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- अदालतों में लंबित किन्तु सुलह की संभावना है तो मध्यस्थता अभियान बनेगा वरदान- शैलेंद्र यादव
सोनभद्र। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार 1 से 31 जनवरी 2026 तक पूरे देश में “राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान” चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य अदालतों में लंबित मामलों को, जिनमें सुलह की संभावना है,

मध्यस्थता (mediation) के ज़रिए सुलझाना है; यह अभियान NALSA, UPSLSA और सुप्रीम कोर्ट की कमेटी के तत्वावधान में है और इसमें अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव सोनभद्र भी शामिल हैं, ताकि मुकदमों का जल्दी निपटारा हो सके।
जानिए क्या है राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान
सोनभद्र। राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान (National Mediation Campaign)।
01 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक चलेगा। आयोजक है राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (UPSLSA) और सर्वोच्च न्यायालय की मीडिएशन एवं कंसीलियेशन प्रोजेक्ट कमेटी।
डालसाउद्देश्य: अदालतों में ऐसे मामले जिनमें सुलह की प्रबल संभावना है, उन्हें मध्यस्थता द्वारा निपटाना। अपर जनपद न्यायाधीश/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान का मुख्य बिंदु यह है कि, न्यायालयों पर बोझ कम करने और विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने पर केंद्रित रहे।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) का गठन किया जाता है, जिसके अध्यक्ष जनपद न्यायाधीश होते हैं।
सोनभद्र में भी 2026 के जनवरी महीने में यह विशेष अभियान चल रहा है, जो लोगों को अदालती मामलों को मध्यस्थता से सुलझाने के लिए ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र सचिव/अपर जनपद न्यायाधीश शैलेंद्र यादव द्वारा प्रोत्साहित किया जा रहा है।

जानकारी देते हुए श्री यादव ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली व उ0 प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सोनभद्र के आदेशानुसार 01 जनवरी 2026 से दिनांक 31 जनवरी 2026 तक “राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान” चलाया जा रहा है।

सौहार्द संरक्षण, इस तरह के मुकदमों का होगा, शीघ्र विवाद निपटारा
सोनभद्र। ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण सोनभद्र सचिव/अपर जनपद न्यायाधीश शैलेंद्र यादव ने कहा कि राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान का उद्देश्य लंबित मुकदमों का शीघ्र और सौहार्दपूर्ण निस्तारण है।

जिससे न्यायिक बोझ भी घटे और समाज में शांति का वातावरण कायम हो। इस अभियान वैवाहिक विवाद के मामले, दुर्घटना दावे के मामले, घरेलू हिंसा के मामले, चेक बाउन्स के मामले, वाणिज्यिक विवाद के मामले, सेवा विवाद के मामले, शमनीय आपराधिक मामले,

उपभोक्ता विवाद के मामले, ऋण वसूली के मामले, सम्पत्ति के बंटवारे से संबंधित मामले, बेदखली से संबंधित मामले, भूमि अधिग्रहण के मामले एवं अन्य उपयुक्त दीवानी मामलों को चिन्हित कर उनका निस्तारण किया जाना है। आम जनमानस उक्त अभियान का लाभ उठाकर संबंधित न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर अपने मामले को चिन्हित कर मध्यस्थता के माध्यम से निस्तारण करवा सकते हैं।

उपरोक्त के संबंध में 06.जनवरी 2026 को अपर जनपद न्यायाधीश सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के विश्राम कक्ष में समस्त न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं जज मीडिएटर्स, जनपद न्यायालय सोनभद्र की एक आवश्यक बैठक की गई।

उक्त बैठक में उपस्थित समस्त अधिकारीगण से अपेक्षा की गई कि वह इस अभियान के तहत मध्यस्थता के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण करने का प्रयास करें तथा अवकाश के दिन भी मध्यस्थता का कार्य करने हेतु प्रेरित किया गया, जिसपर सभी द्वारा अपनी पूर्ण सहमति व्यक्त की गयी एवं अपने कार्य को पूरी निष्ठा से पूरा करने की बात कही गयी।






























