HIGHLIGHTS
- मण्डलायुक्त ने कलेक्ट्रेट, सदर तहसील व नगर पंचायत चुर्क का किया निरीक्षण
- मण्डलायुक्त में नगर पंचायत चुर्क में साफ सफाई का दिया निर्देश

सोनभद्र। जनपद की सदर तहसील, कलेक्ट्रेट कार्यालय व नगर पंचायत चुर्क का मण्डलायुक्त ने निरीक्षण किया। इस दौरान मण्डलायुक्त ने सम्बन्धितों को निर्देश दिया कि अधिक समय से लम्बित मुकदमों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाये और राजस्व वसूली के कार्य में तेजी लाया जाये। वही सदर तहसील परिसर में निष्प्रयोज्य पड़ी सामग्रियों को नीलाम करने का निर्देश मण्डलायुक्त ने दिया।

तहसील रावर्ट्सगंज के निरीक्षण के समय मण्डलायुक्त ने उप जिलाधिकारी सदर को निर्देशित करते हुए कहा कि तहसील परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था सुदृढ़ की जाए, अनावश्यक रूप से रखी गई सामग्रियों की नीलामी कर परिसर को सुव्यवस्थित किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी मुकदमों एवं वादों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े। अभिलेखागार एवं रिकॉर्ड व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए गए।

इसके बाद मण्डलायुक्त ने नगर पंचायत चुर्क-गुरमा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत को निर्देश दिए कि नगर पंचायत क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति निर्वाध एवं सुचारू रूप से की जाए इसके साथ ही नियमित साफ-सफाई, नालियों की सफाई तथा कूड़ा प्रबंधन को प्राथमिकता दी जाए। राजस्व वसूली के कार्यों में तेजी लाने एवं कर संग्रहण को प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए।
मण्डलायुक्त द्वारा कलेक्ट्रेट परिसर के विभिन्न अनुभागों का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान शिकायत कक्ष, जिला आपदा प्रबंधन कक्ष, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर कक्ष, न्यायालय सहायक कक्ष, अभिलेखागार कक्ष एवं रिकॉर्ड रूम का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। उन्होंने खतौनी संख्या 1359, 60, 61 एवं 62 का अवलोकन कर अभिलेखों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।

निरीक्षण उपरांत कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्री बी.एन. सिंह की उपस्थिति में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में मण्डलायुक्त ने कहा कि सभी पत्रावलियों का समय से निस्तारण किया जाए तथा कोई भी मुकदमा अनावश्यक रूप से लंबित न रहे।

उन्होंने निर्देश दिए कि अपर जिलाधिकारी को नोडल अधिकारी नामित करते हुए तहसील के मुकदमों की मासिक समीक्षा करायी जाये, इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि कर्मचारियों से सम्बन्धित जीपीएफ पासबुक से संबंधित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण, सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के देयकों का शीघ्र भुगतान तथा लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाये।

मण्डलायुक्त ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता पारदर्शिता, समयबद्ध कार्यवाही एवं जनसेवा होनी चाहिए, जिससे आम नागरिकों को त्वरित राहत मिल सके।

इस मौके पर अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) वागीश कुमार शुक्ला, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रमेश चन्द्र, अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) रोहित यादव, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट उत्कर्ष द्विवेदी, उप जिलाधिकारी मुख्यालय प्रदीप कुमार यादव सहित सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहें।

































