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- सोनभद्र खदान हादसा: 6 लोगों के खिलाफ एनबीडब्ल्यू की कार्रवाई
सोनभद्र। बीते दिनों खदान हादसे के बाद एसआईटी टीम द्वारा लगातार कार्रवाई जारी है, पुलिस ने छह अन्य लोगों के खिलाफ एनबीडब्ल्यू की कार्रवाई अमल में लाई है, घटना के बाद यह अभियुक्त लगातार फरार बताए जा रहे हैं पुलिस की भविष्य में इनका कोई सुराग नहीं मिल रहा है पुलिस ने एनबीडब्ल्यू की कार्रवाई शुरू की है।
बता दे कि बीते 15 नवंबर दोपहर के बाद ओबरा थाना क्षेत्र के कृष्ण मीनिंग वर्क में पहाड़ ढकने की वजह से साथ मजदूरों की दबकर मौत हो गई थी यह घटना देश के पटल पर सामने आया था इसमें लगातार कार्रवाई पुलिस द्वारा की जा रही है

पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के द्वारा गठित एसआईटी की टीम ने चार अभियुक्त को जेल भेज दिया है, इस कार्रवाई में एक माइनिंग मैनेजर और तीन माइनिंग मेठ बताए जा रहे हैं, एसआईटी टीम की दूसरी कार्रवाई एनबीडब्ल्यू की जा रही है।एसआईटी टीम की यह दूसरी कार्रवाई से खननकर्ताओं में हड़कंप मचा हुआ है, बताया जा रहा है कि पुलिस ने दो पट्टाधारक और चार पेटीदार कुल 6 लोगों के खिलाफ एनबीडब्ल्यू लिया गया है, जिनमे दो पट्टेधारक मधुसूदन सिंह और दिलीप केसरी है जबकि मुस्तफा, राहुल तिवारी, रवि सोनी, विशाल कुमार यह चारों पेटीदारी का कार्य करते थे, ओबरा थानाध्यक्ष के मुताबिक यह सभी नाम जांच के दौरान सामने आए हैं, घटना के बाद से यह सभी फरार हैं, जिनकी धर पकड़ के लिए टीमें लगातार कार्य कर रही हैं लेकिन इनका सुराग न मिलने की वजह से एनबीडब्ल्यू लिया गया है।
पुलिस की यह प्रक्रिया आगे चलकर संपत्ति कुर्क से जोड़कर देखी जा रही है, अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो पुलिस इसके आगे की प्रक्रिया अपना सकती है

एसआईटी टीम की यह दूसरी कार्रवाई से खननकर्ताओं में हड़कंप मचा हुआ है, बताया जा रहा है कि पुलिस ने दो पट्टाधारक और चार पेटीदार कुल 6 लोगों के खिलाफ एनबीडब्ल्यू लिया गया है, जिनमे दो पट्टेधारक मधुसूदन सिंह और दिलीप केसरी है जबकि मुस्तफा, राहुल तिवारी, रवि सोनी, विशाल कुमार यह चारों पेटीदारी का कार्य करते थे,

ओबरा थानाध्यक्ष के मुताबिक यह सभी नाम जांच के दौरान सामने आए हैं, घटना के बाद से यह सभी फरार हैं, जिनकी धर पकड़ के लिए टीमें लगातार कार्य कर रही हैं लेकिन इनका सुराग न मिलने की वजह से एनबीडब्ल्यू लिया गया है।

पुलिस की यह प्रक्रिया आगे चलकर संपत्ति कुर्क से जोड़कर देखी जा रही है, अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं होती है तो पुलिस इसके आगे की प्रक्रिया अपना सकती है




























