मणिकर्णिका से मिलीं मूर्तियां और कलाकृतियां को किया जाएगा संरक्षित- डीएम

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  • मणिकर्णिका से मिलीं मूर्तियां और कलाकृतियां संरक्षित, डीएम बोले- किसी मंदिर को नुकसान नहीं हुआ

वाराणसी। मणिकर्णिका घाट से मिलीं मूर्तियां और कलाकृतियां संरक्षित की जाएंगी। इनमें रानी अहिल्याबाई की मूर्ति भी शामिल है। डीएम सत्येंद्र कुमार ने बताया कि मणिकर्णिका घाट पर विकास कार्य कराए जा रहे हैं। इससे किसी मंदिर को नुकसान नहीं पहुंचा है। पहले चरण में सीढि़यां बनवाई जा रही हैं। खोदाई के दौरान कुछ मूर्तियां और कलाकृतियां मिली हैं। इन्हें संरक्षित कराया गया है। घाट पर निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मूर्तियां लगवाई जाएंगी।                                                   

वायरल वीडियो को लेकर मचा घमासान
बता दें कि घाट का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें बुलडोजर चलता हुआ दिखाई दे रहा है। आठ सेकंड का यह वीडियो अकांक्षा सिंह रघुवंशी के सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट किया गया, जिसमें आवाज सुनाई दे रही है कि “विकास के नाम पर विनाश, देखिए कैसे मंदिर गिराए जा रहे हैं। वीडियो के वायरल होते ही राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं। वीडियो में देवी अहिल्याबाई की प्रतिमा दिख रहा है, जिसका विरोध बनारस से इंदौर तक हो रहा है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि दीवार पर चित्रकारी की गई थी, जिसे गिराने के दौरान की कलाकृतियां दिख रही हैं। इन कलाकृतियों को संरक्षित किया गया है।                                                                                   पुनर्विकास योजना के तहत किया जा रहा विकास
अधिकारियों के अनुसार पुनर्विकास योजना के तहत मणिकर्णिका घाट पर दो सामुदायिक शौचालय, हरित क्षेत्र, 32 शवदाह प्लेटफॉर्म, प्रदूषण रहित चिमनी, पंजीकरण कक्ष, लकड़ी भंडारण स्थल और प्रतीक्षा कक्ष बनाए जा रहे हैं। पूरे प्रोजेक्ट में भूतल और प्रथम तल को मिलाकर बड़े पैमाने पर आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

पाल समाज समिति के लोगों ने किया प्रदर्शन
वायरल वीडियो को देख कर पाल समाज समिति के महेंद्र पाल बुधवार को कार्यकर्ता के साथ मणिकर्णिका घाट पर पहुंच कर स्थानीय नागरिकों के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर मणिकर्णिका घाट के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ की जा रही है। धरोहर को खत्म किया जा रहा है। वहीं, प्रशासन ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। जिला प्रशासन का दावा किया कि मणिकर्णिका घाट पर किसी भी मंदिर को नहीं तोड़ा गया है। यहां अत्याधुनिक शवदाह गृह का निर्माण एक अलग एजेंसी करा रही है।

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