दिल्ली: दिल्ली हिंदी साहित्य सम्मेलन के द्वारा ‘शारदीय काव्य-गोष्ठी’ का आयोजन सेवा भारती भवन, नई दिल्ली में बड़ी गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस काव्य संध्या में दिल्ली और एनसीआर के अनेक साहित्यकार सम्मिलित हुए।
काव्य-गोष्ठी की अध्यक्षता सम्मेलन की उपाध्यक्ष डॉ० बीना गौतम ने की। अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि मुझे आज बड़ी खुशी हो रही है इस काव्य गोष्ठी में जाने-माने साहित्यकार और कवि उपस्थित हुए हैं। मैं आप सभी को बधाई देता हूँ।मुख्य अतिथि विनय कुमार ने कहा कि सम्मेलन द्वारा इस तरह के आयोजन साहित्य की श्रीवृद्धि करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
काव्य गोष्ठी के विशिष्ट अतिथि श्री सुधाकर पाठक ने बताया कि जितनी कविताएँ कवि बोलता है उतनी ही वह यदि अपने मन और व्यवहार में धारण करे तो वास्तव में कविता रचना से अपने साथ-साथ समाज भी पूरा बदल सकता है।
सम्मेलन के महामंत्री प्रो० हरीश अरोड़ा ने सम्मेलन द्वारा निरंतर आयोजन कराने की वचनबद्धता को पुनः दोहराते हुए कहा कि सम्मेलन हिंदी भाषा और साहित्य के प्रति समर्पित संस्था है और ये निरंतर अपने उद्देश्य की पूर्ति में लगी हुई है।
सम्मेलन के उपाध्यक्ष प्रो० रवि शर्मा ‘मधुप’ ने एक कविता के द्वारा आगंतुक सभी साहित्यकारों को एवं
स्थान प्रदाताओं को धन्यवाद दिया। इस काव्य गोष्ठी का संचालन सम्मेलन के संगठन मंत्री एवं प्रसिद्ध छंदशास्त्री कवि आचार्य अनमोल ने बड़ी कुशलता और संयम के साथ किया। उपस्थित सभी कवियों और साहित्यकारों ने उनके संचालन की भूरि भूरि प्रशंसा की।
इस अवसर पर काव्य गोष्ठी में अनेक जाने माने कवि उपस्थित हुए। उनमें प्रमुख रूप से कवयित्री रंजना अग्रवाल, डॉ० नीलम वर्मा, कवि शशिकांत, ब्रह्म भारद्वाज हसमत, नवाब केसर, ब्रह्मानंद तिवारी, सुरेंद्र मिश्र अंकुर, गोल्डी गीतकार, सत्य प्रकाश,
साक्षात भसीन, यश पालीवाल, डॉ० अंजु अग्रवाल उत्साही, दास प्रेम, विनीत आहूजा, दीन भारती, डॉ० संतोष संप्रीति, डॉ० शिखा रानी, मो० इसहाक खान, मनोज निर्झर आदि ने अपने मधुर कंठ से कविताएँ सुनाईं। कार्यक्रम के अंत में सभी के लिए जलपान की व्यवस्था रखी गई
