भी बदल सकते हैं।

ऐसे बदलें तारीख- यात्री मूल बोर्डिंग स्टेशन के स्टेशन मैनेजर को लिखित में एप्लीकेशन देकर या ट्रेन के छूटने के कम से कम 24 घंटे पहले किसी कंप्यूटराइज्ड रिजर्वेशन सेंटर पर जाकर यात्रा के बोर्डिंग स्टेशन को बदलाव कर सकते हैं। ये सुविधा ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह के टिकटों पर मिलती है।

यात्रा का कर सकते हैं विस्तार- अगर आप अपनी यात्रा को आगे बढ़ाना चाहते हैं, मतलब जिस स्टेशन तक टिकट बुक किया गया है, उसके आगे स्टेशन तक जाना चाहते हैं तो इसके लिए यात्री को गंतव्य तक पहुंचने से पहले या फिर बुक सफर के पूरा होने के बाद टिकट चेकिंग स्टाफ से संपर्क करना होता है और उन्हें यात्रा विस्तार की जानकारी देनी होती है।

सिर्फ एक बार ही बदल सकते हैं- यात्रा की तारीख
Indian Railways की वेबसाइट के मुताबिक स्टेशन काउंटर पर बुक किए गए टिकट की यात्रा की तारीख को ‘Preponed’ या ‘Postponed’ सिर्फ एक बार ही किया जा सकता है. भले ही सीटों की उपलब्धता कन्फर्म हो या RAC हो या वेटिंग में हो। यात्रा की तारीख को आगे बढ़ाने या पहले करने के लिए यात्री को रिजर्वेशन ऑफिस जाकर ट्रेन छूटने के 48 घंटे पहले अपना टिकट सरेंडर करना होगा। याद रहे कि यह सुविधा सिर्फ ऑफलाइन टिकट के लिए ही उपलब्ध है, ऑनलाइन बुक किए गए टिकटों पर ये सुविधा नहीं मिलेगी।

अपनी ट्रेन यात्रा की तारीख ऐसे बदलें- भारतीय रेलवे अपने यात्रियों को सुविधा देती है कि वो अपने कन्फर्म/RAC/वेटिंग टिकट में यात्रा की तारीख को बदल सकते हैं। भारतीय रेलवे के मुताबिक इन टिकटों पर यात्रा की तारीख निर्धारित शुल्क के भुगतान पर उसी श्रेणी/ उच्च श्रेणी में या उसी डेस्टिनेशन के लिए ‘Preponed’ या ‘Postponed’की जा सकती है। इसके अलावा रेलवे यात्रियों को अपनी यात्रा का विस्तार करने, अपनी यात्रा के बोर्डिंग स्टेशन को बदलने और अपने टिकटों को उच्च श्रेणी में अपग्रेड करने की भी अनुमति देता है।हालांकि इनमें से कुछ सुविधाएं केवल ऑफलाइन टिकट के लिए लागू हैं, अन्य ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों टिकटों के लिए उपलब्ध हैं।

पतंजलि योगपीठ सोनभद्र युवा भारत द्वारा किया गया पौधारोपण

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

चुर्क,सोनभद्र। पतंजलि योगपीठ सोनभद्र युवा भारत के जिला प्रभारी आशीष पाठक ,जिला महामंत्री एवम् सोशल मीडिया प्रभारी योगी संकट मोचन और समाज सेवी अशोक द्वारा आचार्य बाल कृष्ण के जन्मदिन के अवसर के दिन से ही वृक्ष लगाने और धरती को सजाने के साथ- साथ योग और आयुर्वेद के गुणों द्वारा जड़ी बूटियों के सही उपयोग करने का तौर तरीका बताने का अभियान चलाया जा रहा है। आज इसी अभियान के अंतर्गत लोढ़ी प्राथमिक विद्यालय में पतंजलि योगपीठ सोनभद्र के युवा भारत के जिला महामंत्री एवम् सोशल मीडिया प्रभारी योगी संकट मोचन द्वारा वृक्ष लगाए धरती सजाए अभियान चलाकर पौधारोपण किया गया।

जहां आज से सरकार के आदेशानुसार सभी विद्यालय को खोलने का आदेश दिया गया था। वही आज विद्यालय में आए हुए बच्चों को तिलक लगाकर मिठाई खिलाया गया। उसके बाद विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया गया और ईश्वर से प्रार्थना की गई कि बच्चो का विद्यालय अब कभी बन्द न हो। इस अभियान में प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद, अध्यापक राजेश दिवेदी, सहायक अध्यापक वीना श्रीवास्तव,प्रीति चक्रवाल, सीमा उपाध्याय, शिक्षा मित्र, सरिता देवी,अनीता सिंह और बच्चो सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

न्यू इंडिया एश्योरन्स कंपनी में 300 प्रशासनिक अधिकारी पदों के लिए आवेदन

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। सार्वजनिक क्षेत्र में की साधारण बीमा कंपनियों में से एक दि न्यू इंडिया एश्योरन्स कंपनी लिमिटेड (NIACL) ने हाल ही में 300 प्रशासनिक अधिकारी (जन्रलिस्ट) या एओ जन्रलिस्ट के पदों के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन से आज, 1 सितंबर 2021 से शुरू हो गये हैं। NIACL ने एओ जन्रलिस्ट पदों के लिए अप्लीकेशन फॉर्म ऑफिशियल वेबसाइट, newindia.co.in पर उपलब्ध कराये हैं, जिसके माध्यम से उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। NIACL ने पूरी आवेदन प्रक्रिया के अंतर्गत सभी चरणों यानि रजिस्ट्रेशन, अप्लीकेशन फीस सबमिशन और अप्लीकेशन एडिटिंग के लिए की आखिरी तारीख 21 सितंबर 2021 निर्धारित की है। हालांकि, उम्मीदवार इसके बाद अपने ऑनलाइन सबमिट किये गये अप्लीकेशन का प्रिंट-आउट 6 अक्टूबर 2021 तक ले पाएंगे।

अधिकारी (जन्रलिस्ट) पदों के लिए वे ही उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या किसी अन्य उच्च शिक्षा संस्थान से न्यूनतम 60 फीसदी अंकों के साथ स्नातक या स्नातकोत्तर डिग्री उत्तीर्ण की हो। हालांकि, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम अंकों का कट-ऑफ 55 फीसदी ही है। इसके अतिरिक्त उम्मीदवारों की आयु 1 अप्रैल 2021 को 21 वर्ष से कम और 30 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। हालांकि, विभिन्न आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में छूट भी दी गयी है, अधिक जानकारी के लिए भर्ती अधिसूचना देखें।

ऐसे होगा चयन
म्मीदवारों का चयन प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा। प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन अक्टूबर 2021 माह के दौरान किया जाना है, जिसमें सफल घोषित उम्मीदवारों को नवंबर 2021 में प्रस्तावित मुख्य परीक्षा में सम्मिलित होना होगा। मुख्य परीक्षा के अंकों के आधार पर तैयार मेरिट लिस्ट के अनुसार उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

दो सालो में देश के सभी सरकारी स्कूल होंगे हाईटेक


अगले दो सालो में देश के सभी सरकारी स्कूलों को हाईटेक बनाने का योजना बनाई गई है।

सभी सरकारी स्कूलों को इंटरनेट और वाई- फाई जैसे सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इन स्कूलों की सभी कक्षाओं को स्मार्ट क्लास में तब्दील किया जाएगा।

नई दिल्ली। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति तहत स्कूली शिक्षा को नई ऊंचाई पर ले जाने का जो सपना देखा गया है, अब उस पर अमल करना शुरू हो गया है। इसके तहत अगले दो साल में देश भर के सभी स्कूलों को हाईटेक बनाने का योजना बनाई गई है। सभी सरकारी स्कूलों को इंटरनेट और वाई- फाई जैसे सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इन स्कूलों की सभी कक्षाओं को स्मार्ट क्लास में तब्दील किया जाएगा। मौजूदा समय में देश में कुल स्कूलों की संख्या करीब 15 लाख है, इनमें करीब 11 लाख सरकारी स्कूल है।

नई शिक्षा नीति के तहत आनलाइन पढ़ाई को विस्तार देने की योजना

शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक स्कूलों के हाईटेक होने से स्कूली बच्चों को आसानी से गुणवत्तापूर्ण आनलाइन शिक्षा मुहैया कराई जा सकेगी। साथ ही इन्हें स्किल, डाटा साइंस और कोडिंग जैसी विधाओं से लैस किया जा सकेगा। कोरोना संकट के दौरान जो स्थितियां निर्मित हुई है, उनमें आनलाइन शिक्षा एक अहम जरूरत बन गई है। यही वजह है कि मंत्रालय ने आगे भी आनलाइन शिक्षा जारी रखने का फैसला लिया है। इसके तहत स्कूलों में अब मिश्रित (आफलाइन व आनलाइन) माध्यम में पढ़ाई होगी। इसे लेकर एनसीईआरटी से तैयार किए जा रहे स्कूली पाठ्यक्रम को नए सिरे से डिजाइन करने को कहा गया है।

शिक्ष मंत्रालय और संचार मंत्रालय की हुई मीटिंग

खास बात यह है कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी यह सिफारिश की गई थी कि जब तक आनलाइन शिक्षा को अनुभवात्मक और गतिविधि आधारित शिक्षा के साथ मिश्रित नहीं किया जाता, तब तक यह सीखने के अलग आयामों पर सीमित फोकस करने वाली एक स्क्रीन आधारित शिक्षा मात्र ही बन जाएगी। शिक्षा मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक स्कूलों को इंटरनेट और वाई-फाई जैसी सुविधाओं से जोड़ने के लिए संचार मंत्रालय के साथ मीटिंग भी की गई है। राज्यों को भी इसे लेकर जरूरी तैयारी करने को कहा गया है। फिलहाल इसके जरिए मंत्रालय स्कूली बच्चों को स्किल, डाटा साइंस और कोडिंग जैसे विषयों से भी जोड़ना चाहता है।

सोना और चांदी हो गए सस्‍ते, आज इस रेट में मिल रही हैं कीमती धातु

नई दिल्‍ली, बिजनेस डेस्‍क। सोना और चांदी बुधवार को सस्‍ते हो गए। अक्‍टूबर डिलीवरी के Gold के दाम MCX पर बुधवार को 12 रुपए नीचे 47108 रुपए प्रति 10 ग्राम पर थे। एक्‍सचेंज पर सुबह सोना 47120 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला था। इससे पहले मंगलवार को सटोरियों ने ताजा सौदों की लिवाली की थी, जिससे स्थानीय वायदा बाजार में कारोबार के दौरान सोने की कीमत 39 रुपये तेज होकर 47,203 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई थी। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में अक्टूबर महीने की डिलिवरी के लिये सोने की कीमत 39 रुपये यानी 0.08 प्रतिशत की तेजी लेकर 47,203 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई थी। इसमें 11,123 लॉट के लिये कारोबार हुआ।

दूसरी तरफ वायदा कारोबार (Commodity Market) में दिसंबर डिलीवरी की चांदी की कीमत बुधवार को 333 रुपए नीचे 63033 रुपए किलो बोली गई। इससे पहले मंगलवार को चांदी की कीमत 302 रुपये की तेजी के साथ 63,889 रुपये प्रति किलो हो गई थी। हालांकि कारोबार के अंत में यह 63366 रुपए प्रति किलो पर बंद हुई।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में चांदी के दिसंबर डिलीवरी वाले वायदा अनुबंध का भाव 322 रुपये यानी 0.47 प्रतिशत की तेजी के साथ 63,889 रुपये प्रति किलो हो गया। इस वायदा अनुबंध में 9,853 लॉट के लिये सौदे किये गये। बाजार विश्लेषकों ने कहा कि घरेलू बाजार में तेजी के रुख को देखते हुए कारोबारियों की ताजा लिवाली से मुख्यत: चांदी वायदा कीमतों में तेजी आई। वैश्विक स्तर पर, न्यूयार्क में चांदी का भाव 0.79 प्रतिशत की तेजी के साथ 24.20 डालर प्रति औंस हो गया।

दिल्ली सर्राफा बाजार (Delhi Sarafa Bazar) में सोना 100 रुपये घटकर 46,272 रुपये प्रति दस ग्राम रह गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी। इससे पिछले कारोबारी सत्र में सोना 46,372 रुपये प्रति दस ग्राम पर बंद हुआ था।

चांदी की कीमत भी 134 रुपये घटकर 62,639 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 62,773 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। घरेलू शेयर बाजारों में तेजी को देखते हुए विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार के आरंभिक कारोबार में ही रुपया चार पैसे बढ़कर 73.25 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना तेजी के साथ 1,815 डॉलर प्रति औंस पर बोला गया। वहीं चांदी 24.16 डॉलर प्रति औंस पर लगभग अपरिवर्तित रही।

देशभर में सितंबर में सामान्य से अधिक होगी बारिश, जाने मौसम का हाल

मौसम विभाग के अनुसार देश में अगस्त महीने में सामान्य से 24 प्रतिशत कम बारिश हुई है जो की आइएमडी की भविष्यवाणी से उलट है लेकिन सितंबर में बारिश सामान्य से अधिक होने की उम्मीद है।

मौसम विभाग के अनुसार अगस्त में सामान्य से 24 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है।

नई दिल्ली, पीटीआइ। अगस्त में भले ही मानसून की बारिश सामान्य से कम हुई हो, लेकिन सितंबर इस कमी को पूरा कर देगा। मौसम विभाग के अनुसार, देश में अगस्त महीने में सामान्य से 24 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जो की आइएमडी की भविष्यवाणी से उलट है, लेकिन सितंबर में बारिश सामान्य से अधिक होने की उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय मोहपात्र ने बुधवार को कहा कि सितंबर में मध्य भारत के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश की संभावना है।

उन्होंने कहा कि मानसून की कमी अब नौ प्रतिशत पर है और सितंबर के दौरान अच्छी बारिश के कारण इसके और कम होने की उम्मीद है। अगस्त से पहले जून में भी सात फीसदी कम बारिश दर्ज की गई थी। देश में अगस्त में सामान्य से 24 प्रतिशत कम बारिश हुई, लेकिन सितंबर में बारिश सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है। आइएमडी ने सितंबर महीने के लिए अपने पूर्वानुमान में इसकी संभावना जताई है। महापात्र ने यह भी कहा कि उत्तर और पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण भारत के दक्षिणी हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून के एक जून से 30 सितंबर तक चार महीने के मौसम में लगातार दो महीनों में बारिश की कमी से इस साल सामान्य से कम मानसूनी बारिश की आशंका है। आइएमडी ने पूर्व में इस साल सामान्य मानसून का अनुमान जताया था। मौसम का अनुमान जताने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट वेदर ने इस साल के अपने पूर्वानुमान को घटाकर ‘सामान्य से कम’ मानसून श्रेणी का कर दिया।

आइएमडी ने अगस्त महीने की शुरुआत में कहा था कि 2021 के दक्षिण-पश्चिम मानसून मौसम के दूसरे हिस्से (अगस्त से सितंबर) के दौरान पूरे देश में बारिश सामान्य रहने की संभावना है। आइएमडी के देश के विभिन्न हिस्सों को कवर करने वाले चार संभाग हैं। उत्तर-पश्चिमी भारत में सामान्य से 13 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। इस क्षेत्र में उत्तर भारतीय मैदानी इलाके और पर्वतीय राज्य आते हैं। मध्य भारत संभाग में 14 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इस क्षेत्र में गुजरात, गोवा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और महाराष्ट्र शामिल हैं। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के राज्यों सहित पूर्वी और पूर्वोत्तर संभाग में वर्षा में आठ प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जबकि दक्षिणी राज्यों को कवर करने वाले दक्षिण संभाग में सामान्य से पांच फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है।

यूपी फिल्म सिटी के डीपीआर पर शासन ने लगाई मोहर

• अगले वर्ष के शुरुआती महीने में फिल्म सिटी के निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।

• फिल्म सिटी को तीन चरणों में बनाया जाएगा।

• इस फिल्म सिटी के निर्माण में हजारों लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद।

लखनऊ, उत्तर प्रदेश। नोएडा में बनने वाली फिल्म सिटी के निर्माण की तैयारियों ने अब तेजी पकड़ ली है। बीते दिनों यमुना एक्सप्रेसवे विकास प्राधिकरण (यीडा) के सेक्टर-21 में पीपीपी माडल पर बनाई जाने वाली फिल्म सिटी की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) पर शासन ने मुहर लगा दी है। अब डीपीआर बनाने वाली कंपनी तीन सप्ताह में बिड डाक्यूमेंट तैयार करेगी, जिसके बाद ग्लोबल टेंडर जारी किया जाएगा। अब सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो अगले वर्ष के शुरुआती महीने में फिल्म सिटी के निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा।

इस फिल्म सिटी का निर्माण 3 चरणों में किया जाएगा

तीन चरणों में विकसित की जाने वाली इस फिल्म सिटी के फर्स्ट फेज में फिल्म स्टूडियो, खुला एरिया, एम्यूजमेंट पार्क, विला आदि तैयार किए जाएंगे। यमुना सिटी में छह हजार करोड़ की लागत से एक हजार एकड़ में ये फिल्म सिटी तैयार होगी।
एक हजार एकड़ भूमि पर बनाई जाने वाली ये इंटरनेशनल फिल्म सिटी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है। सीएम योगी ने पिछले वर्ष दिसंबर में एक विश्वस्तरीय फिल्म सिटी का निर्माण राज्य में करने का फैसला किया था। जिसके तहत यीडा के सेक्टर-21 में एक हजार एकड़ भूमि फिल्म सिटी के लिए चिन्हित की गई। यूपी की इस पहली फिल्म सिटी में विश्वस्तरीय आधुनिक तकनीकों को शामिल किया जाना है। अधिकारियों का कहना है कि इस फिल्म सिटी का एक बड़ा हिस्सा डिजिटल टेक्नोलाजी से जुड़ा होगा। फिल्मों में डिजिटल माध्यमों के बढ़ते चलन के कारण यीडा के सेक्टर-21 में बनायी जाने वाली इस फिल्म सिटी को इन्फोटेनमेंट सिटी कहा जाएगा

निर्माण करने वाली कंपनी के साथ 40 साल का एग्रींमेंट
फिल्म सिटी का निर्माण करने वाली कंपनी के साथ 40 साल का एग्रीमेंट होगा। कंपनी को लीज के बजाय लाइसेंस दिया जाएगा। तीन चरणों में विकसित होने वाली फिल्म सिटी के पहले चरण में फिल्म स्टूडियो, खुला एरिया, एम्यूजमेंट पार्क, विला आदि तैयार किए जाएंगे। अथारिटी अधिकारियों का कहना है कि पहले ही चरण में फिल्म शूटिंग से जुड़ा 80 प्रतिशत हिस्सा तैयार कर लिया जाएगा।

हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार
नोएडा फिल्म सिटी में थ्री डी स्टूडियो होंगे। 360 डिग्री पर घूमने वाले सेट होंगे। इसके साथ ही साउंड रिकॉर्डिंग, एडिटिंग व एनिमेशन स्टूडियो भी बनाए जाएंगे। फि‍ल्म विश्वविद्यालय भी बनेगा जहां पढ़ाई के साथ साथ फिल्मों से जुड़े सब्जेक्ट पर शोध होगा। टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विशेष स्टूडियो बनाए जाएंगे। फिल्म शूटिंग के लिए बनाए जाने वाले इन्फ्रास्ट्रक्चर को इस तरह से बनाया जाएगा, ताकि लोग इसे देखने आ सकें। यहां पर कॉमन फैसिलिटी सेंटर भी बनेगा जहां फिल्म से जुड़ी हुई सारी सुविधाएं मिलेंगी। फिल्म सिटी में शूटिंग के लिए आने वाले अभिनेता तथा स्टाफ के लिए होटल ) बनाया जाएगा, इससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।

शिवलिंगी पौधे का रोपण

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

रॉबर्ट्सगंज,सोनभद्र। मंगलवार को वैश्विक स्तर पर अपने गुणों के लिए विख्यात शिवलिंगी पौधे को वरिष्ठ पत्रकार विजय शंकर चतुर्वेदी के गांव स्थित परिसर मड़ई, तियरा में रोपित किया गया ।
जमशेदपुर टाटा में भी उद्योगपति रतन टाटा ने इसे अपने सार्वजनिक उद्यान में लगा रखा है। बंगलौर के रामकृष्ण मिशन आश्रम में भी यह वृक्ष अपने विशिष्ट गुणों से सुशोभित हो रहा है। देश के कई अन्य स्थानों पर भी इसे देखा जा सकता है।
गुजरात में इसे कैलाशपति व शिवलिंगी बोलते हैं, आंध्रप्रदेश में नागलिंगम, महाराष्ट्र में कैलाशपति , तमिलनाडु व आसाम में नागलिंगम, पश्चिम बंगाल में कमान गोला बोला जाता है।

रूस में इसे कुरूपिता गिवानस्किया , जर्मनी में कैनान कुगेलबम , फ्रांस में कॉरोपसमाउ बोला जाता है।
यह couroupita guianensis ग्रुप का Royal paradise rare common ball tree है । इसे 1775 में लेसिथिसासी ने पहलीबार वर्णित किया था।
पर्यावरण सरंक्षण को समर्पित संस्था ” हरि छाया ” के सुमित शाह ने विजय शंकर चतुर्वेदी के अनुरोध पर हैदराबाद से मंगा कर इसे रोपित कराया ।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार विजय शंकर चतुर्वेदी ने इस वृक्ष के औषधीय और पर्यावरणीय गुणों पर प्रकाश डाला।

विन्ध्य संस्कृति शोध समिति के निदेशक दीपक कुमार केसरवानी ने वृक्षों को मानवता का मित्र बताते हुए ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण पर जोर दिया । इस अवसर पर समाजसेवी कृपाशंकर चतुर्वेदी ने कहा कि प्रकृति हमें सब कुछ देती है बावजूद हम उसका संरक्षण नहीं करते, उन्होंने कहा कि वृक्षों की देखभाल को अपनी दैनिक जीवनचर्या में शामिल करने की जरूरत है। राजन चतुर्वेदी ने कहा कि पेड़ पौधे हमें जीवन देते हैं, बावजूद हम उन्हें नष्ट करते हैं जो अफसोसजनक है। सुमित शाह ने बताया कि सोनभद्र की धरा को हरा भरा करने का उनका सपना है, वे दुर्लभ पेड़ों से यहां की धरती को परिपूर्ण कर देना चाहते हैं।

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