आजीवन अविवाहित रहकर देश सेवा के लिए संकल्प लिया था भागवत प्रसाद दुबे ने

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

रॉबर्ट्सगंज ,सोनभद्र। देश को आजाद कराने के लिए महान क्रांतिकारियों, देशभक्तो, स्वतंत्रता सेनानी जो संकल्प लिया उसका अनुपालन आजीवन करते रहे।
ऐसे ही हमारी एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भागवत प्रसाद दुबे रहे, जिन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन की सहभागिता, देश सेवा, समाज सेवा के लिए आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लिया और जीवन भर इसका पालन करते रहे।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भागवत प्रसाद दुबे का जन्म सन 1938 में आदिवासी बाहुल्य गांव सलखन में हुआ था, इनके पिता का नाम पंडित भगवानदास, माता का नाम सुगंता देवी था।
इनके माता-पिता इनका विवाह करना चाहते थे, लेकिन भागवत प्रसाद दुबे के सर पर भारत माता की हथकड़ियों, बेडियो को तोड़ने का जुनून सवार था और इन्होंने विवाह करने से साफ साफ मना कर दिया और कहा कि-” जब तक भारत माता को गुलामी की जंजीरों से मुक्त नहीं करा देते तब तक हम शादी नही करेंगे और पूरा जीवन भारत माता को समर्पित करते हुए ये सन 1938 ईस्वी में आजादी की जंग में कूद पड़े, सन 1941 ईस्वी के सत्याग्रह में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया, सन 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में अंग्रेज सिपाहियों द्वारा 129 दफा के तहत नज़रबंद कर लिया गया था और आजीवन अविवाहित रहते हुए स्वतंत्रता आंदोलन की लड़ाई लड़ते रहे। इस महान क्रांतिकारी का निधन 1955 ईस्वी को हो गयी।

भाजपा के हटते ही सब कुछ ठीक हो जाएगा:‌ इंद्रजीत सरोज

• समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज के जनसंदेश यात्रा में उमड़ा जनसैलाब।

• सपाइयों ने राष्ट्रीय महासचिव के जनपद में प्रथम आगमन पर किया भव्य स्वागत।

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

रॉबर्ट्सगंज,सोनभद्र। आज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज का जनसंदेश यात्रा जनपद सोनभद्र में पहुंचा और मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के विजयगढ़ वाटिका में संपन्न हुआ, जिसकी अध्यक्षता समाजवादी पार्टी जिला अध्यक्ष विजय यादव ने किया और संचालन जिला महासचिव मोहम्मद सईद कुरैशी ने किया।जनसंदेश यात्रा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज ने कहा कि भाजपा के सत्ता से हटते ही सब कुछ ठीक हो जाएगा। भाजपा राज में परेशानियों को झेल चुकी जनता हर हाल में भाजपा को सत्ता से बेदखल करेगी जनता तो बस चुनाव का इंतजार कर रही है। राष्ट्रीय सचिव ने आगे संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार का समय खत्म हो गया है ।जनता इस बात का इंतजार कर रही है कब वोट डालें और कब सरकार को हटाए। योगी सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं कर रही है तथा प्रदेश में किसानों की आय दोगुनी नहीं हुई है महंगाई लगातार बढ़ती ही चली जा रही है,नौजवान नौकरी के लिए परेशान है लेकिन किसी को भी नौकरी नहीं मिल रही है ।इसके बाद भी योगी सरकार लगातार दावा कर रही है कि उनकी सरकार बड़ी तादाद में बेरोजगारों को नौकरी देने में जुटी हुई है। भाजपा सरकार से नौजवान, किसान, मजदूर महिलाएं, व्यापारी पूरी तरह से परेशान है और महंगाई चरम सीमा पर है। भाजपा सरकार में किसी वर्ग का भला होने वाला नहीं है। यह सरकार केवल झूठे वादा करती है और करती रहेगी। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज की उपस्थिति में भाजपा एवं बसपा पार्टी को छोड़कर आए कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज का स्वागत करते पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी

सदस्यता ग्रहण करने वालों को राष्ट्रीय महासचिव ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया और उन्हें कहा कि आप लोग जिस तरह से अन्य दल छोड़कर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव में आस्था रखते हुए समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण किए हैं उसी तरह से आज से ही आप लोग राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव कै नीतियों को गांव- गांव जाकर बताने का काम करें और आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के घोषित प्रत्याशियों को भारी मतों से विजई बनाने का काम करें, जिससे समाजवादी पार्टी की सरकार बन सके। वही कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रॉबर्ट्सगंज के पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा एवं घोरावल के पूर्व विधायक रमेश चंद दुबे ने कहा कि भाजपा सरकार में किसी का भला होने वाला नहीं है। भाजपा सरकार हमेशा झूठ बोलकर आम जनता को ठगने का काम करती है।

जनसंदेश यात्रा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज

बैठक को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी जिला अध्यक्ष विजय यादव ने कहा कि जिस तरह से इस कार्यक्रम में जनसैलाब उमड़ा है उसी तरह से आप लोग एकजुट होकर क्षेत्र में जाकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश के नीतियों को बताने का काम करें,जिससे आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों को अधिक से अधिक वोट मिले और जीत का इतना अंतर हो कि कोई मुकाबला ना कर सके।

जनसंदेश यात्रा को संबोधित करते समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज

वही भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण वाले संजय शुक्ला के नेतृत्व में संजय चौबे, बृजेश यादव, अमरदीप सिंह, आशीष सिंह, शैलेश राय, गुलाम रिजवान, राजेश विश्वकर्मा,रामविलास महेंद्र, रामविलास बिहार, जसवीर प्रेम कुमार ने बसपा छोड़कर श्री नारायण भारती,राजकरण भारती, राजबली गुप्ता, रामविलास भारती,गुलाब,संत कुमार भारती,त्रिभुवन भारती, बुधीराम भारती, रामकेश भारती, रामनरेश भारती,ओम प्रकाश भारती, त्रिवेणी विहार, राम मूरत सरकार, संजय भारती, ओम प्रकाश भारती, दशरथ पासवान, राजेश कुमार भारती, रंजीत भारती, अवधेश पटेल, सुरेश विश्वकर्मा, शिवकुमार भारती, राजेश गौड़ के साथ दर्जनों कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

कार्यक्रम में उपस्थित समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओ का जन सैलाब

अयोजित कार्यक्रम में मुख्य रूप से राम निहोर यादव, ओबरा पूर्व विधायक प्रत्याशी रवि कुमार गौड़, श्याम बिहारी यादव, रामप्यारे सिंह पटेल, रमेश यादव, ओम प्रकाश त्रिपाठी, जुबेर आलम, बाबू लाल यादव, अनिल प्रधान,रमाशंकर, रामसेवक यादव,कुमारी मंदाकिनी पांडे, रुखसाना खान, कुमारी निधि पांडे, रंजन पांडे,रामा,सुनील गौड़, त्रिपुरारी गौड़, सदर ब्लॉक अध्यक्ष अशोक पटेल, अनीता राकेश, विजय जैन, श्री नारायण सिंह कुशवाहा, कामरान खान, अनवर कुरेशी, मुनीर अहमद,रघुराज पारसी, मानिकचंद कनौजिया, बुद्धि नारायण यादव, सुरेश पटेल, सुरेश कुशवाहा, शंभू जगत पटेल, बबलू धागर, सूरज मिश्रा, पवन पटेल, ज्यूतेस गौतम, अमरजीत, प्रदीप कनौजिया, मुनीर अहमद, रमेश वर्मा, अजीत मौर्य, राजेश, कृपाशंकर चौहान सहित जिला पदाधिकारी, विधानसभा पदाधिकारी, जिला प्रकोष्ठ पदाधिकारी, सेक्टर पदाधिकारी, नगर पदाधिकारी आदि लोग उपस्थित रहे।

बीजेपी कल करेगी प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन का आयोजन


• प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह होंगे।

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

रॉबर्ट्सगंज,सोनभद्र। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 को ‌लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तैयारियां जोरों- शोरों प्रारम्भ कर दी है। इसी तैयारियों के मद्देनजर रखते हुए कल दोपहर 12:00 बजे भारतीय जनता पार्टी द्वारा जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन का आयोजन होगा।आयोजित सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के ग्रामीण विभाग के कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह (मोती सिंह) की उपस्थिति रहेगी। उक्त आशय की जानकारी भारतीय जनता पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी अनूप तिवारी ने दी है।

राजेंद्र प्रताप सिंह
(कैबिनेट मंत्री उo प्रo सरकार)

सलखन गांव के दो महान सपूत

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

सोनभद्र।आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में सोनभद्र जनपद के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों द्वारा किए गए त्याग, तपस्या, देशसेवा, क्रांतिकारी आंदोलनों में सहभागिता, दानशीलता की गौरव गाथा सोनभद्र के इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज है।
आजादी के पूर्व सोनभद्र जनपद के आदिवासी बाहुल्य गांव सलखन के दो भाइयों ने स्वाधीनता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए देशभक्त एवं समाजसेवी होने का परिचय दिया था।
इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी के अनुसार-“
शंकर प्रसाद गोड का जन्म सन 1913 में ग्राम सलखन में हुआ था। आपके पिता का नाम श्री शिव गोविंद प्रसाद और माता का नाम सोनिया देवी था।
आप सन 1937 में कांग्रेस में आएं । सन 1938 में ग्राम सलखन में अभावग्रस्त बालकों की शिक्षा के लिए सन 1938 में एक विद्यालय की स्थापना किया। इसमें बालक- बालिकाएं शिक्षा प्राप्त करते थे। सन 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेने के कारण आपको पुलिस द्वारा नजरबंद कर दिया गया और आपकी बंदूक भी जप्त कर ली गई थी। जिसके कारण आप द्वारा स्थापित विद्यालय संचालन एवं आर्थिक संकट के अभाव में बंद हो गया।
सलखन में सन 1951 में देशभक्त, स्वतंत्रा संग्राम सेनानी, गोपाल कृष्ण गोखले द्वारा स्थापित सर्वेंट ऑफ़ इंडिया सोसाइटी के तत्कालीन अध्यक्ष ह्रदय नाथ कुंजरू मंत्री श्री रमाशंकर मिश्र तहसील दुद्धी और रॉबर्ट्सगंज के आर्थिक, सामाजिक सर्वेक्षण के लिए आए और इस सर्वेक्षण के परिणाम स्वरूप रॉबर्ट्सगंज तहसील के ग्राम सलखन में एक जूनियर हाई स्कूल की स्थापना किया ।
सन 1954 ईस्वी में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शंकर प्रसाद गोड ने विद्यालय की स्थापना के लिए 5 बीघा जमीन, ग्रामीणों, शिक्षकों के सहयोग से तीन शिक्षण कक्ष खपरैल का बरामदा बनवा कर दान में दे दिया था।
इस समाजसेवी, देशभक्त, सेनानी की मृत्यु सन 1965 ईस्वी में हुई।
वर्तमान समय में यह विद्यालय राजा बलदेव दास बिरला इंटरमीडिएट कॉलेज पटवध के नाम से संचालित है।

शिवनाथ सिंह गोंड (1890-1979)

इनके चचेरे भाई शिवनाथ प्रसादगोंड का जन्म 1912 ईस्वी में सलखन में हुआ था इनके पिता का नाम दुखनती राम गोंड, माता श्रीमती पंचू देवी था।
आप 1940 में गांधी जी के आवाहन पर कांग्रेस में आए।
सन 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन भाग लेने के कारण आपको भारत प्रतिरक्षा कानून की धारा 34/38 के तहत गिरफ्तार कर 1 वर्ष की कड़ी कैद और 200 रुपया का जुर्माने की सजा दी गई ।
आजादी के आंदोलन के अलावा इन्होंने अनेक सामाजिक कार्य किया। सलखन बाजार में अपनी 3 बीघा जमीन दान देकर अस्पताल का निर्माण कराया (जो आज प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र- सलखन के नाम से जाना जाता है) और सलखन में दो तालाब और मारकुंडी स्थित- बलुई बांध बनवाने में भी इनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इनकी मृत्यु कैंसर जैसे असाध्य रोग के कारण सन 1989 में हुई ।
इन दोनों महान देशभक्त, क्रांतिकारियों, समाजसेवियों की गौरव गाथा आज भी लोगों की जुबान पर है ।

शंकर प्रसाद गोंड (1880-1965)

आबकारी मंत्री ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना, कहा- वंदे मातरम नहीं बोल सकते, हिंदुत्व की बात क्या करेंगे


एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि हमारे देश में जो भी मुस्लिम हैं, वे तलवार की धार पर धर्मांतरण करके ही बने हैं। आज भी कई मुस्लिम परिवारों की रिश्तेदारियां सनातन धर्म के लोगों से हैं।

मैनपुरी, उत्तर प्रदेश: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के बयान के समर्थन में आबकारी मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री भी खड़े नजर आए। उन्होने एक न्यूज चैनल से एक्सक्लूजिव बातचीत में कहा कि हिंदुस्तान में रहने वाला हर आदमी हिंदू है, फिर चाहे वह किसी भी जाति या धर्म से हो। दरअसल, हाल ही में मोहन भागवत ने हिंदू और मुस्लिमों के पूर्वज एक ही होने की बात कही थी।

“जैसे जापान में जापानी, वैसे ही हिंदुस्तान में हिंदू”
आबकारी मंत्री रामनरेश अग्रिहोत्री ने कहा कि हिंदुस्तान में रहने वाला हर व्यक्ति हिंदू ही है। लेकिन, उसका धर्म, जाति या पूजन विधि अलग-अलग हो सकती है। उन्होंने कहा कि कोई धर्म हिंदू नहीं है, धर्म सनातन है। रामनरेश कहते हैं कि जब चीन में रहने वाला चीनी, जापान में रहने वाला जापानी, अमेरिका में रहने वाला अमेरिकी इसी तरह जो भी हिंदुस्तान में रहता है वह हिंदू है।

“मुस्लिम परिवारों की जिम्मेदारी सनातन धर्म से”
एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि हमारे देश में जो भी मुस्लिम हैं, वे तलवार की धार पर धर्मांतरण करके ही बने हैं। आज भी कई मुस्लिम परिवारों की रिश्तेदारियां सनातन धर्म के लोगों से हैं। उन्होंने मोहन भागवत के बयान को भी सही बताया।

“अखिलेश और शिवपाल हो चुके हैं फ्लॉप”
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा भाजपा को भ्रम फैलाने वाला बताया गया था।वे जब सुबह घर से निकलते हैं, तो अगरबत्ती लगाकर निकलते हैं। जबकि बीजेपी के नेता ऐसा नहीं करते। इस पर आबकारी मंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव अगर हिंदुत्व के समर्थक हैं तो वंदे मातरम क्यों नहीं बोलते? ऐसे में अगरबत्ती किस काम की? वहीं, अखिलेश और शिवपाल के एक होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अब दोनों ही फ्लॉप हो चुके हैं। आगामी चुनाव में योगी को ही जनता का आशीर्वाद मिलेगा।

विश्व साक्षरता दिवस’ पर CM योगी ने दी बधाई, जानें कब हुई इस दिन की शुरुआत?


• आज दुनिया भर में विश्व साक्षरता दिवस मनाया जा रहा है।

• समाज में शिक्षा का प्रचार-प्रसार करने के उद्देश्य से विश्व साक्षरता दिवस भारत में बड़े स्तर पर मनाया जाता है।

• भारत का सर्व शिक्षा अभियान इस दिशा में सराहनीय कदम हैं

सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर लिखा-‘विश्व साक्षरता दिवस’ की आप सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। आइए, आज इस अवसर पर हम सभी समाज के कोने-कोने को साक्षरता के आलोक से आलोकित करने का संकल्प लें, ताकि ‘सभी पढ़ें-सभी बढ़ें’ की संकल्पना साकार हो सके।

लखनऊ: हर साल 8 सितंबर को ‘विश्व साक्षरता दिवस’ (International Literacy Day) दिवस पूरी दुनिया में मनाया जाता है. यह दिन साक्षरता के महत्व को चिह्नित करने और यह याद दिलाने के लिए मनाया जाता है कि साक्षरता एक अधिकार है।यूपी के सीएम योगी ने विश्व साक्षरता दिवस की बधाई दी है। इस वर्ष साक्षरता दिवस की थीम है ‘डिजिटल विश्व में साक्षरता’भारत का सर्व शिक्षा अभियान इस दिशा में सराहनीय कदम हैं।

“ह्यूमन सेंटर्ड रिकवरी के लिए साक्षरता: डिजिटल डिवाइड को कम करना” है।ILD 2021 की थीम डिजिटल साक्षरता के बारे में लोगों में अधिक जागरूकता पैदा करने के लिए निर्धारित है। बता दें कि कोरोना संकट काल में बच्चों, युवाओं और वयस्कों की शिक्षा बुरी तरह प्रभावित हुई।


साक्षरता दिवस का इतिहास
पहली बार यूनेस्को ने 7 नवम्बर 1965 में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाने का फैसला लिया था।इसके लिए एक दिन निर्धारित किया गया।जिसके बाद हर साल 8 सितम्बर को विश्व साक्षरता दिवस को मनाया जाने लगा. यूनेस्को के इस फैसले के अगले साल से ही यानी 1966 से पहली बार साक्षरता दिवस मनाने की शुरुआत की गई।

पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की बैठक आज, कई महत्वपूर्ण फैसलों की संभावना


• केंद्रीय मंत्रिमंडल गेहूं और दलहन सहित रबी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि पर चर्चा कर सकता है।

• केंद्रीय मंत्रिमंडल बुधवार को अत्यधिक तनाव वाले दूरसंचार क्षेत्र और कपड़ा क्षेत्र के लिए राहत पैकेज देने पर भी विचार किया जा सकता है।

नई दिल्ली, एएनआइ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज सुबह 11 बजे केंद्रीय कैबिनेट की बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले किए जाने की संभावना है। सरकारी सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल गेहूं और दलहन सहित रबी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि पर चर्चा कर सकता है।

किसीन पिछले साल 26 नवंबर से तीन नए कृषि कानूनों- किसान उपज व्‍यापार एवं वाणिज्‍य (संवर्धन एवं सुविधा) विधेयक, 2020; किसानों (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) का मूल्‍य आश्‍वासन अनुबंध एवं कृषि सेवाएं विधेयक, 2020 और आवश्‍यक वस्‍तु (संशोधन) विधेयक, 2020 के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।


इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल बुधवार को अत्यधिक तनाव वाले दूरसंचार क्षेत्र और कपड़ा क्षेत्र के लिए राहत पैकेज देने पर भी विचार किया जा सकता है। सरकार इस क्षेत्र को राहत पैकेज देने के लिए बैंकों सहित कई हितधारकों के साथ बातचीत कर रही है। वोडाफोन आइडिया भारी नुकसान और उच्च कर्ज के साथ संकट से जूझ रहे हैं। जानकारों के अनुसार सरकार का विचार है कि इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बनी रहनी चाहिए और एकाधिकार की किसी भी संभावना को टाला जाना चाहिए।

पिछले हफ्ते वोडाफोन आइडिया के पूर्व चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने केंद्रीय संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की थी। 1 सितंबर को हुई बैठक के दौरान बिड़ला और वैष्णव ने सेक्टर की सेहत और सरकारी हस्तक्षेप की तत्काल जरूरत पर चर्चा की।
सरकार की ओर से राहत उपायों की संभावना से मंगलवार को टेलीकाम शेयरों में तेजी आई। बीएसई पर वोडाफोन आइडिया के शेयरों में करीब 15 फीसदी की तेजी आई। दिन के कारोबार के अंत में, इसके शेयर 8.28 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए, जो पिछले बंद से 14.68 प्रतिशत अधिक है। दूसरी ओर, भारती एयरटेल के शेयर 2.48 प्रतिशत बढ़कर 670.70 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए।

एनएसयूआई के प्रदेश सचिव द्वारा छात्रों की परीक्षा व शिक्षक भर्ती की अनियमितता को लेकर किया गया प्रदर्शन

संस्कृति लाइव संवाददाता,रॉबर्ट्सगंज(सोनभद्र) भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन व राष्ट्रीय सचिव व प्रभारी उत्तर प्रदेश अविनाश यादव के आह्वान पर इलाहाबाद JEE पेपर लीक होने तथा NEET परीक्षा को रद् करने व 69000 शिक्षको के भर्ती में सरकार द्वारा कि जा रही अनियमितता के विरूद्ध प्रदेश सचिव व सह प्रभारी काशी विद्यापीठ वाराणसी व फतेहपुर शुभम शुक्ला द्वारा संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के स्वर्ण जयंती चौक पर धरना प्रदर्शन व आन्दोलन कर सरकार को चेताया गया की राजनैतिक फायदे के लिये सरकार द्वारा किया जा रहा यह कार्य बहुत ही निंदनीय और गलत हैं। इन महत्वपूर्ण विषयों पर अगर कार्यवाही न हुई तो एनएसयूआई का यह आन्दोलन वृहद रूप लेने पर बाध्य होगा। प्रदर्शनकारियों में रिषभ सिंह, शुभम प्रताप सिंह, रोहित मिश्रा, रिजवान अहमद खान, अभिषेक दूबे, विकास चतुर्वेदी आदि छात्र नेता व शिक्षक समाज के लोग उपस्थिति रहे।

AIMIM में शामिल हो रहे हैं पूर्व बाहुबली सांसद अतीक अहमद और पत्नी शाइस्ता परवीन

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश की राजनीति को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि पूर्व बाहुबली सांसद अतीक अहमद अपनी पत्नी शाइस्ता परवीन के साथ असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM में शामिल होने जा रहे हैं।शाइस्ता परवीन को ओवैसी की पार्टी की सदस्यता दिला जाएगी।

आपके बतादे कि लखनऊ में नहीं था असदुद्दीन ओवैसी का कार्यक्रम
असदुद्दीन ओवैसी का जब तीन दिनों का कार्यक्रम तय हुआ था, उसमें लखनऊ का दौरा कहीं शामिल नहीं था। बीती शाम को जब लखनऊ में यह जानकारी दी गई कि एक कॉन्फ्रेंस होने जा रही है, तभी यह मान लिया गया था कि कोई बड़ी खबर सामने आने वाली है।कोई बड़ा एलान किया जा सकता है।

अतीक जेल में, सदस्यता ले सकती हैं पत्नी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन उनकी तरफ से भी आज एआईएमआईएम की सदस्यता ले सकती हैं, क्योंकि अतीक प्रयागराज जेल में बंद हैं। वहीं, माना जा रहा है कि प्रयागराजर पश्चिमी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए AIMIM शाइस्ता को टिकट देगी।

2017 से पहले तक सपा में थे अतीक
बता दें, अतीक अहमद पहले ही 5 बार विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं और 5 बार विधायक भी रह चुके हैं। साल 2004 में एक बार सांसद रहे हैं। दो बार समाजवादी पार्टी में शामिल हो चुके है। दो बार डॉo सोनेलाल पटेल द्वारा शुरू किए गए अपना दल में भी रह चुके हैं। मौजूदा समय में उनका परिवार किसी भी पार्टी में नहीं था। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले समाजवादी पार्टी ने अतीक अहमद को बाहर का रास्ता दिखा दिया था। उन्हें पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया गया था।

2019 के बाद पहली बार मंच पर आएंगी मायावती,BSP के ब्राह्मण सम्मेलन का आज होगा समापन


• यूपी के 74 जिलों में यह सम्मेलन आयोजित किया जा चुका है।अब आखिरी जिला लखनऊ है, जहां आज ब्राह्मण सम्मेलन का समापन हो जाएगा।

• इसमें सभी जिलों के सम्मेलनों के ब्राह्मण कोऑर्डिनेटर को आमंत्रित किया गया है और तैयारियां भी जोरों पर हैं।

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की मुकिया और उत्तर प्रदेश की फॉर्मर चीफ मिनिस्टर मायावती आज राजधानी लखनऊ में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन में शामिल होकर कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगी। साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव के बाद यह पहली बार होगा जब मायावती किसी सार्वजनिक कार्यक्रम के स्टेज पर आएंगी। इस कार्यक्रम में मायावती कार्यकर्ताओं को बताएंगी कि यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में बसपा का एजेंडा क्या होने वाला है। जानकारी के लिए बता दें कि 23 जुलाई को बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने रामनगरी अयोध्या से ब्राह्मण सम्मेलन की शुरुआत की थी। आज राजधानी के पार्टी कार्यालय में मायावती इसका समापन करेंगी।

सतीश चंद्र मिश्र ने की सम्मेलन की तैयारियां
गौरतलब है कि यूपी के 74 जिलों में यह सम्मेलन आयोजित किया जा चुका है। अब आखिरी जिला लखनऊ है, जहां आज ब्राह्मण सम्मेलन का समापन हो जाएगा। इसमें सभी जिलों के सम्मेलनों के ब्राह्मण कोऑर्डिनेटर को आमंत्रित किया गया है और तैयारियां भी जोरों पर हैं। पार्टी ऑफिस में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम की तैयारियां सतीश चंद्र मिश्र की देखरेख में हुईं।

ब्राह्मण वोटर्स को साधने में लगीं पार्टियां
मालूम हो कि उत्तर प्रदेश की राजनीति ब्राह्मणों के बिना अधूरी है, क्योंकि यूपी की जनता में करीब 13 प्रतिशत ब्राह्मण आबादी है। कई विधानसभा सीटें ऐसी भी हैं, जहां ब्राह्मण वोटर्स की संख्या 20% फीसदी से ऊपर है। वहीं, साल 2017 में 56 सीटों पर ब्राह्मण उम्मीदवारों की ही जीत हुई थी। यह एक बहुत बड़ा कारण है कि सभी पार्टियां इन्हें साधने की कोशिश कर रही हैं।

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