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- कफ सिरप…कानपूर में बैठकर विनोद अग्रवाल कर रहा था काला कारोबार, पूर्वांचल का बनाया सांझेदार
सोनभद्र। Cough Syrup Case: वारंट बी पर वाराणसी की अदालत में पेश कानपुर निवासी विनोद अग्रवाल कानपुर में बैठकर कारोबार को प्रयागराज और वाराणसी समेत अन्य जिलों और प्रदेश के बाहर तक फैलाया। जांच एजेंसियों ने पाया कि इसने 65 फर्जी फर्मों के जरिये 12 राज्यों में कोडीन कफ सिरप की सप्लाई की।

वाराणसी में अपनी फर्म मेसर्स अग्रवाल ब्रदर्स के जरिये 89,600 बोतल कोडीन युक्त कफ सिरप केवल कागजों पर बेचकर करोड़ों का खेल किया। यह सारा लेन-देन वास्तविक सप्लाई के बिना सिर्फ जीएसटी इनवाइस, ई-वे बिल और फर्जी दस्तावेजों के सहारे दर्शाया गया, जबकि असल में यह सिरप अवैध रूप से बाजार में खपाया।सारनाथ पुलिस जांच में ये सच तब सामने आया जब एम.के. हेल्थ केयर और परशुरामपुर पीडी फार्मा के नाम ट्रांसफर दिखाया। ये दोनों फर्म कागजों पर थीं। पीडी फार्मा का संचालक प्रयागराज निवासी फैजुल रहमान है, जिसे पुलिस 15 दिन पहले गिरफ्तार कर चुकी है।

सारनाथ पुलिस जांच में ये सच तब सामने आया जब एम.के. हेल्थ केयर और परशुरामपुर पीडी फार्मा के नाम ट्रांसफर दिखाया। ये दोनों फर्म कागजों पर थीं। पीडी फार्मा का संचालक प्रयागराज निवासी फैजुल रहमान है, जिसे पुलिस 15 दिन पहले गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ में फैजुल ने स्वीकार किया कि यह पूरा कारोबार केवल कागजी था और किसी भी स्तर पर वास्तविक दवा की सप्लाई नहीं हुई। इस पूरे रैकेट का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने पहले विष्णु पांडेय को गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर फैजुल रहमान तक पहुंची। जांच टीम जब एम.के. हेल्थ केयर और पीडी फार्मा के दर्ज पते पर पहुंची, तो वहां न तो कोई दवा कारोबार मिला और न ही कोई गोदाम या स्टाफ।
दोनों फर्में सिर्फ कागजों पर मौजूद पाई गईं। विनोद अग्रवाल ने भोला प्रसाद के शैली ट्रेडर्स से कफ सिरप की खरीद केवल कागजों पर की। विनोद अग्रवाल ने 89,600 बोतल कोडीन सिरप बाजारों में खपाई जिसकी कीमत तकरीबन 2़ 50 करोड़ से ज्यादा आंकी गई। यह केवल एक खेप नहीं, बल्कि इससे पहले भी कई बार इसी तरह का फर्जी लेन-देन किया गया है।

पूछताछ में फैजुल ने स्वीकार किया कि यह पूरा कारोबार केवल कागजी था और किसी भी स्तर पर वास्तविक दवा की सप्लाई नहीं हुई। इस पूरे रैकेट का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने पहले विष्णु पांडेय को गिरफ्तार किया और उसकी निशानदेही पर फैजुल रहमान तक पहुंची।
जांच टीम जब एम.के. हेल्थ केयर और पीडी फार्मा के दर्ज पते पर पहुंची, तो वहां न तो कोई दवा कारोबार मिला और न ही कोई गोदाम या स्टाफ।

दोनों फर्में सिर्फ कागजों पर मौजूद पाई गईं। विनोद अग्रवाल ने भोला प्रसाद के शैली ट्रेडर्स से कफ सिरप की खरीद केवल कागजों पर की। विनोद अग्रवाल ने 89,600 बोतल कोडीन सिरप बाजारों में खपाई जिसकी कीमत तकरीबन 2़ 50 करोड़ से ज्यादा आंकी गई। यह केवल एक खेप नहीं, बल्कि इससे पहले भी कई बार इसी तरह का फर्जी लेन-देन किया गया है।

कौन है विनोद अग्रवाल
कफ सिरप प्रकरण में विनोद अग्रवाल पर था 50 हजार का इनामी
कोडीन युक्त कफ सिरप और नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के बड़े रैकेट का मास्टरमाइंड विनोद अग्रवाल पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। कानपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने उसे हरियाणा के नारनौल से दबोचा। गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर लाया गया है।

































