हिंदू धर्म मानवता का धर्म है – सुभाष

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  • बभनौली मोहाल मे हुआ हिंदू सम्मेलन का आयोजन

सोनभद्र। सकल हिंदू समाज सुभाष बस्ती सोनभद्र नगर द्वारा बभनौली मोहाल मे हिंदू  सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ  भारत माता की प्रतिमा व भगवान राम की प्रतिमा पर पुष्प, माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

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मंचासीन कार्यक्रम की अध्यक्षता भूतपूर्व सैनिक कौशल गिरी ,विशिष्ट अतिथि संत समाज से सौरभ भारद्वाज , मातृशक्ति से चित्रा जालान व जिरवा देवी रही। मंचासीन सौरभ भारद्वाज व चित्रा जालान ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में विस्तार से हिन्दू धर्म समाज व कुटुम्ब प्रबोधन और नागरिक कर्त्तव्य के पालन पर जोर दिया। आज विश्व के पटल पर सर्वश्रेष्ठ देशो मेंएक ही नाम चलता है भारत ।

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जिनको माता के नाम से संबोधन किया जाता है।
मुख्य अतिथि/ मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज का सम्मेलन हिंदू सम्मेलन हिंदू धर्म मानव धर्म इस सौधर्म है। हिंदू धर्म मानवता का धर्म है। हम हिंदू हैं।

क्यों हिन्दू हैं? हमारे पुरखे हिंदू थे इसलिए हम हिंदू हैं, हमारी संस्कृति हिंदू है इसलिए हम हिंदू है। मनुष्य मनुष्यत्व पर जो हिंदुत्व है वही राष्ट्रीयत्व है वही भारतीयत्व है और वही मनुष्यत्व है। ये जो मनुष्य है यही हिंदुत्व है और इसलिए हमारे यहां कहा है कि हिंदुत्व एक जीवन दृष्टि है। हिंदुत्व का एक रूप विनम्रता का भी है और हिंदुत्व का एक रूप विशालता का भी देखने को मिलता है।

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विनम्रता क्या है विनम्रता यह है कि हम सीटी के अंदर भी भगवान का दर्शन करते हैं? सर्वत्र ईश्वर का दर्शन करते हैं जो कुछ हमारे आंखों के सामने है वह परमात्मा के रूप में हम देखते हैं। कबीरदास जी कहते हैं केवल काशी में ही भगवान नहीं है सब जगह भगवान है। इस प्रकार की मान्यता किसकी है हिंदुत्व की है

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इस प्रकार की मान्यता कौन रखता है हिंदू रखता है और इसलिए हमारे देश के अंदर हमने धरती को भी माता माना है। धरती को भी हमने माता का स्थान दिया है। हमारे देश के एक प्रसिद्ध कवि थे। भारत के प्रधानमंत्री भी बने जिनका नाम अटल बिहारी वाजपेयी था वे कहते थे यह जो धरती है। यह केवल ईट पत्थर का ढेर नहीं है। यह हमारे लिए क्या है वे कहते थे यह बंधन की भूमि है।

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यह चंदन की भूमि है। यहअभिनंदन की भूमि है। इसका कण कण शंकर है इसका बिंदु बिंदु गंगाजल है। हम जिएंगे तो इसके लिए मरेंगे तो इसके लिए और मरने के बाद भी हमारी हड्डियों से आवाज़ आएगी। भारत माता की जय। भारत माता की जय।

भारत माता की जय । भारत हिन्दुस्तान है, हिंदू भूमि है,यह पुण्य भूमि है। यह धर्म भूमि है। यह आर्यभूमि है यहाँ हम पैदा हुए हैं इसके नाते से हमारी पहचान है और इसलिए हम हिंदू हैं। विवेकानंद कहते थे वह रस हिंदू का रस है हिंदू तो का रस है और इसलिए वह कहते थे गर्भ से हम हिंदू हैं। एक बड़ा परिवार हमारा पुरखे सबके हिंदू है

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विराट सागर समाज अपना हम सब इसके बिंदु है पुरखे सबके हिंदू है हम सब इसके बिंदु है गर्व से कह हम सब हिंदू है बोलो गर्व से कहओ हम सब हिंदू है पुरखे सबके हिंदू है हम सब इसके बिंदु हैं जाति का नहीं हिंदू के नाते हम सब गर्व करें।

हिंदू स्थान में रहने वाले लोगों के साथ हम सब प्रेम करें हमारी संस्कृति महान है हिंदू तो इस देश की आत्मा है। हमने विनम्रता भी सीखा है और हमारे पुरखों ने हमको विशाल हृदय भी दिया है विशालता भी सिखाया है। वसुंधरा परिवार हमारा यह विश्व एक परिवार है।

दुनिया में अगर कोई विश्व का परिवार मानता है तो वो केवल और केवल हिंदू ही है जो कहते हैं कि विश्व हमारा परिवार है हम इतना विशाल चिंतन रखते हैं। हम कितना विशाल दृष्टिकोण रखते हैं विवेकानंद जी ने भारत लौट करके कहा था अमेरिका के वासियों को संबोधित करते अमेरिका के अंदर भी कहा था मैं उस देश से आया हूं

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जिस देश के लोगों ने दुनिया के सताए हुए लोगों को शरण देने का काम किया है परिवार के अंदर हम मंगल संवाद करें। छोटे बच्चों को स्नेह दे बड़ों को सम्मान दें। नारी का सम्मान करें। महिलाओं का सम्मान करें। मातृ शक्ति का सम्मान करिए नारी माता लक्ष्मी के रूप में है नारी सरस्वती के रूप में है नारी दुर्गा के रूप में है

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और संकट पढ़ने पर सामने संकट दिखने पर राणी नारी चंडी के रूप में भी प्रकट हो जाती है और इसलिए नारी से नर होता है ध्रुव प्रहलाद समान नारी निंदा न करो नारी की निंदा करने की आवश्यकता नहीं है। नारी नर की खान है नर से नरोत्तम बनाने का काम जीजा माता बाल शिवा को शिवाजी बना करके दुश्मनों को धूल चटाने का काम करती है।

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ारी अपने पति के प्राणों को लाने के लिए यमराज से भी लड़ाई लड़ जाती है। नारी की ताकत है उसकी ताकत को हम पहचानें और उसका सम्मान करें परिवार को मजबूत करें। हमारे परिवार मजबूत होंगे तो भारत मजबूत होगा।

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तीसरी बात मैं कहूंगा हमारा समाज मजबूत होना चाहिए। कार्यक्रम का समापन भारतमाता की आरती व सामूहिक हनुमान चालीसा के पाठ से हुआ।

कार्यक्रम का सफल संचालन नीरज कुमार सिंह एडवोकेट ने किया।
कार्यक्रम में हरेंद्र, महेश शुक्ला,, शिवम सिंह,आशुतोष,अमन, प्रियांशु,सभासद विरेन्द्र प्रताप सिंह, रामबली आदि व मातृशक्ति के रूप में माताएँ बहने उपस्थित रही।

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संस्कृति LIVE द्वारा प्रकाशित

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