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- फर्जी फर्मों के जरिये करोड़ों का लेन-देन, हवाला कारोबार से जुड़े हैं नशीले कफ सिरप की तस्करी के तार

सोनभद्र। नशीले कफ सिरप की तस्करी के रैकेट के तार हवाला कारोबार से जुड़े होने का खुलासा हुआ है। एसआईटी को जांच में कई अहम जानकारियां मिली हैं। कई ऐसी फर्में पाई गई हैं, जिनके पते पर सिर्फ बोर्ड टंगा था। फर्जी फर्मों के जरिये करोड़ों का लेन-देन पता चलने के बाद टीम आरोपियों पर शिकंजा कसने में जुट गई है। माना जा रहा है कि जल्द से बड़ा खुलासा होगा।


सोनभद्र पुलिस ने जिले के साथ गाजियाबाद और झारखंड की राजधानी रांची में नशीले कफ सिरप की खेप पकड़ते हुए तस्करों के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया था। बांग्लादेश से लेकर सऊदी अरब तक इस नेटवर्क के तार जुड़े होने की जानकारी मिलने के बाद पूरे रैकेट को खंगालने के लिए एसपी अभिषेक वर्मा ने 10 सदस्यीय विशेष जांच टीम गठित की थी। इस टीम की निगरानी एएसपी मुख्यालय अनिल कुमार कर रहे हैं।

बताते हैं कि पिछले दिनों वाराणसी में कफ सिपन तस्करों के सरगना शुभम जायसवाल से जुड़े नेटवर्क और उसकी फर्म की तलाशी में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। इनपुट के आधार पर एसआईटी ने भी जांच आगे बढ़ाई तो पता चला कि वाराणसी ही नहीं प्रयागराज सहित यूपी के कई जिलों में स्थित दुकानों पर महज फार्म का बोर्ड लगाकर कफ सिरप की फर्जी आपूर्ति दिखाई जा रही है और तस्करी से होने वाली कमाई को हवाला कारोबार के जरिये विदेश भेजा जा रहा है।
देश के विभिन्न हिस्सों के साथ विदेश में भेजी जाने वाली रकम की टेरर फंडिंग की भी आशंका है। इसको देखते हुए एसआईटी ने जांच तेज कर दी है। वहीं, अब तक जो जानकारियां सामने आई हैं, उनके आधार पर गिरोह से जुड़े लोगों को चिह्नित करने और उनके नेटवर्क के खुलासे की कवायद की जा रही है।


एसपी अभिषेक वर्मा ने बताया है कि एसआईटी कफ सिरप तस्करी के पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। जांच कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। शटर लगी दुकानों पर महज बोर्ड टांगकर फर्जी आपूर्ति दिखाने के कई मामले सामने आए हैं। तस्करों के हवाला कारोबार से भी जुड़ाव के संकेत मिले हैं। इस मामले में टीम जल्द बड़ा खुलासा करेगी।






























