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- संगीतमय श्री राम कथा में केवट प्रसंग का हुआ मार्मिक वर्णन
सोनभद्र। चतरा ब्लॉक के सेहुआं नई बाजार में छठवें वर्ष हो रहे श्री रुद्र महायज्ञ एवं संगीतमय श्री राम कथा ज्ञान यज्ञ के संचालन करता आचार्य सौरभ भारद्वाज ने बताया कि मध्यान 3:00 बजे से 6:00 तक देवरिया उत्तर प्रदेश से पधारे क्रांतिकारी कथावाचक अखिलेश मणि शांडिल्य जी के द्वारा केवट चरित्र मानस की चौपाई मांगी नाव न केवट आना। कहहीं तोहार मरम मै जाना।।

अर्थात केवट ने कहा प्रभु हम आपका सारा मरम जानते हैं प्रभु श्री राम मुस्कुराए परंतु लक्ष्मण जी ने कहा जी प्रभु श्री राम के मर्म को जानने के लिए संत महात्मा विद्वान महर्षि लोग तपस्या करते हैं फिर भी नहीं जान पाते लेकिन यह केवट जानता है इसका मतलब प्रभु श्री राम कहते हैं कि लक्ष्मण केवट बहुत विद्वान है श्री रामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा है केवट राम राजायसु पावा। पानी कठौता भरी लै आवा।।
अर्थात भगवान ने कहा ठीक है आपकी जैसी इच्छा हो कि केवटराज आप कर लीजिए काठ की कठवत पानी लेकर अपनी धर्मपत्नी के साथ प्रभु राम जी का केवट ने चरण धोए श्री राम कथा में दो ऐसे पात्र हुए विदेह राज जनक जी एवं केवट वह भाग्यशाली है जो अपने आराध्य ईस्ट गुरु माता-पिता के चरण को धोए

गुरुचरण मिलेला बड़ी भाग्य से पूरे श्री राम कथा में भगवान और केवट के इस संवाद प्रसंग को जो सुनता है उसके ऊपर मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम मां भगवती सीता की कृपा सदा बनी रहती है ऐसे सुंदर प्रसंग को सुनकर श्रोता हो गए मंत्रमुग्ध इस शुभ अवसर पर माननीय सांसद छोटेलाल खरवार, बीजेपी पूर्व जिलाध्यक्ष अजीत जायसवाल, मनु पांडे, अनिल मिश्रा, विनोद मिश्रा, रामगढ़ सहकारी समिति अध्यक्ष रवि प्रकाश पांडे, शैलेश पांडे, ग्राम प्रधान सेहुआं, अरूणा मिश्रा, जूली मिश्रा, बेबी, मिथिलेश पाठक आदि लोग मौजूद रहे






































