HIGHLIGHTS
- सह नोडल अधिकारी और पटल सहायक पर मनमानी का है आरोप
- सीएमओ डॉक्टर पीके राय ने सह नोडल को हटाया
- डा० गुलाब शंकर एसीएमओ क्लीनिकल एण्ड इस्टैबलिस्मेंट एक्ट एवं निजी चिकित्सालयों का पंजीकरण का प्रभारी/नोडल अधिकारी नियुक्त

सोनभद्र। नोडल अधिकारी/डिप्टी सीएमओ डॉक्टर कीर्ति आजाद बिंद के निजी अस्पताल के पद से इस्तीफा देते ही महकमे में हड़कप मच गया है। सीएमओ डॉक्टर पीके राय ने सह नोडल निजी अस्पताल डाक्टर गुरु प्रसाद को भी हटाते हुए
डा० गुलाब शंकर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोनभद्र को क्लीनिकल एण्ड इस्टैबलिस्मेंट एक्ट एवं निजी चिकित्सालयों का पंजीकरण का प्रभारी/नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।

बता दें कि संस्कृति लाइव न्यूज में सबसे पहले डॉक्टर कीर्ति आजाद बिंद के इस्तीफा देने की खबर प्रकाशित होते ही महकमे में हड़कप मच गया। सीएमओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सह नोडल को भी हटा दिया।सीएमओ ने अपने आदेश में लिखा है कि अधोहस्ताक्षरी के पूर्व आदेशों के द्वारा डा० किर्ती आजाद बिन्द को क्लीनिकल एण्ड इस्टैबलिस्मेंट एक्ट के अन्तर्गत झोलाछाप चिकित्सक पर कार्यवाही एवं निजी चिकित्सालयों का पंजीकरण, का नोडल अधिकारी एवं डा० गुरू प्रसाद चिकित्सा अधिकारी को सह नोडल अधिकारी नामित किया गया था। उक्त आदेशों को तत्कालिक प्रभाव से निरस्त करते हुए डा० गुलाब शंकर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोनभद्र को क्लीनिकल एण्ड इस्टैबलिस्मेंट एक्ट एवं निजी चिकित्सालयों का पंजीकरण, का प्रभारी/नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाता है। गौरतलब हो कि डिप्टी सीएमओ डॉक्टर कीर्ति आजाद बिंद 30 अक्टूबर 2025 से नोडल अधिकारी निजी अस्पताल का कार्यभार देख रहे थे। सूत्रों की मानें तो नोडल अधिकारी ने कई अवैध रूप से संचालित निजी अस्पताल, क्लीनिक व पैथोलॉजी सेंटर के खिलाफ कार्रवाई की। यह बात स्वास्थ्य विभाग में तैनात कुछ कर्मियों को नागवार लगी और उनका मनोबल तोड़ने का कार्य शुरू कर दिया गया। इतना ही नहीं नोडल अधिकारी को इगनोर कर कार्य करना शुरू कर दिया। सह नोडल अधिकारी और पटल सहायक के मनमानी से तंग आकर नोडल अधिकारी/डिप्टी सीएमओ डॉक्टर कीर्ति आजाद बिंद ने निजी अस्पताल के पद से इस्तीफा दे दिया है। डाक्टर कृति आजाद बिंद ने सीएमओ को दिए इस्तीफा में लिखा है कि सह-नोडल अधिकारी तथा पटल सहायक द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के मनमाने ढंग से छापेमारी / कार्यवाही किया जा रहा है। छापेमारी व कार्यवाही की सूचना से भी न तो अवगत कराया जाता है न ही मेरे बुलाने पर मुझसे मुलाकात करते हैं। पत्रकारों द्वारा मुझसे लगातार कार्यवाही के बारे में पूछे जाने पर मैं जवाब देने पर असमर्थ रहता हूँ। इसके अलावा और भी बहुत सी समस्याएं है जिसके कारण में इस पद पर रहना अपने आपको उचित नहीं समझता हूँ, इसलिए निवेदन है, कि उपरोक्त परिस्थितियों को देखते हुए मुझे नोडल अधिकारी निजी अस्पताल के पद से कार्यमुक्त करने की कृपा करें। उन्होंने आगे लिखा है कि शेष कार्य अपने पूरी क्षमता से कार्य करता रहूँगा। उधर नोडल अधिकारी के इस्तीफा देने से स्वास्थ्य महकमें में खलबली मच गई है। आमजन में भी तरह तरह की चर्चाएं तेज हो गई है। लोगों की बातों पर गौर करें तो स्वास्थ्य विभाग में वर्षों से तैनात कुछ कर्मी महकमे को अपने हिसाब से चला रहे हैं, इसकी जांच होने पर सच्चाई खुलकर सामने आ जाएगी। हिंदी समाचार न्यूज के पास कुछ कर्मियों के कई निजी अस्पताल /क्लिनिक संचालक से अवैध धन उगाही के साक्ष्य भी मौजूद हैं, जो आगे प्रकाशित किया जाएगा।

सीएमओ ने अपने आदेश में लिखा है कि अधोहस्ताक्षरी के पूर्व आदेशों के द्वारा डा० किर्ती आजाद बिन्द को क्लीनिकल एण्ड इस्टैबलिस्मेंट एक्ट के अन्तर्गत झोलाछाप चिकित्सक पर कार्यवाही एवं निजी चिकित्सालयों का पंजीकरण, का नोडल अधिकारी एवं डा० गुरू प्रसाद चिकित्सा अधिकारी को सह नोडल अधिकारी नामित किया गया था।

उक्त आदेशों को तत्कालिक प्रभाव से निरस्त करते हुए डा० गुलाब शंकर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी सोनभद्र को क्लीनिकल एण्ड इस्टैबलिस्मेंट एक्ट एवं निजी चिकित्सालयों का पंजीकरण, का प्रभारी/नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाता है। गौरतलब हो कि डिप्टी सीएमओ डॉक्टर कीर्ति आजाद बिंद 30 अक्टूबर 2025 से नोडल अधिकारी निजी अस्पताल का कार्यभार देख रहे थे।


सूत्रों की मानें तो नोडल अधिकारी ने कई अवैध रूप से संचालित निजी अस्पताल, क्लीनिक व पैथोलॉजी सेंटर के खिलाफ कार्रवाई की। यह बात स्वास्थ्य विभाग में तैनात कुछ कर्मियों को नागवार लगी और उनका मनोबल तोड़ने का कार्य शुरू कर दिया गया।

इतना ही नहीं नोडल अधिकारी को इगनोर कर कार्य करना शुरू कर दिया। सह नोडल अधिकारी और पटल सहायक के मनमानी से तंग आकर नोडल अधिकारी/डिप्टी सीएमओ डॉक्टर कीर्ति आजाद बिंद ने निजी अस्पताल के पद से इस्तीफा दे दिया है।

डाक्टर कृति आजाद बिंद ने सीएमओ को दिए इस्तीफा में लिखा है कि सह-नोडल अधिकारी तथा पटल सहायक द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के मनमाने ढंग से छापेमारी / कार्यवाही किया जा रहा है। छापेमारी व कार्यवाही की सूचना से भी न तो अवगत कराया जाता है न ही मेरे बुलाने पर मुझसे मुलाकात करते हैं।

पत्रकारों द्वारा मुझसे लगातार कार्यवाही के बारे में पूछे जाने पर मैं जवाब देने पर असमर्थ रहता हूँ। इसके अलावा और भी बहुत सी समस्याएं है जिसके कारण में इस पद पर रहना अपने आपको उचित नहीं समझता हूँ, इसलिए निवेदन है, कि उपरोक्त परिस्थितियों को देखते हुए मुझे नोडल अधिकारी निजी अस्पताल के पद से कार्यमुक्त करने की कृपा करें।

उन्होंने आगे लिखा है कि शेष कार्य अपने पूरी क्षमता से कार्य करता रहूँगा। उधर नोडल अधिकारी के इस्तीफा देने से स्वास्थ्य महकमें में खलबली मच गई है। आमजन में भी तरह तरह की चर्चाएं तेज हो गई है। लोगों की बातों पर गौर करें तो स्वास्थ्य विभाग में वर्षों से तैनात कुछ कर्मी महकमे को अपने हिसाब से चला रहे हैं,

इसकी जांच होने पर सच्चाई खुलकर सामने आ जाएगी। हिंदी समाचार न्यूज के पास कुछ कर्मियों के कई निजी अस्पताल /क्लिनिक संचालक से अवैध धन उगाही के साक्ष्य भी मौजूद हैं, जो आगे प्रकाशित किया जाएगा।






























