HIGHLIGHTS
- BJP नेता सहित नौ की हिस्सेदारी में चलाई जा रही थी खदान
- खदान में नियमों की अनदेखी को लेकर खनन विभाग की ओर से केस दर्ज करने के लिए तहरीर दे दी गई है- DM
- जांच के लिए तीन विशेष टीमें गठित की गई हैं- SP
सोनभद्र। जिले के ओबरा के बिल्ली मारकुंडी स्थित मेसर्स श्री कृष्णा माइनिंग वर्क्स की खदान का संचालन नौ साझेदारों के माध्यम से हो रहा था। इसमें एक चर्चित BJP नेता, परियोजना कर्मी सहित बड़े नाम भी शामिल हैं।

हालांकि विभागीय रिकॉर्ड में अनुबंध सिर्फ तीन के नाम है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा घोषित पट्टाधारक घोरावल के पूर्व ब्लॉक प्रमुख मधुसूदन सिंह का है। इन्हीं तीन पट्टाधारकों ने अपनी साझेदारी छह अन्य लोगों को सौंप रखी है

सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2016 में जब भूमिधरी पट्टा जारी किया तब तीन लोग साझेदार बने थे। बाद में जब खदान संचालन शुरू हुआ तो दो अन्य को भी जोड़ लिया गया। जो साझेदारी तय की गई थी, उसमें 31 प्रतिशत हिस्सा मधुसूदन सिंह,

15 प्रतिशत दिलीप केशरी का निर्धारित हुआ। बाद में जोड़े गए दो साझेदारों को 27-27 प्रतिशत का हिस्सा दिया गया। आगे चलकर जरूरत अनुसार यही लोग अपना हिस्सा दूसरों को देते चले गए। साझेदारों की संख्या बढ़कर नौ हो गई। चर्चाओं के मुताबिक वर्तमान में मधुसूदन सिंह की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी एक चर्चित भाजपा नेता ले रखी थी।
इसी तरह दिलीप के 15 प्रतिशत हिस्से में दो प्रतिशत फर्म से जुड़े परिवार के एक व्यक्ति को सौंप दी गई। दस प्रतिशत की साझेदारी एक बड़े अफसर के करीबी रिश्तेदार की है।

ओबरा के रहने वाले ही 27 प्रतिशत के हिस्सेदार ने पांच प्रतिशत लाभांश एक परियोजना कर्मी को दे रखी है। वहीं दूसरे 27 प्रतिशत के साझेदार ने भी तीन फीसदी हिस्सा एक अन्य व्यक्ति को सौंपा है।
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खनन विभाग ने भी दी पट्टाधारकों के खिलाफ तहरीर
श्री कृष्णा माइनिंग वर्क्स की खदान में नियमों के विपरीत चल रहे खनन कार्य को लेकर खनन विभाग की ओर से भी ओबरा पुलिस को तहरीर दी गई है। हालांकि देर रात तक इस तहरीर पर कोई मामला दर्ज नहीं हुआ था।

प्रभारी निरीक्षक विजय चौरसिया ने तहरीर मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि इससे संबंधित एक मामला पहले से दर्ज है, इसलिए खनन विभाग की तहरीर पर मामला दर्ज नहीं किया गया है। आगे विवेचना में इस तहरीर से जुड़े तथ्यों को शामिल कर लिया जाएगा। उधर, एसपी की तरफ से गठित टीमों ने जांच शुरू कर दी है। आरोपियों से जुड़े तीन लाेगों से टीम पूछताछ में जुटी हुई थी।
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डीएम बद्रीनाथ सिंह ने बताया है कि मलबे में दबे एक व्यक्ति के शव को बाहर निकाल लिया गया है। राहत कार्य जारी है। अवरोध बन रहे बड़े पत्थर को हटा लिया गया है। उसके पीछे छोटी चट्टानें हैं, जिसे हटाने के बाद मलबे में दबे मजदूरों के बारे में स्थिति स्पष्ट होगी। खदान में नियमों की अनदेखी को लेकर खनन विभाग की ओर से केस दर्ज करने के लिए तहरीर दे दी गई है।
एसपी अभिषेक वर्मा बताया है कि अपनी हादसे के जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी और मामले की जांच के लिए तीन विशेष टीमें गठित की गई हैं। टीम अपने स्तर से काम कर रही है। इस घटना में जिनकी भी संलिप्तता होगी, उन पर सख्त कार्रवाई होगी।



























