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- सोनभद्र में खनन के दौरान बड़ा हादसाः पहाड़ी धंसने से मलबे में दबे 16 मजदूर, दो लोगों की मौत

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सोनभद्र। जिले में खनन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। ओबरा के बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में शनिवार शाम चार बजे खदान धंसने से वहां काम कर रहे 16 मजदूरों के दबने की आशंका है। हादसे में दो मजदूरों की मौत की बात भी सामने आ रही है।


हालांकि शव बाहर नहीं निकाले जा सके हैं। घटना के बाद खदान मालिक और पार्टनर मौके से फरार हो गए। हादसे की खबर से अफसरों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस और प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंचे। बिना देर किए राहत बचाव कार्य शुरू किया गया। फिलहाल स्थिति गंभीर बनी हुई है

बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र के कृष्णा माइनिंग स्टोन की खदान में शनिवार शाम लगभग चार बजे नौ कंप्रेशर पर 18 मजदूर काम कर रहे थे। इसी बीच ड्रिलिंग के दौरान लगभग 150 फीट से अधिक ऊंचाई से पहाड़ का बड़ा हिस्सा ढहकर नीचे जा गिरा। घटना की सूचना मिलते ही खनन क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जानकारी मिलते ही समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव गोंड, जिलाधिकारी बीएन सिंह, एसपी अभिषेक वर्मा समेत कई बड़े अफसर मौके पर पहुंच गए।
रेस्क्यू के लिए बड़ी-बड़ी मशीनें मंगाई गईं। खदान में अंधेरा होने की वजह से लाइट की व्यवस्था की गई। इसके बाद लगभग आठ बजे राहत एवं बचाव कार्य शुरू हो सका है। खदान में कार्य कर रहे एक मजदूर छोटू यादव निवासी कर्मसार ने बताया कि उसके दो सगे भाई संतोष और इंद्रजीत भी दब गए हैं। छोटू ने बताया कि खदान कार्य के दौरान कुल नौ कंप्रेशर लगे थे।

प्रत्येक कंप्रेशर पर दो मजदूर काम कर रहे थे। हादसे के वक्त दो श्रमिक दूर हट गए। ऐसे में कुल 16 मजदूरों के दबे होने की आशंका है। डीएम बीएन सिंह का कहना है कि दो मजदूरों के मौत की सूचना मिल रही है। अभी शव नहीं निकाले जा सके हैं।

सोनभद्र डीएम बीएन सिंह ने बताया, खदान हादसे की सूचना पर मौके पर पहुंचा हूं। दो मजदूरों के मौत की सूचना मिल रही है। अभी शव नहीं निकाले जा सके हैं। इसलिए मौत की पुष्टि नहीं की जा सकती है। मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ की टीम रवाना हो चुकी है। मलबे को हटाने में ओबरा परियोजाना, दुसान और अल्ट्राटेक कंपनी की मदद ली जा रही है।

डीएम की रोक के बाद भी चल रहा था खनन
पहाड़ी धंसने से मलबे में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए राहत बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। इस काम के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को भी बुलाया गया है। डीएम ने बताया कि खनन के दौरान नौ कंप्रेशर मशीन के जरिए करीब 15 मजदूर काम कर रहे थे। सीएम के कार्यक्रम की वजह से खनन पर रोक लगा रखी गई थी। इसके बावजूद कृष्णा माइनिंग स्टोन में काम जारी था। फिलहाल अफसरों ने जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है।

राहत बचाव में बाधा बन सकता है अंधेरा
सोनभद्र में जिस खदान पर मजदूर काम कर रहे थे वह करीब 150 फीट गहराई में मौजूद है। से मजदूरों को सुरक्षित निकालने में अंधेरा बाधा बन सकता है। अंधेरा होने के कारण टीम के लोग नीचे नहीं उतर पा रहे हैं। फिलहाल लाइट की व्यवस्था कराई जा रही है। इस काम में अल्ट्राटेक की भी मदद ली जा रही है।



























