HIGHLIGHTS
- विश्व प्रसिद्ध वृंदावन की रासलीला का आयोजन 15 फरवरी से, बैठक में बनी रूप रेखा
- नौ दिवसीय श्रीकृष्ण रासलीला के आयोजन को लेकर बनी रणनीति
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त वृंदावन के कलाकारों द्वारा किया जाएगा रासलीला का मंचन
- 15 फरवरी 2026 से शुरू होगा और 25 फरवरी 2026 को होगा भव्य समापन
- श्री कृष्ण के विभिन्न लीलाओं का मंचन देखेंगे भक्त

सोनभद्र। भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता व धर्म, को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्री रासलीला समिति द्वारा वृंदावन की विश्व प्रसिद्ध रासलीला का मंचन नगर के श्री रामलीला मैदान में 15 फरवरी से किया जाएगा। जिसकी तैयारी को लेकर रविवार की देर रात रामलीला मैदान के हाल में समिति के अध्यक्ष सचिन गुप्ता के अध्यक्षता में बैठक कर पूरे कार्यक्रम की रूप रेखा तैयार की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए समिति के संरक्षक जितेंद्र सिंह ने कहा कि रासलीला सिर्फ एक लोक नाट्य नहीं, बल्कि ब्रज संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है जो आध्यात्मिक अनुभूतियां कराता है और हमे पुरातन धर्म- संस्कृति से जोड़े रखता है।

समिति के संयोजक राम प्रसाद यादव ने बताया कि दिनांक 15 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक प्रतिदिन शाम 7:00 बजे से लेकर रात्रि 10:30 बजे श्री कृष्ण की रासलीलाओं का मंचन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त वृंदावन के सुप्रसिद्ध कलाकारों द्वारा किया जाएगा।

जिसमें भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव, बाललीला, माखन चोरी, पूतना वध, कंस का अत्याचार व विश्व प्रसिद्ध बरसाने की लठमार होली सहित श्री कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का मंचन कलाकारो द्वारा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के लिए विभिन्न समितियां का गठन किया गया है।


वहीं वर्ष 2025 के आय व्यय का लेखा कोषाध्यक्ष सत्येंद्र पांडेय ने प्रस्तुत किया। बैठक का सफल संचालन प्रमोद गुप्ता ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से कृष्ण मुरारी गुप्ता, धर्मवीर तिवारी, विनोद केशरी, विनोद जालान, राजेश सोनी, धीरज जालान,

मनोज सिंह, संदीप चौरसिया, डॉ. अनिल पांडेय, डॉ. चंद्रभूषण देव पांडेय, नवीन अग्रवाल, विमल अग्रवाल, अनिल केशरी, धर्मेश सिंह खरवार, अजय केशरी संजू, आशुतोष पांडेय, अजीत जायसवाल, संतोष सिंह चंदेल,आनन्द मिश्र, डॉक्टर गोविंद सिंह, सुन्दर केशरी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।



































