स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बुद्धि सागर की मनाई गई 118 वीं जयंती

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

रॉबर्ट्सगंज, सोनभद्र। आजादी का अमृत महोत्सव वर्ष के अंतर्गत शहीद उद्यान परासी में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बुद्धि सागर की 118 वीं जयंती मनाई गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिजन चंद्रकांत शर्मा, मुख्य अतिथि डॉo मार्कण्डेय रामनाथ पाठक, मुख्य वक्ता विजय शंकर चतुर्वेदी, विशिष्ट अतिथि दीपक कुमार केसरवानी रहे।

कार्यक्रम में अपना विचार व्यक्त करते हुए मुख्य अतिथि डॉo मार्कण्डेय रामनाथ पाठक ने कहा कि द्वापर युग में जिस प्रकार भगवान श्री कृष्ण ने मथुरा के उधार के लिए दुष्टो का विनाश किया उसी प्रकार पराधीनता के काल में भारत माता को बेड़ियो- हथकड़ियों से मुक्ति के लिए देश के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और देश भक्तो ने अपने त्याग तपस्या बलिदान और क्रांतिकारी गतिविधियों के बल पर ब्रिटिश सम्राज्य का विनाश किया और अपने देश को आजाद कराया। सेनानियो के आदर्श को हम सभी को आत्मसात है।

मुख्य वक्ता विजय शंकर चतुर्वेदी ने कहा कि-पराधीन भारत में अंग्रेजों से लोहा लेने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, देशभक्त, क्रांतिकारियों ने पूरे देश,समाज को अपना परिवार माना था और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़कर उन्होंने अंग्रेजों से मुकाबला किया इनमें कई सेनानी ऐसे हैं जो ब्रिटिश हुकूमत के प्रताड़ना के शिकार हुए, फांसी पर चढ़ाए गए, जेल और आर्थिक दंड की सजा मिली, सोनभद्र जनपद में ऐसे सेनानियों की गौरव गाथा इतिहास में दर्ज है।

विशिष्ट अतिथि एवं विंध्य संस्कृति शोध समिति उत्तर प्रदेश ट्रस्ट के निदेशक दीपक कुमार केसरवानी ने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि-आज पूरे देश में आजादी की 75 वीं वर्षगांठ के अंतर्गत आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है इस महोत्सव के अंतर्गत सरकारी, गैर सरकारी संगठनों द्वारा अनेकों प्रकार के कार्यक्रमो का आयोजन किया जा रहा है, जिससे लोगों में अपने पुरखों द्वारा दिए गए बलिदानों से उन्हें प्रेरणा मिल सके और देश के विकास में अपना योगदान दे सकें। एवम कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि ओबरा नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती प्रानमति देवी और परमेश्वर शुक्ल ने अपना विचार व्यक्त किया।

अयोजित कार्यक्रम में दीवा से रामनाथ कहार, सलखन से ओम प्रकाश गोंड व राकेश कुमार गोंड, डोमख़री से परमेश्वर शुक्ल, परासी से राम निवास द्विवेदी, चन्द्रकान्त शर्मा व ज्ञान चंद्र द्विवेदी, मड़ई तियरा से विजय शंकर चतुर्वेदी, राबर्ट्सगंज से राहुल केसरवानी को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन पत्रकार एवं शिक्षक भोलानाथ मिश्रा ने किया।
इस अवसर पर बब्बू तिवारी,राजेश द्विवेदी, कौशलेश पाठक, अजीत शुक्ला, प्रभाशंकर, प्रभुनारायण,अरविंद, प्रमोद कुमार, दुर्गावती देवी, इंद्रवती, अनिता, अंकिता, आर्या आदि उपस्थित रहे।

कृष्ण जन्म उत्सव की चल रही है जोरों-शोरों से तैयारिया

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

रॉबर्ट्सगंज,सोनभद्र। विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी जनपद सोनभद्र में लड्डू गोपाल के आगमन की तैयारी जोरों शोरों से चल रही है वही जनपद मुख्यालय रॉबर्ट्सगंज के मंदिरों, घरों और सार्वजनिक स्थलों पर झांकी की तैयारियां जारी है। नगर के मुख्य चौराहे पर झांकी के सजावट के सामान की बिक्री तेजी के साथ हो रही है लोग जन्माष्टमी की झांकी के तैयारियों के लिए सामानों की खरीदारी कर रहे हैं ।

रॉबर्ट्सगंज के मेन चौराहे पर जन्माष्टमी के झांकी की सजी दुकानें।

कोरोना संक्रमण का दौर अभी भी जारी है, इसको मद्देनजर रखते हुए मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लोग जन्माष्टमी की खरीदारी एवं तैयारी कर रहे जिसमे बच्चो में काफी उत्साह देखा जा रहा है।

नगर के बांके बिहारी मन्दिर, वीरकेश्वर मंदिर, शिव मंदिर,राधा कृष्ण मंदिर, हनुमान मंदिर, साईं मंदिर सहित जनपद के अन्य मंदिरों एवं देवालयों में श्री कृष्ण जन्माष्टमी की झाकियो की तैयारिया चल रही है।

रॉबर्ट्सगंज में स्थित बांके बिहारी मंदिर (फाइल फोटो)

प्रशिक्षण से पराक्रम तक कांग्रेस विजय सेना निर्माण के तहत ओबरा नगर में कांग्रेस कमेटी की बैठक हुई संपन्न

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

ओबरा,सोनभद्र। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बैनर तले विधानसभा ओबरा में पार्टी के कार्यकर्ताओं का आज एक सम्मेलन संपन्न हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव बाजीराव खाड़े ने प्रशिक्षण से पराक्रम तक कांग्रेश विजय सेना का निर्माण किया, और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि 2022 में हम पूरी ईमानदारी और निष्ठा से जनता के बीच आएंगे यह हमें पूर्ण विश्वास है, उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां भी दी तथा कुछ मुख्य बिंदुओं पर चर्चा भी की जिससे कार्यकर्ताओं का मनोबल ओर दुगना हो गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष रामराज सिंह गौड़ ने कहा कि जिस प्रकार राष्ट्रीय सचिव ने हमें मार्गदर्शन दिया है हम सब उसी प्रकार उनकी बातों का संज्ञान लें और 2022 में पूरी ईमानदारी के साथ कांग्रेस पार्टी की सरकार बनाएं। वहीं कार्यक्रम में उपस्थित नगर अध्यक्ष जय शंकर भारद्वाज ने मुख्य अतिथि के समक्ष अपने नगर और वार्ड की कमेटियों पर प्रकाश डाला और वार्ड कमेटी के गठन पर विस्तार से बताया।

तथा कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता प्रभात पांडे, आरपी त्रिपाठी, कांग्रेस सेवादल के जिला अध्यक्ष कौशलेश पाठक आदि वक्ताओं ने अपने- अपने विचारों को व्यक्त किया। कार्यक्रम का सफल संचालन जिला महासचिव नागेश मणि पाठक ने किया। आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव व सोनभद्र प्रभारी राजन दुबे, नगर के पदाधिकारी सुजीत कुमार, पवन झा, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी खेलकूद प्रकोष्ठ के संयोजक अहमद नूर खान, ईश्वर चंद, बाबू, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष उमाशंकर सिंह, अहमद रजा राइन, सेवादल के मृदुल मिश्रा, युवा पूर्व जिला अध्यक्ष आशुतोष दुबे ,स्वतंत्र साहनी ,चोपन नगर अध्यक्ष शेखर सिंह, जिला महासचिव बृजेश तिवारी ,नूरुद्दीन खान, कन्हैया पांडे आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

ओबरा विधानसभा में आयोजित हुई कांग्रेस कमेटी की बैठक

पैरालंपिक में सिल्वर मेडल जीत भविना पटेल ने रचा इतिहास

भाविना पटेल ने टोक्यो पैरालंपिक में भारत को दिलाया पहला सिल्वर मेडल, रचा इतिहास।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई।

पैरालंपिक में सिल्वर पदक विजेताभविना पटेल

नई दिल्ली, एएनआइ। भारतीय पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना पटेल ने टोक्यो पैरालिंपिक खेलों में रजत पदक अपने नाम किया है। भाविना पटेल महिला एकल वर्ग 4 के फाइनल में चीन की झोउ यिंग से हार गईं। इस तरह उन्होंने टोक्यो पैरालिंपिक खेलों में सिल्वर मेडल के साथ संतोष करना पड़ा। टोक्यो में जारी पैरालिंपिक खेलों में भारत का ये पहला पदक है, जो सिल्वर मेडल के रूप में आया है। इस तरह खेल दिवस भारत के लिए खास हो गया है।

भाविना पटेल को चीन को झोउ यिंग से 3-0 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, बावजूद इसके भारत ने टोक्यो में पैरालिंपिक में पहला पदक जीत लिया है। भाविना पटेल ने रजत पदक जीता और टेबल टेनिस इतिहास में भारत के लिए यह पहला पदक भी है। इस तरह भाविना पटेल ने देश के लिए इतिहास रच दिया है। टोक्यो ओलिंपिक खेलों में भी भारत को पहला पदक रजत पदक के रूप में मिला था।
गुजरात के मैहसाणा जिले में जन्मीं भाविना पटेल ने विश्व पटल पर अपनी छाप छोड़ी है। छोटी परचून की दुकान के घर का गुजारा चालने वाले हंसमुखभाई पटेल की बेटी भाविना पटेल ने टोक्यो पैरालिंपिक खेलों में रजत पदक अपने नाम किया है। हालांकि, उनको स्वर्ण पदक की दावेदार माना जा रहा था, क्योंकि उन्होंने फाइनल से पहले तक शानदार खेल दिखाया था, लेकिन राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया।

आपको बता दें, व्हीलचेयर पर खेलने वाली भाविना पटेल ने टोक्यो पैरालिंपिक खेलों के फाइनल में पहला गेम 11-7 के अंतर से गंवा दिया था। ऐसे में दूसरे खेल में उनसे उम्मीद थी कि वे वापसी करेंगी, लेकिन दूसरा गेम भी वे 11-5 के अंतर से हार गईं और फिर तीसरे गेम में उनको 11-6 से हार मिली और उनका गोल्ड मेडल जीतने का सपना चकनाचूर हो गया। बता दें कि सेमीफाइनल में भी उन्होंने चीन की एक खिलाड़ी से दो-दो हाथ किए थे।

पैरालंपिक में सिल्वर पदक विजेता भविना पटेल

रामनगरी अयोध्‍या में बोले महामहिम राष्‍ट्रपति कोविंद- राम सबके हैं और सबमें हैं राम

अयोध्या में राष्ट्रपति का आठ मंचों से किया गया भव्य स्वागत।

महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने संबोधन में कहा कि रामकथा में सामाजिक समरसता के अनूठे उदाहरण हैं, क्‍योंकि राम सबके हैं और सबमें हैं राम।

महामहिम राष्ट्रपति का स्वागत करते कलाकार
राम जन्मभूमि परिसर में वृक्षारोपण करते महामहिम राष्ट्रपति

अयोध्या। महामहिम रविवार सुबह अयोध्या जंक्शन रेलवे स्टेशन पर पहुंचे इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनकी अगवानी की।

राम कथा पार्क में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रपति का भव्य स्वागत मुख्यमंत्री योगी द्वारा अयोध्या श्री राम, सीता, लक्षमण और हनुमान की झलकी ( मूर्ति\प्रतिमा) से किया। यह पहली बार है, जब किसी राष्ट्रपति ने रामलला के दर्शन किए। इस दौरान राष्ट्रपति के स्वागत में सुप्रसिद्ध लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने रामायण सबरी का गायन किया गया।

श्री रामलला की आरती करते महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

रामायण कॉन्‍क्‍लेव में राष्ट्रपति ने कहा कि, ‘राम सबके हैं और राम सबमें हैं। रामायण में राम-भक्त शबरी का प्रसंग सामाजिक समरसता का अनुपम संदेश देता है। महान तपस्वी मतंग मुनि की शिष्या शबरी और प्रभु राम का मिलन एक भेद-भाव-मुक्त समाज व प्रेम की दिव्यता का अद्भुत उदाहरण है।

महामहिम राष्ट्रपति ने तीन परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया। इसके बाद रामकथा पार्क के समीप स्थित यात्री निवास पर अयोध्या की प्राचीनता, धार्मिकता पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हनुमानगढ़ी व श्री रामलला का दर्शन किया तथा राम जन्मभूमि परिसर में वृक्षारोपण भी किया। जिसके पश्चात राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद अयोध्या रेलवे स्टेशन से लखनऊ के लिए रवाना हो गए।

हनुमानगढ़ी का दर्शन,पूजन करते महामहिम राष्ट्रपति

FSDC की अहम बैठक तीन सितंबर को

FSDC की अहम बैठक तीन सितंबर को, इकोनॉमी की स्थिति की होगी समीक्षा, जानिए डिटेलइसी महीने वित्त मंत्री ने छह लाख करोड़ रुपये के नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन का एलान किया था।

इस अहम बैठक में फाइनेंशियल सेक्टर की स्थिति और महामारी से प्रभावित इकोनॉमी की रिकवरी के लिए मददगार रणनीति पर चर्चा होगी।

वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी FSDC की इस अहम बैठक में हिस्सा लेंगे।

FSDC की बैठक में कोविड महामारी की वजह से पैदा आर्थिक संकट के प्रभाव को कम करने के लिए सरकार द्वारा घोषित प्रोत्साहन पैकेज से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा होगी।

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तीन सितंबर को फाइनेंशियल स्टैबिलिटी एंड डेवलपमेंट काउंसिल (FSDC) की बैठक बुलायी है। इस अहम बैठक में फाइनेंशियल सेक्टर की स्थिति और महामारी से प्रभावित इकोनॉमी की रिकवरी के लिए मददगार रणनीति पर चर्चा की जाएगी यह FSDC की 24वीं बैठक होगी। काउंसिल की आखिरी बैठक 15 दिसंबर, 2020 को हुई थी। इस बैठक का आयोजन चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के जीडीपी विकास दर से जुड़े आंकड़े जारी किए जाने के बाद किया जाएगा।
विभिन्न अर्थशास्त्री इस बात की उम्मीद जाहिर कर रहे हैं कि अप्रैल-जून तिमाही के दौरान सालाना आधार पर इकोनॉमी में 20 फीसद की वृद्धि दर्ज की जा सकती है। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में इकोनॉमी में 24.4 फीसद का संकुचन देखने को मिला था।
टैक्स कलेक्शन, क्रेडिट ग्रोथ, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की गतिविधियों एवं एक्सपोर्ट की रफ्तार में सुधार जैसे वृहद आर्थिक आंकड़ों से रिकवरी की शुरुआत के संकेत नजर आ रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि FSDC की बैठक शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्री फाइनेंशियल सेक्टर को रेगुलेटर्स को इन्फ्रास्ट्रक्चर इंवेस्टमेंट ट्रस्ट (InvITs) जैसे इंस्ट्रुमेंट में निवेश से जुड़े नियमों में ढील देने को कह सकती है।
इसी महीने वित्त मंत्री ने छह लाख करोड़ रुपये के नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन का एलान किया था। इस प्लान के जरिए ऊर्जा, सड़क से लेकर रेलवे तक के ब्राउन फील्ड एसेट्स को मोनेटाइज किए जाने की योजना है।

वित्त वर्ष 2021-22 के केंद्रीय बजट में पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर एसेट्स के मोनेटाइजेशन को इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए टिकाऊ तरीके से फंड उपलब्ध कराने का जरिया बताया गया था। इसी चीज को आगे बढ़ाते हुए बजट में संभावित ब्राउनफील्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर एसेस्ट्स के लिए नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन का प्रावधान किया गया है। नीति आयोग ने इन्फ्रा सेक्टर से जुड़े मंत्रालय के साथ विचार-विमर्श के साथ NMP को लेकर रिपोर्ट तैयार की है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

FSDC के प्रमुख सदस्य भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी), इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI), पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) और इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी हैं।

विधान परिषद सदस्य ए.के. शर्मा से मिली उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ सोनभद्र की पदाधिकारी

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ सोनभद्र की जिलाध्यक्ष शीतल दहलान की अगुवाई में जिला पदाधिकारियों ने विधान परिषद सदस्य अरविन्द कुमार शर्मा से एक शिष्टाचार भेंट के दौरान जनपद के शिक्षको के समस्याओं के समाधान हेतु एक ज्ञापन सौंपा। श्री शर्मा ने भरोसा जताया कि वो जल्द ही इस विषय पर शासन से चर्चा करेंगे।

जिलाध्यक्ष शीतल दहलान के साथ जिलामंत्री कौशर जहां सिद्द्की, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गायत्री त्रिपाठी, उपाध्यक्ष साधना सारंग ने बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात शिक्षकों का प्रमोशन काफी समय से नहीं हुआ है। महिला शिक्षिकाओं, अनुदेशक, शिक्षामित्रों को माह में तीन दिन पीरियड लीव दिया जाये। शिक्षामित्रों एवं अनुदेशकों को जून माह का वेतन दिया जाना चाहिए। अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाया जाएं। जनपद सोनभद्र के शिक्षकों का अंतरजनपदीय ट्रांसफर होना चाहिए। रसोईयां व अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाया जाना चाहिए तथा प्रेरणा पोर्टल पर डाटा अपलोड में होने वाली परेशानियों के बारे में विस्तार से अपनी मांग को रखा। करीब आधे घंटे तक समस्या सुनने के पश्चात श्री शर्मा ने समस्या के निस्तारण हेतु जल्द ही शासन से वार्ता करने की बात कहीं। उन्होंने कहा की बेसिक शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री से इन प्रमुख मांगों पर मंथन करके हल कराने का कार्य करेंगे।

भूमि से अवतरित हुई भगवान विष्णु की मूर्ति

हर्षवर्धन केसरवानी (संवाददाता)

घोरावल (सोनभद्र): ऐतिहासिक अवशेषो का खजाना कहे जाने वाले जनपद सोनभद्र के घोरावल तहसील के वीरकला (मंदहा) गांव में मकान निर्माण के लिए नींव की खुदाई के दौरान भूमि से भगवान विष्णु की मूर्ति प्राप्त हुई है। इस को लेकर क्षेत्र में तमाम प्रकार की चर्चा है शुरू हो गई है।

राम अनुज धर द्विवेदी (पत्रकार,घोरावल)

पत्रकार एवं अधिवक्ता राम अनुज धर द्विवेदी के अनुसार-” वीरकला गांव में मलधर आदिवासी पुत्र दद्दी मकान का निर्माण के लिए
नींव के खुदाई के दौरान मजदूरों को भगवान विष्णु की मूर्ति प्राप्त हुई,मूर्ति की लंबाई लगभग डेढ़ फीट एवं चौड़ाई 1 फुट है।

दीपक कुमार केसरवानी (इतिहासकार)

इतिहासकार दीपक कुमार केसरवानी के मुताबिक-“घोरावल क्षेत्र में जमीन के अंदर से मूर्ति का प्राप्त होना कोई नई बात नहीं है, इसके पूर्व भी अनेकों मूर्तियां प्राप्त हो चुकी हैं इस श्रृंखला में विश्व प्रसिद्ध शिवद्वार की लाश शैली की 10 वीं शताब्दी की उमा महेश्वर की मूर्ति,
बरनहरा मे भगवान विष्णु की दशावतार की मूर्ति मां अष्टभुजा सहित अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियां पाई गई है।
सातवीं- आठवीं शताब्दी में सोनभद्र जनपद की धार्मिक स्थिति उन्नत थी।

नीव की खुदाई से प्राप्त भगवान विष्णु की मूर्ति

जनपद के मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों का अध्ययन करने पर यह तथ्य प्रमाणित होता है कि सोनभद्र जनपद के रॉबर्ट्सगंज,दुद्धी, घोरावल तहसील के नवीन मंदिरों में प्राचीन मूर्तियां स्थापित है। सातवीं- आठवीं शताब्दी में मऊ से घोरावल तक का क्षेत्र सतवारी पथक (तहसील) के नाम से विख्यात था और यहां पर सभी संप्रदायों के देवी- देवताओं की मूर्ति मंदिरों में स्थापित थी और सभी संप्रदायों के अनुयाई अपने- अपने देवी- देवताओं की पूजा, आराधना करते थे।
घोरावल परिक्षेत्र के शिवद्वार, सतद्वारी, बरकन्हरा, देवगढ़ इत्यादि स्थानों पर पूर्व में कई मूर्तियां मिल चुकी हैं। यहां पर अवस्थित शिल्पी,मूर्तियां आदि गांव शिल्प कला को संबोधित नाम पर आधारित है । इससे यह जानकारी मिलती है कि यह क्षेत्र मूर्तिकला, शिल्पकला का प्रमुख केंद्र था।

डॉक्टर सुभाष चंद यादव (क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी वाराणसी)

क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी वाराणसी डॉक्टर सुभाष यादव के अनुसार -“प्रस्तर निर्मित चतुर्भुज विष्णु प्रतिमा है, जिनके तीन हाथों में शंख, चक्र और दण्ड है तथा चौथा हाथ वरद मुद्रा में है। प्रथम दृष्टया प्रतिमा लक्षण की दृष्टि से इसमें 7वीं-8वीं सदी ईस्वी के तत्व प्रदर्शित होते हैं। अतः इसे सातवीं -आठवीं सदी ईस्वी में निर्मित माना जा सकता है।”
भगवान विष्णु की ऐतिहासिक मूर्ति प्राप्ति के बाद ग्रामीणों में हर्षोल्लास छाया हुआ है ।
मूर्ति की पूजा आराधना जारी है। स्थानीय नागरिक लक्ष्मी शुक्ला,प्रभाशंकर पाठक,प्रवीण त्रिपाठी,आशीष त्रिपाठी,दीपक शुक्ला, निखिल चतुर्वेदी,हरीश आदिवासी,रामनारायण,डंगर,कट्टु आदि ने भव्य मंदिर निर्माण का संकल्प लिया है। क्षेत्र के साहित्यकारों, पत्रकारों, समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों ने जिला अधिकारी सोनभद्र से यह मांग किया कि इस मूर्ति की सुरक्षा हेतु आवश्यक कदम उठाया जाए।

इसी नीव की खुदाई में मिली हैं भगवान विष्णु की मूर्ति

ग्रामवासी जी की मनाई गई जयंती


चोपन (सोनभद्र): प्रख्यात स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं जनपद के प्रथम विधायक पंडित व्रजभूषण मिश्र “ग्रामवासी” जी की 122 वी जयंती चोपन स्थित ग्रामवासी सेवाश्रम में शमनाया गया । जयंती समारोह की अध्यक्षता प्रांत धर्म जागरण प्रमुख विश्व हिंदू परिषद श्री नरसिंह त्रिपाठी जी ने किया । समारोह में बतौर मुख्य अतिथि चोपन विकासखंड की प्रमुख श्रीमती लीला देवी एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में ओबरा की चेयरमैन प्राणमति देवी उपस्थित रही । कार्यक्रम का शुभारंभ ग्रामवासी दादा के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन एवं वंदे मातरम गान के साथ किया गया ।
कार्यक्रम में सर्वप्रथम उपस्थित अतिथियों को संबोधित करते हुए ग्रामवासी सेवाश्रम के सदस्य, पत्रकार सनोज तिवारी ने करते हुए ग्रामवासी जी के पंच सूत्र व सिद्धांतों पर अमल करने का सुझाव दिया।
वायलिन वादक, ग्रामवासी जी की पुत्री शुभाशा मिश्रा ने उनके जयंती के अवसर पर ग्रामवासी दादा के मूर्ति स्थापना का शिलान्यास, विधि विधान से पूजन करते हुए कहा कि-” जनपद के निरीह, निर्धन और असहाय लोगों की सेवा के लिए बनाया आश्रम आप लोगों के सहयोग से निरंतर कार्य करता रहेगा ।
पूर्व प्रवक्ता एवं लोकतंत्र सेनानी डॉ सुरेंद्र बरनवाल अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि-” ग्रामवासी दादा जनप्रतिनिधि के रूप में एक सच्चे समाज सुधारक थे, जिन्होंने आजादी के बाद प्रदेश के अंतिम जनपद के बनवासी क्षेत्र को अपना कर्मभूमि बनाया और यहां के विकास के लिए कार्य करते रहे ।
इस अवसर पर आयुर्वेदाचार्य सच्चिदानंद शुक्ला, समाज सेवी अखिलेश पांडे,ओम प्रकाश त्रिपाठी, डॉक्टर शिवानंद पांडे, जनार्दन , पत्रकार शशी कुमार, अर्जुन प्रसाद, विनोद सिंह, ओम प्रकाश, अरविंद,रविकांत द्विवेदी आदि ने दादा जी के व्यक्तित्व कृतित्व पर प्रकाश डाला और श्रद्धा सुमन अर्पित किया।कार्यक्रम का सफल संचालन राजेश अग्रहरि ने किया ।

जन्माष्टमी पर घर में भगवान कृष्ण की कौन सी मूर्ति या चित्र लाना होगा शुभ

भगवान श्री कृष्ण के अनेक रूप है जो कृष्ण भक्तों को तरह-तरह से लुभाती हैं। आइए जानते हैं कि इस जन्माष्टमी पर घर में भगवान कृष्ण की कौन सी मूर्तियां और चित्र लगाने से आपकी सभी मनोकामानाओं की पूर्ति होगी।

भगवान कृष्ण के अनंत रूप और छवियां हैं, जो कृष्ण भक्तों को तरह-तरह से लुभाती हैं। भगवान कृष्ण माखन चोर भी हैं, लड्डू गोपल भी हैं, गोविंद भी है गोपाल भी वो पार्थ सारथी भी हैं और द्वारिकाधीश भी। भगवान कृष्ण ये भांति-भांति के रूप न केवल अपने भक्तों को मोहपाश में बांध लेने के लिए हैं बल्कि उनकों समय और परिस्थिति के अनुरूप शिक्षा और मार्ग दर्शन करने का भी कार्य करते हैं। परमावतार भगवान कृष्ण के अलग-अलग रूपों के चित्र या मूर्तियां हमारे जीवन में चमत्कारी बदालाव ला सकती हैं। आइए जानते हैं कि इस जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण की कौन सी मूर्तियां और चित्र घर पर लगाने से आपकी सभी मनोकामानाओं की पूर्ति होगी…

1- बाल गोपाल या लड्डू गोपाल कृष्ण

जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण के लड्डू गोपाल या बाल गोपाल रूप का ही पूजन किया जाता है। इसके साथ ही मान्याता है कि संतान प्राप्ति के लिए भगवान कृष्ण के लड्डू गोपाल रूप की मूर्ति का पूजन करना चाहिए।

बाल गोपाल या लड्डू गोपाल कृष्ण

2- माखन चोर कृष्ण

भगवान कृष्ण का माखनचोर रूप सभी का मन लुभाने वाला रूप है, भगवान के इस रूप का चित्र या मूर्ति जन्माष्टमी के दिन घर में लाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और आनंद का वातावरण बना रहता है और प्रत्येक कार्य में सफलता मिलती है।

माखन चोर कृष्ण

3-मुरलीधर कृष्ण

भगवान कृष्ण का मुरलीधर रूप घर में सुख, सौभाग्य का आगमन करता है। जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण को चांदी की बांसुरी चढ़ाने से आपकी सभी आर्थिक समस्याएं दूर हो जाएगी।

मुरलीधर कृष्ण

4- राधा-कृष्ण का चित्र

भगावन कृष्ण और राधा अनंत प्रेम का प्रतीक हैं, जिनके वैवाहिक जीवन में किसी प्रकार की समस्या आ रही हो उन्हे अपने बेड रूम में राध-कृष्ण की संयुक्त मूर्ति या चित्र लगाना चाहिए।

राधा कृष्ण

5- पार्थ सारथी कृष्ण

महाभारत के युद्ध में जिस प्रकार भगवान कृष्ण ने पार्थ यानी अर्जुन के रथ का सारथी बन कर अर्जुन को हर मुसीबत और परेशानी से बाहर निकाल कर सफलता दिलायी थी। इसी प्रकार अपने घर में आप भी भगवान के पार्थ सारथी रूप के चित्र लगा कर सभी परेशानियों और समस्याओं को दूर कर सकते हैं।

पार्थ सारथी कृष्ण


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