खनन पट्टे के अनुबंध में मधुसूदन और दिलीप के नाम, एक करोड़ के किराए पर मिली थी भूमि

HIGHLIGHTS

  • खनन पट्टे के अनुबंध में मधुसूदन और दिलीप के नाम, एक करोड़ के किराए पर मिली थी भूमि
  • बाद में पट्टाधारकों ने अपनी सुविधानुसार कई अन्य साझेदार बना लिए थे।

सोनभद्र। श्री कृष्णा माइनिंग वर्क्स की खदान के संचालकों ने मजदूरों की जान को ही जोखिम में नहीं डाला, बल्कि खान विभाग से हुए पट्टा अनुबंधों का भी उल्लंघन किया है। वर्ष 2016 में हुए अनुबंध में स्पष्ट उल्लेख है कि खदान में खनन से जुड़ा कोई भी काम माइंस मैनेजर और ब्लॉस्टर की मौजूदगी में ही होगा। इसके अलावा मजदूरों को हेलमेट, जूता, चश्मा, मास्क, सेफ्टी बेल्ट जैसे सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी थी।

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अनुबंध पत्र में पट्टाधारक के रूप में मधुसूदन सिंह और दिलीप केशरी के नाम दर्ज हैं। अनुबंध पत्र में खान अधिकारी आरपी सिंह व खनन लिपिक राजेश राय सहित तीन अन्य के हस्ताक्षर हैं। हालांकि बाद में पट्टाधारकों ने अपनी सुविधानुसार कई अन्य साझेदार बना लिए थे। इसमें राजनीतिक दलों से जुड़े कई चर्चित नाम शामिल हैं

अनुबंध पत्र के मुताबिक पट्टाधारकों ने कुल 8.79 एकड़ भूमि पर खनन का अनुबंध किया था। इसके बदले उन्हें हर साल 1.20 लाख रुपये प्रति एकड़ किराया और दस साल के लिए 1.05 करोड़ रुपये अदा करने थे। यह भी शर्त थी कि खनन के दौरान माइंस मैनेजर और ब्लॉस्टर की मौजूदगी अनिवार्य रहेगी।

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वहां काम करने वाले मजदूरों को सभी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की शर्त थी। बता दें कि हादसे के बाद दर्ज हुए मुकदमे में पुलिस ने खदान मालिक का नाम अज्ञात दर्शाया है, जबकि अनुबंध पत्र में दो नाम स्पष्ट रूप से दर्ज हैं।

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मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस से दूर
सोनभद्र। खदान में हुए हादसे को सात दिन बीत चुके हैं। मुकदमा दर्ज हुए भी छह दिन हो गए। इसके बावजूद अब तक खदान मालिक समेत मुख्य आरोपियाें की गिरफ्तारी नहीं हुई। इससे तरह-तरह की चर्चाएं होने के साथ पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें लगाई गई हैं, मगर अब तक वह फरार हैं। सूत्रों के मुताबिक पुलिस की ओर से की जा रही देरी का लाभ लेने के लिए आरोपी हाथ पैर मार रहे हैं।

अभिषेक वर्मा, एसपी सोनभद्र ने बताया है कि एसआईटी हादसे से जुड़े सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। अभी माइंस मैनेजर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनसे पूछताछ में पता चला है कि ठेकेदार और खदान मालिक सभी नियम विरुद्ध कार्य में संलिप्त थे। ठेकेदार और खदान मालिक को भी बहुत जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

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